छत्तीसगढ़: महात्मा गांधी को गाली देने वाले कालीचरण महाराज को जमानत
रायपुर में पिछले साल दिसंबर में आयोजित 'धर्म संसद' में अल्पसंख्यकों और महात्मा गांधी के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले कालीचरण ऊर्फ अभिजीत सारग को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है.
लाइव कवरेज
कमलेश मठेनी and अभय कुमार सिंह
यूक्रेन ने रूस के अंदर तेल डिपो पर किया हमला: बेलग्राद के गवर्नर का दावा
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रूस में बेलग्राद क्षेत्र के गवर्नर व्यासचेस्लाव गाल्दकोफ़ ने दावा किया है कि यूक्रेन ने रूस के अंदर एक ऑयल डिपो पर हमला किया है.
यूक्रेन में रूस के हमले के बीच ये रिपोर्ट आई है. रूस के सरकारी टीवी चैनल रसिया टुडे (आरटी) ने ये रिपोर्ट दी है.
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गाल्दकोफ़ ने कहा कि तेल डिपो पर हमला यूक्रेन के दो हेलिकॉप्टर्स ने किया. उन्होंने ये भी कहा कि इन हेलिकॉप्टर्स ने रूस के क्षेत्र में आकर हमला किया और ये हेलिकॉप्टर काफ़ी कम ऊँचाई पर उड़ रहे थे. उन्होंने ये भी बताया कि तेल डिपो में काम कर रहे कुछ कर्मचारियों को हल्की चोटें आई हैं. अधिकारी लोगों को वहाँ से निकालकर नज़दीक के इलाक़े में ले जा रहे हैं.
पीएम मोदी ने की 'परीक्षा पर चर्चा', जानिए उन्होंने छात्रों को क्या-क्या दिए टिप्स
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प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी ने आज स्कूल के विद्यार्थियों के साथ ‘परीक्षा पर चर्चा’ की. इस दौरान उन्होंने
नौवीं से 12वीं कक्षा के छात्रों और अभिभावकों से बात की.
ये कार्यक्रम दिल्ली
के तालकटोरा स्टेडियम में हुआ. विद्यार्थियों और अभिभावकों ने वीडियो के ज़रिए भी
सवाल पूछे.
पीएम मोदी ने विद्यार्थियों
को परीक्षा से ना डरने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि परीक्षा हमारी ज़िंदगी का
छोटा-सा हिस्सा है, जिससे हम पहले भी गुज़र चुके हैं. ये नया नहीं है.
उन्होंने माता-पिता
की आकांक्षाओं और उसके बच्चों पर दबाव, ऑनलाइन पढ़ाई और नई शिक्षा नीति पर भी
चर्चा की.
पीएम मोदी ने इस
दौरान क्या-क्या कहा पढ़ें.......
- यहाँ कोई भी ऐसा
विद्यार्थी नहीं बैठा है जो पहली बार परीक्षा देगा. आपके पास परीक्षा का छोटा
अनुभव नहीं है. हम समय-समय पर परीक्षा देते-देते एग्ज़ाम प्रूफ (परीक्षा से
सुरक्षित) हो गए है. परीक्षा हमारी ज़िंदगी में आगे बढ़ने का आधार हैं.
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- जितनी सहज दिनचर्या सामान्य दिनों में होती है उतनी ही परीक्षा में रखें. बहुत अधिक जोड़ना-घटाना आपको परेशान करेगा. ये ना सोचें कि दोस्त कोई काम कर रहा है, तो आप भी वो कर लें.
- मैं चाहता हूँ कि बच्चे परीक्षा के दौरान घबराहट भरे माहौल से दूर रहें. आपको अपने दोस्तों की नकल करने की ज़रूरत नहीं है. आप जो करना चाहते हैं, उसे पूरे आत्मविश्वास के साथ करें और मुझे भरोसा है कि आप त्योहार की तरह परीक्षा दे पाएँगे.
- पीएम मोदी ने इस दौरान ऑनलाइन पढ़ाई पर भी बात की. उनसे ऑनलाइन क्लास के दौरान सोशल मीडिया पर भटकाव को लेकर सवाल पूछा गया था. उन्होंने कहा कि ऑनलाइन ही नहीं ऑफ़लाइन क्लास में भी ध्यान भटक जाता है. इसलिए समस्या माध्यम नहीं बल्कि मन है.
- हमें ऑनलाइन पढ़ाई को रिवॉर्ड की तरह लेना चाहिए. ऑनलाइन पाने के लिए है और ऑफ़लाइन पनपने के लिए है. ऑनलाइन को अपना आधार मज़बूत करने के लिए उपयोग करें. अगर ऑनलाइन में दिमाग़ भटकता है तो उसके लिए भी टूल मौजूद हैं.
- उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर भी चर्चा की. पीएम मोदी ने बताया कि देशभर से आए क़रीब 20 लाख इनपुट पर विचार करके पूरी सूझबूझ से यह नीति तैयार की गई है. इस नीति को सरकार ने नहीं, देश के नागरिकों, विद्यार्थियों, शिक्षकों ने मिलकर देश के भविष्य के लिए बनाया है.
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- परीक्षा के दबाव को लेकर प्रधानमंत्री ने माता-पिता से कहा कि आप अपनी अपेक्षा और अकांक्षाओं को बच्चों में डालने की कोशिश करते हैं. दूसरी तरफ शिक्षक कहते हैं कि आपको ये करना है, हमारी ये परंपरा है. लेकिन, बच्चे का मन कुछ और ही करता है. बच्चों को जिस उलझन से गुज़रना पड़ता है ये चिंता का विषय है.
- बच्चे दबाव के बीच भी अपनी उन चीज़ों को स्वीकार करें, जो उनमें सहज और वो आसानी से कर लेते हैं. उसे करते रहें और धीरे-धीरे माता-पिता भी उसे स्वीकार कर लेंगे.
- ज़िंदगी मे हमें प्रतियोगिता को निमंत्रण देना चाहिए. हमें गर्व करना चाहिए कि हम इतनी स्पर्धा के बीच में अपने आपको को प्रूव कर रहे हैं.
- आज जो बेटियों की आकांक्षाएँ हैं, कुछ कर गुज़रने का उनका जो जज्बा है, वो हर हिंदुस्तानी को गर्व से भर देने वाला है.
केजरीवाल के घर पर तोड़फोड़ के मामले में कोर्ट ने कहा- अनियंत्रित भीड़ ने डर पैदा करने की कोशिश की
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दिल्ली के
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर पर तोड़फोड़ के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने
पुलिस से बंद लिफ़ाफे में जाँच की स्टेटस रिपोर्ट मांगी है.
साथ ही कोर्ट ने कहा
कि अनियंत्रित भीड़ ने एक डर का माहौल बनाने की कोशिश की है और मौक़े पर मौजूद
पुलिस बल इससे निपटने के लिए काफ़ी नहीं थे.
आम आदमी पार्टी के
विधायक सौरभ भारद्वाज ने इस मामले में याचिका दायर की थी. कार्यवाहक न्यायाधीश
विपिन सांघी और नवीन चावला इस मामले में सुनवाई कर रहे हैं. कोर्ट ने एक बंद लिफ़ाफ़े
में जाँच की स्टेटस रिपोर्ट मांगी है.
कोर्ट ने कहा, ‘‘हमने
वीडियो देखा है. ये अनियंत्रित भीड़ थी. लोगों ने क़ानून को अपने हाथों में लेने और डर पैदा करने की कोशिश की.
हमने ये भी पाया कि पुलिस बल अपर्याप्त था. उन्होंने भीड़ को रोकने की कोशिश की
लेकिन उनकी संख्या कम थी. तो आपको ये बताना होगा कि आपकी क्या तैयारी थी. इस घटना
के बारे में आपको क्या सूचना थी. हमें यह सब देखना होगा.’’
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दिल्ली पुलिस की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल संजय जैन ने कोर्ट को बताया कि दिल्ली पुलिस ने इस मामले में कुछ एफ़आईआर दर्ज की है और सुरक्षा चिंताओं को लेकर सभी क़दम उठा रही है.
उन्होंने बताया कि इस मामले में पहले ही आठ लोगों को गिरफ़्तार किया जा चुका है.
याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी मौजूद थे. उन्होंने कोर्ट से याचिका पर नोटिस जारी करने और सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित करने का निर्देश देने की मांग की.
याचिकाकर्ता के एक और वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल मेहता ने ‘अज्ञात’ के नाम पर एफ़आईआर दर्ज करने का भी विरोध किया क्योंकि सीसीटीवी में एक सांसद की उपस्थिति दिख रही है.
दिल्ली के मोहल्ला क्लिनिक और स्कूलों को देखने पहुँचे स्टालिन, केजरीवाल ने कहा- सम्मान की बात
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दिल्ली दौरे पर आए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन आज दिल्ली के स्कूलों और मोहल्ला क्लिनिक देखने पहुँचे. उनके साथ दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी मौजूद थे.
उनका स्वागत करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा- सीएम स्टालिन हमारे मोहल्ला क्लिनिक और स्कूलों को देखने के लिए आए हैं. ये हमारे लिए सम्मान की बात है.
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एमके स्टालिन ने स्कूलों में जाकर छात्रों से बात की और मोहल्ला क्लिनिक के बारे में भी जानकारी ली. बाद में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि उनकी सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान देती है.
एमके स्टालिन ने कहा- तमिलनाडु में भी आधुनिक स्कूलों पर काम हो रहा है. मुझे भरोसा है कि इसके उद्घाटन समारोह में सीएम केजरीवाल भी हिस्सा लेंगे. मैं अपने राज्य के लोगों की तरफ़ से उन्हें आमंत्रित करता हूँ. दिल्ली सरकार अपने मोहल्ला क्लिनिक और स्कूलों को उपलब्धि के रूप में पेश करती है.
इमरान ख़ान के विदेशी साज़िश के आरोपों पर अमेरिका ने क्या कहा?
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अमेरिका ने पीएम इमरान ख़ान के उनकी सरकार गिराने में विदेशी साज़िश के आरोपों पर कहा है कि इसमें कोई सच्चाई नहीं है.
गुरुवार को राष्ट्र के नाम संबोधन में इमरान ने कहा था कि एक विदेशी ताक़त है, जो चाहती है कि इमरान ख़ान सत्ता से बाहर हो जाएँ.
उन्होंने ये कहते हुए अमेरिका का नाम ले लिया था, लेकिन बाद में इसे ठीक करते हुए बाहरी ताक़त का ज़िक्र किया.
एक अधिकारिक पत्र का हवाला देते हुए इमरान ख़ान ने कहा था कि इस पत्र में लिखा है कि अगर "इमरान ख़ान सत्ता से बाहर हो जाते हैं तो फिर हमारे संबंध बहाल हो जाएंगे."
पत्र का हवाला देते हुए इमरान ख़ान ने कहा, "ये एक अधिकारिक दस्तावेज़ है. जिसमें ये कहा गया- कि अगर इमरान ख़ान प्रधानमंत्री रहता है तो हमारे आपके साथ संबंध ख़राब हो जाएंगे, और आपको मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा."
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अमेरिका विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इसमें कोई सच्चाई नहीं है. नेड प्राइस ने कहा- पाकिस्तान में जो भी हो रहे हैं, हम उस पर क़रीबी नज़र रखे हुए है. हम पाकिस्तान की संवैधानिक प्रक्रिया और क़ानून के शासन का सम्मान और समर्थन करते हैं. लेकिन बात जब ऐसे आरोपों की आती है, तो इसमें कोई सच्चाई नहीं है.
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पाकिस्तान में इमरान ख़ान की सरकार विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव का सामना कर रही है, जिस पर चर्चा और वोटिंग तीन अप्रैल को होनी है. इमरान ख़ान ने राष्ट्र के नाम संबोधन में ये कहा कि वे इस्तीफ़ा नहीं देंगे.
महाराष्ट्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट से झटका, अनिल देशमुख के ख़िलाफ़ सीबीआई जाँच जारी रहेगी
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सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के ख़िलाफ़ सीबीआई की जाँच जारी रहेगी.
महाराष्ट्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी कि ये जाँच कोर्ट की निगरानी में एसआईटी से होनी चाहिए.
लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार की इस मांग को ख़ारिज कर दिया.
सुप्रीम कोर्ट का ये फ़ैसला महाराष्ट्र सरकार के लिए तगड़ा झटका है, जो केंद्र की सरकार पर आरोप लगाती रहती है कि वो केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल सरकार के मंत्रियों और नेताओं को निशाना बनाने के लिए कर रही है.
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महाराष्ट्र सरकार की ये भी दलील थी कि मौजूदा सीबीआई निदेश सुबोध कुमार जायसवाल पहले राज्य के डीजीपी रह चुके हैं, इसलिए जाँच निष्पक्ष नहीं हो सकती. पिछले साल सीबीआई ने अनिल देशमुख के ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था. महाराष्ट्र सरकार सीबीआई जाँच के ख़िलाफ़ बांबे हाई कोर्ट भी गई थी, जहाँ से उसकी याचिका ख़ारिज हो गई थी. अन्य मामले में ईडी ने अनिल देशमुख को गिरफ़्तार किया था और फ़िलहाल वे जेल में हैं.
पंजाब को चंडीगढ़ सौंपने के लिए विधानसभा में प्रस्ताव पारित
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पंजाब के
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चंडीगढ़ को केंद्रीय सेवा नियमों के तहत लाने के फ़ैसले
के ख़िलाफ़ विधानसभा में प्रस्ताव पेश किया जो कि पारित हो गया है. भगवंत मान का कहना है कि केंद्र सरकार को चंडीगढ़, पंजाब को सौंप देना चाहिए.
पंजाब विधानसभा का एक दिन का विशेष सत्र बुलाया गया था. सत्र के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान, केंद्र सरकार पर पर निशाना साधते नजर आए. उनका आरोप है कि जिन राज्यों में बीजेपी की सरकार नहीं है उनके साथ अत्याचार हो रहा है. उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी पंजाब के हक़ के लिए राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ज़ल्द ही मिलेगी.
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इस विशेष सत्र में चंडीगढ़ के कर्मचारियों के लिए केंद्रीय सेवा नियम लागू करने के फ़ैसले पर चर्चा भी हुई.
कुछ दिनों पहले केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ के कर्मचारियों को केंद्रीय सेवा नियमों के तहत लाने की घोषणा की थी. इसके लिए अधिसूचना जारी कर दी गई जो एक अप्रैल से लागू होगी.
इसे केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ कर्मचारी (सेवा शर्त) नियम, 2022 नाम दिया गया है. नई व्यवस्था में सेवानिवृत्ति की उम्र, भत्ते और छुट्टियों संबंधी नियम बदल जाएंगे. अब उन पर केंद्र कर्मचारियों के ही नियम लागू होंगे और केंद्र के आदेश लागू होने के लिए पंजाब सरकार की अधिसूचना का इंतज़ार नहीं करना होगा.
केंद्र सरकार के इस फ़ैसले का पंजाब सरकार विरोध कर रही है. पंजाब के कई सांसदों ने लोकसभा में भी ये मसला उठाया था.
कुछ दिनों पहले भगवंत मान ने भी ट्वीट कर केंद्र के फ़ैसले पर नाराज़गी जताई थी.
उन्होंने लिखा था कि केंद्र सरकार चंडीगढ़ प्रशासन में अन्य राज्यों और सेवाओं के अधिकारियों और कर्मचारियों की चरणबद्ध तरीक़े से नियुक्ति कर रही है.
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उनका कहना था कि ये पंजाब पुनर्गठन अधिनियम 1966 की भावना के ख़िलाफ़ है पंजाब के सीएम भगवंत मान ने कहा है कि पंजाब चंडीगढ़ पर अपने न्यायसंगत दावे के लिए मज़बूती से लड़ेगा.
ब्रेकिंग न्यूज़, पाकिस्तान के मंत्री का दावा, इमरान ख़ान की हत्या की साज़िश रची गई
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पाकिस्तान में सूचना और प्रसारण मंत्री फ़वाद हुसैन चौधरी ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की हत्या की साज़िश रची गई है.
उन्होंने ट्वीट कर लिखा है कि सुरक्षा एजेंसियों ने ये जानकारी दी है.
फ़वाद चौधरी ने आगे लिखा है- इसके बाद सरकार के फ़ैसले के मुताबिक़ पीएम इमरान ख़ान की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है.
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प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की सरकार अविश्वास प्रस्ताव का सामना कर रही है. तीन अप्रैल को इस पर चर्चा के बाद वोटिंग होनी है.
एक दिन पहले राष्ट्र के नाम अपने संदेश में पीएम इमरान ख़ान ने कहा था कि वे आख़िरी गेंद पर संघर्ष करेंगे और इस्तीफ़ा नहीं देंगे.
चर्नोबिल परमाणु संयंत्र को रूसी सेना ने किया यूक्रेन के हवाले
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अंतरराष्ट्रीय एटॉमिक
एनर्जी एजेंसी (आईएईए) ने कहा है कि यूक्रेन ने उन्हें बताया है कि रूस की सेना
चेर्नोबिल परमाणु संयंत्र से चली गई है.
आईएईए ने कहा कि रूस
की सेना ने ‘‘चेर्नोबिल परमाणु संयंत्र का नियंत्रण यूक्रेन के कर्मियों के
हवाले कर दिया है.’’
संयंत्र
पर मौजूद स्टाफ़ ने बताया था कि वहां कोई बाहरी नहीं है. हालांकि, आईएईए ने पहले
कहा था कि वो इसकी पुष्टि नहीं कर सकता.
रूस
की सेना ने युद्ध की शुरुआत में चेर्नोबिल परमाणु संयंत्र का नियंत्रण अपने हाथ
में ले लिया था.
हालांकि,
संयंत्र के संचालन के लिए यूक्रेन के स्टाफ़ को वहां रखा गया था.
चेर्नोबिल
वो जगह है जहां साल 1986 में
भयानक परमाणु त्रासदी हुई थी.यहां अब कोई परमाणु रिएक्टर नहीं है
लेकिन इसके प्रबंधन की ज़रूरत होती है.
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यूरोपीय
संसद की अध्यक्ष रॉबर्टा मेटसोला यूक्रेन जाने वाली हैं. उन्होंने ट्वीट करके
यूक्रेन जाने की जानकारी दी.
उन्होंने
गुरुवार को ट्विटर पर बताया, ‘‘मैं कीएव के रास्ते पर हूं’’
यूरोपीय संसद के अधिकारी के मुताबिक मेटासोला की यात्रा और यूक्रेन
में उनकी किससे मुलाक़ात होगी, ये जानकारी सुरक्षा कारणों से नहीं दी गई है.
इससे पहले अध्यक्ष ने कहा था कि यूरोपीय संसद के लिए यह महत्वपूर्ण
है कि वो यूक्रेन के यूरोपीय संसद में उम्मीदवार देश बनने की अकांक्षा का समर्थन
करे.
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की अटकलों पर क्या बोले बिहार के मंत्री?
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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की इच्छा वाले बयान से शुरू हुई अटकलों को सरकार में
मंत्री और जदयू नेता संजय कुमार झा ने केवल अफवाह बताया है.
बिहार के जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा ने ट्वीट किया, ‘‘मुझे इस अफवाह पर हैरानी हो रही है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
राज्यसभा जाने पर विचार कर रहे हैं! ये भ्रामक है और सच्चाई से दूर है. उनके पास बिहार
की सेवा करने का जनादेश हैऔर मुख्यमंत्री के
तौर पर वो पूरे कार्यकाल में ऐसा करना जारी रखेंगे."
उन्होंने एक और ट्वीट किया, ‘‘नीतीश कुमार 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए का चेहरा थे और लोगों ने इस गठबंधन को वोट दिया है. बिहार के लोगों की सेवा करने की उनकी अटूट प्रतिबद्धता और बिहार को बदलने की क्षमता पवित्र है. मैं सभी से इस तरह के दुष्प्रचार से दूर रहने का आग्रह करता हूं, इससे फायदा होने वाला नहीं है.’’
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नीतीश कुमार ने बुधवार को अपने लंबे राजनीतिक जीवन में एक बार भी राज्यसभा न जाने का जिक्र करके नई अटकलों को जन्म दे दिया.
उन्होंने एक न्यूज़ चैनल से बातचीत में कहा था कि वो तीन सदनों के सदस्य रह चुके हैं. सिर्फ़ राज्यसभा बाकी है.
इसके बाद ये भी चर्चा होने लगी कि नीतीश कुमार को उपराष्ट्रपति बनाकर बिहार में बीजेपी का मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है.
दरअसल, बिहार में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी. बीजेपी को 74 और जदयू को 43 सीटें मिली थीं. फिर भी नीतीश कुमार को ही मुख्यमंत्री बनाया गया लेकिन, सरकार में उनकी स्थिति पहले जैसी मजबूत नहीं बताई जाती है.
अब विकासशील इंसान पार्टी के विधायकों के बीजेपी में शामिल होने के बाद बीजेपी बिहार की सबसे बड़ी पार्टी बन गई है जिससे जदयू पर दबाव बढ़ने की बात कही जा रही हैं.
जम्मू-कश्मीर: शोपियां में सेना के साथ मुठभेड़ में एक चरमपंथी की मौत
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जम्मू-कश्मीर के शोपियां ज़िले में सुरक्षा बलों के साथ
मुठभेड़ में एक चरमपंथी की मौत हो गई.
पुलिस
अधिकारी के मुताबिक सुरक्षा बल रात को दक्षिण कश्मीर में शोपियां ज़िले के तुर्कवांगम
इलाक़े में तलाशी अभियान चला रहे थे. उन्हें इलाक़े में आतंकियों के होने की सूचना
मिली थी.
उन्होंने
कहा कि ये तलाशी अभियान तब मुठभेड़ में बदल गया जब चरमपंथियों ने सुरक्षा बलों पर
फायरिंग शुरू कर दी.
अधिकारी
के मुताबिक फायरिंग के बीच एक चरमपंथी की मौत हो गई.चरमपंथी की पहचान और किस चरमपंथी
सगंठन से संबंध है इसकी पता लगाया जा रहा है.
यूक्रेन युद्ध: नेटो ने कहा रूसी सेना हमले के लिए दोबारा हो रही एकजुट
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नेटो ने कहा है कि यूक्रेन में मौजूद रूसी सेना, देश के पूर्वी हिस्से में अपने हमले बढ़ाने के लिए दोबारा एकजुट हो रही है.
नेटो के महासचिव जेंस स्टोल्टबर्ग ने कहा, “रूस अपनी सेनाओं को दोबारा एकजुट कर रहा है. रूसी सेना को और हथियार मुहैया करवाए जा रहे हैं. सैनिकों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है.”
उधर ब्रिटेन ने कहा है कि रूस पड़ोसी देश जॉर्जिया से करीब 1,200 से 2,000 सैनिकों को युद्ध में उतार रहा है.
ग़ौरतलब है कि रूस ने मंगलवार को कहा था कि वो यूक्रेन में हमले कम कर देगा और डोनबास को आज़ाद करवाने पर ध्यान देगा.
लेकिन नेटो महासचिव ने कहा है कि रूस ने यूक्रेन में अपने उद्देश्यों में कोई परिवर्तन नहीं किया है.
उन्होंने कहा, “हम शहरों पर रूसी हमलों को पहले जैसी ही गति से जारी रहते देख रहे हैं. रूस कुछ सैनिक टुकड़ियों को नई जगहों पर भेज रहा है. शायद ये डोनबास में मौजूद टुकड़ियों को मज़बूती देने के लिए किया जा रहा है.”
लेकिन नेटो का कहना है कि कीएव और अन्य बड़े शहरों रूसी हमलों में कोई कमी नहीं देखी गई है और आने वाले वक़्त में ये हमले बढ़ भी सकते हैं.
‘द कश्मीर फाइल्स’ पर बोले पवार, कहा-ऐसी फ़िल्म को स्क्रीनिंग के लिए मंजूरी नहीं मिलनी चाहिए
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राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार ने 'द कश्मीर फ़ाइल्स' को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा है. उन्होंने बीजेपी
पर झूठ फ़ैलाने का आरोप लगाया है.
उन्होंने कहा, ‘‘बीजेपी ‘द कश्मीर फ़ाइल्स’ के ज़रिए घाटी से कश्मीरी पंडितों के पलायन को लेकर देश में
झूठा प्रचार करके ज़हरीला माहौल बना रही है.’’
उन्होंने कहा, ‘‘इस तरह की फ़िल्म को स्क्रीनिंग
के लिए पास ही नहीं किया जाना चाहिए. लेकिन, इसे टैक्स में छूट मिल रही है और जिन
पर देश की एकता बनाए रखने की ज़िम्मेदारी है वो ही इस फ़िल्म को देखने के लिए
प्रोत्साहित कर रहे हैं जिससे लोगों में गुस्सा बढ़ रहा है.’’
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शरद पवार ने ये बातें अपनी पार्टी की दिल्ली इकाई के अल्पसंख्यक विभाग के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहीं.
पवार ने कहा कि कश्मीरी पंडितों को ज़रूर घाटी छोड़कर जाना पड़ा था लेकिन मुसलमानों को भी इसी तरह निशाना बनाया गया था. पाकिस्तान आधारित आंतकी समूह कश्मीरी पंडितों और मुसलमानों पर हमले के लिए ज़िम्मेदार हैं.
उन्होंने कहा कि अगर नरेंद्र मोदी सरकार वाकई कश्मीरी पंडितों की फिक्र करती है तो उसे उनके पुनर्वास के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए और अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ गुस्सा नहीं बढ़ाना चाहिए.
उन्होंने कश्मीर की बहस में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को भी बीच में लाने की आलोचना की. उन्होंने कहा कि जब कश्मीरी पंडितों का पलायन शुरू हुआ तो वीपी सिंह प्रधानमंत्री थे.
ब्रिटेन के रक्षा मंत्री ने कहा, पुतिन अपने ही बनाए पिंजरे में क़ैद हो गए हैं
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ब्रिटेन के रक्षा मंत्री बेन वॉलेस ने कहा
कि यूक्रेन पर हमले के कारण रूस एक कमज़ोर मुल्क हो गया है.
स्काई न्यूज़ से बात करते हुए उन्होंने
कहा, ‘‘राष्ट्रपति
पुतिन उतने अब ताकतवर नहीं रहे जितने वो पहले थे. अब वो अपने ही बनाए पिंजरे में
कैद हो गए हैं.’’
‘‘उनकी सेना थक चुकी है और उन्हे खुद भी काफ़ी नुक़सान हुआ
है. रूस की ताकतवर सेना की प्रतिष्ठा गिर गई है.’’
‘‘वो ना सिर्फ़ यूक्रेन में जो किया उसका खामियाजा भुगतेंगे
बल्कि उन्होंने अपनी सेना के साथ जो किया उन्हें उसके भी परिणाम भुगतने होंगे.’’
वॉलेस ने कहा कि
रूस की सेना अब दक्षिणी और पूर्वी यूक्रेन पर अपना ध्यान केंद्रित कर रही हैं.
उन्होंने
कहा,‘‘हमने ये
पहले भी देखा है. ये और बुरा होता जाता है. इसमेंआवासीय
इलाक़ों में और हमले होते हैं.’’
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सहयोगी यूक्रेन को और
ज़्यादा सैन्य उपकरण और मदद देने को लेकर सहमत हैं. इसमें बख्तरबंद बाहन और लंबी
दूरी तक मार करने वाले हथियार और गोला-बारूद शामिल हैं.
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