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तुर्की को दोनेत्स्क और लुहान्स्क पर रूस का कदम नामंजूर: अर्दोआन

तुर्की के राष्ट्रपति अर्दोआन ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को फ़ोन करके जताया विरोध

लाइव कवरेज

अभिजीत श्रीवास्तव, भूमिका राय and अनंत प्रकाश

  1. ब्रेकिंग न्यूज़, मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक गिरफ़्तार

    मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने महाराष्ट्र सरकार में कैबिनेट मंत्री और एनसीपी नेता नवाब मलिक को गिरफ़्तार कर लिया है. बुधवार सुबह नवाब मलिक को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारी पूछताछ के लिए अपने दफ़्तर ले गए थे. अब पूछताछ के बाद नवाब मलिक को गिरफ़्तार कर लिया गया है. समाचार एजेंसी पीटीआई ने ईडी के अधिकारियों के हवाले से बताया था कि नवाब मलिक से मुंबई अंडरवर्ल्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में पूछताछ की जा रही है.

    ईडी के इस क़दम के बाद महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ गठबंधन के नेताओं ने बीजेपी पर निशाना साधा है. महाराष्ट्र में एनसीपी के प्रमुख और राज्य सरकार में मंत्री जयंत पाटिल का कहना है कि नवाब मलिक ने पिछले कुछ समय से बीजेपी नेताओं को एक्सपोज किया है, इसी कारण उनसे बदला लिया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि नवाब मलिक को बिना किसी पूर्व सूचना के पूछताछ के लिए ईडी दफ़्तर ले जाया गया है.

    शिवसेना के सांसद संजय राउत ने भी नवाब मलिक को घर से ले जाए जाने पर आपत्ति जताई है. पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा- नवाब मलिक वरिष्ठ नेता हैं और महाराष्ट्र सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं. जिस तरह उन्हें घर से ईडी लेकर गई है, वो महाराष्ट्र सरकार के लिए चुनौती है. एक मंत्री को केंद्रीय एजेंसियाँ हमारे राज्य में आकर ले जा रही हैं. 2024 में आपकी भी जाँच होगी. इसे ध्यान में रखिएगा.

  2. यूक्रेन संकट और रूस: अभी तक क्या कुछ हुआ?

    यूक्रेन और रूस के बीच का गतिरोध युद्ध की स्थिति तक आ पहुँचा है.

    रूस के राष्ट्रपति के आदेश (यूक्रेन में विद्रोहियों के क़ब्ज़े वाले इलाकों दोनेत्स्क और लुहान्स्क को मान्यता) के बाद से वैश्विक स्तर पर घटनाक्रम हर पल बदल रहे हैं.

    बीते कुछ घंटों के प्रमुख घटनाक्रम पर एक नज़र-

    • व्हाइट हाउस ने स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन रूस के राष्ट्रपति पुतिन के साथ शिखर वार्ता में हिस्सा नहीं लेंगे.
    • अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने भी गुरुवार को अपने रूसी समकक्ष के साथ होने वाली बैठक को रद्द कर दिया है. उन्होंने एक बयान में कहा कि अब इसका कोई औचित्य नहीं है क्योंकि अमेरिका मानता है कि रूस ने यूक्रेन पर हमला शुरू कर दिया है.
    • ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने कहा कि रूस यूक्रेन पर पूरे प्रभाव से आक्रमण करने के अंतिम बिंदु पर है और बहुत हद तक संभव है कि वह अगले 24 घंटे के भीतर यूक्रेन पर हमला कर भी दे.
    • अमेरिका और ब्रिटेन के अलावा कुछ और देशों ने भी रूस पर प्रतिबंध लगाए हैं. कनाडा और जापान ने भी रूस के ख़िलाफ़ वित्तीय और आर्थिक प्रतिबंद लागू कर दिया है.
    • अमेरिका में रूस के राजदूत एंतोनोव ने रूस की रिया नोवोस्ती न्यूज़ एजेंसी को दिए एक साक्षात्कार में कहा है कि इन प्रतिबंधों का असर अमेरिका पर भी पड़ेगा.
    • रूस की संसद ने राष्ट्रपति पुतिन को देश के बाहर सशस्त्र बलों का उपयोग करने की अनुमति दे दी है.
  3. अमित शाह की टिप्पणी पर मायावती ने कहा- ये उनकी महानता, उन्होंने सच्चाई स्वीकार की

    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी पर गृह मंत्री अमित शाह की टिप्पणी पर मायावती ने प्रतिक्रिया दी है. अमित शाह ने न्यूज़ चैनल टीवी-18 के साथ इंटरव्यू में कहा था कि बीएसपी ने अपनी प्रासंगिकता बनाई हुई है.

    उन्होंने कहा था- मैं मानता हूँ कि उनको वोट आएंगे. सीट में कितना कन्वर्ट होगा, वो मालूम नहीं, लेकिन वोट आएंगे. मुसलमान भी काफ़ी बड़ी मात्रा में जुड़ेंगे. काफ़ी सीटों पर जुड़ेंगे.

    इस पर अपनी प्रतिक्रिया में मायावती ने कहा- ये उनकी महानता है कि उन्होंने सच्चाई को स्वीकार किया है. लेकिन मैं उनको ये भी बताना चाहती हूँ कि पूरे उत्तर प्रदेश में बीएसपी को अकेले दलितों का ही नहीं, मुसलमानों का ही नहीं बल्कि अति पिछड़े वर्ग और अगड़ी जातियों का भी वोट यानी सर्व समाज का वोट मिल रहा है.

    बीजेपी के 300 से ज़्यादा सीटें मिलने के दावे पर मायावती ने कहा कि जब रिजल्ट आएगा, तभी पता चल पाएगा कि कौन कितने पानी में है.

    उन्होंने कहा- बीजेपी भी दावा कर रही है, सपा भी दावा कर रही है. कहीं ऐसा न हो जाए कि इनके दावे धरे के धरे रह जाए. मुझे पूरा भरोसा है कि जब नतीजा आएगा तो बहुजन समाज पार्टी 2007 की तरह पूर्ण बहुमत के साथ सरकार ज़रूर बनाएगी.

    समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए मायवाती ने कहा कि सपा के अनुयायियों का दिमाग़ ख़राब हो गया है. अभी तो वे सत्ता में भी नहीं हैं और आने वाले भी नहीं हैं.

    उन्होंने कहा- सपा जब-जब पॉवर में रही है. तो यहाँ गुंडागर्दी, माफ़ियागर्दी, जुल्म-ज़्यादती और ग़रीब लोगों पर उत्पीड़न चरम सीमा पर रहा है. दंगे भी ख़ूब हुए हैं. मुज़फ़्फ़रनगर का कांड इसका जीता-जागता उदाहरण है. समाजवादी पार्टी को तो यूपी की जनता रिजल्ट आने से पहले नकार चुकी है.

    अपने इंटरव्यू में अमित शाह ने बीएसपी के साथ किसी गठबंधन से इनकार करते हुए दावा किया था कि बीजेपी अपने दम पर बहुमत से सरकार बनाएगी. बीजेपी को किसी के समर्थन की ज़रूरत नहीं पड़ेगी.

  4. यूक्रेन पर रूस के इस क़दम से चीन और ताइवान की छिड़ी चर्चा

    यूक्रेन के ख़िलाफ़ रूस के क़दम के बाद कुछ हलको में चीन और ताइवान की तुलना की जा रही है. चीन ताइवान को अपना प्रांत मानता है, जो आख़िरकार उसका हिस्सा होगा. लेकिन ताइवान ख़ुद को एक स्वतंत्र देश के रूप में देखता है. हालाँकि जानकार इस बात पर ज़ोर देते हैं कि चीन और ताइवान का मामला बिल्कुल अलग है, लेकिन वे इससे इनकार नहीं कर सकते कि हर कोई इस पर क़रीबी नज़र रखे हुए है कि कैसे पश्चिमी उदारवादी लोकतंत्र रूस को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं. और ये परीक्षा है.

    रूस और यूक्रेन के बीच पनपे तनाव के बीच सोशल मीडिया पर चीन और ताइवान को लेकर ख़ूब चर्चा है. रूस के क़दम से उत्साहित कई चीनी राष्ट्रवादी ये लिख रहे हैं कि ताइवान को वापस लेने का समय आ गया है. इस बीच कई लोग ये भी कह रहे हैं कि अभी तक अमेरिका की नपी-तुली प्रतिक्रिया ताइवान को यही दिखा रही है कि जब वास्तव में युद्ध होता है तो वे अपने सहयोगियों के साथ कैसा व्यवहार करते हैं. रूस के साथ यूक्रेन के संकट से चीन क्या चाहता है?

    चीन के सरकारी अख़बार ग्लोबल टाइम्स के पूर्व संपादक का एक लेख चर्चा में है. हू शिजिन के लेख में लोगों से अपील की गई है कि वो चीन की कूटनीति का समर्थन करें, जिसने दोनों पक्षों से संयम की अपील की है. लेकिन हू शिजिन ने अपने लेख में समस्या को नेटो के विस्तार को अमेरिका और रूस के बीच शक्ति परीक्षण को जोड़ा है और साथ ही यूक्रेन को अमेरिका की आक्रामक नीतियों का शिकार बताया है. ये उस विचार के विपरीत है, जिसमें इस संघर्ष को रूस की आक्रामकता से पैदा हुआ बताया जाता है.

    ग्लोबल टाइम्स के पूर्व संपादक ने ये भी चेतावनी दी है कि अमेरिका ताइवान को यूक्रेन की तरह पेश करने की कोशिश करेगा न कि दोनेत्स्क की तरह, जो यूक्रेन का ही हिस्सा है. मंगलवार को चीन के विदेश मंत्रालय से भी ये पूथा गया कि क्या वे इन दोनों में कोई समानता देखते हैं? प्रवक्ता ने इसका जवाब देते हुए कहा- मैं इस बात पर ज़ोर देना चाहता हूँ कि चीन एक है और ताइवान चीन का एक अटूट हिस्सा है.

  5. यूक्रेन को लेकर रूस का इन देशों ने किया है समर्थन

    हफ़्तों से चला आ रहा यूक्रेन संकट अब लगभग युद्ध की स्थिति तक पहुँच चुका है. अमेरिका, ब्रिटेन जैसे देशों का तो दावा है कि युद्ध शुरू हो चुका है.

    रूस के विदेश मंत्रालय ने दुनिया के अन्य देशों से अपील की है कि वे रूस के उदाहरण को ध्यान में रखते हुए पूर्वी यूक्रेन में अलगाववादियों के शासन वाले दो इलाक़ों दोनेत्स्क और लुहांस्क को मान्यता दें.

    रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सोमवार को पूर्वी यूक्रेन के पृथकतावादी विद्रोही इलाक़े को स्वतंत्र क्षेत्र के रूप में मान्यता दे दी.

    पूर्वी यूक्रेन में स्वघोषित पीपल्स रिपब्लिक ऑफ़ दोनेत्स्क और लुहांस्क रूस समर्थित विद्रोहियों का घर है. ये विद्रोही 2014 से ही यूक्रेन से लड़ रहे हैं.

    इससे पहले मंगलवार को निकारागुआ और सीरिया ने दोनेत्स्क और लुहांस्क को मान्यता देने के रूस के फ़ैसले का समर्थन किया.

    हालाँकि जिस तरह रूस ने इन दो पृथकतावादी विद्रोही क्षेत्रों को मान्यता दी है वैसे किसी देश ने मान्यता नहीं दी है हालांकि एक अन्य रूस-समर्थित पृथक क्षेत्र दक्षिणी ओसेसिया ने साल 2015 में वहां के शासकों को अपना समर्थन दिया था.

    दक्षिणी ओसेसिया, जॉर्जिया का एक अलग हिस्सा है जिसे साल 2008 में रूस के सैन्य हस्तक्षेप के बाद आज़ाद घोषित कर दिया गया था. इसे मॉस्को के कुछ सहयोगियों से मान्यता मिली हुई है.

    एक ओर जहां अमेरिका समेत पश्चिमी देश रूस की निंदा कर रहे हैं वहीं रूस के राष्ट्रपति पुतिन के समर्थन में भी अब कुछ आवाज़ें सुनाई दे रही हैं.

    क्यूबा की कम्युनिस्ट सरकार ने पश्चिमी देशों पर युद्ध का दुष्प्रचार करने और रूस को टारगेट करने का आरोप लगाया है.

    उत्तर कोरिया भी रूस को लेकर अमेरिका पर पहले ही आरोप लगा चुका है. उत्तर कोरिया ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि अमेरिका को अलग-थलग करके कमज़ोर करने की शत्रुतापूर्ण नीति अपना रहा है. उत्तर कोरिया ने इसे ख़त्म करने का आह्वान किया था.

    ईरानी मीडिया ने भी यूक्रेन मसले पर मास्को की कार्रवाई को लेकर सहानुभूति जताई है.

  6. यूपी चुनाव Live: लखीमपुर खीरी की श्रीनगर विधानसभा में क्या हैं मुद्दे

  7. यूपी चुनाव Live: बांदा में कैसी है मतदान की रफ़्तार और क्या हैं मुद्दे.

    बता रहे हैं बीबीसी संवाददाता दिलनवाज़ पाशा.

  8. यूक्रेन की सीमा के क़रीब रूसी सैनिकों की संख्या बढ़ी, देखिए सैटेलाइट तस्वीरें

    अमेरिका की एक स्पेस टेक्नॉलॉजी कंपनी मैक्सर टेक्नॉलजीज ने कई सैटेलाइट तस्वीरें जारी की हैं, जिसमें दावा किया गया है कि पश्चिमी रूस में सैनिकों की नई तैनाती हुई है और उपकरण भी लाए गए हैं.

    ये भी कहा गया है कि 100 से ज़्यादा गाड़ियाँ भी दक्षिणी बेलारूस में देखी जा सकती हैं. ये सभी इलाक़े यूक्रेन की सीमा के क़रीब हैं. रूस और बेलारूस ने हाल के दिनों में व्यापक स्तर पर सैन्य अभ्यास किए हैं. लेकिन किसी ने भी ताज़ा तस्वीरों पर टिप्पणी नहीं की है.

  9. रूस के ख़िलाफ़ जर्मनी के इस कड़े फ़ैसले का जवाब पूर्व राष्ट्रपति ने दिया

    रूस के पूर्व राष्ट्रपति और रूस की सुरक्षा परिषद के उप चेयरमैन दिमित्री मेदवेदेव ने जर्मनी के फ़ैसले का जवाब दिया है. मंगलवार को यूक्रेन को लेकर रूस के उठाए गए क़दम के बाद जर्मनी ने रूस के साथ प्राकृतिक गैस परियोजना नॉर्थ स्ट्रीम 2 पर रोक लगा दी थी.

    इस पर टिप्पणी करते हुए मेदवेदेव ने ट्विटर पर लिखा- जर्मन चांसल ओलाफ़ शल्ट्स ने इस परियोजना को पूरा करने की प्रक्रिया पर रोक लगाने का आदेश दिया है. उन्होंने लिखा है कि जल्द ही यूरोप के लोगों को प्राकृतिक गैस के लिए बड़ी क़ीमत चुकानी पड़ेगी.

    यूक्रेन संकट को लेकर रूस के ख़िलाफ़ क़दम उठाते हुए जर्मनी ने नॉर्थ स्ट्रीम2 गैस पाइपलाइन को शुरू करने की प्रक्रिया रोक दी थी. जर्मनी के चांसलर ओलाफ़ शल्ट्स ने बर्लिन में पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि यूक्रेन में रूस ने जो क़दम उठाएँ हैं,

    उसके जवाब में उनकी सरकार ये कार्रवाई कर रही है. जर्मनी पर अमेरिका और अन्य यूरोपीय देश इस पाइपलाइन परियोजना पर रोक लगाने के लिए दबाव डाल रहे थे, लेकिन जर्मनी इससे सहमत नहीं था. लेकिन अब इस परियोजना की प्रक्रिया पर उसने रोक लगा दी है, जो काफ़ी अहम फ़ैसला माना जा रहा है.

    अमेरिका कई वर्षों से ये तर्क देता रहा है कि नेचुरल गैस लाने के लिए रूस और जर्मनी के बीच एक और पाइपलाइन बनाने से यूरोपीय देशों की निर्भरता रूस पर बढ़ेगी. शल्ट्स ने कहा कि ताज़ा घटनाक्रम को देखते हुए इस पाइपलाइन को प्रमाणित करने की प्रक्रिया का फिर से मूल्यांकन करने का फ़ैसला किया है. हालाँकि ये पाइपलाइन अभी शुरू नहीं हुआ है.

    जर्मनी अपनी ऊर्जा ज़रूरतों का क़रीब एक चौथाई हिस्सा प्राकृतिक गैस से पूरा करता है. लेकिन माना जा रहा है कि आने वाले समय में ये हिस्सा और बढ़ेगा क्योंकि जर्मनी अपने तीन बचे हुए परमाणु पॉवर प्लांट को बंद कर रहा है, साथ ही चरणबद्ध तरीक़े से कोयले का इस्तेमाल भी रोका जा रहा है. जर्मनी में इस्तेमाल हो रही प्राकृतिक गैस का आधा हिस्सा रूस से आता है.

  10. भारत के विदेश मंत्री जयशंकर ने बताई यूक्रेन संकट की असली वजह

    भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया है कि यूक्रेन संकट की असली वजह क्या है. जयशंकर इस समय फ़्रांस के दौरे पर हैं. पेरिस में एक थिंक टैंक के कार्यक्रम में जयशंकर ने कहा कि यूक्रेन को लेकर जो मौजूदा स्थिति है, उसकी जड़ें सोवियत संघ के विघटन के बाद की राजनीति, नेटो के विस्तार के साथ-साथ रूस और यूरोप के बीच के संबंधों में भी हैं.

    भारत के विदेश मंत्री जयशंकर की ये टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब एक दिन पहले ही रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन में अलगाववादियों के नियंत्रण वाले दो इलाक़ों को स्वतंत्र क्षेत्र के रूप में मान्यता दे दी है. कार्यक्रम के दौरान जयशंकर ने कहा कि दुनिया इस समय कई तरह के संकट से गुज़र रही है और ताज़ा घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के लिए नई चुनौती पैदा कर दी है.

    सोमवार को फ़्रांसीसी अख़बार ला फ़िगारो के साथ इंटरव्यू में भी जयशंकर ने यही कहा था कि यूक्रेन की मौजूदा स्थिति पिछले 30 सालों के दौरान परिस्थितियों की एक जटिल शृंखला का नतीजा है और ज़्यादातर देश इसका कूटनीतिक समाधान चाह रहे हैं.

    ये पूछे जाने पर कि भारत ने यूक्रेन से लगी सीमा पर रूसी सैनिकों के जमावड़े की निंदा नहीं की है, इस पर जयशंकर ने कहा- असली सवाल ये है कि क्या आप अच्छा समाधान चाहते हैं या फिर आप अपने रुख़ से ही संतुष्ट हैं? भारत अन्य देशों के साथ रूस से बात कर सकता है. साथ ही सुरक्षा परिषद के अंदर भी चर्चा कर सकता है और फ़्रांस जैसे देशों की पहल का समर्थन कर सकता है.

    भारत ने मंगलवार को सुरक्षा परिषद में कूटनीतिक समाधान की वकालत की थी. लेकिन इस पर कई लोग सवाल उठा रहे हैं कि भारत ने रूस के क़दम की आलोचना नहीं की है.

  11. नवाब मलिक को पूछताछ के लिए ले गई ईडी, शिवसेना की बीजेपी को चेतावनी

    महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के वरिष्ठ नेता नवाब मलिक को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारी पूछताछ के लिए अपने दफ़्तर ले गए हैं. ईडी के इस क़दम के बाद महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ गठबंधन के नेताओं ने बीजेपी पर निशाना साधा है. नवाब मलिक को बुधवार की सुबह ईडी के अधिकारी उनके घर से लेकर गए हैं. समाचार एजेंसी पीटीआई ने ईडी के अधिकारियों के हवाले से बताया है कि नवाब मलिक से मुंबई अंडरवर्ल्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में पूछताछ की जा रही है.

    महाराष्ट्र में एनसीपी के प्रमुख और राज्य सरकार में मंत्री जयंत पाटिल का कहना है कि नवाब मलिक ने पिछले कुछ समय से बीजेपी नेताओं को एक्सपोज किया है, इसी कारण उनसे बदला लिया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि नवाब मलिक को बिना किसी पूर्व सूचना के पूछताछ के लिए ईडी दफ़्तर ले जाया गया है. शिवसेना के सांसद संजय राउत ने भी नवाब मलिक को घर से ले जाए जाने पर आपत्ति जताई है.

    पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा- नवाब मलिक वरिष्ठ नेता हैं और महाराष्ट्र सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं. जिस तरह उन्हें घर से ईडी लेकर गई है, वो महाराष्ट्र सरकार के लिए चुनौती है. एक मंत्री को केंद्रीय एजेंसियाँ हमारे राज्य में आकर ले जा रही हैं. 2024 में आपकी भी जाँच होगी. इसे ध्यान में रखिएगा.

  12. यूक्रेन संकट- 24 घंटे में शुरू हो सकता है 'पूरा हमला'- ऑस्ट्रेलियाई पीएम मॉरिसन

    ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन की शुरुआत अमेरिका के बयानों से की. उन्होंने अमेरिका के उस बयान का ज़िक्र करते हुए अपना संबोधन शुरू किया जिसमें दावा किया गया है कि "यूक्रेन पर रूस का आक्रमण प्रभावी रूप से शुरू हो चुका है."

    उन्होंने ‘बिना किसी वजह के’ और पूरी तरह से ‘अस्वीकार्य’ कार्रवाई की निंदा की है.

    स्कॉट मॉरिसन ने कहा कि रूस यूक्रेन पर पूरे प्रभाव से आक्रमण करने के अंतिम बिंदु पर है और बहुत हद तक संभव है कि वह अगले 24 घंटे के भीतर यूक्रेन पर हमला कर भी दे.

    मॉरिसन ने उन मीडिया रिपोर्ट्स का भी ज़िक्र किया जिसमें कहा गया है कि अभी से ही शेलिंग की आवाज़ें आने लगी हैं और जिस तरह की परिस्थितियां बनी हैं उससे युद्ध शुरू हो चुका है, इससे इनक़ार नहीं किया जा सकता है.

    उन्होंने कहा कि ऐसे समय में लिबरल डेमोक्रेसी वाले देशों को साथ खड़े होने की ज़रूरत है और सत्तावादी सोच का विरोध करने की आवश्यकता है.

  13. यूपी चुनाव Live: लखीमपुर खीरी के कादीपुर सानी में ईवीएम से छेड़छाड़ की शिकायत

  14. उत्तर प्रदेश चुनाव 2022 LIVE: लखनऊ में चुनावी माहौल कैसा है

  15. यूक्रेन के विदेश मंत्री ने बताया, अमेरिका ने किया है और अधिक हथियार देने का वादा

    यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने रूस के ख़िलाफ़ अमेरिकी प्रतिबंधों की सराहना करते हुए, इसे पहला अहम और 'मज़बूत' क़दम बताया है.

    मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ बैठक के बाद फ़ॉक्स न्यूज़ को दिए एक साक्षात्कार में कुलेबा ने कहा कि अमेरिका ने और अधिक हथियार की सहायता का वादा किया है.

    हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यूक्रेन अपनी ज़मीन पर अमेरिकी सैनिकों को भेजने और स्थिति को नियंत्रित करने की मांग नहीं कर रहा है.

    वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा से मुलाक़ात कर यूक्रेन की संप्रभुता और अखंडता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया.

    व्हाइट हाऊस की ओर से बताया गया कि राष्ट्रपति बाइडन ने कुलेबा को रूसी राष्ट्रपति के उस फ़ैसले पर अपने निर्णय से अवगत कराया जिसमें पुतिन ने यूक्रेन के अलगाववादियों के नियंत्रण वाले दो क्षेत्रों लुहान्स्क और दोनेत्स्क को मान्यता देते हुए वहां शांति क़ायम करने के उद्देश्य से रूसी सेनाएं भेजने के आदेश दिए हैं.

    इसमें नए प्रतिबंधों की घोषणा की गई और यह भी संकल्प लिया कि अमेरिका, यूक्रेन को सुरक्षा सहायता और आर्थिक मदद भेजना जारी रखेगा.

    बाइडन ने यूक्रेन के ख़िलाफ़ रूस के आक्रमण की स्थिति में अपने सहयोगियों के साथ मिलकर उसका जवाब देने के लिए अमेरिका की तत्परता को भी दोहराया.

    दिमित्रो कुलेबा ने अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन से भी मुलाक़ात की.

    पेंटागन में यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा के साथ बैठक से पहले ऑस्टिन ने कहा कि अमेरिका अपने सहयोगियों के साथ संघर्ष से बचने का रास्ता खोजने की कोशिश कर रहा है

    उन्होंने कहा कि यूक्रेन पर 'हमले' से वहां शांति, सुरक्षा, समृद्धि और पूरे अटलांटिक समुदाय को ख़तरा है.

  16. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022: चौथे चरण में नौ ज़िलों की 59 विधानसभा सीटों के लिए मतदान आज

    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के चौथे चरण में आज यानी बुधवार को नौ ज़िलों की 59 विधानसभा सीटों के लिए मतदान हो रहे हैं.

    जिन नौ ज़िलों में आज मतदान होना उनमें से एक राज्य की राजधानी लखनऊ भी है.

    चौथे चरण के मतदान में 624 उम्मीदवारों की किस्मत का फ़ैसला होना है.

    जिन नौ ज़िलों में मतदान होने हैं, वे हैं- पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, उन्नाव, लखनऊ, रायबरेली, बांदा और फ़तेहपुर.

    इस मौके पर प्रधानमंत्री ने ट्वीट करके लोगों से वोट करने की अपील की है.

    उन्होंने ट्वीट किया है- उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में आज वोटिंग का चौथा दौर है. सभी मतदाताओं से मेरा आग्रह है कि वे अपने बहुमूल्य वोट का प्रयोग कर लोकतंत्र को मजबूत करने में अपना योगदान करें.

    उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट किया है-

    समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने ट्वीट किया है-

    "जितना अधिक मतदान होगा, लोकतंत्र उतना अधिक बलवान होगा. चौथे चरण में ऐतिहासिक मतदान करें… नागरिक के इस अधिकार का सम्मान करें!"

  17. पुतिन के क़दम पर क्या कह रहे हैं उनके अपने देश के लोग

    रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के हालिया क़दम ने पूरी दुनिया पर असर डाला है. बीते सोमवार को राष्ट्र को संबोधन के दौरान पुतिन ने यूक्रेन के दो पृथकतावादी क्षेत्रों को मान्यता दे दी है.

    इनका नियंत्रण रूस समर्थित अलगाववादी करते हैं, जिसके बाद से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ज़्यादातर देश रूस के इस क़दम की आलोचना कर रहे हैं.

    हालांकि कुछ देशों ने ना इस क़दम का साथ दिया है और ना ही विरोध किया है.

    अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोप के कई देशों ने इसका कड़ा विरोध किया है.

    संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में इसे लेकर मंगलवार को एक आपातकालीन बैठक भी हुई.

    लेकिन रूस के लोग अपने राष्ट्रपति के इस क़दम के बारे में क्या सोचते हैं?

    मॉस्को में बीबीसी के संवाददाता स्टीव रोज़ेनबर्ग का कहना है कि रूस के अधिकारी पश्चिमी देशों और अमेरिकी आलोचना को बहुत तवज्जो नहीं देते हैं. अमेरिका और ब्रिटेन ने रूस पर जो प्रतिबंध लगाए हैं वे उसकी भी परवाह नहीं करने का दावा करते हैं.

    उनका कहना है कि यह सही है कि उनका देश अंतरराष्ट्रीय अलगाव का सामना कर रहा है, लेकिन यही सच्चाई है और क्रेमलिन इसे स्वीकार करने के लिए तैयार है.

    हालांकि यह तनाव रूसी लोगों के बीच भी संघर्ष की आशंका को बढ़ा रहा है.

    मॉस्को में रहने वाले पॉवेल का कहना है,"यह चिंतित होने की बात है और हमें होना भी चाहिए क्योंकि यह अनियंत्रित भी हो सकता है. यह एक गंभीर मसला है."

    मॉस्को में रहने वाली एक अन्य शख़्स का कहना है, "बेशक, मैं डरी हुई हूं. हमारा परिवार है. बच्चे हैं. हम नहीं चाहते हैं कि युद्ध हो."

    एक महिला ने बीबीसी रूसी सेवा को बताया, "मुझे लगता है कि पुतिन ने सही काम किया. यूक्रेन पर अमरीका का प्रभाव है जोकि बुरा है."

    हालांकि उन्होंने युद्ध छिड़ने की आशंका को लेकर चिंता भी जताई.

  18. पाकिस्तान के पूर्व गृह मंत्री रहमान मलिक का निधन

    पाकिस्तान के पूर्व गृह मंत्री और वरिष्ठ नेता रहमान मलिक का निधन हो गया है. वह 70 वर्ष के थे.

    बुधवार सुबह उनका निधन हुआ.

    पाकिस्तान के जियो न्यूज़ की ख़बर के अनुसार, वह अस्पताल में भर्ती थे और कोविड संक्रमण से जुड़ी तक़लीफ़ों से जूझ रहे थे.

    उनके निधन की ख़बर की उनके प्रवक्ता ने पुष्टि की है.

    इससे पहले एक फ़रवरी को पीपीपी सीनेटर सहर कामरान ने बताया था कि मलिक की स्थिति बिगड़ गई है और इस वजह से उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है.

    कराची विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट की मानद उपाधि हासिल करने वाले मलिक ने 2008 से 2013 तक देश के गृहमंत्री के तौर पर पदभार संभाला था. उन्हें पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो का क़रीबी माना जाता था.

  19. यूक्रेन-रूस संकट में आया नया मोड़, कई देशों ने लगाए रूस पर प्रतिबंध

    सोमवार की रात को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन के अलगाववादियों के नियंत्रण वाले दो क्षेत्रों को मान्यता दे दी थी. इसके बाद से ही यूक्रेन संकट को लेकर नया मोड़ आ गया है. इसे यूक्रेन पर आक्रमण के बराबर मानते हुए अमेरिका समेत कुछ पश्चिमी देशों ने रूस के ख़िलाफ़ प्रतिबंधों की घोषणा की है.

    इनमें अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की ओर से दो वित्तीय संस्थाओं, वीईबी और रूसी मिलिट्री बैंक के ख़िलाफ़ लगाया गया प्रतिबंध सबसे ताज़ा है.

    साथ ही बाइडन ने ये भी कहा कि रूसी अर्थव्यवस्था के कुछ हिस्सों को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था से हटाया जा रहा है. साथ ही रूस के उच्च वर्ग और उनके परिवारों पर भी प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं.

    बाइडन ने कहा कि अमेरिका अपने सहयोगी देशों के साथ सावधानीपूर्वक समन्वय बना रहा है, और सच में, उन्होंने जिन प्रतिबंधों की घोषणा की वो उनसे पहले यूरोपीय देशों की ओर से लगाए गए प्रतिबंधों की कड़ी में था.

    ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने रूस के पाँच बैंकों और तीन अरबपतियों के ख़िलाफ़ पाबंदियों की घोषणा की है.

    ब्रिटेन

    बोरिस जॉनसन ने कहा है कि रूस के जिन तीन अरबपतियों पर पाबंदी लगाई गई है, ब्रिटेन में उनकी संपत्ति फ़्रीज की जा रही है और उन्हें ब्रिटेन आने से रोका जाएगा.

    जिन बैंकों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं, वे हैं रोसिया, आईएस बैंक, जनरल बैंक, प्रॉमस्व्याज़ बैंक और ब्लैक सी बैंक. वहीं जिन तीन प्रभावशाली शख़्सियतों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं, वो गेनेडी टिमचेंको, बोरिस रोटेनबर्ग और आइगर रोटेनबर्ग हैं.

    उनकी इस घोषणा के बाद कुछ सांसदों ने कहा कि प्रतिबंध पर्याप्त नहीं हैं तो पीएम जॉनसन ने कहा कि अगर स्थिति और बिगड़ती है तो नए प्रतिबंध भी लगाए जा सकते हैं.

    जर्मनी

    जर्मनी ने रूस के साथ नॉर्ड स्ट्रीम2 गैस पाइपलाइन को शुरू करने की प्रक्रिया रोक दी है. इस पाइपलाइन के ज़रिए जर्मनी में रूस से गैस पहुंचने वाली थी.

    यूक्रेन संकट के ख़िलाफ़ क़दम उठाते हुए जर्मनी के चांसलर ओलाफ़ शल्ट्स ने बर्लिन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि यूक्रेन में रूस ने जो क़दम उठाए हैं, उसके जवाब में उनकी सरकार ये कार्रवाई कर रही है.

    रूस से यूरोप को उसकी ज़रूरत की 40 फ़ीसद गैस मिलती है जो कि वहां के पूर्वी प्रांत से यूरोप के विभिन्न देशों तक पहुंचायी जाती है.

    यूरोपीय संघ

    यूरोपीय संघ ने एकमत से अपने पहले उपायों पर सहमति व्यक्त की है जिसमें रूस की संसद के उन सदस्यों को लक्ष्य बनाना शामिल है जिन्होंने यूक्रेन पर अपनी सहमित जताई है.

    रूसी बैंकों और ईयू के वित्तीय बाज़ारों तक पहुंच को भी प्रतिबंधित कर दिया गया है. लेकिन अब तक लगाए गए प्रतिबंध हमले की स्थिति वाले डर से कम हैं.

    ऐसी भी अटकलें लगाई जा रही थीं कि रूस को वैश्विक बैंकिंग सिस्टम से काट दिया जा सकता है और डॉलर में लेन देन से रोका जा सकता है और उस पर किसी तरह के आयात-निर्यात प्रतिबंध जैसे क़दम भी उठाए जा सकते हैं.

  20. यूक्रेन में सेना भेजने के पुतिन के आदेश पर डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा?

    अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के यूक्रेन में सेना भेजने के आदेश को 'जीनियस' बताया है.

    ट्रंप से एक दक्षिणपंथी रेडियो कार्यक्रम में पुतिन के यूक्रेन में सेना भेजने पर राष्ट्रपति बाइडन की प्रतिक्रिया के बारे में पूछा गया था.

    ट्रंप ने कहा, "कल टीवी पर देखा और तभी मैंने कहा, ये तो जीनियस है."

    "पुतिन ने यूक्रेन के एक बड़े हिस्से को यूक्रेन से हटा दिया. पुतिन ने उसे आज़ाद घोषित कर दिया. ओह! ये अद्भुत है. पुतिन अब कह रहे हैं कि यूक्रेन का एक बड़ा टुकड़ा आज़ाद है."

    "मैंने कहा ये कितना चतुर है? और वे अंदर जाएंगे ओर शांति कायम करने वाले बन जाएंगे. वो सबसे मज़बूत शांति सेना होगी. हम अपने दक्षिण सीमा पर इसका इस्तेमाल कर सकते हैं."

    पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप लगातार पुतिन की तारीफ़ करते रहे हैं और इस दौरान वर्तमान अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की उपेक्षा करते रहे हैं.

    "आपको मानना होगा कि वो काफी समझदारी भरा है. और क्या आपको पता है कि बाइडन की इस पर प्रतिक्रिया थी? कुछ भी प्रतिक्रिया नहीं थी."