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रूस के राष्ट्रपति पुतिन बोले- औज़ार की तरह इस्तेमाल हो रहा है यूक्रेन

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सोमवार को सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाई. रूस और यूक्रेन के तनाव पर पूरी दुनिया की नज़र बनी हुई है.

लाइव कवरेज

रजनीश कुमार and अभय कुमार सिंह

  1. कच्चा बादाम वाले भुबन अब क्या सोच रहे हैं?

    पश्चिम बंगाल के भुबन बदयाकर उस बात की ताज़ा मिसाल हैं कि सोशल मीडिया के ज़माने में कोई भी रातोरात चर्चा में आ सकता है.

    भुबन बीरभूम ज़िले हैं और वहीं मूंगफली बेचते थे. उनका कच्चा बादाम गाना इतना लोकप्रिय हुआ कि इंस्टाग्राम के रील्स में हर दूसरा वीडियो इनके गाने का अब भी दिख जाता है.

    उनके इस गाने पर केवल भारत के लोग ही नहीं बल्कि विदेशी भी झूम रहे हैं. बॉलीवुड की कई हस्तियों ने कच्चा बादाम गाने पर इंस्टा रील्स बनाए हैं.

    कोलकाता से प्रकाशित होने वाला अंग्रेज़ी अख़बार द टेलिग्राफ़ ने भुबन को रातोरात मिली लोकप्रियता के बारे में पूछा और जानने का प्रयास किया कि उनकी ज़िंदगी में कैसी तब्दीली आई है.

    भुबन ने कहा कि उन्हें अंदाज़ा नहीं था कि उनका यह गाना लोगों को इतना अच्छा लगेगा. भुबन कहते हैं कि यह उनकी समझ से बाहर है. लेकिन ईश्वर की दुआ और लोगों के प्यार से ऐसा हो गया है.

    भुबन ने कहा कि वह उस व्यक्ति को धन्यवाद देते हैं, जिसने पहली बार उनके गाने का वीडियो शूट किया और सोशल मीडिया पर पोस्ट किया. भुबन ने कहा- मुझे नहीं पता कि वो व्यक्ति कौन था लेकिन मैं उसे शुभकामनाएँ देता हूँ.

    भुबन ने टेलिग्राफ़ से अपने पृष्ठभूमि और परिवार के बारे में कहा, ''मैं बीरभूम के एक छोटे से गाँव से हूँ. मेरा परिवार इस गाने की सफलता से बहुत ख़ुश है. जब भी मैं घर से बाहर कहीं जाता हूँ, जैसे अभी कोलकाता एक प्रोग्राम में आया हूँ तो मेरी पत्नी काफ़ी परेशान हो जाती है. मेरा बेटा भी चिंतित हो जाता है कि मैं कैसे यात्रा करूँगा और कहाँ रहूँगा. लेकिन मेरा मानना है कि ईश्वर ने आपको राह दिखाई है तो वही मार्गदर्शन भी करेगा.''

    'कच्चा बादाम' बेचने के बारे में भुबन ने कहा, ''कच्चा बादाम (मूंगफली) बेचने के पीछे की कई वजहें हैं. मेरे पास इसे रोस्ट करने का टाइम नहीं रहता. कच्ची मूंगफली में पौष्टिक ज़्यादा होता है. यह हमारे बाल और पेट के लिए भी अच्छी होती है. रोस्ट मूंगफली टेस्टी लगती है लेकिन सेहत के लिए कच्ची मूंगफली ज़्यादा ठीक होती है.''

    भुबन मूंगफली न केवल पैसे से बल्कि पुराने फ़ोन के बदले भी देते थे. इस पर भुबन कहते हैं कि ऐसा वह ज़्यादा कमाई के लिए करते हैं. भुबन ने कहा, ''अगर मैं मूंगफली केवल पैसे से देता तो आमदनी कम होती. लेकिन टूटे-फूटे सामान के बदले मूंगफली देने से आमदनी ढाई रुपए के बदले पाँच रुपए होती है. मैं भजन और आध्यात्मिक गाने गाता रहा हूँ.''

    भुबन ने कहा, ''मेरी ज़िंदगी में बदलाव कल्पनाओं से परे है. मैं नहीं समझ पा रहा हूँ कि लोग इतनी मोहब्बत क्यों दे रहे हैं. सरकार और प्रदेश की पुलिस ने बहुत मदद की है. सिनेमाई दुनिया को लोगों ने भी मुझसे बात की.''

  2. आंध्र प्रदेश के उद्योग मंत्री का 50 साल की उम्र में निधन

    आंध्र प्रदेश के उद्योग मंत्री मेकापति गौतम रेड्डी का सोमवार सुबह हैदराबाद के निजी अस्पताल में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया.

    वह 50 साल के थे. सोमवार तड़के रेड्डी अपने घर में ही बेहोश हो गए थे. इसके बाद उन्हें अपोलो अस्पताल में भर्ती किया गया था. डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया लेकिन कामयाबी नहीं मिली और 9.16 बजे निधन हो गया.

    अस्पताल की ओर से जारी बयान में कहा गया है, ''आज सुबह गौतम रेड्डी को जुबली हिल्स स्थित अपोलो अस्पताल के इमर्जेंसी वॉर्ड में भर्ती किया गया था. वह अपने घर में ही अचानक बेहोश होकर गिर गए थे. वह अस्पताल 7:45 बजे आए. रेड्डी की साँस नहीं चल रही थी.''

    रविवार को ही रेड्डी 10 दिन बाद दुबई से लौटे थे. वह दुबई एक्सपो 2022 में हिस्सा लेने गए थे. रेड्डी के पास राज्य का सूचना तकनीक विभाग भी था. रेड्डी के पिता पूर्व सांसद मेकापति राजमोहन रेड्डी हैं.

  3. वेस्टइंडीज़ को धूल चटाने के बाद टी-20 के टॉप पर टीम इंडिया

    वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ टी-20 सिरीज़ में 3-0 से जीत के बाद भारतीय क्रिकेट टीम आईसीसी की टी-20 रैंकिंग में शीर्ष पर पहुँच गई है. भारतीय टीम के बाद इंग्लैंड की टीम है और तीसरे नंबर पर पाकिस्तान की टीम है.

    राहित शर्मा की कप्तानी में भारतीय टीम ने कोलकाता में खेले गए तीनों टी-20 मैच में शानदार जीत दर्ज की. हालाँकि केरॉन पोलार्ड की अगुआई वाली टीम ने वापसी की बहुत कोशिश की, लेकिन भारतीय टीम ने उसे ऐसा नहीं करने दिया. भारत ने तीन वनडे मैचों की सिरीज़ में भी वेस्टइंडीज़ को 3-0 से मात दी थी.

    इसके बाद भारत को श्रीलंका के ख़िलाफ़ तीन टी-20 मैचों की सिरीज़ खेलनी है, जो गुरुवार से शुरू हो रहा है. हालाँकि टी-20 में खिलाड़ियों की रैंकिंग में बल्लेबाज़ी की बात करें, तो टॉप 10 में भारत के सिर्फ़ दो ही खिलाड़ी हैं. केएल राहुल चौथे नंबर पर हैं, जबकि विराट कोहली 10वें नंबर पर. पाकिस्तान के कप्तान बाबर आज़म पहले नंबर पर हैं. गेंदबाज़ों और ऑल राउंडर्स की टी-20 रैंकिंग में भारत का कोई खिलाड़ी नहीं है.

  4. सऊदी अरब ने ईरान को लेकर ऐसा क्यों कहा?

    सऊदी अरब के विदेश मंत्री ने शनिवार को कहा कि ईरान के साथ पाँचवें चरण की वार्ता की योजना है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, सऊदी अरब ने कहा कि बिना कोई ठोस प्रगति के प्रतिद्वंद्वी ईरान से वार्ता होगी. सऊदी अरब ने ईरान से कहा है कि इस क्षेत्र को लेकर अपने व्यवहार में परिवर्तन लाए.

    2016 में सऊदी अरब और ईरान ने अपने संबंध तोड़ लिए थे. पिछले साल इराक़ ने सऊदी और ईरान के बीच वार्ता शुरू करवाई थी. दूसरी तरफ़ पश्चिम के देश ईरान से नए परमाणु परमाणु समझौते की कोशिश कर रहे हैं.

    सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फ़ैसल बिन फ़रहान ने कहा कि अगर 2015 का परमाणु समझौता बहाल किया जाता है तो यह क्षेत्रीय चिंताओं को सुलझाने को लेकर एक शुरुआत होगी न कि अंत. प्रिंस फ़ैसल ने कहा कि सऊदी अरब अब भी ईरान से वार्ता का इरादा रखता है.

    प्रिंस फ़ैसल ने कहा, ''यह ज़रूरी है कि ईरान मौजूदा समस्याओं को सुलझाने के लिए गंभीरता दिखाए. हम उम्मीद करते हैं कि चीज़ों को सुलझाने के लिए नई इच्छाशक्ति होगी. अगर कुछ ठोस प्रगति होती है तो दोनों देशों के बीच दोस्ती संभव है. हालांकि अभी तक ऐसा कुछ दिखा नहीं है.'' प्रिंस फ़ैसल ने ये बातें म्यूनिख सिक्यॉरिटी कॉन्फ़्रेंस में कही है.

    सुन्नी मुस्लिम बहुल देश सऊदी अरब और शिया मुस्लिम बहुल देश ईरान के बीच क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्विता रहती है. यह प्रतिद्वंद्विता यमन, लेबनान से लेकर पूरे मध्य-पूर्व में दिखती है. इस महीने की शुरुआत में ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी ने कहा था कि वह सऊदी से बात करना चाहते हैं लेकिन उसे आपसी भरोसे और आदर का महौल बनाना चाहिए.

    दोनों देशों में 2019 में तनाव तब और बढ़ गया था जब रियाद में तेल संयंत्रों पर हमला हुआ था. इस हमले के लिए ईरान पर आरोप लगा था. हालांकि ईरान ने इन आरोपों को ख़ारिज कर दिया था. यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों से भी सऊदी अरब के नेतृत्व वाला अरब गठबंधन लड़ रहा है. प्रिंस फ़ैसल ने कहा है कि ईरान हूती विद्रोहियों को हथियार और ड्रोन मुहैया करा रहा है.

    इन सबके बावजूद सऊदी अरब ईरान से बातचीत के लिए तैयार है. विश्लेषकों का मानना है कि इस इलाक़े में अमेरिका की कम होती दिलचस्पी के कारण सऊदी अरब अब ख़ुद ही द्विपक्षीय वार्ता के ज़रिए विवादों को सुलझाने की कोशिश कर रहा है.

  5. कर्नाटक के शिमोगा में बजरंग दल कार्यकर्ता की हत्या के बाद तनाव

    कर्नाटक के शिमोगा में बजरंग दल के एक कार्यकर्ता की हत्या के बाद से तनाव है. इलाक़े में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. स्कूल और कॉलेज दो दिनों के लिए बंद कर दिए गए हैं.

    शिमोगा में रविवार रात 26 वर्षीय बजरंग दल के कार्यकर्ता हर्षा की हत्या कर दी गई, जिसके बाद शहर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है.

    कर्नाटक के गृह मंत्री अरगा ज्ञानेंद्र ने कहा है कि चार-पाँच युवकों ने बजरंग दल के कार्यकर्ता की हत्या की है. उन्होंने बताया, "मुझे नहीं पता कि कोई संगठन इस हत्या के पीछे है या नहीं. शिवमोगा में क़ानून और व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में है. एहतियात के तौर पर स्कूल और कॉलेज दो दिनों के लिए बंद कर दिए गए हैं."

    शिमोगा के उपायुक्त सेल्वामणि आर ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया है कि इलाक़े में धारा 144 लगा दी गई है. उन्होंने बताया कि स्थिति शांतिपूर्ण है. लेकिन स्थानीय पुलिस और RAF को क़ानून व्यवस्था की स्थिति बहाल करने के लिए तैनात किया गया है.

    कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया ने कहा है कि वे इस हत्या की निंदा करते हैं. उन्होंने राज्य के गृह मंत्री के इस्तीफ़े की मांग की है. उन्होंने कहा- मैं इस हत्या की निंदा करता हूँ क्योंकि हम अहिंसा में विश्वास करते हैं. हत्या में शामिल सभी लोगों को सज़ा दी जानी चाहिए और मैं राज्य के गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग करता हूँ.

  6. बीजेपी के ख़िलाफ़ फ़्रंट को लेकर उभरे मतभेद, ममता से अलग शिवसेना के सुर

    शिवसेना ने कहा है कि उसने कभी नहीं कहा कि कांग्रेस के बिना कोई मोर्चा बनेगा. रविवार को तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे से मुलाक़ात की थी. ये मुलाक़ात ऐसे समय में हुई है, जब केंद्र की बीजेपी सरकार के ख़िलाफ़ ग़ैर बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री फ़्रंट बनाने की बात कर रहे हैं.

    पिछले दिनों तेलंगाना के सीएम केसीआर ने बीजेपी और मोदी सरकार के ख़िलाफ़ कई बयान दिए थे. अब शिवसेना सांसद संजय राउत का कहना है कि कांग्रेस के बग़ैर कोई फ़्रंट नहीं बनेगा. उन्होंने कहा- हमने कभी नहीं कहा कि कांग्रेस के बगैर कोई फ्रंट बनेगा, जब ये बात ममता बनर्जी ने कही थी तब शिवसेना पहली राजनीतिक पार्टी थी और तब हमने कहा था कि कांग्रेस को भी साथ लेना चाहिए.

    रविवार को उद्धव ठाकरे और केसीआर की मुलाक़ात के बारे में संजय राउत ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक, विकास और देश की परिस्थिति के बारे में चर्चा हुई. उन्होंने कहा- दोनों नेताओं के बीच बहुत से विषयों पर सहमति हुई. के चंद्रशेखर राव बहुत जुझारू नेता हैं. उनमें वो क्षमता है कि वे सबको साथ लेकर नेतृत्व करें. पिछले दिनों ममता बनर्जी ने भी तेलंगाना के सीएम केसीआर और तमिलनाडु के सीएम स्टालिन से फ़ोन पर बात की थी.

    उन्होंने ग़ैर बीजेपी शासित मुख्यमंत्रियों की बैठक की भी अपील की थी. लेकिन कांग्रेस को लेकर उनका रुख़ सकारात्मक नहीं था. उन्होंने कहा था कि कांग्रेस का क्षेत्रीय दलों के साथ रिश्ता अच्छा नहीं है.

  7. पीएम मोदी ने साइकिल और बम धमाके को जोड़ा, बढ़ा विवाद

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को उत्तर प्रदेश के हरदोई में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी के चुनाव चिह्न साइकिल को आतंकवादी धमाके को जोड़ा था. उनके इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर काफ़ी विवाद हो रहा है.

    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था, ''जब मैं गुजरात का मुख्यमंत्री था तो अहमदाबाद में भी सीरियल बम धमाके हुए थे. मैं उस दिन को भूल सकता. मैंने संकल्प लिया था कि मेरी सरकार आतंकवादियों को पाताल से भी खोजकर सज़ा देगी. अभी दो दिन पहले ही अहमदाबाद बम धमाके के दोषियों को सज़ा मिली है.''

    पीएम मोदी ने कहा, ''कुछ राजनीतिक दल ऐसे ही आतंकवादियों के प्रति मेहरबान रहे हैं. ये वोट बैंक के लिए आतंकवाद पर नरमी बरतते रहे हैं. गुजरात में बम धमाके हुए, उसे लेकर आपने एक बात सुनी नहीं होगी. दो प्रकार के धमाके हुए. अस्पताल के अंदर भी धमाका हुआ. समाजवादी पार्टी का जो चुनाव चिह्न है न, शुरू के सारे धमाके साइकिल पर हुए. अब देखिए साइकिल पर बम रखे हुए थे. जहाँ लोग सब्ज़ी ख़रीदने आते हैं, वहां साइकिलों पर बम फटे. मैं हैरान हूँ कि साइकल पर बम धमाका क्यों किया?''

    पीएम मोदी के साइकल वाले बयान का वीडियो क्लिप शेयर करते हुए आरजेडी के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने लिखा है, ''आप नतीजों की कल्पना कर सकते हैं, अब उत्तर प्रदेश में. ओपिनियन पोल ओर एग्ज़िट पोल मायने नही रखते.''

    समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने ट्विटर पर लिखा है, खेत और किसान को जोड़ कर उसकी समृद्धि की नींव रखती है, हमारी साइकिल. सामाजिक बंधनों को तोड़ बिटिया को स्कूल छोड़ती है, हमारी साइकिल. महंगाई का उस पर असर नहीं, वो सरपट दौड़ती है, हमारी साइकिल. साइकिल आम जनों का विमान है, ग्रामीण भारत का अभिमान है, साइकिल का अपमान पूरे देश का अपमान है.''

    सुप्रीम कोर्ट के जाने-माने वकील प्रशांत भूषण ने ट्विटर पर पीएम मोदी के विदेश दौरे में साइकिल लेने वाली फ़ोटो पोस्ट कर तंज़ करते हुए लिखा है, ''प्रधानमंत्री हिंदुस्तान के बाहर जाकर साइकिल पर क्यों बैठे? क्या वह समाजवादी पार्टी ज्वाइन करने वाले हैं? उनको क्या पता नहीं कि साइकल समाजवादी पार्टी का चुनाव चिह्न है? मैं हैरान हूँ भाई!''

  8. इमरान सरकार के भीतर ही भारत को लेकर सकारात्मक रुख़

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के वाणिज्य, टेक्सटाइल, इंडस्ट्री, निवेश और प्रोडक्शन मामलों के सलाहकार अब्दुल रज़ाक दाऊद ने कहा है कि भारत के साथ व्यापार दोनों देशों के हित में है.

    रविवार को रज़ाक ने कहा कि रूस पाकिस्तान में कंस्ट्रक्शन और पाइपलाइन बनाने में निवेश करना चाहता है.

    ट्रेड डिवेलपमेंट अथॉरिटी ऑफ पाकिस्तान की ओर से आयोजित इंजीनियरिंग और हेल्थकेयर की एक प्रदर्शनी में मीडिया से बात करते हुए रज़ाक ने कहा कि वाणिज्य मंत्रालय भारत से व्यापार करना चाहता है. मुझे लगता है कि भारत के साथ व्यापार खोल देना चाहिए.''

    पाकिस्तान के अंग्रेज़ी अख़बार डॉन ने इस ख़बर को प्रमुखता से जगह दी है. अब्दुल रज़ाक दाऊद ने जो बात मीडिया से भारत को लेकर कही है, उसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी शेयर किया गया है.

    डॉन के अनुसार, रज़ाक ने कहा कि भारत के साथ व्यापार सभी के लिए बहुत फ़ायदेमंद है और ख़ासकर पाकिस्तान के लिए. रज़ाक ने कहा कि वह भारत से व्यापार शुरू करने का समर्थन करते हैं.

    पाकिस्तान ने पाँच अगस्त 2019 के बाद भारत से द्विपक्षीय व्यापार ख़त्म करने का फ़ैसला लिया था और तब से बंद है. पाँच अगस्त, 2019 को भारत ने जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को निष्प्रभावी कर दिया था.

    इससे पहले पाकिस्तान के अरबपति कारोबारी मियां मोहम्मद मंशा ने भी कहा था कि भारत के साथ व्यापार शुरू होना चाहिए. इसी महीने तीन फ़रवरी को मियां मोहम्मद मंशा ने कहा था कि अगर पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पटरी पर नहीं आई तो इसके नतीजे भयावह होंगे. उन्होंने यह भी कहा था कि भारत से व्यापारिक रिश्ते सुधारने चाहिए.

    मियां मोहम्मद मंशा ने कहा था, ''यूरोप में दो भयावह युद्ध हुए लेकिन शांति और क्षेत्रीय विकास के लिए सब एक हो गए. किसी से स्थायी दुश्मनी नहीं हो सकती.''

    मियां मोहम्मद मंशा के इस बयान पर भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त रहे अब्दुल बासित ने कहा था कि वह कारोबारी हैं और नए मार्केट की तलाश में उनका बयान चौंकाने वाला नहीं है.

    अब्दुल बासित ने कहा था, ''पाकिस्तान में एक तबका है, जो मानता है कि भारत के साथ तनाव के कारण पाकिस्तान को आर्थिक नुक़सान हो रहा है. लेकिन मैं इससे सहमत नहीं हूँ. मेरा मानना है कि हमारी अर्थव्यवस्था की हालत ठीक नहीं है तो इसका कारण यह नहीं है कि भारत के साथ ताल्लुकात सही नहीं है. मेरा मानना है कि हमारी अंदरूनी वजहें हैं, जिनकी वजह से अर्थव्यवस्था ठीक नहीं है.''

  9. यूक्रेन संकट: एक शर्त पर पुतिन के साथ समिट के लिए बाइडन तैयार

    अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ यूक्रेन संकट पर समिट के लिए तैयार हो गए हैं. इस समिट का प्रस्ताव फ़्रांस ने रखा है.

    व्हाइट हाउस ने कहा है कि अगर रूस यूक्रेन पर हमला नहीं करता है तभी यह समिट संभव होगा. इस वार्ता में यूरोप में उपजे सुरक्षा संकट को लेकर कोई राजनयिक समाधान को लेकर प्रस्ताव रखा जा सकता है.

    अमेरिकी ख़ुफ़िया सूचना के अनुसार, रूस यूक्रेन पर हमले के लिए तैयार है. हालांकि रूस इससे इनकार कर रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन से वार्ता का प्रस्ताव फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और रूसी राष्ट्रपति पुतिन के बीच फ़ोन पर हुई बातचीत के बाद सामने आया है. दोनों राष्ट्रपतियों के बीच तीन घंटों तक बात हुई है.

    यह तीन घंटे की वार्ता दो बार में हुई. दूसरी बार रूसी समय के हिसाब से सोमवार सुबह हुई. मैक्रों ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन से भी 15 मिनट बात की है. फ़्रांस के राष्ट्रपति के कार्यालय का कहना है कि संभावित समिट के डिटेल के लिए गुरुवार को अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन और रूसी विदेश मंत्री सेर्गेई लावरोफ़ के बीच बैठक होगी.

    व्हाइट हाउस ने कहा है कि रूस लगातार यूक्रेन पर हमले की तैयारी कर रहा है. अमेरिका ने रूस को चेतावनी दी है कि अगर हमला हुआ तो इसके गंभीर नतीजे होंगे.

  10. जर्मनी में भारत और बांग्लादेश के विदेश मंत्री के बीच यह सवाल-जवाब

    जर्मनी के म्यूनिख शहर में शनिवार को एक सिक्यॉरिटी कॉन्फ़्रेंस में बांग्लादेश और भारत के विदेश मंत्रियों के बीच सवाल-जवाब का दौर चला.

    भारत के अंग्रेज़ी अख़बार द हिन्दू और बांग्लादेश की न्यूज़ एजेंसी यूएनबी (यूनाइटेड न्यूज़ ऑफ बांग्लादेश) के अनुसार, भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि जो देश ग़ैर-टिकाऊ प्रोजेक्ट जैसे- एयरपोर्ट्स और पोर्ट्स के लिए क़र्ज़ चाह रहे हैं, उन्हें सतर्क रहना चाहिए.

    इसके जवाब में बांग्लादेश के विदेश मंत्री एके अब्दुल मोमिन ने कहा कि ऐसे में क्वॉड देशों को चीन की तरह वित्तीय मदद मुहैया करानी चाहिए. क्वॉड में अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, जापान और भारत हैं. क्वॉड के बारे में कहा जाता है कि यह हिन्द-प्रशांत में चीन की बढ़ती आक्रामकता से निपटने के लिए है.

    द हिन्दू के अनुसार, जयशंकर ने कहा कि भारत के साथ चीन के संबंध मुश्किल दौर में हैं. भारतीय विदेश मंत्री ने कहा, ''हमने देखा है कि हमारे क्षेत्र के देश भी बड़े क़र्ज़ के बोझ से दबे हैं. हमने उन परियोजनाओं को देखा है, जो व्यावसायिक रूप से टिकाऊ नही हैं: ऐसे एयरोपोर्ट हैं, जहाँ एक भी प्लेन नहीं आता है, ऐसे बंदरगाह हैं, जहाँ एक भी शिप नहीं आती है.''

    जयशंकर इंडो-पैसिफिक के भविष्य पर आयोजित एक पैनल का हिस्सा थे. जयशंकर की टिप्पणी को श्रीलंका में गहराते क़र्ज़ के संकट से जोड़कर देखा जा रहा है.

    श्रीलंका में हम्बनटोटा और मटाला एयरपोर्ट को लेकर कई चिंताएं हैं. दोनों को चीनी क़र्ज़ से विकसित किया गया है. श्रीलंका इस क़र्ज़ को चुकाने के लिए जूझ रहा है. आख़िरकार क़र्ज़ नहीं चुका पाने की स्थिति में श्रीलंका को मजबूरी में हम्बनटोटा पोर्ट एक चीनी कंपनी को 99 साल की लीज पर देना पड़ा था.

    बांग्लादेश की न्यूज़ एजेंसी यूएनबी ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि वहां के विदेश मंत्री एके अब्दुल मोमिन ने कहा कि बांग्लादेश में इन्फ़्रास्ट्रक्चर से जुड़ी ज़रूरतें बढ़ रही हैं और चीन तब आकर मदद कर रहा है, जब कई देश मदद से इनकार कर रहे हैं. यूएनबी के अनुसार, मोमिन ने कहा कि चीन न केवल पैसे के साथ आ रहा है बल्कि वह काफ़ी सक्रियता दिखा रहा है और वहन करने योग्य भी है.

    यूएनबी ने लिखा है, ''भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि इस मामले में देशों को वैसे फ़ैसले करने चाहिए, जिनके बारे में पूरी जानकारी हो. जयशंकर ने कहा कि इस इलाक़े में कई देश ख़ास क़र्ज़ों से परेशान हैं. बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने एक सवाल के जवाब में कहा कि आर्थिक विकास के मामले में उनका मुल्क अपेक्षाकृत अच्छा कर रहा है.''

    बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने कहा, ''लोग सुविधा के अलावा और मौक़े चाह रहे हैं ताकि गुज़र-बसर ठीक से हो. देश में इन्फ़्रास्ट्रक्चर सुविधा की ज़रूरतें बढ़ रही हैं. लेकिन हमारे पास पैसे नहीं हैं. हमारे पास तकनीक भी नहीं है. लोगों की ज़रूरतें हमें पूरी करनी है लेकिन कई देशों ने मदद से इनकार कर दिया. मैं जापान को धन्यवाद देना चाहता हूँ, जो हमारा अच्छा दोस्त है और बांग्लादेश में निवेश कर रहा है. मैं भारत को भी धन्यवाद देना चाहता हूँ क्योंकि यहाँ से भी कई परियोजनाओं में हमें मदद मिली है.''

    यूएनबी के अनुसार, बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने कहा, ''बांग्लादेश ने ज़्यादातर क़र्ज़ विश्व बैंक, आईएमएफ़ और एडीबी से लिया है. मोमिन के सवाल के जवाब में भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति काफ़ी प्रतिस्पर्धी है और हर देश मौक़े देखेगा. लेकिन ऐसा करते वक़्त विवेकपूर्ण होना और यह सोचना ज़रूरी है कि यह उनके हित में किस हद तक है. हमने अपने क्षेत्र में भी वैसे देशों को देखा है, जो इसी चक्कर में क़र्ज़ के बोझ से दबे हुए हैं. मुझे लगता है कि लोगों को समझना चाहिए कि उन्हें क्या मिल रहा है.''

    यूएनबी के अनुसार, भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि कोई भी फ़ैसला चीज़ों को समझकर लेना चाहिए.

  11. पीएम मोदी ने रैली में छुट्टे पशुओं की समस्या पर किया यह वादा

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के उन्नाव में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि खुले में घूम रहे पशुओं से जो परेशानी होती उसे दूर करने के लिए 10 मार्च के बाद नई व्यवस्था बनाई जाएगी. 10 मार्च को वोटों की गिनती होनी है.

    जब प्रधानमंत्री ने यह घोषणा की तो लोगों ने ताली बजाकर स्वागत किया. पीएम मोदी ने कहा, ''आपलोग को छुट्टा जानवरों से जो परेशानी होती है, उसे दूर करने के लिए 10 मार्च के बाद नई व्यवस्थाएं बनेंगी. उन्नाव के भाइयों और बहनों, मेरे ये शब्द लिखकर रखिए, ये मोदी बोल रहा है. और आपके आशीर्वाद के साथ बोल रहा है.''

    पीएम मोदी ने कहा, ''जो पशु दूध नहीं देता है, उसके गोबर से भी आय हो, ऐसी व्यवस्था मैं आपके सामने खड़ी कर दूंगा. और एक दिन ऐसा आएगा कि छुट्टा पशु जो हैं न, लोगों को लगेगा कि यार इसे भी बांध लो, इससे भी कमाई होने वाली है.''

    उत्तर प्रदेश में अभी यह बहुत गंभीर समस्या है कि खुले में घूम रहे पशु खेतों में जाकर फसल बर्बाद करते हैं और लोगों पर हमले भी कर देते हैं. ये फसलों को खाने से ज़्यादा रौंद देते हैं.

    बुंदेलखंड के लोग इस समस्या से सबसे ज़्यादा जूझ रहे हैं. किसानों का कहना है कि 2017 में बीजेपी के आने के बाद से यह समस्या और बढ़ी है क्योंकि स्थानीय पशु बाज़ार ध्वस्त हो गए हैं, जानवरों की ढुलाई बंद है, अवैध बूचड़खाने बंद हैं और गाय संरक्षण नीति भी लागू है.

    किसानों को इससे बड़ा आर्थिक नुक़सान हो रहा है और वे रात रात भर जगकर फसलों की रखवाली करते हैं. इस समस्या से निपटने के लिए किसानों ने अतिरिक्त खर्च कर अपने खेतों को तारों से घेरा भी है. खूले में घूम रहे सांड तो लोगों पर हमले कर देता है. समाजवादी पार्टी ने वादा किया है कि सत्ता में आने के बाद सांडों के हमले में मृत परिजनों को पाँच-पाँच लाख रुपए का मुआवजा मिलेगा.

    समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने इस मुद्दे को चुनावी अभियान में भी जमकर उठाया है. अखिलेश यादव ने अपने भाषणों में कहा है कि उनकी पार्टी सत्ता में आई तो बाबा, बुल और बुल्डोज़र से मुक्ति मिलेगी. कहा जा रहा है कि ग्रामीण भारत में आवारा पशुओं का मुद्दा बहुत प्रभावी हो सकता है.

  12. नमस्कार! बीबीसी हिंदी के इस लाइव पेज पर आपका स्वागत है.

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