यूक्रेन पर रूस के हमले का 21 वां दिन : अब तक क्या-क्या हुआ?
यूक्रेन पर रूस का हमला लगातार जारी है. आज भी यूक्रेन के कई शहरों में ताबड़तोड़ रूसी हमले हुए हैं. और क्या-क्या हुआ बुधवार को?
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मोहम्मद शाहिद, दीपक मंडल and कमलेश मठेनी
यूक्रेन पर रूस के हमले का 21 वां दिन : अब तक क्या-क्या हुआ?
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इमेज कैप्शन, अमेरिकी सांसदों को वर्चुअल मोड के जरिये संबोधित करते जेलेंस्की
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यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने बुधवार को अमेरिकी संसद को संबोधित किया. वर्चुअल मोड के जरिये अमेरिकी संसद के सामने बोलते हुए जेलेंस्की ने एक बार फिर यूक्रेन के ऊपर नो फ्लाई जोन बनाने की मांग रखी. अमेरिकी सांसदों ने जेलेंस्की के संबोधन के बाद खड़े होकर उनका स्वागत किया.
जेलेंस्की के संबोधन के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने यूक्रेन को 80 करोड़ डॉलर की सैन्य सहायता का ऐलान कर सकते हैं.
यूक्रेन की राजधानी कीएव में अब भी भीषण लड़ाई चल रही है. बुधवार को यहां रूसी बमबारी में दो बहुमंजिली इमारतें गिरने से दो लोग घायल हो गए.
यूक्रेन के दूसरे बड़े शहर पर रूसी बमबारी से दो लोगों की मौत हो गई. इमरजेंसी सर्विस के मुताबिक बमबारी एक अपार्टमेंट पर हुई.
यूक्रेनी अधिकारियों ने दावा किया है उनके देश की सेना ने रूसी हमले के बाद से अब तक रूस के चार जनरलों को मार गिराया है. हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है.
संघर्ष विराम के लिए यूक्रेन के वार्ताकार मिखाइलो पोदोलेक ने स्थानीय मीडिया से कहा है कि शांति के लिए कोई भी समझौता यूक्रेन की संप्रुभता की रक्षा करने वाला होना चाहिए. उन्होंने ऑस्ट्रिया जैसी निष्पक्षता को अपनाने के सुझाव को भी खारिज किया है.
असम में करीब 1 लाख 44 हजार अवैध विदेशियों की हुई पहचान, 30,000 को किया निर्वासित
....में
Author, दिलीप कुमार शर्मा
पदनाम, गुवाहाटी से, बीबीसी हिंदी के लिए
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असम सरकार ने बुधवार को विधानसभा में जानकारी देते हुए बताया कि साल 1985 में हुए असम समझौते के आधार पर अब तक राज्य में करीब 1 लाख 44 हजार अवैध विदेशियों की पहचान की गई है. इनमें से 30 हजार विदेशियों को देश से बाहर निकाला गया है.
असम गण परिषद के विधायक रमेंद्र नारायण कलिता के एक सवाल का सदन में जवाब देते हुए असम समझौते के कार्यान्वयन मंत्री अतुल बोरा ने कहा कि असम समझौते के आधार पर 31 जनवरी, 2022 तक राज्य में 1 लाख 44 हजार 77 अवैध विदेशियों की पहचान की गई है.
इनमें से 30 हजार 14 विदेशियों को उनके मूल देश भेज दिया गया है.
भारत सरकार के साथ 15 अगस्त 1985 को हस्ताक्षरित हुए असम समझौते की शर्तों के अनुसार 25 मार्च 1971 के बाद असम में प्रवेश करने वाले अवैध नागरिकों की शिनाख़्त कर उन्हें बाहर निकालने की बात तय की गई थी.
इसके अलावा मंत्री अतुल बोरा ने असम से सटी भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने की प्रगति की जानकारी देते हुए 98.35 फीसदी काम पूरा कर लेने की बात कही है.
मंत्री ने यह भी बताया कि भारत-बांग्लादेश सीमा पर करीमगंज सेक्टर में 4.35 किलोमीटर की दूरी पर बाड़ लगाने का काम पूरा नहीं हुआ है.असम बांग्लादेश के साथ 267.5 किलोमीटर की सीमा साझा करता है.
श्रीलंका को भारत दे सकता है कर्ज, श्रीलंका के वित्त मंत्री मोदी से मिले
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गहरे आर्थिक संकट में फंसा श्रीलंका खाद्य वस्तुओं, दवाओं और दूसरी जरूरी चीजें खरीदने के लिए भारत से एक अरब डॉलर यानी 7600 करोड़ रुपये का कर्ज लेने की तैयारी कर रहा है.
भारत जल्द ही श्रीलंका को दिए जाने वाले इस कर्ज को मंजूर कर सकता है.
इस सिलसिले में श्रीलंका के वित्त मंत्री बासिल राजपक्षे ने बुधवार को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक भारत में श्रीलंका के हाई कमिश्नर मिलिंद मोरागोड़ा ने इसकी पुष्टि की है.
उन्होंने कहा कि राजपक्षे से मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि भारत एक नजदीकी पड़ोसी के तौर पर हमेशा श्रीलंका के साथ खड़ा रहेगा.
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मुलाकात के दौरान राजपक्षे ने श्रीलंका को भारत की ओर से दी गई 50 करोड़ डॉलर की सहायता के लिए धन्यवाद दिया.
उन्होंने कहा कि भारत ने बेहद 'आड़े वक्त' में यह मदद की है.
पिछले महीने भारत ने श्रीलंका को पेट्रोलियम उत्पाद खरीदने के लिए 50 करोड़ डॉलर का कर्ज दिया था.
श्रीलंका फिलहाल विदेशी मुद्रा संकट से गुजर रहा है. कोविड की वजह से पर्यटन पर आधारित श्रीलंकाई अर्थव्यवस्था को करारा झटका लगा है.
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श्रीलंका एक अरब डॉलर की इस मदद के लिए काफी दिनों से कोशिश कर रहा था. पिछले साल दिसंबर में भी बासिल इसके लिए बात करने भारत आए थे.
उस वक्त उन्होंने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भी बात की थी.
भारत श्रीलंका को खाद्य वस्तुएं, दवाएं और ईंधन खरीदने के लिए कर्ज देने के लिए सहमत हो गया था.
जनवरी से लेकर अब तक भारत श्रीलंका को 1.4 अरब डॉलर की मदद दे चुका है.
भूपेश बघेल अपने मंत्रियों के साथ 'कश्मीर फ़ाइल्स' देखने पहुंचे
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कांग्रेस शासित राज्य छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने मंत्रियों और विधायकों के साथ कश्मीरी पंडितों के पलायन पर बनी विवादित और चर्चित फ़िल्म 'कश्मीर फ़ाइल्स' देखने पहुंचे हैं.
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री इस फ़िल्म को देख चुके हैं और लोगों से फ़िल्म देखने की अपील कर चुके हैं.
बीजेपी शासित कई राज्यों में ये फ़िल्म टैक्स फ्री है. कांग्रेस शासित राज्यों से भी फ़िल्म को टैक्स फ़्री करने की मांग की जा रही है.
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री कार्यालय ने भूपेश बघेल और उनके मंत्रियों के रायपुर के एक सिनेमाघर में फ़िल्म देखने की जानकारी दी है.
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विवेक अग्निहोत्री निर्देशित ये फ़िल्म चर्चा और विवादों में हैं.
फ़िल्म समर्थकों का कहना है कि ये एक ऐसे विषय पर है जिसे लंबे समय से नज़रअंदाज़ किया जाता रहा है.
वहीं फ़िल्म का विरोध करने वालों का कहना है कि एक विवादित विषय पर फ़िल्म बनाकर लोगों के बीच मतभेद पैदा करने की कोशिश की गई है.
फ़िल्म में अनुपम ख़ैर और मिथुन चक्रवर्ती ने अहम भूमिका निभाई है.
ब्रेकिंग न्यूज़, जापान में भूकंप के झटके, टोक्यो भी हिला
जापान के पूर्वी हिस्से में एक ताक़तवर भूकंप आया है. रिक्टर स्केल पर 7.3 की तीव्रता वाले इस भूकंप ने जापान की राजधानी टोक्यो तक को हिला दिया है.
जापान के पूर्वोत्तर हिस्से में भूकंप के बाद सूनामी की चेतावनी जारी कर दी गई है.
भूकंप का केंद्र फ़ुकुशिमा क्षेत्र के पास था. जापान के सरकारी चैनल एनएचके ने कहा है कि झटके इतने तेज़ थे कि खड़ नहीं हो पा रहे थे.
इसी इलाक़े में साल 2011 में भी भूकंप आया था जिसकी वजह से फ़ुकुशिमा न्यक्लियर संयंत्र पर में रेडियएक्टिव मैटेरियल का रिसाव हो गया था.
कांग्रेस में असंतुष्ट गुट के नेता पहुँचे ग़ुलाम नबी के घर
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कपिल सिब्बल की ओर से सोनिया-राहुल पर हमले के बाद कांग्रेस में असंतुष्ट गुट की गतिविधियां और तेज हो गई हैं.
G-23 कहे जाने वाले गुट के नेता अब पार्टी में नेतृत्व के सवाल को लेकर अलग बैठ कर रहे हैं.
बुधवार को बैठक के लिए कपिल सिब्बल, भूपिंदर सिंह हुड्डा, मनीष तिवारी समेत कई अन्य नेता गुलाम नबी आजाद के दिल्ली स्थित आवास पर पहुंचे.
असंतुष्ट गुट के नेता पार्टी में लगातार नेतृत्व परिवर्तन की मांग कर रहे हैं.
मंगलवार को 'इंडियन एक्सप्रेस' में छपे इंटरव्यू में पार्टी के सीनियर नेता कपिल सिब्बल ने कहा था कि गांधी परिवार को कांग्रेस का नेतृत्व छोड़ देना चाहिए. नेतृत्व का मौका अब किसी और को मिलना चाहिए.
उन्होंने कहा था कि वो 'परिवार की कांग्रेस' की जगह 'सबकी कांग्रेस' चाहते हैं.
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इसके बाद पार्टी में सोनिया और राहुल समर्थक नेताओं ने कपिल सिब्बल पर हमला बोलते हुए कहा था कि वह आरएसएस और बीजेपी की भाषा बोल रहे हैं.
कपिल सिब्बल का इंटरव्यू ऐसे वक्त आया है, जब कांग्रेस को पांच राज्यों के चुनाव में मुंह की खानी पड़ी है. लेकिन हार की समीक्षा के लिए कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में पार्टी नेताओं ने सोनिया गांधी से अपील की कि वह कांग्रेस की कमान संभाले रखें.
कार्यसमिति की बैठक के बाद सोनिया ने उन सभी राज्यों के कांग्रेस अध्यक्षों से इस्तीफा मांग लिया, जहां कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा था.
यूपी और उत्तराखंड के कांग्रेस अध्यक्षों ने मंगलवार को इस्तीफा दे दिया था, जबकि पंजाब के कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने बुधवार को अपना इस्तीफा दिया.
चीन के विदेश मंत्री वांग यी इस महीने के अंत में आ सकते हैं भारत
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चीन के विदेश
मंत्री वांग यी इस महीने के आख़िर में भारत दौरे पर आ सकते हैं.
समाचार एजेंसी
पीटीआई अपनी रिपोर्ट में लिखती है कि भारतीय विदेश मंत्रालय या चीनी सरकार ने इस
संभावित दौरे पर अब तक कुछ नहीं कहा है.
अगर ये दौरा होता
है तो मई 2020 में पूर्वी लद्दाख़ में दोनों देशों की सेनाओं के बीच ख़ूनी झड़प के
बाद ये किसी बड़े चीनी नेता का पहला दौरा होगा.
इस रिपोर्ट में यह
भी बताया गया है कि यह प्रस्ताव चीनी पक्ष की ओर से आया है और वांग यी भारत के अलावा
नेपाल, भूटान और बांग्लादेश के दौरे पर भी जाएंगे.
नेपाल के काठमांडू
पोस्ट अख़बार ने मंगलवार को लिखा था कि वांग यी 26 मार्च को नेपाल की राजधानी दो
दिवसीय दौरे पर पहुंच रहे हैं.
हालांकि ये अभी तक
साफ़ नहीं है कि वांग यी काठमांडू पहले जाएंगे या नई दिल्ली पहले आएंगे.
पूर्वी लद्दाख़ के
कारण दोनों देशों के बीच उपजे तनाव को शांत करने के लिए बीते डेढ़ सालों में
जयशंकर और वांग मॉस्को और दुशांबे में कई राउंड की बातचीत कर चुके हैं.
बिहार विधानसभा स्पीकर ने नीतीश कुमार का नाम लिए बिना क्या कहा
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बिहार
विधानसभा के अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा बुधवार को सदन में आए. उन्होंने विधानसभा
में कहा कि ‘सदन में बीते कुछ दिनों में जो
हुआ, वो उचित नहीं था.’
विजय कुमार सिन्हा ने नीतीश
कुमार का ज़िक्र नहीं किया लेकिन सभा में उन्होंने कहा, "पिछले कुछ दिनों में जो कुछ भी हुआ उसे इस
पवित्र सदन के गरिमा के लिहाज़ से उचित नहीं किया जा सकता. हमारा आज आने वाले कल का
इतिहास है और इतिहास के दृष्टि बारीक होती है. हमारा आज का आचरण और व्यवहार जब
इतिहास का हिस्सा बन जाता है तब उससे सही या ग़लत साबित करने को हम और आप मौजूद
नहीं होंगे.”
“इसलिए हम वर्तमान व्यवहार को
नियम, कायदे और मर्यादा की सीमामें रखे तो आने वाला समय हमे याद रखे और हमसे नज़र चुराने को मजबूर
ना होना पड़े.”
बिहार
विधानसभा में सोमवार को नीतीश कुमार औरस्पीकर विजय कुमार सिन्हा के बीच बहस हुई जिस बीच नीतीश कुमार ने
स्पीकर को संविधान के हिसाब से सदन चलाने की नसीहत दी. अगले दिन मंगलवार को स्पीकर
विजय कुमार सिन्हा सदन में नहीं आए.
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उन्होंने
सदन में मौजूद सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा, “राजनीति एक ऐसा क्षेत्र है जहां परस्पर विरोध हो सकता है,विरोधियों को मित्र बनाने की कोशिश होती है
लेकिन यहां कोई शत्रु नहीं होता.”
राष्ट्रीय
जनता दल केनेता
तेजस्वी यादव ने मंगलवार को इस मामले में कहा, “बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सभा में अध्यक्ष से उस लहजे में
बात करके लोकतंत्र की हत्या की है. अध्यक्ष को उंगली दिखाना और उन्हें संविधान
पढ़ाना बिल्कुल अस्वीकार्य है.”
तेजस्वी
यादव ने नीतीश यादव से सभा में अध्यक्ष से माफ़ी मांगने के लिए कहा है.
यूक्रेन पर रूस के हमले का 21वां दिन: किन इलाकों में चल रही है लड़ाई?
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यूक्रेन पर रूसी सेना का हमला जारी है. बुधवार को रूस के हमले का 21वां दिन है.
डिफेंस थिंक टैंक, द रॉयल यूनाइटेड सर्विसेज इंस्टीट्यूट के रिसर्च फेलो जस्टिन ब्रोंक बीबीसी के टुडे प्रोग्राम को लगातार यह बता रहे हैं कि यूक्रेन और रूस के बीच किन इलाकों में लड़ाई चल रही है.
कीएव
मध्य कीएव में अब भी क्रूज और बैलिस्टिक मिसाइलें दागी जा रही हैं. कीएव के उत्तर के उपनगरीय इलाकों में भीषण जंग जारी है.
लेकिन रूसियों की क्षमता सीमित है, वे सिंगल बटालियन के जरिये छोटे हमले कर कर रहे हैं. इससे उन्हें आगे बढ़ने में ज्यादा मदद नहीं मिल रही है.
ब्रोंक के मुताबिक रूस इस वक्त कीएव के सिटी सेंटर पर कब्जे की स्थिति में नहीं दिख रहा है. रूस के पास इस वक्त लड़ाई की जो ताकत है, उससे यह संभव नहीं दिखता.
इसके बावजूद रूस कीएव में अपना दबाव बनाए रखेगा ताकि संघर्ष विराम की बातचीत में यूक्रेन पर हावी होने की संभावना बनी रहे.
ओडेसा ( दक्षिण)
मंगलवार को रूसी नौसेना ने आगे बढ़ कर बंदरगाह शहर ओडेसा पर भारी बमबारी की. इसके बाद वह पीछे लौट आई. लेकिन बुधवार को वह एक बार फिर शहर के करीब आ गई.
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ओडेसा पर पूरी ताकत से हमला हुआ तो यूक्रेन के लिए खतरा हो सकता है. लेकिन रूस अभी इस तरह का हमला करने की स्थिति में नहीं है क्योंकि नौसेना को मदद देने वाली उसकी पैदल सेना काफी दूर है.
उसे मिकोलेव शहर में यूक्रेनी सेना से काफी चुनौती मिल रही है. अगर ओडेसा पर रूस ने समुद्र से हमला किया तो उसे भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है. देखना ये है कि क्या वह ये हमला करेगा.
डोनबास ( पूर्वी इलाका)
रूस के कब्जे वाले इलाके वाले लुहान्स्क के इर्द-गिर्द भीषण लड़ाई चल रही है. रूसी सेना यहां से पश्चिमी इलाके निप्रो की ओर बढ़ने की कोशिश कर रही है.
यह दक्षिण में अपनी सेना से संपर्क कायम करने के लिए यह कदम उठा रही है.
अगर वह इसमें सफल रहती है तो डोनबास में यूक्रेनी सेना के घिरने का खतरा पैदा हो जाएगा.
ममता का ऐलान- यूक्रेन से लौटे बंगाल के स्टूडेंट्स को मिलेगी मेडिकल इंटर्नशिप और स्टाइपेंड
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को यूक्रेन से लौटे छात्र-छात्राओं से मुलाकात की.
उन्होंने कहा कि मेडिकल इंटर्न को राज्य सरकार यहां के मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप की इजाज़त देगी. इंटर्नशिप के दौरान उन्हें स्टाइपेंड भी मिलेगा. बंगाल के अलग-अलग ज़िलों के 300 स्टूडेंट्स यूक्रेन से लौटे हैं.
ममता ने कहा कि मेडिकल के चौथे, पांचवें और छठे साल के स्टूडेंट्स के लिए राज्य सरकार मेडिकल काउंसिल कमेटी को चिट्ठी लिखेगी ताकि उन्हें पश्चिम बंगाल में प्रैक्टिस का मौका मिल सके.
इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स राज्य के कॉलेजों में मामूली फीस पर अपनी पढ़ाई पूरी कर सकेंगे.
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पश्चिम बंगाल से पढ़ाई करने यूक्रेन गए करीब 300 स्टूडेंट्स वहां से लौटे हैं. सीएम ने यूक्रेन में पढ़ रहे स्टूडेंट्स के लिए डोमेस्टिक एयर टिकट की पेशकश की थी. साथ ही उन्हें घर पहुंचाने के लिए इंतज़ाम का ऐलान किया गया था.
यूक्रेन पर रूस के हमले को 21 दिन हो चुके हैं. इस बीच, वहां अलग-अलग शहरों में फंसे स्टूडेंट्स समेत 22,500 भारतीयों को ऑपरेशन गंगा के तहत स्वदेश ले आया गया है.
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संसद में इसकी जानकारी दी है.
जयशंकर के मुताबिक भारत ने नेपाल और बांग्लादेश समेत 18 देशों के 150 नागरिकों को भी यूक्रेन से निकालने में मदद की है. उन्हें भी भारत ले आया गया है.
हिजाब बैन के विरोध में मुस्लिम संगठनों ने कल कर्नाटक में बुलाया बंद
....में
Author, इमरान क़ुरैशी
पदनाम, बेंगलुरु से, बीबीसी हिंदी के लिए
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हिजाब मामले में कर्नाटक हाई कोर्ट
के फ़ैसले पर अपना असंतोष जताने के लिए मुस्लिम समुदाय के सभी धार्मिक नेताओं ने कर्नाटक
में कल यानी 17 मार्च को एक शांतिपूर्ण बंद का आह्वान किया है.
धार्मिक संगठन अमीर-ए-शरीयत के
मौलानासग़ीरअहमद ख़ान
रशदी ने एकवीडियोसंदेश में कहा, “हम सरकार को ये बताएंगे कि हमारे देश में धर्म को मानने के साथ-साथ शिक्षा
लेना संभव भी है.”
कर्नाटक हाई कोर्ट ने कल हिजाब
मामले के अपने फ़ैसले में कहा थाकि हिजाब
इस्लाम के अनुसार अनिवार्य नहीं है. कोर्ट ने ये भी कहा था किक्लास रूम
में हिजाब पहनने की अनुमति देने से ‘मुसलमान महिलाओं की
मुक्ति में बाधा पैदा होगी’ और ऐसा करना संविधान की'सकारात्मक सेकुलरिज्म' की भावना के भी प्रतिकूल होगा.
राज्य सभा के पूर्व उप सभापति और वरिष्ठ कांग्रेस नेता के रहमान ख़ान
ने बीबीसी हिन्दी से कहा, “मैं इस बंद का विरोध करता हूं. ये हाई कोर्ट का फैसला है. ये फ़ैसला सरकार
की तरफ़ से नहीं आया है जो इसका विरोध किया जाए. बेहतर ये होगा कि लोग सुप्रीम
कोर्ट जाए और फिर उनके फ़ैसले का इंतज़ार करें. इस बंद से किसको क्या फायदा हो सकता
है?”
कर्नाटक हाई कोर्ट के इस फ़ैसले
को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देते हुए, छात्राओं की ओर से एक स्पेशल लीव पेटिशन दायर की गई है.
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इमारत-ए-शरीयत हर ज़िले के
धार्मिक प्रमुखों का एक संगठन है. अमीर-ए-शरीयत इस संगठन का नेतृत्व करता है. इस
बैठक में जमात-ए-उलेमा, जमात-ए-अहले हदीस, जमात-ए-इस्लामिया-ए-हिन्द,जमात-ए-अहले सुन्नत और इमाम काउंसिल के
प्रतिनिधि भी शामिल थे.
अमीर-ए-शरीयत ने ख़ासतौर पर
युवाओं से निवेदन किया है कि वो लोग “किसी प्रकार के नारेबाज़ी ना करें, कोई मोर्चा ना निकालें और ज़बरदस्ती दुकानों को बंद भी ना करें.”
कर्नाटक के कुछ ज़िलों में इस
फ़ैसले का विरोध हो रहा है. राज्य के कुछ कॉलेजों में परीक्षा चल रही है और उन
परीक्षाओं में उपस्थित होने के लिए कुछ छात्राओं ने हिजाब हटाने से मन कर दिया है.
छात्राओं के इस विरोध को ध्यान में रखते हुए बंद का आयोजन हुआ है.
शिवमोगा, कोप्पल और अन्य ज़िलों में हिजाब पहनने वाली छात्राएं क्लासरूम में नहीं जा
पाईं, ना ही वो
प्री-यूनिवर्सिटी या डिग्री कॉलेजों की परीक्षा दे पाईं. कुछ छात्राओं ने बताया कि
वो सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का इंतज़ार करेंगी और कुछ ने कहा कि वो अपने संवैधानिक
हक़ की लड़ाई लड़ रही थी.
कल यादगिर ज़िले की केमबावी
सरकारी प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज के छात्रों ने हिजाब के बिना परीक्षा देने से इनकार
कर दिया था.
‘कश्मीर फ़ाइल्स’ और पीएम मोदी पर क्या बोले भूपेश बघेल
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कश्मीरी पंडितों के विस्थापन पर
बनी फ़िल्म ‘द कश्मीर फ़ाइल्स’ पर छत्तीसगढ़
के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने टिप्पणी की है.
समाचार एजेंसी एएनआई के
मुताबिक़ उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘द कश्मीर
फ़ाइल्स’ फ़िल्म में दिलचस्पी दिखाई है. हम फ़िल्म देखेंगे और इस पर
ज़रूर प्रतिक्रिया देंगे. मैंने विधायकों को भी फ़िल्म देखने का निमंत्रण दिया है.”
कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल की
हालिया टिप्पणी पर बोलते हुए उन्होंने कहा, “जिन्होंने (चुनाव) लड़ा ही नहीं वो सिर्फ़ बयान दे रहे हैं. पार्टी
कार्यकर्ताओं ने गांधी परिवार में विश्वास जताया है.”
'कश्मीर फ़ाइल्स' पर बोले अखिलेश यादव- लखीमपुर फ़ाइल्स फ़िल्म भी बने
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कश्मीरी पंडितों के विस्थापन पर
बनी फ़िल्म ‘द कश्मीर फ़ाइल्स’ पर समाजवादी
पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि इसी की तरह लखीमपुर फ़ाइल्स पर भी फ़िल्म
बननी चाहिए.
सीतापुर ज़िले के दौरे पर गए अखिलेश यादव ने कहा, “पड़ोसी ज़िले में जीप से किसानों को कुचल दिया गया था. समय आए और लखीमपुर
फ़ाइल्स पर भी फ़िल्म बने.”
उन्होंने यूपी विधानसभा चुनाव
के परिणामों पर कहा कि समाजवादी पार्टी की नैतिक जीत हुई है, सपा जनता के भरोसे के
कारण बढ़ी है और भारतीय जनता पार्टी घटी है, पर्सेंटेज ऑफ़ वोट और सपा की सीटें
बढ़ी हैं.
अखिलेश यादव ने कहा कि महंगाई,
बेरोज़गारी वैसी ही है और युवा निराश है.
COVER STORY: रूस के 'भाड़े के सैनिक'
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रूसी रक्षा मंत्री ने कहा है कि मध्य पूर्व के सोलह हज़ार लड़ाकों ने यूक्रेन में रूस के लिए लड़ने की पेशकश की है.
अगर ये लड़ाके यूक्रेन में लड़ने के लिए हथियार उठाते हैं, तो ऐसा पहली बार नहीं होगा.
रूस पहले भी इस तरह लड़ाकों की भर्ती करता रहा है, जिसे कुछ लोग भाड़े के सैनिक भी कहते हैं.
सोनिया गांधी ने संसद में मोदी सरकार, सोशल मीडिया और नफ़रत पर क्या बोला
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कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने लोकसभा में लोकतंत्र में सोशल मीडिया के हस्तक्षेप पर टिप्पणी करते हुए कहा, “फ़ेसबुक और ट्विटर जैसी वैश्विक
कंपनियों का उपयोग नेताओं और राजनीतिक दलों द्वारा पॉलिटिकल नैरेटिव को आकार देने के लिए किया
जा रहा है.”
उन्होंने कहा कि ये भी देखा जा रहा है कि वैश्विक सोशल मीडिया
कंपनियां सभी पार्टियों को समान अवसर प्रदान नहीं कर रही हैं.
सरकार और सोशल मीडिया कंपनियों पर निशान साधते हुए उन्होंने कहा, “सरकार और फेसबुक की मिलीभगत से सामाजिक सौहार्द्र को भंग किया जा रहा
है और ये हमारे लोकतंत्र के लिए खतरनाक है.”
सोनिया गांधी ने सोशल मीडिया कंपनियों का लोगों के ऊपर पड़ने वाले
प्रभाव के बारे में भी लोकसभा में बात की.
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उन्होंने
कहा, “नौजवान और बूढ़े
लोगों के अंदर भावनाओं से भरी ग़लत जानकारी देकर नफ़रत भरी जा रही है. फेसबुक जैसी
प्रॉक्सी विज्ञापन कंपनियां इस बारे में सब जानती हैं और इसका पूरा फायदा भी उठाती
हैं.”
“रिपोर्ट्स के मुताबिक बड़ी कंपनियों, सरकार और फेसबुक जैसी बड़ी सोशल मीडिया कंपनियों के बीच मेल-जोल बढ़ रहा है.”
सोनिया गांधी ने लोकसभा में सरकार से अनुरोध किया है कि राजनीति में
फेसबुक और उसकी जैसी अन्य सोशल मीडिया कंपनियों के हस्तक्षेप को रोका जाए.
उन्होंने
कहा, “ये पार्टी और राजनीति
से परे है. सत्ता में चाहे कोई भी हो लेकिन हमें लोकतंत्र और सामाजिक सद्भाव को बचाना
होगा.”
ब्रेकिंग न्यूज़, भगवंत मान बने पंजाब के सीएम, कहा- जिन्होंने वोट नहीं दिया उनके भी मुख्यमंत्री
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आम आदमी पार्टी के नेता भगवंत मान ने आज पंजाब के
मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. उनका शपथ ग्रहण समारोह पंजाब के नवांशहर
में भगत सिंह के पैतृक गांव खटकड़ कलां में हुआ.
राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने भगवंत मान को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई.
भगवंत मान ने पंजाबी भाषा में ईश्वर के नाम पर शपथ ली. वो राज्य के 17वें मुख्यमंत्री हैं, उनके अलावा किसी और मंत्री को पद की शपथ फ़िलहाल नहीं दिलाई गई है.
इस मौके पर बड़ी संख्या में लोग खटकड़ कलां पहुंचे. कई
लोगों ने पीली पगड़ी पहनी हुई थी और पीला दुपट्टा लिया हुआ था जिसकी भगवंत मान ने
अपील की थी.
उन्होंने भगत सिंह की पीली पगड़ी को ध्यान में रखकर ये अपील
की थी. भगवंत मान खुद भी पीली पगड़ी पहनते हैं.
ऐसी रिपोर्टें हैं कि इस समारोह में किसी वीआईपी को न्योता
नहीं दिया गया है. हालांकि, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समारोह में शामिल
हुए.
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भगवंत मान ने क्या कहा
भगवंत मान ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद लोगों को
संबोधित किया.
उन्होंने वहां मौजूद लोगों को शपथ ग्रहण समारोह में आने के
लिए धन्यवाद दिया. साथ ही विपक्षियों के ख़िलाफ़ नारेबाजी ना करने की अपील भी की.
भगवंत मान ने कहा, ‘‘शपथ ग्रहण में आने के लिए मैं आप सभी का धन्यवाद करता
हूं. कई जन्म लेने पड़ेंगे इस प्यार का कर्ज उतारने के लिए. आपने 10 मार्च को
इतिहास रच दिया... कल अगर कोई पूछे कि लोगों ने बिना लालच और डर के वोट देना कब
शुरू किया था तो जवाब होगा 20 फरवरी, 2022 को.’’
उन्होंने लोगों से कहा,‘‘मैं सभी (नए
विधायकों) से अपील करता हूं कि घमंड ना करें. कहीं नारेबाजे नहीं करनी है.
जिन्होंने वोट नहीं दिया है उनके भी मुख्यमंत्री हैं, उनकी भी सरकार है. जनता जब
चाहे तो आसमान पर, जब चाहे तो ज़मीन पर ला सकती है.’’
उन्होंने भगत सिंह की कही एक बात दोहराई, ''इश्क करना सबका पैदाइशी हक़ है, क्यों ना इस बार वतन की सरज़मीम को महबूब बना लिया जाए.''
भगवंत मान ने कहा, ‘‘हम अपना मुल्क ठीक करेंगे. आपके लिए यहीं रहेंगे और
काम करेंगे. बेरोजगारी, खेते, भ्रष्टाचार, स्कूल, अस्पताल कई मसलों पर यहां काम
करना है. हमें आपके सहयोग की ज़रूरत होगी.’’
उन्होंने कहा किपंजाब में ऐसे स्कूल और अस्पताल बनाएंगे कि बाहर वाले भी
यहां आकर देखेंगे.
साथ ही उन्होंने दिल्ली की सीएम अरविंद केजरीवाल और उप
मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का भी आभार व्यक्त किया.
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पंजबा चुनाव में बड़ी जीत
पंजाब विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को पूर्ण बहुमत के साथ जीत मिली थी.
10 मार्च को आए नतीजों में पार्टी को पंजाब की 117 सीटों में से 92 सीटें हासिल हुई थीं. वहीं, कांग्रेस को 18, बीजेपी को 2 और अकाली दल को 3 सीटें मिली थीं.
भगवंत मान धुरी सीट से विधायक हैं. यहां से उन्होंने कांग्रेस के दलवीर सिंह गोल्डी को हराया है.
इसे पार्टी की ऐतिहासिक जीत बताया गया क्योंकि इसमें कांग्रेस और अकाली दल जैसी पंजाब की प्रमुख पार्टियां हाशिये पर आ गईं.
कई दिग्गज नेता अपने गढ़ से चुनाव हार गए. पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, नवजोत सिंह सिद्धू, पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, अकाली दल के नेता प्रकाश सिंह बादल ने अपनी सीटें गवां दीं.
Bhagwant Mann oath cememony LIVE : Punjab के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे AAP नेता भगवंत मान (BBC)
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लखीमपुर खीरी: आशीष मिश्र को मिली ज़मानत पर सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार से मांगा जवाब
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सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी करते हुए
कहा है कि वो लखीमपुर खीरी हिंसा के मुख्य अभियुक्त आशीष मिश्र को हाई कोर्ट से
मिली ज़मानत को चुनौती देने वाली याचिका पर जवाब दे.
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को ये भी निर्देश दिया है
कि केस से जुड़े गवाहों को सुरक्षा दी जाए.
आशीष मिश्र केंद्रीय गृह राज्य मंत्री और लखीमपुर खीरी के सांसद
अजय मिश्रा टेनी के बेटे हैं.
आशीष मिश्र पर चार किसानों और पत्रकार रमन कश्यप की हत्या का
मामला है. पिछले महीने उन्हें इलाहाबाद हाई कोर्ट ने ज़मानत पर रिहा कर दिया था.
लखीमपुर खीरी में तीन कृषि क़ानूनों के विरोध में किसान इकट्ठा
हुए थे और उन्होंने वहां धरना प्रदर्शन किया था. धरने से लौटते वक्त, कुछ किसानों पर गाड़ियां चढ़ा दी गई थीं. इस
घटना में चार किसानों की मौत हुई थी.
एक पत्रकार की भी कार से कुचलने से मौत हुई
थी जबकि मौक़े पर मौजूद भीड़ ने तीन लोगों की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी. कुल आठ
लोग इस हिंसा में मारे गए थे.
पोलैंड, चेक रिपब्लिक और स्लोवेनिया के प्रधानमंत्री यूक्रेन पहुंचकर क्या बोले
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इमेज कैप्शन, पोलैंड, चेक रिपब्लिक और स्लोवेनिया के प्रधानमंत्री यूक्रेन पहुंचे
पोलैंड, चेक
रिपब्लिक और स्लोवेनिया के प्रधानमंत्री यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर
ज़ेलेंस्की और प्रधानमंत्री से बातचीत करने के लिए यूक्रेन की राजधानी कीएव पहुंचे.
वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने रूसी
हमले के ख़िलाफ़ समर्थन देने के लिए इतना लंबा सफ़र तय करके आने के लिए तीन प्रमुखों को
धन्यवाद दिया है.
तीनों देशों के प्रमुखों ने
राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की से मंगलवार शाम को मुलाक़ात की. तब कीएव में कर्फ़्यू भी शुरू
हो गया था.
बैठक के बाद चेक रिपब्लिक के प्रधानमंत्री
ने यूक्रेन के लोगों से कहा कि वो ‘‘अकेले नहीं हैं.’’
तीनों देशों के प्रधानमंत्री रूस
के हमले के बाद यूक्रेन की यात्रा करने वाले पहले पश्चिमी नेता हैं. वो ट्रेन से
होते हुए यूक्रेन पहुंचे.
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इमेज कैप्शन, पोलैंड, चेक रिपब्लिक और स्लोवेनिया के प्रधानमंत्री के साथ राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की की बैठक
चेक रिपब्लिक के पीएम पेत्र फियाला ने यूक्रेन के लोगों के लिए ट्वीट किया, ‘‘हम जानते हैं कि आप हमारी ज़िंदगी के लिए लड़ रहे हैं. आप अकेले नहीं हैं. हमारा देश आपके साथ खड़ा है.’’
पोलैंड के प्रधानमंत्री मातेउश मोराविएतस्की ने कहा कि यूरोप पहले जैसा नहीं रहेगा अगर वो यूक्रेन को खो देता है. इसके बजाय इसका रूप ‘‘हारा हुआ, अपमानित और दयनीय होगा.’’
इस पर राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने कहा, ‘‘आपका यहां आना यूक्रेन के लिए मजबूत समर्थन को दिखाता है.’’
यूक्रेन के प्रधानमंत्री डेनिस शिमेहल ने तीनों देशों के प्रधानमंत्रियों के साथ हुई बैठक को लेकर ट्वीट किया, ‘‘रूस के ख़िलाफ़ कड़े प्रतिबंधों पर बात की गई. इसमें रूस को आतंकवाद का प्रयोजक मानना भी शामिल है.’’
चारों देशों के प्रमुखों की बातचीत के दौरान राजधानी कीएव में बम धमाकों की आवाज़ें भी सुनाई दीं.
यूक्रेन पर रूस का हमला जारी है और वो राजधानी कीएव पर कब्ज़ें की कोशिश कर रहा है. वहीं, दोनों देशों के बीच शांति वार्ता भी चल रही है.
रूस-यूक्रेन युद्ध का 21वां दिन, अब तक क्या-क्या हुआ?
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यूक्रेन और रूस के बीच
21वें दिन भी लड़ाई जारी है. रूस कीएव पर नियंत्रण के लिए लगातार कोशिशें कर रहा है लेकिन उसे विरोध का सामना भी करना पड़ रहा है. वहीं, दोनों देशों के बीच शांति वार्ता भी चल रही है लेकिन फिलहाल कोई समाधान नहीं
निकला है.
आइये जानते हैं इस बीच यूक्रेन में बीते
कुछ घंटों में कैसे रहे हालात:
·यूक्रेन के कई शहरों में हवाई हमलों से पहले सायरन बज
रहे हैं.
·रूस और यूक्रेन के बीच शांति वार्ता के चौथे दौर में कुछ
प्रगति नज़र आई है. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने
शांति वार्ता को लेकर कहा कि अब लग रहा है कि रूस के साथ 'असल बातचीत' हो रही है.
स्लोवेनिया,चेक रीपब्लिक और पोलैंड के
प्रधानमंत्री यूक्रेन को अपना समर्थन देने के लिए ट्रेन से यूक्रेन के राष्ट्रपति
वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की से मिलने ट्रेन से कीएव
पहुंचे.
स्लोवेनिया के प्रधानमंत्री ने यूक्रेन के लोगों को
संबोधित करते हुए कहा, “आप लोग अकेले नहीं हैं. आपकी लड़ाई हमारी भी लड़ाई है.”
यूक्रेन की राजधानी कीएव में अब भी बमबारी जारी है और वहां
35 घंटों का कर्फ्यू भी लग चुका है. हवाई हमलों में मंगलवार को कम से कम 5
लोग मारे गए.
मारियुपोल के मेयर ने बताया कि वहां रूसी सैनिकों ने 400
डॉक्टरों और मरीज़ों को बंधक बना लिया है.
अमेरिका यूक्रेन को सैन्य सहायता देने के लिए 1 बिलियन
डॉलर की
मदद दे सकता है.
संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि युद्ध की शुरुआत से हर दिन
70,000
बच्चे शरणार्थी बन जाते हैं. यूक्रेन से आने वाले शरणार्थियों की संख्या अब 30 लाख
से भी ज़्यादा हो चुकी है.
रूस ने अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन पर प्रतिबंध लगाए हैं. ये प्रतिबंध
अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन,
रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन और सीआईए प्रमुख विलियम बर्न्स पर भी
लागू होंगे.