ब्रेकिंग न्यूज़, शाओमी इंडिया के अधिकारियों को डराने-धमकाने के आरोप पर प्रवर्तन निदेशालय ने दिया जवाब

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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शाओमी इंडिया के उन आरोपों को 'बेबुनियाद' करार दिया है, जिनमेंं कंपनी ने कहा था कि उसके अधिकारियों से 'जोर-जबरदस्ती' कर बयान लिए गए. प्रवर्तन निदेशालय ने कहा है कि ये आरोप सोच-समझी रणनीति के तहत लगाए गए हैं.
चीनी मोबाइल कंपनी शाओमी ने कर्नाटक हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा था कि ईडी की पूछताछ के दौरान उसके शीर्ष अधिकारियों को मारपीट की धमकी दी गई और जोर–जबरदस्ती की गई.
लेकिन ईडी ने इन आरोपों से जुड़ी खबरों का जवाब देते हुए कहा कि वह एक प्रोफेशनल एजेंसी है और कामकाज के उच्च मानदंडों का पालन कर करती है. बेंगलुरु में शाओमी इंडिया के अधिकारियों से पूछताछ के दौरान कभी भी मारपीट की धमकी नहीं दी गई और ना ही उनसे जोर-जबरदस्ती की गई.
ईडी ने कहा, "शाओमी इंडिया का ये आरोप बिल्कुल बेबुनियाद और झूठा है कि इसके अधिकारियों से पूछताछ के दौरान मारपीट की धमकी दी गई और जोर जबरदस्ती की गई."
ईडी ने अपने बयान में आगे कहा, "फेमा के तहत शाओमी इंडिया के अधिकारियों ने ईडी के सामने कई बार अपने बयान सौहार्दपूर्ण माहौल में दर्ज कराए."
जांच एजेंसी ने कहा कि जांच के दौरान अधिकारियों के बयान कंपनी की ओर से दस्तावेजों और जानकारियों के आधार पर दर्ज किए गए थे. उनके बयान लिखित जवाब के साथ ईडी को जमा कराए गए थे. ये सारे बयान रिकॉर्ड में मौजूद हैं.
पिछले दिनों ईडी ने फेमा के उल्लंघन के आरोप में शाओमी इंडिया के 5551 करोड़ रुपये जब्त करने के आदेश दिए थे. इसके बाद कंपनी के अधिकारियों से पूछताछ हुई थी.















