रूस के साथ 'स्थायी सामान्य व्यापार संबंधों' को रद्द करेगा अमेरिका

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि यूक्रेन पर हमला करने की सज़ा में रूस के साथ "स्थायी सामान्य व्यापार संबंधों" को रद्द करेगा अमेरिका.

लाइव कवरेज

रजनीश कुमार, विभुराज, कमलेश मठेनी and अभय कुमार सिंह

  1. बिखरे विपक्ष के बीच मोदी को 2024 में कौन देगा चुनौती?

    नरेंद्र मोदी

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    कहा जा रहा था कि पाँच राज्यों में हालिया चुनाव सेमीफ़ाइनल हैं और फ़ाइनल मैच 2024 का आम चुनाव है.

    तो क्या पाँच राज्यों में से चार में जीत हासिल करके भारतीय जनता पार्टी ने फ़ाइनल मैच में अपनी जीत सुनिश्चित कर ली है?

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 मार्च 2022 को मिली इस जीत के बाद उसी शाम दिल्ली के बीजेपी मुख्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं के सामने दिए भाषण में कहा, "2019 के चुनाव नतीजों के बाद, कुछ पॉलिटिकल ज्ञानियों ने कहा था कि भई 2019 की जीत में क्या है, ये तो 2017 में ही तय हो गई थी. क्योंकि 2017 में यूपी का रिज़ल्ट आया था. मैं मानता हूँ कि इस बार भी ये ज्ञानी ज़रूर कहने की हिम्मत करेंगे कि 2022 के नतीजों ने 2024 के नतीजे तय कर दिए हैं."

    प्रसार भारती के पूर्व अध्यक्ष और मोदी समर्थक सूर्य प्रकाश के विचार में इन ताज़ा चुनावी नतीजों का असर 2024 में देखने को मिलेगा. उनके अनुसार बीजेपी की जीत के पूरे आसार हैं.

    वे कहते हैं, "आज के हालात के हिसाब से मुझे निश्चित रूप से 2024 के चुनावों में भाजपा के लिए कोई समस्या नहीं दिख रही है. देश भर में मोदी समर्थक भावना बहुत मज़बूत है. सरकारी स्कीमों की डिलिवरी और विचारों के प्रसार के मामले में उनका रिकॉर्ड काफ़ी उल्लेखनीय है. अगर चीज़ें स्थिर रहीं तो मुझे 2024 में भाजपा के लिए कोई समस्या नहीं दिख रही है."

  2. ब्रेकिंग न्यूज़, सीबीएसई ने 10वीं और 12वीं के परीक्षाओं की डेटशीट जारी की

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    केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 12वीं क्लास के टर्म-2 की परीक्षाओं की तारीख़ का एलान कर दिया है.

    सीबीएसई बोर्ड द्वारा जारी की गई विज्ञप्ति के मुताबिक़, ये परीक्षाएं 26 अप्रैल से शुरू होंगी. टर्म-1 की परीक्षा पहले ही हो चुकी है.

    सीबीएसई बोर्ड ने कहा है कि कोरोना महामारी के कारण पढ़ाई-लिखाई में हुए नुक़सान को देखते हुए दोनों ही क्लासेज़ के सभी विषयों में दो परीक्षाओं के बीच अधिक अंतर रखा गया है.

    बोर्ड का ये भी कहना है कि डेट शीट तैयार करने में जेईई मेन समेत अन्य प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं का भी ध्यान रखा गया है.

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  3. यूक्रेन की सांसद बोलीं- यहां कोई शहर सुरक्षित नहीं, हमें यूक्रेन में नो फ़्लाई ज़ोन चाहिए...

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    यूक्रेन की सांसद इन्ना सोवसुन का कहना है कि यूक्रेन के कई हिस्सों में आज सुबह हुए हमलों से पता चलता है कि यहां कोई भी शहर ''सुरक्षित'' नहीं है.

    उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, ''आज 3 और शहरों पर हवाई हमले हुए- द्नीप्रो, लुज़्क, इवानो-फ्रांकीवस्क. कम से कम एक की मौत द्नीप्रो और 1 की मौत लुज़्क में हुई. वो पत्रकार जो मुझसे पूछते हैं कि क्या मैं शहर में सुरक्षित हूं, उनसे मैं यही कहती हूं, यहां कोई सुरक्षित शहर नहीं है. हमें यूक्रेन में नो फ़्लाई ज़ोन चाहिए.''

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    इससे पहले उन्होंने बीबीसी से बातचीत कर ज़मीनी हालात के बारे में बताया. उन्होंने कहा, ''पिछले दो हफ्तों से हम शायद ही पूरे दिन में तीन घंटे भी सो पाए हैं.''

    सोवसुन ने आगे कहा, ''हम निश्चित तौर पर अपने बच्चों की ज़िंदगियों के लिए डर रहे हैं, लेकिन हम बहुत कुछ नहीं कर सकते हैं. हम आत्मसमपर्ण नहीं कर सकते न ही रूस को क़ब्ज़ा करने दे सकते हैं.''

    इन्ना सोवसुन का कहना है कि उन्हें नहीं लगता कि पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए प्रतिबंध रूस के हमले को रोकने के लिए पर्याप्त हैं. उन्होंने कहा, ''मैं दुनिया से हस्तक्षेप करने की भीख मांग रही हूं. कृपया उन्हें (रूस) हमें मारने नहीं दें और पूरे देश को तबाह करने नहीं दें. हमने ऐसा कुछ नहीं किया जो हमारे साथ ऐसा हो रहा है.''

    सोवसुन कहती हैं कि दुनिया को ये समझना होगा कि पुतिन नहीं रुकेंगे.

  4. पीएम मोदी ने 2024 चुनाव पर 'ज्ञानियों' को दी चुनौती, प्रशांत किशोर का आया जवाब

    नरेंद्र मोदी

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    पाँच राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद अब अटकलें अगले चुनाव पर लगने लगी हैं जिनमें सबसे ज़्यादा चर्चा 2024 के आम चुनाव की हो रही है जब दिल्ली की सत्ता के लिए सियासी संग्राम छिड़ेगा. और ये चर्चा बस कोरी अटकलबाज़ी नहीं, एक गंभीर विमर्श में बदल गई है क्योंकि स्वयं प्रधानमंत्री मोदी ने इसे मुद्दे को छेड़ दिया है और राजनीतिक पंडितों को चुनौती तक दे डाली है.

    उनमें से एक बड़े राजनीतिक पंडित ने प्रधानमंत्री को उसका जवाब भी दिया है. जाने-माने चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने कहा है कि प्रधानमंत्री ने जो बयान दिया है वो उनकी एक चालाक कोशिश है.

    2022 के यूपी के नतीजे को दिल्ली के 2024 के चुनाव से जोड़ने के पीएम मोदी के इस बयान के अगले दिन प्रशांत किशोर ने एक ट्वीट किया है.

    प्रशांत किशोर ने इस ट्वीट में लिखा है, "भारत की लड़ाई 2024 में लड़ी जाएगी और उसका फ़ैसला तभी होगा, प्रादेशिक चुनावों में नहीं. साहेब ये जानते हैं! और इसलिए ये प्रदेश के चुनावों के इर्द-गिर्द एक ऐसा उन्माद खड़ा करने का चालाक प्रयास है जिससे कि विपक्ष के ऊपर एक निर्णायक मनोवैज्ञानिक बढ़त हासिल कर ली जाए. इस फ़र्ज़ी अफ़साने के चक्कर में ना फँसें."

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  5. बीजेपी की जीत पर शिवसेना का तंज, हार की तुलना में जीत पचाना ज़्यादा मुश्किल

    शिवसेना

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    चार राज्यों में बीजेपी को मिली कामयाबी के बाद शिवसेना ने तंज करते हुए कहा है कि भारतीय जनता पार्टी को जीत पर इतराना नहीं चाहिए क्योंकि हार की तुलना में जीत को पचाना अधिक मुश्किल होता है.

    गुरुवार को पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणाम सामने आने से ये साफ़ हो गया है कि भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा की सत्ता में बनी रहेगी जबकि पंजाब में आम आदमी पार्टी को जीत मिली है.

    पार्टी के मुखपत्र 'सामना' में शिवसेना ने कहा है कि चार राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की जीत का महाराष्ट्र पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

    महाराष्ट्र में इस समय शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस की साझा सरकार है जिसे महा विकास अघाड़ी कहा जाता है.

    शिवसेना का कहना है कि उत्तर प्रदेश में जाति को विकास के ऊपर तरजीह मिली है. इस बार बीजेपी हिजाब और जाति के मुद्दे का इस्तेमाल चुनाव जीतने में करने में कामयाब रही.

    शिवसेना ने इस लेख में ये भी दावा किया है कि मायावती की अगुवाई वाली बहुजन समाज पार्टी ने भी बीजेपी को रणनीतिक मदद पहुंचाई.

  6. पंजाब में भगवंत मान ने दर्ज की बड़ी जीत पर इन चुनौतियों से कैसे निबटेंगे

    भगवंत मान

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    पंजाब विधानसभा चुनाव की 117 सीटों में से 92 सीटों पर जीत दर्ज कर आम आदमी पार्टी ने बड़ी बाज़ी मारी है. वहीं बीजेपी को दो सीटें मिली हैं और कुछ वक्त पहले तक उसकी सहयोगी रही शिरोमणि अकाली दल तीन सीटों पर सिमट गई है. सत्ताधारी कांग्रेस को 18 सीटें हासिल हुई हैं.

    इससे पहले 2017 के चुनाव में आम आदमी पार्टी को 20, बीजेपी को तीन, शिरोमणि अकाली दल को 15 और कांग्रेस को 77 सीटों पर जीत हासिल हुई थी.

    राजधानी दिल्ली के बाद आम आदमी पार्टी के लिए ये पहली बड़ी जीत है. पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इसे इंक़लाब कहा है और इस बात का इशारा भी दिया है कि आने वाले वक्त में उनका काम पूरे देश में पैर फैलाने का होगा.

    एक ट्वीट में उन्होंने लिखा, "पहले दिल्ली में इंक़लाब हुआ, आज पंजाब में इंक़लाब हुआ, अब पूरे देश में इंक़लाब होगा."

  7. FB LIVE: पंजाब के चुनावी नतीजों पर क्या कहते हैं किसान नेता

    पंजाब विधानसभा चुनाव के नतीजों पर किसान नेता डॉ. दर्शन पाल से बात कर रहे हैं बीबीसी संवाददाता सरबजीत सिंह धालीवाल.

  8. प्रधानमंत्री मोदी ने 'आप' को दी बधाई, केजरीवाल ने कहा- 'थैंक्यू सर'

    ANI

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    पंजाब में आम आदमी पार्टी की एकतरफ़ा जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर बधाई दी है.

    नतीजों के बाद प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया था और शुक्रवार को आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री मोदी को शुक्रिया कहा है.

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    प्रधानमंत्री मोदी ने 'आप' को टैग करते हुए अपने ट्वीट में लिखा था, ''मैं आप को पंजाब चुनाव में जीत के लिए बधाई देना चाहता हूं. मैं पंजाब के कल्याण के लिए केंद्र की ओर से हर संभव मदद का भरोसा देता हूं.''

    इस ट्वीट को रीट्वीट करते हुए अरविंद केजरीवाल ने लिखा है- ''थैंक्यू सर''

    बता दें कि पंजाब की 117 विधानसभा सीटों में से आम आदमी पार्टी ने 92 सीटों पर जीत हासिल की है. कांग्रेस को 18 सीटें मिली हैं.

  9. उत्तर प्रदेश चुनाव में आम लोगों ने बीजेपी को वोट क्यों दिया

    योगी आदित्यनाथ

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    भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश से लेकर उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा में धमाकेदार जीत के साथ सरकार बनाने की ओर क़दम बढ़ा दिए हैं.

    उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने 250 से ज़्यादा, उत्तराखंड में 45 से ज़्यादा, गोवा में 20 और मणिपुर में 32 सीटों पर जीत दर्ज की है.

    ये चुनाव नतीजे कई मायनों में बहुत अहम हैं क्योंकि ये एक ऐसा चुनाव था जिसमें तमाम विश्लेषकों ने बीजेपी को नुक़सान होने की आशंकाएं जताई थीं.

    इस आकलन के लिए महंगाई, बेरोज़गारी से लेकर किसान आंदोलन, आवारा पशुओं की समस्या, कोरोना की दूसरी लहर में फैली अव्यवस्था से उपजी नाराज़गी आदि वजहों को ज़िम्मेदार बताया जा रहा था.

    कहा जा रहा था कि इस चुनाव में समाजवादी पार्टी की सरकार बन सकती है. लेकिन गुरुवार को आए चुनावी नतीजों पर नज़र डालें तो ऐसा लगता है कि इन मुद्दों का चुनाव पर कोई ख़ास असर नहीं पड़ा.

  10. ब्रेकिंग न्यूज़, जम्मू और कश्मीर: गुरेज़ सेक्टर में सेना का चीता हेलिकॉप्टर क्रैश

    चीता हेलिकॉप्टर

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    जम्मू और कश्मीर के गुरेज़ सेक्टर में शुक्रवार को भारतीय सेना का एक हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया है.

    समाचार एजेंसी एएनआई ने रक्षा अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट दी है कि गुरेज़ सेक्टर के बरौम क्षेत्र में सेना का एक चीता हेलिकॉप्टर क्रैश हुआ है.

    अधिकारी ने बताया, "हेलिकॉप्टर के चालक दल को बचाने के लिए तलाशी दल को उस क्षेत्र में भेजा गया है."

    गुरेज़ बर्फ़ से ढंका हुआ इलाका है. घटना से जुड़े अन्य ब्योरो की प्रतिक्षा की जा रही है.

  11. भगत सिंह के पुश्तैनी घर खटकर कलां से फेसबुक लाइव

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  12. पंजाब में ‘आप’ की जीत के पांच अहम कारण क्या रहे

    भगवंत मान

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    पंजाब विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है.

    प्रदेश की कुल 117 सीटों में से आम आदमी पार्टी ने 92 सीटों के साथ ऐतिहासिक जीत दर्ज की है. वहीं कांग्रेस 18 और बीजेपी दो सीटों पर जीती है.

    लेकिन इस ऐतिहासिक जीत के पीछे पांच बड़ी वजहें क्या हैं?

    भगवंत मान को सीएम पद का उम्मीदवार बनाना

    आम आदमी पार्टी ने इस बार स्पष्ट तरीके से अपना मुख्यमंत्री उम्मीदवार भगवंत मान को घोषित किया.

    साल की शुरुआत से ही पंजाब में आम आदमाी पार्टी के मुख्यमंत्री पद के लिए चेहरे को लेकर संशय बना हुआ था. इससे पहले 2017 के पंजाब विधानसभा चुनाव में भी सीएम पद के उम्मीदवार को लेकर इसी तरह की स्थिति थी.

    पंजाब में आम आदमी पार्टी के लगभग आधे उम्मीदवार दूसरी पार्टियों से निकल कर 'आप' में शामल हुए थे, इसलिए दिल्ली और पंजाब के बीच ठनने की स्थिति आ सकती थी.

  13. केजरीवाल एमसीडी चुनाव टालने को लेकर नाराज़, क्या है पूरा विवाद

    सीएम अरविंद केजरीवाल

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    दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा कि पीएम मोदी राजधानी दिल्ली में नगर निगम चुनाव होने दें. उन्होंने कहा कि चुनावों को टालना लोकतंत्र को कमज़ोर करना होगा.

    समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में नगर निगम चुनाव की तारीख़ों की घोषणा होने वाली थी लेकिन केंद्र सरकार के एक संदेश के बाद इसे रोक दिया गया है. केंद्र सरकार ने बुधवार को आयोग को जानकारी दी थी कि वो बजट सत्र में तीन निगमों के एकीकरण के लिए विधेयक लाने वाली है.

    दिल्ली चुनाव आयोग ने इस मामले पर क़ानूनी सलाह ली है कि क्या वो केंद्र सरकार की एकीकरण की योजना के बाद भी चुनाव करा सकता है.

    सरकार से इस संबंध में जानकारी मिलने के बाद चुनाव आयोग ने दक्षिण, उत्तरी और पूर्वी दिल्ली नगर निगम के चुनावों की घोषणा को रोक दिया था.

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    इसका विरोध करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा, "लोग इस कदम पर सवाल उठा रहे हैं. बीजेपी पिछले 7-8 सालों से केंद्र में है तो उन्होंने पहले ऐसा (एकीकरण) क्यों नहीं किया."

    उन्होंने कहा, "चुनाव की घोषणा 9 मार्च को शाम पांज बजे होनी थी. लेकिन, इससे एक घंटा पहले ही एकीकरण की याद क्यों आई? बीजेपी जानती है कि दिल्ली में आप की लहर है और वो चुनाव हार जाएंगे."

    आम आदमी पार्टी बार-बार चुनाव की घोषणा की मांग कर रही है. इस बार नगर निगम में आम आदमी पार्टी और बीजेपी के बीच कड़ी टक्कर का अनुमान है. फिलहाल एमसीडी बीजेपी के पास है.

    सीएम केजरीवाल ने सवाल किया, "नगर निगम के एकीकरण और चुनावों का क्या संबंध है? नए पार्षद चुनाव के बाद चुने जाते हैं. अगर तीनों निगम एक नहीं हुए तो पार्षद अलग-अलग बैठेंगे और एक हो गए तो सभी साथ बैठेंगे."

    उन्होंने कहा, "मैं हाथ जोड़कर पीएम मोदी से अनुरोध करता हूं कि चुनाव होने दें. सरकारें आती और जाती हैं. राजनीतिक दल नहीं बल्कि देश महत्वपूर्ण है. अगर हम चुनाव आयोग पर दबाव डालेंगे तो वो कमज़ोर हो जाएगा."

  14. यूपी चुनाव में प्रियंका गांधी कड़ी मेहनत के बावजूद क्यों फ़ेल हो गईं

    प्रियंका गांधी

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    उत्तर प्रदेश की 403 सीटों वाली विधानसभा चुनाव के नतीजों में बीजेपी को स्पष्ट बहुमत मिला है. यहां एक तरफ़ योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीजेपी एक बार सत्ता पर क़ाबिज़ होने वाली है, तो दूसरी तरफ़ केंद्र की राजनीति में दूसरी बड़ी पार्टी की भूमिका निभाने वाली कांग्रेस राज्य में दो सीटों पर सिमट गई है.

    2017 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को कुल सात सीटें मिली थीं और पार्टी का मत प्रतिशत 6.25 फ़ीसदी था. वहीं इस बार चुनाव में उसका मत प्रतिशत घटकर 2.34 फ़ीसदी रह गया है.

    नतीजे आने के बाद प्रियंका ने ट्वीट कर ये स्वीकार किया कि पार्टी अपनी मेहनत को वोट में तब्दील करने में कामयाब नहीं हुई. उन्होंने लिखा, "लोकतंत्र में जनता का मत सर्वोपरि है. हमारे कार्यकर्ताओं और नेताओं ने मेहनत की, संगठन बनाया, जनता के मुद्दों पर संघर्ष किया. लेकिन, हम अपनी मेहनत को वोट में तब्दील करने में कामयाब नहीं हुए."

    हालांकि विधानसभा चुनाव के नतीजों से पहले प्रियंका गांधी वाड्रा ने पार्टी कार्यकर्ताओं से बात की थी और उन्हें कहा था कि वे मायूस ना हों. उनका कहना था, "हमारी लड़ाई अभी बस शुरू हुई है और हमें नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ना है."

  15. भारत-चीन सीमा विवाद: दोनों देशों के बीच होगी 15वें दौर की बातचीत

    भारत-चीन विवाद

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    भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में एलएसी यानी वास्तविक नियंत्रण रेखा पर जारी सीमा विवाद को सुलझाने के लिए शुक्रवार को 15वें दौर की बातचीत होने वाली है.

    दोनों देशों के बीच करीब 22 महीनों से पूर्वी लद्दाख में टकराव की स्थिति बनी हुई है.

    वास्तविक नियंत्रण रेखा के भारतीय इलाक़े में चुशुल-मोल्दो सीमा कमांडर स्तर की वार्ती के लिए सुबह 10 बजे का समय तय किया गया है.

    बातचीत का मुख्य विषय पेट्रोलिंग प्वाइंट-15 पर बने हुए गतिरोध को ख़त्म करना रहेगा. भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता करेंगे.

    माना जा रहा है कि इस वार्ता में भारत का फोकस टकराव वाली जगहों पर जितना ज़ल्दी हो सेनाएं हटाने पर रहेगा जिसमें देपसांग बोल्गी और देमचोक शामिल हैं.

    दोनों सेनाओं के बीच 14वें दौर की बातचीत 12 जनवरी को हुई थी लेकिन उसके कोई सकारात्मक नतीजे नहीं निकले.

    इसके बाद जारी संयुक्त बयान में कहा गयाथा, ‘‘दोनों पक्ष ने सैन्य और राजनियक तरीक़े से बातचीत जारी रखने और ज़ल्द से ज़ल्द किसी समाधान पर पहुंचने को लेकर सहमति जताई है.’’

    पैंगोंग झील इलाक़े में भारत और चीन की सेनाओं में हिंसक टकराव के बाद 5 मई, 2020 को दोनों के बीच गतिरोध की शुरुआत हुई थी. इसके बाद दोनों ने सीमा पर अपने सैनिकों की संख्या तेज़ी से बढ़ा दी.

    सैन्य और राजनियक स्तर की कई वार्ताओं के बाद दोनों देशों में पिछले साल पैंगोंग झील के उत्तर और दक्षिणी किनारों पर सेनाएं पीछे हटाने को लेकर सहमति बनी थी.

  16. यूपी में मायावती के एकमात्र विधायक उमाशंकर सिंह कौन हैं?

    उमाशंकर सिंह

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    उत्तर प्रदेश में 2007 के विधानसभा चुनाव में मायावती की बहुजन समाज पार्टी 206 सीटें जीतकर अपने दम पर सत्ता में आई थी.

    15 साल बाद बीएसपी एक सीट पर सिमट कर रह गई. बीएसपी के वोट शेयर में भी भारी गिरावट आई है. 2017 में बीएसपी का वोट शेयर 22 फ़ीसदी था जो इस बार कम होकर 12.8% हो गया है.

    2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीएसपी को केवल रसड़ा विधानसभा सीट से जीत मिली है. जीतने वाले उम्मीदवार हैं- उमाशंकर सिंह.

    उमाशंकर सिंह ने बीएसपी की हार पर मीडिया से कहा है कि पार्टी इस पर आत्ममंथन करेगी. 2017 में भी बीएसपी को कम सीटें मिली थीं लेकिन तब वोट शेयर समाजवादी पार्टी से 1.9 फ़ीसदी ज़्यादा था.

  17. रूस में पश्चिमी कंपनियों की संपत्ति का राष्ट्रीयकरण अवैध फ़ैसला होगा: अमेरिका

    बाइडन और पुतिन

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    रूस छोड़ने वाली पश्चिमी कंपनियों की संपत्ति के राष्ट्रीयकरण की संभावनाओं से जुड़ी चर्चा पर व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव जेन साकी ने टिप्पणी की है.

    उन्होंने ट्विटर पर कहा, "इन कंपनियों की संपत्तियों को ज़ब्त करने के लिए रूस की सरकार का कोई भी अवैध फ़ैसला आख़िरकार रूसी लोगों की तकलीफ़ों को और बढ़ाएगा. इस फ़ैसले से दुनिया के कारोबारी समुदाय को पहले से मिल रहे संकेत कि रूस में व्यापार करना सुरक्षित नहीं है, और मजबूत होंगे."

    नौ मार्च को रूसी सरकार की एक कमेटी ने आर्थिक प्रतिबंधों के असर को कम करने के लिए एक पैकेज को मंज़ूरी दी है. इसी पैकेज में रूस छोड़ने वाली पश्चिमी कंपनियों की संपत्ति ज़ब्त करने का प्रस्ताव रखा गया है.

    जेन साकी ने कहा, "हमने वो रिपोर्टें देखी हैं जिनमें ये कहा गया है कि अमेरिका और रूसी बाज़ार में कारोबार बंद करने वाली अंतरराष्ट्रीय कंपनियों की संपत्तियां ज़ब्त करने पर रूस विचार कर रहा है. ये फ़ैसला कंपनियों का अपना निर्णय है. जैसा कि राष्ट्रपति बाइडन ने इस हफ़्ते की शुरुआत में ही कहा था कि वो इन कंपनियों के रूस छोड़ने के फ़ैसले का स्वागत करते हैं क्योंकि ये कंपनियां यूक्रेन के ख़िलाफ़ रूस की लड़ाई का हिस्सा नहीं बनना चाहती हैं."

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  18. यूपी चुनाव: सपा का स्कोर कार्ड बेहतर हुआ लेकिन हार की वजह क्या है

    वीडियो कैप्शन, यूपी चुनाव: सपा का स्कोर कार्ड बेहतर हुआ लेकिन हार की वजह क्या है?

    पांच साल सत्ता से दूर रहने के बाद, इस बार भी अखिलेश यादव यूपी के मुख्यमंत्री की कुर्सी से दूर ही रह गए.

    हालांकि बीजेपी की जीत का अंतर ज़रूर कम हुआ है और समाजवादी पार्टी का 'स्कोर कार्ड' 2017 के मुक़ाबले बेहतर हुआ है.

    इस बार के विधानसभा चुनाव में अखिलेश ने दांव तो कई खेले, कुछ चालें भी अच्छी चलीं लेकिन नतीजा अपने पक्ष में नहीं ला पाए.

    तो क्या अखिलेश, मोदी-योगी की बड़ी टीम की वजह से पिछड़ गए या रणनीति बनाने में चूक हुई?

  19. विधानसभा चुनावों में बीजेपी की जीत के बाद क्या बोले राकेश टिकैत

    किसान नेता राकेश टिकैत

    इमेज स्रोत, MONEY SHARMA/AFP VIA GETTY IMAGE

    पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि जनता का फ़ैसला सर्वोपरि है.

    उन्होंने उम्मीद जताई कि उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा, मणिपुर और उत्तराखंड की नई सरकारें किसानों और मज़दूरों के लिए काम करेंगी.

    उन्होंने ट्वीट किया, "लोकतंत्र के महापर्व में जनता का फ़ैसला सर्वोपरि होता है. किसान आंदोलन ने अपना असर दिखा दिया. हम आशा करते हैं कि जो भी सरकारें बनी हैं, वे सभी अपने-अपने राज्यों में किसानों-मज़दूरों के उत्थान के लिए कार्य करेंगी. सभी को जीत की बधाई."

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    गुरुवार को पांच राज्यों के नतीजों में चार राज्यों में बीजेपी ने जीत हासिल की है और आम आदमी पार्टी ने पंजाब में सरकार बनाई है.

    राकेश टिकैत भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता भी हैं. बीकेयू संयुक्त किसान मोर्चा का हिस्सा रही है जिसमें कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ 13 महीनों तक दिल्ली में विरोध प्रदर्शन किया था.

    लेकिन, मोदी सरकार ने बाद में ये तीनों कृषि क़ानून वापस ले लिए थे.

    चुनावों की घोषणा के बाद संयुक्त किसान मोर्चा ने उत्तर प्रदेश के बीजेपी के ख़िलाफ़ अभियान चलाया था.

    किसान नेताओं ने बीजेपी पर किसान विरोधी नीतियां बनाने का आरोप लगाया था. उन्होंने महंगाई, भ्रष्टाचार और लखीमपुर खीरी की घटना को लेकर बीजेपी को निशाने पर लिया था.

  20. ईवीएम नहीं, लोगों के दिमाग़ में जो चिप डाली गई है उसकी ग़लती: ओवैसी

    वीडियो कैप्शन, ईवीएम नहीं, लोगों के दिमाग में जो चिप डाली गई है उसकी ग़लती: ओवैसी

    उत्तर प्रदेश में भाजपा ने चुनाव जीतकर दोबारा सत्ता तक पहुंचने का रास्ता साफ़ कर लिया है.

    ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष और हैदराबाद से लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी भी इस बार उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में ज़ोर शोर से लगे हुए थे. लेकिन उनकी पार्टी को मुसलमानों का भी वोट नहीं मिला.

    ओवैसी की पार्टी को महज़ 0.49% वोट मिला है. ओवैसी के ज़्यादातर उम्मीदवारों को पाँच हज़ार वोट भी नहीं मिले हैं.

    ओवैसी ने उत्तर प्रदेश में कुल 100 उम्मीदवार उतारे थे. उन्होंने कोशिश की थी कि पश्चिम उत्तर प्रदेश में दलित-मुसलमान फ़ॉर्मूला बन सके, लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिली.

    उन्होंने कहा कि दूसरे सियासी दल हार छिपाने की कोशिश में हैं. ओवैसी ने कहा कि यह ईवीएम की ग़लती नहीं है, बल्कि लोगों के दिमाग़ में चिप डाल दी गई है, यह उसकी ग़लती है.

    एआईएमआईएम सांसद का दावा है कि उत्तर प्रदेश में अल्पसंख्यकों का इस्तेमाल वोटबैंक के तौर पर ही किया गया है.