कर्नाटक के शिमोगा ज़िले में 26 वर्षीय बजरंग दल कार्यकर्ता हर्षा की हत्या से
उपजे तनाव, हिंसा और आगजनी की घटनाओं के बाद पुलिस ने अब तक तीन लोगों
को गिरफ़्तार किया है.
इसके साथ ही हिंसा और आगजनी की
घटनाओं में पुलिस ने अब तक तीन एफ़आईआर दर्ज कराई हैं.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, कर्नाटक के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रताप रेड्डी ने बताया , "हमने 14 अलग-अलग घटनाओं की पहचान की है
जिनमें एफआईआर दर्ज कराने की ज़रूरत है. इनमें से तीन मामलों में एफआईआर दर्ज कराई
जा चुकी है. कुछ मामलों में हम उन लोगों की तलाश कर रहे हैं जिनकी संपत्तियों और
मोटरसाइकिलों को नुकसान पहुँचा है.”
कर्नाटक की
राजधानी बेंगलुरू से क़रीब 250 किलोमीटर दूर शिमोगा में सोमवार को मोटरसाइकिल और
गाड़ियों में आग लगाए जाने की घटनाएँ सामने आई थीं.
हत्या के मामले में तीन गिरफ़्तार
इसके साथ ही बजरंग दल कार्यकर्ता हर्षा की हत्या के मामले में अब तक तीन लोगों
को गिरफ़्तार किया जा चुका है.
इस मामले में डीजीपी प्रताप रेड्डी ने कहा, “सभी अभियुक्तों की पहचान हो चुकी है. हमारी कई टीमें शिमोगा ज़िले के अंदर और
बाहर तैनात हैं. तलाश जारी है और हम जल्द ही अभियुक्तों का पता लगाकर उन्हें
गिरफ़्तार करने वाले हैं.”
पुलिस के मुताबिक हर्षा पर रविवार रात कुछ लोगों
ने चाकू से हमला कर दिया था. घटना का वक़्त रात नौ बजे के क़रीब का बताया गया था. इसके
बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी.
कर्नाटक की पूर्वी रेंज के डीआईजी डॉ के त्यागराजन ने बताया है कि “हमने अब तक 3-4 लोगों को हिरासत में ले लिया है. फिलहाल हम ये मानते हैं कि
ये हत्या पुरानी दुश्मनी की वजह से हुई है. कानून – व्यवस्था नियंत्रण में है. और जांच
जारी है."
हालांकि, घटना के बाद हर्षा के कुछ समर्थकों ने सड़क पर उतरकर विरोध जाहिर किया था. विरोध की वीडियो फुटेज सामने आई हैं जिनमें कुछ लोग पत्थर फेंकते दिखाई देते हैं.
भीड़ पर काबू पाने के लिए पुलिस को हवा में फायर करने पड़े और दो दिन के लिए निषेधाज्ञा
लगाई गयी.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, शिमोगा के विधायक और राज्य के मंत्री केएस ईश्वरप्पा
ने आरोप लगाया था कि, "इस घटना के लिए मुसलमान गुंडें ज़िम्मेदार हैं."
कांग्रेस पार्टी की ओर से सिद्धारमैया ने ईश्वरप्पा पर कार्रवाई करने की मांग
की है.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, सिद्धारमैया ने कहा है, “सरकार ने शिमोगा में धारा 144 लगा दी थी. उन्होंने इसका उल्लंघन किया (ताकि
बजरंग दल कार्यकर्ता हर्षा के पार्थिव शरीर को उनके घर तक ले जाया जा सके).
उन्होंने ही उकसाने का काम किया. उन पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए.”
इस पर कर्नाटक के गृह मंत्री अरगा ज्ञानेंद्र ने
कहा है कि “शिमोगा में माहौल शांत
है. केएस ईश्वरप्पा ने जुलूस का नेतृत्व नहीं किया था. वह इस जलूस में एक स्थानीय
विधायक के रूप में मौजूद थे. जिसने भी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है, उसके ख़िलाफ़
कदम उठाए जाएंगे.”