पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने भारतीय छात्रों को पाकिस्तान में पढ़ाई नहीं करने के यूजीसी और एआईसीटीई के परामर्श की निंदा की. पाकिस्तान ने इस मसले पर भारत से स्पष्टीकरण भी मांगा है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद् (एआईसीटीई) ने बीते शुक्रवार एक जॉइंट एडवाइज़री जारी की थी. इस एडवाइज़री में कहा गया था कि जो भारतीय छात्र पाकिस्तान के कॉलेजों और शिक्षण संस्थानों से पढ़ाई कर रहे हैं, उन्हें भारत में नौकरी के लिए योग्य नहीं समझा जाएगा.
पाकिस्तान विदेश कार्यालय ने क्या कहा?
पाकिस्तान के विदेश कार्यालय (एफ़ओ) ने सोमवार को कहा, "पाकिस्तान यूजीसी और एआईसीटीई द्वारा जारी तथाकथित ‘सार्वजनिक नोटिस’ की कड़ी निंदा करता है जिसमें छात्रों को पाकिस्तान में उच्च शिक्षा नहीं लेने देने की सलाह दी गई है और ऐसा करने पर रोज़गार नहीं मिलने की चेतावनी दी गई है."
पाकिस्तान ने कहा, "अफ़सोस की बात है कि पाकिस्तान को लेकर लाइलाज सनक की वजह से भारत सरकार निश्चित रूप से छात्रों पर अपनी पसंद की गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा प्राप्त करने से रोकने के लिए दबाव डाल रही है."
एफ़ओ ने कहा, "हमने कथित सार्वजनिक नोटिस के संदर्भ में भारत की सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है."
यूजीसी की एडवाइज़री में क्या था?
पीटीआई के मुताबिक़ यूजीसी और एआईसीटीई की ओर से जारी परामर्श में कहा गया था, "सभी (छात्रों) को सलाह दी जाती है कि वे उच्च शिक्षा के लिए पाकिस्तान न जाएं. पाकिस्तान के किसी कॉलेज या शिक्षण संस्थान में कोई भी भारतीय नागरिक या भारतीय मूल का विदेशी नागरिक दाख़िला लेना चाहता है तो वो पाकिस्तानी सर्टिफ़िकेट के आधार पर भारत में नौकरी या उच्च शिक्षा पाने के योग्य नहीं रह जाएगा."
इसमें कहा गया, "हालांकि, पाकिस्तान में शिक्षा पाने वाले और भारतीय नागरिकता पाए हुए प्रवासी नागरिक और उनके बच्चे भारत में रोज़गार हासिल कर सकते हैं. बशर्ते गृह मंत्रालय की ओर से सुरक्षा मंज़ूरी मिले."