यूक्रेन और रूस के बीच वार्ता कामयाबी के क़रीबः तुर्की
यूक्रेन और रूस के बीच मध्यस्थता की कोशश कर रहे तुर्की का कहना है कि दोनों देश संघर्ष विराम के क़रीब पहुंच सकते हैं.
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प्रियंका झा and दीपक मंडल
यूक्रेन और रूस के बीच वार्ता कामयाबी के क़रीबः तुर्की

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तुर्की ने रविवार को बताया है कि यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध को रोकने के लिए चल रही वार्ता में प्रगति हुई है और दोनों पक्ष समझौते के नज़दीक पहुंच गए हैं.
तुर्की के विदेश मंत्री मेव्लुत चोवाशुग्लू ने रविवार को दिए एक बयान में कहा है, "ज़ाहिर तौर पर, जब युद्ध में आम नागरिक मारे जा रहे हैं, सहमति बनना आसान नहीं है. लेकिन हम ये कहना चाहेंगे कि इसके बावजूद बात आगे बढ़ी है."
उन्होंने कहा, "हम देख रहे हैं कि दोनों ही पक्ष समझौते के क़रीब पहुंच रहे हैं." चोवासोगलू ने इस सप्ताह यूक्रेन और रूस की यात्रा की थी.
तुर्की के यूक्रेन और रूस दोनों से मज़बूत संबंध हैं और तुर्की ने एक मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश की है. पिछले सप्ताह ही तुर्की ने यूक्रेन और रूस के विदेश मंत्रियों की मेज़बानी की थी.
चोवाशुग्लू ने बताया कि तुर्की दोनों ही देशों की वार्ताकार टीमों के संपर्क में है. हालांकि उन्होंने इस बारे में और अधिक जानकारी नहीं दी. चोवाशुग्लू ने कहा, "हम एक ईमानदार मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं."
वहीं तुर्की के अख़बार डेली हुर्रियत को दिए एक साक्षात्कार में राष्ट्रपति रेचेप तेयप अर्दोआन के विदेश नीति सलाहकार इब्राहिम कालिन ने बताया है कि दोनों ही पक्ष छह बिंदुओं पर वार्ता कर रहे हैं.
इनमें यूक्रेन का तटस्थ रहना, असैन्यकरण और सुरक्षा गारंटी, तथाकथित 'ग़ैर नाज़ीकरण', यूक्रेन में रूसी भाषा के इस्तेमाल में गतिरोधों को समाप्त करना और अलगाववादी डोनबास क्षेत्र और 2014 में रूस के नियंत्रण में आए क्राइमिया की स्थिति शामिल हैं.

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यूक्रेन और पश्चिमी देश नव-नाज़ीवाद के आरोप को ख़ारिज कर चुके हैं.
वहीं यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की लगातार शांति की अपील करते रहे हैं और रूस से वार्ता का न्योता स्वीकार करने और आक्रमण रोकने की अपील करते रहे हैं.
शनिवार को ज़ेलेंस्की ने कहा था, "ये मिलने का और बात करने का समय है और यूक्रेन की क्षेत्रीय अखंडता और निष्पक्षता के नवीकरण का समय है."
तुर्की ने कहा है कि वो राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की और राष्ट्रपति पुतिन की मेज़बानी करने के लिए तैयार है.
वहीं चोवाशुग्लू ने रविवार को कहा, "हम शांति के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं. " चोवाशुग्लू ने कहा, "हम ये कह सकते हैं कि अगर दोनों ही पक्ष अपनी मौजूदा स्थिति से पीछे नहीं हटे तो हम उम्मीद करते हैं कि संघर्ष विराम हो जाएगा."
रूस की सेनाओं ने 24 फ़रवरी को यूक्रेन पर हमला किया था. राष्ट्रपति पुतिन इसे यूक्रेन में रूस का विशेष सैन्य अभियान बता रहे हैं. वहीं यूक्रेन और पश्चिमी देशों का कहना है कि पुतिन ने यूक्रेन में हिंसक युद्ध शुरू किया है.
ब्रेकिंग न्यूज़, ज़ेलेंस्की ने किया इसराइली संसद को संबोधित, दूसरे विश्व युद्ध से की रूसी हमले की तुलना

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की रविवार को वीडियो लिंक के ज़रिए इसराइल की संसद को संबोधित कर रहे हैं.
अपने इस कदम के ज़रिए ज़ेलेंस्की रूस के ख़िलाफ़ युद्ध में यूक्रेन के लिए वैश्विक समर्थन हासिल करने की कोशिशें कर रहे हैं. इससे पहले वो ब्रिटेन और अमेरिका समेत दुनिया के कई देशों की संसदों को संबोधित कर चुके हैं.
अपने संबोधन के दौरान ज़ेलेंस्की ने यूक्रेन पर रूस के हमले की दूसरे विश्व युद्ध से तुलना की है.
ज़ेलेंस्की ने कहा, "ये कोई सैन्य अभियान नहीं है, ये एक व्यापक युद्ध है जिसका मक़सद हमारे लोगों की बर्बादी है, हमारे बच्चों, हमारे परिवारों, हमारे राष्ट्र, शहरों, संस्कृति और यूक्रेन से जुड़ी हर चीज़ की बर्बादी है."
ज़ेलेंस्की ने कहा, "इसलिए मेरे पास ये अधिकार है कि मैं इतिहास से इसकी तुलना कर सकूं. हमारे ज़िंदा रहने के संघर्ष और दूसरे विश्व युद्ध की तुलना कर सकूं."
माना जा रहा है कि अपने संबोधन में ज़ेलेंस्की अपने यहूदी होने का ज़िक्र भी कर सकते हैं.
अभी तक इसराइल इस युद्ध के दौरान तटस्थ बना हुआ है और उसने मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश की है.
इसराइल के विदेश मंत्री याएर लापिड ने रूस की आलोचना की है लेकिन प्रधानमंत्री नेफ्ताली बेनेट ने अभी तक रूस के ख़िलाफ़ कुछ नहीं कहा है.
चीन में कोरोना प्रतिबंध और कड़े,जिलिन में अगले हफ्ते भी घर से निकलने पर पाबंदी

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इमेज कैप्शन, चीन के जिलिन प्रांत में लोगों के घरों में सब्जियां पहुंचाते कोरोना वॉलंटियर्स चीन के जिलिन प्रांत में कोविड से जुड़ी पाबंदियां और कड़ी कर दी गई हैं. लाखों की आबादी वाले इस इलाके में हर रोज बड़ी तेजी से कोरोना संक्रमण के मामले आ रहे हैं.
जिलिन शहर के अधिकारियों ने कोरोना प्रतिबंधों को और कड़ा करने का ऐलान करते हुए लोगों को अगले हफ्ते भी घरों के अंदर ही रहने को कहा है.
अधिकारियों ने कहा है कि अगले सप्ताह लोग तब तक घरों से बाहर न निकलें जब तक कि बड़े पैमाने पर की जा रही टेस्टिंग पूरी न हो जाए.
जिलिन प्रांत के 90 लाख की आबादी वाले शहर चांगचुंग में पहले लोगों को खाने-पीने की चीजें खरीदने के लिए दुकानों पर पहुंचने की इजाज़त दी गई थी लेकिन अब उनकी यह सहूलियत ख़त्म कर दी गई है.
लोगों के अब अपने आवासीय परिसर के अंदर ही रहने के लिए कहा गया है.
दक्षिणी शहर शेन्ज़ेन में अब धीरे-धीरे पाबंदियां हल्की की जा रही हैं. मैन्यूफैक्चरिंग और बड़ी टेक कंपनियों वाले इस शहर में सोमवार से सार्वजनिक वाहन चलना शुरू हो जाएंगे. चीन के कुछ इलाकों में इस वक्त एक बार फिर तेजी से कोरोना संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं.
रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण यूक्रेन की क़रीब एक चौथाई आबादी विस्थापित -संयुक्त राष्ट्र

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शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र हाई कमिश्नर ने कहा है कि रूस यूक्रेन युद्ध के कारण अब तक यूक्रेन से क़रीब एक करोड़ लोग विस्थापित हुए हैं. ये यूक्रेन की कुल आबादी की एक चौथाई है.
रूसी सेना के आक्रमण से बचने के लिए ये लोग या तो देश छोड़ कर चले गए हैं या फिर देश के भीतर सुरक्षित स्थानों की तरफ पलायन कर गए हैं.
संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि रूस ने 24 फ़रवरी को अपने पड़ोसी देश यूक्रेन पर हमला किया था और यहां बीते 25 दिनों से भीषण लड़ाई जारी है. इस बीच 35 लाख लोग देश छोड़ने पर मजबूर हुए हैं, जबकि और लोग यूक्रेन के भीतर ही दूसरी जगहों पर सुरक्षित जगहों की तरफ चले गए हैं.
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार देश के भीतर 'मारियुपोल और सुमी' जैसे शहरों में रूसी सेना ने घेराबंदी की है और यहां फंसे लोगों की स्थिति बेहद चिंताजनक है.
एजेंसी के अनुसार रूसी सेना रिहाइशी इलाकों को निशाना बना रही है जिससे हज़ारों आम लोगों की ज़िंदगी के लिए संकट पैदा हो गया है.
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संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार कार्यालय का कहना है कि शनिवार तक की लड़ाई में यूक्रेन में कम से कम 902 आम नागरिक मारे जा चुके हैं.
संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि मरने वाले की वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है. वहीं यूक्रेन के महाभियोजक के कार्यालय का कहना है कि अब तक 112 बच्चे भी युद्ध में मारे जा चुके हैं.
वीडियो कैप्शन, COVER STORY: खारकीएव बना रूस के लिए बड़ी चुनौती यूक्रेन के पड़ोसी देश पोलैंड में अब तक बीस लाख से अधिक शरणार्थी पहुंच चुके हैं. वहीं पांच लाख लोगों ने रोमानिया में शरण ली है. हंगरी ने क़रीब तीन लाख और मोल्दोवा ने क़रीब तीन लाख साठ हज़ार यूक्रेनी शरणार्थियों को जगह दी है. बड़ी तादाद में लोग देश के भीतर भी विस्थापित हुए हैं.
यूक्रेन में 18 से 60 वर्ष तक की उम्र के पुरुष सेना में भर्ती होने के योग्य हैं और वो देश नहीं छोड़ सकते हैं.
वहीं बच्चों के लिए काम करने वाली संयुक्त राष्ट्र की संस्था यूनिसेफ़ का कहना है कि अब तक 15 लाख से अधिक बच्चे देश छोड़कर जा चुके हैं. यूनिसेफ़ ने बच्चों की तस्करी और शोषण को लेकर चिंता ज़ाहिर की है.
शेन वॉर्न को मेलबर्न के फ़ुटबॉल मैदान में दी गई अंतिम विदाई

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मशहूर ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर शेन वॉर्न का रविवार को उनके पैतृक शहर मेलबर्न में एक निजी कार्यक्रम में अंतिम संस्कार किया गया. शेन वॉर्न के परिजनों और दोस्तों ने उन्हें अंतिम विदाई और श्रद्धांजलि दी.
सेंट किल्डा फ़ुटबॉल क्लब में हुए इस निजी कार्यक्रम में क़रीब 80 लोग शामिल हुए. पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान माइकल क्लार्क और एलन बॉर्डर भी शामिल हुए.
वॉर्न के तीनों बच्चों ब्रूक, समर और जैकसन उनकी कार के पीछे-पीछे चले. पूर्व ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज़ ग्लेन मैकग्रा और इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन भी इस दौरान मौजूद रहे.
वॉर्न को 30 मार्च को मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में राजकीय सम्मान से विदाई दी जाएगी.
ऑस्ट्रेलिया के महान स्पिन गेंदबाज़ शेन वॉर्न का 4 मार्च को थाइलैंड में 52 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था.
लेग स्पिनर शेन वॉर्न को क्रिकेट के महानतम खिलाड़ियों में शुमार किया जाता है. 15 साल तक ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलने वाले वॉर्न ने 145 टेस्ट मैचों में 708 विकेट हासिल किए.
‘घबराना नहीं है बोलने वाले इमरान ख़ुद घबराने लगे’ – वुसत का व्लॉग
वीडियो कैप्शन, ‘घबराना नहीं है बोलने वाले इमरान खुद घबराने लगे’ – वुसत का व्लॉग पाकिस्तान में इमरान ख़ान की सरकार के ख़िलाफ़ विपक्ष एकजुट है और अविश्वास प्रस्ताव ला रहा है. पाकिस्तान में एक बात कही जाती है कि किसी भी सरकार के लिए उसका चौथा साल सबसे अहम होता है क्याोंकि इस साल में अधिकतर सरकारें गिर जाती हैं.
इमरान ख़ान की सरकार के सामने भी चौथे साल ही ये दिक्कतें पेश आ रही हैं. इमरान ख़ान अपनी जनता से बार-बार कहते सुने गए कि 'आपने घबराना नहीं है', लेकिन मौजूदा हालात में वो खुद घबराए हुए महसूस होते हैं.
पाकिस्तान के इन राजनीतिक घटनाक्रम पर देखिए पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार वुसअतुल्लाह ख़ान की ख़ास टिप्पणी.
बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर'
बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर', 20 मार्च 2022, सुनिए वात्सल्य राय से.
छोड़िए YouTube पोस्टGoogle YouTube सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. YouTube सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
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श्रीलंका में पेट्रोल और केरोसिन की भारी कमी, लाइन में लगे दो लोगों की मौत

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श्रीलंका ईंधन संकट के दौर से गुज़र रहा है. यहां पेट्रोल और केरोसिन तेल के लिए लोग लंबी लाइनें लगा रहे हैं.
रविवार को दो अलग-अलग शहरों में ऐसी ही लाइनों में खड़े दो बुजुर्ग जमीन पर गिर पड़े और उनकी मौत हो गई.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने श्रीलंकाई पुलिस के हवाले से ख़बर दी है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में पेट्रोल और केरोसिन के लिए लाइन में लगे दो बुज़ुर्गों की मौत हो गई. दोनों की उम्र सत्तर साल से अधिक थी.
पुलिस प्रवक्ता नलिन थालडुवा ने कहा कि इनमें से एक बुजुर्ग ऑटोड्राइवर थे. वह डाइबिटीज और दिल की बीमारी से जूझ रहे थे. जबकि दूसरे बुजुर्ग की उम्र 72 साल थी. दोनों काफी देर से लाइन में खड़े थे.
श्रीलंका के विदेशी मुद्रा भंडार की स्थिति बेहद कमज़ोर हो गई. लिहाज़ा पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के आयात में उसे मुश्किल आ रही है. इसी कारण देश में पेट्रोल, केरोसिन और गैस की भारी किल्लत हो गई.
पेट्रोल पंपों पर लोगों की लंबी कतारें लग रही हैं और घंटों बिजली कटौती हो रही है.
श्रीलंका की आर्थिक हालत इतनी गंभीर है कि कागज़ और प्रिंटिंग के लिए स्याही खरीदने के पैसे न होने की वजह से स्कूली छात्रों की परीक्षा तक रद्द करनी पड़ी है.
समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक़ कोविड की वजह से पर्यटन पर आधारित श्रीलंका की अर्थव्यवस्था को काफी नुकसान पहुंचा है.
भारत ने श्रीलंका को खाद्य उत्पादों, दवाओं और दूसरी जरूरी चीजें खरीदने के लिए एक अरब डॉलर की ऋण सुविधा देने का फैसला किया है.
श्रीलंका के वित्त मंत्री बासिल राजपक्षे इसके लिए हाल में भारत आए थे. भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने श्रीलंका को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर समर्थन देने समेत आर्थिक और सामाजिक मामलों में हर तरह की मदद का भरोसा दिया है.
यूक्रेनी सांसद ने कहा, कीएव पर कब्ज़े की एक और तैयारी कर रहा रूस

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यूक्रेन पर रूसी हमले के 24 दिन हो चुके हैं. पूरी दुनिया की निगाहें इस वक़्त मारियुपोल और ज़पोरजिया और यूक्रेन के दूसरे शहरों पर हैं, जहां रूसी हमले लगातार तेज हो रहे हैं.
लेकिन यूक्रेनी सांसद किरा रुदिक ने चेतावनी दी है कि इस बीच रूसी सेना अगले कुछ दिनों के भीतर राजधानी कीएव पर कब्ज़े की एक और कोशिश कर सकती है.
रुदिक यूक्रेन में विपक्षी दल गोलोस पार्टी की नेता हैं. बीबीसी से बात करते हुए उन्होंने कहा कि लोग कीएव में नए रूसी हमलों का मुक़ाबला करने के लिए हरसंभव कोशिश कर रहे हैं.
उन्होंने कहा, ''कीएव में लगातार बमबारी हो रही है. पिछले तीन दिनों में हमने चार मकानों को रूसी मिसाइलों से ध्वस्त होते देखा है. हमें लगता है कि अगले सप्ताह रूस शहर में घुसने की एक और कोशिश करेगा. ''
रुदिक ने कहा, '' पिछली बार उसके सैनिक इसमें नाकाम रहे थे. शहर के बाहरी इलाक़ों से उनका हमला लगातार जारी है. लेकिन हमारी सेना रूसी सेना को पीछे धकेल रही है. अभी तक कीएव के लोग ठीक हैं. हर दिन हम जीत रहे हैं.
'' हम आगे के लिए लगातार तैयारी कर रहे हैं. हम ज्यादा खाना और पानी इकट्ठा कर रहे हैं. हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हमारी रक्षा तैयारी और मज़बूत बने. ''
उन्होंने कहा कि युद्ध ने देश में लोकतंत्र से जुड़े काम को ख़त्म नहीं किया है. यूक्रेन और इसके संसद का काम जारी है. क़ानूनों पर काम लगातार जारी है.
यूक्रेन का दावा, 25 दिनों की लड़ाई में मारे 14,700 रूसी सैनिक

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यूक्रेनी सैन्य अधिकारियों का कहना है कि उनकी सेना ने 14,700 रूसी सैनिकों को मारा है.
यूक्रेन पर रूस के हमले का 25 वां दिन चल रहा है. यूक्रेनी शहर मारियुपोल, जपोरजिया और राजधानी कीएव में भीषण लड़ाई जारी है.
यूक्रेन के सेनाप्रमुख के स्टाफ की ओर से किए गए एक फेसबुक अपडेट में अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि यूक्रेनी सेना ने 25 दिनों की लड़ाई में रूस के 14,700 सैनिकों को मार दिया है.
इस अपडेट में यह भी दावा किया गया है कि यूक्रेनी सेना ने बड़ी तादाद में रूसी सेना के साजोसामान भी नष्ट किए हैं. इनमें 476 टैंक और 200 से ज्यादा लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर, ड्रोन शामिल हैं. इसके अलावा हथियार ले जा जाने वाले 1487 वाहन भी ध्वस्त किए गए हैं.
हालांकि बीबीसी इनकी पुष्टि नहीं कर सका है. पश्चिमी देशों के सूत्रों का कहना है कि अब तक की लड़ाई में रूसी सेना को काफी नुकसान उठाना पड़ा है.
अमेरिकी रक्षा सूत्रों का आकलन है कि अब तक की लड़ाई में कम से कम 7000 रूसी सैनिक मारे गए हैं और 21 हजार घायल हुए हैं.
ब्रेकिंग न्यूज़, एन बीरेन सिंह फिर बनेंगे मणिपुर के मुख्यमंत्री
....में - Author, दिलीप कुमार शर्मा
- पदनाम, गुवाहाटी से, बीबीसी हिंदी के लिए

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मणिपुर के अगले मुख्यमंत्री को लेकर चल रहे तमाम कयासों पर विराम लगाते हुए बीजेपी विधायक दल ने रविवार को सर्वसम्मति से एन बीरेन सिंह को मणिपुर के अगले मुख्यमंत्री के रूप में चुन लिया है.
बीरेन सिंह लगातार दूसरी बार प्रदेश के मुख्यमंत्री बनेंगे.
10 मार्च को चुनाव परिणाम आने के बाद भी बीजेपी को मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा करने में 10 दिन लग गए. क्योंकि इस बार मणिपुर में मुख्यमंत्री पद के लिए एन. बीरेन सिंह के साथ थोंगम विश्वजीत सिंह तथा पिछली सरकार में विधानसभा अध्यक्ष रहे युमनाम खेमचंद सिंह के नाम की भी चर्चा थी. इन तीनों नेताओं ने शनिवार को दिल्ली में बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व से मुलाक़ात की थी.
इस बीच आज बीजेपी के केंद्रीय पर्यवेक्षक और सह-पर्यवेक्षक केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और कानून एवं न्याय मंत्री किरेन रिजिजू इंफाल पहुंचे और इसके बाद ही विधायक दल की बैठक हुई.
मणिपुर विधानसभा की 60 सीटों में से बीजेपी ने पूर्ण बहुमत हासिल करते हुए 32 सीटों पर जीत दर्ज की है.
रूस का दूसरा हाइपरसोनिक मिसाइल हमले का दावा, कहा- ईंधन भंडार को बनाया निशाना

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रूस के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि रूसी सेना ने यूक्रेन के सैन्य ठिकानों पर दूसरा हाइपरसोनिक मिसाइल हमला किया है.
अधिकारियों का दावा है कि नए किंज़हाल मिसाइल सिस्टम से किए गए इस हमले में यूक्रेन के दक्षिणी इलाक़े में स्थित एक ईंधन डिपो को बर्बाद किया गया है.
अधिकारियों ने एक बयान में कहा, "किंज़हाल हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइल ने मायकोलाइव के पास एक बड़े ईंधन और ल्यूब्रिकेंट भंडार को तबाह किया है. इसका इस्तेमाल यूक्रेन की सेना के लिए किया जाता है."
बीबीसी रूस के इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका है.
ये दूसरी बार है जब रूस ने यूक्रेन में हाइपरसोनिक मिसाइल के इस्तेमाल का दावा किया है.
रूस के अधिकारियों के मुताबिक़ किंज़हाल मिसाइल दो हज़ार किलोमीटर दूर तक निशाना लगा सकती है. ये मिसाइल 6 हज़ार किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक रफ़्तार से चलती है.
रूस का दावा है कि ये मिसाइल अति उन्नत एयर डिफ़ेंस सिस्टम को चकमा देने में सक्षम है और इसे मार गिराना आसान नहीं है.
बेल्जियम में भीड़ पर चढ़ी कार, 6 लोगों की मौत

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दक्षिणी बेल्जियम में एक कार के भीड़ पर चढ़ने से कम से कम छह लोगों की मौत हो गई है. ये घटना राजधानी ब्रसेल्स से क़रीब पचास किलोमीटर दूर एक छोटे क़स्बे में हुई है.
क़रीब 60 लोग रविवार को एक कार्निवाल में शामिल होने की तैयारी कर रहे थे, जब उन पर तेज़ रफ़्तार कार चढ़ गई.
पुलिस के एक प्रवक्ता ने बीबीसी को बताया है कि इस हादसे में कई लोग घायल हुए हैं, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर है.
इस घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है लेकिन पुलिस का कहना है कि ये एक आतंकवादी घटना नहीं है.
पुलिस की प्रवक्ता क्रिस्टीना इयानोको ने कहा, "ये एक हादसा है, एक दुखद हादसा. कार लोगों पर चढ़ गई और आगे बढ़ने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने उसे तुरंत रोक लिया."
पुलिस के मुताबिक़ कार के ड्राइवर और अन्य सवारों को हिरासत में रखा गया है. पुलिस ने बेल्जियम मीडिया में आई उन रिपोर्टों का खंडन किया है जिनमें दावा किया गया था कि ये हादसा पुलिस के कार का पीछा करने के दौरान हुआ है.
बेल्जियम की गृह मंत्री एनेलीज वेरलिंडेन ने ट्विटर पर लिखा, "आज सुबह हुए हादसे में मारे गए और घायल लोगों के परिजनों के लिए मेरी गहरी संवेदनाएं हैं. एक शानदार पार्टी होनी थी लेकिन वो दुखद हादसे में बदल गई. हम हालात पर नज़र रखे हुए हैं."
मारियुपोल में जो हो रहा है उसे सदियों तक याद रखा जाएगा- ज़ेलेंस्की

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यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने रूसी सेना के मारियुपोल शहर के घेराव को 'भयंकर घटना' कहा है जिसे 'आने वाली कई सदियों तक याद रखा जाएगा'.
ताज़ा घटना में मारियुपोल शहर के प्रशासन ने कहा है कि रूसी सेना ने एक स्कूल पर बमबारी की है. इस स्कूल में क़रीब 400 लोग पनाह लिए हुए थे, जिनमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल थे.
एक वीडियो संदेश में ज़ेलेंस्की ने कहा कि रूस को उसकी हरकतों की सज़ा ज़रूर मिलेगी.
उन्होंने कहा, "मारियुपोल को घेरकर रखना इतिहास में युद्ध अपराध के तौर पर दर्ज किया जाएगा. ये एक शांतिपूर्ण शहर था, इसपर हमला करने वाले जो कर रहे हैं उसे सदियों तक याद रखा जाएगा. यूक्रेन के लोग इसके बारे में जितना अधिक दुनिया को बताएंगे, उतना ही हमें समर्थन मिलेगा. यूक्रेन में रूस जितनी अधिक हिंसा करेगा, उसके लिए इसका परिणाम उतना ही बुरा होगा."

इमेज कैप्शन, फाइल फोटो : मारियुपोल में रूसी हमले से क्षतिग्रस्त फ्लैट्स मारियुपोल के मेयर का दावा - लोगों को जबरन रूस ले जाया जा रहा
इससे पहले मारियुपोल के मेयर वेदिम बॉयशेन्को ने कहा था कि शहर से हज़ारों लोगों को जबरन रूस ले जाया जा रहा है.
हालांकि उनके इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
मिल रही रिपोर्टों के अनुसार रूस की तरफ से लगातार हो रही बमबारी के बीच शहर में अभी भी क़रीब तीन लाख लोग फंसे हुए हैं. जो लोग किसी तरह यहां से निकलने में कामयाब हुए हैं, उनका कहना है कि यहां कि गलियों में लाशें बिखरी हुई हैं.
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रूसी बमबारी में स्टील प्लांट के ध्वस्त होने की ख़बर
यूक्रेन के मारियुपोल शहर के एक स्टील प्लांट में भारी विस्फोट की ख़बरों के बाद यूक्रेनी सांसदों ने कहा है कि अज़ोव्स्ताल नाम की यह फैक्ट्री पूरी तरह ध्वस्त हो गई है.
उन्होंने कहा कि रूसी बमबारी की वजह से इसकी यह हालत हुई है. यह यूरोप के सबसे सबसे बड़ी स्टील संयंत्रों में से एक है.
अजोवस्तोल के डायरेक्टर जनरल ने टेलीग्राम पर बताया कि फैक्टरी को निशाना बनाया गया है. हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि इसे कितना नुकसान हुआ है.
उन्होंने कहा कि युद्ध शुरू होने के साथ ही फैक्टरी के कामगारों ने सुरक्षा उपाय अपनाने शुरू कर दिए था ताकि यह यहां रहने वालों के लिए खतरा न बने.

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इमेज कैप्शन, शहर के एक हिस्से की सैटलाइट तस्वीर यह स्टील प्लांट मारियुपोल की अहम परिसंपत्तियों में शामिल है. बीते कई दिनों से रूसी सेना इस शहर को कब्जे में लेने के लिए हमले दर हमले कर रही है.
मारियुपोल छोटा शहर है लेकिन रणनीतिक लिहाज से यह यूक्रेन और रूस दोनों के लिए काफी अहम है. मारियुपोल पर कब्ज़ा होने से यहां से पूर्वी क्षेत्र के शहरों दोनेत्स्क और लुहांस्क को क्राइमिया से सड़क मार्ग के ज़रिए जोड़ा जा सकेगा.
दोनेत्स्क और लुहांस्क शहरों पर रूस समर्थित अलगाववादियों का कब्ज़ा है. माना जा रहा है कि मारियुपोल पर कब्ज़े के बाद यह क्राइमिया से भी जुड़ जाएगा. रूस ने 2014 में क्राइमिया को यूक्रेन से अलग कर अपने कब्ज़े में ले लिया था.
रूस की बमबारी से मदद की रफ्तार पड़ रही है धीमी- यूनिसेफ़

इमेज कैप्शन, यूक्रेन में बच्चों के हालात के बारे में बताते जो इंग्लिश यूनिसेफ़ में काम करने वाले एक कार्यकर्ता ने बीबीसी को बताया है कि रूसी सेना से घिरे यूक्रेनी शहर मारियुपोल के लोगों के लिए मानवीय मदद की बेहद जरूरत है. लेकिन रूसी सेना की लगातार बमबारी ने इस काम को जारी रखना लगभग असंभव कर दिया है.
यूनिसेफ़ में काम करने वाले जो इंग्लिश ने लवीव से बीबीसी ब्रेकफास्ट कार्यक्रम में जानकारी देते हुए कहा, "यहां जो हालात हैं उन्हें शब्दों में बयान करना मुश्किल है."
लोगों की मदद करने के क्रम में कई सहायताकर्मियों के सामने खतरे की स्थिति पैदा हो रही है. जो ने कहा, "मानवीय कॉरिडोर के मामले में तो सैद्धांतिक सहमति है लेकिन ज़मीनी हालात काफी अलग हैं."
उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि मानवीय सहायता के लिए पहुंचे समूहों को प्रभावी तरीके से काम करने दिया जाए.
उन्होंने कहा, "ये सिर्फ इन इलाकों से लोगों को निकालने का ही मामला नहीं है. हमारे लिए यह भी जरूरी है कि इन लोगों तक जरूरी चीजों की सप्लाई पहुंचाई जाए क्योंकि हर कोई यहां से बाहर निकलने में सक्षम नहीं है."

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जो इंग्लिश ने पूरे देश में बच्चों के सामने खड़ी दिक्कतों के बारे भी बताया. उन्होंने कहा, "कल मैं एक बच्चे डेनिलो से मिला. उसे टी-सेल ल्यूकेमिया है. इस बच्चे को मेडिकल सपोर्ट की ज़रूरत है लेकिन यह मदद उसे यहां नहीं मिल सकती."
उन्होंने कहा, "हम हर दिन इस तरह के मामलों के बारे में सुन रहे हैं. एक दिन पहले 15 साल के एंद्री की मौत एक बारुंदी सुरंग विस्फोट में हो गई. उसकी मां की भी मौत हो गई."
इससे पहले दस सप्ताह की बच्ची अन्ना की मां को उसे कीएव के एक मेटरनिटी अस्पताल में छोड़ने का असंभव-सा लगने वाला फ़ैसला करना पड़ा. अन्ना को इंटेंसिव मेडिकल सपोर्ट की जरूरत पड़ेगी. उसकी मां को नहीं लगता है वह उसकी मदद कर सकेगी."
जो ने युद्ध की वजह से बच्चों के सामने पैदा संकट के बारे में कहा, "देश के अंदर बच्चों के सामने संकट पैदा हो गया है. देश से भाग कर सीमा पार जा रहे बच्चों के सामने भी गंभीर संकट है."
ज़ेलेन्स्की ने नेस्ले पर साधा निशाना, कहा रूस के साथ व्यापार बंद होना चाहिए

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यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमार ज़ेलेन्स्की ने स्विट्ज़रलैंड में वीडियो लिंक के ज़रिए एक स्पीच दी है जिसमें उन्होंने स्विट्ज़रलैंड की कुछ कंपनियों की आलोचना की है.
स्विट्ज़रलैंड के संसद के सामने वीडियो के ज़रिए एक रैली को संबोधित करते हुए ज़ेलेन्स्की ने कहा कुछ कंपनियों ने रूस के साथ व्यापारिक रिश्ते बनाए हुए हैं. उन्होंने ख़ासकर नेस्ले पर निशाना साधा.
इसके उत्तर में नेस्ले ने कहा है कि उसने रूस में अपना व्यापार काफी हद तक कम कर दिया है लेकिन उसने ये फ़ैसला किया है कि वो रूसी लोगों को ज़रूरी खाने-पीने के सामान की सप्लाई जारी रखेगा और वहां मौजूद अपने कर्मचारियों की मदद करना जारी रखेगा.
हालांकि कंपनी ने ये भी कहा कि रूस से उसके मौजूदा काम से उसे कोई लाभ नहीं मिल रहा है, वो देश में और निवेश नहीं कर रहा है और न ही अपने उत्पादों को बेचने के लिए प्रोमोशन कर रहा है.
राष्ट्रपति ज़ेलेस्न्की ने स्विस बैंकों से भी अपील की कि वो अपने पास जमा रूस के रईसों का पैसा फ्रीज़ करें. उन्होंने दावा किया कि जिन लोगों ने यूक्रेन के ख़िलाफ़ युद्ध छेड़ा है उनका पैसा इन बैंकों की तिजोरी में है.
स्विट्ज़रलैंड में हुई इस रैली में हज़ारों लोगों ने शिरकत की. देश के राष्ट्रपति इग्नाज़ियो कैसिस भी इस दौरान स्टेज पर एक बैनर लिए खड़े नज़र आए. इस पर लिखा था- 'हम यूक्रेन के साथ हैं, युद्ध तुंरत रुकना चाहिए.'

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गुजरात के बाद कर्नाटक सरकार ने दिए स्कूलों में गीता पढ़ाने के संकेत, कांग्रेस ने बताया- बीजेपी का स्वार्थ

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इमेज कैप्शन, के रहमान ख़ान (फ़ाइल फ़ोटो) गुजरात के स्कूलों में भगवद्गीता पढ़ाने के फ़ैसले को कर्नाटक में लागू करने के संकेत मिलने के बाद प्रदेश कांग्रेस ने इसकी आलोचना की है. कांग्रेस का कहना है कि नई शिक्षा नीति सिलेबस में हिंदुत्व को लाने के लिए इस्तेमाल हो रही है.
कांग्रेस का कहना है कि कर्नाटक सरकार ने भी गुजरात के नक्शेकदम पर चलने के संकेत दिए हैं. इधर राज्य के शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस मसले पर मुख्यमंत्री और टेक्स्टबुक कमेटी के सदस्यों से चर्चा की जाएगी.
कर्नाटक सरकार की आलोचना करते हुए कर्नाटक कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री के रहमान खान ने कहा, "कर्नाटक के शिक्षा मंक्षी गुजरात के नक्शेकदम पर चलते हुए कह रहे हैं कि वो भी पाठ्यक्रम में भगवद्गीता को शामिल करेंगे. मेरा मानना है कि पाठ्यक्रम में धार्मिक किताबें लाने में कुछ ग़लत नहीं है, लेकिन मेरा मानना है कि भारत कई धर्मों की विविधताओं वाला देश है."
उन्होंने कहा, "इसलिए, सभी धर्मों की किताबें छात्रों को पढ़ाई जानी चाहिए. हालांकि, मुझे लगता है कि इसमें बीजेपी का अपना स्वार्थ छिपा है. हर धार्मिक किताब "धर्म" सिखाती है. बीजेपी ये नहीं कह सकती है सिर्फ़ गीता ही धर्म और भारतीय संस्कृति सिखा सकती है. नई शिक्षा नीति हिंदुत्व की नीति को पाठ्यक्रम में शामिल करने का तरीका है, और कुछ नहीं."
17 मार्च को गुजरात के शिक्षा मंत्री जीतू वघानी ने कहा था कि राज्य में इसी सत्र से छठी से बारहवीं कक्षा तक भगवद्गीता पढ़ाई जाएगी.
चीन को रूस की कार्रवाई की निंदा करनी चाहिए: ब्रिटेन

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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कड़े शब्दों में चीन से कहा है कि वो रूस के आक्रमण की निंदा करे.
संडे टाइम्स अख़बार को दिए इंटरव्यू में पीएम जॉनसन ने अच्छाई और बुराई के बीच युद्ध करार देते हुए कहा कि रूस के साथ खड़े रहना द्वितीय विश्व युद्ध में गलत पक्ष को चुनने को बराबर है.
उन्होंने कहा, "जैसे-जैसे समय बीत रहा है और रूसी अत्याचारों की संख्या बढ़ती जा रही है, मुझे लगता है कि लोगों के लिए प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से पुतिन के आक्रमण को अनदेखा करना अधिक कठिन और राजनीतिक रूप से शर्मनाक होता जा रहा है."
हालांकि, जॉनसन ने कहा कि उनका मानना है कि बीजिंग अपनी तटस्थ स्थिति को लेकर "दोबारा विचार" करेगा.
चीन ने यूक्रेन पर रूस की कार्रवाई को लेकर अभी तक निंदा नहीं की है. ऐसी खबरें भी आई कि रूस ने चीन से मदद मांगी हैं. इससे पहले शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने चीन को चेताया था कि अगर उसने रूस की सहायता कि तो इसके "गंभीर परिणाम" हो सकते हैं.
शनिवार को चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने इस मसले पर देश के रुख को "निष्पक्ष" बताया था. उन्होंने ये भी कहा था कि चीन इस मुद्दे किसी बाहरी दबाव पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देगा.
ब्रेकिंग न्यूज़, बिहार के दो ज़िलों में ज़हरीली शराब पीने से 6 लोगों की मौत का दावा, सीटू तिवारी, बीबीसी हिंदी के लिए

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इमेज कैप्शन, स्वास्थ्य केंद्र में इकट्ठे हुए लोग बिहार के मधेपुरा ज़िले के मुरलीगंज थाना क्षेत्र और भागलपुर के विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के साहेबगंज में कुल 6 लोगों की कथित तौर पर ज़हरीली शराब पीने से मौत हो गई.
मधेपुरा के मृतकों में लोजपा के प्रखंड अध्यक्ष नीरज निशांत भी शामिल हैं. तीनों मृतकों की पहचान दिग्धी गांव के पुराकी सिंह, नीरज निशांत और संजीव कुमार रमाणी के तौर पर हुई है.
इसके अलावा मुरलीगंज के मुख्य बाजार में भी एक मौत की सूचना है लेकिन इसकी पुष्टि अभी तक स्थानीय पत्रकारों ने नहीं की है.
स्थानीय पत्रकार अर्जुन कुमार के मुताबिक, “18 मार्च की रात को सबसे पहली मौत पुराकी सिंह की हुई जिसके बाद 19 मार्च को दो मौत हुई है. मृतकों के परिजन इन मौतों पर कुछ भी बोलने से बच रहे है. चोरी छिपे प्राइवेट जगहों पर दर्जनों बीमार व्यक्तियों का इलाज कराया जा रहा है और जिनकी मौत हुई उनका भी चोरी छिपे दाह संस्कार कर दिया गया है.”

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मुरलीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के डॉक्टर संजीव ने बीबीसी से कहा, “हमारे पास 18 और 19 मार्च को 5 व्यक्ति गंभीर हालत में आए थे जिनकी सांस फूल रही थी और उल्टी हो रही थी. लेकिन इसकी वजह क्या है, ये स्पष्ट तौर पर कहना मुश्किल है. हमने इन सबको सदर अस्पताल रेफ़र कर दिया है.”

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स्वास्थ्य केन्द्र जिसकी एक पर्ची बीबीसी के पास भी है, उसमें भी स्पष्ट तौर पर लिखा है, “हिस्ट्री ऑफ एल्कोहल इनटेक येस्टरडे 18.03.22 इवनिंग.”
इस मामले में अभी तक प्रशासन की ओर से कोई पुष्टि नहीं की गई है. वहीं मुरलीगंज थानाध्यक्ष राजकिशोर मंडल ने भी बीबीसी से कहा, “बहुत सारी सूचनाएं मिल रही है और इसकी जांच चल रही है. लेकिन हमें अभी तक ऐसी किसी मौत की सूचना नहीं है.”
भागलपुर में साहेबगंज में हुई तीन मौतों के बाद 20 मार्च को स्थानीय लोगों ने साहेबगंज चौक जाम कर दिया.
भागलपुर सिटी डीएसपी विकास कुमार ने तीन लोगों की मौत की पुष्टि की है और एक नौजवान के इलाजरत होने की बात कही है. उन्होने कहा, “लोगों का कहना है कि मौत शराब पीने से हुई है लेकिन ये पोस्टमॉर्टम के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा.”
