आईपीएल 2022: पंड्या की पारी पड़ी राजस्थान पर भारी, गुजरात टॉप पर
आईपीएल 2022 में गुजरात ने राजस्थान को 37 रनों से हराकर पॉइंट टेबल में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है.
लाइव कवरेज
कमलेश मठेनी, अभय कुमार सिंह and भूमिका राय
एलन मस्क ने 41 अरब डॉलर में ट्विटर को ख़रीदने की पेशकश की
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अरबपति कारोबारी एलन मस्क ने 41 अरब डॉलर में ट्विटर को ख़रीदने की पेशकश की है. ये ख़बर ऐसे समय में आई है जब कुछ ही दिनों पहले मस्क के कंपनी बोर्ड में शामिल न होने की घोषणा की गई थी.
एलन मस्क ने 54.20 डॉलर प्रति शेयर की पेशकश की है, जिसकी जानकारी गुरुवार को एक रेगुलेटरी फाइलिंग में दी गई थी. ऐसे में प्रीमार्केट ट्रेडिंग में ट्विटर के शेयर 12% उछले हैं.
बता दें कि एलन मस्क के पास ट्विटर की 9.2 फ़ीसदी की हिस्सेदारी है. मतलब ये है कि मस्क के पास ट्विटर फाउंडर जैक डॉर्सी की हिस्सेदारी (2.25 फ़ीसदी) से चार गुना से भी ज़्यादा शेयर हैं.
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अब मस्क ने ट्विटर के चैयरमेन ब्रेट टेलर को लिखे गए एक पत्र में कहा है, ''निवेश करने के बाद अब मुझे अहसास हुआ है कि कंपनी अपने मौजूदा स्वरूप में न तो अपने सामाजिक दायित्वों को पूरा कर सकेगी न ही इसे आगे बढ़ा सकेगी. ट्विटर को एक प्राइवेट के रूप में बदलने की जरूरत है."
उन्होंने आगे कहा है, "मेरा प्रस्ताव, मेरी तरफ़ से सबसे अच्छा और अंतिम प्रस्ताव है और अगर इसे स्वीकार नहीं किया जाता है, तो मुझे शेयरधारक के रूप में अपनी स्थिति पर फिर से सोचना होगा."
अखंड भारत वाले बयान पर कांग्रेस ने पूछा- मोहन भागवत जी कौन हैं, क्या वो पीएम हैं, गृह मंत्री हैं या जज हैं?
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कांग्रेस पार्टी ने अखंड भारत पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवात के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है.
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक़ आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने हरिद्वार में बुधवार को कहा था कि 15 साल में भारत अखंड भारत बन जाएगा.
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने न्यूज़ चैनल आज तक के साथ बातचीत में कहा- पहले तो मैं ये पूछना चाहती हूँ कि भागवत जी कौन हैं. क्या वो प्रधानमंत्री हैं, गृह मंत्री हैं, जज हैं?
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उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि मोहन भागवत की बातों का जवाब चुनी हुई सरकार को देना चाहिए. सुप्रिया श्रीनेत ने कहा- भागवत जी अखंड भारत की बात कर रहे हैं, हिंदू राष्ट्र की बात कर रहे हैं. मैं उनसे पूछना चाहती हूँ कि चीन हमारे घर में घुस कर बैठा है. मोदी जी तो उनका नाम नहीं लेते. आप लेंगे क्या उनका नाम? क्या करेंगे चीन को बाहर निकालने के लिए.
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इससे पहले शिवसेना सांसद संजय राउत ने भी मोहन भागवत के बयान पर चुटकी लेते हुए कहा था कि उन्हें ये वादा 15 सालों में नहीं 15 दिन में पूरा कर देना चाहिए. संजय राउत ने कहा था कि पाकिस्तान के क़ब्ज़े वाले कश्मीर, श्रीलंका और कंधार तक के इलाक़ों को मिला लेना चाहिए.
आंबेडकर जयंती पर फडणवीस का शरद पवार पर प्रहार, कश्मीर फ़ाइल्स और इशरत जहां का ज़िक्र
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संविधान निर्माता बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की जयंती पर महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, एनसीपी और एनसीपी चीफ़ शरद पवार पर निशाना साधते नज़र आए. एक के बाद एक कई ट्वीट में फडणवीस ने एक साथ कई आरोप लगाए हैं.
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अपने पहले ट्वीट में देवेंद्र फडणवीस ने जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्ज़ा वापस लिए जाने को लेकर ऐसा बताया है कि शरद पवार आर्टिकल 370 के हटाए जाने के विरोध में थे.
एक आर्टिकल शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, ''एक तरफ, हम डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की जयंती मना रहे हैं, जो जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्ज़ा देने वाले आर्टिकल 370 के ख़िलाफ़ थे. लेकिन डॉ आंबेडकर की इच्छाओं और मूल्यों के ख़िलाफ़ क्या कहा जा रहा है?''
तुष्टिकरण का आरोप
फडणवीस आगे लिखते हैं, ''हम द कश्मीर फाइल्स पर शरद पवार के अलग-अलग बयान सुन रहे हैं, ये बिल्कुल आश्चर्य की बात नहीं है. वास्तव में वो पूरी तरह से एनसीपी की तुष्टिकरण नीति के अपने पुराने ट्रैक पर ही है और सांप्रदायिक आधार पर समाज का ध्रुवीकरण कर रहे हैं.''
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दरअसल, एनसीपी चीफ़ शरद पवार द कश्मीर फाइल्स फिल्म की आलोचना कर चुके हैं और ये भी कह चुके हैं कि सत्ता में बैठे लोग इस फिल्म का प्रचार कर रहे हैं.
फडणवीस एक और आर्टिकल शेयर करते हुए अपने अगले ट्वीट में लिखते हैं, ''अंडरवर्ल्ड अपराधी दाऊद इब्राहिम से जुड़े मनी-लॉन्ड्रिंग के आरोप में उनके अपने मंत्री नवाब मलिक को गिरफ्तार किए जाने पर शरद पवार ने क्या कहा था, इसका हालिया उदाहरण यहाँ दिया गया है.''
इस आर्टिकल में लिखा गया है कि शरद पवार ने कहा था कि नवाब मलिक मुस्लिम हैं, इस वजह से उनका नाम दाऊद इब्राहिम से जोड़ा जा रहा है. इसके अलावा इशरत जहां, मालेगांव विस्फोट, 1993 मुंबई ब्लास्ट को लेकर शरद पवार के बयानों वाले आर्टिकल फडणवीस ने शेयर किए हैं और शरद पवार पर आरोप लगाए हैं.
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देवेंद्र फडणवीस ने अपने ट्वीट में लिखा है, ''जब हम सांप्रदायिक सौहार्द की उम्मीद करते हैं तो ऐसे दोहरे मापदंड क्यों? कश्मीरी पंडितों की पीड़ा को लेकर बनाई गई फिल्म किसी को क्यों परेशान करती है, सिर्फ़ इसलिए कि ये छद्म धर्मनिरपेक्ष एजेंडे को शोभा नहीं देता.''
उन्होंने आगे लिखा कि द कश्मीर फ़ाइल्स फिल्म किसी धर्म के ख़िलाफ़ नहीं लेकिन ये उन लोगों के ख़िलाफ़ है जो लोगों को जब दर्द होता है तो उसे दूसरी तरफ़ से देखने का फ़ैसला करते हैं, क्योंकि उन्हें ये लगता है कि ये उनके तुष्टिकरण के राजनीतिक एजेंडे जैसा है, जिससे सांप्रदायिक विभाजन होता है.
धर्म संसद में मुसलमानों के ख़िलाफ़ नहीं दिया गया भड़काऊ भाषण: दिल्ली पुलिस
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दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम
कोर्ट में कहा कि 19 दिसंबर को हुई धर्म संसद में मुस्लिम समुदाय के ख़िलाफ़
कोई भड़काऊ भाषण नहीं दिया गया था.
पुलिस ने कोर्ट में दाखिल
हलफ़नामे में कहा कि दिल्ली धर्म संसद में किसी विशेष समुदाय के ख़िलाफ़ कोई विशेष
शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया गया था.
दिल्ली पुलिस ने बताया कि कार्यक्रम के ख़िलाफ़ की गई शिकायतों की प्राथमिक जाँच की गई है. वहीं, भाषणों की
वीडियो रिकॉर्डिंग की जाँच भी हुई है और सभी जाँच-पड़ताल के आधार पर कार्यक्रम से
जुड़ी सभी शिकायतों की फाइलें बंद कर दी गई हैं.
पुलिस ने कहा, ‘‘वीडियो और अन्य सामग्री की गहन जाँच के बाद पाया है कि
किसी भी समुदाय के ख़िलाफ़ कोई भड़काऊ भाषण नहीं दिया है.’’
वहीं,
पुलिस ने ये भी कहा कि सुदर्शन टीवी के सुरेश चव्हाणके का दिल्ली धर्म संसद में दिया
गया भाषण भी भड़काऊ भाषण के तहत नहीं आता है.
हलफ़नामे
के मुताबिक, ‘‘ऐसा कोई शब्द नहीं था कि जिसका ये मतलब निकाला जा सके कि मुसलमानों के नरसंहार
की मांग या पूरे समुदाय की हत्या का आह्वान किया गया हो.’’
सुप्रीम
कोर्ट में हरिद्वार धर्म संसद और दिल्ली धर्म संसद में मुस्लिम समुदाय के ख़िलाफ़
दिए गए भड़काऊ भाषणों की स्वतंत्र जाँच की मांग को लेकर याचिका दायर की गई थी. इसी
याचिका के जवाब में दिल्ली पुलिस ने हलफ़नाम दायर किया है.
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मोस्कवा युद्धपोत का क्षतिग्रस्त होना रूस के लिए कितना बड़ा नुकसान, यूक्रेन के लिए फायदेमंद क्यों?
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इमेज कैप्शन, मोसकवा की तस्वीर (2008)
यूक्रेन और रूस के बीच की जंग लगातार जारी है. इस बीच दोनों ही देशों को अलग-अलग तरह का नुकसान झेलना पड़ रहा है.
अब ब्लैक सी में तैनात रूस के अहम युद्धपोत मोस्कवा को काफ़ी नुकसान पहुँचा है.
रूस का कहना है कि आग की वजह से मोस्कवा क्षतिग्रस्त हुआ है और वहाँ मौजूद गोला-बारूद में भी विस्फोट हो गया. युद्धपोत पर मौजूद क्रू के सभी सदस्यों को बाहर निकाल लिया गया.
वहीं यूक्रेन के अधिकारियों का कहना है कि यूक्रेन की दो मिसाइलों ने इस युद्धपोत को निशाना बनाया है- लेकिन अभी तक इस दावे की पुष्टि नहीं हुई है.
यूक्रेन का मनोबल बढ़ेगा- विश्लेषक
कीएव के नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज में रिसर्च फेलो मिकोल बिएलीस्कोव का कहना है कि ये घटना यूक्रेन के मनोबल को बढ़ाने वाला है और मनोवैज्ञानिक तौर पर यूक्रेन को मज़बूती मिलेगी.
हालाँकि, वो जानते हैं कि मोस्कवा एक पुराना जहाज़ है और रूस के नए जहाज़ यूक्रेन पर "कैलिबर क्रूज मिसाइलों" से हमला कर रहे हैं.
वो कहते हैं, ''बावजूद इसके, ये (मोस्कवा) रूस के ब्लैक सी फ्लीट के लिए अहम है और निश्चित तौर पर ये रूस के लिए बड़ा नुकसान है, ये नुकसान सिर्फ किसी सामान का नहीं बल्कि मनोबल पर भी इसका असर होगा.''
मिकोल आगे कहते हैं,''दूसरी तरफ़ ये यूक्रेन के मनोबल को बढ़ाने के लिए बेहद अहम होगा.''
बता दें कि मोस्कवा मिसाइल क्रूज़र 1980 के दशक में तैयार किय गया था. साल 2015 में सीरिया में भी रूस को इस युद्धपोत से काफ़ी मदद मिली थी.
हिजाब समर्थक कर्नाटक की आलिया ने सीएम बोम्मई से लगाई गुहार और कहा- हम देश का भविष्य
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कर्नाटक में हिजाब के समर्थन में आगे आने वाली 17 वर्षीय आलिया असादी ने राज्य के मुख्यमंत्री बासवराज बोम्मई से परीक्षा को लेकर गुहार लगाई है.
आलिया ने ट्वीट कर कहा है कि पीयू की दूसरी परीक्षा 22 अप्रैल से शुरू हो रही है.
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आलिया ने लिखा है- माननीय मुख्यमंत्री बासवराज बोम्मई, आपके पास हमारे भविष्य को बर्बाद होने से रोकने का अब भी मौक़ा है. आप हमें हिजाब पहनकर परीक्षा में शामिल होने की अनुमति देने का फ़ैसला कर सकते हैं. कृपया इस पर विचार करिए. हम इस देश का भविष्य हैं. कर्नाटक में शैक्षिक संस्थानों में हिजाब पहनने पर पाबंदी है.
कुछ महीने पहले इसे लेकर राज्य में काफ़ी विवाद हुआ था. ये मामला कोर्ट में भी गया था. कर्नाटक हाई कोर्ट ने हिजाब पर पाबंदी के राज्य सरकार के फ़ैसले को बहाल रखा था. अब ये मामला सुप्रीम कोर्ट में है. आलिया असादी उन याचिकाकर्ताओं में से एक थीं, जिन्होंने हिजाब पर पाबंदी के ख़िलाफ़ अदालत का दरवाज़ा खटखटाया था.
पंजाब के पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी की खनन मामले में ईडी के सामने पेशी
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पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने बताया है कि उन्हें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने खनन मामले में बुलाया था.
चन्नी ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि वे बुधवार को ईडी के सामने पेश हुए और उनके सवालों के जवाब दिए.
उन्होंने लिखा कि जो भी उन्हें जानकारी थी, उन्होंने ईडी को बता दिया.
चरणजीत सिंह चन्नी के मुताबिक़ इस मामले में ईडी ने अदालत में चालान पेश कर दिया है.
पूर्व सीएम का कहना है कि ईडी ने उन्हें फिर से आने को नहीं कहा है.
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अमरिंदर सिंह के त्यागपत्र के बाद पिछले साल कांग्रेस ने चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री बनाया था. कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने विधानसभा चुनाव में चन्नी को पार्टी का सीएम चेहरा घोषित किया था. हालाँकि इस रेस में उस समय पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष रहे नवजोत सिंह सिद्धू भी थे. लेकिन विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार हुई. आम आदमी पार्टी ने शानदार जीत हासिल की और भगवंत मान के नेतृत्व में उनकी सरकार चल रही है. चरणजीत सिंह चन्नी दोनों विधानसभा सीटों से चुनाव हार गए और सिद्धू को भी हार मिली.
संतोष पाटिल आत्महत्या मामले में कांग्रेस का प्रदर्शन, सीएम ने कहा- कांग्रेस भ्रष्टाचार की गंगोत्री
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इमेज कैप्शन, कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार
कर्नाटक में ठेकेदार संतोष
पाटिल की मौत के मामले में राज्य में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन जारी है.
कांग्रेस नेता डीके
शिवकुमार, सिद्धारमैया और अन्य नेताओं को आज सीएम बासवराज बोम्मई के घर की तरफ़
मार्च निकालते हुए हिरासत में लिया गया है.
कांग्रेस बीजेपी सरकार में
ग्रामीण विकास और पंचायत राज मंत्री केएस ईश्वरप्पा के इस्तीफ़े की मांग कर रही
है. केएस ईश्वरप्पा के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की गई है.
संतोष पाटिल के भाई प्रशांत पाटिल ने मंत्री ईश्वरप्पा के
ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज कराई है.
संतोष पाटिल ने मरने से पहले संदेश भेजकर ईश्वरप्पा पर काम
के बदले 40 प्रतिशत कमिशन की मांग करने का आरोप लगाया था. वो
मंगलवार को उडुपी ज़िले के एक लॉज में मृत पाए गए थे.
कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को लेकर कर्नाटक के सीएम
बासवराज बोम्मई ने कहा, ‘‘कांग्रेस के पास विरोध प्रदर्शन का कोई नैतिक अधिकार नहीं है. कांग्रेस भ्रष्टाचार
की गंगोत्री है. कल शव का पोस्टमार्टम किया गया था और अब प्राथमिक जांच (रिपोर्ट)
आ जाएगी और उसके आधार पर हम आगे कार्रवाई करेंगे.’’
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वहीं, कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने कहा, ‘‘वो (कर्नाटक के मुख्यमंत्री) अपने भ्रष्ट मंत्री को बचाना चाहते हैं. मुझे लगता है कि वो कुछ इस पूरी प्रक्रिया का हिस्सा हैं. अगर वो बीजेपी और अपनी सरकार की छवि बचाना चाहते हैं तो तुरंत गिरफ़्तार (केएस ईश्वरप्पा को) करें और भ्रष्टाचार का मामला दर्ज करें.’’
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तमिलनाडु के कन्याकुमारी में स्कूल के शिक्षक पर लगा धर्म परिवर्तन की कोशिश का आरोप
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तमिलनाडु में कन्याकुमारी के स्कूल में एक शिक्षक पर धर्म परिवर्तन की कोशिश का आरोप लगाया गया है.
राज्य के शिक्षा मंत्री अंबिल महेश ने बताया है कि इस मामले की जानकारी मिलते ही स्कूल के शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है.
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उन्होंने बताया कि इस मामले में जाँच चल रही है और जाँच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. अंबिल महेश ने राजनीतिक दलों से अनुरोध किया है कि वे इस मामले में राजनीति न करें. उन्होंने बताया कि स्कूल शिक्षा विभाग के मुताबिक़ छठी क्लास के एक छात्र के माता-पिता ने धर्म परिवर्तन की कथित तौर पर कोशिश को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी.
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शिकायत के मुताबिक़ शिक्षक ने ईसाई धर्म को महिमामंडित तो किया ही, हिंदुओं के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी भी की. तमिलनाडु के शिक्षा मंत्री ने बताया कि उन्हें इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट का इंतज़ार है ताकि ये पता चल सके कि वाकई में हुआ क्या था. सूचना और प्रसारण मंत्रालय में वरिष्ठ सलाहकार कंचन गुप्ता ने भी इस मामले पर ट्वीट कर सवाल पूछा है कि क्या अब अंतरात्मा बची नहीं है? उन्होंने लिखा है कि ऐसे शिक्षकों को अपनी बाक़ी ज़िंदगी जेल में बितानी चाहिए.
सरकार गिरने के बाद इमरान ख़ान की पहली जनसभा, उठाया न्यायपालिका पर सवाल
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पाकिस्तान की तहरीक-ए-इंसाफ़
पार्टी के अध्यक्ष इमरान ख़ान ने बुधवार को न्यायपालिका से सवाल किया कि शनिवार
रात को अदालत लगाने की ज़रूरत क्यों पड़ी.
कोर्ट के आदेश के बाद पिछले
शनिवार को ही इमरान सरकार के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया था जिसमें इमरान
ख़ान बहुमत साबित नहीं कर पाए.
इमरान ख़ान का कहना है कि उनके
इस्तीफ़े से पहले शनिवार रात को सुनवाई के लिए इस्लामाबाद हाई कोर्ट के दरवाजे खोले
गए थे.
इस पर हाई कोर्ट ने सफ़ाई
देते हुए कहा है कि अत्यंत ज़रूरी मामलों के लिए कोर्ट के तय समय के अतिरिक्त भी
सुनवाई हो सकती है.
सत्ता से हटने के बाद पहली
बार इमरान ख़ान ने जनसभा को संबोधित किया है.
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उन्होंने कहा, ‘‘रात के अंधेरे में आपने अदालतें लगाईं… मैं वो पाकिस्तानी हूँ, जिसे 45 साल से पाकिस्तानी कौम जानती है. क्या मैंने कभी क़ानून तोड़ा? कभी मैं जब क्रिकेट खेलता था, तो किसी ने कहा कि इमरान ख़ान मैच फिक्सिंग करता है?’’
‘‘मैं 25 साल से सियासत में हूँ लेकिन मैंने कभी अपने मुल्क की संवैधानिक संस्थाओं या न्यायपालिका के ख़िलाफ़ अपनी कौम को नहीं भड़काया. क्योंकि मेरा जीना-मरना पाकिस्तान में है. मैं आपसे पूछता हूँ कि मैंने क्या जुर्म किया था कि रात के 12 बजे आपने अदलातें लगाईं?’’
मोहन भागवत के अखंड भारत वाले बयान पर शिवसेना सांसद संजय राउत का कटाक्ष
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शिवसेना सांसद संजय राउत ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के अखंड भारत पर बयान को लेकर कटाक्ष किया है.
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक़ बुधवार को हरिद्वार में मोहन भागवत ने कहा था कि 15 साल में भारत अखंड भारत बनेगा और ये सब हम अपनी आँखों से देखेंगे. रिपोर्टों के मुताबिक़ उन्होंने ये भी कहा था कि सनातन धर्म ही हिंदू राष्ट्र है.
लेकिन मोहन भागवत के इस बयान पर संजय राउत ने चुटकी ली है. पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि आप ऐसा 15 साल में नहीं 15 दिन में करिए.
संजय राउत ने कहा कि सर संघचालक मोहन भागवत उनके लिए आदरणीय हैं.
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उन्होंने कहा- अगर अखंड हिंदुस्तान की कोई बात करता है, तो उसे सबसे पहले पाकिस्तान के क़ब्ज़े वाले कश्मीर को हिंदु्स्तान में जोड़ना होगा. विभाजन से पहले वाले पाकिस्तान को जोड़ना होगा. कंधार तक हमारी सीमाएँ थी, तो वो भी ले लीजिए, श्रीलंका को भी लीजिए और एक अखंड हिंदुस्तान, एक महासत्ता बना लीजिए. संजय राउत ने कहा कि लेकिन 15 साल का वादा मत करिए, 15 दिन में करिए या दो साल में करिए. पूरा देश आपके साथ है. ये देश के लिए गर्व की बात है.
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शिवसेना सांसद ने कश्मीरी पंडितों का मुद्दा भी उठाया और कहा कि उनकी कश्मीर फ़ाइल भी पर्दे पर खुली है. कश्मीरी पंडितों की घर वापसी बहुत ही सुरक्षित तरीक़े से होनी चाहिए.
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उन्होंने कहा- आपका अखंड हिंदुस्तान का जो इरादा है, उसका हम ज़रूर समर्थन करेंगे. देश के सभी राजनीतिक दल, जो आपके विरोधी भी हैं, वे भी आपका समर्थन करेंगे. अखंड हिंदुस्तान का सपना कौन नहीं देखेता है. सावरकर का ये सपना था, बाला साहब ठाकरे का ये सपना था.
अमेरिका के आरोपों पर चुप्पी क्यों साधे रखी राजनाथ सिंह और जयशंकर ने: शरद पवार
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राष्ट्रवादी कांग्रेस
पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश
मंत्री एस जयशंकर पर अमेरिका के भारत पर लगाए मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों का
खंडन ना करने को लेकर सवाल उठाया है.
सोमवार को अमेरिकी विदेश
मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा था कि अमेरिका भारत में कुछ अधिकारियों के ‘‘मानवाधिकार उल्लंघन’’ के बढ़ते मामलों की निगरानी कर रहा है.
ब्लिंकन ने कहा, ‘‘हम इन साझे मूल्यों पर अपने भारतीय सहयोगियों से लगातार बात
कर रहे हैं. हम भारत में हाल में हुई कुछ घटनाओं की निगारानी कर रहे हैं. जिनमें
कुछ सरकार, पुलिस और जेल अधिकारियों ने किए हैं.’’
इस पर बुधवार को शरद पवार ने कहा, ‘‘रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस जयशंकर
वहां मौजूद थे उन्हें कुछ कहना चाहिए था. इसके बजाय वो चुप रहे.’’
उन्होंने कहा, ‘‘देश की समस्याओं पर (बाहर) बात करना देश की प्रतिष्ठा को नुक़सान पहुंचाता है.
अगर देश में कुछ गलत है तो उस पर दूसरे के सामने बात करने की बजाए उसे रोकना चाहिए.’’
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भारतीय विदेश मंत्री का जवाब
ब्लिकंन की टिप्पणी के बाद सोमवार को राजनाथ सिंह और एस जयशंकर ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी.
लेकिन, बुधवार को वॉशिंगटन में भारतीय मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए एस जयशंकर ने ब्लिकंन की टिप्पणी पर दो टूक प्रतिक्रिया दी है.
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इमेज कैप्शन, बुधवार को वॉशिंगटन में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर
जयशकंर ने कहा, ''सोमवार को वॉशिंगटन में 2+2 बैठक में भारत में मानवाधिकार को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई थी. लोग हमारे बारे में अपना विचार रखने का हक़ रखते हैं. लेकिन उसी तरह हमें भी उनके बारे में अपना विचार रखने का हक़ है. हमें उन हितों के अलावा लॉबियों और वोट बैंक पर भी बोलने का अधिकार है, जो इन्हें हवा देते हैं. हम इस मामले में चुप नहीं रहेंगे. दूसरों के मानवाधिकारों को लेकर भी हमारी राय है. ख़ासकर जब इनका संबंध हमारे समुदाय से हो. मैं आपको कह सकता हूँ कि अमेरिका समेत बाक़ियों के यहाँ मानवाधिकार की स्थिति को लेकर हमारे पास कहने के लिए है.''
एस जयशंकर के इस जवाब की काफी चर्चा भी हो रही है. सोशल मीडिया पर इसकी तारीफ़ भी की जा रही है.
अफ़ग़ानिस्तान की तालिबान सरकार ने कहा- हमारे यहाँ के मानवाधिकार पर चिंता न करे अमेरिका
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अफ़ग़ानिस्तान की तालिबान सरकार ने अमेरिकी विदेश मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट में मानवाधिकार पर सवाल उठाने को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है.
तालिबान सरकार के प्रवक्ता ज़बीउल्लाह मुजाहिद ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में मानवाधिकार पर अमेरिका की रिपोर्ट सच्ची नहीं है.
उन्होंने ट्वीट कर लिखा है- अफ़ग़ानिस्तान में मानवाधिकार उस समय ख़त्म हो गया था, जब क़ब्ज़ा करने वाला अमेरिका और उसके सहयोगी हर दिन 200 अफ़ग़ानियों को मार रहे थे. उनके घरों पर बमबारी की जा रही थी.
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ज़बीउल्लाह मुजाहिद ने आरोप लगाया कि उस दौरान क़रीब 15000 राजनीतिक क़ैदी रखे गए थे. उन्होंने ट्वीट में लिखा है- मौजूदा समय में कोई भी अमानवीय कार्य नहीं है. यहाँ सभी वैध मानवाधिकारों की गारंटी दी जाती है. इसलिए यहाँ के बारे में चिंता करने की कोई वजह नहीं है. अमेरिका ने मानवाधिकार पर अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा है कि पिछले साल 15 अगस्त से पहले अफ़ग़ानिस्तान में एक चुनी हुई सरकार थी. लेकिन इसके बाद तालिबान ने सत्ता पर नियंत्रण कर लिया और अपने लोगों को सरकार में बिठा दिया. अमेरिका ने विस्तार से अफ़ग़ानिस्तान की मौजूदा स्थिति पर जानकारी दी है और दावा किया है कि वहाँ मानवाधिकार की स्थिति चिंतित करने वाली है.
शहबाज़ शरीफ़ के पाकिस्तान का पीएम बनने पर पहली बार बोला अमेरिका
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अमेरिका ने शहबाज़ शरीफ़ के पाकिस्तान का नया प्रधानमंत्री बनने पर पहली बार प्रतिक्रिया दी है.
अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने इस संबंध में बयान जारी किया है.
ब्लिंकन ने कहा है कि पाकिस्तान 75 वर्षों से व्यापक आपसी हितों पर एक अहम साझेदार रहा है.
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ब्लिंकन ने बयान में कहा है- आप इस रिश्ते की कद्र करते हैं. अमेरिका पाकिस्तान के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ को बधाई देता है. हम पाकिस्तान के साथ लंबे समय से चले आ रहे सहयोग को आगे बढ़ाने की उम्मीद करते हैं. उन्होंने बयान में कहा है कि अमेरिका एक मज़बूत, समृद्ध और लोकतांत्रिक पाकिस्तान को दोनों देशों के हितों के लिए ज़रूरी मानता है.
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पिछले दिनों इमरान ख़ान ने अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग से पहले ये आरोप लगाया था कि उनकी सरकार को गिराने के लिए विदेशी ताक़ते यहाँ के लोगों से मिलकर साज़िश कर रही हैं. इस क्रम में उन्होंने एक बार अमेरिका का भी नाम लिया था. इसके बाद अमेरिका ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा था कि इन आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है. एक दिन पहले ही पाकिस्तान ने भारत और अमेरिका के बीच 2+2 मंत्रिस्तरीय बैठक के बाद साझा बयान में पाकिस्तान के ज़िक्र पर कड़ी आपत्ति भी जताई थी.
आंबेडकर के दलितों को लेकर देखे सपने कितने साकार हुए?
लखनऊ से LIVE: आंबेडकर के दलितों को लेकर देखे सपने कितने साकार हुए. लोगों से बात कर रहे हैं बीबीसी संवाददाता अनंत झणाणे.
क्या भविष्य में ड्रोन से लड़े जाएँगे युद्ध? – दुनिया जहान
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इस साल फरवरी में रूसी सेना का विशाल काफिलायूक्रेन की राजधानी पर कब्ज़े के लिए आगे बढ़ रहा था. उधर कीएव हमले का सामना करने की तैयारी कर रहा था.
रक्षा क्षेत्र में निवेश, लड़ाकू विमानों और टैंकों के उत्पादन और हथियारों की संख्या के मामले में रूसी सेना यूक्रेनी सेना के मुक़ाबले कहीं बड़ी है, लेकिन यूक्रेन के लिए ड्रोन इस युद्ध में अहम साबित हो रहे हैं.
रूसी सैनिक लंबी सर्द रातें गाड़ियों में बिताने को बाध्य थे. खुद को गर्म रखने के लिए उन्हें गाड़ियों और टैंकों का इंजन चालू रखना पड़ रहा था. इसका फायदा उठाया यूक्रेनी ड्रोन्स ने, जो रात के अंधेरे में गाड़ियों के इंजन की गर्मी से उनके ठिकाने का सटीक अंदाज़ा लगाकर उनपर हमले करने लगे.
युद्ध के मैदान में ड्रोन के बढ़ते इस्तेमाल से ये सवाल पैदा हो रहा है कि क्या एक समय ऐसा आएगा जब लड़ाईयाँ ड्रोन से लड़ीं जाएँगी?
हार्दिक पटेल बोले- पार्टी में मेरी स्थिति नए दूल्हे की नसबंदी कराने की तरह
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गुजरात में कांग्रेस के नेता हार्दिक पटेल ने पार्टी पर उनकी उपेक्षा करने का आरोप लगाया है. हार्दिक पटेल ने कहा है कि उनकी स्थिति पार्टी में उस नए दूल्हे जैसी है, जिसकी नसबंदी करा दी गई हो.
हार्दिक पटेल ने यह भी कहा कि पाटीदार समाज के नेता नरेश पटेल के बारे में कोई फ़ैसला न लेकर कांग्रेस पाटीदार समाज का अपमान कर रही है. हार्दिक पटेल क्यों हैं कांग्रेस से नाराज़, पढ़ें पूरी ख़बर.
पीएम मोदी के लोकसभा क्षेत्र बनारस में MLC चुनाव क्यों हारी बीजेपी?
असम में जहरीले मशरूम खाने से 35 लोग बीमार, 13 की मौत
दिलीप कुमार शर्मा जोरहाट से, बीबीसी हिंदी के लिए
इमेज स्रोत, VIKAS KUMAR/BBC
इमेज कैप्शन, सांकेतिक तस्वीर
असम में जहरीले मशरूम
खाने से 13 लोगों की मौत हो गई है.
असम मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एएमसीएच) के अधीक्षक डॉ. प्रशांत दिहिंगिया ने बताया
कि ऊपरी असम के चार ज़िलों में जहरीले मशरूम खाने से पिछले दो दिनों में 13 लोगों की मौत हुई है.
डॉ. दिहिंगिया ने जानकारी
देते हुए कहा, "पिछले पांच दिनों
में एएमसीएच में ऊपरी असम के चराईदेव, डिब्रूगढ़, शिवसागर और
तिनसुकिया ज़िलों से जहरीले मशरूम खाने से बीमार पड़े 35 मरीजों को भर्ती किया गया था, जिनमें से 13 मरीजों की मौत
हो गई है."
उन्होंने बताया, “सोमवार को चार मौतें हुई थीं जबकि मंगलवार को नौ और लोगों की मौत हो गई. सभी पीड़ितों ने अपने घरों में
जंगली जहरीले मशरूम को सामान्य मशरूम समझकर खा लिया था. इस मशरूम को खाने के बाद उन
सभी को जी मिचलाना, उल्टी और पेट में
मरोड़ जैसी शिकायत हुई. जब तबीयत ज़्यादा खराब होने लगी तो उनको एएमसीएच में इलाज के लिए लाया गया."
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इमेज कैप्शन, असम मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल
पिछले पांच दिनों में 31 वयस्कों और चार बच्चों को जहरीले मशरूम के कारण एएमसीएच में भर्ती कराया गया है. जिन 13 मरीजों की मौत हुई है उनमें 12 वयस्क थे और एक नाबालिग था. जबकि 2 मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है.
भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में खाने में मशरूम काफ़ी प्रचलित है. लेकिन ऐसा माना जाता है कि असम में खाए जाने वाले इस मशरूम की जानकारी केवल राज्य की कुछ ही जनजातियों को है.
ऐसे में असम में हर साल जहरीले मशरूम खाने से बीमार पड़ने के मामले सामने आते रहते हैं. कई बार जहरीले मशरूम के सेवन से होने वाली मौतों के बारे में जानकारियां सामने नहीं आतीं. ज़्यादातर पीड़ित चाय बागान समुदाय से होते हैं.
जंगली मशरूम की हज़ारों प्रजातियों का तेज़ी से अध्ययन किया जा रहा है. इनमें से करीब 100 प्रजातियां गंभीर बीमारी का कारण बन सकती हैं और घातक साबित होती हैं.
न्यूयॉर्क हमले के अभियुक्त को पुलिस ने किया गिरफ़्तार
इमेज स्रोत, GETTY IMAGES
इमेज कैप्शन, न्यूयॉर्क में हुए हमले के मामले में फ्रैंक आर जेम्स को गिरफ़्तार किया गया है.
न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन में सबवे ट्रेन में हुए हमले के अभियुक्त
को गिरफ़्तार कर लिया गया है.
क़रीब 30 घंटे की तलाश के बाद इस मामले में 62
साल के फ्रैंक आर जेम्स को गिरफ़्तार किया गया.
अधिकारियों के मुताबिक़ फ्रैंक जेम्स को मैनहटन से बुधवार
दोपहर को गिरफ़्तार किया गया था. पुलिस को अभियुक्त के वहाँ होने की सूचना मिली
थी.
न्यूयॉर्क के मेयर एरिक एडम्स ने एक न्यूज़ कॉन्फ्रेंस में
कहा, ‘‘मेरे न्यूयॉर्क
वासियों, हमने उसे पकड़ लिया है.’’
अधिकारियों ने कहा कि फ्रैंक जेम्स इस मामले में अकेला
संदिग्ध था.
ब्रुकलिन में सनसेट पार्क
में 36वें स्ट्रीट स्टेशन
में मंगलवार को किसी हमलावर ने स्मोक बम फेंका और फिर लोगों पर फायरिंग कर दी. इस हमले में 10 लोग गोली लगने से और 23 लोग भगदड़ में घायल हो गए.
संदिग्ध हमलावर के बारे में
कुछ चश्मदीदों ने बताया था कि उसने नारंगी रंग की कंस्ट्रक्शन वेस्ट और संभावित
रूप से गैस मास्क पहना था.
इमेज स्रोत, NYPD
पुलिस को कैसे मिली सूचना
पुलिस ने इस बात की जानकारी नहीं दी कि किसने पुलिस को अभियुक्त के बारे में सूचना दी थी.
लेकिन, एसोसिएटेड प्रेस और सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक़ संदिग्ध ने ख़ुद पुलिस को मेनहटन में अपने होने की सूचना दी थी.
सबसे स्टेशन पर लगे कैमरा ख़राब होने के चलते भी फ्रैंक जेम्स को ढूंढना मुश्किल हो रहा था.
पुलिस ने बताया कि संदिग्ध मौक़े से फ़रार हो गया था लेकिन किराए पर ली गई एक यू-हॉल वैन के तार उससे जोड़े जा रहे थे.
ये वैन फिलाडेल्फिया में किराए पर ली गई थी और हमले की जगह से इसकी चाबी मिली थी. मौके से एक हैंडगन, तीन बंदूक की मैगज़ीन, पेट्रोल से भरा एक प्लास्टिक का कंटेनर और फ्रैंक जेम्स के नाम का एक क्रेडिट कार्ड भी मिला था.
इस मामले में दोषी पाए जाने पर फ्रैंक जेम्स को आजीवन जेल की सजा हो सकती है.