बिग बॉस से सुर्ख़ियों में आए राखी सांवत और रितेश सिंह अलग होंगे
बिग बॉस कंटेस्टेंट राखी सावंत और उनके पति रितेश सिंह अलग होंगे. टीवी अभिनेत्री राखी सावंत ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस बात की जानकारी दी है.
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एक हफ्ते के गतिरोध के बाद कनाडा ने ब्रिज से प्रदर्शनकारियों को हटाया

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कनाडा और अमेरिका के बीच एक अहम ब्रिज को प्रदर्शनकारियों ने ठप किया हुआ था. इस वजह से सामानों की आवाजाही रुक गई थी. एक हफ्ते चले इस गतिरोध के बाद अब पुलिस ने इस ब्रिज से प्रदर्शनकारियों को हटा दिया है.
ट्रकों की हड़ताल की वजह से कनाडा में संकट खड़ा हो गया था. कोविड वैक्सीन सर्टिफिकेशन के ख़िलाफ़ सैंकड़ों ट्रकों ने ऑन्टेरियो के विंडसर में एंबेसडर ब्रिज को ठप किया हुआ था.
एक जज ने शुक्रवार को धरना ख़त्म करने के आदेश दिए थे लेकिन इसके बाद भी धरना जारी रहा. अब पुलिस ने रोड को खाली करा लिया है लेकिन ब्रिज अब भी बंद है. शनिवार की सुबह प्रदर्शन को रोकने के लिए कदम उठाए गए और पुलिस के आदेश की वजह से कुछ गाड़ियां शांतिपूर्वक चली गई थीं.
लेकिन जैसे ही पुलिस की कार्रवाई की ख़बर फैली, बड़ी संख्या में दूसरे प्रदर्शनकारी भी ब्रिज पर जमा हो गए. रविवार की सुबह, कुछ ही प्रदर्शनकारी ब्रिज पर धरना दे रहे थे, पुलिस ने अपनी कार्रवाई दोबारा से शुरू की, कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया.
क्यों हो रहा था विरोध?
कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने एक आदेश जारी किया है जिसके मुताबिक़, अमेरिका से आने वाले उन्हीं ट्रक चालकों को कनाडा में प्रवेश करने दिया जाएगा, जिन्होंने कोरोना वैक्सीन लगवा रखी हो वरना उन्हें क्वारंटीन होना पड़ेगा. ट्रक ड्राइवर्स के संगठन के इस नियम का विरोध कर रहे हैं.
लेकिन, प्रदर्शनकारी सिर्फ़ इसलिए एकजुट नहीं थे क्योंकि वो एक ही पेशे में हैं बल्कि कुछ मसलों ने उन्हें एकसाथ जोड़कर रखा था, जैसे वैक्सीन को लेकर भरोसे की कमी, सरकार से धोखा मिलने का डर और प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के प्रति नापसंदगी.
बिग बॉस से सुर्ख़ियों में आए राखी सांवत और रितेश सिंह अलग होंगे

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बिग बॉस कंटेस्टेंट राखी सावंत और उनके पति रितेश सिंह अलग होंगे. टीवी अभिनेत्री राखी सावंत ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस बात की जानकारी दी है.
राखी सावंत और रितेश सिंह के रिश्ते को लेकर बिग बॉस के पिछले सीज़न्स में भी चर्चा हो चुकी है, जब राखी ने खु़द बताया था उनके पति का नाम रितेश सिंह है.
रियलिटी शो के हालिया सीजन में रितेश सिंह और राखी सावंत एक साथ सामने आए. वो बिग बॉस का हिस्सा भी रहे और दोनों के बीच के रिश्तों को लेकर कई टिप्पणियां भी सामने आईं.
ख़ुद शो के एंकर सलमान ख़ान ने रितेश सिंह को राखी सांवत के साथ अच्छी तरह से पेश आने की चेतावनी दी थी. शो में कई बार दोनों के पति-पत्नी के रिश्ते पर सवाल भी उठाए गए थे.
अब राखी सावंत ने एक इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा है कि दोनों ने अलग रहने का फैसला किया है.
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राखी ने अपने पोस्ट में लिखा है कि बिग बॉस से बाहर आने के बाद दोनों ने मतभेदों को दूर करने की काफी कोशिश की लेकिन बात नहीं बन सकी. ऐसे में दोनों ने अलग रहने का फैसला किया है.
राखी सावंत ने आगे की ज़िंदगी के लिए रितेश सिंह को शुभकामनाएं दी हैं, साथ ही ये भी कहा है कि उन्हें अभी इस वक्त अपने काम, ज़िंदगी और फैमिली पर फोकस करना है.
एक दिन हिजाब पहन कर इस देश की बेटी प्रधानमंत्री भी बनेगीः ओवैसी

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कर्नाटक में चल रहे हिजाब पर विवाद के बीच एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि एक दिन ऐसा आएगा जब हिजाब पहन कर इस देश की बेटी प्रधानमंत्री भी बनेगी.
ओवैसी ने ट्विटर पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वो कहते दिख रहे हैं कि हिजाब पहनकर लड़कियां कॉलेज तो जाएंगी ही साथ ही डॉक्टर, कलेक्टर, जज और बिजनेस वीमन भी बनेंगी.
वो आगे कहते हैं, ''शायद तब तक मैं ज़िंदा नहीं रहूँगा, लेकिन तुम देखना एक दिन हिजाब पहन कर इस देश की बेटी प्रधानमंत्री भी बनेगी.''
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कर्नाटक में हिजाब को लेकर जो लड़कियां प्रदर्शन कर रही थीं, ओवैसी उनके समर्थन में दिखे थे.
एक वीडियो भी वायरल हुआ था जिसमें भगवा गमछा-पाटा ओढ़े और उग्र नारेबाज़ी करते हुए कुछ लोग हिजाब पहने छात्रा की ओर बढ़ते हैं जिसके बाद वो लड़की जवाब में भीड़ की ओर पलटकर दोनों हाथ उठाकर अल्लाहु अकबर का नारा लगाने लगती है.
भीड़ के सामने डटी इस छात्रा का नाम मुस्कान है, इस घटना के बाद ओवैसी ने मुस्कान से बातचीत भी की थी.
हाल ही में एआईएमआईएम सांसद ने हिजाब का यही मामला उठाते हुए कहा था, ''मुझे सुरक्षा देकर अगर आप कर्नाटक की बहादुर बेटी मुस्कान को सुरक्षा नही देंगे तो मेरी सुरक्षा का क्या फायदा?''.
ओवैसी पर हाल ही में उत्तर प्रदेश में हमला भी हुआ था जिसके बाद संसद में अमित शाह ने ओवैसी से केंद्र की तरफ़ से दी जा रही सिक्योरिटी लेने की अपील की थी. ओवैसी ने सिक्योरिटी लेने से इनकार कर दिया था.
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ओवैसी ने इस मामले पर कहा था, ''सुरक्षा ओवैसी को नहीं, मुस्कान को मिलनी चाहिए, अगर मुस्कान सुरक्षित नहीं तो ओवैसी भी सुरक्षित नहीं.''
बता दें कि कर्नाटक में हिजाब पर हुए विवाद के मामला इतना बढ़ गया था कि राज्य सरकार को स्कूल-कॉलेज बंद करने का एलान करना पड़ा था. मामला पर कर्नाटक हाईकोर्ट में सुनवाई भी चल रही है.
गुरुग्राम के पब पर विकलांग महिला का आरोप- "व्हीलचेयर की वजह से एंट्री पर लगाया गया बैन"

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गुरुग्राम के एक पॉपुलर पब पर एक विकलांग महिला ने व्हीलचेयर की वजह से अंदर नहीं जाने देने का आरोप लगाया है. वहीं पब के मैनेजमेंट ने महिला से माफ़ी मांगते हुए इस मामले में उपयुक्त क़दम उठाने की बात कही है.
सृष्टि पांडेय नाम की महिला ने ट्विटर पर एक के बाद एक किए गए कई ट्वीट में ये आरोप लगाए हैं.
ये ट्वीट अब सोशल मीडिया पर सर्कुलेट हो रहा है. सृष्टि का आरोप है कि ''रास्ता'' नाम के एक पब ने कई बार कहने के बावजूद उन्हें एंट्री नहीं दी क्योंकि वो व्हीलचेयर पर थीं.
न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, पब के मैनेजर का कहना था कि उन्हें एंट्री देने से मना नहीं किया गया था, डांस फ्लोर पर जाने से रोका गया था. लेकिन बाद में पब की तरफ़ से माफ़ी मांगी गई.
12 फ़रवरी को किए गए ट्वीट में सृष्टि ने लिखा है, ''मैं कल रात अपनी दोस्त और उसके परिवार के साथ गुरुग्राम के ''रास्ता'' पब में गई हुई थी. लंबे समय के गैप के बाद ये मेरी पहली आउटिंग थी और मैं मज़े करना चाह रही थी. भैया (मेरे दोस्त के बड़े भाई) ने चार के लिए एक टेबल मांगी. स्टाफ ने दो बार नज़रअंदाज किया.''
उन्होंने लिखा, ''जब तीसरी बार टेबल के लिए पूछा तो स्टाफ ने जवाब दिया कि व्हीलचेयर अंदर नहीं जाएगी. हमने सोचा कि एक्सेसिबिलिटी की वजह से वो मना कर रहे थे, लेकिन ऐसा नहीं था. हमने उन्हें बताया कि हम मैनेज कर लेंगे, सिर्फ़ एक टेबल बुक कर दो. उसके बाद स्टाफ ने जो कहा उससे हम सब हैरान रह गए. स्टाफ ने मेरी तरफ़ इशारा करते हुए कहा कि अंदर कस्टमर डिस्टर्ब हो जाएंगे और हमें अंदर जाने से मना कर दिया. बहुत बहस के बाद वो हमें बाहर टेबल देने के लिए तैयार हुए. लेकिन बाहर बैठना बेकार था, ठंड हो रही थी. इतनी ठंड में मैं नहीं बैठ सकती थी.''
पब ने मांगी माफ़ी
सृष्टि पांडेय ने इस वाकये से जुड़ा एक वीडियो भी शेयर किया है. वहीं पब ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए माफ़ी मांगी है.
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पोस्ट में पब की तरफ़ से कहा गया है, ''हम नहीं चाहेंगे कि कभी कोई किसी वजह से अकेला महसूस करे, हम समावेशिता के पक्षधर हैं. हम पीड़ित पक्ष से व्यक्तिगत तौर पर माफ़ी मांग चुके हैं और ऐसा फिर कभी न हो इसके लिए हम आंतरिक तौर पर कदम उठा रहे हैं.''
पीटीआई ने इस बीच डीएलएफ फेज़ 2 पुलिस स्टेशन के एसएचओ इंस्पेक्टर पवन मलिक से बात की है. मलिक का कहना है कि इस मामले में अभी कोई शिकायत दर्ज़ नहीं कराई गई है.
LIVE: डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर', 13 फ़रवरी 2022, सुनिए वात्सल्य राय से.
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अमित शाह के "धोबी का..." वाले बयान पर बोले हरीश रावत, "मैं काटूंगा भी"

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उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार का शोर थम चुका है. सोमवार को यहाँ वोटिंग है. लेकिन वार-पलटवार का दौर अब भी नहीं थमा है.
गृहमंत्री अमित शाह ने एक रैली को संबोधित करते हुए उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के लिए मुहावरे का इस्तेमाल किया था. उन्होंने कहा था, ''ये बेचारे हरीश रावत को नेता बनाएंगे या नहीं बनाएंगे, टिकट देंगे या नहीं देंगे, यहां से देंगे वहां से देंगे, ये धोबी का.... न घर का न घाट का.''
हरीश रावत का कहना है कि अमित शाह ने सिर्फ़ ''कुत्ता'' शब्द नहीं कहा, बाकी सबकुछ कह दिया.
हरीश रावत ने एक वीडियो शेयर करते हुए कहा है, ''एक उत्तराखंडी को गाली देने काम मतलब क्या है? आपके इन शब्दों ने उत्तराखंडियों के प्रति भाजपा की निकृष्ट सोच को प्रदर्शित कर दिया है. मैं भगवान भैरव का भक्त हूँ, उत्तराखंड और उत्तराखंडियत की रक्षा के लिए मुझे जो कुछ करना पड़ेगा,मैं करूँगा.''
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हरीश रावत का कहना है कि उत्तराखंड में प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह और बीजेपी के जो भी मुख्यमंत्री या मंत्री आ रहे हैं वो उनपर (रावत) निशाना साध रहे हैं.
शाह के बयान पर रावत ने कहा, ''कुत्ता तो भगवान भैरव का अंश होता है, मैं उनकी नज़र में कुत्ता हूं तो उत्तराखंड का ही हूँ. उत्तराखण्ड के लिए ही भौंकूँगा, अगर उत्तराखंड के लोगों को चोट पहुंची थी मैं काटूँगा भी.''
यूक्रेन संकट: यूक्रेन के राष्ट्रपति ने की शांति की अपील, अमेरिका ने दूतावास खाली करने का किया बचाव

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यूक्रेन पर रूस के हमले की आशंका के बीच एक तरफ़ यूक्रेन शांति की अपील कर रहा है. दूसरी तरफ़ अमेरिका कीव में अपने दूतावास को खाली करने को सही ठहरा रहा है.
अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा है कि यूक्रेन में रूसी सैन्य कार्रवाई की धमकी कीव में अमेरिकी दूतावास को खाली करने को सही ठहराती है.
ब्लिंकन ने ये बयान ऐसे समय में दिया है जब यूक्रेन के राष्ट्रपति ने शांति की अपील करते हुए कहा है कि सबसे भगदड़ का माहौल ही सबसे बड़ा दुश्मन है.
बता दें कि रूस के क़रीब 1 लाख सैनिक यूक्रेन की सीमा पर तैनात हैं, रूस ने बार-बार किसी भी हमले की योजना से इनकार किया है लेकिन इसके बावजूद यूक्रेन पर हमले की आशंका बनी हुई है.
इस बीच 10 से ज़्यादा देशों ने यूक्रेन में रह रहे अपने नागरिकों से देश छोड़ देने की अपील की है. ब्रिटेन, अमेरिका और जर्मनी ऐसे देशों में शामिल हैं. शनिवार को कीव में अपने दूतावास से ज़्यादातर कर्मचारियों को निकालने के अमेरिका के फैसले के बाद कनाडा और ऑस्ट्रेलिया ने भी ऐसे ही कदम उठाए हैं.
ब्लिंकन का कहना है कि सैन्य कार्रवाई का ख़तरा अधिक है ऐसे में लोगों को बाहर निकालने का काम ज़रूरी है. वहीं इस तरह की भगदड़ को देखते हुए यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने शांति बनाए रखने की अपील की थी. साथ ही ये भी कहा था कि इस तरह का दहशत का माहौल ही लोगों का सबसे बड़ा दुश्मन है.
इस क्षेत्र में पसरे तनाव को कम करने की लगातार कोशिशें भी चल रही हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन से फोन पर बातचीत कर चेतावनी दी है कि अगर रूस ने अपने सैनिक यूक्रेन में भेजे तो गंभीर नतीज़े भुगतने पड़ सकते हैं.
उन्नाव में दलित लड़की का शव मिलने के बाद उनके परिवार वालों ने क्या कहा?
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LIVE: अकाली दल की कैसी है स्थिति? सुखबीर बादल के चुनावी अभियान में मौजूद हैं बीबीसी संवाददाता अरविंद छाबड़ा
पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए पार्टियों का चुनाव अभियान जारी है. ऐसे में हमने अकाली दल की स्थिति जानने की कोशिश की. सुखबीर बादल के चुनावी अभियान में बीबीसी संवाददाता अरविंद छाबड़ा मौजूद हैं.
अरुंधति रॉय हिन्दू राष्ट्र और मोदी सरकार पर क्या बोलीं?
योगी आदित्यनाथ की टिप्पणी पर प्रियंका गांधी का जवाब, ''भाई के लिए अपनी जान दे दूंगी''

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को एक ट्वीट में बिना नाम लिए प्रियंका गांधी और राहुल गांधी पर निशाना साधा था. उन्होंने ट्वीट में लिखा था, ''भाई-बहन के आपसी विवाद और वर्चस्व के कारण कांग्रेस डूब जाएगी.''
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अब इस ट्वीट पर प्रियंका गांधी की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने न्यूज़ एज़ेंसी एएनआई से कहा है कि शायद ऐसा विवाद प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह और योगी आदित्यनाथ के बीच चल रहा है, जिसकी वजह से उन्हें टिप्पणी करनी पड़ रही है.
प्रियंका गांधी ने ये भी कहा कि वो अपने भाई (राहुल गांधी) के लिए जान भी दे सकती हैं.
उन्होंने कहा, ''मैं अपने भाई के लिए अपनी जान दे दूंगी और मेरा भाई भी मेरे लिए अपनी जान दे देगा तो विवाद कौन-सा? योगी जी के मन में विवाद है.''
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बता दें कि पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के बीच राजनीतिक पार्टियां एक दूसरे पर जमकर आरोप-प्रत्यारोप लगा रही हैं. साथ ही नेताओं की एक दूसरे पर निजी टिप्पणियां भी देखने को मिल रही हैं.
कनाडा में नाकाबंदी से परेशानी, अमेरिका से आवाजाही ठप

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इमेज कैप्शन, कनाडा में ट्रक चालकों का विरोध प्रदर्शन ट्रकों की हड़ताल के कारण कनाडा और अमेरिका के सामने संकट खड़ा हो गया है.
सैंकड़ों ट्रकों ने ऑन्टेरियो के विंडसर में एंबेसडर ब्रिज को ठप किया हुआ है. यहां से सामानों की आवाजाही रुक गई है. कोई सामान ना अमेरिका जा पा रहा है और ना वहां से आ रहा है.
50 हज़ार से ज़्यादा प्रदर्शनकारियों ने ब्रिज को जाम किया हुआ है. इसके चलते ऑन्टेरियो में इमर्जेंसी की घोषणा की गई है और कोर्ट ने भी मामले में दखल दिया है. वहीं, राजधानी ओटावा में भी विरोध प्रदर्शन चल रहा है.
ब्रिज से प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस कार्रवाई भी की गई लेकिन कोई सफलता नहीं मिली. प्रदर्शनकारी अब भी वहाँ डटे हुए हैं. ऐसे में इस गतिरोध का क्या समाधान है.
पुलिस यहाँ बसों में पहुंची थी. उनके चेहरे आधे ढके हुए थे और उनके हाथों में लंबी बंदूकें थीं. वह दर्जनों विरोध प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए तैयार थे.
वहाँ छोटे ट्रक और गाड़ियां खड़ी थीं जिन पर कनाडा का झंडा लगा था. वैक्सीनेशन और जस्टिन ट्रूडो के विरोध में नारे लग रहे थे. वहाँ कुछ बड़े कमर्शियल ट्रक भी थे.
लगभग दो किमी. की सड़क पर करीब 100 गाड़ियां खड़ी की गई हैं. ये सड़क ब्रिज की तरफ़ जाती है और एक हफ़्ते में गाड़ियां यहाँ तक भी पहुंच सकती हैं.

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क्या है विरोध की वजह
इस विरोध प्रदर्शन की वजह है कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो का दिया एक आदेश. इसके तहत अमेरिका से आने वाले उन्हीं ट्रक चालकों को कनाडा में प्रवेश करने दिया जाएगा, जिन्होंने कोरोना वैक्सीन लगवा रखी हो वरना उन्हें क्वारंटीन होना पड़ेगा. ट्रक ड्राइवर्स के संगठन के इस नियम का विरोध कर रहे हैं.
लेकिन, यहाँ मौजूद प्रदर्शनकारी सिर्फ़ इसलिए एकजुट नहीं हैं क्योंकि वो एक ही पेशे में हैं बल्कि कुछ मसलों ने उन्हें एकसाथ जोड़ रहा है. जैसे वैक्सीन को लेकर भरोसे की कमी, सरकार से धोखा मिलने का डर और प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के प्रति नापसंदगी.
बारह घंटों से भी अधिक समय बाद कोर्ट ने विंडसर से प्रदशर्नकारियों को हटाने के आदेश दिए. पुलिस शनिवार सुबह यहाँ पहुंची. कई गाड़ियां तुरंत चली गईं लेकिन फिर भी विरोध प्रदर्शन ख़त्म नहीं हुआ.
विंडसर पुलिस सर्विस के डिप्टी चीफ़ ऑपरेशंस जेसन बेलेयर ने कहा कि और गाड़ियां शाम तक उठा ली जाएंगी. लेकिन, गाड़ियां अभी समस्या नहीं हैं. दिक्क़त लोगों से है.
उन्होंने बीबीसी से कहा, ‘‘हम उन्हें स्पष्ट करने की ज़रूरत है कि वो यहां नहीं रुक सकते और ब्रिज को बाधित नहीं कर सकते.’’
कई गाड़ियां चली गई हैं लेकिन लोगों ने सड़कों को जाम किया हुआ है.

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क्या कहते हैं प्रदर्शनकारी
एक प्रदर्शनकारी टीन ने कहा, ‘‘वो (सरकार में नेता) भगवान के नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं.’’
इस नौजवान महिला की आंखें छलक आती हैं जब वो बताती हैं कि कैसे वैक्सीन की अनिवार्यता से उनके परिवार पर प्रभाव पड़ा है.
उन्होंने कहा, ‘‘अगर मेरा परिवार बीमार हो जाता है तो मैं उनके पास रहना चाहती हूं. मैंने कई परिवारों को अकेले मरते देखा है. ये सही नहीं है.’’
पुलिस प्रदर्शनकारियों को पीछे हटा रही है लेकिन उन्हें खास सफलता नहीं मिली है. उन्होंने जिन सड़कों को घेरा है उसमें प्रवेश के कई रास्ते हैं. आसपास आवासीय इलाक़ा भी है. लोग यहां आसानी से आ रहे हैं और विरोध प्रदर्शन बढ़ रहा है.
कनाडा में 90 प्रतिशत वैक्सीनेशन दर है जो कि अमेरिका से बहुत ज़्यादा है. देश के कई हिस्सों बार, जिम और रेस्टोरेंट में वैक्सीनेशन का सबूत दिखाना ज़रूरी है.
एक विरोध प्रदर्शनकारी डैन ने कहा, ‘‘वो हमें यहां से भगाने जा रहे हैं. हम शांतिपूर्ण रहेंगे और हाथ पकड़कर एकता दिखाएंगे.’’
फिलहाल गतिरोध की स्थिति बनी हुई और पुलिस प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश कर रही है.
डिप्टी चीफ़ जेसन बेलेयर कहते हैं, ‘‘हम उन्हें समझा रहे हैं, उनसे बात कर रहे हैं ताकि सबकुछ शांतिपूर्ण तरीके से हल हो जाए.’’

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राजधानी में प्रदर्शन
वहीं, इस इलाक़े से 750 किमी पूर्व राजधानी ओटावा में भी विरोध प्रदर्शन चल रहा है जो शांत नहीं हो रहा है.
इस विरोध प्रदर्शन में विंडसर के मुक़ाबले कहीं ज़्यादा लोग हैं. हज़ारों लोग कनाडा के झंडे के साथ राजधानी की सड़कों और गलियों में निकल आए हैं.
प्रदर्शनकारियों के लिए खाने का इंतजाम है, लोग म्यूज़िक पर स्ट्रीट हॉकी खेल रहे हैं, हॉर्न बजा रहे हैं और ‘आज़ादी’ के नारे लगा रहे हैं.
जस्टिन स्मिथ विरोध प्रदर्शन वाली जगह पर अपनी पत्नी के साथ आए हैं.वो कहते हैं, ‘‘ये वैक्सीन विरोध अभियान नहीं है. ये आज़ादी का अभियान है. ये चुनने की आज़ादी के लिए है.’’
क़ुरान के कथित अपमान में लिंचिंग पर इमरान ख़ान का ये आदेश

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पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में एक शख़्स को भीड़ ने क़ुरान के अपमान के आरोप में पीट-पीटकर मारा डाला है. ये घटना खानेवाल ज़िले के तुलंबा शहर की है.
खानेवाल ज़िला पुलिस और अतिरिक्त आईजी दक्षिण पंजाब कार्यालय ने मॉब लिचिंग में एक शख़्स के मारे जाने की पुष्टि की है.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने इस लिंचिंग को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है. इमरान ख़ान ने ट्वीट कर कहा, ''क़ानून को कोई अपने हाथ में नहीं ले सकता. इसे क़तई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. मॉब लिंचिंग में शामिल लोगों के ख़िलाफ़ क़ानून सख़्ती से निपटेगा. पंजाब के आईजी से कहा गया है कि लिंचिंग में शामिल लोग और जो पुलिस वाले इसे रोकने में नाकाम रहे उनके ख़िलाफ़ रिपोर्ट तैयार करें.''
खानेवाल ज़िला पुलिस प्रवक्ता इमरान ने बीबीसी उर्दू से कहा कि मियां चन्नु तहसील में ग़ुस्साई भीड़ ने एक शख़्स को पीट-पीट कर मार दिया.
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बैंकों से 22 हज़ार करोड़ की सबसे बड़ी धोखाधड़ी, एबीजी शिपयार्ड पर मामला दर्ज

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केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड पर 28 बैंकों से 22,842 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज किया है. इन बैंकों का नेतृत्व करने वाले भारतीय स्टेट बैंक ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी.
कंपनी के चेयरमैन ऋषि अग्रवाल, एक्ज़ीक्यूटिव डायरेक्टर संथानम मुथुस्वामी और डायरेक्टर अश्विनी कुमार, सुशील कुमार अग्रवाल एवं रवि विमल और अन्य कंपनी एबीजी इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड को भी मामले में आरोपी बनाया गया है.
इन पर आईपीसी और भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के तहत आपराधिक साज़िश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात के अलावा आधिकारिक पद के दुरुपयोग के आरोप लगाए गए हैं.
एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड एबीजी समूह की कंपनी से जुड़ी है, जो जहाज की मरम्मत और निर्माण का कारोबार करती है. इसके शिपयार्ड यानी जहाज की मरम्मत के स्थान गुजरात में हैं.
स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया ने 8 नवंबर, 2019 को शिकायत दर्ज कराई थी, जिस पर सीबीआई ने 12 मार्च, 2020 को स्पष्टीकरण मांगा था.
बैंक ने उसी साल अगस्त में फिर से नई शिकायत दर्ज कराई थी. डेढ़ साल से अधिक समय तक "जांच" करने के बाद सीबीआई ने 7 फ़रवरी, 2022 को दर्ज एफ़आईआर पर कार्रवाई की.
सीबीआई ने कहा कि कंपनी को एसबीआई के साथ-साथ 28 बैंकों और वित्तीय संस्थानों से 2468.51 करोड़ रुपये ऋण दिया गया था.
एफ़आईआर के मुताबिक फॉरेंसिक ऑडिट से पता चला है कि 2012-17 के बीच, आरोपियों ने मिलीभगत से पैसे की हेराफेरी सहित अवैध गतिविधियों को अंजाम दिया.
यह सीबीआई द्वारा दर्ज सबसे बड़ी बैंक धोखाधड़ी का मामला बताया जा रहा है. एफ़आईआर में कहा गया है कि जिन उद्देश्यों के लिए बैंकों ने फंड जारी किया था उसके अलावा अन्य कामों के लिए भी उसका इस्तेमाल हुआ.
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