पाकिस्तान: इमरान ख़ान अब नहीं रहे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री

पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव सफल रहा. 174 सदस्यों ने प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया.

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मोहम्मद शाहिद and अभय कुमार सिंह

  1. चुनाव नहीं कराएंगे तो झाड़ू फिर जायेगी: शेख़ रशीद

    शेख रशीद

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    गृह मंत्री शेख रशीद ने कहा है कि सभी समस्याओं का चुनाव ही एकमात्र समाधान है.

    मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि 'बेशक सरकार कह रही है कि हम सरप्राइज़ देंगे. सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भी काम किया जाएगा और लोकतांत्रिक और राजनीतिक सोच पर भी काम किया जाएगा.

    "यह बहुत ही चिंताजनक, भयावह और परेशान करने वाली स्थिति है. इसका नतीजा कुछ भी हो सकता है. कुछ अकल के अंधे दीवार के पीछे देखने में सक्षम नहीं हैं.”

    उन्होंने कहा कि जिन पर आरोप तय किये जाने थे वो पिता-पुत्र प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं, जो अलग-अलग मामलों में आरोपी हैं. गली मोहल्ले में लड़ाई बढ़ती जा रही है.

    "इसका अंजाम अच्छा नहीं होगा. देश के लोकतंत्र को बचाने के लिए एक ही उपाय है: चुनाव, चुनाव और चुनाव.”

    उनका कहना है कि अगर चुनाव नहीं हुए तो झाड़ू फिर जाएगी, लड़ाई होगी. कोई बड़ी दुर्घटना भी हो सकती है. बड़ी संख्या में आतंकी भी देश में घुस चुके हैं.

  2. पाकिस्तान में संसद का सत्र साढ़े 12 बजे तक के लिए स्थगित

    इमरान ख़ान

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    प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के ख़िलाफ़ पाकिस्तानी संसद में अविश्वास प्रस्ताव पर बहस शुरू होने के बाद सदन को दोपहर साढ़े 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया है.

    शाह महमूद क़ुरैशी के भाषण के दौरान विपक्ष की ओर से शोर-शराबे के बाद स्पीकर ने तुरंत सदन को साढ़े 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया.

    विपक्ष के नेता शहबाज़ शरीफ़ ने नियम और सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि स्पीकर अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग कराने के पाबंद हैं.

    विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी का कहना है कि विपक्ष के नेता शहबाज़ शरीफ़ ने सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का हवाला दिया है और ‘मैं अपने दल की ओर से कहना चाहता हूं अविश्वास प्रस्ताव की संविधान में गुंजाइश मौजूद है.'

    “वो कहते हैं कि इस प्रस्ताव को पेश करना विपक्ष का हक़ा है और इसका बचाव करना हमारा हक़ है.”

  3. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इमरान ख़ान के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव पर संसद का सत्र शुरू

    इमरान ख़ान

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    पाकिस्तान में लंबे वक़्त से जारी सियासी उठापटक के बाद शनिवार को प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के ख़िलाफ़ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पत्र पर वोटिंग के लिए नेशनल असेंबली का सत्र शुरू हो चुका है.

    सत्र का संचालन स्पीकर असद क़ैसर कर रहे हैं. बीते रविवार को सदन के डिप्टी स्पीकर क़ासिम सूरी सदन की कार्यवाही कर रहे थे जब इस प्रस्ताव को ख़ारिज कर दिया गया था.

    गुरुवार को पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल असेंबली के उस फ़ैसले को पलट दिया था जिसमें इमरान ख़ान के ख़िलाफ़ लाए गए विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव को संविधान के अनुच्छेद-5 का हवाला देते हुए ख़ारिज कर दिया गया था.

    इसके बाद प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की सिफ़ारिश पर देश के राष्ट्रपति ने नेशनल असेंबली को भंग कर दिया था और देश में 90 दिनों के भीतर चुनाव कराने की बात की जा रही थी.

    शुक्रवार को वोटिंग से ठीक एक दिन पहले इमरान ख़ान ने देश की जनता को संबोधित करते हुए दावा किया कि उनके ख़िलाफ़ विपक्ष ‘विदेशी ताक़तों के साथ’ मिलकर साज़िश कर रहा है.

  4. हाफ़िज़ सईद के बेटे को भारत सरकार ने आतंकी घोषित किया

    हाफ़िज़ सईद

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    मुंबई आतंकी हमलों के मास्टरमाइंड और प्रतिबंधित संगठन जमात उद दावा के प्रमुख हाफ़िज़ सईद के बेटे हाफ़िज़ तलहा सईद को भारत सरकार ने ग़ैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967क़ानून के तहत आतंकी घोषित किया है.

    गृह मंत्रालय ने नोटिफ़िकेशन जारी किया है जिसमें बताया गया है कि हाफ़िज़ तलहा सईद लश्कर-ए-तैयबा के वरिष्ठ नेता हैं और उसके मौलवी विंग के प्रमुख हैं.

    नोटिफ़िकेशन में बताया गया है कि तलहा सईद ‘भारत में लश्कर-ए-तैयबा के हमले की योजना बनाते रहे हैं, फ़ंड इकट्ठा करते हैं और सक्रिय रूप से भर्ती कर रहे हैं.’

    इसके साथ ही नोटिफ़िकेशन में कहा गया है कि ‘केंद्र सरकार मानती है कि हाफ़िज़ तलहा सईद आतंकवाद में शामिल रहे हैं और क़ानून के अनुसार हाफ़िज़ तलहा सईद को आतंकी अधिसूचित किया जाना चाहिए.’

    भारत सरकार का ये फ़ैसला तब आया है जब तलहा के पिता और प्रतिबंधित संगठन जमात उद दावा के प्रमुख हाफ़िज़ सईद को पाकिस्तान की आतंकी निरोधी अदालत ने 31 साल जेल की सज़ा सुनाई गई है.

  5. इमरान ख़ान ने कहा- पाकिस्तान में ‘विदेशी सरकार’ को बर्दाश्त नहीं करूंगा

    इमरान ख़ान

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    सुप्रीम कोर्ट के संसद वापस बहाल करने के फ़ैसले के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने कहा है कि वो पाकिस्तान में ‘विदेशी सरकार’ स्थापित करने को बर्दाश्त नहीं करेंगे और अगर ऐसा कुछ होता है तो इसके समर्थन के लिए जनता के पास जाएंगे.

    राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने शुक्रवार को कहा, “हम ऐसे देश नहीं हैं जिसे टिश्यू पेपर्स की तरह इस्तेमाल किया जा सके.”

    उन्होंने कहा कि ‘सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले से मुझे मायूसी हुई है लेकिन मैं पाकिस्तान की अदालतों और सुप्रीम कोर्ट की इज़्ज़त करता हूं.’

    इमरान ख़ान ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, “वो (विपक्ष) अपने ख़िलाफ़ लगे भ्रष्टाचार के मामलों को हटाना चाहते हैं.

    उन्होंने विपक्ष से सवाल किया कि अगर वो (विपक्ष) इतने ही आत्म विश्वासी हैं तो वो चुनाव कराने से क्यों डर रहे हैं?

    इसके साथ ही उन्होंने देश की जनता से सड़कों पर निकलकर प्रदर्शन की अपील की.

    इमरान ख़ान

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    उन्होंने कहा,“आपने सबने इशा की नमाज़ के बाद परसों (रविवार को) निकलना है और एक ज़िंदा क़ौम की तरह शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना है. प्रदर्शन में तोड़फोड़ नहीं करनी है बल्कि आपको बताना है कि आप अपने भविष्य की सुरक्षा के लिए निकले हैं.”

    “ये जो बाहर से साज़िश करके, ज़मीर ख़रीदकर जो ड्रामा हो रहा है, इसका आपको विरोध करना है. ये आपका फ़र्ज़ है. इससे पता चलेगा कि पाकिस्तान एक ज़िंदा क़ौम है. इतिहास कभी किसी को माफ़ नहीं करता है. कौन क्या भूमिका निभा रहा है, इतिहास इसे साफ़ कर देता है. सुप्रीम कोर्ट के कौन से फ़ैसले अच्छे हैं और कौन से देश के हित में नहीं हैं, ये इतिहास बता देता है.”

    इमरान ख़ान ने कहा कि ‘सभी लोग अपने घरों से बाहर निकलें और फ़ॉरेन फंडेड ड्रामा के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करें और मैं वहां पर आपके साथ रहूंगा. मैं पाकिस्तान के ख़िलाफ़ विदेशी साज़िश को स्वीकार नहीं करूंगा.’

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान का आरोप है कि विदेशी साज़िश के तहत उनकी सरकार को गिराया जा रहा है और विपक्ष उसमें शामिल है.

  6. विल स्मिथ पर 10 साल तक ऑस्कर में शामिल होने पर बैन

    विल स्मिथ

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    हॉलीवुड अभिनेता विल स्मिथ पर अगले 10 सालों तक ऑस्कर समारोह में शामिल होने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.

    हाल ही में ऑस्कर समारोह में कॉमेडियन क्रिस रॉक को थप्पड़ मारने के मामले में उन पर यह प्रतिबंध लगाया गया है.

    इसके अलावा स्मिथ पर अकेडमी ऑफ़ मोशन पिक्चर्स आर्ट्स एंड साइंसेज़ के किसी भी कार्यक्रम में अगले एक दशक तक शामिल होने पर प्रतिबंध रहेगा.

    अकेडमी के पत्र में यह जानकारी दी गई है. हालांकि ये साफ़ नहीं है कि उन्हें ‘किंग रिचर्ड’ के लिए दिया गया बेस्ट एक्टर का पुरस्कार वापस लिया जाएगा या नहीं, या फिर भविष्य में ऑस्कर में उन्हें नामित किया जाएगा या नहीं.

  7. मरियम नवाज़ बोलीं- इमरान ख़ान को भारत इतना पसंद है तो वहीं शिफ़्ट हो जाएं

    मरियम नवाज़

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    पाकिस्तान में पीएमएल-एन की नेता मरियम नवाज़ ने ट्वीट करके प्रधानमंत्री इमरान ख़ान को कहा है कि अगर ‘भारत इतना ही पसंद है तो वहीं शिफ़्ट हो जाइए, और पाकिस्तान की जान छोड़िए.’

    प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने शुक्रवार को देश को संबोधित करते हुए सुप्रीम कोर्ट के वापस संसद बहाल करने के फ़ैसले की आलोचना की थी. इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए भारत की तारीफ़ भी की थी.

    इमरान ख़ान ने कहा था कि ‘किसी विदेशी ताक़त की हिम्मत नहीं है कि वो भारत की विदेश नीति में दख़ल दे सके. भारत एक ख़ुद्दार देश है.’

    “भारत की विदेश नीति स्वतंत्र है और हर दबाव को दरकिनार कर वो रूस से तेल ले रहा है.”

    इमरान ख़ान

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    उनके संबोधन के बाद मरियम नवाज़ ने ट्वीट किया कि ‘जिस भारत की प्रशंसाएं कर रहे हो वहां विभिन्न प्रधानमंत्रियों के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव लाने का इतिहास है. किसी एक ने भी संविधान, लोकतंत्र और नीति से ये खिलवाड़ नहीं किया. वाजपेयी एक वोट से हारे, घर चले गए. आप की तरह देश, संविधान और जनता को बंधक नहीं बनाया.’

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    अगले ट्वीट में मरियम ने लिखा कि ‘ताक़त के लिए इस तरह किसी को रोते हुए पहली बार देखा है. रो रहे हैं कि मेरे लिए कोई नहीं निकला. ओ भाई आंखें खोल के देखो, ग़रीब जनता को उन साढ़े तीन सालों में जिस तरह तुमने रुलाया है, तिल-तिल कर के मारा है, वो शुकराने की नफ़िल पढ़ रहे हैं कि तुम जैसे से जान छूटी. जाते-जाते संविधान भी तोड़ गए.’

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