रूस पर प्रतिबंधों को लेकर यूक्रेन-हंगरी के बीच बढ़ा तनाव

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यूक्रेन पर रूस के हमले के बीच अब यूक्रेन और हंगरी के बीच तनाव बढ़ रहा है.
यूक्रेन की सरकार ने देश पर हुए हमले में रूस की मदद करने का आरोप हंगरी पर लगाया है.
यूक्रेन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने ट्वीट किया है कि यूक्रेन पर हुए अत्याचारों के लिए रूस की जिम्मेदारी को नहीं मानने की इच्छा से भी नए अपराध को करने का बढ़ावा मिलता है.
उन्होंने कहा है कि बुडापेस्ट में शांतिवार्ता आयोजित करने के प्रस्ताव में ख़ामी दिखती है. वो कहते हैं, ''हंगरी अगर मदद करना चाहता है तो उसे यूरोपीय संघ की एकता को नुकसान पहुंचाना बंद करना चाहिए.''
बता दें कि अभी कुछ दिनों पहले ही हंगरी में विक्टर ऑर्बन एक बार फिर प्रधानमंत्री चुने गए हैं.
हंगरी की नेटो सदस्यता होने के बावजूद भी विक्टर, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सहयोगी रहे हैं. रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों का हंगरी विरोध करता है. साथ ही हंगरी ने यूक्रेन को हथियारों की आपूर्ति करने से इनकार कर दिया है.
बुधवार को, विक्टर ऑर्बन ने पुतिन से कहा कि हंगरी, रूस को गैस आयात के लिए रूबल में भुगतान करने के लिए तैयार है. ये एक ऐसा कदम है, जिसे दूसरे यूरोपीय देश ख़ारिज़ कर चुके हैं. अब यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने इस मामले पर भी हंगरी पर यूरोपीय संघ की एकता को कम करने का आरोप लगाया है.
























