यूक्रेन के साथ बातचीत पटरी से उतरी: पुतिन

पुतिन ने यूक्रेन की राजधानी कीएव के आसपास से रूसी सेनाओं के पीछे हटने के बाद बातचीत के बारे में पहली बार सार्वजनिक तौर पर बयान दिया है.

लाइव कवरेज

प्रियंका झा and दीपक मंडल

  1. टेस्ट इतिहास में भारत की वो जीत जिस पर आज भी यक़ीन करना मुश्किल है

    क्रिकेट

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    इमेज कैप्शन, सुनील गावस्कर

    भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे कामयाब दिन की चर्चा हो तो आम क्रिकेट प्रेमियों को 25 जून का ध्यान आता है. इसी दिन 1983 में कपिल देव की अगुवाई में भारत ने वर्ल्ड कप जीतने का करिश्मा कर दिखाया था. उसका असर वाक़ई कई पीढ़ियों पर रहा भी. लेकिन इस कामयाबी से सात साल पहले भारतीय क्रिकेट टीम ने वो कारनामा कर दिखाया था जो सालों साल तक रिकॉर्ड बुक में रहा और उस पर आज भी यक़ीन करना मुश्किल है.

    ये 12 अप्रैल, 1976 की बात है. भारतीय क्रिकेट टीम वेस्टइंडीज़ के दौरे पर थी और पोर्ट ऑफ़ स्पेन के क्विंस पार्क ओवल मैदान में खेले जा रहे टेस्ट का आख़िरी दिन था. टेस्ट की चौथी पारी में जीत के लिए 403 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम को एक विकेट पर 134 रनों की पारी से खेल को आगे बढ़ाना था.

    यानी मैच के आख़िरी दिन वेस्टइंडीज़ के तूफ़ानी गेंदबाज़ों के सामने 279 रन बनाने की चुनौती थी. यह चुनौती कितनी बड़ी थी, इसका अंदाज़ा इससे लगाया जा सकता है कि टेस्ट क्रिकेट इतिहास में इससे पहले यह कारनामा महज़ एक ही बार हुआ था. 1948 में डॉन ब्रैडमैन के नाबाद 173 रनों की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने लीड्स टेस्ट में चौथी पारी में तीन विकेट पर 403 रन बनाकर इंग्लैड को हराया था. उस टेस्ट में डॉन ब्रैडमैन के अलावा पहली पारी में नील हार्वे और दूसरी पारी में ऑर्थर मौरिस ने भी ज़ोरदार शतक बनाए थे.

  2. अबू सलेम की सज़ा क्या होगी? आडवाणी के वादे पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से मांगा जवाब

    अबू सलेम

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    सुप्रीम कोर्ट ने गैंगस्टर अबू सलेम की सज़ा के मामले में केंद्र सरकार से जवाब मांगा है.

    सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्रीय गृह सचिव को निर्देश दिया कि वह हलफनामा दाखिल कर बताएं कि क्या सरकार अबू सलेम की सजा पर तत्कालीन उप प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी की ओर से दी गई गारंटी पर टिकी रहना चाहती है.

    आडवाणी ने पुर्तगाल सरकार को इस बात की गारंटी दी थी कि अबू सलेम की सज़ा 25 साल से ज्यादा की नहीं होगी. अब सुप्रीम कोर्ट ने पूछा है कि केंद्र सरकार का इस पर क्या रुख है?

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस एम एम सुंदरेश की बेंच ने कहा कि जवाब देने के लिए 'आखिरी मौका' दिया जा रहा है.

    अदालत ने हलफनामा दायर करने में हुई देरी पर नाराजगी जताते हुए कहा, ''ये ठीक नहीं है. अगर आपके गृह सचिव इतने व्यस्त हैं तो हम उन्हें यहां बुला सकते हैं.''

    अबू सलेम (बीच में)

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    इस पर सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि इस संबंध में कुछ कम्यूनिकेशन गैप रहा होगा. हालांकि जवाब 18 अप्रैल को या उसके पहले दाखिल कर दिया जाएगा. अबू सलेम के वकीलों का कहना था 1993 के मुंबई बम ब्लास्ट के अभियुक्त गैंगस्टर को 25 साल से अधिक जेल नहीं हो सकती.

    भारत और पुर्तगाल के बीच प्रत्यर्पण संधि के मुताबिक सलेम को इससे ज्यादा दिनों तक जेल में नहीं रखा जा सकता.

    सलेम को 1993 के मुंबई बम ब्लास्ट का दोषी ठहराया गया था. सलेम पुर्तगाल भाग गया था, जहां से उसे वापस लाया गया था. उसे गुजरात से मुंबई तक हथियार पहुंचाने का दोषी ठहराया गया था. इस मामले में उसे उम्रकैद की सजा दी गई थी.

    25 फरवरी 2015 को स्पेशल टाडा अदालत ने सलेम को मुंबई के बिल्डर प्रदीप जैन और उनके ड्राइवर मेंहदी हसन की हत्या के आरोप में सलेम को दोषी ठहराया था. इस मामले में भी सलेम को उम्र कैद की सजा सुनाई गई थी.

    प्रदीप जैन और उनके ड्राइवर की हत्या 1995 में की गई थी.

  3. फणीश्वरनाथ रेणु: ‘मैला आँचल’ दिखाने वाले साहित्यकार का घर-गांव किस हाल में है?

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    उपन्यासकार फणीश्वरनाथ रेणु हिंदी साहित्य के सबसे सफल और प्रभावी लेखकों में से एक रहे हैं.

    'मैला आँचल' और 'परती परिकथा' जैसे उनके अमर उपन्यासों और 'मारे गए गुलफ़ाम', जिस पर गीतकार शैलेंद्र ने बासु भट्टाचार्य के निर्देशन में फ़िल्म 'तीसरी क़सम' बनाई थी, ऐसी अनेक कहानियों के शिल्पी फणीश्वरनाथ नाथ रेणु को उनके उसूलों और मानवीय मूल्यों के लिए ताउम्र संघर्ष करने वाली शख़्सियत के तौर पर जाना जाता है.

    लेकिन आज उनका परिवार उनकी विरासत और रचनाओं को संजोने के लिए संघर्ष कर रहा है.

    उनके बेटों का कहना है कि बिहार के अररिया ज़िले में स्थित उनके घर को संरक्षित करने के लिए उन्हें अपनी ज़मीन बेचने तक की नौबत आ गई है.

    वीडियो रिपोर्ट: विष्णु नारायण, बीबीसी के लिए एडिटिंग: निमित वत्स

  4. जेएनयू में रामनवमी के दिन हुई हिंसा पर केंद्र सरकार ने मांगी रिपोर्ट

    जेएनयू हिंसा

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    भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी कैंपस में रामनवमी के दिन छात्र गुटों के बीच हुई हिंसा पर रिपोर्ट मांगी है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई ने शिक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से बताया है कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत जेएनयू कैंपस में रामनवमी के दिन छात्र गुटों के बीच हुई झड़प पर औपचारिक रिपोर्ट मांगी गई है.

    रविवार को जेएनयू के कावेरी हॉस्टल के मेस में कथित तौर पर नॉनवेज खाना परोसे जाने के मुद्दे पर दो छात्र गुटों के बीच झड़प हो गई थी.

    पुलिस का कहना है कि इस हिंसा में 20 छात्र घायल हुए हैं. सोमवार को दोनों छात्र गुटों ने एक दूसरे के ख़िलाफ़ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है.

    हालांकि यूनिवर्सिटी प्रशासन का दावा है कि कैंपस में हवन कराए जाने पर कुछ छात्रों को आपत्ति थी जिसके बाद हिंसा भड़की. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने भी हिंसा की यही वजह बताई है.

    यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्रों को चेतावनी देते हुए है कि कैंपस में किसी हिंसा में संलिप्त पाए जाने पर उनके ख़िलाफ़ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.

    वामपंथी छात्र संगठन आइसा के कई छात्रों ने सोमवार को दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर इकट्ठा होकर हिंसा में शामिल एबीवीपी सदस्यों की गिरफ़्तारी की मांग की.

  5. पाकिस्तान: शहबाज़ शरीफ़ को कितना जानते हैं आप?

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    पाकिस्तान में इमरान ख़ान के इस्तीफ़े के बाद अब शहबाज़ शरीफ़ अगले प्रधानमंत्री होंगे.

    आइए जानते हैं क्या है शहबाज़ शरीफ़ की कहानी.

  6. गोवा: हिंदू संगठनों ने मस्जिदों से लाउडस्पीकर पर अज़ान बंद करने की मांग की

    गोवा

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    गोवा में एक दक्षिणपंथी हिंदू संगठन हिंदू जनजागृति समिति ने मस्जिदों से अज़ान के लिए लाउडस्पीकर के गैरकानूनी इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग की है.

    संगठन के प्रतिनिधियों ने नॉर्थ गोवा के डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर का मामु हेग को एक ज्ञापन सौंप कर मांग की है कि वह राज्य की मस्जिदों से अज़ान के लिए लाउडस्पीकर के गैरकानूनी इस्तेमाल रोकने का आदेश जारी करें.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक हिंदू जनजागृति समिति गोवा के संयोजक मनोज सोलंकी ने कहा कि नॉर्थ गोवा के एडिशनल कलेक्टर ने मस्जिदों से अज़ान के लिए लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर बैन लगाने के आदेश जारी किए थे.

    मार्च 2021 में वरुण प्रिओलकर ने मस्जिदों से अज़ान के दौरान लाउडस्पीकर का इस्तेमाल रोकने के लिए हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी. हाई कोर्ट की गोवा बेंच ने इस पर संज्ञान लेते हुए प्रशासन को प्रिओलकर की शिकायत पर ध्यान देने को कहा था.

    एडिशनल कलक्टर ने प्रिओलकर की शिकायत सुनने और इलाके की मस्जिदों से जवाब मंगवाने के बाद प्रशासन से इजाजत के बगैर लाउडस्पीकर इस्तेमाल नहीं करने को कहा था. हिंदू जनजागृति समिति का कहना है कि इस निर्देश के बावजूद मस्जिदों से अज़ान के दौरान लाउडस्पीकरों का इस्तेमाल जारी है.

  7. यूक्रेन की लड़ाई में रूस को अपने सैकड़ों टैंक क्यों गँवाने पड़े

    कीएव के नज़दीक़ एक तबाह रूसी टैंक पर यूक्रेनी सैनिक

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    इमेज कैप्शन, कीएव के नज़दीक़ एक तबाह रूसी टैंक पर यूक्रेनी सैनिक

    ऐसा माना जाता है कि यूक्रेन पर हमले के दो महीने के भीतर रूस ने अपने सैकड़ों टैंक गँवा दिए हैं.

    सैन्य मामलों के जानकारों का कहना है कि टैंकों का ये नुक़सान उन एंटी टैंक हथियारों की वजह से हुआ है जो पश्चिमी देशों ने यूक्रेन को दिए हैं.

    साथ ही विशेषज्ञों का कहना है कि रूस ने जिस ख़राब तरीक़े से अपने टैंकों का इस्तेमाल किया है उस वजह से भी उसके टैंक नष्ट हुए हैं.

    रूसी टैंकों का नुक़सान कितना बड़ा?

    यूक्रेन की सेना का कहना है कि रूस ने अपने 680 से ज़्यादा टैंक लड़ाई में गँवा दिए हैं.

    इस बीच लड़ाई के मैदान से भेजी गई तस्वीरों के आधार पर यूक्रेन में रूस की हानि का विश्लेषण करने वाले सैन्य और इंटेलिजेंस ब्लॉग - ओरिक्स का कहना है कि जंग में रूस ने 460 से ज़्यादा टैंक और 2,000 से ज़्यादा बख़्तरबंद गाड़ियां खोई हैं.

  8. यूक्रेन युद्ध का असर: यूरोप और रूस के बीच बढ़ती दूरी से क्या इसराइल को हो सकता है फ़ायदा?

    इसराइल

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    यूक्रेन हमले के बाद यूरोपीय देश रूस के तेल और गैस पर निर्भरता कम करने की कोशिश में लगे हैं. यूरोप की इस कोशिश में इसराइल को अपनी गैस का बाज़ार नजर आ रहा है.

    इसराइली विदेश मंत्री येइर लेपिड ने हाल की अपनी एथेंस यात्रा के बाद कहा कि यूक्रेन युद्ध से यूरोप और मध्य पूर्व के देशों के एनर्जी मार्केट का स्ट्रक्चर बदल सकता है.

    उन्होंने कहा कि वह यूरोपीय देशों में और अधिक आर्थिक सहयोग का मौका तलाश रहे हैं. इस कोशिश में एनर्जी मार्केट की संभावाना तलाशने पर जोर होगा.

    समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक इसराइल अपने समुद्र तटों से गैस निर्यात के लिए रास्ता बनाने की कोशिश पिछले कई साल से करता आ रहा है. हालांकि इसके नतीजे मिले-जुले रहे हैं.

    तुर्की ने इसराइल की गैस पाइपलाइन में दिलचस्पी दिखाई है. इसके ऊर्जा मंत्री अगले कुछ हफ्तों में इसराइल का दौरा कर सकते हैं. वर्षों की कड़वाहट के बाद तुर्की और इसराइल के बीच हाल में रिश्ते सुधरते दिखे हैं.

    इसराइल ने 2020 में ग्रीस और साइप्रस के साथ गैस सप्लाई के लिए समझौता किया था. इसके तहत इसराइल से यूरोप तक गैस पहुंचाने के लिए जो पाइपलाइन बनेगी वो ग्रीस और साइप्रस से गुजरेगी.

    यूरोपीय यूनियन में शामिल देशों के लिए रूस के तेल और गैस पर अपनी निर्भरता खत्म करने की समय सीमा अलग-अलग हो सकती है. लेकिन यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन दा लेयन ने कहा है कि ये देश 2027 तक रूस के तेल, गैस और कोयले पर अपनी निर्भरता कम कर देंगे.

  9. जेएनयू में रामनवमी और मांस खाने पर हुए बवाल के बाद का माहौल

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    जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में रविवार शाम वामपंथी छात्र संगठन आइसा और हिंदूवादी छात्र संगठन एबीवीपी ने एक दूसरे पर मारपीट के आरोप लगाए हैं.

    इस मामले में पुलिस ने एफआईआर भी दर्ज की हैं. बीबीसी ने जेएनयू जाकर हालात देखने की कोशिश की और कुछ लोगों से बात की.

  10. पीएम मोदी की बधाई पर शहबाज़ शरीफ़ ने अपने जवाब में किया कश्मीर का जिक्र

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    पाकिस्तान के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शुभकामना संदेश के लिए शुक्रिया अदा करते हुए कश्मीर का जिक्र किया है.

    उन्होंने ट्विटर पर अपने संदेश में कहा, "पाकिस्तान भारत के साथ शांतिपूर्ण और सहयोगपूर्ण संबंध रखना चाहता है. दोनों देशों के बीच लंबित मुद्दे जिसमें जम्मू और कश्मीर भी शामिल है, उनका शांतिपूर्ण तरीके से समाधान ज़रूरी है. आतंकवाद से लड़ने में पाकिस्तान ने जो कुर्बानी दी है, वो सबको पता है. इसलिए हमें शांति सुनिश्चित करनी चाहिए और हमारे लोगों के सामाजिक और आर्थिक विकास पर ध्यान देना चाहिए."

    इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शहबाज़ शरीफ़ को पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री के रूप में चुने जाने पर ट्विटर पर ही अपनी शुभकामना दी थी.

    पीएम मोदी ने अपने संदेश में कहा था, "मियां मोहम्मद शहबाज़ शरीफ़ को पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री के रूप में चुने जाने पर बधाई. भारत आतंकवाद से मुक्त इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता चाहता है ताकि हम विकास की राह में आने वाली चुनौतियों पर ध्यान दे सकें और हमारे लोगों की भलाई और समृद्धि सुनिश्चित कर सकें."

  11. पाकिस्तान: ‘इमरान साहब को जाना था तो इज़्ज़त से जाते’

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    पाकिस्तान में इमरान ख़ान की सरकार विपक्ष की ओर से लाए गए अविश्वास प्रस्ताव में हार गए और ज़रूरी मत हासिल नहीं कर सकी.

    इसके साथ ही इमरान ख़ान को भी प्रधानमंत्री पद छोड़ना पड़ा. इस सियासी घटनाक्रम पर पाकिस्तान के आम लोग क्या सोचते हैं. लाहौर से बीबीसी संवाददाता अली काज़मी की रिपोर्ट.

  12. भारत ने हेलीकॉप्टर से दागी जा सकने वाली एंटी-टैंक मिसाइल हेलिना का सफल परीक्षण किया

    एंटी-टैंक मिसाइल हेलिना

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    भारत ने मंगलवार को स्वदेश में विकसित एंटी-टैंक मिसाइल हेलिना का लद्दाख में सफल परीक्षण किया.

    इस मिसाइल को हेलीकॉप्टर से लॉन्च किया जा सकता है. डीआरडीओ के अधिकारियों ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया, "इस मिसाइल का सोमवार को भी उसी जगह पर कामयाबी से टेस्ट किया गया था जहां ये लक्ष्य भेदने में सफल रहा."

    इस मिसाइल को स्वदेश में निर्मित एएलएच (एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर) ध्रुव में फिट किया गया था.

    इसे ऊंचे पहाड़ी इलाके से हेलीकॉप्ट की उड़ान के दौरान टेस्ट किया गया था जिसमें ये कामयाब रहा.

    मंगलवार की फ्लाइट टेस्ट में डीआरडीओ, भारतीय सेना और वायु सेना के वैज्ञानिकों की टीमें शामिल थीं.

  13. पाकिस्तान: इमरान ख़ान जाते-जाते क्या-क्या कर गए?

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    पाकिस्तान में आज तक किसी प्रधानमंत्री ने पांच साल का कार्यकाल पूरा नहीं किया है.

    किसी प्रधानमंत्री के जाने के पीछे सेना की भूमिका थी तो किसी को न्याय तंत्र ने दरवाज़ा दिखाया.

    लेकिन इमरान ख़ान को सिवाए विपक्ष के कोई भी घर नहीं भेजना चाहता था.

    पाकिस्तानी की सियासत पर ख़ास टिप्पणी कर रहे हैं वहां के वरिष्ठ पत्रकार वुसअतुल्लाह ख़ान.

  14. बिहार: मुज़फ़्फ़रपुर की मस्जिद में भगवा झंडा फहराने के मामले में तीन गिरफ़्तार

    बिहार पुलिस

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    बिहार पुलिस ने मुज़फ़्फ़रपुर ज़िले की एक मस्जिद में कथित तौर पर भगवा झंडा फहराने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ़्तार किया है.

    ज़िले के सीनियर एसपी जयंत कांत ने समाचार एजेंसी एएनआई को इसके बारे में जानकारी दी.

    रविवार को रामनवमी के दिन हुई इस घटना के सिलसिले में एफ़आईआर भी दर्ज कर ली गई है.

    पुलिस के अनुसार, रामनवमी की शोभायात्रा के दौरान एक शख़्स को मस्जिद की दीवार पर चढ़ते हुए और वहां भगवा झंडा लहराते हुए देखा गया था. वहां मोटरसाइकिल पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे जो उसका हौंसला बढ़ा रहे थे. उनके हाथों में तलवारें और हॉकी स्टिक्स थे.

    पुलिस ने बताया कि मुज़फ़्फ़रपुर ने घटनास्थल पर पहुंचकर मस्जिद से झंडा हटाया और हालात पर नियंत्रण स्थापित किया और उसके बाद से स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है.

  15. जेएनयू में मारपीट: हवन या चिकन, हंगामे का सच: ग्राउंड रिपोर्ट

    कावेरी हॉस्टल

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    रामनवमी के दिन जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) के कावेरी छात्रावास में हुई हिंसा की घटना को लेकर तरह-तरह की कहानियाँ सामने आ रही हैं. आरोप-प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं. एफ़आईआर भी दर्ज हो चुकी है. जाँच जारी है लेकिन ऐसे कई सवाल हैं जो जिनके जवाब मिलने अभी बाकी हैं.

    आखिर रामनवमी के दिन जेएनयू में ऐसा क्या हुआ कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और वामपंथी छात्र संगठनों के छात्रों में टकराव हुआ.

    कावेरी हॉस्टल में क्या हुआ?

    जेएनयू के कावेरी हॉस्टल में तकरीबन 320 छात्र रहते हैं. हॉस्टल में मुख्य दरवाजे से दाख़िल होते ही दाईं तरफ़ मेस है जहां छात्रों को खाना खिलाया जाता है.

    इसी मेस के पीछे रविवार दोपहर 3.30 बजे रामनवमी के मौके पर हवन और पूजा का कार्यक्रम रखा गया था. इसका आयोजन कावेरी हॉस्टल में ही रहने वाले कुछ छात्रों ने किया था. इसमें शामिल होने के लिए जेएनयू के दूसरे छात्रावासों में रहने वाले कई छात्र भी आए थे.

    दूसरी तरफ़, कावेरी हॉस्टल की मेस में शाम को इफ्तार का भी आयोजन किया गया था. रविवार दोपहर करीब चार बजे हवन शुरू हुआ और क़रीब 6.30 बजे तक चला. इसके बाद छात्रों के बीच प्रसाद बाँटा गया. मतलब एक तरफ़ कावेरी हॉस्टल में पूजा, हवन हुआ और दूसरी ओर मुस्लिम छात्रों ने इफ़्तार की दावत भी की, लेकिन थोड़ी ही देर बाद कावेरी हॉस्टल का मंजर बदल गया.

  16. किरीट सोमैया कहां हैं? ये सवाल केंद्र सरकार से पूछा जाएगा: महाराष्ट्र के गृह मंत्री

    बीजेपी नेता और पूर्व सांसद किरीट सोमैया

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    महाराष्ट्र के गृह मंत्री दिलीप वालसे पाटिल ने मंगलवार को कहा है कि राज्य सरकार बीजेपी नेता और पूर्व सांसद किरीट सोमैया के बारे में केंद्र सरकार से जानकारी देने की मांग करेगी.

    समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, किरीट सोमैया को केंद्र सरकार की तरफ़ से ज़ेड कैटगिरी की सुरक्षा हासिल है और मुंबई में धोखाधड़ी से जुड़े एक मामले का सामना कर रहे हैं.

    मुंबई पुलिस ने एक पूर्व सैनिक की शिकायत पर पिछले हफ़्ते किरीट सोमैया और उनके बेटे नील सोमैया के ख़िलाफ़ धोखाधड़ी का मामला दर्ज़ किया था.

    शिवसेना के सांसद संजय राउत ने किरीट सोमैया और नील सोमैया पर 57 करोड़ रुपये के गबन का आरोप लगाया है. उनका दावा है कि नौसैनिक युद्धपोत विराट को बचाने के नाम पर किरीट सोमैया और नील सोमैया ने ये रकम जुटाई थी.

    साल 2014 में आईएनएस विराट को नौसेना की सेवा से मुक्त कर दिया गया था. संजय राउत ने ये आरोप भी लगाया है कि किरीट सोमैया किसी भाजपा शासित राज्य में छुपे हुए हैं. वे या तो गोवा में हैं या फिर गुजरात में.

    हालांकि किरीट सोमैया ने इन आरोपों से इनकार किया है.

    मंगलवार को जब कुछ पत्रकारों ने दिलीप वालसे पाटिल से पूछा कि क्या वे किरीट सोमैया के बारे में केंद्र सरकार से पूछेंगे तो इस पर महाराष्ट्र के गृह मंत्री ने कहा, "हम केंद्र सरकार से पूछेंगे कि वो शख़्स कहां है जिसे आपकी सुरक्षा हासिल है."

  17. करौली हिंसाः आग की लपटों से बचने वाली बच्ची कौन थी? - ग्राउंड रिपोर्ट

    वीडियो कैप्शन, करौली हिंसाः आग की लपटों से बच्ची कौन थी? ग्राउंड रिपोर्ट

    राजस्थान के करौली ज़िले में अपने परिवार की दुलारी, ढाई साल की नटखट पीहू. जिला कलेक्टरेट के नज़दीक पहले मंज़िल पर किराए के हवादार घर में जब हम पहुँचे तो वो अपने माँ-बाप के साथ गुब्बारे के लिए ज़िद कर रही थीं, लेकिन जब उन्हें गुब्बारा मिलता तो उसे फेंक देती और माँ की गोद में चिपक जातीं.

    जब वह बड़ी होंगी तो वायरल हुई उस तस्वीर के बारे में वो क्या सोचेंगी, जिसमें पुलिसकर्मी नेत्रेश शर्मा उन्हें एक स्टोल में लपेटकर आग की लपटों से दूर भाग रहे थे. तस्वीर में थोड़ी ही दूर पीछे उनकी मां विनीता अग्रवाल पीछे भागती नज़र आती हैं.

    दो अप्रैल को नवरात्र के पहले दिन विनीता अपनी देवरानी और उनकी भाभी के साथ फूटाकोट बाज़ार शॉपिंग के लिए गई थीं कि तभी वहाँ भगदड़ सी शुरू हो गई. दुकानदारो ने दुकानें बंद करनी शुरू कर दीं. शटर पर पत्थरों के टकराने की आवाज़ें सुनाई देने लगीं.

    वीडियोः विनीत खरे और मनीष जालुई

  18. श्रीलंका 51 अरब डॉलर के विदेशी कर्ज़ के भुगतान में नाकाम हुआ

    श्रीलंका

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    आर्थिक संकट से जूझ रहा श्रीलंका मंगलवार को 51 अरब डॉलर के विदेशी कर्ज़ के भुगतान में डिफॉल्ट कर गया है.

    समाचार एजेंसी एएफ़पी की रिपोर्ट के अनुसार, श्रीलंका ने इस स्थिति पर कहा है कि ज़रूरी चीज़ों के आयात के लिए विदेशी मुद्रा ख़त्म हो जाने के बाद यही 'आख़िरी उपाय' रह गया था.

    आज़ादी मिलने के बाद से श्रीलंका को अब तक के सबसे बदतरीन आर्थिक हालात का सामना करना पड़ रहा है. वहां खाने-पीने की चीज़ों से लेकर ईंधन तक सब कुछ ख़त्म हो रहा है.

    श्रीलंका के वित्त मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि कर्जदाता जिसमें विदेशी सरकारें भी शामिल हैं, वे मंगलवार से ब्याज की रकम को मूलधन में जोड़ने या श्रीलंका की मुद्रा में भुगतान लेने के लिए स्वतंत्र हैं.

    श्रीलंका

    इस बयान में कहा गया है, "सरकार आपातकालीन उपाय के तौर पर ये आख़िरी कदम उठा रही है ताकि देश की वित्तीय स्थिति को और बिगड़ने से रोका जा सके."

    वित्त मंत्रालय ने ये भी कहा है कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के राहत पैकेज पर अमल करने से पहले सभी कर्जदाताओं के भुगतान में डिफॉल्ट किया गया है और इसमें कोई भेदभाव नहीं किया गया है.

    श्रीलंका के आर्थिक संकट ने देश के दो करोड़ 20 लाख लोगों के लिए तकलीफ़ें बढ़ा दी हैं, वहां हफ़्तों से सरकार विरोधी प्रदर्शन चल रहे हैं.

    अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसियों ने पिछले साल श्रीलंका की रेटिंग इतनी कम कर दी थी कि उसकी वजह से श्रीलंका के लिए विदेशी पूंजी बाज़ार से उधार लेना लगभग नामुमकिन हो गया था.

    श्रीलंका ने भारत और चीन आर्थिक सहायता की मांग की थी लेकिन दोनों ही देशों ने उसे इसके बदले ज़रूरी चीज़ें उधार में देने की पेशकश की थी.

  19. पाकिस्तान: शहबाज़ शरीफ़ बने पीएम, भारत से रिश्तों पर क्या होगा असर?

    शहबाज़ शरीफ़ और नरेंद्र मोदी

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    "पाकिस्तान कश्मीरियों का है औरकश्मीरी पाकिस्तान के हैं... कश्मीर में कल जो कुछ हुआ है, उस पर चर्चा के लिए हम सब यहाँ मौजूद हैं. आर्टिकल 35A के तहत कश्मीर का जो स्पेशल स्टेटस था उसको ख़त्म करके मोदी सरकार ने कश्मीर पर कब्ज़ा कर लिया है. कश्मीर की वादी में निहत्थे मुसलमानों का दिन रात ख़ून बह रहा है."

    ये शहबाज़ शरीफ़ के उस भाषण का अंश है जो उन्होंने पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में 6 अगस्त, 2019 को दिया था. यानी कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने के एक दिन बाद.

    उस वक़्त पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के अध्यक्ष थे और सदन में विपक्ष के नेता के तौर पर बोल रहे थे.

    तीन साल बाद, उनका कश्मीर पर दिया गया नया बयान एक बार फिर से सुर्खियों में है.

    पाकिस्तान के टीवी चैनल जियो न्यूज़से बातचीत में उन्होंने कहा है, "पाकिस्तान भारत के साथ शांति चाहता है, लेकिन शांति कश्मीर मुद्दे के समाधान के बिना संभव नहीं है."

    इतना ही नहीं, पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने जब मोदी सरकार के विदेश नीति की सराहना की थी, उसके बाद अपने ट्वीट में उन्होंने इमरान के इस बयान को 'कश्मीरियों के संघर्ष के साथ विश्वासघात' बताया था.

    उनका ये ट्वीट इसी साल 8 अप्रैल का है.

  20. हार्दिक पटेल को दोषी ठहराने वाले फ़ैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

      • Author, सुचित्र मोहंती, बीबीसी हिंदी के लिए
    हार्दिक पटेल

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    गुजरात कांग्रेस के नेता हार्दिक पटेल को कसूरवार ठहराने वाले फ़ैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने स्टे ऑर्डर दे दिया है.

    हार्दिक पटेल ने गुजरात हाई कोर्ट उस फ़ैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी जिसकी वजह से साल 2019 का लोकसभा चुनाव वे नहीं लड़ पाए थे.

    हार्दिक पटेल का पक्ष रखते हुए सीनियर एडवोकेट मनिंदर सिंह ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उनके मुवक्किल चुनाव नहीं लड़ सकते और ये उनकी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन है. वे पहले ही साल 2019 का चुनाव लड़ने का मौका गंवा चुके हैं.

    इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, "सीनियर एडवोकेट मनिंदर सिंह को सुनने और केस के तथ्य और परिस्थितियों को समझने के बाद हम इस नज़रिये पर पहुंचे हैं कि हाई कोर्ट को इस मामले में दोषी ठहराये जाने के फ़ैसले पर स्टे देना चाहिए. इसलिए अपील पर सुनवाई पूरी होने तक उनकी सज़ा पर रोक लगाई जाती है."