यूक्रेन
के प्रमुख बंदरगाह शहर मारियुपोल को लेकर रूस ने कहा है कि वो यूक्रेनी सैनिकों की
जानें बख़्श देगा अगर वो रविवार तक अपने हथियार डाल देते हैं.
रूसी
सरकार ने कहा है कि यूक्रेनी सैनिक और ‘विदेशी भाड़े के सैनिक’ मारियुपोल में अभी भी लड़ रहे
हैं.
रूस का कहना है कि उसने मारियुपोल का अधिकतर हिस्सा अपने क़ब्ज़े में ले लिया
है और अगर यूक्रेनी सैनिक मॉस्को के समयानुसार सुबह 6 बजे से दोपहर 1 बजे तक हथियार डाल देते
हैं तो उनकी सुरक्षा की गारंटी दी जाएगी.
रूस ने
कहा है कि जो ऐसा करते हैं उनके साथ जिनेवा कन्वेंशन के युद्धबंदियों की तरह
व्यवहार किया जाएगा.
रूस का
कहना है कि शहर में यूक्रेनी सुरक्षाबल सिर्फ़ अज़ोफ़्स्तल स्टीलवर्क्स इलाक़े तक
ही सीमित हैं.
इस
बयान में कहा गया है कि रूसी सुरक्षाबल इस जानकारी को ‘लगातार प्रसारित’ करेंगे ताकि अज़ोफ़्स्तल में मौजूद सैनिकों
को प्रस्ताव मिले, इसे पूरी रात हर आधे घंटे में प्रसारित किया जाएगा.
साथ ही
यह भी कहा गया है कि सुरक्षाबल कीएव की अनुमति का इंतज़ार न करें बल्कि ख़ुद फ़ैसला
लेकर सरेंडर करें.
वहीं
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने स्वीकार किया है कि मारियुपोल के
एक छोटे से हिस्से पर ही यूक्रेनी सुरक्षाबलों का क़ब्ज़ा है और उनकी सरकार रक्षा
कर रहे सैनिकों के साथ लगातार संपर्क में है.
रॉयटर्स
समाचार एजेंसी के अनुसार, राष्ट्रपति ने कहा है कि स्थिति बेहद गंभीर है.
हालांकि
उन्होंने रूस के इस दावे पर कोई जवाब नहीं दिया कि मारियुपोल से यूक्रेनी सेनाएं
साफ़ हो चुकी हैं और सिर्फ़ वो अज़ोफ़्स्तल तक ही सीमित हैं. रूस का कहना है कि एक
बड़े स्टील और लोहे के प्लांट में यह सैनिक हैं.
रूस के
रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता का कहना है कि इस प्लांट में 2,500 यूक्रेनी सैनिक हैं
और बाहर निकलने के रास्ते को रूसी सुरक्षाबलों ने बंद कर दिया है. हालांकि, बीबीसी
स्वतंत्र रूप से इन रिपोर्ट्स की पुष्टि नहीं कर पाया है.