सऊदी अरब और अमेरिका में खटास बढ़ी, शाही परिवार के सदस्य ने रिश्तों को लेकर जताई नाराज़गी

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक सऊदी अरब के शाही परिवार से जुड़े एक शख्स ने कहा है कि हूती विद्रोहियों के हमलों और दूसरी सुरक्षा चुनौतियों पर अमेरिका के रुख से लगता है कि उसने उनके देश को नीचा दिखाया है.

लाइव कवरेज

कीर्ति दुबे and दीपक मंडल

  1. जिग्नेश मेवाणी ने कहा- मेरी गिरफ़्तारी क़ानून के ख़िलाफ़, पीएम ऑफ़िस में रची गई साज़िश

    जिग्नेश मेवाणी

    इमेज स्रोत, Getty Images

    गुजरात के निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवाणी ने ज़मानत मिलने के बाद प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर कहा है कि उनती गिरफ़्तारी क़ानून के ख़िलाफ़ है. ये एक ऐसी साज़िश है जो प्रधानमंत्री कार्यालय में रची गई.

    उन्होंने कहा, “मुद्रा एयरपोर्ट पर 1 लाख 75 हज़ार का ड्रग्स पकड़ा गया, लेकिन गौतम अडानी के ख़िलाफ़ कोई केस और जाँच नहीं. गुजरात बीजेपी की एक दलित महिला कार्यकर्ता ने बीजेपी के मंत्री पर रेप का आरोप लगाया उसकी जाँच नहीं हो रही है.”

    छोड़िए X पोस्ट
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त

    “मैंने क्या कहा था यही कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के दौरे पर आएँ, तो गांधी का मंदिर बनाने वाले मोदी जी गुजरात में सांप्रदायिक हिंसा के बीच लोगों से शांति की अपील करें. मैंने तो दंगा-फ़साद ना करने की अपील की थी. मुझे बताया जाए कि देश के पीएम से शांति की अपील करने के लिए कहना किस क़ानून के तहत अपराध है.”

    “मेरी गिरफ़्तारी क़ानून के ख़िलाफ़ है. ये एक ऐसी साज़िश है जो प्रधानमंत्री कार्यालय में रची गई”

    गुजरात के निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवाणी को प्रधानमंत्री से जुड़े एक ट्वीट के संबंध में असम पुलिस ने गिरफ़्तार किया था. अब उन्हें इस मामले में ज़मानत पर रिहा किया गया है. इसके बाद उन्हें महिला पुलिसकर्मी पर हमला करने के आरोप में भी गिरफ़्तार किया था. लेकिन अब उन्हें इस मामले में भी ज़मानत मिल गई है.

  2. पटियाला से Live: दो गुटों के बीच संघर्ष के बाद अब कैसे हैं हालात

    दो गुटों के बीच संघर्ष के बाद अब कैसे हैं हालात, ज्यादा जानकारी के साथ बीबीसी संवाददाता अरविंद छाबड़ा.

  3. शाहीन बाग़ ड्रग्स मामले में एक और गिरफ़्तारी, मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप

    ड्रग्स

    इमेज स्रोत, ANI

    नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो यानी एनसीबी ने दिल्ली के शाहीन बाग़ से मिले ड्रग्स के मामले में एक और अभियुक्त को गिरफ़्तार किया है. इस तरह इस मामले में कुल पाँच लोगों की गिरफ़्तारी हो चुकी है. एनसीबी का दावा है कि ताज़ा गिरफ़्तारी का संबंध मनी लॉन्ड्रिंग से है. एनसीबी के मुताबिक़ इस मामले में दिल्ली के लक्ष्मीनगर से शमीम अहमद को गिरफ़्तार किया गया है.

    छोड़िए X पोस्ट
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त

    एनसीबी ने गुरुवार को दिल्ली के शाहीन बाग़ इलाक़े से 50 किलो हेरोइन, 47 किलोग्राम संदिग्ध नशीला पदार्थ और 30 लाख रुपए बरामद किए हैं. एनसीबी दिल्ली में उत्तरी क्षेत्र के डीडीजी ज्ञानेश्वर सिंह ने बताया था कि जामिया नगर के शाहीन बाग़ में एक आवासीय परिसर से अन्य आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई है. उन्होंने ये भी आरोप लगाया था कि ये हेरोइन अफ़ग़ानिस्तान से आया हुआ था. उन्होंने ये भी दावा किया था कि इस मामले में अंतरराष्ट्रीय गिरोह का हाथ है, जो दुबई, अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान में सक्रिय है.

  4. राहुल गांधी ने कहा- मोदी का कार्यकाल अर्थव्यवस्था की बर्बादी की केस स्टडी

    राहुल गांधी

    इमेज स्रोत, Getty Images

    भारत में बिजली संकट का आरोप लगाते हुए एक बार फिर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है.

    छोड़िए X पोस्ट
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त

    उन्होंने ट्वीट किया है--- बिजली संकट नौकरी संकट किसान संकट महंगाई संकट राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में लिखा है कि प्रधानमंत्री मोदी का आठ साल का कुशासन एक केस स्टडी है कि कैसे दुनिया की सबसे तेज़ी से उभरती अर्थव्यवस्थाओं में से एक को बर्बाद किया जाए. देश के कई राज्यों में इस समय बिजली संकट है.

    दिल्ली सरकार ने तो कोयले की कमी का दावा किया था. हालाँकि एनटीपीसी ने इस दावे को ख़ारिज कर दिया था. इस बीच केंद्रीय बिजली मंत्री आरके सिंह ने कहा कि दिल्ली सरकार जनता को गुमराह कर रही है.

  5. सुप्रीम कोर्ट ने कहा- किसी को वैक्सीन लगवाने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता

    सुप्रीम कोर्ट

    इमेज स्रोत, Getty Images

    सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि किसी व्यक्ति को वैक्सीन लगवाने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता.

    कोर्ट ने ये भी कहा कि वह इस बात से संतुष्ट है कि मौजूदा वैक्सीन नीति को अनुचित और मनमाना नहीं कहा जा सकता है.

    सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि सरकार नीति बना सकती है और जनता की भलाई के लिए कुछ शर्तें लागू की जा सकती है.

    कोर्ट ने कहा कि कुछ राज्य सरकारों की ओर से लगाई गई शर्त, सार्वजनिक स्थानों पर वैक्सीन न लेने वाले लोगों को प्रतिबंधित करने का क़दम ठीक नहीं है और इसे वापस लेना चाहिए.

    सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को कोविड-19 टीकाकरण के प्रतिकूल प्रभावों पर डेटा सार्वजनिक करने का भी निर्देश दिया है.

    छोड़िए X पोस्ट
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त

    राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह टीकाकरण ( NTAGI) के पूर्व सदस्य डॉ जैकब पुलियल ने सुप्रीम कोर्ट में वैक्सीन को अनिवार्य बनाने के खिलाफ़ और क्लीनिकल डेटा को सार्वजनिक करने की मांग वाली याचिका दायर की थी.

    याचिका में कहा गया कि केंद्र का कहना है कि वैक्सीन लगवाना स्वैच्छिक है, लेकिन राज्यों ने इसे अनिवार्य कर दिया है.

  6. विनय मोहन क्वात्रा ने भारत के नए विदेश सचिव का पदभार संभाला

    विनय क्वात्रा

    इमेज स्रोत, MEA

    वरिष्ठ राजनयिक विनय मोहन क्वात्रा ने भारत के नए विदेश सचिव का पदभार संभाल लिया है. विदेश मंत्रालय की ओर से ये जानकारी दी गई है.

    साल 1988 बैच के भारतीय विदेश सेवा अधिकारी क्वात्रा ने हर्षवर्धन श्रृंगला की जगह ली है जो शनिवार को रिटायर हुए.

    इससे पहले क्वात्रा नेपाल में भारत के राजदूत थे.

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने रविवार को ट्वीट कर इसकी जानकारी देते हुए लिखा, “विनय क्वात्रा ने रविवार सुबह विदेश सचिव के रूप में कार्यभार ग्रहण किया विदेश मंत्रालय विदेश सचिव क्वात्रा को एक सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं देता है.''

    छोड़िए X पोस्ट
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त

    क्वात्रा को भारत पड़ोसी मुल्क के अलावा अमेरिका, चीन और यूरोप के साथ संबंधों का विशेषज्ञ माना जाता है.

    हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक़ क्वात्रा की जगह अब नेपाल में नवीन श्रीवास्तव भारत के राजदूत होंगे.

    नवीन श्रीवास्तव वर्तमान में विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के रूप में पूर्वी एशिया डेस्क संभाल रहे हैं. उन्हें चीन के साथ संबंधों का जानकार माना जाता है. वो मई 2020 में पूर्वी लद्दाख में स्थिति को शांत करने के लिए भारत-चीन सैन्य कमांडरों की बैठक का एक हिस्सा रहे हैं.

    वहीं, क्वात्रा साल 2020 में हुई नेपाल में तैनाती से पहले उन्होंने अगस्त 2017 से फरवरी 2020 के बीच फ्रांस में भारत के राजदूत रहे.

  7. प्रशांत किशोर ने कहा- शुरुआत बिहार से

    प्रशांत किशोर

    इमेज स्रोत, Getty Images

    बीते दिनों से चर्चा में रहे सियासी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने अपने भविष्य की योजनाओं को लेकर एक ट्वीट करते हुए कहा है कि अब जनता के पास जाने का समय आ गया है.

    उन्होंने ट्वीट में लिखा, “लोकतंत्र में एक सार्थक भागीदार बनने और जन-समर्थक नीति को आकार देने का मेरा 10 साल का सफ़र रोलरकोस्टर की सवारी की तरह रहा है.”

    “मैं अब इस सफ़र का पन्ना बदल रहा है हूँ, अब वक़्त है रीयल मास्टर्स यानी जनता के पास जाने का, मुद्दों और "जन सुराज"- लोगों के सुशासन के मार्ग को बेहतर ढंग से समझने के का.”

    “ शुरुआत #बिहार से.”

    छोड़िए X पोस्ट
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त

    कांग्रेस के ऑफर से इनकार

    बीते कुछ दिनों से प्रशांत किशोर के कांग्रेस में शामिल होने को लेकर कयास लगाए जा रहे थे.

    कई दफ़े प्रशांत किशोर की कांग्रेस हाई कमान के साथ बैठक भी हुई लेकिन कई दिनों की सरगर्मी के बाद उन्होंने ख़ुद इन कयासों पर विराम लगा दिया है.

    प्रशांत किशोर ने ट्वीट कर कहा कि वह कांग्रेस में शामिल होने के प्रस्तान से इंकार कर चुके हैं.

    उन्होंने लिखा था, "मैंने ईएजी (एम्पावर्ड एक्शन ग्रुप) के हिस्से के रूप में पार्टी में शामिल होने और चुनावों की ज़िम्मेदारी लेने के कांग्रेस के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है. मेरी विनम्र राय ये है कि मुझसे ज़्यादा पार्टी को नेतृत्व और सामूहिक इच्छाशक्ति की ज़रूरत है ताकि परिवर्तनकारी सुधारों के माध्यम से संरचनात्मक समस्याओं को ठीक किया जा सके, जिसकी जड़ें काफ़ी गहरी हैं."

    पिछले दिनों प्रशांत किशोर ने सोनिया गांधी के सामने एक प्रज़ेंटेशन पेश किया था. माना जा रहा था कि उन्होंने पार्टी के लिए 2024 चुनावों का एक रोडमैप तैयार किया था. सोनिया गांधी ने प्रशांत किशोर को पार्टी में जगह देने के लेकर एक समिति गठित की थी.

    वीडियो कैप्शन, प्रशांत किशोर का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू देखिए
  8. एलन मस्क के ट्विटर में क्या-क्या बदल सकता है?

    मस्क

    इमेज स्रोत, Getty Images

    एलन मस्क और ट्विटर के बीच अगर प्रस्तावित 44 अरब डॉलर की डील पूरी हो जाती है तो मस्क के पास ट्विटर को ट्रांसफॉर्म करने का अपना एक प्लान है.

    ये पूरा प्लान क्या है, इसकी पुख़्ता जानकारी तो नहीं है लोकिन इतना ज़रूर है कि आने वाले वक़्त में एलन मस्क का ट्विटर कैसा दिखेगा और इसमें संभावित बदलाव क्या-क्या होंगे, इसका एक अंदाज़ा है.

    ये हैं वो चंद चीज़ें जिसे माना जा रहा है कि मस्क के आने पर बदलेंगी.

    फ़्री स्पीच टाउन स्क्वेयर

    एलन मस्क कई बार फ़्री स्पीच की बात अपने नए-पुराने ट्वीट्स में दोहराते रहे हैं. माना जा रहा है कि ये उनकी सबसे अहम प्राथमिकताओं में से एक होगी.

    ट्विटर को दुनिया में एक सार्थक बहस शुरू करने के लिए एक "राजनीतिक रूप से निष्पक्ष" डिज़िटल टाउन स्क्वेयर बनाना चाहते हैं जो प्रत्येक देश के क़ानूनों अनुसार अधिक से अधिक फ़्री स्पीच की जगह बनेगा.

    ओपेन सोर्स एल्गोरिदम

    एआई यानी आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस में मस्क की लंबे समय से रूचि है इस डील में एल्गोरिदम एक बड़ा मुद्दा भी रही है. वह चाहते हैं कि लोगों के बीच ‘विश्वास बढ़ाने के लिए एल्गोरिदम कोओपोन सोर्स रखा जाए.’

    वह उन प्रणालियों के बारे में बात कर रहे हैं जो कंटेंट को रैंक करती हैं ताकि यह तय किया जा सके कि यूजर्स के फ़ीड पर क्या दिखाई देगा.

    वह एक ऐसा ट्विटर बनाना चाह रहे हैं जिसमें मॉडरेशन कम से कम हो.

    एलन मस्क

    इमेज स्रोत, Getty Images

    स्पैम बॉट को हटाना

    ‘स्पैम बॉट्स’मस्क के लिए एक व्यक्तिगत परेशानी रहे हैं, कई ट्विटर अकाउंट अतीत में मस्क की तस्वीर और नाम का इस्तेमाल कर क्रिप्टो के घोटालों को मस्क के नाम से साथ प्रमोट करते रहे हैं. मस्क के आने से ट्विट पर इस तरह के बॉट पर भी एक्शन होने की उम्मीद है.

    हर इंसान की पहचान

    मस्क ने बार-बार कहा है कि वह चाहते हैं कि ट्विटर "सभी यूज़र्स,इंसानों को प्रमाणित करे", ये बात भी स्पैम अकाउंट से छुटकारा पाने की उनकी इच्छा से जुड़ा हुआ माना जाता है.

    लोगों की पहचान को तेज़ करना उनकी लिए प्राथमिकता है और संभव है कि इसके लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन प्रणाली का सहारा लिया जाए.

  9. ईद के मौक़े पर सऊदी अरब के किंग का दुनिया के मुसलमानों के नाम संदेश

    सऊदी अरब के किंग

    इमेज स्रोत, Getty Images

    रविवार को सऊदी अरब के किंग सलमान बिन अब्दुल अजीज़ ने दुनिया भर के मुसलमानों को ईद-अल-फ़ितर की शुभकामनाएं दीं.

    राज्य समाचार एजेंसी एसपीए के हवाले से ये जानकारी दी गई है.

    सऊदी अरब ने शनिवार को घोषणा की कि ईद-अल-फ़ितर आधिकारिक तौर पर दो मई से शुरू होगा.

    इस मौक़े पर किंग सलमान बिन अब्दुल अजीज़ ने अपने देश और दुनिया भर के मुसलमानों को ईद-उल-फ़ितर की बधाई देते हुए कहा-

    हम आपको भव्य पवित्र मस्जिद की धरती से ईद-अल-फितर की बधाई देते हुए ख़ुशनसीब महसूस रहे हैं. इस ईद को हम सुरक्षा, स्वास्थ्य और ख़ुशियों का आनंद लेते हुए मनाएं, साथ ही अपने देश और दुनिया के देशों को सभी बुराई और नुक़सान से बचाएं.

    हम सभी अल्लाह के शुक्रगुज़ार हैं कि उसने हमें और आपको रमजान के पवित्र महीने में उपवास और रात की नमाज़ अदा करने का मौक़ा दिया है, जिसमें हम सभी अच्छे कर्मों को स्वीकार करने के लिए प्रार्थना करते हैं. अल्लाह सब कुछ सुन रहा है और हमारी सभी गुहारों का उत्तर भी देता है.

    अल्लाह का शुक्रिया कि हम ईद का त्योहार मना रहे हैं. हम उम्मीद करते हैं कि अल्लाह सर्वशक्तिमान, ईद के साथ ही हमारे दिलों को ख़ुश करेगा और ईद के मक़सद को पाने में हमारी मदद करेगा.

    अल्लाह ने ईद को नैतिकता, सद्भाव, भाईचारे, सहिष्णुता और क्षमा का अवसर बनाया है.

    छोड़िए X पोस्ट
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त

    जिस ज़िम्मेदारी के लिए अल्लाह ने हमें चुना है, उसे पूरा करने के लिए हम प्रयास करते रहते हैं. इस महान काम को जारी रखने में सफल होने के लिए हम अल्लाह के शुक्रगुज़ार हैं.

    ये अल्लाह की रहमत है कि हम शेख़ ज़ाएद ग्रैंड मस्जिद और पैग़ंबर मस्जिद को इसकी पूरी क्षमता के साथ एक बार फिर संचालित कर पा रहे हैं और हम रमजान के पवित्र महीने में दो पवित्र मस्जिदों में आने वाली बड़ी संख्या में उमराह करने वालों, उपासकों की मदद करके ख़ुश महसूस कर रहे है.

    हम अल्लाह को धन्यवाद देते हैं, जिसने हमें महामारी का सामना करने के लिए ज़िम्मेदारी, गंभीरता और उच्चतम स्तर पर काम करने के क़ाबिल बनाया. अल्लाह का शुक्रिया और उन सभी कर्मियों का शुक्रिया जिन्होंने कोविड के लिए बनाए गए नियमों का पूरी गंभीरता से पालन किया.

  10. इंडोनेशिया के इस फ़ैसले से क्या वाक़ई भारत की परेशानी बढ़ेगी

  11. सऊदी और यूएई के बाद क्या अब मिस्र के मामले में झुकेंगे अर्दोआन?

    तुर्की के विदेश मंत्री मेवलुत चाउसोलो

    इमेज स्रोत, Getty Images

    तुर्की के विदेश मंत्री मेवलुत चाउसोलो ने रविवार को कहा कि तुर्की, सऊदी अरब और यूएई के साथ रिश्तों में "प्रगति" होने के बाद मिस्र के साथ संबंधों को सामान्य बनाने के लिए काम किया जा रहा है.

    मेवलुत चाउसोलो ने तुर्की के अख़बार सबाही को बताया, “यह प्रक्रिया पहले मिस्र के साथ शुरू हुई थी, लेकिन यह थोड़ी धीमी गति से आगे बढ़ रही है. वहीं यह प्रक्रिया संयुक्त अरब अमीरात के साथ शुरू हुई और बहुत तेज़ी से आगे बढ़ी. इसी तरह बहरीन के साथ भी हमारा पेस तेज़ रहा. यह एक प्रक्रिया है जो सऊदी अरब से शुरू हुई और हमारी बातचीत हुई. अब यह हमारे संबंधों को सामान्य बनाने की हमारी रणनीति का हिस्सा है.”

    उन्होंने कहा कि मिस्र के साथ बातचीत में अगला क़दम उपमंत्री या मंत्री की बातचीत के स्तर पर हो सकता है.

    चाउसोलो ने बताया, “हम अपने संपर्क और सहयोग बढ़ाएंगे और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर एक-दूसरे के ख़िलाफ़ ना होने के सिद्धांत को लागू करेंगे. ”

    तुर्की के विदेश मंत्री की ये टिप्पणी हाल ही में हुई तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन की सऊदी अरब की यात्रा के बाद आई है. साल 2017 के बाद पहली बार ये अर्दोआन का सऊदी दौरा था.

    ओर्दोआन

    इमेज स्रोत, Getty Images

    ओर्दोआन ने सऊदी अरब के किंग सलमान बिन अब्दुलअज़ीज़ और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से मुलाक़ात की थी.

    2018 में इस्तांबुल स्थित सऊदी वाणिज्य दूतावास में पत्रकार जमाल ख़ाशोज्जी की हत्या के बाद सऊदी अरब और तुर्की के बीच संबंध तनावपूर्ण हैं.

    तुर्की के राष्ट्रपति ने अपने सऊदी दौरे के लेकर कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि ये यात्रा राजनीति, सैन्य, अर्थव्यवस्था और संस्कृति सहित सभी क्षेत्रों में "सहयोग के नए युग" की शुरुआत करेगी.

    सऊदी अरब के अलावा, अर्दोआन इस क्षेत्र में अपने संबंधों को सुधारने के लिए भी काम कर रहे हैं साथ ही उन्हें घरेलू चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है, तुर्की की अर्थव्यवस्था लागातार कमज़ोर होती जा रही है. मुद्रा की क़ीमत घट रही है और महंगाई बढ़ती जा रही है.

    मिस्र की सेना ने 2013 में तुर्की के राष्ट्रपति अर्दोआन के सहयोगी माने जाने वाले और मुस्लिम ब्रदरहुड के अध्यक्ष मोहम्मद मुर्सी को सत्ता से बेदख़ल कर दिया था. इसके बाद से तुर्की के मिस्र के साथ संबंध तनावपूर्ण हैं.

    दोनों देश समुद्री अधिकार क्षेत्र और तटीय संसाधनों के साथ-साथ लीबिया पर भी मतभेदों रखते हैं, लीबिया में दोनों ही देशों ने गृहयुद्ध में विरोधी पक्षों का समर्थन किया.

    सालों तक व्यापार में कमी और आरोपों के बाद, तुर्की और मिस्र ने पिछले साल से अपने बयानों में एक दूसरे के प्रति थोड़ी नरमी दिखाई है.

    इसके अलावा, इस साल फ़रवरी मेंअर्दोआन ने 2013 के बाद पहली बार यूएई का दौरा किया. इस यात्रा में देशों ने पाँच अरब डॉलर के मुद्रा विनिमय समझौते पर हस्ताक्षर किए, जो तुर्की के घटते विदेशी मुद्रा भंडार को बढ़ावा देगा.

  12. नमस्कार!

    बीबीसी हिंदी के इस लाइव पेज से जुड़ने के लिए आपका शुक्रिया.

    हम यहाँ आपको दिन भर की सभी बड़ी ख़बरें और लाइव अपडेट्स देते रहेंगे. यह लाइव पेज 24 घंटे उपलब्ध है. 01 मई के अपडेट्स के लिए आप यहांक्लिककर सकते हैं.