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कर्नाटक में 'अजान के ख़िलाफ़' श्रीराम सेना के कार्यकर्ताओं का भजन और हनुमान चालीसा

सोमवार को कर्नाटक के कई हिस्सों में श्रीराम सेना ने मस्जिदों से ‘अजान’ न रोके जाने पर बीजेपी सरकार के खिलाफ भजन और हनुमान चालीसा का पाठ कर विरोध दर्ज कराया.

लाइव कवरेज

कीर्ति दुबे and दीपक मंडल

  1. श्रीलंका में सरकार समर्थक और विरोधियों के बीच हिंसक झड़प, महिंदा राजपक्षे की जनता से अपील

    श्रीलंका में सोमवार को सरकार विरोधी और समर्थकों के बीच हिंसक झड़प हो गई. कोलंबो में गॉल फेस में प्रदर्शन के दौरान सरकार समर्थक और प्रदर्शनकारी भिड़ गए. प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे के समर्थकों और सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों ने एक दूसरे पर हमले कर दिए.

    गॉल फेस पर पिछले एक महीने से प्रदर्शनकारी जमा हैं. हालांकि अब तक प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा है. प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे और उनके मंत्रिमंडल से इस्तीफे की मांग कर रहे हैं.

    लेकिन सोमवार को महिंदा राजपक्षे के समर्थक कोलंबो में उनके घर के आगे जमा हो गए और उनसे इस्तीफा न देने को कहा. इनमें से कुछ लोगों ने महिंदा राजपक्षे से मुलाक़ात कर उनसे बात भी की. बाद में वे वहाँ से निकले और एलान किया कि वे गॉल फेस पर प्रदर्शन स्थल की ओर कूच करेंगे.

    पुलिस ने इन घटनाओं को कवर कर रहे पत्रकारों के खिलाफ भी बल प्रयोग भी किया. इस बीच, महिंदा राजपक्षे के समर्थक गॉल फेस के प्रदर्शन स्थल पर पहुँच गए. हालांकि सुरक्षा बल उन्हें रोकते रहे. राजपक्षे समर्थकों ने वहाँ मौजूद अस्थायी तंबुओं में तोड़फोड़ शुरू कर दी. वे प्रदर्शनकारियों पर भी हमले करते दिखे.

    कोलंबो के कई इलाकों में कर्फ्यू

    समर्थकों की इस कार्रवाई को रोकने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स वहाँ पहुंच गई और उसने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल शुरू कर दिया. लेकिन हालात तब और ख़राब हो गए जब महिंदा राजपक्षे समर्थक और सरकार विरोधियों में झड़प शुरू हो गई.

    इस संघर्ष में कई लोग घायल हो गए. घटनास्थल से इस मामले की रिपोर्टिंग कर रहे बीबीसी तमिल के संवाददाता रंजन अरुण प्रसाद ने कहा कि कम से तीन लोग घायल हो गए हैं और उन्हें एंबुलेंस की ओर ले जाया गया. इनमें से एक शख्स के सिर पर काफ़ी चोट लगी है.

    प्रदर्शन स्थल पर हालात काबू करने के लिए सेना तैनात की गई है. हालाँकि वहां अब भी तनाव है. इस बीच पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि उत्तरी, दक्षिणी और मध्य कोलंबो में अगली सूचना तक कर्फ्यू लागू कर दिया गया है

  2. LIVE: दिल्ली के शाहीन बाग़ में पहुँचा बुलडोज़र

    स्थानीय लोगों से बात कर रहे हैं बीबीसी संवाददाता राघवेंद्र राव. कैमरा: दीपक जसरोटिया

  3. शाहीन बाग़ में अतिक्रमण के नाम पर राजनीति- अमानतुल्लाह ख़ान

    दिल्ली में आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह ख़ान ने कहा है कि शाहीन बाग़ में अतिक्रमण हटाने का अभियान केवल राजनीति है.

    मौक़े पर पहुँचे अमानतुल्लाह ख़ान ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, “लोगों ने मेरी अपील पर वज़ू-ख़ाना और मस्जिद के बाहर स्थित शौचालयों के निमार्ण को ख़ुद हटा दिया था. जब यहाँ कोई अतिक्रमण ही नहीं है, तो वो (एमसीडी) यहाँ क्यों आए हैं? केवल राजनीति करने के लिए?”

    दिल्ली के शाहीन बाग़ इलाक़े में अतिक्रमण हटाने के लिए एमसीडी के अभियान के ख़िलाफ़ लोग प्रदर्शन कर रहे हैं.

    स्थानीय लोग सड़कों पर बैठ गए हैं और बुलडोजर को रोक दिया है. लोगों के साथ अब आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्ला ख़ान भी प्रदर्शन में शामिल हो गए है.

    दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा है, “आम आदमी पार्टी और कांग्रेस शाहीन बाग़ की कार्रवाई को सांप्रादायिक रंग दे रही है. शाहीन बाग़ के अलावा दिल्ली के कई इलाक़ों में कार्रवाई हो रही है.”

    दिल्ली के शाहीन बाग़ में सोमवार को एमसीडी (दिल्ली नगर निगम) ने अवैध निर्माण को लेकर अतिक्रमण हटाने का काम शुरू किया है.

    एमसीडी की कार्रवाई के ख़िलाफ़ शाहीन बाग़ में विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं.

    स्थानीय लोगों का कहना है कि जहांगीरपुरी की तरह शाहीन बाग़ में भी लोगों की रोज़ी-रोटी पर हमला किया जा रहा है. ये अतिक्रमण पर कार्रवाई नहीं बल्कि बुलडोज़र अभियान है.

    एमसीडी ने इस कार्रवाई के लिए पहले से ही नोटिस जारी किया था.

    दक्षिणी दिल्ली एमसीडी सेंट्रल जोन के चेयरमैन राजपाल सिंह का कहना है कि नोटिस के बाद 70 फ़ीसदी इलाके को पहले ही लोगों ने ख़ाली कर दिया गया है.

    राजपाल सिंह ने कहा, “नगर निगम अपना काम करेगी, हमारे लोग और अधिकारी तैयार हैं. टीम और बुलडोज़र तैयार है. तुगलकाबाद, संगम विहार, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी या शाहीन बाग़ में जहाँ भी अतिक्रमण हैं, वहाँ से उसे हटाएँगे.”

  4. BPSC परीक्षा लीक पर बिहार से LIVE

    BPSC परीक्षा लीक पर बिहार से LIVE: पटना में प्रभावित स्टूडेंट्स से बात कर रहे हैं बीबीसी के लिए विष्णु नारायण.

  5. शाहीन बाग़ में अतिक्रमण हटाओ अभियान के ख़िलाफ़ विरोध-प्रदर्शन

  6. पुतिन ने विक्ट्री डे स्पीच में यूक्रेन, पश्चिमी देशों और नेटो को लेकर क्या-क्या कहा

    रूस की राजधानी मास्को में रेड स्क्वेयर पर अपने विक्ट्री डे स्पीच में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि यूक्रेन में विशेष सैनिक अभियान ज़रूरी था. उन्होंने कहा कि रूस ने ये फ़ैसला सही समय पर किया था. पुतिन ने इस फ़ैसले को एक स्वतंत्र, मज़बूत और संप्रभु राष्ट्र के लिए सही फ़ैसला बताया. पुतिन रूसी लड़ाकों को संबोधित करते हुए कहा है कि वे रूस की सुरक्षा के लिए लड़ रहे हैं. रूस में विक्ट्री डे परेड दूसरे विश्व युद्ध में रूस की नाज़ी जर्मनी पर जीत के उपलक्ष्य में आयोजित होती है.

    पुतिन ने स्वीकार किया कि पिछले साल से अन्य यूरोपीय देशों और नेटो के साथ तनाव चल रहा था. उन्होंने कहा कि रूस ने यूरोप से अपील की थी कि वे एक निष्पक्ष समझौता तलाश करे, लेकिन यूरोप रूस की सुनना नहीं चाहता था. पुतिन ने कहा कि यूरोप डोनबास में कार्रवाई की योजना बना रहा था, लेकिन अब रूस की कार्रवाई वहीं केंद्रित है. रूस के राष्ट्रपति ने कहा- कीएव में वे ये कह रहे थे कि उन्हें शायद परमाणु हथियार मिल जाएगा और नेटो हमारे नज़दीक ज़मीन ढूँढ़ने लगा. ये हमारे देश और हमारी सीमाओं के लिए एक स्पष्ट ख़तरा हो गया था. सब चीज़ें यही कह रही थी कि लड़ाई की ज़रूरत है.

    पुतिन ने अपने संबोधन के दौरान दूसरे विश्व युद्ध में मारे गए रूसियों के लिए और डोनबास में लड़ रहे रूसी सैनिकों के लिए दो मिनट का मौन रखने की अपील की. अपने संबोधन में पुतिन ने कहा कि पश्चिमी देश रूस को सुनना नहीं चाहते थे और उनकी अलग योजना थी. उन्होंने कहा कि पश्चिमी देश हमारी ज़मीन पर हमला करने की योजना बना रहे थे. मास्को से बीबीसी संवाददाता विल वेर्नॉन ने बताया है कि पुतिन ने अपने संबोधन में कोई बड़ी घोषणा नहीं की, जिसकी संभावना जताई जा रही थी. लेकिन उन्होंने यूक्रेन पर रूस के हमले को सही ठहराने की कोशिश की. पुतिन के भाषण के बाद वहाँ मौजूद सैनिकों ने ख़ूब तालियाँ बजाईं.

  7. ईरान ने कहा- जल्द ही क़तर के अमीर आएँगे तेहरान, जानिए क्या है एजेंडा

    क़तर के अमीर जल्द ही ईरान के दौरे पर आएँगे. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सईद ख़ातिबज़ादेह ने इसकी पुष्टि की है. सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में ख़ातिबज़ादेह ने कहा- क़तर के अमीर की तेहरान यात्रा एजेंडे पर है. इस एजेंडे में द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दे शामिल हैं. इस यात्रा के बाद ईरान के राष्ट्रपति खाड़ी देश की यात्रा करेंगे.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि क़तर के अमीर जर्मनी, ब्रिटेन और अन्य यूरोपीय देशों की यात्रा से पहले ईरान जाएँगे. उनकी यूरोप यात्रा का मक़सद वर्ष 2015 के ईरान के साथ हुए परमाणु समझौते को फिर से शुरू लागू कराने की कोशिश के अलावा यूरोप में ऊर्जा मामले पर चर्चा है. क़तर के अमीर ने जनवरी 2020 में आख़िरी बार ईरान की यात्रा की थी. उनकी यात्रा का मक़सद ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करना था. उस दौरान अमेरिका ने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के कमांडर क़ासिम सुलेमानी को मार दिया था.

  8. जापान के प्रधानमंत्री का यह बयान क्या भारत के लिए चिंता बढ़ाने वाला है?

  9. ताइवान ने कहा- WHO से बुलावा मिलना बेहद मुश्किल

    ताइवान के विदेश मंत्री जोसेफ़ वू ने सोमवार को कहा कि इस महीने होने वाली विश्व स्वास्थ्य संगठन की बैठक के लिए निमंत्रण पाना ताइवान के लिए बेहद मुश्किल होगा. लेकिन हम कोशिश कर रहे हैं.

    ये जानकारी समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने दी है.

    ताइवान को कई वैश्विक संस्थाओं ने अलग-थलग रखा है क्योंकि चीन ताइवान को अपना हिस्सा बताता है और वह अपनी कूटनीति के तहत ताइवान को अलग राष्ट्र के तौर पर मान्यता देने से अन्य देश और संस्थाओं को रोकता है.

    ताइवान ने शिकायत की है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से बैठक में शामिल ना किए जाने से कोविड-19 महामारी से लड़ने के देश के प्रयासों में रुकावट पैदा हो रही है.

    ताइवान ने साल 2009 से 2016 के दौरान हुई विश्व स्वास्थ्य संगठन में बतौर पर्यवेक्षक के रूप में भाग लिया था.

    लेकिन साई इंग-वेन के ताइवान का राष्ट्रपति चुने जाने के बाद चीन ने ताइवान की भागीदारी को रोक दिया. चीन साई इंग-वेन को एक अलगाववादी नेता मानता है.

    संसद में सवालों का जवाब देते हुए वू ने कहा, “वो लगातार विश्व स्वास्थ्य संगठन पर आमंत्रण पाने की कोशिश कर रहे हैं. ये बेहद मुश्किल लग रहा है लेकिन ताइवान पूरी सक्रियता के साथ इसके लिए प्रयास कर रहा है.”

  10. कांग्रेस ने कहा- भारतीय रुपया आईसीयू में, मोदी है तो मुमकिन है

    कांग्रेस ने डॉलर के मुक़ाबले रुपए की क़ीमत गिरने को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को घेरा है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ सोमवार को एक समय रुपए की क़ीमत डॉलर के मुक़ाबले 51 पैसे नीचे गिरकर अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुँच गई थी.

    उस समय डॉलर की क़ीमत 77.41 रुपए तक पहुँच गई थी.

    कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर लिखा है कि भारत के इतिहास में आज रुपया आईसीयू में. उन्होंने मोदी सरकार पर तंज़ करते हुए लिखा है कि रुपया मार्गदर्शक मंडल की उम्र कब का पार कर चुका है, उन्होंने तेल की बढ़ती क़ीमतों का भी ज़िक्र किया और कहा कि मोदी है तो मुमकिन है.

    कांग्रेस पार्टी ने भी आधिकारिक ट्विटर हैंडल से रुपए की क़ीमत पर केंद्र सरकार को घेरा है और कहा है कि मोदी सरकार की ग़लत नीतियों के कारण देश की अर्थव्यवस्था रसातल में पहुँच गई है. कांग्रेस ने तेल की क़ीमत और शेयर बाज़ार की गिरावट का भी ज़िक्र किया है.

  11. दिल्ली के शाहीन बाग़ में अतिक्रमण पर चला बुलडोजर, विरोध में सड़क पर उतरे लोग

    दिल्ली के शाहीन बाग़ में सोमवार को एमसीडी (दिल्ली नगर निगम) ने अवैध निर्माण को लेकर अतिक्रमण हटाने का काम शुरू किया है.

    दिल्ली पुलिस ने एमसीडी को इस कार्रवाई के लिए सुरक्षा मुहैया कराई है. एमसीडी की कार्रवाई के ख़िलाफ़ शाहीन बाग़ में विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं.

    स्थानीय लोगों का कहना है कि जहांगीरपुरी की तरह शाहीन बाग़ में भी लोगों की रोज़ी-रोटी पर हमला किया जा रहा है. ये अतिक्रमण पर कार्रवाई नहीं बल्कि बुलडोज़र अभियान है.

    एमसीडी ने इस कार्रवाई के लिए पहले से ही नोटिस जारी किया था.

    दक्षिणी दिल्ली एमसीडी सेंट्रल जोन के चेयरमैन राजपाल सिंह का कहना है कि नोटिस के बाद 70 फ़ीसदी इलाके को पहले ही लोगों ने ख़ाली कर दिया गया है.

    राजपाल सिंह ने कहा, “नगर निगम अपना काम करेगी, हमारे लोग और अधिकारी तैयार हैं. टीम और बुलडोजर तैयार है. तुगलकाबाद, संगम विहार, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी या शाहीन बाग़ में जहाँ भी अतिक्रमण हैं, वहाँ से उसे हटाएंगे.”

    इससे पहले दिल्ली के जहांगीरपुरी में एमसीडी ने अवैध निर्माण का हवाला देते हुए बुलडोजर चलाया गया था. हालांकि एमसीडी पर आरोप लगा कि उसने तय प्रकिया का पालन किए बिना बुलडोजर चलाए और इसके लिए पहले नोटिस नहीं दिया गया था.

    ये मामला सुप्रीम कोर्ट पहुँचा और कोर्ट ने एमसीडी की कार्रवाई पर रोक लगाई जिसके बाद एमसीडी को कार्रवाई रोकनी पड़ी.

  12. पाकिस्तान के हिंदुओं के मामले पर सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा- मोदी सरकार के लिए ये शर्म की बात

    बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा है कि पाकिस्तान से आए हिंदुओं का वापस लौट जाना केंद्र सरकार के लिए शर्म की बात है.

    उन्होंने ट्वीट किया, “बीजेपी की केंद्र सरकार के लिए यह कितनी शर्म की बात है कि पाकिस्तान में मानवाधिकारों के उल्लंघन के शिकार लगभग 800 लोग, जो भारतीय नागरिक बनने की उम्मीद में भारत आए थे, उन्हें मोदी सरकार की सीएए पर ग़ैर-कार्रवाई से धोखा मिला है.और वे नाउम्मीदी के कारण वापस पाकिस्तान वापस चले गए.”

    800 हिंदू परिवार पाकिस्तान लौटे

    सोमवार को सुबह एक रिपोर्ट सामने आई जिसमें कहा गया कि भारत की नागरिकता पाने के मक़सद से राजस्थान में रह रहे करीब 800 पाकिस्तानी हिंदू साल 2021 में पाकिस्तान वापस लौट गए.

    भारत में पाकिस्तानी अल्पसंख्यक प्रवासियों के हक़ की आवाज़ उठाने वाली संस्था सीमांत लोक संगठन (एसएलएस) ने ये दावा किया है.

    नागरिकता आवेदन के बाद प्रक्रिया में कोई प्रगति न देखने के बाद इनमें से कई प्रवासी हिंदू तो वापस पाकिस्तान लौट गए. ये आँकड़े साल 2021 के हैं.

  13. इंडिगो एयरलाइन पर भड़के सिंधिया, कहा- उचित कार्रवाई करेंगे

    शनिवार को देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो एयरलाइंस ने रांची हवाई अड्डे पर स्पेशल नीड वाले एक बच्चे यानी ऐसा बच्चा जिसे खास देखभाल की ज़रूरत होती है उसे विमान में चढ़ने से रोक दिया.

    इस विवाद पर अब केंद्रीय उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एयरलाइन के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है.

    सोमवार को सिंधिया ने ट्वीट करते हुए लिखा, “ इस तरह केबर्ताव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. किसी भी इंसान को इस तरह की परिस्थिति से नहीं गुज़रना चाहिए. मैं खुद इस मामले की जांच कर रहा हूं, जिसके बाद उचित कार्रवाई की जाएगी.“

    शानिवार को इंडिगो ने स्पेशल नीड वाले एक बच्चे को रांची एयरपोर्ट पर विमान में चढ़ने से रोक दिया. एयरलाइन का कहना था कि ‘बच्चापैनिक (परेशान) की स्थिति में था.’

    मामले के सामने आने के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय यानी डीजीएसीए ने घटना की जांच के आदेश दिए और एयरलाइन से एक रिपोर्ट जमा करने के लिए कहा है.

    ये मामला मनीषा गुप्ता नाम की एक महिला के फेसबुक पोस्ट शेयर करने के बाद सामने आया.

    इस घटना की चश्मदीद मनीषा ने लिखा कि इंडिगो के अधिकारियों ने कहा, "इस तरह के व्यवहार और नशे में धुत यात्रियों के व्यवहार, उन्हें यात्रा करने के लिए अयोग्य बनाते हैं."

    मनीषा ने कहा कि “बच्चे का कार से हवाई अड्डे तक पहुंचने का सफ़र असुविधा से भरा हुआ था, जिसके बाद सिक्योरिटी चेक से गुजरने के बादवह भूखा, प्यासा, परेशान और कंफ्यूज़ लग रहा था. लेकिन जब बच्चे को खाना और दवा दी गई तो वह बेहतर महसूस करने लगा था.”

    मनीषा के मुताबिक़, सह-यात्रियों को फ्लाइट में बच्चे के चढ़ने से कोई आपत्ति नहीं थी. इसके अलावा, डॉक्टरों के एक समूह ने भी रास्ते में किसी भी तरह की ज़रूरत के लिए बच्चे के माता-पिता को पूरी सहायता करने की पेशकश की थी.

    इंडिगो का जवाब

    इंडिगो ने इस पूरे मामले पर एक बयान जारी कर कहा है कि ग्राउंड स्टाफ़ ने आख़िरी मिनट तक बच्चे के शांत होने का इंतज़र किया, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.

    एयरलाइन ने कहा, “यात्रियों को हुई असुविधा के लिए हमें खेद है. इंडिगो एक समावेशी संगठन होने पर गर्व करता है, चाहे वह कर्मचारियों के लिए हो या उसके ग्राहकों के लिए. एयरलाइन से 75,000 से अधिक विकलांग यात्री हर महीने उड़ान भरते हैं.”.

  14. सऊदी के किंग की हुई कॉलोनोस्कोपी, जानिए क्यों कराया गया ये टेस्ट

    सऊदी अरब के किंग सलमान बिन अब्दुल अज़ीज़ की जेद्दा के किंग फ़ैसल स्पेशियलिस्ट हॉस्पिटल में कॉलोनोस्कोपी की गई और इसकी रिपोर्ट ठीक आई है.

    सऊदी के सरकारी समाचार एजेंसी एसपीए ने रविवार को ये जानकारी दी.

    कोलोनोस्कोपी बड़ी आंत (कोलन) और रेक्टम (मलाशय) में समस्याओं की जांच करने के लिए किया जाने वाला टेस्ट है. ये टेस्ट कोलन कैंसर की जांच के लिए किया जा जाता है.

    इससे पहले, आठ मई कोशाही कोर्ट ने बताया था कि किंग सलमान को मोडिकल टेस्ट के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

    86 वर्षीय किंग सलमान ने साल 2020 में पित्ताशय की थैली की सर्जरी करवाई थी और इश साल मार्च में उनके हृदय में लगे पेसमेकर की बैटरी बदली गई थी.

  15. एलन मस्क ने ट्विटर पर लिखा- ‘अगर मैं रहस्यमय परिस्थिति में मर गया तो...’

    टेस्ला के सीईओ एलन मस्क का एक हालिया ट्वीट चर्चा का विषय बना हुआ है.

    9 मई की सुबह उन्होंने एक ट्वीट करते हुए लिखा, " अगर मेरी रहस्यमय परिस्थितियों में मौत होती है तो, मैं कहना चाहता हूं कि आप सभी को जानकर मुझे अच्छा लगा.”

    अपने इस ट्वीट से पहले मस्क ने एक पोस्ट शेयर की थी जो एक बयान का स्क्रीनशॉट जैसा लगता है.

    रूसी भाषा में लिखे इस स्क्रीनशॉट में लिखा है, “एलन मस्क यूक्रेन की फासिस्ट फोर्स को मिलिट्री कम्यूनिकेशन उपकरण सप्लाई कर रहे हैं. इसके लिए एलन मस्क, आपकी जवाबदेही तय होगी चाहे आप कितना भी चालाकियां कर लें लोगों को बेवकूफ़ बना लें.”

    इसमें ये भी दावा किया कि उपकरण यूक्रेन में अमेरिकी रक्षा विभाग के मुख्यालय पेंटागन की ओर से भेजे गए.

    मस्क ने इस स्क्रीन शॉट के साथ एक वैरिफ़ाइड टेविटर अकाउंट @Rogozin को टैग कर ट्वीट किया है.

    दोनों पोस्ट के बाद अटकलें लगाईं जा रही हैं कि क्या टेस्ला के सीईओ को युद्ध के बीच यूक्रेन की मदद करने के लिए रूस से धमकियों का सामना करना पड़ रहा है.

    फरवरी में, मस्क की कंपनी स्पेसएक्स की स्टारलिंक उपग्रह ब्रॉडबैंड सेवा यूक्रेन में युद्ध प्रभावित क्षेत्र में एक्टिव है. मस्क ने ये यूक्रेनी मंत्री की ओर से की गई मदद की अपील के बाद इसे एक्टिवेट किया था.

    एक सप्ताह पहले मस्क ने 44 अरब डॉलर का प्रस्ताव ट्विटर को खरीदने के लिए पेश किया था जिस सौदे पर ट्विटर का बोर्ड सहमत हो गया है. हालांकि ये सौदा अभी पूरा नहीं हुआ है और आने ट्विटर ने अपने शेयरहोल्डर्स से इस पर उनकी सहमति मांगी है. लेकिन माना जा रहा है कि ये डील आने वाले दिनो में पूरी हो जाएगी.

  16. भारत की नागरिकता न मिलने पर सैकड़ों पाकिस्तानी हिंदू वापस लौटे- प्रेस रिव्यू

  17. यूक्रेन के एक स्कूल में रूसी बम धमाका, 60 लोगों की मौत- जेलेंस्की

    यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने बताया है कि पूर्वी यूक्रेन के एक स्कूल में हुए रूसी बम विस्फोट में करीब 60 लोगों की मौत हो गई है.

    इससे पहले लुहान्स्क क्षेत्र के गवर्नर सेरही हैदई ने कहा था कि बिलोहोरिवका में 90 लोग एक इमारत में शरण लिए हुए थे, धमाके के बाद जिनमें से सिर्फ़ 30 लोगों को जिंदा बाहर निकाल लिया गया है.

    हैदई ने कहा कि शनिवार को एक रूसी विमान ने इमारत पर बम गिराया था हालांकि रूस ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है.

    लुहान्स्क ने भयंकर युद्ध का मंज़र है क्योंकि यहां रूसी सैनिक और अलगाववादी लड़ाके दोनों ही यूक्रेनी सैनिकों से लड़ रहे हैं. इसके कई इलाके बीते आठ सालों से रूस समर्थित चरमपंथियों के कब्ज़े में है.

    बिलोहोरिवका सरकार के नियंत्रण वाले शहर सेवेरोडनेत्स्क के करीब है, शनिवार को इसके बाहरी इलाके में भारी मुठभेड़ की ख़बर सामने आई थी.

    यूक्रेन के एक अखबार उक्रेइंस्का प्रावदा के अनुसार पिछले हफ्ते लड़ाई के दौरान ही ये गांव एक "हॉट स्पॉट" बन गया था.

    गवर्नर सेरही हैदई ने टेलीग्राम पर लिखाकिरूस के विस्फोट से इमारत में आग लग गई और आग बुझाने में दमकलकर्मियों को तीन घंटे लग गए.

    उन्होंने बताया “ये इमारत स्कूल की थी जिसके बेसमेंट में पूरे गांव ने शरण ली थी. मरने वालों की संख्या का ठीक-ठीक पता तभी चल सकेगा जब मलबों को पूरी तरह साफ़ किया जाएगा.”

    संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि वह इस हमले से "स्तब्ध" हैं.

    उन्होंने कहा, "युद्ध के समय नागरिकों को हमेशा बख़्शा जाना चाहिए".

  18. रूसी तेल के ख़िलाफ़ लामबंद हुए जी-7 देश

    जी7 देशों ने रविवार को तय किया कि वे रूसी तेल के आयात पर प्रतिबंध लगाएंगे या चरणबद्ध तरीक़े से इसे बंद करेंगे.

    साथ ही अमेरिका ने रूस पर नए प्रतिबंध लगाते हुए रूस के बड़े गैस निर्यातक गैज़प्रॉम बैंक के अधिकारियों और अन्य व्यवसायों पर प्रतिबंध लगा दिया है.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने ये जानकारी दी है. यह क़दम पश्चिमी देशों की ओर से रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर दबाव बनाने की नई कोशिश है.

    अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन अन्य जी 7 नेताओं के साथ यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की के साथ एक वीडियो कॉन्फ्रेंस कॉल के ज़रिए यूक्रेन के लिए समर्थन और ऊर्जा सहित रूस के खिलाफ़ अतिरिक्त उपायों पर चर्चा की.

    जी7 नेताओं के एक साझा बयान में कहा गया, “हम रूसी ऊर्जा पर अपनी निर्भरता को पूरी तरह बंद करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिसमें रूसी तेल के आयात पर प्रतिबंध लगाना भी शामिल है. हम यह सुनिश्चित करेंगे कि हम इसे समय बद्ध और व्यवस्थित तरीक़े से करें. हम उपभोक्ताओं के लिए स्थिर और टिकाऊ वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और सस्ती क़ीमत सुनिश्चित करने के लिए अपने भागीदारों के साथ मिलकर काम करेंगे.”

    इसके अलावा अमेरिका ने तीन रूसी टेलिविजन स्टेशन पर प्रतिबंध लगाया है, अमेरिकी लोगों को रूसियों को किसी भी तरह की कंस्लटेंसी सर्विस देने ने रोक दिया है और रूसी, बेलारूस के अधिकारियों पर करीब 2,600 वीज़ा का प्रतिबंध लगाया है.

    ये पहली बार है जब बड़े रूसी गैस निर्यातक गैज़प्रॉमबैंक के अधिकारियों के ख़िलाफ़ क़दम उठाया गया है. इससे पहले ऐसे क़दम उठाने से परहेज़ किया जा रहा था क्योंकि इससे रूस के मुख्य ग्राहक यूरोपीय देशों को गैस की सप्लाई में रुकावट का संकट जताया जा रहा था.

    अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के एक बयान के अनुसार,इस कार्रवाई में गैज़प्रॉम बैंक के अधिकारियों में एलेक्सी मिलर और एंड्री अकीमोव का नाम शामिल है.

    बाइडन प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया है, "यह एक पूर्ण प्रतिबंध नहीं है. हम गैज़प्रॉम बैंक की संपत्ति को फ़्रीज़ नहीं कर रहे हैं, ना ही गैज़प्रॉमबैंक के साथ किसी भी लेनदेन पर रोक नहीं लगा रहे हैं."

    “हम ये संदेश देना चाह रहे हैंकि गैज़प्रॉम भी सुरक्षित नहीं है इसलिए हम इसके शीर्ष अधिकारियों पर प्रतिबंध लगा रहे हैं.”

  19. नमस्कार!

    बीबीसी हिंदी के इस लाइव पेज से जुड़ने के लिए आपका शुक्रिया. हम यहाँ आपको दिन भर की सभी बड़ी ख़बरें और लाइव अपडेट्स देते रहेंगे. यह लाइव पेज 24 घंटे उपलब्ध है.8 मई के अपडेट्सके लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं.