पंजाब: भगवंत मान ने अपने मंत्रिमंडल का किया एलान, ये हैं सभी 10 नाम
पंजाब की नई कैबिनेट शनिवार को शपथ लेगी. पंजाब के नए बने मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने ट्विटर हैंडल पर इन नामों की घोषणा की.
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अभय कुमार सिंह, अभिनव गोयल and दिलनवाज़ पाशा
पंजाब: भगवंत मान ने अपने मंत्रिमंडल का किया एलान, ये हैं सभी 10 नाम
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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों के नामों का एलान कर दिया है.
राज्य की नई मंत्रिपरिषद् शनिवार को शपथ लेगी. पंजाब के नए बने मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने ट्विटर हैंडल पर इन नामों की घोषणा की.
भगवंत मान ने लिखा, ''पंजाब का नया मंत्रिमंडल कल शपथ ग्रहण करेगा. पंजाब की AAP सरकार में होने वाले सभी मंत्रियों को बहुत-बहुत शुभकामनाएँ.
पंजाब की जनता ने हम सबको बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी दी है, हमें दिन-रात मेहनत कर लोगों की सेवा करनी है, पंजाब को एक ईमानदार सरकार देनी है. हमें रंगला पंजाब बनाना है.''
इस ट्वीट में ही उन्होंने उन सभी 10 लोगों के नाम बताए हैं. इनमें केवल एक महिला डॉ. बलजीत कौर हैं. सभी 10 नाम इस तरह से हैं-
लवीव पर रूस के मिसाइल हमले, क्या पुतिन बदल रहे अपनी रणनीति
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शुक्रवार की सुबह लवीव में तीन बड़े धमाके होते ही आपात सेवाओं के वाहन सायरन बजाते हुए घटनास्थल की तरफ़ दौड़ने लगे. इस हमले में रूस की मिसाइलों ने पश्चिमी यूक्रेन के लवीव शहर में एक विमान मरम्मत प्लांट को निशाना बनाया.
मिसाइल हमले का निशाना बना प्लांट शहर के केंद्रीय इलाक़े से सिर्फ़ 6 किलोमीटर दूर है.
राहत की बात यह रही कि इस हमले में कोई घायल नहीं हुआ.
आख़िर रूस ने लवीव को निशाना क्यों बनाया? लवीव पर हमला करना इस युद्ध में इतना अहम मायने क्यों रखता है? क्या रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन पर हमले को लेकर अपनी रणनीति में बदलाव कर रहे हैं?
इमेज कैप्शन, यूक्रेन में रूस के मिसाइल हमलों में आम लोग भी मारे जा रहे हैं
यूक्रेन के दक्षिणी शहर माइकोलिएव में सेना की बैरकों पर मिसाइल हमले में कई लोगों के मारे जाने की रिपोर्टें हैं.
एक रिपोर्ट के मुताबिक़ इस हमले में कम से कम 45 लोग मारे गए हैं.
ओडेसा में मौजूद बीबीसी संवाददाता एंड्रयू हार्डिंग के मुताबिक़ शहर के उत्तरी इलाक़े में स्थित सेना की बैरकों पर कम से कम दो मिसाइलें गिरी हैं.
बचाव और राहत कार्य चल रहा है.
हार्डिंग के मुताबिक़ इन बैरकों में स्थानीय सैनिकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा था. ये सैनिक काला सागर के तट की तरफ़ से रूस की सेना के भारी आक्रमण को रोकने का प्रयास कर रहे थे.
हमारे संवाददाता के मुताबिक़, "माइकोलिएव ने रूस के सैनिकों को पीछे खदेड़ दिया था. इसके बाद से ही पिछले कई सप्ताह से शहर पर भारी बमबारी की जा रही है."
यूक्रेन युद्ध में कम से कम 816 आम नागरिक मारे गएः संयुक्त राष्ट्र
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संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक यूक्रेन युद्ध में 17 मार्च तक कम से कम 816 नागरिक मारे गए हैं और 1,333 घायल हुए हैं.
संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकर कार्यालय (ओएचसीएचआर) के मुताबिक अधिकतर लोग भारी बमबारी से मारे गए हैं.
इनमें भारी तोपखाने से गोलीबारी, मल्टिपल रॉकेट लांच सिस्टम से बमबारी, मिसाइल हमले और हवाई हमले शामिल हैं.
संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि मारे गए लोगों की वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है क्योंकि भीषण हमलों का शिकार कई शहरों से डाटा हासिल नहीं किया जा सका है. इनमें मारियुपोल भी शामिल हैं.
यूक्रेन परिवार योजना के तहत ब्रिटेन ने जारी किए 6,500 वीज़ा
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यूके के गृह कार्यालय ने बताया कि यूक्रेन के शरणार्थियों के लिए 6,500 वीज़ा जारी किए हैं. ये वीज़ा यूक्रेन परिवार योजना के तहत गुरुवार रात 10.30 बजे तक जारी किए गए थे.
बुधवार को दिए 6,100 वीज़ा के मुक़ाबले गुरुवार को 400 अधिक वीज़ा दिए गए.
वेबसाइट पर प्रकाशित प्रोविजनल डेटा के मुताबिक़ उस समय क़रीब 2 हज़ार आवेदन जमा किए गए थे जो कुल मिलाकर 27 हज़ार हो गए हैं.
यूक्रेन के लोगों के लिए यूके सरकार अलग से 'स्पोंसरशिप वीज़ा योजना' भी चला रही है. ये योजना उन घरों के लिए है जो शरणार्थियों की मेजबानी के लिए इच्छुक हैं.
इस योजना में एक शरणार्थी को घर में रखने वाले हर परिवार को कर मुक्त प्रति महीना क़रीब 35 हजार रुपये की पेशकश की जाएगी.
योजना लॉन्चिंग के दिन एक लाख से ज़्यादा लोगों ने वेबसाइट पर साइन अप किया था यानी शरणार्थियों को घर में रखने की इच्छा ज़ाहिर की थी.
यूक्रेन के शरणार्थी संकट के प्रति ज़रूरी मदद देने को लेकर ब्रिटिश सरकार को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है. इसमें यूके के सांसद भी शामिल हैं.
तस्वीरों में देखिए: यूक्रेन की राजधानी कीएव में तहस नहस हुईं इमारतें
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यूक्रेन की राजधानी कीएव में रूस के मिसाइल हमले लगातार जारी हैं. ये तस्वीरें शुक्रवार सुबह कीएव में हुए एक मिसाइल धमाके की हैं जिसने इमारतों को तहत नहस कर दिया है.
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स्थानीय प्रशासन का कहना है कि शहर के उत्तर में स्थित एक ज़िले में रूसी मिसाइल दुर्घटनाग्रस्त हुई और ये धमाका हुआ जिसमें एक की मौत और 19 लोग घायल हुए हैं.
मारियुपोल में थिएटर के मलबे से अब तक 130 लोगों को ज़िंदा निकाला गया
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यूक्रेन के मारियुपोल में रूस के हवाई हमले का निशाना बने थिएटर के मलबे से अब तक 130 लोगों को ज़िंदा निकाला जा चुका है.
अधिकारियों के मुताबिक इस थिएटर के बेसमेंट में सैकड़ों लोग पनाह लिए हुए थे.
यूक्रेन के मानवाधिकार आयुक्त के मुताबिक इस थिएटर पर रूस ने बमबारी की जिससे ये पूरी तरह बर्बाद हो गया है.
टीवी पर दिए एक बयान में मानवाधिकार आयुक्त ल्यूडिमाइला डेनिसोवा ने कहा कि अभी भी राहत और बचाव कार्य चल रहा है.
अधिकारियों के मुताबिक अभी भी थिएटर में 1300 से अधिक लोग फंसे हो सकते हैं.
यूक्रेन का रणनीतिक रूप से अहम शहर मारियुपोल रूस की घेराबंदी में हैं और युद्ध की शुरुआत के बाद से ही रूस की सेनाएं यहां भीषण हमले कर रही हैं.
रिपोर्टों के मुताबिक इस शहर में बड़ी तादाद में लोग मारे गए हैं.
बद से बदतर हो रहा है यूक्रेन का मानवीय संकटः संयुक्त राष्ट्र
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इमेज कैप्शन, यूक्रेन में गहराता जा रहा है मानवीय संकट
संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी संस्था ने चेतावनी दी है कि यूक्रेन में मानवीय मदद की ज़रूरत तेज़ी से बढ़ती जा रही है.
एजेंसी से जुड़े मैथ्यू साल्टमार्श ने कहा कि यदि यूक्रेन में लड़ाई नहीं रुकती है तो हालात बद से बदतर होते जाएंगे.
यूक्रेन के जिन क्षेत्रों में भीषण लड़ाई चल रही है वहां बड़ी तादाद में लोग फंसे हुए हैं. इन लोगों की खाने-पीने जैसी बुनियादी ज़रूरतें भी पूरी नहीं हो पा रही हैं.
आवश्यक सेवाएं बाधित होने की वजह से दवाओं जैसी ज़रूरी चीज़ें भी लोगों तक नहीं पहुंच पा रही हैं.
उन्होंने कहा कि यूक्रेन के रूस की घेराबंदी में फंसे दक्षिणी शहरों में हालात बेहद ख़राब हैं और यहां से आने वाली रिपोर्टें चिंताजनक हैं.
उन्होंने कहा, "सुमी और मारियुपोल जैसे शहरों में मानवीय परिस्थितियां बेहद ख़राब हैं, यहां रह रहे लोगों के पास खाने-पीने की चीज़ें नहीं है और कई जगह लोग भुखमरी का शिकार हो रहे हैं. पानी और दवा भी नहीं है."
साल्टमार्श ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र शांति वार्ता पर नज़रें रखे हुए है और जैसे ही हालात कुछ बेहतर होंगे इन क्षेत्रों के लिए आपूर्ति भेजी जाएगी.
उन्होंने कहा कि ओडेसा में प्रशासन ने साढ़े चार लाख लोगों के लिए खाद्य सामग्री और दवाइयां मांगी हैं. ये लोग यहां फंसे हुए हैं.
यूक्रेन के पश्चिमी शहर लवीव में रूसी हमला चिंता का विषय क्यों ?
आज सुबह यूक्रेन के पश्चिमी शहर लवीव में पहली बार रूस ने हमला किया. लवीव में मौजूद बीबीसी संवाददाताओं ने लगातार कई धमाकों की आवाज सुनी. इसके बाद आसमान में उठते काले धुएं के गुबार देखे.
लवीव के मेयर के मुताबिक रूस की मिसाइलों ने एयरक्राफ्ट रिपेयर प्लांट पर हमला किया. ये हमला हवाई अड्डे पर नहीं किया गया. हमले के समय कोई भी एयरक्राफ्ट रिपेयर प्लांट में काम नहीं कर रहा था जिसके चलते किसी के हताहत होने की ख़बर नहीं है.
यूक्रेन की वायु सेना का कहना है कि काला सागर से 6 क्रूज मिसाइलें दागी गईं. इनमें से दो को एंटी एयरक्राफ्ट मिसाइलों की मदद से मार गिराया गया.
ब्रिटेन के सशस्त्र बल मंत्री जेम्स हेप्पी का कहना है कि लवीव में मिसाइल हमला चिंता का विषय है.
बीबीसी ब्रेकफास्ट को उन्होंने बताया, ‘’युद्ध में आप एक दूसरे की आपूर्ति लाइन पर हमले करते हैं और उसे तोड़ने की कोशिश करते हैं लेकिन सच ये है कि इससे यूक्रेन के पश्चिम में रहने वाले लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ेंगी’’
रॉयल यूनाइटेड सर्विस इंस्टीट्यूट थिंक टैंक के पूर्व निदेशक प्रोफ़ेसर माइकल क्लार्क का मानना है कि, ‘’पोलैंड की सीमा से सिर्फ़ 70 किलोमीटर दूर पश्चिमी शहर पर हमला करना पश्चिम को यूक्रेन के लोगों की मदद करने से डराने की एक कोशिश है’’
प्रोफ़ेसर क्लार्क कहते हैं कि रूस ऐसे बुनियादी ढांचों पर हमले कर रहा है जो यूक्रेन के विमानों को हवा में रखने में मदद कर रहे हैं.
रूस-यूक्रेन युद्ध का 23वां दिन, अब तक क्या हुआ ?
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यूक्रेन पर रूस के हमले का आज 23वां दिन है. जानिए अब तक क्या हुआ और कैसे रूस ने अब यूक्रेन के पश्चिमी क्षेत्र में भी हमला शुरू कर दिया है
यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक रूस का हमला शुरू होने के बाद से करीब 14,200 रूसी सैनिक मारे गए हैं.
यूक्रेन के पश्चिमी शहर लवीव में पहली बार रूस ने हमला किया है. ये हमला हवाई अड्डे के पास मेंटेनेंस प्लांट पर हमला हुआ. लवीव के मेयर के मुताबिक रूस की मिसाइलों ने एयरक्राफ्ट रिपेयर प्लांट पर हमला किया. हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है
ब्रिटेन के प्रसारण नियामक ऑफकॉम ने रूसी समर्थित ब्रॉडकास्टर रशिया टुडे (आरटी) के प्रसारण के लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है.
अमेरिका और ब्रिटेन के रक्षा अधिकारियों का कहना है कि रूसी सेना ने हाल में किसी भी नए क्षेत्र पर कब्जा नहीं किया है. उनका ये मानना है कि रूसी सैनिकों का मनोबल गिर रहा है और सैन्य आपूर्ति बाधित हो रही है.
यूक्रेन के दूसरे सबसे बड़े शहर खारखीएव में गोलाबारी जारी है, लेकिन यूक्रेन के सैनिक अपनी जगह बने हुए हैं.
पोलैंड की बॉर्डर गार्ड एजेंसी के मुताबिक युद्ध शुरू होने के बाद से लगभग 20 लाख लोग यूक्रेन से निकलकर पोलैंड आ चुके हैं.
स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि दक्षिण-पूर्वी शहर मारियुपोल पर रूसी सेना का भारी हमला हुआ है. करीब 30,000 लोग शहर से बाहर निकलने में कामयाब रहे हैं
जीवित बाहर निकले लोगों के बारे में कहा जा रहा है कि वे मारियुपोल के थिएटर से निकल रहे हैं. यूक्रेन के मुताबिक इस थिएटर पर रूस ने बमबारी की थी. बमबारी के वक्त 1000 से 1200 लोगों ने यहां शरण ली हुई थी.
अधिकारियों का कहना है कि रात में कीएव से 1,000 से अधिक यूक्रेन के लोगों को बाहर निकाला गया है. इन लोगों को बसों और कारों में ले जाया गया.
आज अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन चीनी समकक्ष शी जिनपिंग से फोन पर बात करेंगे. ऐसा माना जा रहा है कि वे शी जिनपिंग को चेतावनी देंगे कि अगर चीन ने रूस को पश्चिमी प्रतिबंधों से बचाने की कोशिश की तो उसे इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी.
10 से ज़्यादा कर्मचारियों वाले फ़िल्म संस्थान में आंतरिक शिकायत कमेटी का गठन अनिवार्य- केरल हाईकोर्ट
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केरल हाईकोर्ट ने गुरुवार को कहा है कि फ़िल्म इंडस्ट्री के प्रोडक्शन यूनिट्स को यौन उत्पीड़न की शिकायतों से निपटने के लिए आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) का गठन करना होगा.
कोर्ट का कहना है कि ऐसे प्रोडक्शन यूनिट्स जिनमें 10 से ज़्यादा कर्मचारी काम करते हैं, उन सभी को ऐसा करना होगा.
कोर्ट का कहना है कि राजनीतिक पार्टियों को ऐसी किसी समिति का गठन करने की ज़रूरत नहीं है क्योंकि वहां सदस्यों के बीच नियोक्ता-कर्मचारी का संबंध नहीं है.
कोर्ट का कहना है कि फ़िल्म और मीडिया से जुड़े दूसरे संगठनों को भी आईसीसी बनाना ज़रूरी है. जैसे फ़िल्म एम्प्लॉइज फेडरेशन ऑफ़ केरल (एफइएफकेए), केरल फ़िल्म चेंबर ऑफ़ कॉमर्स और केरल फ़िल्म प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के लिए भी समिति बनाना ज़रूरी है, अगर वहां 10 से अधिक कर्मचारी रोज़गार हासिल कर रहे हैं.
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि ये क़दम महिलाओं के सम्मान की रक्षा करेगा साथ ही फ़िल्म इंडस्ट्री में महिलाओं की आज़ादी को और सार्थक बनाएगा.
दरअसल, केरल हाईकोर्ट में तीन याचिकाएं डाली गई थीं. याचिकाकर्ताओं का आरोप था कि एएमएमए एक प्रोफ़ेशनल एसोसिएशन होने के बावजूद कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के ख़िलाफ़ अपने सदस्यों के लिए एक सिस्टम बनाने में नाकाम रहा है.
वहीं एएमएमए ने अपने बचाव में कहा है कि महिला प्रकोष्ठ शिकायत फोरम पहले से ही है और पूरी तरह से काम कर रहा है लेकिन टेक्नीशियंस एसोसिएशन और प्रोड्यूसर एसोसिएशन पर इसका नियंत्रण नहीं है.
दोनों पक्षों की बात सुनकर केरल हाईकोर्ट ने अब फ़िल्म इंडस्ट्री के प्रोडक्शन यूनिट्स के लिए आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) के गठन को अनिवार्य करने का आदेश दिया है.
दिल्ली नगर निगम चुनाव टालने के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट पहुंची आम आदमी पार्टी
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दिल्ली नगर निगम चुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख़ किया है. पार्टी ने मांग की है कि सुप्रीम कोर्ट दिल्ली में स्वतंत्र, निष्पक्ष और शीघ्र चुनाव कराने के लिए राज्य चुनाव आयोग को निर्देश दे.
दरअसल, दिल्ली में नगर निगम चुनाव की तारीख़ों की घोषणा होने वाली थी लेकिन केंद्र सरकार ने आयोग को जानकारी दी थी कि वो बजट सत्र में तीन निगमों के एकीकरण के लिए विधेयक लाने वाली है.
सरकार से इस संबंध में जानकारी मिलने के बाद चुनाव आयोग ने दक्षिण, उत्तरी और पूर्वी दिल्ली नगर निगम के चुनावों की घोषणा को रोक दिया था.
अब आम आदमी पार्टी और उसके नेताओं अंकुश नारंग और मनोज कुमार त्यागी की तरफ़ से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है.
याचिका में मांग है कि मई 2022 में दिल्ली नगर निगमों के कार्यकाल के ख़त्म होने से पहले चुनाव कराए जाएं.
बता दें कि इस मामले में आम आदमी पार्टी और बीजेपी आमने सामने हैं.
दिल्ली के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री चुनाव टालने को लेकर बीजेपी पर आरोप लगा चुके हैं. केजरीवाल ने दावा किया था कि चुनाव इसलिए भी टाले गए हैं क्योंकि बीजेपी जानती है कि दिल्ली में आप की लहर है और बीजेपी चुनाव हार जाएगी.
नासा के एसएलएस मून रॉकेट का डेब्यू, मून मिशन के लिए हो रही है तैयारी
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अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा चांद के अपने एक और अभियान की तैयारी में जुटी है.
एजेंसी अब पहली बार अपने विशाल मून रॉकेट को सामने लेकर आई है. इस रॉकेट का नाम है स्पेस लॉन्च सिस्टम (एसएलएस), जिसे फ़्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर ले जाया जा रहा है. यहां पर एक डमी काउंटडाउन किया जाएगा.
अगर सबकुछ सही रहा तो इस रॉकेट को मिशन के लिए तैयार घोषित कर दिया जाएगा और अगले कुछ महीनों में बिना क्रू के एक टेस्ट कैप्सूल मून के क़रीब भेजा जाएगा.
उम्मीद है कि इस दशक तक एसएलएस रॉकेट के जरिए अंतरिक्ष यात्रियों को एक बार फिर चांद की सतह पर भेजा जाए.
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एसएलएस को अपोलो सैटर्न व्हीकल्स की तुलना में और शक्तिशाली बनाया गया है. इसके तहत न केवल अंतरिक्ष यात्रियों को धरती की सतह से बहुत दूर भेजने की योजना है साथ ही इसे ऐसे डिज़ाइन किया गया है कि इसमें इतने उपकरण और कार्गो भी होंगे कि क्रू अतिरिक्त समय के लिए भी वहां रह सके.
एक तरफ़ जब नासा, एलएलएस को विकसित कर रही है. दूसरी तरह अमेरिकी कारोबारी एलन मस्क और भी बड़ा रॉकेट तैयार करने में जुटे हैं. मस्क की रिसर्च एंड डेवलमेंट टीम इसपर काम कर रही है.
मणिपुर में अस्तित्व के संकट से जूझती एक जनजाति
वीडियो कैप्शन, विलुप्त होने के कगार पर मणिपुर की जनजाति
पूर्वोत्तर भारत के राज्य मणिपुर की एक जनजाति है तराओ, जिसे दुनिया की सबसे छोटी जनजातियों में से एक माना जाता है.
माना ये भी जाता है कि तराओ जनजाति के कई लोग, दूसरी बड़ी जातियों के समूहों में मिल गए हैं.
इन लोगों का कहना है कि उनकी भाषा और संस्कृति अब विलुप्त होने के कगार पर है.
बीबीसी संवाददाता रॉक्सी गागेडकर छारा की रिपोर्ट देखिए.
कांग्रेस के जी-23 नेताओं पर अधीर रंजन चौधरी ने खड़े किए ये सवाल
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कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने पार्टी के जी-23 समूह के नेताओं को फटकार लगाई है. चौधरी का कहना है कि पार्टी में उतार चढ़ाव आते हैं लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि बगावत शुरू कर दी जाए.
न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बातचीत में अधीर रंजन चौधरी ने कहा, ''सोनिया गांधी का दरवाजा सभी कांग्रेस नेताओं के लिए खुला है. ऐसे समय में जब कांग्रेस को एक साथ लड़ने की ज़रूरत है, कुछ चुनिंदा नेता (जी-23 के नेता) गांधी परिवार और कांग्रेस आलाकमान के ख़िलाफ बयानबाज़ी करते हैं.''
उन्होंने आगे कहा, ''अगर उनका (जी23 के नेता) इरादा सही है और नीयत साफ़ है तो ये लोग सोनिया गांधी के साथ बैठकर साफ़ बात क्यों नहीं करते हैं?''
अधीर रंजन चौधरी का कहना है कि जी-23 के नेताओं को जब कांग्रेस सरकार के दौरान मंत्री बनाया जा रहा था या पद दिए जा रहे थे तब वो अलग तरीक़े का व्यवहार रखते थे.
चौधरी ने कहा, ''जब ये लोग मंत्री बने थे, राज्यसभा गए थे तब कौन सा लोकतंत्र का रास्ता अपनाकर ऐसा किया गया था. आज आप लोकतंत्र का पाठ पढ़ा रहे हैं, कांग्रेस में लोकतंत्र की बात कर रहे हैं, समावेश की बात कर रहे हैं. आपको सत्ता के समय सबकुछ सुनहरा लग रहा था. हम जानते हैं कि कौन लोकतंत्र को कैसे मान्यता देता है.''
दरअसल, पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के लिए निराशाजनक नतीजे सामने आए थे. नतीजों के बाद कांग्रेस नेतृत्व को लेकर मतभेद की बात सामने आ रही थी.
जी-23 समूह के नेताओं की एक बैठक भी वरिष्ठ नेता ग़ुलाम नबी आज़ाद के घर पर हुई. इस बैठक में आज़ाद के अलावा शशि थरूर, कपिल सिब्बल, मणिशंकर अय्यर, मनीष तिवारी और दूसरे नेता शामिल थे.
बैठक के बाद, जी-23 समूह के नेताओं ने बुधवार को पार्टी नेतृत्व पर टिप्पणी भी की थी, समावेशी नेतृत्व और सभी स्तरों पर फ़ैसले लेना का मॉडल अपनाने का सुझाव दिया था.
अफ़ग़ानिस्तान में बच्चों की जान पर मंडराता ख़तरा
वीडियो कैप्शन, अफ़ग़ानिस्तान में दस लाख से अधिक बच्चे कुपोषित
अफ़ग़ानिस्तान में दस लाख से अधिक बच्चे कुपोषित हैं और उन पर खसरा-टीबी जैसी जानलेवा बीमारियां मंडरा रही हैं. पिछले साल अगस्त में तालिबान के सत्ता में आने से पहले जो विदेशी मदद अफ़ग़ानिस्तान को मिल रही थी, उसकी वजह से देश का हेल्थ सिस्टम काम कर रहा था.
लेकिन जब यही मदद बंद हो गई, तो सरकारी अस्पताल ख़स्ताहाल हो गए. अफ़ग़ानिस्तान में आबादी के एक बड़े हिस्से को दो वक्त की रोटी हर दिन आसानी से नसीब नहीं हो रही है और इसकी सबसे ज़्यादा मार पड़ी है बच्चों पर.
अफ़ग़ानिस्तान के हेलमंद प्रांत से बीबीसी संवाददाता योगिता लिमये की रिपोर्ट के कुछ दृश्य आपको विचलित कर सकते हैं.
हिंदुओं और मुसलमानों दोनों का देश है भारत, भेदभाव ठीक नहीं: नाना पाटेकर
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'द कश्मीर फाइल्स' फ़िल्म रिलीज़ होने के बाद से ही सुर्ख़ियों में है. फ़िल्म पर लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं.
बॉलीवुड अभिनेता नाना पाटेकर से जब फ़िल्म के बारे में पूछा गया तो उनका कहना था कि भारत हिंदू और मुस्लिम दोनों का देश है और किसी भी तरह का विभाजन या भेदभाव ठीक नहीं है.
न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, पाटेकर ने ये भी बताया कि उन्होंने अबतक ये फिल्म नहीं देखी है और फ़िल्म को लेकर वो टिप्पणी नहीं करेंगे. उन्होंने आगे कहा कि किसी भी फ़िल्म को लेकर विवाद नहीं खड़ा होना चाहिए.
COVER STORY: रूस में कौन चुका रहा है यूक्रेन पर हमले की क़ीमत
वीडियो कैप्शन, COVER STORY:रूस में कौन चुका रहा है यूक्रेन पर हमले की क़ीमत
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने जोर देकर कहा है कि यूक्रेन पर हमला योजना के हिसाब से चल रहा है, लेकिन इस बात को भी माना है कि प्रतिबंधों से रूस की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा है.
हालांकि लोगों को भी इसकी कीमत चुकानी पड़ी है, जहां राष्ट्रपति पुतिन की जंग को लड़ने के लिए हज़ारों सैनिकों को यूक्रेन भेजा जा रहा है.
हमारे रूसी एडिटर स्टीव रोज़नबर्ग ने एक सैनिक के अंतिम संस्कार को देखा.
बाइडन-जिनपिंग के बीच आज होगी बातचीत, यूक्रेन संकट पर रहेगा फोकस
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यूक्रेन में चल रहे संकट के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से शुक्रवार को फ़ोन पर बातचीत करेंगे.
न्यूज़ एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक़, बाइडन अपने चीनी समकक्ष को ये चेतावनी देंगे कि अगर अब तक लगाए गए प्रतिबंधों से चीन, रूस को बचाता है तो चीन को भी इसकी क़ीमत चुकानी पड़ेगी.
नवंबर में हुए एक वीडियो समिट के बाद से ये पहला मौका होगा जब पुतिन-बाइडन बातचीत करेंगे. यूक्रेन संकट के बीच रूस पर अमेरिका सख़्त है तो चीन का रूख़ रूस की तरफ़ दिखाई पड़ता है.
ऐसे में इस बातचीत के जरिए मतभेदों को सुलझाने का भी मौका होगा.
व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रटरी जेन साकी ने कहा है कि शी जिनपिंग का रुख़ क्या है, बातचीत से ये जानने का राष्ट्रपति बाइडन के पास मौका होगा.
साकी के मुताबिक़, व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन के मुद्दे पर भी बातचीत होगी लेकिन यूक्रेन में रूस के हमले के मुद्दे पर जोर होगा.
बता दें कि अमेरिका ने यूक्रेन की सेना को सैन्य समर्थन तो दिया ही है साथ ही साथ रूस के ख़िलाफ़ पश्चिमी देशों को भी एकजुट किया है. लेकिन चीन ने रूस की निंदा करने से इनकार कर दिया है और वॉशिंगटन को ये आशंका है कि चीन, रूस को वित्तीय और सैन्य मदद दे सकता है.
अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन का कहना है कि बाइडेन ये साफ़ करेंगे कि रूस के हमले का समर्थन करने पर चीन को ज़िम्मेदारी उठानी होगी.
देश भर में होली का उल्लास, राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री ने दी बधाई
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इमेज कैप्शन, 17 मार्च, पंजाब यूनिवर्सिटी में होली मनाते युवा
देशभर में होली का पर्व पूरे धूमधाम से मनाया जा रहा है. अलग-अलग राज्यों से होली की तस्वीरें सामने आ रही हैं.
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को बधाई दी है. राष्ट्रपति ने ट्विटर पर लिखा है, ''होली के पावन अवसर पर सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं. रंगों का पर्व होली, सामुदायिक सद्भाव और मेल-मिलाप का जीवंत उदाहरण है. यह वसंत ऋतु के आगमन का शुभ समाचार लेकर आता है. मेरी कामना है कि यह त्योहार सभी देशवासियों के जीवन में आनंद, उमंग और नई ऊर्जा का संचार करे.''
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