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कर्नाटक अल्पसंख्यक कल्याण आयोग ने क्लास में हिजाब समेत अन्य चीज़ें पहनने पर रोक लगाई

कर्नाटक अल्पसंख्यक कल्याण आयोग ने शुक्रवार को क्लास रूम में भगवा गमछे से लेकर हिजाब जैसी धार्मिक चीज़ें पहनने पर प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया है.

लाइव कवरेज

भूमिका राय and अनंत प्रकाश

  1. करहल पहुँचे मुलायम सिंह यादव को लेकर अमित शाह का अखिलेश पर तंज़

    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण के मतदान में अब सिर्फ़ तीन दिन बचे हैं.

    सभी पार्टियाँ चुनाव प्रचार में लगी हुई हैं.

    गुरुवार को मैनपुरी के करहल में एक दिलचस्प घटनाक्रम सामने आया, जब समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एक ही दिन करहल पहुँच गए.

    ये वो सीट है, जहाँ से बीजेपी ने अखिलेश यादव की टक्कर में केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल को मैदान में उतारा है.

    मुलायम सिंह यादव क्या बोले?

    एक लंबे अरसे बाद चुनावी मंच पर भाषण देते हुए मुलायम सिंह यादव ने कृषि से लेकर बेरोज़गारी के मुद्दे पर सरकार को घेरा.

    मुलायम सिंह यादव ने किसानों के मुद्दे पर कहा कि, “किसानों की खाद की व्यवस्था की जाए, उनके फसलों को बेचने की व्यवस्था की जाए. किसानों को प्राथमिकता दी जाए. खाद, बीज का इंतजाम किया जाए और उनको सिंचाई का साधन उपलब्ध कराया जाए जिससे पैदावार बढ़े. पैदावार बढ़ेगी तो किसानों की हालत सुधरेगी.”

    इसके साथ ही 82 वर्षीय मुलायम सिंह यादव ने आश्वासन दिया कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनी तो बेरोज़गारों के लिए नौकरी की व्यवस्था की जाएगी.

    अमित शाह ने बोला हमला

    जहां एक ओर मुलायम सिंह यादव की ओर से बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार को घेरा गया तो वहीं अमित शाह ने परिवारवाद से लेकर अपराध आदि मुद्दों पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को घेरने की कोशिश की.

    यही नहीं, अमित शाह ने करहल में मुलायम सिंह की मौजूदगी पर कहा कि “अखिलेश ने पर्चा डालते हुए कहा था कि अब 10 मार्च को आऊंगा लेकिन छठे दिन ही मैदान में आ गए. और इस कड़ी धूप में भी इतनी आयु वाले नेता जी को भी मैदान में उतारना पड़ गया है.”

    इसके बाद अमित शाह ने कहा कि “सपा सरकार में अखिलेश जी के परिवार से 45 लोगों को अलग-अलग पद मिले थे. ये लोग सिर्फ परिवार का ही सोचते हैं, अपने ही लोगों का सोचते हैं. समाज का भला ये नहीं करते हैं. मोदी सरकार ने सबका साथ-सबका विकास का नारा देकर सबका भला किया है.”

    इसके बाद अमित शाह ने घर–घर बिजली पहुँचाने से लेकर शौचालय, एक्सप्रेस-वे और सिंचाई योजनाओं आदि का ज़िक्र करते हुए अपनी सरकार के काम गिनवाए.

    इसके साथ ही उन्होंने बसपा और सपा पर जातिगत राजनीति करने का आरोप लगाया.

    उन्होंने कहा कि “भाजपा गरीबों, पिछड़ों, असहायों के लिए शासन करती है. सपा-बसपा पार्टी अपनी-अपनी जातियों के लिए शासन करती है.”

    उत्तर प्रदेश के इस हिस्से में आगामी 20 फरवरी को मतदान होना है.

  2. प्रियंका गांधी ने कहा- मोदी बड़े मियाँ और केजरीवाल छोटे मियाँ, दोनों का जन्म आरएसएस से

    पंजाब में चुनाव प्रचार के दौरान प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर जम कर निशाना साधा. पठानकोट में प्रियंका गांधी ने कहा कि जब पीएम नरेंद्र मोदी जी और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल जी पंजाबियत की बात करते हैं, तो मुझे इस पर थोड़ी बहुत हँसी आई. उन्होंने कहा- पंजाबियत को सीखने के लिए उसे जीना पड़ता है. पंजाबियत एक जज़्बा है. मेरी शादी एक पंजाबी परिवार में हुई. पंजाबियत सेवा है, पंजाबियत सच्चाई है, सदभाव है. लेकिन एक बड़े बड़े उद्योगपतियों के सामने झुक जाता है और दूसरा सत्ता के लिए किसी के आगे झुक सकता है.

    पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम केजरीवाल का ज़िक्र करते हुए प्रियंका ने कहा- बड़े मियाँ तो बड़े मियाँ, छोटे मियाँ सुभान अल्लाह. उन्होंने कहा- बड़े मियाँ यानी पीएम मोदी और छोटे मियाँ यानी केजरीवाल. मैं बताती हूँ कि कैसे. दोनों का जन्म कहाँ से हुआ- आरएसएस से. एक आरएसएस से निकले और एक ने हमारी सरकार के ख़िलाफ़ आंदोलन किया, जिसका पूरा समर्थन आरएसएस ने किया. एक ने आपको गुजरात मॉडल दिया. दूसरे कह रहे हैं कि आपको दिल्ली मॉडल दिखाएँगे.

    प्रियंका गांधी ने कहा कि वे दिल्ली की हैं. उन्होंने कहा- कोरोना में आपने देखा दिल्ली में क्या हुआ. सड़कों पर लोग दम तोड़ रहे थे. ऑक्सीजन नहीं मिल रहा था. सुविधाएँ नहीं थी. अगर इन्होंने इतना काम किया है, तो वो उस समय क्यों नहीं दिखा. प्रियंका गांधी ने कहा- मोदी जी विज्ञापनों पर हज़ारों करोड़ रुपए ख़र्च करते हैं. उसी तरह केजरीवाल जी ने भी विज्ञापन पर ख़र्च किए हैं. किसान क़ानून बड़े मियाँ जी ने बनाया, सबसे पहले उसे नोटिफ़ाई करने वाले थे छोटे मियाँ. उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी और केजरीवाल दोनों ने रोज़गार को लेकर बड़े-बड़े दावे किए, लेकिन किया कुछ नहीं. केजरीवाल जी ने तो सिर्फ़ 440 लोगों को रोज़गार दिए.

  3. मनमोहन सिंह ने कहा- मोदी सरकार का नकली राष्ट्रवाद खोखला और ख़तरनाक

    भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मौजूदा केंद्र सरकार पर जमकर हमला किया है.

    मनमोहन सिंह ने वीडियो संदेश जारी करके मोदी सरकार पर कई सवाल उठाए.

    डॉ. मनमोहन सिंह ने कांग्रेस के कार्यकाल का ज़िक्र करते हुए कहा, “लोग हमारे अच्छे काम को याद कर रहे हैं. बीजेपी ने पीएम मोदी की सुरक्षा को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री और राज्य प्रशासन का अपमान करने की कोशिश की.”

    मनमोहन सिंह ने कहा, "इतिहास पर दोष लगाकर गुनाह कम नहीं किए जा सकते. बतौर प्रधानमंत्री मैंने काम करने को ज़्यादा महत्व दिया, बोलने को कम तरज़ीह दी."

    पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि इस सरकार में अमीर और अमीर हो रहे हैं और ग़रीब पहले से अधिक ग़रीब.

    अर्थशास्त्री रहे मनमोहन सिंह ने कहा कि मौजूदा सरकार को आर्थिक नीति की की समझ ही नहीं है.

    उन्होंने कहा, “सिर्फ़ आर्थिक नीति ही नहीं बल्कि विदेश नीति को लेकर भी वे विफल रहे हैं. चीन हमारी सीमा पर डेरा डाले हुआ है और दूसरी ओर इस मामले को रफ़ा-दफ़ा करने और दबाने की कोशिश की जा रही है.”

    पीएम मोदी पर तंज़ करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी को गले लगाने भर से या सिर्फ़ बिरयानी खा लेने भर से रिश्ते नहीं सुधरते हैं.

    बीजेपी पर आरोप लगाते हुए मनमोहन सिंह ने कहा कि उनकी नीति अंग्रेज़ों की तरह है- फूट डालो और राज करो.

    उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में संवैधानिक संस्थाएं कमज़ोर हो रही हैं.

    पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा, “इस सरकार का नकली राष्ट्रवाद जितना खोखला है, उतना ही ख़तरनाक भी है. इनका राष्ट्रवाद अंग्रेज़ों की तरह बाँटों और राज करो की नीति पर टिका है.”

    कोरोना काल का ज़िक्र करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि उस दौरान केंद्र सरकार की ख़राब नीतियों के कारण ही लोग परेशान हैं.

    पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि साढ़े सात साल सरकार चलाने के बाद सरकार अपनी ग़लती मानने और सुधार करने के बजाय पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को ज़िम्मेदार ठहराती है.

  4. अखिलेश यादव ने योगी आदित्यनाथ पर साधा निशाना और कहा- बाबाजी की मठ वापसी तय

    समाजवादी पार्टी के प्रमुख और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि पहले और दूसरे चरण में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ रहा है. फ़िरोज़ाबाद में एक रैली के दौरान अखिलेश यादव ने दावा किया कि चौथे चरण तक समाजवादी पार्टी की सरकार बन जाएगी.

    उन्होंने कहा कि पहले और दूसरे चरण में उनकी पार्टी शतक पूरा कर चुकी है और बाक़ी हिसाब तीसरे और चौथे चरण में पूरा हो जाएगा. अखिलेश यादव ने कहा- जब मतदान सातवें चरण में पहुँचेगा, तो भारतीय जनता पार्टी के बूथों पर भूत नाचेंगे. उन्होंने कहा कि बीजेपी के बड़े नेता बड़ा झूठ बोलते हैं और सबसे बड़े नेता सबसे बड़ा झूठ बोलते हैं.

    अखिलेश यादव ने कहा- जनता ने भाजपा को ठंडा कर दिया है. दो चरण के चुनावों में ज़बरदस्त पटखनी खाकर भाजपाई सन्नाटे में आ गए हैं. जनता ने भाजपा को निपटा दिया है. बाबा जी की मठ वापसी तय है. उत्तर प्रदेश में दो चरणों का मतदान हो चुका है. तीसरे चरण का मतदान 20 फरवरी को और चौथे चरण का 23 फरवरी को है. पाँचवें चरण का मतदान 27 फरवरी को है, जबकि छठे चरण का तीन मार्च को. सात मार्च को सातवें चरण का मतदान होगा. जबकि 10 मार्च को मतगणना होनी है.

  5. बिहार और यूपी वाले बयान को लेकर मोदी का प्रियंका गांधी और चन्नी से ये सवाल

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के बिहार और यूपी के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है. पंजाब में चुनावी रैली के दौरान नरेंद्र मोदी ने कहा- कांग्रेस हमेशा से एक क्षेत्र के लोगों को दूसरे से लड़ाती आई है. यहाँ कांग्रेस के मुख्यमंत्री ने जो बयान दिया, जिस पर दिल्ली का परिवार उनके साथ खड़े होकर तालियाँ बजा रहे थे, वो पूरे देश ने देखा.

    उन्होंने कहा- अपने इन बयानों से ये लोग किसका अपमान कर रहे हैं. यहाँ का कोई ऐसा गाँव नहीं होगा, जहाँ हमारे उत्तर प्रदेश या बिहार के भाई बहन मेहनत न करते हों. जो लोग दिल्ली में आपको घुसने नहीं देना चाहते, वो लोग आपसे वोट मांग रहे हैं. क्या ऐसे लोगों को पंजाब में कुछ भी करने का हक है क्या? पीएम नरेंद्र मोदी ने रविदास जयंती का भी ज़िक्र किया.

    उन्होंने कहा- कल ही हमने संत रविदास जी की जयंती मनाई है. वो कहाँ पैदा हुए? उत्तर प्रदेश में, बनारस में. क्या आप संत रविदास जी को भी पंजाब से निकाल देंगे? गुरु गोविंद सिंह जी का जन्म कहां हुआ था? पटना साहिब, बिहार में. क्या आप गुरु गोविंद जी को भी पंजाब से निकाल देंगे?

    बुधवार को पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के सामने ये कहते दिख रहे हैं -प्रियंका गांधी भी पंजाबन हैं और पंजाब की बहू हैं, सारे पंजाबी एक हो जाओ, हम यूपी, बिहार और दिल्ली के भइया जो पंजाब में राज करना चाहते हैं, हम उन्हें घुसने नहीं देंगे. जब चन्नी ये कहते हैं तो प्रियंका गांधी वीडियो में ताली बजाती दिख रही हैं.

    चन्नी का ये वीडियो वायरल होते ही बीजेपी ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की. बिहार में सत्तारूढ़ जनता दल यू ने इस पर आपत्ति जताई और कांग्रेस से माफ़ी मांगने को कहा. बसपा प्रमुख मायावती ने भी ट्वीट कर कहा कि ये शर्मनाक है और पंजाब और यूपी के लोग कांग्रेस को सबक सिखाएँ. साथ ही बिहार के लोग इसका संज्ञान लें. शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी ट्वीट करके कहा है कि यूपी और बिहार के लोगों का मज़ाक उड़ाना बंद कीजिए.

  6. हरियाणा में स्थानीय लोगों को नौकरी में 75 फ़ीसदी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला

    हरियाणा के लोगों के लिए प्राइवेट सेक्टर की नौकरियों में 75 फ़ीसदी आरक्षण के फ़ैसले पर हाई कोर्ट की रोक को सुप्रीम कोर्ट ने हटा दिया है.

    न्यूज़ एजेंसी पीटीआई की ख़बर के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के फ़ैसले पर रोक लगाते हुए कहा कि हाईकोर्ट इस पर एक महीने के भीतर अंतिम फ़ैसला ले.

    इसके साथ ही साथ ही राज्य सरकार को आदेश दिया है कि इस दौरान वह नौकरी देने वालों के विरुद्ध किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं कर सकती है.

    इससे पूर्व तीन फ़रवरी को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने सरकार के आरक्षण देने के इस फ़ैसले पर रोक लगा दी थी.

    हरियाणा में निजी सेक्टर में स्थानीय लोगों को 75 प्रतिशत आरक्षण देने वाले विधेयक को राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्या ने मार्च 2021 में मंजूरी दे दी थी. विधानसभा में यह विधेयक उसके पिछले साल ही पास हो गया था.

    हरियाणा राज्य के स्थानीय उम्मीदवारों का नियोजन विधेयक, 2020 के तहत हरियाणा में स्थित प्राइवेट कंपनी या फैक्ट्री में 75 प्रतिशत नौकरियों में हरियाणा के स्थानीय निवासियों को भर्ती करना अनिवार्य होगा. बचे हुए 25 प्रतिशत में राज्य के बाहर के लोगों को भर्ती किया जा सकता है.

    क्या कहता है क़ानून

    - ये क़ानून 50 हज़ार रुपए प्रति माह से कम वेतन वाली नौकरियों पर लागू होगा.

    - राज्य में चल रही उन कंपनियों, सोसाइटी, ट्रस्ट, फर्म पर यह नियम लागू होगा, जिनमें 10 से ज्यादा कर्मचारी हैं. सभी कंपनियों को 3 महीने में सरकार के पोर्टल पर बताना होगा कि उनके यहाँ 50 हजार तक के वेतन वाले कितने पद हैं और इन पर काम करने वाले कितने लोग हरियाणा के निवासी हैं.

    - डेटा अपलोड करने तक कंपनियां नए लोगों को नौकरी पर नहीं रख सकतीं. क़ानून में ये भी है कि कंपनी प्रबंधन चाहे तो एक जिले से 10% से ज़्यादा कर्मचारी रखने पर रोक लगा सकता है. हर कंपनी को हर तीन महीने में इस क़ानून को लागू करने की स्टेटस रिपोर्ट सरकार को देनी होगी.

    - क़ानून का पालन ना करने वाली कंपनियों पर इस बिल के प्रावधानों के तहत कार्रवाई होगी. इसमें पैनल्टी लग सकती है और सब्सिडी रद्द की जा सकती है. यह कानून अगले 10 साल तक लागू रहेगा.

    हरियाणा सरकार का कहना है कि इससे राज्य के युवाओं को आगे बढ़ने के मौके मिलेंगे. सस्ते श्रम से राज्य के संसाधनों पर पड़ रहा दबाव कम होगा.

    लेकिन, औद्योगिक संगठन स्किल्ड लेबर ना मिलने की बात कहते हैं तो बाहरी लोग नौकरी के मौकों को लेकर चिंता में हैं.

  7. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पंजाब के सीएम चन्नी को जवाब

    पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के यूपी और बिहार के लोगों के बारे में की गई टिप्पणी पर विवाद बढ़ता ही जा रहा है.

    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है, “पंजाब में बिहार के लोगों की कितनी बड़ी भूमिका है, बिहार के लोगों ने कितनी सेवा की है. हमें तो आश्चर्य लगता है कि ऐसी बात लोग कैसे बोल देते हैं.”

    दरअसल, बुधवार को पंजाब के मुख्यमंत्री और प्रियंका गांधी साथ में चुनाव प्रचार कर रहे थे. इस दौरान चरणजीत सिंह चन्नी कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के सामने कहा- “प्रियंका गांधी भी पंजाबन हैं और पंजाब की बहू हैं, सारे पंजाबी एक हो जाओ, हम यूपी, बिहार और दिल्ली के भइया जो पंजाब में राज करना चाहते हैं, हम उन्हें घुसने नहीं देंगे. जब चन्नी ये कहते हैं तो प्रियंका गांधी वीडियो में ताली बजाती दिख रही हैं.”

    बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्वीट किया है. उन्होंने ट्वीट किया है, “यूपी बिहार के लोगों के पसीने और खून पर आपके महल बनें हैं. प्यार से बोलने पर "भैया" हैं पर अपमान करने वाले को याद दिला देते "मैया" हैं. प्रियंका गांधी जी, आपकी तालियां और अपमान भरी हंसी यूपी बिहार के लोग भूलेंगे नहीं. हम यूपी बिहार वाले बनाना जानते हैं , तो हटाना भी जानते है”

  8. भारत और यूक्रेन के बीच उड़ानों की संख्या पर पाबंदी हटाई गई

    भारत ने यूक्रेन की स्थिति को देखते हुए दोनों देशों के बीच उड़ानों की संख्या पर पाबंदी हटा ली है. नागरिक उड्डयन मंत्रालय के मुताबिक़ अब एयर बबल व्यवस्था के अंतर्गत उड़ानों की संख्या पर कोई पाबंदी नहीं रहेगी. मंत्रालय के मुताबिक़ दोनों देशों के बीच फ़्लाइट्स और चार्टर फ़्लाइट्स की संख्या सीमित नहीं की जाएगी.

    दरअसल रूस और यूक्रेन के बीच जारी तनाव के बीच भारतीय दूतावास ने वहाँ रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए पिछले दिनों एडवाइजरी जारी की थी. एडवाइजरी में कहा गया था कि अगर उनका वहाँ रहना बहुत ज़रूरी न हो तो वे अस्थायी रूप से वापस लौट सकते हैं.

    इसके बाद भारत आने वाली उड़ानों की सीमित संख्या के कारण परेशानी हो रही थी और लोग मांग कर रहे थे कि उड़ानों की संख्या बढ़ाई जाए. अब नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कोरोना के कारण लगी पाबंदी हटा ली है. इस मामले में नागरिड उड्डयन मंत्रालय विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर काम कर रहा है.

  9. चन्नी के बयान पर शिवसेना सांसद ने कहा- यूपी और बिहार के लोगों का मज़ाक उड़ाना बंद करो

    पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के यूपी और बिहार के लोगों के बारे में टिप्पणी को लेकर सियासी घमासान जारी है. भारतीय जनता पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और जनता दल यूनाइटेड ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है. लेकिन अब शिवसेना की सांसद ने इस पर कड़ी टिप्पणी की है. हालाँकि शिवसेना पर बिहार और यूपी के लोगों को लेकर आक्रामक रुख़ अख़्तियार करने के आरोप लगते रहे हैं. एक समय ऐसा भी था, जब शिवसेना ने महाराष्ट्र में रहने वाले बिहार और यूपी के लोगों के ख़िलाफ़ जंग छेड़ा था.

    लेकिन अब शिवसेना की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने पंजाब के मुख्यमंत्री का नाम लिए बिना कहा है कि बिहार और यूपी के लोगों का मज़ाक उड़ाना बंद कीजिए. उन्होंने ट्वीट कर लिखा है कि राजनीतिक दलों ने बिहार और यूपी के लोगों को निराश किया है और इसी कारण जिनके पास विकल्प थे, वे वहाँ से पलायन कर गए, ठीक वैसे ही जैसे भारतीय विदेश जाना चाहते हैं.

    प्रियंका चतुर्वेदी ने लिखा है-कई सरकारों ने उन्हें न मौक़ा दिया और न ही नौकरी. लेकिन जब ये लोग दूसरे राज्यों में जाते हैं, तो वहाँ की अर्थव्यवस्था में अपना योगदान देते हैं. शिवसेना सांसद ने ट्विटर पर लिखा है- अपने आसपास देखिए. वे आपके असंगठित मज़दूर हैं और कभी कभी आपके सस्ते श्रम. वे आपको सेवा देने वाले हैं. वे आपके व्यवसायी हैं, वे आपके उद्यमी हैं, वे आपके विधायक और सांसद हैं, वे आपके नौकरशाह हैं. और सबसे अहम बात ये कि वे भारतीय हैं. उनका मज़ाक उड़ाना बंद कीजिए.

    बुधवार को पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के सामने ये कहते दिख रहे हैं -प्रियंका गांधी भी पंजाबन हैं और पंजाब की बहू हैं, सारे पंजाबी एक हो जाओ, हम यूपी, बिहार और दिल्ली के भइया जो पंजाब में राज करना चाहते हैं, हम उन्हें घुसने नहीं देंगे. जब चन्नी ये कहते हैं तो प्रियंका गांधी वीडियो में ताली बजाती दिख रही हैं.

    चन्नी का ये वीडियो वायरल होते ही बीजेपी ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की. बिहार में सत्तारूढ़ जनता दल यू ने इस पर आपत्ति जताई और कांग्रेस से माफ़ी मांगने को कहा. बसपा प्रमुख मायावती ने भी ट्वीट कर कहा कि ये शर्मनाक है और पंजाब और यूपी के लोग कांग्रेस को सबक सिखाएँ. साथ ही बिहार के लोग इसका संज्ञान लें.

  10. कांग्रेस में हम किराएदार नहीं हिस्सेदार हैं- मनीष तिवारी

    कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई को दिए एक साक्षात्कार में कहा है कि वे कांग्रेस पार्टी में किराएदार नहीं बल्कि हिस्सेदार हैं.

    उन्होंने अपने बयान में कहा, “मैंने कई बार ये बात पहले भी कही है कि हम कांग्रेस पार्टी में किराएदार नहीं हैं हम हिस्सेदार हैं. हां कोई धक्का देकर निकालेगा वो दूसरी बात है. हमने 40 साल अपनी ज़िंदगी के पार्टी को दिए हैं, हमारे परिवार ने पार्टी के लिए ख़ून बहाया है.”

    मनीष तिवारी ने एक सवाल के जवाब में यह कहा. मनीष तिवारी से सवाल किया गया कि ऐसी अफ़वाह है कि वह भी बीजेपी में जा सकते हैं.

    इस सवाल के जवाब में मनीष तिवारी ने कहा कि हम एक विचारात्मक सियासत मे विश्वास रखते हैं, अगर कोई धक्का देकर निकालेगा फिर तो दूसरी बात है.

    इससे पूर्व मनीष तिवारी ने एक ट्वीट भी किया था.

    उन्होंने ट्वीट किया-

    बीते मंगलवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार ने कांग्रेस से रिश्ता तोड़ लिया था. उनके पार्टी छोड़ने पर कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने चिंता ज़ाहिर की थी.

    मनीष तिवारी ने कहा था, 'दुर्भाग्यपूर्ण है कि अश्विनी कुमार को यह फ़ैसला करना पड़ा.'

  11. कोरोना अपडेट - बीते 24 घंटे में संक्रमण के 30 हज़ार से अधिक नए मामले

    बीते 24 घंटों में क़रीब 67 हज़ार कोरोना मरीज़ों की तबीयत ठीक हुई है.

  12. उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में हादसा, 13 लड़कियों और महिलाओं की मौत

    उत्तर प्रदेश के कुशीनगर के नौरंगिया टोला गांव में हुए एक हादसे में 13 लड़कियों और महिलाओं की मौत हो गयी है.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके मरने वालों के परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की है.

    पीएम ने ट्वीट किया है – “उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में हुआ हादसा हृदयविदारक है. इसमें जिन लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है, उनके परिजनों के प्रति मैं अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं. इसके साथ ही घायलों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं. स्थानीय प्रशासन हर संभव मदद में जुटा है.”

    सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी ट्वीट करके हादसे पर शोक जताया है.

    उन्होंने ट्वीट किया है-

    “जनपद कुशीनगर के ग्राम नौरंगिया स्कूल टोला की एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना में हुई ग्रामवासियों की मृत्यु अत्यंत दुःखद है. मेरी संवेदनाएं मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं.”

    न्यूज़ एजेंसी एएनआई ने कुशीनगर के ज़िलाधिकारी एस राजलिंगम के हवाले से लिखा है, “नौरंगिया टोला गांव में एक पुराना कुआं था जो स्लैप से ढका था. पूजा-पाठ के दौरान बच्चे और महिलाएं उसके ऊपर बैठे हुए थे, इस दौरान स्लैप नीचे चला गया और मलबा उनके ऊपर गिर गया.”

  13. बीजेपी के ख़िलाफ़ मोर्चा खोलने वाले केसीआर को पीएम ने दी जन्मदिन की बधाई

    तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव का आज जन्मदिन है. इस मौक़े पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके उन्हें बधाई दी है.

    पीएम मोदी ने ट्वीट किया है, “तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर गारू को जन्मदिन की बधाई. उनके लंबे और स्वस्थ जीवन के लिए प्रार्थना.”

    तेलंगाना के मुख्यमंत्री बीते कुछ दिनों से लगातार बीजेपी को लेकर हमलावर हैं.

    एक समय बीजेपी के प्रति नरम रुख़ रखने वाले केसीआर आजकल काफ़ी आक्रामक हैं. केसीआर ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को निशाना बनाया था. केसीआर ने हिमंत बिस्वा सरमा के राहुल गांधी पर की गई विवादास्पद टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताई थी और माफ़ी मांगने को कहा था.

    इसके बाद केसीआर ने सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल को सही कहा था. उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा था कि राहुल गांधी ने सर्जिकल स्ट्राइक का सबूत मांगकर कुछ भी ग़लत नहीं किया है. उन्होंने कहा था, ''राहुल गांधी ने अगर सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांगे हैं, तो इसमें कुछ भी ग़लत नहीं है. इसमें क्या गलत है, अब मैं भी पूछ रहा हूँ, केंद्र सरकार को सबूत दिखाना चाहिए. बीजेपी फ़ेक प्रोपेगैंडा फैलाती है, इसलिए लोग सबूत मांग रहे हैं.''

    बीजेपी ने केसीआर के इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई थी. केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और जी किशन रेड्डी ने के चंद्रशेखर राव के बयान को गैर-जिम्मेदाराना बताया था.

    केसीआर 20 फरवरी को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मुलाक़ात करेंगे.

    कुछ दिनों पहले पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने भी तेलंगाना के सीएम केसीआर और तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन को फ़ोन करके ग़ैर बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक की बात कही थी.

  14. लड़कियों का स्कूल लौटना अफ़ग़ानिस्तान के लिए बेहद ज़रूरी - करज़ई

    अफ़ग़ानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान की हर लड़की को निश्चित रूप से दोबारा स्कूल जाना चाहिए.

    टोलो न्यूज़ के मुताबिक़, पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि भले ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस बारे में ज़्यादा नहीं बोल रहा है, लेकिन लड़कियों का दोबारा स्कूल लौटना अफ़ग़ानिस्तान की बेहतरी के लिए बेहद ज़रूरी है.

    हामिद करज़ई ने कहा कि लड़कियों का स्कूल लौटना और महिलाओं को काम करने की छूट मिलना, अफ़ग़ानिस्तान की मांग है.

    अफ़ग़ानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति ने फ़्रांस 24 को दिए एक साक्षात्कार में यह बातें कहीं.

    करज़ई ने कहा कि तालिबान सरकार को मान्यता प्राप्त करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर कुछ शुरुआती क़दम उठाने की आवश्यकता है.

    उन्होंने कहा- “अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मान्यता मिलने के मसले पर मेरा सिर्फ़ इतना ही कहना है कि हमें पहले अपने घर यानी अफ़ग़ानिस्तान को व्यवस्थित करने की ज़रूरत है.”

    करज़ई ने कहा कि मौजूदा तालिबान सरकार की पहली ज़िम्मेदारी यह है कि वह अफ़ग़ानिस्तान में रह रहे हर एक शख़्स को एक बेहतर जीवन दे. इसके साथ ही पूर्व राष्ट्रपति ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से अमेरिकी बैकों में जमा अफ़ग़ानिस्तान की संपत्ति पर जल्द से जल्द विचार करने का आग्रह किया है.

  15. यूक्रेन की सीमा पर तैनात सैनिकों की संख्या घटाने का रूस का दावा ग़लत- अमेरिका

    एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने कहा है कि यूक्रेन की सीमा पर तैनात सैनिकों की संख्या में कमी करने का रूस का दावा ग़लत है.

    उन्होंने कहा कि रूस दावा कर रहा है कि वह सीमा पर तैनात सैनिकों की संख्या घटा रहा है, लेकिन यह ‘झूठा’ दावा है.

    इन अमेरिकी अधिकारी का दावा है कि हाल के दिनों में रूस ने यूक्रेन से लगी सीमा पर सात हज़ार अतिरिक्त सैनिक तैनात किए हैं.

    इस अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक़, रूस किसी भी समय यूक्रेन पर आक्रमण कर सकता है. वहीं रूस की ओर से दावा किया गया है कि उनका सैन्य अभ्यास पूरा हो चुका है और अब वह सीमा पर तैनात सैनिकों को हटा रहा है.

    हालांकि अमेरिका समेत तमाम पश्चिमी देशों का आरोप है कि उन्हें रूस के दावे के संदर्भ में कोई सबूत या संकेत नहीं मिला है.

    रूस से लगी यूक्रेन की सीमा पर एक लाख से अधिक रूसी सैनिक तैनात हैं जोकि सभी प्रकार के युद्धक हथियारों से लैस हैं.

    एक ओर जहां अमेरिका हर रोज़ अलग-अलग तरह से यह दावा कर रहा है कि रूस यूक्रेन पर हमले की योजना बना रहा है, वहीं रूस ने इन दावों को ख़ारिज किया है. रूस का कहना है कि उसकी यूक्रेन पर आक्रमण करने की कोई योजना नहीं है.

    व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा, "कल, रूस की सरकार ने दावा किया कि वह यूक्रेन की सीमा से सैनिकों को वापस बुला रही है. इस दावे ने दुनियाभर का ध्यान आकर्षित किया, लेकिन अब हमें यह पता चल चुका है कि यह दावा ग़लत था."

    नेटो के महासचिव जेन्स स्टोल्टेनबर्ग ने भी कहा है कि इस बात के कोई संकेत नहीं है कि रूस सीमा पर तैनात सैनिकों की संख्या कम कर रहा है. बुधवार को पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि रूस से ख़तरा, अब न्यू नॉर्मल हो गया है.

  16. नमस्कार!

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