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ओवैसी का पाकिस्तान को जवाब- हमारे घर के मामले में टांग ना अड़ाओ, जख़्मी हो जाओगे

असदउद्दीन ओवैसी ने हिजाब विवाद पर पाकिस्तान से आ रही प्रतिक्रियाओं पर जवाब दिया है.

लाइव कवरेज

पंकज प्रियदर्शी, भूमिका राय and कमलेश मठेनी

  1. प्रियंका गांधी ने जारी किया यूपी के लिए कांग्रेस का घोषणापत्र, जानिए अहम बातें

    प्रियंका गांधी ने आज उत्तर प्रदेश के लिए कांग्रेस का घोषणापत्र जारी किया. कांग्रेस ने इसे यूपी का उन्नति विधान नाम दिया है.

    प्रियंका गांधी ने घोषणा पत्र जारी करते हुए कहा कि हमें पूरा भरोसा है कि कांग्रेस पार्टी सरकार बनाने जा रही है.

    उन्होंने कहा, “पिछले दिनों, सबसे पहले हमने महिलाओं के लिए प्रतिज्ञा जारी की थी,फिर युवाओं के लिए प्रतिज्ञा जारी की. आज हम समस्त प्रदेश के लिए आपके सामने नई प्रतिज्ञाएँ सामने लाए हैं.”

    कांग्रेस पार्टी ने अन्य विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधते हुए कहा किघोषणा पत्र सभी पार्टियां निकालती हैं लेकिन कांग्रेस पार्टी ने यह घोषणा पत्र तैयार करने से पहले जनता से संवाद किया, सभी जनपदों में पहुँचे, बहुत से लोगों के साथ चर्चाएं कीं, विशेषज्ञों की राय ली, विभिन्न समूहों और आम जनता से बात की. इसके बाद हमारा उन्नति विधान तैयार हुआ है.

    कांग्रेस पार्टी की ओर से दावा किया गया है कि घोषणा पत्र के लिए उन्होंने एक लाख लोगों से बातचीत की है.

    कांग्रेस के घोषणा पत्र की अहम बातें

    • छत्तीसगढ़ की तरह किसानों के कर्ज़ माफ़ किए जाएंगे. धान और गेहूं 2500 रुपए प्रति क्विंटल और गन्ना 400 रुपए प्रति क्विंटल की दर से ख़रीदा जाएगा.
    • बिजली का बिल आधा किया जाएगा और कोरोना काल का बकाया माफ़ किया जाएगा.
    • कोरोना महामारी से सबसे अधिक प्रभावित परिवारों को 25,000 रुपए की आर्थिक मदद प्रदान की जाएगी.
    • पुलिस, स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा सहित सार्वजनिक क्षेत्र में 12 लाख का भारी-भरकम बैकलॉग भरा जाएगा. इसके अलावा आठ लाख और नौकरियाँ दी जाएँगी.
    • छोटे उद्यमों को क्लस्टर घोषित करेंगे और उन्हें सरकार की ओर से मदद पहुँचाई जाएगी.
    • आवारा पशुओं से फसलों के नुकसान की भरपाई के लिए प्रति एकड़ तीन हजार रुपए का हर्जाना दिया जाएगा.
    • पत्रकारों के विरुद्ध दायर मुक़दमे ख़त्म किए जाएँगे और जो ग़ैर-क़ानूनी रूप से जेल में बंद हैं, उन्हें रिहा किया जाएगा.
    • शिल्पकारों, बुनकरों, किसानों और पूर्व सैनिकों जैसे समूहों के लिए विधान परिषद में पाँच अतिरिक्त सीटें जोड़ी जाएँगी.
    • अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के छात्रों को केजी से पीजी तक मुफ्त शिक्षा प्रदान की जाएगी.
    • अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के सरकारी कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण दिया जाएगा.
    • कोल समुदाय को आदिवासी जनजाति का दर्जा दिया जाएगा.
    • स्कूल रसोइयों का वेतन बढ़ाकर 5000 किया जाएगा.
    • कोरोना में जान गँवाने वाले कोविड योद्धाओं को 50 लाख का मुआवज़ा दिया जाएगा.
    • एडहॉक शिक्षकों और शिक्षा मित्रों को अनुभव और नियमों के आधार पर नियमित किया जाएगा.
  2. कर्नाटक के मंत्री ने कहा- कैम्पस में अल्लाहु अकबर या जयश्री राम के नारे को बढ़ावा नहीं दे सकते

    कर्नाटक के प्राइमरी और सेकेंडरी शिक्षा मंत्री बीसी नागेश ने हिजाब विवाद पर कहा है कि कोई भी क़ानून को अपने हाथ में नहीं ले सकता. उन्होंने कहा कि सरकार किसी को भी नहीं बख़्शेगी. एक दिन पहले ही कर्नाटक के मंडया में कॉलेज की एक लड़की को जयश्री राम का नारा लगाने वालों ने घेर लिया था. इस घटना का वीडियो वायरल हो गया था और इसकी काफ़ी आलोचना हो रही है.

    इस मामले पर कर्नाटक के शिक्षा मंत्री ने कहा कि छात्र लड़की को घेरना नहीं चाहते थे. उन्होंने कहा- जब उस लड़की ने अल्लाहु अकबर का नारा लगाया, उस समय उसके आसपास कोई अन्य छात्र नहीं था. क्या उसे उकसाया गया? हम कैम्पस में अल्लाहु अकबर या जयश्री राम का नारा लगाने को बढ़ावा नहीं दे सकते.

  3. मायावती ने कहा- बीजेपी और सपा के घोषणापत्र में हवाहवाई बातें

    भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के लिए अपना घोषणापत्र जारी किया.

    बीजेपी के घोषणा पत्र पर तंज़ करते हुए राज्य की प्रमुख पार्टियों में से एक बहुजन समाज पार्टी ने इसे हवाहवाई बातें और वादे बताया है.

    बीएसपी की ओर से एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करके कहा गया है कि हवाहवाई बातों और वादों से लोगों को बरगलाने की नाटकबाज़ी और पाखंड जारी है.

    बीएसपी ने अपनी प्रस विज्ञप्ति में दावा किया है कि भाजपा सरकार की ग़लत नीतियों से जनता त्रस्त आ चुकी है और उसने बीजेपी को सबक सिखाने का पूरी मन बना लिया है.

    बीएसपी ने दावा किया है कि सिर्फ़ वही एक ऐसी पार्टी है जो राज्य को गड्ढों, हिंसा और दंगों से आज़ादी दिला सकती है. बीएसपी ने रोज़ग़ार और विकास की राजनीति का भी वादा किया है.

    इस प्रेस विज्ञप्ति के अंत में राज्य में चुनाव की दौड़ में शामिल सपा, कांग्रेस पर भी निशाना साधा गया है.

    प्रेस विज्ञप्ति में आरोप लगाते हुए कहा गया है कि बीजेपी, सपा और कांग्रेस जैसी पार्टियों के जनविरोधी रवैये और कामों से बहुजन समाज और अपरकास्ट के ग़रीब लोग हमेशा ही पीड़ित रहे हैं.

    बीएसपी की प्रेस विज्ञप्ति में दावा किया गया है कि आज आम लोगों की जो स्थिति है, उसके लिए सिर्फ़ पार्टियां ही ज़िम्मेदार है.

    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने मंगलवार को अपना संकल्प पत्र जारी किया.

    बीजेपी के यूपी के लिए कुछ अहम वादों पर

    • अगले पाँच वर्ष में सभी किसानों को सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जाएगी
    • पाँच हज़ार करोड़ की लागत से मुख्यमंत्री कृषि सिंचाई योजना शुरू की जाएगी
    • बोरवेल, ट्यूबवेल और तालाब एवं टैंक के निर्माण के लिए अनुदान दिया जाएगा
    • सरदार वल्लभभाई पटेल एग्री इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन बनाया जाएगा, जिससे किसान अपनी उपज का ग्रेडिंग के हिसाब से ज्यादा दाम ले पाए.
    • गर गन्ना किसान को 14 दिन के अंदर भुगतान नहीं मिलता है, तो उसका ब्याज चीनी मिल किसान को देगा.
    • 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए सार्वजनिक परिवहन में मुफ्त यात्रा
    • नोएडा में ग्रैंड फिल्म सिटी का निर्माण
    • काशी, मेरठ, गोरखपुर, बरेली, झांसी और प्रयागराज में मेट्रो परियोजना
    • 2024 तक हर गाँव में 100% पानी की आपूर्ति किसानों को सोलर पंप प्रदान किए जाएंगे

    समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को पार्टी का वचन पत्र जारी किया है.

    सपा के वचन पत्र की कुछ अहम घोषणाएँ

    • सभी फसलों के लिए एमएसपी
    • गन्ना किसानों के लिए 15 दिनों के अंदर भुगतान
    • सभी किसानों को 2025 तक ऋण मुक्त किया जाएगा
    • क़ानून बनाकर अत्यंत ग़रीब किसानों को फ़ायदा दिया जाएगा.
    • किसानों को सिंचाई के लिए मुफ़्त बिजली
    • किसान आंदोलन में शहीद किसानों के परिजनों को 25 लाख की आर्थिक मदद. किसान स्मारक भी.
    • बीपीएल परिवार को प्रतिवर्ष दो सिलिंडर मुफ़्त
    • सभी दोपहिया मालिकों को हर महीने एक लीटर तेल मुफ़्त
    • सभी किसानों को ब्याज मुक्त लोन की व्यवस्था
    • महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 33 प्रतिशत आरक्षण
    • केजी से लेकर पीजी तक लड़कियों की शिक्षा मुफ़्त
    • समाजवादी पेंशन योजना फिर से शुरू होगी
  4. भारत के ख़िलाफ़ दूसरे वनडे में वेस्टइंडीज ने टॉस जीतकर फ़ील्डिंग चुनी

    भारत के ख़िलाफ़ दूसरे वनडे में वेस्टइंडीज़ के कप्तान निकोलस पूरन ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी करने का फ़ैसला किया है. भारत की टीम पहला वनडे जीतकर तीन मैचों की सिरीज़ में 1-0 से आगे है. भारत ने पहले वनडे में वेस्टइंडीज़ को छह विकेट से हराया था.

    दूसरे वनडे में भारत की टीम

    रोहित शर्मा (कप्तान), केएल राहुल, विराट कोहली, ऋषभ पंत, सूर्यकुमार यादव, दीपक हुडा, शार्दुल ठाकुर, वॉशिंगटन सुंदर, मोहम्मद सिराज, युजवेंद्र चहल, पी कृष्णा

    वेस्टइंडीज़ की टीम

    निकोलस पूरन (कप्तान), शाई होप, ब्रैंडन किंग, डेरेन ब्रैवो, एस ब्रुक्स, जेसन होल्डर, अकील हुसैन, फ़ेबियन एलेन, अल्ज़ारी जोसेफ़, ओडियन स्मिथ, केमार रोच

  5. विहिप ने कहा- हिजाब की आड़ में अराजकता से बाज आएँ जिहादी और उनके पैरोकार

    कर्नाटक में हिजाब मामले को लेकर चल रहे विवाद के बारे में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने कहा है कि हिजाब की आड़ में अराजकता से बाज आएँ जिहादी और उनके पैरोकार.

    विहप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल की ओर से बयान जारी करके कहा गया है कि कर्नाटक के उडुपी से शुरू हुआ विवाद दरअसल हिजाब की आड़ में जिहादी अराजकता फैलाने का षड़यंत्र है. विहप के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री सुरेंद्र जैन ने कहा है कि इसे हिजाब जिहाद ही कहा जा सकता है.

    विश्व हिंदू परिषद ने कहा है कि पीएफ़आई जैसे कट्टर इस्लामिक संगठन पूरे कर्नाटक में अराजकता फैलाने की साज़िश कर रहे हैं. बयान में कहा गया है- जितनी तेज़ी से संपूर्ण विश्व के इस्लामिक जगत और टूलकिट गैंग ने इस पर प्रतिक्रिया जताई है, उससे साफ़ प्रकट होता है कि वे भारत में अराजकता फैलाने का कोई भी अवसर चूकना नहीं चाहते. विहिप ने कहा है कि कर्नाटक सरकार की सजगता और हिंदू समाज की सक्रियता के कारण वे सफल नहीं हो पाएँगे. पिछले सप्ताह कर्नाटक के उडुपी में एक कॉलेज से शुरू हुआ विवाद अब राज्य के कई हिस्सों में फैल गया है. इसी कारण राज्य के स्कूल-कॉलेज तीन दिनों के लिए बंद हैं. पाकिस्तान की महिला अधिकार कार्यकर्ता और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मलाला युसूफ़ज़ई ने भी इस मामले में मुस्लिम छात्राओं के पक्ष में बयान जारी किया था. पाकिस्तान सरकार के दो मंत्रियों ने भी इसे मौलिक अधिकार कहते हुए मोदी सरकार की कड़ी आलोचना की थी.

  6. जेएनयू की नई वीसी शांतिश्री धुलिपुड़ी पंडित ने कहा- बकवास फैलाई जा रही है

    जेएनयू की नई कुलपति शांतिश्री धुलिपुड़ी पंडित ने इससे इनकार किया है कि वे कभी ट्विटर पर भीं. एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा- मैं ट्विटर पर नहीं हूँ. मेरा कोई ट्विटर हैंडल नहीं है. जेएनयू की नई कुलपति के कथित पुराने ट्वीट्स का हवाला देकर सोशल मीडिया पर लोग उनके चयन पर सवाल उठा रहे थे. इनमें योगेंद्र यादव और कविता कृष्णन भी थे.

    लेकिन न्यूज़ चैनल एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा- बकवास फैलाई जा रही है. मुझे नहीं पता कि ट्विटर पर किसने ये सब शुरू किया. उन्होंने इस पर भी सवाल उठाए कि उनकी नियुक्ति के बाद ही ये ट्वीट्स क्यों सामने आए. शांतिश्री की कुलपति के रूप में नियुक्ति के बाद @SantishreeD हैंडल के कई सारे पुराने ट्वीट्स के स्क्रीनशॉट्स लेकर लोग उन पर सवाल उठाने लगे. हालाँकि ये अकाउंट वेरिफ़ाइड नहीं था. लेकिन कुछ देर बाद ये अकाउंट डिलीट हो गया.

    उन्होंने कहा- इनकार करने का सवाल ही नहीं होता. मेरा कभी कोई ट्विटर हैंडल ही नहीं था. ये सब सुनियोजित था. उन्होंने कहा कि ये सब देखकर वे सदमे में थी. शांतिश्री धुलिपुड़ी पंडित ने इस विवादों को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि उन पर इस तरह हमला न किया जाए. उन्होंने कहा कि लोग उनकी नियुक्ति को पचा नहीं पा रहा हैं और वे उन्हें बदनाम करना चाहते थे. उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि तमिलनाडु की एक महिला को नियुक्त किया गया है. पहले ऐसा क्यों नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि वे किसी राजनीतिक पार्टी से नहीं हैं.

    एक दिन पहले ही बीजेपी सांसद वरुण गांधी ने भी उनकी नियुक्ति पर चुटकी ली थी. उन्होंने उनकी ओर से जारी पहली प्रेस रिलीज़ का हवाला देते हुए कहा था कि उसमें व्याकरण की कई ग़लतियाँ हैं. ट्वीट करके वरुण गांधी ने कहा था कि नई जेएनयू वीसी की ये प्रेस विज्ञप्ति अशिक्षा की एक प्रदर्शनी है. उन्होंने कहा कि इस प्रेस रिलीज़ में व्याकरण संबंधी कई ग़लतियाँ हैं. उन्होंने विस्तार से बताया है कि प्रेस रिलीज़ में क्या-क्या ग़लतियाँ हैं. नई वीसी की नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए उन्होंने लिखा है कि इस तरह की औसत नियुक्तियाँ हमारे युवाओं के भविष्य को नुक़सान पहुँचाती हैं.

  7. ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ टेस्ट सिरीज़ के लिए पाकिस्तान टीम की घोषणा, जानिए कौन-कौन हैं टीम में

    ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ टेस्ट सिरीज़ के लिए पाकिस्तान ने अपनी टीम की घोषणा कर दी है. टीम की कप्तानी बाबर आज़म के पास रहेगी. पीसीबी ने एक प्रेस रिलीज़ में टीम के खिलाड़ियों के नामों की घोषणा की है.

    बाबर आज़म (कप्तान), मोहम्मद रिज़वान, अब्दुल्लाह शफ़ीक़, अज़हर अली, फ़हीम अशरफ़, फ़वाद आलम, हैरिस रउफ़, हसन अली, इमाम-उल-हक़, मोहम्मद नवाज़, नौमान अली, साजिद ख़ान, सउदी शकील, शाहीन शाह अफ़रीदी, शान मसूद, ज़ाहिद महमूद

    एक दिन पहले ही ऑस्ट्रेलिया ने भी पाकिस्तान के ख़िलाफ़ सिरीज़ के लिए टीम की घोषणा कर दी थी. टीम की कप्तानी पैट कमिंस के पास रहेगी. पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के टीम तीन टेस्ट मैच, तीन वनडे मैच और एक टी-20 मैच खेला जाएगा. पहला टेस्ट मैच चार मार्च से शुरू होगा.

  8. गांधी, नेहरू या राहुल से नफ़रत है, तो मोदी संसद के बाहर कहें: मल्लिकार्जुन खड़गे

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में पीएम नरेंद्र मोदी के भाषण पर आपत्ति जताई है.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राज्यसभा राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस को जमकर निशाने पर लिया.

    खड़गे ने कहा है कि अगर आप कांग्रेस, गांधी, नेहरू या फिर राहुल गांधी से नफ़रत करते हैं, तो ये सब संसद के बाहर कहें.

    खड़गे ने कहा, “उन्होंने हमारे पेगासस, कोविड, महंगाई जैसे मुद्दों को छोड़ दिया. जब हम पैदा भी नहीं हुए थे तब कांग्रेस ने लड़ाई लड़ी और आज़ादी हासिल की.”

    मल्लिकार्जुन खड़गे ने पीएम मोदी पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने धन्यवाद प्रस्ताव का दुरुपयोग किया और अपने सिद्धांतों को छोड़ दिया.

    दरअसल, राज्यसभा में बोलते हुए पीएम मोदी ने मंगलवार को कहा था, "अगर महात्मा गांधी की इच्छानुसार कांग्रेस न होती तो क्या होता. उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस न होती तो लोकतंत्र परिवारवाद से मुक्त होता, अगर कांग्रेस न होती तो भारत विदेशी चस्पे के बजाय स्वदेशी संकल्पों के रास्ते पर चलता,अगर कांग्रेस न होती तो देश पर इमरजेंसी का कलंक नहीं होता, दशकों तक करप्शन को संस्थागत न बनाकर रखा होता, जातिवाद और क्षेत्रवाद की खाई इतनी गहरी नहीं होती."

    उन्होंने कहा, "अगर कांग्रेस न होती तो सिखों का नरसंहार न होता, सालों-साल पंजाब आतंक की आग में न जलता, कश्मीर के पंडितों को कश्मीर छोड़ने की नौबत न आती, बेटियों को तंदूर में जलाने की घटनाएं न होती, देश के सामान्य आदमी को मूल सुविधाओं के लिए इतने साल इंतजार न करना होता."

  9. पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने कहा- हिजाब पहनने पर आतंकित करना दमनकारी

    पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने भी भारत के कर्नाटक राज्य में हिजाब पहनने को लेकर चल रहे विवाद पर अपनी राय रखी है.

    उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि मुसलमान लड़कियों को शिक्षा से वंचित रखना मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है. इस मौलिक अधिकार से किसी को वंचित करना और हिजाब पहनने पर आतंकित करना पूरी तरह दमनकारी है. दुनिया को ये समझना चाहिए कि ये मुसलमानों को घेटो (एक समुदाय की तंग बस्ती) में रहने को मजबूर करने की भारत की योजना का हिस्सा है.

    कर्नाटक के उडुपी में एक कॉलेज से हिजाब पहनने को शुरू हुआ विवाद बाद में राज्य के कई हिस्सों में फैल गया है. उडुपी के कॉलेज प्रशासन का कहना है कि छात्राओं को यूनिफ़ॉर्म पहनकर आना चाहिए. जबकि छात्राओं का कहना है कि हिजाब पहनना उनका मौलिक अधिकार है.

    बाद में राज्य के कई हिस्सों में हिजाब समर्थकों और हिजाब विरोधियों के बीच टकराव भी हुआ है. इसी कारण कर्नाटक के सभी स्कूल कॉलेज तीन दिनों के लिए बंद हैं. मंगलवार को पाकिस्तान की महिला अधिकार कार्यकर्ता मलाला युसूफ़ज़ई ने भी ट्वीट कर हिजाब का समर्थन किया था.

  10. पाकिस्तान के मंत्री ने हिजाब मामले पर कहा- मोदी के भारत में जो हो रहा है, वो डरावना

    पाकिस्तान की इमरान ख़ान सरकार में सूचना प्रसारण मंत्री चौधरी फ़वाद हुसैन ने ट्वीट करके भारत में छिड़े हिजाब विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.

    फ़वाद हुसैन ने लिखा है, “मोदी के भारत में जो हो रहा है वो डरावना है. भारतीय समाज अस्थिर नेतृत्व में तेज़ी से नीचे आ रहा है. हिजाब पहनना एक व्यक्तिगत पसंद है, ठीक वैसे ही जैसे किसी भी दूसरी ड्रेस को पहनने के लिए लोग स्वतंत्र हैं.”

    हालांकि चौधरी फ़वाद हुसैन से पहले पाकिस्तान की महिला अधिकार कार्यकर्ता मलाला युसूफ़ज़ई भी हिजाब-विवाद को लेकर टिप्पणी कर चुकी हैं.

    ट्विटर पर उन्होंने एक कॉलेज छात्रा के बयान को ट्वीट किया है, जिसमें वो लड़की कहती है कि कॉलेज उन्हें हिजाब और पढ़ाई में से एक को चुनने के लिए मजबूर कर रहा है.

    मलाला ने आगे लिखा है- लड़कियों को अपने हिजाब में स्कूल जाने से रोकना भयावह है. कम या ज़्यादा पहनने को लेकर महिलाओं को एक वस्तु जैसा समझना बना हुआ है. उन्होंने भारतीय नेताओं से अपील की है कि उन्हें मुस्लिम महिलाओं की उपेक्षा को रोकना चाहिए.

    क्या है मामला

    कर्नाटक के उडुपी में पिछले सप्ताह छात्राओं के हिजाब पहनकर कॉलेज जाने को लेकर विवाद शुरू हुआ था. कॉलेज प्रशासन का कहना है कि छात्राओं को कॉलेज की यूनिफ़ॉर्म में आना चाहिए. इसके बाद इसका विरोध शुरू हो गया. बाद में हिजाब समर्थक और हिजाब विरोधियों के बीच ठन गई.

    हिजाब पहनने से रोके जाने पर छात्राओं ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की है. उनका कहना है कि हिजाब पहनना उनका संवैधानिक अधिकार है. लिहाज़ा उन्हें इससे रोका नहीं जा सकता.

    कर्नाटक हाई कोर्ट में इस मामले को लेकर सुनवाई चल रही है.

  11. हिजाब विवाद पर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी क्या बोलीं

    हिजाब विवाद हर दिन तूल पकड़ता जा रहा है. विभिन्न राजनीतिक दल अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं.

    इसी क्रम में कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्वीट करके अपनी प्रतिक्रिया दी है. प्रियंका ने लिखा है- वो चाहे बिकिनी हो, घूंघट हो, जींस हो या फिर हिजाब, ये एक औरत का अधिकार है कि वो ख़ुद तय करे कि वो क्या पहनना चाहती है. उन्होंने आगे लिखा है- इस अधिकार की गारंटी भारतीय संविधान द्वार दी गई है. महिलाओं को प्रताड़ित करना बंद करो.

    क्या है मामला

    दरअसल बीते दिनों उडुपी के एक प्री-यूनिवर्सिटी गवर्नमेंट कॉलेज की लगभग आधा दर्जन छात्राओं ने हिजाब उतारने से इनकार कर दिया.

    दूसरे वर्ष की इन छात्राओं ने हिजाब उतारकर क्लास में बैठने की अपीलों को ख़ारिज कर दिया. जब इन छात्राओं की बात नहीं सुनी गई तो इन्होंने प्रदर्शन शुरू कर दिया.

    ये मामला तब और बढ़ गया जब उडुपी ज़िले के कॉलेज में लड़कियों के हिजाब के जवाब में कुछ छात्र भगवा शॉल पहन कर चले आए थे. इसके बाद लड़कियों ने भी भगवा शॉल पहन कर जुलूस की शक्ल में एक प्राइवेट कॉलेज में घुसने की कोशिश की.

    मामला तूल पकड़ता गया और राजनीतिक पार्टियां भी इस विवाद में कूद पड़ीं.

    हिजाब पहनने से रोके जाने पर छात्राओं ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की है. उनका कहना है कि हिजाब पहनना उनका संवैधानिक अधिकार है. लिहाज़ा उन्हें इससे रोका नहीं जा सकता.

    कर्नाटक हाई कोर्ट में इस मामले को लेकर सुनवाई चल रही है. सुनवाई पर बुधवार को बहस होगी.

  12. कोरोना अडेट: भारत में बीते 24 घंटे में संक्रमण के 71 हज़ार से अधिक नए मामले

    बीते 24 घंटों में क़रीब 1 लाख 72 हज़ार कोरोना मरीज़ों की तबीयत ठीक हुई है.

  13. एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीनओवैसी ने सीएम योगी आदित्यनाथ पर साधा निशाना

    एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीनओवैसी ने उत्तर प्रदेश सरकार और उसके मुखिया सीएम योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा है.

    एक समारोह में अपनी बात रखते हुए ओवैसी ने कहा, “वे गोडसे के वंशज हैं. वे उसी मानसिकता के हैं, जिस मानसिकता के लोगों ने गांधी की हत्या की थी. वे वही लोग हैं जो आंबेडकर के संविधान का अनादर करना चाहते हैं. वे क़ानून के शासन पर भरोसा नहीं करते हैं. वे मतपत्रों की जगह गोलियों पर भरोसा करते हैं.”

    संभल विधानसभा क्षेत्र में एक रैली को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि 'सीएम कहते हैं कि उन्होंने सभी तरह के अपराधों का ख़ात्मा कर दिया है. अब कोई भी अपराध करने के बारे में सोचकर ही डर जाता है. अपराधी और माफ़ियाओं का सफ़ाया किया जा चुका है. फिर वे कौन लोग थे जिन्होंने मेरे ऊपर हमला किया?'

    सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ-साथ पीएम और गृहमंत्री पर तंज़ करते हुए ओवैसी ने कहा कि वे दावा करते हैं कि अब हर अपराधी जेल की सलाखों के पीछे होगा. फिर वे कौन लोग थे जिन्होंने गोलियां चलायीं?

    ओवैसी ने अपने भाषण की एक क्लिप ट्वीट करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ को टैग भी किया है और लिखा है- सुन लो बाबा!

    पिछले हफ़्ते गुरुवार को ओवैसी जब मेरठ से दिल्ली लौट रहे थे तो उनकी कार पर हमला हुआ था. इस मामले में यूपी पुलिस ने सचिन शर्मा और शुभम नाम के दो लोगों को गिरफ़्तार किया है.

    इसके बाद गृहमंत्री अमित शाह ने एआईएमआईएम चीफ़ असदुद्दीन ओवैसी से उनकी सुरक्षा के मद्देनज़र ज़ेड श्रेणी की सिक्योरिटी स्वीकार करने का आग्रह किया था लेकिन यूपी के अमरोहा में एक रैली के दौरान ओवैसी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें सिक्योरिटी नहीं चाहिए.

    ओवैसी का कहना था कि उन्हें पसंद नहीं है कि बंदूक लेकर लोग उनके आगे पीछे चले. इस दौरान उन्होंने सीएए के ख़िलाफ़ हुए प्रदर्शनों में मारे गए लोगों का ज़िक्र भी किया.

    ओवैसी ने कहा, ''हम देश के गृह मंत्री से अपील करते हैं कि असदुद्दीन की जान की क़ीमत उत्तर प्रदेश में CAA प्रदर्शन के दौरान मरे 22 लोगों से बढ़कर नहीं है. ओवैसी की जान की क़ीमत पहलु, रक़बर, अख़लाक़ से बढ़कर नहीं. अगर दलित, पसमांदा, कमज़ोर महफ़ूज़ रहेंगे तो ओवैसी भी महफ़ूज़ रहेगा.''

  14. ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम अगले महीने जाएगी पाकिस्तान

    ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम ने पाकिस्तान के ख़िलाफ़ अगले महीने होने वाले तीन मैचों की टेस्ट सिरीज़ के लिए अपनी 18 सदस्यीय टीम की घोषणा कर दी है.

    पैट कमिंस की अगुवाई में टीम यह सिरीज़ खेलेगी.

    पाकिस्तान के लिहाज़ से ऑस्ट्रेलियाई टीम का यह दौरा काफ़ी महत्वपूर्ण है. ऑस्ट्रेलियाई टीम के दौरे से उम्मीद की जा रही है कि पाकिस्तान में इंटरनेशनल क्रिकेट एक बार फिर वापसी करेगा.

    पाकिस्तान में लंबे अंतराल के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की वापसी साल 2015 में ज़िम्बॉब्वे की टीम के दौरे से हुई थी उसके बाद साल 2017 में इंटरनेशनल वन-डे क्रिकेट शुरू हुआ.

    इसके बाद बांग्लादेश, श्रीलंका और दक्षिण अफ्रीका की टीम ने पाकिस्तान का दौरा किया.

    पिछले साल न्यूज़ीलैंड की टीम मैच खेलने के लिए पाकिस्तान पहुंची तो थी, लेकिन उसमें टीम के बड़े खिलाड़ी शामिल नहीं हुए थे. बाद में तो न्यूज़ीलैंड की टीम बिना कोई मैच खेले, सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए वापस लौट गयी थी.

    बाद में इंग्लैंड की टीम ने भी अपना दौरा रद्द कर दिया था. इस लिहाज़ से एक लंबे अंतराल के बाद कोई मज़बूत टीम, अपने सभी टॉप खिलाड़ियों के साथ पाकिस्तान का दौरा करने वाली है.

  15. बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या का राहुल गांधी पर निशाना

    बीजेपी के युवा सांसद तेजस्वी सूर्या ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा है कि विदेश मामलों में राहुल गांधी का ज्ञान उनकी विदेश यात्रा और छुट्टियों तक ही सीमित है.

    तेजस्वी सूर्या ने कहा, “राहुल गांधी को विदेश नीति के बारे में नहीं पता.”

    कल राज्यसभा में राहुल गांधी की अनुपस्थिति पर तंज़ करते हुए तेजस्वी सूर्या ने कहा कि राहुल गांधी को विदेश यात्रा से जब समय मिलता है तब वो संसद आते हैं और संसद में जो मन में आता है वो बोलकर चले जाते हैं.

    बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने कहा कि ‘आजकल राहुल गांधी चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के रूप में बयान दे रहे हैं.’

    दरअसल, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पिछले हफ़्ते लोकसभा में कहा था कि मोदी सरकार ने चीन और पाकिस्तान को साथ लाकर सबसे बड़ा अपराध किया है.

    राहुल गांधी ने कहा था, ''भारत की विदेश नीति में एक सबसे बड़ा लक्ष्य रहता था कि पाकिस्तान और चीन को क़रीब आने से रोकना है, लेकिन इस सरकार ने दोनों को साथ ला दिया है. भारत के लोगों के ख़िलाफ़ इस सरकार ने ऐसा कर सबसे बड़ा अपराध किया है.'

    विदेश मामलों पर राहुल गांधी के इन्हीं बयानों के संदर्भ में तेजस्वी सूर्या ने उन पर निशाना साधा है.

    इससे पूर्व कल आठ फ़रवरी को राज्यसभा में प्रधानमंत्री के संबोधन के दौरान राहुल गांधी सदन में मौजूद नहीं थे, जिसका ज़िक्र पीएम मोदी ने भी किया था.

    प्रधानमंत्री मोदी कल राज्यसभा में संबोधन के दौरान कांग्रेस पर जमकर बरसे.

    इसके जवाब में बाद में राहुल गांधी ने कहा है कि प्रधानमंत्री का पूरा भाषण कांग्रेस के ऊपर इसलिए था क्योंकि वो कांग्रेस से डरते हैं. उन्होंने एक संकेतात्मक ट्वीट भी किया है.

    राहुल गांधी का कहना है कि प्रधानमंत्री ने उनके किसी सवाल का जवाब नहीं दिया.

  16. फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने यूक्रेन संकट को लेकर जतायी उम्मीद

    फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने पत्रकारों को बताया कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने उन्हें आश्वासन दिया है कि रूस की सेना यूक्रेन की सीमाओं पर संकट को बढ़ाएगी नहीं.

    यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की से मिलने से पहले उन्होंने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि 'मुझे आश्वासन दिया गया है कि ऐसा कुछ भी नहीं किया जाएगा जिससे स्थिति और बिगड़े.'

    हालांकि रूस शुरुआत से ही कहता आ रहा है कि यूक्रेन पर आक्रमण करने की उसकी कोई योजना नहीं है, लेकिन यूक्रेन से लगी रूस की सीमा पर क़रीब एक लाख सैनिक तैनात हैं.

    अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि रूस ने आक्रमण के लिए आवश्यक 70% सैन्य बलों को यूक्रेन की सीमा पर इकट्ठा कर लिया है.

    मॉस्को ने यूक्रेन की सरकार पर मिन्स्क समझौते को लागू नहीं करने का आरोप लगाया है. मिन्स्क समझौता, पूर्वी यूक्रेन में सेना और रूस समर्थक अलगाववादियों के बीच संघर्ष विराम की बात कहता है.

    फ़्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों इस सप्ताह दोनों देशों की राजधानियों के राजनयिक दौरे पर हैं.

    सोमवार को उन्होंने रूस के राष्ट्रपति पुतिन के साथ मॉस्को में लगभग छह घंटे की मुलाक़ात की जिसके बाद वह मंगलवार को यूक्रेन की राजधानी कीव पहुंचे.

    यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की के साथ एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस को संबोधित करते हुए मैक्रों ने कहा कि रूस और यूक्रेन के पास अब मौक़ा है कि वे वार्ताओं को आगे बढ़ाते हुए, तनाव कम करने के लिए "ठोस समाधान" तलाश सकते हैं.

    इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने रूस के राष्ट्रपति पुतिन से तनाव कम करने के लिए ठोस क़दम उठाने का आग्रह किया है.

    उन्होंने कहा, "मुझे वाक़ई शब्दों पर भरोसा नहीं है, मेरा मानना है कि हर राजनेता ठोस क़दम उठाकर अपनी पारदर्शिता दिखा सकता है."

  17. नमस्कार!

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