मणिपुर में कड़ी सुरक्षा
के बीच 60 विधानसभा सीटों पर सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू होगी.ऐसी उम्मीद की जा रही है कि पहला परिणाम दोपहर 12 बजे तक घोषित
हो सकता है.
मणिपुर के मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजेश अग्रवाल ने बताया कि वोटों की
गिनती के लिए 12 मतगणना केंद्रों में कुल 41 मतगणना हॉल बनाए गए हैं.
उन्होंने कहा कि ज़िला
अधिकारियों को मतगणना के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है, जिसमें केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल और राज्य पुलिस की कम से कम
तीन स्तरीय सुरक्षा शामिल है.
12वीं मणिपुर विधानसभा
के लिए 28 फरवरी और 5 मार्च को दो चरणों में मतदान हुए थे जिसमे 89.3 फीसदी रिकॉर्ड
मतदान दर्ज किया गया. इस बार यहां 2012 और 2017 के चुनावों के मुकाबले ज्यादा मतदान
हुआ है.
सत्तारूढ़ बीजेपी
के नेता दावा कर रहे है कि इस बार सरकार बनाने के लिए उनकी पार्टी 40 से अधिक सीटों
पर जीत दर्ज करेगी. जबकि कांग्रेस का कहना है कि उनकी पार्टी राज्य में समान विचारधारा
वाली पार्टियों के साथ मिलकर सरकार बनाएगी.
2017 के विधानसभा
चुनाव में कांग्रेस 28 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी लेकिन 21 सीट
जीतने वाली बीजेपी ने नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) और नागा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ)
और लोक जनशक्ति पार्टी के समर्थन से सरकार बना ली थी.
हालांकि मणिपुर की
राजनीति पर नज़र रख रहे जानकारों का कहना है कि इस बार एनपीपी और एनपीएफ अच्छा प्रदर्शन
करेगी और इन क्षेत्रीय दलों की मदद के बिना कोई भी पार्टी मणिपुर में सरकार नहीं बना
सकती.
इस बीच 38 सीटों पर चुनाव लड़ रही जनता दल (यूनाइटेड) की भी काफ़ी चर्चा हो रही
है. इस चर्चा का कारण है कि पार्टी ने कुछ जाने पहचाने अच्छे उम्मीदवार मैदान में उतारा
है.