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मोदी ने चीन के साथ सीमा विवाद को लेकर जापान से की चर्चा, यूक्रेन संघर्ष पर भी बातचीत

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के पीएम फ़ुमिओ किशिदा ने शनिवार को चीन से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की.

लाइव कवरेज

अभय कुमार सिंह, दीपक मंडल and दिलनवाज़ पाशा

  1. जिनपिंग ने बाइडेन से कहा-ताइवान पर कोई चूक हुई तो चीन-अमेरिका संबंधों पर पड़ सकता है असर

    एक तरफ़ यूक्रेन में रूस के हमले के बीच अमेरिका अलग-अलग देशों से रूस के ख़िलाफ़ समर्थन जुटाने की कोशिश में है तो अब चीन ने अमेरिका से ताइवान की बात छेड़ दी है.

    शुक्रवार को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के बीच बातचीत हुई. इस दौरान जिनपिंग ने बाइडेन से कहा कि ताइवान के मुद्दे पर किसी भी चूक का नकारात्मक असर चीन-अमेरिका के रिश्तों पर पड़ सकता है.

    न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स ने चीनी मीडिया के हवाले से ये जानकारी दी है. चीन मानता है कि ताइवान उसका एक प्रांत है, जो एक दिन फिर से चीन का हिस्सा बन जाएगा.

    चीन ने कहा है कि ताइवान को बलपूर्वक भी वापस लाया जा सकता है और ये अमेरिका के साथ उसके रिश्तों का सबसे संवेदनशील और अहम मुद्दा है.

    बाइडेन से बातचीत में जिनपिंग ने कहा, ''अमेरिका के कुछ लोग ताइवान के स्वतंत्रता-समर्थक ताकतों को गलत संकेत भेज रहे हैं, ये बेहद ख़तरनाक है.अगर ताइवान मुद्दे को ठीक से नहीं संभाला जाता है, तो इसका दोनों देशों के संबंधों पर बेहद ख़राब प्रभाव पड़ेगा.''

    वहीं व्हाइट हाउस की तरफ़ से जारी एक बयान में कहा गया है कि शी जिनपिंग से बातचीत के दौरान बाइडेन ने दोहराया है कि ताइवान को लेकर अमेरिका की नीति नहीं बदली है.

    साथ ही बाइडेन ने ज़ोर दिया कि अमेरिका ''यथास्थिति में एकतरफा बदलाव का विरोध करना जारी रखेगा.'' इस बीच ताइवान के विदेश मंत्रालय ने बाइडेन को शुक्रिया कहा है.

  2. अफ़ग़ानिस्तान में बच्चों की जान पर मंडराता ख़तरा

    अफ़ग़ानिस्तान में दस लाख से अधिक बच्चे कुपोषित हैं और उन पर खसरा-टीबी जैसी जानलेवा बीमारियां मंडरा रही हैं. पिछले साल अगस्त में तालिबान के सत्ता में आने से पहले जो विदेशी मदद अफ़ग़ानिस्तान को मिल रही थी, उसकी वजह से देश का हेल्थ सिस्टम काम कर रहा था.

    लेकिन जब यही मदद बंद हो गई, तो सरकारी अस्पताल ख़स्ताहाल हो गए. अफ़ग़ानिस्तान में आबादी के एक बड़े हिस्से को दो वक्त की रोटी हर दिन आसानी से नसीब नहीं हो रही है और इसकी सबसे ज़्यादा मार पड़ी है बच्चों पर.

    अफ़ग़ानिस्तान के हेलमंद प्रांत से बीबीसी संवाददाता योगिता लिमये की रिपोर्ट के कुछ दृश्य आपको विचलित कर सकते हैं.

  3. क़ीमतों में इज़ाफ़े ने गरीब और मध्यम वर्ग को कुचल दिया है, एक्शन में आए सरकार- राहुल गांधी

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मुद्रास्फीति को भारतीयों पर टैक्स बताया है. उनका कहना है कि यूक्रेन युद्ध शुरू होने से पहले ही कीमतों में रिकॉर्ड इज़ाफ़े ने गरीबों और मध्यम वर्ग को कुचल दिया है.

    राहुल गांधी ने कुछ वजहें बताते हुए कहा है कि क़ीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है. वो वजहें हैं- कच्चे तेल की क़ीमतों में इज़ाफ़े, खाद्य क़ीमतों में 22% की वृद्धि की आशंका और कोरोना की वजह से वैश्विक सप्लाई चेन में बाधा.

    राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में निशाना साधते हुए केंद्र सरकार को एक्शन में आने और लोगों की सुरक्षा करने के लिए कहा है.

  4. यूक्रेन की बच्ची, जो दे रही है शांति का संदेश

    यूक्रेन की 9 साल की बच्ची का एक गाना, 'आई ड्रॉ माइ लाइफ़' सोशल मीडिया पर काफ़ी वायरल हो गया है.

    इस गाने के ज़रिए वो शांति का संदेश सारी दुनिया में पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं.

    अपने गाने से वो दुनिया भर के बच्चों को एक संदेश भी दे रही हैं.

  5. अमेरिकी थिंक टैंक की चेतावनी- 'युद्ध 4 करोड़ से ज़्यादा लोगों को बेहिसाब गरीबी की ओर धकेल देगा'

    यूक्रेन पर रूस के हमले का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है. 24 फ़रवरी को जब रूस ने यूक्रेन पर हमला किया उसके बाद से वैश्विक खाद्य और उर्जा की कीमतों में भारी उछाल आया है.

    अमेरिकी थिंक टैंक, ''सेंटर फॉर ग्लोबल डेवलपमेंट (सीजीडी)'' अब चेतावनी दे रहा है कि जिस पैमाने पर कीमतों में उछाल आ रहे हैं उससे दुनियाभर के क़रीब 4 करोड़ लोग अत्यधिक गरीबी की तरफ़ जा सकते हैं.

    सीजीडी इस बात की तरफ़ भी इशारा करता है कि पूर्व सोवियत क्षेत्र कैसे कृषि व्यापार के लिए इतना अहम है. रूस और यूक्रेन में दुनिया के 29% गेहूं का उत्पादन होता है. दुनिया में उत्पाद किए जाने वाले कुल ख़ाद का छठा हिस्सा रूस और बेलारूस से आता है.

    थिंक टैंक का कहना है कि इन झटकों का असर व्यापक रूप से महसूस किया जाएगा लेकिन गरीब देशों को ये ज़्यादा प्रभावित करेगा. सीजीडी के विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि जी-20 समेत अनाज उत्पादकों को अपने बाज़ार खुले रखने चाहिए साथ ही उसपर किसी तरह का प्रतिबंध नहीं लगाना चाहिए. इस बीच सरकारों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को मानवीय ज़रूरतों के लिए तेज़ी से काम करना चाहिए.

  6. यूक्रेन में लोगों की अजीब दुविधा

    यूक्रेन के कुछ शहर जहां इस समय जंग की आग में झुलस रहे हैं, वहीं कुछ शहर ऐसे भी हैं, जहां जंग की लपटें अभी तक नहीं पहुंची है. ओदेसा, यूक्रेन का एक ऐसा ही शहर है.

    लेकिन यहां लोग दुविधा में हैं कि यहीं रुकें या जाएं? रूस, काले सागर के तट पर बसे इस अहम शहर ओदेसा पर क़ब्ज़ा करना चाहता है.

    हमारे संवाददाता ऐंड्रयू हार्डिंग ओदेसा में ही हैं, जो हमले से निपटने की तैयारी कर रहा है. देखिए उनकी ये रिपोर्ट.

  7. आज से जापान के प्रधानमंत्री का दो दिवसीय भारत दौरा, 14वें शिखर बैठक में लेंगे हिस्सा

    जापान के प्रधानमंत्री फ़ुमिओ किशिदा का दो दिवसीय भारत दौरा आज से शुरू हो रहा है.

    पदभार ग्रहण के बाद पहली बार किशिदा भारत के दौरे पर आ रहे हैं. यूक्रेन पर रूस के हमले के बीच प्रधानमंत्री किशिदा दिल्ली में भारत-जापान शिखर बैठक में हिस्सा लेंगे. साथ ही प्रधानमंत्री मोदी से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे.

    इससे पहले भारत-जापान के बीच शिखर बैठक साल 2018 में टोक्यो में आयोजित हुई थी. इस दौरे को काफ़ी अहम माना जा रहा है क्योंकि ये ऐसे वक़्त में हो रहा है जब रूस के ख़िलाफ़ पश्चिमी देश एकजुट हैं और रूस पर सख़्त आर्थिक प्रतिबंध लगा रहे हैं.

    इस पूरे प्रकरण पर ऐसे देशों की क़रीबी नज़र है जहां ऊर्जा का ख़पत ज़्यादा है. इस शिखर बैठक में दोनों देशों को द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा करने और रिश्तों को मजबूत करने का मौका मिलेगा.

    साथ ही ये बैठक क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों के आदान-प्रदान का अवसर देगा.

    इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री किशिदा के पद संभालने के बाद अक्टूबर 2021 में बातचीत की थी. दोनों ही पक्षों ने "विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी" को और मजबूत करने की इच्छा व्यक्त की थी.

  8. जापान में भूकंप के भीषण झटके, ट्रेन पटरी से उतरी

    जापान के पूर्वी हिस्से में एक ताक़तवर भूकंप आया है. रिक्टर स्केल पर 7.3 की तीव्रता वाले इस भूकंप ने जापान की राजधानी टोक्यो तक को हिला दिया है. जापान के पूर्वोत्तर हिस्से में भूकंप के बाद सुनामी की चेतावनी जारी कर दी गई है.

    भूकंप का केंद्र फ़ुकुशिमा क्षेत्र के पास था. शिरोशी में भूकंप की वजह से ट्रेनें पटरी से उतर गईं. भूकंप की वजह से जापान के कई शहरों में काफ़ी नुकसान हुआ है.

  9. उत्तर प्रदेश में 25 मार्च को होगा बीजेपी सरकार का शपथ ग्रहण समारोह

    उत्तर प्रदेश में भारी बहुमत हासिल करने के बाद एक बार फिर बीजेपी सरकार बनाने जा रही है.

    25 मार्च को बीजेपी सरकार का शपथ ग्रहण कार्यक्रम लखनऊ में होगा. न्यूज़ एजेंसी पीटीआई ने एक सरकारी अधिकारी के हवाले से ये जानकारी दी है.

    अधिकारी ने बताया, समारोह शहीद पथ स्थित इकाना स्टेडियम में 4 बजे से होगा. ये दूसरा मौका होगा जब योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे.

    पार्टी सूत्रों के मुताबिक़, बीजेपी नेतृत्व और योगी आदित्यनाथ के बीच मंत्रिमंडल के स्वरूप को लेकर बातचीत हो चुकी है. गोरखपुर से लखनऊ आते ही योगी आदित्यनाथ उन मंत्रियों की सूची को तय करेंगे जो शपथ लेंगे.

    राज्य में सरकार गठन के लिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पर्यवेक्षक और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुबर दास को सह-पर्यवेक्षक बनाया गया है.

    पीटीआई ने सूत्रों के हवाले बताया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह समेत बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे. ऐसा माना जा रहा है कि बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, आरएसएस के कई नेता भी इस समारोह में शामिल हो सकते हैं.

  10. जो बाइडन ने पुतिन को बताया युद्ध अपराधी, कहा- यूक्रेन को देंगे हथियार

    यूक्रेन पर रूस के हमले का आज 22वां दिन है. रूस लगातार यूक्रेन के शहरों पर हवाई हमले कर रहा है.

    इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने बताया है कि अमेरिका यूक्रेन को एक अरब डॉलर के हथियार देगा.

    जो बाइडन से जब पुतिन को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि पुतिन युद्ध अपराधी हैं.

  11. भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में 9.65 अरब डॉलर की गिरावट

    देश के विदेशी मुद्रा भंडार में 11 मार्च को ख़त्म हुए हफ्ते में कुल 9.65 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज़ की गई है.

    रिज़र्व बैंक के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक़, विदेशी मुद्रा भंडार 631.92 अरब डॉलर से घटकर 622.27 अरब डॉलर पर पहुंच गया है.

    इससे पहले 4 मार्च को ख़त्म हुए हफ्ते में विदेशी मुद्रा भंडार 39.4 करोड़ डॉलर बढ़कर 631.92 अरब डॉलर हो गया था.

    रिकॉर्ड स्तर की बात करें तो 3 सितंबर 2021 को ख़त्म हुए हफ्ते में विदेशी मुद्रा भंडार 642.453 अरब डॉलर पर पहुंच गया था.

    रिज़र्व बैंक के साप्ताहिक आंकड़ों के मुताबिक़, 11 मार्च को ख़त्म हुए हफ्ते में विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट की वजह फॉरेन करेंसी एसेट्स (एफसीए) के घटने को बताया जा रहा है, जो कि कुल मुद्रा भंडार का अहम हिस्सा होता है. एफसीए में 11.108 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज़ की गई है.

  12. मां के शव के साथ बच्चे ने तीन दिन गुज़ारे

    आंध्र प्रदेश के चित्तूर ज़िले में 10 साल के बच्चे ने अपनी मां के शव के साथ तीन दिन गुज़ारे. लड़के का नाम श्याम प्रसाद है और उसे अपनी मां की मौत का पता नहीं चल पाया था.

    उन तीन दिनों के दौरान, श्याम खुद खाना बनाता था और स्कूल जाने के लिए खुद तैयार भी हो जाता था.

    तीन दिन के बाद श्याम ने अपने मामा लक्ष्मी प्रसाद रेड्डी को बताया कि उन्हें अपनी मां के शरीर से बदबू आ रही थी. इसके बाद उनके मामा श्याम के घर पहुंचे और पुलिस के पास गए.

  13. रूस के पास अपनी गलतियों से होने वाले नुक़सान को कम करने का आख़िरी मौका: यूक्रेन

    यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने शनिवार को रूस के साथ बिना देरी के शांति और सुरक्षा वार्ता का आह्वान किया है. उन्होंने कहा कि ये रूस के पास अपनी गलतियों से होने वाले नुकसान को सीमित करने का एकमात्र मौका है.

    अपने एक वीडियो संबोधन में ज़ेलेंस्की ने कहा, ''रूस के पास अपनी गलतियों से होने वाले नुकसान को कम करने का यही एकमात्र मौका है.''

    उन्होंने आगे कहा, ''ये मिलने का वक़्त है, बातचीत करने का वक़्त है, ये यूक्रेन के लिए क्षेत्रीय अखंडता और न्याय को बहाल करने का वक़्त है, नहीं तो रूस का ऐसा नुकसान होगा कि उसे ठीक करने के लिए कई पीढ़ियां निकल जाएंगी.''

    अपने संबोधन में ज़ेलेंस्की ने मॉस्को में हुई विशाल रैली का भी ज़िक्र किया, जिसे क्राइमिया पर रूस के क़ब्ज़े की आठवीं वर्षगांठ पर आयोजित किया गया था.

    इस रैली को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने संबोधित किया. ज़ेलेंस्की ने कहा, ''क्राइमिया पर रूस के क़ब्ज़े की बरसी पर आज मॉस्को में बहुत कुछ सुनने को मिला.''

    ''ये एक बड़ी रैली थी. ऐसा बताया जा रहा है कि करीब 2 लाख लोगों ने इस रैली में हिस्सा लिया- इनमें से 1 लाख सड़कों पर थे तो करीब 95 हज़ार स्टेडियम में.''

    उन्होंने आगे कहा, ''क़रीब-क़रीब इतने ही रूसी सैनिक यूक्रेन में हमले में शामिल थे. जरा कल्पना कीजिए कि मॉस्को स्टेडियम में 14 हज़ार शव और हज़ारों घायल पड़े हों. इस हमले में पहले ही कई रूसी हताहत हो चुके हैं.''

    ''ये युद्ध की क़ीमत है. युद्ध रोका ही जाना चाहिए.''

    बता दें कि यूक्रेन की सेना की तरफ़ से ऐसा दावा किया गया है कि हमले के पहले दिन से लेकर अबतक क़रीब 14,000 रूसी सैनिकों की मौत हो चुकी है. वहीं मॉस्को का दावा है कि 498 रूसी सैनिकों की ही मौत हुई है.

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