IPL 2022: हैदराबाद ने कोलकाता को 7 विकेट से हराया

आईपीएल में शुक्रवार को हैदराबाद ने कोलकाता को 13 गेंद शेष रहते 7 विकेट से हराकर अपनी तीसरी जीत दर्ज की है.

लाइव कवरेज

मानसी दाश, चंदन शर्मा and अभय कुमार सिंह

  1. यूक्रेन का दावा- रूस के 20 हज़ार सैनिक मारे गए

    यूक्रेन

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    यूक्रेन ने दावा किया है कि लड़ाई शुरू होने के बाद से अब तक रूस के क़रीब 20 हज़ार सैनिक मारे गए हैं. यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय ने ट्वीट कर ये दावा किया है.

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    रक्षा मंत्रालय के दावे के मुताबिक़ रूस को बड़ा नुक़सान झेलना पड़ा है.....

    सैनिक- 20 हज़ार

    टैंक- 756

    बख़्तरबंद मशीनें/एपीवी- 1976

    आर्टिलरी सिस्टम- 366

    आरएसज़ेडवी/एमएलआरएस- 122

    एंटी एयरक्राफ़्ट सिस्टम्स- 66

    लड़ाकू विमान- 163

    हेलिकॉप्टर्स- 144

    ऑटोमोटिव/गाड़ियाँ- 143

    जहाज़/बोट्स- 08

    ईंधन वाले टैंक- 76

    यूएवी- 135

    विशेष उपकरण- 25

    लॉन्चर ओटीआरके/टीआरके/मोबाइल एसआरबीएम सिस्टम- 04

    इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने रूस के साथ युद्ध के 50 दिन पूरे होने पर देश को संबोधित किया और यूक्रेन को बचाने वालों को सम्मान दिया. ज़ेलेंस्की ने कहा, "बहादुर देश के अडिग लोग. हम 50 दिनों से डटे हुए हैं जबकि कब्ज़ा करने वालों ने हमें ज़्यादा से ज़्यादा पांच दिन दिए थे." उन्होंने कई पश्चिमी नेताओं के साथ बातचीत और बैठकों को याद करते हुए कहा, "इन 50 दिनों में मैंने दुनिया के कई नेताओं को अलग-अलग तरीक़े से देखा."

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    बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में ज़ेलेंस्की ने यूरोपीय देशों पर आरोप लगाते हुए कहा है कि जो देश रूस से तेल खरीद रहे हैं, "वो दूसरों के ख़ून से सनी कमाई कर रहे हैं." ज़ेलेंस्की ने जर्मनी और हंगरी पर निशाना साधा और कहा कि उनके कारण रूस से तेल खरीद पर लगाए प्रतिबंध लागू करने को लेकर बाधा हो रही है. उन्होंने कहा कि इस निर्यात से रूस को इस साल 326 अरब डॉलर तक का फायदा हो सकता है.

  2. अखिलेश यादव पर आरोप लगाते हुए सपा के मुस्लिम नेता ने छोड़ी पार्टी

    अखिलेश यादव

    उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के एक मुस्लिम नेता ने पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर आरोप लगाते हुए इस्तीफ़ा दे दिया है.

    समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, पार्टी के समस्त पदों से इस्तीफ़ा देने वाले मोहम्मद कासिम राईन राज्य के सुल्तानपुर ज़िले की लम्भुआ विधानसभा के हैं.

    उन्होंने अपने इस इस्तीफ़े की वजह प्रदेश में मुसलमानों के ख़िलाफ़ हो रहे उत्पीड़न पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और अन्य नेताओं का चुप रहना बताया है.

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    अपने इस पत्र में उन्होंने लिखा, ''प्रदेश में हो रहे मुस्लिम समुदाय के लोगों पर अत्याचार के ख़िलाफ़ प्रदेश से लेकर ज़िले तक सत्ता की मलाई खाने वाले पार्टी के पदा​धिकारी और नेता आवाज़ नहीं उठा रहे हैं.''

    उन्होंने यह भी कहा कि आज़म ख़ान को सपरिवार जेल में डाला गया, कैराना से चुनाव लड़ने वाले नाहिद हसन जेल भेज दिए गए, जबकि शहजिल इस्लाम के पेट्रोल पंप को गिरा दिया गया.

    उनका आरोप है कि इन सभी मुद्दों पर पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और अन्य नेताओं ने आवाज़ नहीं उठाई. इससे ज़ाहिर होता है कि समाजवादी पार्टी को मुसलमानों पर हो रहे अत्याचारों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने में कोई रुचि नहीं है.

  3. हार्दिक पटेल को आम आदमी पार्टी में शामिल होने का न्योता

    हार्दिक पटेल

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    गुजरात में कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष हार्दिक पटेल की टिप्पणी को लेकर अटकलों का बाज़ार गर्म है. हालाँकि हार्दिक पटेल ने इस पर स्पष्टीकरण दिया है. अब गुजरात चुनाव में पूरी तैयारी के साथ उतरने का दावा कर रही आम आदमी पार्टी ने हार्दिक पटेल को पार्टी में शामिल होने का न्योता दिया है.

    आम आदमी पार्टी के गुजरात प्रमुख गोपाल इटालिया ने पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा कि अगर हार्दिक पटेल को कांग्रेस पसंद नहीं है, तो उन्हें आप जैसी समान विचारधारा वाली पार्टी में शामिल होना चाहिए. उन्होंने कहा- कांग्रेस से शिकायत करने और अपना समय बर्बाद करने की बजाए उन्होंने यहाँ योगदान देना चाहिए. कांग्रेस जैसी पार्टी में उनके जैसे समर्पित लोगों की जगह नहीं है.

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    हालाँकि हार्दिक पटेल ने पार्टी छोड़ने की अटकलों को ख़ारिज करते हुए कहा है कि उन्होंने आज तक पार्टी को श्रेष्ठ देने का काम किया है और वे आगे भी यही करने वाले हैं. दरअसल पिछले दिनों कार्यकारी अध्यक्ष पद पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा था कि उनकी स्थिति पार्टी में उस नए दूल्हे जैसी है, जिसकी नसबंदी करा दी गई हो.

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    समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में उन्होंने कहा था- मुझे इतना प्रताड़ित किया जा रहा है कि मुझे इसके बारे में बुरा लगता है. गुजरात कांग्रेस के नेता चाहते हैं कि मैं पार्टी छोड़ दूँ. मुझे इसका अधिक दुख है कि मैंने राहुल गांधी को कई बार इस स्थिति के बारे में बताया है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई है. हालाँकि अपने ताज़ा ट्वीट में उन्होंने अटकलबाज़ियों पर इशारों-इशारों में टिप्पणी की है. हार्दिक पटेल ने ट्विटर पर लिखा है- अफवाह थी की मेरी तबियत ख़राब हैं, लोगो ने पूछ पूछ के बीमार कर दिया.

  4. जस्टिस रमन्ना ने बताई न्यायपालिका की चिंता की ये बड़ी वजह

    जस्टिस रमन्ना

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    सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एनवी रमन्ना ने न्यायपालिका के बुनियादी ढाँचे की कमी और ​ख़ाली पड़े पदों को चिंता की बड़ी वजह बताया है.

    जस्टिस रमन्ना ने यह बात शुक्रवार को हैदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम में कही है.

    उन्होंने कहा है कि लोगों को तभी न्याय दिया जा सकता है जब हम पर्याप्त संख्या में अदालतों और बुनियादी ढाँचों का इंतजाम कर सकें.

    उनके अनुसार, ''हमारी न्यायपालिका पर ज़रूरत से ज़्यादा बोझ है... मामले लगातार आ रहे हैं. किसी केस पर सुनवाई पूरी होने में कितन साल लगेंगे?''

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    भारतीय अदालतों में लंबित मामले

    देश की निचली अदालतों से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक कुल 4.09 करोड़ मामले लंबित हैं.

    क़ानून मंत्रालय के अनुसार, इस साल के मार्च तक केवल सुप्रीम कोर्ट में 70 हज़ार से मामले विचाराधीन हैं.

    वहीं देश के विभिन्न हाईकोर्ट में लंबित मामलों की संख्या इस मार्च तक क़रीब 59 लाख हैं. बाक़ी मामले देश की निचली अदालतों में लंबित हैं.

  5. मध्य प्रदेश की घटना पर महबूबा मुफ़्ती ने कहा- बहुसंख्यकों की आपराधिक चुप्पी

    महबूबा मुफ़्ती

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    जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रमुख महबूबा मुफ़्ती ने मध्य प्रदेश के खरगोन में हुई हिंसा के बाद बुलडोज़र से घरों को गिराए जाने की तस्वीर शेयर करते हुए बीजेपी पर सवाल उठाए हैं.

    तस्वीर शेयर करते हुए उन्होंने ट्विटर पर लिखा है- बीजेपी जिस प्रतिशोध से भारत के संविधान को चोट पहुँचा रही है, वो अब अल्पसंख्यकों के घरों तक पहुँच गया है. बीजेपी के नेता मुसलमानों से सब कुछ छीनने में एक-दूसरे से आगे निकलने में लगे हैं, वो चाहे उनके घर हों, आजीविका हो या उनकी प्रतिष्ठा हो.

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    महबूबा मुफ़्ती ने आगे लिखा है- कश्मीर मुसलमान होने के नाते हम पर अक्सर मूक दर्शक बने रहने का आरोप लगाया जाता है, जब कश्मीरी पंडितों को पलायन के लिए मजबूर किया गया था. लेकिन आज के भारत में बहुसंख्यक समुदाय की आपराधिक चुप्पी बेहद चिंताजनक और समस्या देने वाली है, ऐसे समय में जब बीजेपी भारत के विचार को ही ख़त्म कर रही है.

    रामनवमी के मौक़े पर मध्य प्रदेश के खरगोन में हिंसा हुई थी. बाद में सरकार ने कई घरों पर बुलडोज़र चलाए थे. सरकार पर आरोप है कि वो चुन-चुन कर अल्पसंख्यकों पर कार्रवाई कर रही है. लेकिन मध्य प्रदेश की सरकार इससे इनकार करती है. उसका कहना है कि वो बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई कर रही है.

  6. हार्दिक पटेल ने कहा- कांग्रेस पार्टी को 100 फ़ीसदी दिया है, आगे भी ऐसा ही करता रहूँगा

    हार्दिक पटेल

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    गुजरात में कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष हार्दिक पटेल ने पार्टी छोड़ने की अटकलों को ख़ारिज करते हुए कहा है कि उन्होंने आज तक पार्टी को श्रेष्ठ देने का काम किया है और वे आगे भी यही करने वाले हैं. दरअसल पिछले दिनों कार्यकारी अध्यक्ष पद पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा था कि उनकी स्थिति पार्टी में उस नए दूल्हे जैसी है, जिसकी नसबंदी करा दी गई हो.

    समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा कि अगर सच बोलना अपराध है, तो आप मुझे गुनाहगार समझिए. हार्दिक पटेल ने कहा कि गुजरात की जनता उनसे उम्मीद करती है. हालाँकि उन्होंने ये भी स्पष्ट किया कि पार्टी में छोटी-मोटी लड़ाइयाँ होती रहेंगी, लेकिन सबको मिलकर गुजरात को बेहतर बनाना है. हार्दिक पटेल ने कहा- फ़ैसले जितना जल्दी संभव हो, लिए जाने चाहिए. मैंने अभी तक अपना 100 फ़ीसदी कांग्रेस को दिया है और आने वाले दिनों में भी ऐसा ही करता रहूँगा. हम गुजरात में बेहतर विकास करेंगे.

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    हालाँकि बाद में ख़ुद हार्दिक पटेल ने ट्वीट कर स्थिति स्पष्ट की और कहा- सच बोलना चाहिए क्योंकि मैं पार्टी का भला चाहता हूँ. प्रदेश की जनता हमसे उम्मीद रखती है और हम उस उम्मीद पर खरे न उतर सके, तो फिर इस नेतागीरी का मतलब क्या हैं ! मैंने आज तक पार्टी को श्रेष्ठ देने का काम किया है और आगे भी करने वाला हूँ. पद के मोहताज नही काम के भूखे हैं.

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    गुजरात में इसी साल के आख़िर में विधानसभा चुनाव होने हैं. गुजरात में कई वर्षों से बीजेपी की सरकार है.

  7. जेएनयू के आसपास हिंदू सेना ने लगाए 'भगवा जेएनयू' के बैनर और झंडे

    जेएनयू

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    रविवार को हुई हिंसक झड़प के बाद दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) फिर से चर्चा में है. लेकिन इस बार चर्चा की वजह उसके मुख्य द्वार और आसपास के इलाक़े में लगाए गए 'भगवा जेएनयू' लिखे बैनर और भगवा झंडे हैं.

    समाचार एजेंसी एएनआई ने दिल्ली पुलिस के हवाले से बताया है, ''आज सुबह पता चला कि जेएनयू के पास की सड़क और आसपास के इलाक़े में कुछ बैनर और झंडे लगाए गए हैं. हाल की घटनाओं को देखते हुए, इसे तुरंत हटाते हुए उचित कार्रवाई की जा रही है.''

    वहीं पीटीआई ने बताया है कि हिंदू सेना नाम के एक संगठन ने इस मामले की ज़िम्मेदारी ली है. संगठन के प्रमुख विष्णु गुप्ता ने कहा है कि उसके राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुरजी​त सिंह यादव ने इन बैनरों को लगवाया है.

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    पीटीआई के अनुसार, व्हाट्सऐप पर प्रसारित एक वीडियो में हिंदू सेना प्रमुख विष्णु गुप्ता कह रहे हैं, ''जेएनयू कैंपस में भगवा को लगातार अपमानित किया जा रहा है. हम ऐसा करने वालों को चेतावनी देना चाहते हैं. सुधर जाइए. हम ऐसा होना बर्दाश्त नहीं करेंगे.''

    उन्होंने आगे कहा, ''हम आपकी विचारधारा और हर किसी के धर्म का सम्मान करते हैं. लेकिन भगवा का अपमान हम बर्दाश्त नहीं करेंगे और कड़े क़दम उठाए जा सकते हैं.''

    इससे पहले रामनवमी के दिन जेएनयू परिसर में दक्षिणपंथी और वामपंथी छात्र संगठनों के बीच हिंसक झड़प हो गई थी.

    • ये भी पढ़ें- जेएनयू में मारपीट: हवन या चिकन, हंगामे का सच: ग्राउंड रिपोर्ट
  8. चीन के सरकारी अख़बार ने भारत के समर्थन में लिखा और अमेरिका पर साधा निशाना

    नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग

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    चीन के सरकारी अख़बार ग्लोबल टाइम्स ने भारत के मुद्दे पर अमेरिका पर निशाना साधा है. पिछले दिनों अमेरिका और भारत में 2+2 मंत्रिस्तरीय बातचीत हुई थी. जिसमें भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस जयशंकर शामिल हुए. बैठक के बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ़्रेंस में अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने भारत में मानवाधिकार की स्थिति पर टिप्पणी की थी. लेकिन उस समय मौजूद भारत के दोनों मंत्रियों ने कोई टिप्पणी नहीं की.

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    हालाँकि बाद में एस जयशंकर ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा- सोमवार को वॉशिंगटन में 2+2 बैठक में भारत में मानवाधिकार को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई थी. लोग हमारे बारे में अपना विचार रखने का हक़ रखते हैं. लेकिन उसी तरह हमें भी उनके बारे में अपना विचार रखने का हक़ है. हमें उन हितों के अलावा लॉबियों और वोट बैंक पर भी बोलने का अधिकार है, जो इन्हें हवा देते हैं. हम इस मामले में चुप नहीं रहेंगे. दूसरों के मानवाधिकारों को लेकर भी हमारी राय है. ख़ासकर जब इनका संबंध हमारे समुदाय से हो. मैं आपको कह सकता हूँ कि अमेरिका समेत बाक़ियों के यहाँ मानवाधिकार की स्थिति को लेकर हमारे पास कहने के लिए है.

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    अब विदेश मंत्री एस जयशंकर की इस टिप्पणी वाली ऑप इंडिया की ख़बर को शेयर करते हुए ग्लोबल टाइम्स ने टिप्पणी की है कि अमेरिका के पास आज़ाद भारत में मानवाधिकार पर भाषण देने की कोई योग्यता नहीं है. ग्लोबल टाइम्स ने अपनी टिप्पणी में लिखा है- ये सही समय है कि अमेरिका भारत को कमतर आँकते हुए अपने ग्राहक देश के तौर पर समझने का सपना देखना बंद कर दे. अपनी उच्च नैतिकता की सवारी करना बंद कीजिए और उभरती हुई शक्तियों से बर्ताव करना सीखिए.

  9. इतिहास की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी हैकिंग में उत्तर कोरिया का हाथ: अमेरिका

    क्रिप्टो करेंसी

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    अमेरिकी जांच एजेंसी एफ़बीआई के अनुसार, एक ऑनलाइन गेमिंग कंपनी के साथ मार्च में हुई 61.5 करोड़ डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी चोरी मामले में उत्तर कोरिया के हैकरों का हाथ रहा है.

    असल में मार्च में 'एक्सी इनफ़िनिटी' नाम की एक लोकप्रिय ऑनलाइन गेमिंग कंपनी को ज़बरदस्त झटका लगा था. यह कंपनी अपने ग्राहकों को ऑनलाइन गेम खेल कर क्रिप्टोकरेंसी हासिल करने का मौक़ा देती है.

    अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, क्रिप्टोकरेंसी के इतिहास की इस सबसे बड़ी हैकिंग में उत्तर कोरिया के 'लाज़ारस' ग्रुप का हाथ रहा है. माना जाता है कि इस समूह का संचालन उत्तर कोरिया का ख़ुफ़िया ब्यूरो करता है.

    एफ़बीआई ने अपने बयान में गुरुवार को कहा, ''अपनी जांच में हमने पाया कि इस चोरी के लिए लाज़ारस ग्रुप और एपीटी38 के साइबर हमलावर ज़िम्मेदार रहे हैं.''

    लाज़ारस ग्रुप 2014 में तब चर्चा में आया था, जब उस पर सोनी पिक्चर्स की हैकिंग करके उसके गोपनीय आंकड़ों को सार्वजनिक करने का आरोप लगा था.

    इस समूह ने सोनी से उसकी आने वाली फ़िल्म 'द इंटरव्यू' को रिलीज़ न करने की मांग की थी. वो कॉमेडी फ़िल्म उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग उन को मारने के प्लॉट पर बनाई गई थी.

  10. एलन मस्क ने कहा- नहीं पता कि ट्विटर को ख़रीद पाऊंगा या नहीं

    एलन मस्क

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    टेस्ला और स्पेस एक्स के मालिक एलन मस्क ने कहा है कि वो निश्चित नहीं हैं कि ट्विटर को ख़रीदने की उनकी कोशिश सफल हो भी पाएगी या नहीं.

    उन्होंने कनाडा के वैंकूवर में आयोजित टेड 2022 सम्मेलन में यह बात कही.

    मस्क ने ये भी कहा है कि यदि ट्विटर उनकी इस पेशकश को ख़ारिज करता है, तो उनके पास एक 'प्लान बी' भी है. हालांकि उन्होंने अपनी इस योजना के बारे में कुछ नहीं बताया.

    उन्होंने उस कार्यक्रम में यह भी कहा कि ट्विटर को और 'खुला' और 'पारदर्शी' बनने की ज़रूरत है. उन्होंने कहा कि फ्री स्पीच के लिहाज से ट्विटर को समावेशी होना चाहिए.

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    क्या है एलन मस्क की पेशकश?

    उनका यह बयान उस ख़बर के सामने आने के बाद आया ​है, जिसमें कहा गया कि एलन मस्क ने ट्विटर को ख़रीदने के लिए क़रीब 40 अरब डॉलर की पेशकश की है.

    बताया गया है कि एलन मस्क ने ट्विटर के एक शेयर के बदले 54.20 डॉलर की पेशकश की है.

    इसके बाद ट्विटर के सीईओ पराग अग्रवाल ने गुरुवार को अपने कर्मचारियों से कहा था कि उनकी कंपनी इस पेशकश का मूल्यांकन कर रही है.

    रिपोर्ट के अनुसार, अग्रवाल ने कर्मचारियों के साथ हुई बैठक में कहा कि ट्विटर को इस पेशकश का बंधक नहीं बनाया जा रहा है.

  11. दक्षिण अफ़्रीका में भयानक बाढ़, अब तक 300 से अधिक की मौत

    पूर्वी दक्षिण अफ्रीका में आई भयानक बाढ़ से अब तक तीन सौ से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.

    चार दिनों से वहां भारी बारिश हो रही है. दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफ़ोसा ने कहा कि ये तबाही बता रही है कि जलवायु परिवर्तन से निपटना अब कितना ज़रूरी हो गया है.

    देखिए डरबन से बीबीसी संवाददाता शिंगाई न्योका की रिपोर्ट.

    वीडियो कैप्शन, दक्षिण अफ़्रीका में बाढ़ से हालात ख़राब
  12. यूक्रेन का दावा, खारकीएव में अब तक मारे गए 503 नागरिक

    यूक्रेन

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    यूक्रेन के पूर्वी खारकीएव क्षेत्र के प्रमुख ने दावा किया है कि रूस के हमला करने के बाद से कम से कम 503 नागरिक मारे जा चुके हैं.

    उन्होंने टेलिग्राम पर पोस्ट करते हुए कहा कि मरने वालों में 24 बच्चे शामिल हैं. उन्होंने लिखा, "वो बेगुनाह लोग हैं, हम उन्हें इसके लिए माफ़ नहीं करेंगे."

    बीबीसी मृतकों की इस संख्या की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता.

    खारकीएव रूस की सीमा से 40 किमी. दूर है. यहां युद्ध शुरू होने से पहले 15 लाख जनसंख्या थी.

    रूस के पूर्वी हिस्से की तरफ़ रुख करने के बावजूद खारकीएव में लड़ाई से राहत नहीं मिली है जबकि यूक्रेन के अन्य हिस्सों में लड़ाई रोकी गई है.

  13. COVER STORY : रूस पर नरसंहार का आरोप

    अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा यूक्रेन में रूस लगातार कर रहा है नरसंहार.

    इन आरोपों की जांच कर रही टीम के साथ बीबीसी ने भी की गवाहों और सबूतों की पड़ताल की. देखिए रिपोर्ट

    वीडियो कैप्शन, COVER STORY : रूस पर नरसंहार का आरोप
  14. रूस के साथ युद्ध के 50 दिन पूरे होने पर क्या बोले राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की

    राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की

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    यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने रूस के साथ युद्ध के 50 दिन पूरे होने पर देश को संबोधित किया और यूक्रेन को बचाने वालों को सम्मान दिया.

    ज़ेलेंस्की ने कहा, "बहादुर देश के अडिग लोग. हम 50 दिनों से डटे हुए हैं जबकि कब्ज़ा करने वालों ने हमें ज़्यादा से ज़्यादा पांच दिन दिए थे."

    उन्होंने कई पश्चिमी नेताओं के साथ बातचीत और बैठकों को याद करते हुए कहा, "इन 50 दिनों में मैंने दुनिया के कई नेताओं को अलग-अलग तरीक़े से देखा."

    उन्होंने कहा, "मैंने देखा कि राजनेता ऐसे व्यवहार कर रहे हैं जैसे उनके पास ताकत ही नहीं है. मैंने गैर-राजनीतिक लोग देखे जिन्होंने इन 50 दिनों में उन लोगों से ज़्यादा किया जो नेतृत्व करने का दावा करते हैं."

    ज़ेलेंस्की ने इस दौरान मोस्कवा युद्धपोत के डूबने का सीधे तौर पर ज़िक्र नहीं किया लेकिन यूक्रेनी सेना की तारीफ की और कहा कि उन्होंने ये दिखा दिया है कि "रूस के जहाज नीचे जा सकते हैं."

    उन्होंने कहा, "रक्षा करने के 50 दिन हमारे लिए उपलब्धि हैं. ये यूक्रेन के लाखों लोगों की उपलब्धि है. ये उन सभी की उपलब्धि है जिन्होंने 24 फरवरी को अपनी ज़िंदगी का अहम फ़ैसला लिया और कहा कि हमें लड़ना है."

  15. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन बोले, यूक्रेन के लिए भेजेंगे उच्चस्तरीय अधिकारी

    अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन

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    अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि वो यूक्रेन में राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की से मिलने के लिए अमेरिका से एक उच्च स्तरीय अधिकारी यूक्रेन भेजने पर विचार कर रहे हैं. वो अधिकारी बाइडन खुद भी हो सकते हैं.

    राष्ट्रपति बाइडन से यूक्रेन में अमेरिकी दौरे को लेकर सवाल पूछा गया था. इस पर उन्होंने कहा, ‘‘हम ये फ़ैसला ले रहे हैं.’’

    जब से उनसे पूछा गया कि क्या वो खुद जाने को तैयार हैं तो उन्होंने कहा, ‘हां.’

    राष्ट्रपति बाइडन की टिप्पणी के बाद एक व्हाइट हाउस अधिकारी ने फॉक्स न्यूज़ से कहा ‘‘अमेरिकी राष्ट्रपति को यूक्रेन भेजने की कोई योजना नहीं है.’’

    जो बाडइन और उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यूक्रेन के पड़ोसी देश पोलैंड की यात्रा की है.

    अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन या रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन के यूक्रेन दौरा करने की संभावना है.

    यूरोप के कई नेता राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की से बात कर चुके हैं. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने पिछले हफ़्ते यूक्रेन का दौरा भी किया था.

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