ज़ाकिर नाइक की संस्था ने यूएपीए ट्रिब्यूनल के सामने रखा अपना पक्ष

विवादास्पद इस्लामी प्रचारक और उपदेशक ज़ाकिर नाइक की संस्था इस्लामिक रिसर्च फ़ाउंडेशन (आईआरएफ़) ने केंद्र सरकार द्वारा अपनी संस्था को ग़ैरक़ानूनी क़रार देने को मनमाना और अवैध बताया है.

लाइव कवरेज

  1. ज़ाकिर नाइक की संस्था ने यूएपीए ट्रिब्यूनल के सामने रखा अपना पक्ष

    ज़ाकिर नाइक

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    विवादास्पद इस्लामी प्रचारक और उपदेशक ज़ाकिर नाइक की संस्था इस्लामिक रिसर्च फ़ाउंडेशन (आईआरएफ़) ने केंद्र सरकार द्वारा अपनी संस्था को ग़ैरक़ानूनी क़रार देने को मनमाना और अवैध बताया है.

    आईआरएफ़ ने यूएपीए ट्रिब्यूनल को दिए अपने जवाब में शनिवार को कहा, "यह साबित करने के तनिक भी सबूत नहीं है कि यह फ़ाउंडेशन अतीत में कभी किसी ग़ैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल रहा है. फ़ाउंडेशन की किसी ग़ैर-क़ानूनी गतिविधि या आईपीसी की धारा 153 (ए) या 153 (बी) के तहत दंडनीय किसी गतिविधि में हाथ नहीं रहा है."

    मालूम हो कि यह फ़ाउंडेशन रजिस्टर्ड है और परोपकारी कामों के लिए काम करने वाला एक सार्वजनिक ट्रस्ट है. यह परोपकारी कामों के अलावा शैक्षिक और सामाजिक-आर्थिक विकास के काम भी करता है.

    इससे पहले यूएपीए ट्रिब्यूनल ने शुक्रवार को डॉ. ज़ाकिर नाइक को निर्देश दिया था कि सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के अनुसार वे अपना वकालतनामा दाख़िल करें. मलेशिया में रह रहे नाइक से कहा गया था कि वे मलेशिया के भारतीय दूतावास के ज़रिए हस्ताक्षर सत्यापित करने के बाद अपना वकालतनामा दाख़िल करें.

    ट्रिब्यूनल ने केंद्र सरकार से अपने गवाहों और जांच प्रमुख के बारे में अगली सुनवाई से पहले बताने को कहा था. इस मामले की विस्तृत सुनवाई 10 फ़रवरी को होगी.

  2. सेक्स, शराब और मज़हब पर लिखने वाले खुशवंत सिंह

    वीडियो कैप्शन, खुशवंत सिंह, जो सेक्स, शराब और मज़हब पर लिखते थे

    खुशवंत सिंह न सिर्फ़ अंग्रेजी के लोकप्रिय लेखक थे बल्कि कई नामी अखबारों और पत्रिकाओं के संपादक भी थे.

    खुशवंत सिंह की 107वीं जयंती पर रेहान फ़ज़ल नज़र डाल रहे हैं उनके जीवन के कुछ अनछुए और दिलचस्प पहलुओं पर.

  3. वो हत्यारी मछली जिसने मछुआरे को ही मार डाला

    वीडियो कैप्शन, वो हत्यारी मछली जिसने मछुआरे को ही मार डाला

    आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में मछली के हमले से एक मछुआरे की मौत हो गई. यह घटना विशाखापट्टनम के मुथयालम्मापालेम इलाके में हुई.

    1 फरवरी की शाम को 5 मछुआरे अपनी नाव से मछली पकड़ने गए थे. तट से लगभग 8 किमी अंदर जाकर उन्होंने अपना जाल बिछाया. अगली सुबह उन्होंने अपने जाल में कुछ मछलियों को फंसा हुआ पाया. जाल के भारी होने की वजह से वो उसे नाव में वापस नहीं खींच पा रहे थे.

    जिसके बाद एक मछुआरा जोगन्ना पानी में उतरकर जाल को नाव के अंदर डालने की कोशिश करने लगा. उसी वक्त एक मछली ने काफी ज़ोरदार हमला किया और जोगन्ना की मौत हो गई. बाद में बाकी मछुआरे उसके शव को साथ लेकर लौटे.

  4. असम में कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी, लेकिन बीते 10 दिनों में 190 लोगों की मौत, दिलीप कुमार शर्मा, गुवाहाटी से बीबीसी हिंदी के लिए

    असम

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    असम में पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना संक्रमण के कुल 446 नए मामले सामने आए है. राज्य में बीते 10 दिनों में दर्ज होने वाले यह सबसे कम मामले है. लेकिन असम में कोविड के कारण लोगों की मौत का सिलसिला लगातार जारी है.

    स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार असम में बीते 10 दिनों में कोरोना संक्रमित हुए कुल 190 लोगों की मौत हुई है. कोविड के ताजा मामलों को लेकर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा द्वारा अभी थोड़ी देर पहले अर्थात शनिवार शाम को किए गए एक ट्वीट के अनुसार प्रदेश में कोविड-19 से आज भी 16 लोगों की मौत हुई है. जबकि पिछले 10 दिनों में प्रदेश में कोरोना संक्रमण के महज 16,234 मामले ही सामने आए है.

    राज्य में कम मामले दर्ज किये जाने के पीछे कम कोविड टेस्ट करने को भी एक प्रमुख कारण माना जा रहा है. अगर बीते पांच दिनों में कोविड टेस्ट करने के मौजूदा आंकड़ों पर गौर करें तो रोजाना 40 हजार से भी कम टेस्ट किए गए है. शनिवार को राज्य में 21,152 कोविड टेस्ट किए गए जिसमें कुल 446 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए है.

    असम में अबतक 6,98,288 कोविड-19 मरीज ठीक हो चुके हैं. इस बीच मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा है कि अगले दो से तीन दिनों में असम में कोविड -19 की स्थिति में सुधार हो सकता है. मुख्यमंत्री के अनुसार असम में सभी शैक्षणिक संस्थान 15 फरवरी तक फिर से खुल सकते हैं.

  5. दिल्ली: पिछले 24 घंटे में कोरोना के केवल 1,604 मामले, 3 फ़ीसदी से कम हुई पॉज़िटिविटी रेट

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    राजधानी दिल्ली में पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना के केवल 1,604 नए मामले सामने आए हैं.

    शनिवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य की पॉज़िटिविटी रेट भी घटकर 3 फ़ीसदी के नीचे चली गई है. साथ ही कुल एक्टिव मामलों की संख्या भी यहां 10 हज़ार से कम हो गई है. इनमें से केवल 1,037 लोग ही अस्पतालों में भर्ती हैं.

    मुख्यमंत्री कार्यालय के ट्विवटर हैंडल से जारी किए गए रोज़ाना के हेल्थ बुलेटिन में बताया गया है कि पिछले 24 घंटे में दिल्ली में 17 लोगों की मौत हुई है. इस दौरान राज्य में क़रीब 56 हज़ार लोगों के टेस्ट किए गए.

    इसके अनुसार, पिछले 24 घंटे में राज्य में 56 हज़ार से अधिक लोगों को कोरोना वैक्सीन की ख़ुराकें लगाई गईं.

  6. कर्नाटक में हिजाब पर विवाद: अदालत की सुनवाई से पहले ही सरकार ने कॉलेजों में यूनिफॉर्म किया अनिवार्य

    कर्नाटक

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    कर्नाटक सरकार ने राज्य में हिजाब बनाम भगवा शॉल का मामला गर्माने के साथ ही प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेजों में यूनिफॉर्म अनिवार्य करने का नया आदेश जारी कर दिया है.

    यह आदेश कर्नाटक हाई कोर्ट में मामले को लेकर तीन दिन बाद फिर शुरू हो रही सुनवाई से पहले आया है.

    राज्य के कुछ कॉलेजों में मुस्लिम छात्राओं को हिजाब पहनने से रोके जाने के बाद हाई कोर्ट में दो याचिकाएं दायर की गई थीं. इनमें कहा गया था कि उन्हें हिजाब पहनने से नहीं रोका जा सकता है.

    सरकारी आदेश में क्या कहा गया है?

    राज्य सरकार ने यूनिफॉर्म को लेकर जो आदेश जारी किया है उसके मुताबिक सरकारी शिक्षा संस्थानों की कॉलेज डेवलपमेंट कमेटियां यह फैसला ले सकती हैं कि यूनिफॉर्म कैसी होगी. निजी संस्थान यह फैसला कर सकते हैं कि कॉलेजों में यूनिफॉर्म जरूरी है या नहीं.

  7. पीएम मोदी की अगवानी को सीएम चंद्रशेखर राव नहीं पहुंचे हैदराबाद एयरपोर्ट, बीजेपी ने जताई नाराज़गी

    पीएम मोदी

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    इमेज कैप्शन, पीएम मोदी की अगवानी करते तेलंगाना के मंत्री टी श्रीनिवास यादव (बाएं) और केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तेलंगाना के शमशाबाद में 11वीं-12वीं सदी के महान संत रामानुजाचार्य की याद में बनी उनकी 216 फीट ऊंची प्रतिमा 'स्टैच्यू ऑफ इक्वलिटी' का अनावरण करने के लिए वहां का दौरा किया.

    लेकिन हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उनकी अगवानी के लिए तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव नहीं पहुंचे. उनकी जगह मंत्री टी श्रीनिवास यादव ने पीएम मोदी की अगवानी की.

    उनके साथ राज्यपाल टी सुंदरराजन और केंद्रीय पर्यटन मंत्री जी किशन रेड्डी भी पीएम का स्वागत करने एयरपोर्ट पर मौजूद थे.

    प्रधानमंत्री के स्वागत में मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव के न पहुंचने पर बीजेपी की तेलंगाना इकाई ने सीएम राव की काफ़ी आलोचना की है.

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    बीजेपी ने एक के बाद एक कई ट्वीट करते हुए चंद्रशेखर राव के इस 'हरकत' को शर्मनाक बताते हुए आरोप लगाया कि विरोध की राजनीति को वे काफ़ी निचले स्तर तक लेकर चले गए हैं. बीजेपी ने अपने ट्वीट में #ShameOnYouKCR हैशटैग भी लगाया.

    पार्टी ने लिखा कि केसीआर संविधान और हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लगातार अपमान करते रहे हैं. अब प्रोटोकॉल का उल्लंघन करना केसीआर की मूर्खतापूर्ण और शर्मनाक हरकत है. हम अपने प्रधानमंत्री के साथ ऐसा बर्ताव कतई बरदाश्त नहीं करेंगे.

    पिछले महीने पंजाब के दौरे के दौरान वहां के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी भी पीएम मोदी को रिसीव करने एयरपोर्ट नहीं पहुंचे थे. हालांकि उनका वो दौरा सुरक्षा में कथित चूक के चलते काफ़ी सुर्ख़ियों में रहा था.

  8. कांग्रेस शासित छत्तीसगढ़ की 'धर्म संसद' को लेकर नरमी क्यों

    स्वामी कालीचरण

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    पिछले साल दिसंबर 2021 में आयोजित दो धर्म संसदों में देश के कुछ हिंदू संतों ने मुसलमानों के नरसंहार का आह्वान किया था. इनमें से एक धर्म संसद भाजपा शासित उत्तराखंड के हरिद्वार में, तो दूसरा कांग्रेस की सरकार वाले छत्तीसगढ़ के रायपुर में आयोजित किया गया था.

    जहाँ हरिद्वार की धर्म संसद की पूरे विश्व में आलोचना की गई, उसके आयोजकों और वक्ताओं पर क़ानूनी कार्रवाई की गई, वहीं छत्तीसगढ़ में आयोजित धर्म संसद में महात्मा गांधी के ख़िलाफ़ अपशब्दों का प्रयोग करने वाले एक संत की गिरफ़्तारी के अलावा कुछ और नहीं हुआ, न ही इस आयोजन पर वैसी चर्चा हुई जैसी हरिद्वार के मामले में हुई थी.

    रायपुर की धर्म संसद में मुस्लिम महिलाओं के साथ यौन हिंसा समेत मुस्लिम समुदाय के ख़िलाफ़ हिंसा का आह्वान, हरिद्वार जैसा ही था.

    रायपुर की धर्म संसद में स्वामी कालीचरण ने महात्मा गांधी के बारे में अपमानजनक बातें कहीं और धार्मिक अल्पसंख्यकों के प्रति नफ़रत पैदा करने वाले शब्द दुहराए.

  9. किसानों को जलवायु परिवर्तन के असर से बचाएगी डिजिटल और जैविक खेती: मोदी

    मोदी

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है डिजिटल और जैविक खेती देश के किसानों को जलवायु परिवर्तन के असर से बचाने में मदद कर सकती है.

    उन्होंने कहा कि उनकी सरकार खेती के बुनियादी तरीकों और भविष्य की खेती की ओर आगे बढ़ने के मिलजुले तरीके से किसानों को जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से बचाने की कोशिश कर रही है.

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    शनिवार को हैदराबाद के पाटनचेरु में इंटनेशनल क्रॉप्स रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ सेमी एरिड ट्रॉपिक्स (ICRISAT) के 50वीं वर्षगांठ समारोह में पीएम मोदी ने कहा कि देश में 80 फीसदी छोटे किसान हैं और उन्हें सरकार की मदद की जरूरत है. भविष्य की खेती का एक अहम पहलू डिजिटल खेती है. इस साल के आम बजट में प्राकृतिक और डिजिटल खेती पर फोकस किया गया है.

    उन्होंने कहा, ' एक तरफ हम मोटे अनाज का दायरा बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं, साथ ही केमिकल फ्री खेती पर बल दे रहे हैं. सोलर पंप से लेकर किसान ड्रोन तक आधुनिक टेक्नोलॉजी को बढ़ावा दिया जा रहा है.

    प्रधानमंत्री ने कहा कि इस वक्त भारतमें एफपीओ और एग्रीकल्चर वैल्यू चेन बनाने पर काफी जोर दिया जा रहा है. सरकार देश के छोटे किसानों को हजारों एफपीओ से जोड़ कर एक जागरुक और मार्केट फोर्स बनाने जा रही है.

  10. बीबीसी इंडिया बोल, 05 फरवरी 2022, यूपी चुनाव में किसान फैक्टर कितना अहम?, सुनिए मोहनलाल शर्मा से

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  11. पीएम मोदी ने रामानुजाचार्य की 216 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शमशाबाद में 11 वीं शताब्दी के भक्ति संत रामानुजाचार्य की स्मृति में 216 फीट ऊंची प्रतिमा 'स्टैच्यू ऑफ इक्वलिटी' का अनावरण किया.

    इस मौके पर उन्होंने कहा, "आज मां सरस्वती की आराधना के पावन पर्व, बसंत पंचमी का शुभ अवसर है. मां शारदा के विशेष कृपा अवतार श्री रामानुजाचार्य जी की प्रतिमा इस अवसर पर स्थापित हो रही है। मैं आप सभी को बसंत पंचमी की विशेष शुभकामनाएं देता हूं."

    "जगद्गुरु श्री रामानुजाचार्य जी की इस भव्य विशाल मूर्ति के जरिए भारत मानवीय ऊर्जा और प्रेरणाओं को मूर्त रूप दे रहा है. रामानुजाचार्य जी की ये प्रतिमा उनके ज्ञान, वैराग्य और आदर्शों की प्रतीक है."

    "भारत एक ऐसा देश है, जिसके मनीषियों ने ज्ञान को खंडन-मंडन, स्वीकृति-अस्वीकृति से ऊपर उठकर देखा है. हमारे यहाँ अद्वैत भी है, द्वैत भी है. और, इन द्वैत-अद्वैत को समाहित करते हुये श्रीरामानुजाचार्य जी का विशिष्टा-द्वैत भी है."

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    "एक ओर रामानुजाचार्य जी के भाष्यों में ज्ञान की पराकाष्ठा है, तो दूसरी ओर वो भक्तिमार्ग के जनक भी हैं. एक ओर वो समृद्ध सन्यास परंपरा के संत भी हैं, और दूसरी ओर गीता भाष्य में कर्म के महत्व को भी प्रस्तुत करते हैं. वो खुद भी अपना पूरा जीवन कर्म के लिए समर्पित करते हैं."

    "आज जब दुनिया में सामाजिक सुधारों की बात होती है, प्रगतिशीलता की बात होती है, तो माना जाता है कि सुधार जड़ों से दूर जाकर होगा. लेकिन, जब हम रामानुजाचार्य जी को देखते हैं, तो हमें अहसास होता है कि प्रगतिशीलता और प्राचीनता में कोई विरोध नहीं है."

    "ये जरूरी नहीं है कि सुधार के लिए अपनी जड़ों से दूर जाना पड़े. बल्कि जरूरी ये है कि हम अपनी असली जड़ो से जुड़ें, अपनी वास्तविक शक्ति से परिचित हों."

  12. #StatueOfEquality : रामानुजाचार्य कौन थे जिनकी 216 फीट ऊंची प्रतिमा हैदराबाद में बनाई गई है

    रामानुजम

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    इमेज कैप्शन, संत रामानुजम की भव्य प्रतिमा

    हैदराबाद के मुचिन्तल गांव में रामानुजाचार्य की मूर्ति बन कर तैयार है. इस बनाने वाले लोगों का कहना है कि ये भारत की दूसरी और विश्व की 26वीं सबसे ऊंची मूर्ति है.

    मुचिन्तल गांव हैदराबाद के बाहरी इलाक़े शमशाबाद में स्थित है. तेलुगू भाषी राज्यों में लोकप्रिय वैष्णव संप्रदाय के संन्यासी त्रिदंडी चिन्ना जीयर स्वामी के आश्रम में इस मूर्ति को लगाया जा रहा है. मूर्ति बनाने की योजना साल 2014 से चल रही थी और 2021 में पूरी हुई.

    भारत के महान संतों में माने जाने वाले रामानुजाचार्य की 1000वीं जयंती के मौके पर सहस्त्राबदी समारोह का आयोजन किया जा रहा है.

    मूर्ति की खासियतें

    मूर्ति की लंबाई 108 फीट है. उनके हाथ में लिया गया त्रिदंडम (जिसे वैष्णव पीठाधिपति अपने साथ रखते हैं) 135 फीट ऊंचा है. जिस सतह पर मूर्ति बनी है उसकी ऊंचाई 54 फीट है. पद्म (कमल) पीतम की ऊंचाई 27 फीट है. इस सतह को भद्र पीतम के नाम से जाना जाता है. नीचे की सतह को मिलाकर इस मूर्ति की कुल लंबाई 135 फीट है.

  13. पाकिस्तान का परमाणु कार्यक्रम बंद कराने के लिए जब अमेरिका ने डाला था दबाव

    भारत-पाकिस्तान

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    "अगर मैं पाकिस्तान का प्रधानमंत्री होता, तो मैं वही करता जो (ज़ुल्फ़िकार अली) भुट्टो कर रहे हैं."

    अमेरिकी विदेश मंत्री हेनरी किसिंजर ने एक बैठक में ये बात भारतीय विदेश मंत्री यशवंत राव चव्हाण से उसी दबाव के मद्देनज़र कही थी, जो अमेरिका भारत के परमाणु परीक्षण के बाद पाकिस्तान पर परमाणु हथियार न बनाने के लिए बना रहा था.

    इस बातचीत का पता उस ख़ुफ़िया दस्तावेज़ से चलता है जो अमेरिकी विदेश नीति से संबंधित जारी किए जाने वाले हज़ारों दस्तावेज़ों में से एक है.

    न्यूयॉर्क में 8 अक्टूबर 1976 की सुबह को होने वाली इस बैठक में, किसिंजर ने आगे कहा, कि "अजीब बात यह है कि पाकिस्तान पारंपरिक हथियारों का संतुलन नहीं बना सकता.... अगर उन्हें 10-15 परमाणु हथियार मिल जाएं, तो इससे भारत और पाकिस्तान में बराबरी हो जाएगी."

  14. उत्तर प्रदेश में अब 'माई फ़ैक्टर' का मतलब मुस्लिम-यादव नहीं, मोदी-योगी हो गया है: नक़वी

    नक़वी

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    केंद्रीय मंत्री मुख़्तार अब्बास नक़वी ने आरोप लगाया है कि उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा-कांग्रेस का 'सिंडिकेट' चल रहा है. उन्होंने इस कथित सिंडिकेट पर निशाना साधते हुए दावा किया कि राज्य में एक 'माई फ़ैक्टर' की जगह दूसरे 'माई फ़ैक्टर' ने ले ली है.

    मुख़्तार अब्बास नक़वी ने कहा कि इस राज्य में पहले 'मुस्लिम-यादव फ़ैक्टर' हुआ करता था, लेकिन अब इसकी जगह 'मोदी-योगी फ़ैक्टर' ने ले ली है. उन्होंने दावा किया बीजेपी ने छद्म-धर्मनिरपेक्ष और तुष्टीकरण की राजनीति को 'विकास और सम्मान' की राजनीति से हरा दिया है.

    उन्होंने कहा कि सपा-बसपा-कांग्रेस के 'सिंडिकेट' ने क़रीब 60 सालों तक उत्तर प्रदेश की जनता को धोखा दिया है, इसलिए लोगों से अपील है कि वे इन दलों के नेताओं को आने वाले चुनाव में जमकर सबक़ सिखाएं.

    नक़वी ने यह भी दावा किया कि उनकी पार्टी बीजेपी के पिछले 5 सालों के शासन के दौरान राज्य में ''सुनहरा युग'' आ गया है, जबकि पहले इसे 'बीमारू' राज्यों में गिना जाता था. बीमारू राज्यों से उनका मतलब बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश जैसे पिछड़े राज्यों से था.

    उन्होंने ये बातें राज्य के पश्चिमी ज़िले गौतम बुद्ध नगर में बीजेपी प्रत्याशियों के पक्ष में चलाए जा रहे प्रचार अभियान के दौरान कहीं. इस ज़िले में पड़ने वाली नोएडा, जेवर और दादरी विधानसभा सीटों पर पहले चरण के तहत 10 फ़रवरी को वोट डाले जाने हैं.

  15. Live: अंडर-19 वर्ल्ड कप क्रिकेट में खेल रहे बल्लेबाज़ राज बावा की क्यों है चर्चा

  16. देश पर अभी किसी प्रधानमंत्री का नहीं बल्कि एक राजा का राज है: राहुल गांधी

    राहुल गांधी

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    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया है कि उनकी सरकार ने कोरोना महामारी के दौर में भी किसानों को साल भर तक सड़कों पर रहने को मजबूर कर दिया.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, उन्होंने दावा किया है कि यदि उनकी पार्टी कांग्रेस सत्ता में होती, तो कभी ऐसा नहीं होता.

    शनिवार को उत्तराखंड के किच्छा विधानसभा में आयोजित एक वर्चुअल रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने ये बात कही.

    उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि इस समय देश में कोई प्रधानमंत्री नहीं बल्कि एक राजा शासन कर रहे हैं. गांधी ने आरोप लगाया कि ये राजा जनता से उम्मीद करते हैं कि वे उनके फ़ैसलों पर कुछ न बोलें, बल्कि चुप रहें.

    राहुल गांधी ने दावा किया कि कांग्रेस पार्टी किसानों, युवाओं, मज़दूरों या ग़रीबों के लिए अपने दरवाज़े कभी बंद नहीं करेगी, बल्कि उनके साथ मिलजुल कर सरकार चलाएगी.

    मालूम हो कि 70 विधायकों वाली उत्तराखंड विधानसभा के लिए 14 फ़रवरी को वोट डाले जाएंगे. इसके नतीज़े 10 मार्च को सामने आएंगे.

  17. आगरा: ताज नगरी के लिए कौन से मुद्दे हैं सबसे अहम?

    ताज नगरी के लिए कौन से मुद्दे हैं सबसे अहम?

    ज़्यादा जानकारी के साथ बीबीसी के वात्सल्य राय (कैमरा शहनवाज़ अहमद)

  18. सरकार का दावा, तमाम ऐप स्टोर से गायब है विवादास्पद ऐप 'टेक फॉग'

    राजीव चंद्रशेखर

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    इमेज कैप्शन, राजीव चंद्रशेखर

    केंद्र ने संसद को बताया है कि केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिक मंत्रालय ने सभी मशहूर ऐप स्टोर पर 'टेक फॉग' ऐप खोजने की ख़ूब कोशिश की है, लेकिन उस ऐप को खोजा नहीं जा सका.

    इससे पहले ख़बरों में बताया गया था कि 'टेक फॉग' नाम के एक ऐप का इस्तेमाल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म में हेरफेर करने के लिए किया जा रहा है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, राज्यसभा को दिए एक लिखित जवाब में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने बताया कि उनके मंत्रालय को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म में हेरफेर के लिए इस्तेमाल होने वाले ऐप को लेकर कोई जानकारी नहीं है, जैसा कि कई ख़बरों में बताया गया था.

    सरकार से पूछा गया था कि नागरिकता संशोधन क़ानून के विरोध, दिल्ली सांप्रदायिक हिंसा और कोरोना महामारी के दौरान ग़लत सूचनाएं फैलाने में 'टेक फॉग' ऐप को लेकर जो आरोप लगाए गए हैं, क्या सरकार उसकी भूमिका की जांच करने की सोच रही है.

    लेकिन केंद्रीय मंत्री चंद्रशेखर ने कहा, "सरकार ने ख़बरों में बताए गए 'टेक फॉग' ऐप के बारे में पता किया. उनके मंत्रालय ने सभी प्रमुख ऐप स्टोर और एपीके स्टोर पर इसे ढ़ूंढ़ने की कोशिश की, लेकिन कहीं भी यह ऐप नहीं मिला."

    चंद्रशेखर ने ज़ोर देकर कहा कि सरकार यूज़र्स के लिए मुक्त, सुरक्षित और जवाबदेह इंटरनेट मुहैया कराने को लेकर प्रतिबद्ध है

    उन्होंने दावा किया कि सरकार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के ज़रिए ग़लत और घिनौनी जानकारी फैलाने की बढ़ती घटनाओं से पैदा होने वाले ख़तरों को जानती है, इसलिए इसे लेकर सतर्क है.

  19. साल 2017 के बाद यूपी में 'कोई दंगा नहीं हुआ', सीएम योगी का ये दावा कितना सच है

    योगी आदित्यनाथ

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    पिछले हफ़्ते उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि बीते पाँच सालों में राज्य में कोई दंगा नहीं हुआ. उनके इस दावे का सच क्या है?

    हमने उनके इस दावे और राज्य में चुनाव से पहले क़ानून व्यवस्था को लेकर अन्य दावों की पड़ताल की.

    दावा: बीते पाँच सालों में कोई दंगा नहीं हुआ

    फ़ैक्ट चेकः यह बयान ग़लत है, हालांकि दंगों की संख्या में कमी आई है.

    हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रेस को जारी अपने बयान मेंसरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुएये बात कही थी.

    भारतीय जनता पार्टी के कुछ नेता पहले भी इसी तरह के दावे कर चुके हैं.

    नैशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) से प्राप्त आधिकारिक डेटा में कुल दंगों के साथ ही सांप्रदायिक दंगों के बारे में भी बताया गया है.

    इन आंकड़ों के मुताबिक 2018 से राज्य में कोई भी सांप्रदायिक हिंसा नहीं हुआ है लेकिन जब 2017 में बीजेपी राज्य की सत्ता पर काबिज होने के बाद195 सांप्रदायिक घटनाएंराज्य में रिकॉर्ड की गई हैं

  20. लता मंगेशकर की सेहत फिर बिगड़ी, वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है

    लता मंगेशकर

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    कोरोना और न्यूमोनिया से उबरने के बाद 'स्वर कोकिला' लता मंगेशकर की तबीयत एक बार फिर बिगड़ गई है.

    इसके चलते उन्हें फिर से वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखना पड़ा है. वे 8 जनवरी से मुंबई के मशहूर ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती हैं.

    समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, उनका इलाज कर रहे डॉ. प्रतीत समदानी ने कहा है कि फ़िलहाल लता जी आईसीयू में ही हैं, लेकिन अब उन्हें फिर से वेंटिलेटर पर रखना पड़ा है. उनके स्वास्थ्य की लगातार निगरानी की जा रही है.

    इससे पहले 27 जनवरी को डॉ. समदानी ने बताया था कि लता मंगेशकर की तबीयत में काफ़ी सुधार है, इसलिए उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट से हटा दिया गया है.

    लता मंगेशकर का इलाज करने वाले डॉक्टरों की टीम उनका हालचाल लगातार मीडिया से शेयर कर रही है, ताकि कोई अफ़वाह या ग़लत सूचना न फैले.

    'भारत रत्न' से सम्मानित लता जी पिछले क़रीब सात दशकों से गा रही हैं. 28 सितंबर, 1929 को पैदा होने वाली लता जी 92 साल की हो चुकी हैं.