उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गर्मी शांत करने वाले बयान पर विवाद लगातार जारी है.
गुरुवार को समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने राष्ट्रीय लोकदल के नेता जयंत चौधरी के साथ एक साझा प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा था कि वो कोई कंप्रेसर थोड़ी हैं, जो हमें ठंडा कर देंगे.
अब यूपी में योगी सरकार में मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने अखिलेश यादव के बयान पर प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने कहा, "अखिलेश जी आपको तो 2017 में ही ठंडा कर दिया गया और इसके लिए मुख्यमंत्री की ज़रूरत नहीं पड़ी, आपको तो जनता ने ही ठंडा कर दिया. पहले जनता के बीच जाकर गर्म तो हो जाओ, वो 2022 के बाद ठंडे ही रहेंगे."
गुरुवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गर्मी शांत करने वाले बयान पर एआईएमआईएम के प्रमुख असदउद्दीन ओवैसी ने भी प्रतिक्रिया दी थी.
मेरठ में ओवैसी ने कहा था-असदउद्दीन ओवैसी ने युवाओं, अल्पसंख्यक समाज और पिछड़ों में जो गर्मी पैदा की है, वो आग से कम नहीं है, वो क़यामत तक रहेगी. अब आप अपनी फ़िक्र कीजिए.
हाल ही में मथुरा में एक जनसभा के दौरान योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि सपा, बसपा और कांग्रेस की सूची निकलते ही जितने भी पेशेवर माफिया और अपराधी थे वे फिर से अपने बिलों से बाहर निकलकर रेंगते हुए दिखाई दे रहे हैं. उनकी गर्माहट धमकी दे रही है, वो 10 मार्च के बाद फिर से ठीक हो जाएगी. इससे पहले भी वे गर्मी शांत करने वाले बयान दे चुके हैं, जिसे लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और राष्ट्रीय लोकदल के प्रमुख जयंत चौधरी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त कर चुके हैं.
कुछ दिनों पहले योगी आदित्यनाथ ने ये भी कहा था- ये गर्मी जो अभी कैराना में और मुजफ्फरनगर में कुछ जगह दिखाई दे रही है न, ये सब शांत हो जाएगी. क्योंकि गर्मी कैसे शांत होगी, ये तो मैं मई और जून में भी इसको शिमला बना देता हूँ.
अखिलेश यादव ने योगी आदित्यनाथ की भाषा पर कड़ी आपत्ति जताई थी और गुरुवार को समाजवादी पार्टी ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर शिकायत की है और आयोग से अनुरोध किया है कि वो इस पर रोक लगाने के लिए निर्देश दे.