FB LIVE- कैसा है चुनावी माहौल?
मुरादाबाद के अमरोहा में कैसा है चुनावी माहौल? छात्राओं से बात कर रहे हैं बीबीसी संवाददाता दिलनवाज़ पाशा.
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अमिताभ बच्चन, राजेश खन्ना समेत कई मशहूर कलाकारों के साथ स्क्रीन शेयर करने वाले प्रसिद्ध मराठी, बॉलीवुड अभिनेता रमेश देव का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया है.
पंकज प्रियदर्शी, भूमिका राय and प्रियंका झा
मुरादाबाद के अमरोहा में कैसा है चुनावी माहौल? छात्राओं से बात कर रहे हैं बीबीसी संवाददाता दिलनवाज़ पाशा.
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में मंत्री स्वाति सिंह का टिकट कटने से अटकलें लगाई जा रही थी कि वे नाराज़ हैं और पार्टी भी छोड़ सकती हैं. लेकिन अब स्वाति सिंह ने मीडिया में आकर पार्टी नेतृत्व पर आस्था व्यक्त की है. पत्रकारों से बातचीत में स्वाति सिंह ने कहा कि वे बीजेपी का हिस्सा हैं और जीवन भर इसी पार्टी में बनी रहेंगी. उन्होंने कहा- किसी भी कार्यकर्ता को पार्टी नेतृत्व के फ़ैसले पर सवाल नहीं उठाना चाहिए. पार्टी ने कुछ अच्छे के लिए ही ऐसा किया होगा.
बीजेपी ने इस बार लखनऊ की सरोजनी नगर से स्वाति सिंह को टिकट नहीं दिया है. स्वाति सिंह यहीं से पिछली बार विधायक बनीं थी. इस बार बीजेपी ने ईडी के पूर्व ज्वाइंट डायरेक्टर राजेश्वर सिंह को उम्मीदवार बनाया है.
दूसरी ओर उनके पति और सरोजनी नगर सीट से टिकट चाह रहे दयाशंकर सिंह ने कहा है कि बीजेपी की उम्मीदवारों की सूची बहुत अच्छी है. उन्होंने सरोजनी नगर से राजेश्वर सिंह को उम्मीदवार बनाए जाने के पार्टी के फ़ैसले का स्वागत किया.
अमेरिका यमन के विद्रोहियों के हमले के ख़िलाफ़ यूएई की मदद के लिए जंगी जहाज़ और फ़ाइटर जेट्स भेजेगा. अमेरिका के रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन और यूएई के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन ज़ायेद अल नहयान के बीच फ़ोन पर हुई बातचीत के बाद अमेरिका ने ये फ़ैसला किया है.
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि दोनों नेताओं ने हूती विद्रोहियों के हाल के हमलों के बारे में चर्चा की, जिनमें यूएई के कुछ नागरिकों की मौत हुई है. पेंटागन का कहना है कि हूती विद्रोहियों के हमले के कारण अमेरिका और यूएई के सैनिकों की सुरक्षा पर भी सवाल उठे हैं. रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने इस बात पर ज़ोर दिया कि अमेरिका यूएई के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी को लेकर प्रतिबद्ध है.
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक़ अमेरिका मिसाइल नष्ट करने वाले युद्धपोत यूएसएस कोल को यूएई भेजेगा, जो वहाँ की नेवी के साथ मिलकर काम करेगी. अमेरिकी रक्षा मंत्री ने यूएई के क्राउन प्रिंस को इस बारे में भी जानकारी दी कि अमेरिका उसकी मदद के लिए फ़ाइटर एयरक्रॉफ्ट भी तैनात कर रहा है. पिछले महीने यूएई पर हूती विद्रोहियों ने ड्रोन हमला किया था, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई थी.
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा है. रविवार को गोवा में चुनाव प्रचार करते हुए अमित शाह ने बिना किसी पार्टी का नाम लिए मुफ़्त चीज़ें देने के वादे पर सवाल उठाए थे. उन्होंने कहा था- गोवा में आने वाली नई पार्टियाँ चुनाव से पहले ये वादा कर रही हैं कि मुफ़्त में वो ये देंगी और वो देंगी. वे जानते हैं कि वे सरकार नहीं बनाएँगे.
गोवा में एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में केजरीवाल ने कहा- मैं अमित शाह जी से ये पूछना चाहता हूँ कि उनको दिल्ली में जो घर मिला हुआ है सरकार से, वहाँ उन्हें कितनी यूनिट बिजली फ़्री मिलती है. वो बता दें.
उन्होंने कहा- अमित शाह को फ़्री बिजली मिलती है, तो तकलीफ़ नहीं है. जनता को 300 यूनिट बिजली फ़्री में मिले, तो अमित शाह को मिर्ची लगती है. ये तो ग़लत है. और ये पैसा किसका है. ये जनता का पैसा है. जनता के पैसे से अमित शाह को फ़्री बिजली मिलनी चाहिए. लेकिन क्या जनता के पैसे से जनता को फ़्री बिजली नहीं मिलनी चाहिए. ये कौन सा तर्क है.
आम आदमी पार्टी इस बार पंजाब, यूपी और उत्तराखंड के अलावा गोवा में भी विधानसभा चुनाव में उतर रही है. केजरीवाल ने ये भी दावा किया है कि इस बार गोवा के नतीजे सबको चौकाएँगे.
भारतीय जनता पार्टी छोड़कर समाजवादी पार्टी में शामिल हुए स्वामी प्रसाद मौर्य को कुशीनगर के फाजिलनगर से उम्मीदवार बनाया गया है. हालाँकि वे 2017 में पडरौना से विधायक चुने गए थे. अटकलें लगाई जा रही थी कि कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री आरपीएन सिंह के साथ उनका मुक़ाबला पडरौना में हो सकता है. लेकिन अब समाजवादी पार्टी ने उन्हें फाजिलनगर से उम्मीदवार बनाया है.
वर्ष 2017 में बीजेपी के गंगा सिंह कुशवाहा इस सीट से विजयी हुए थे.
पिछले दिनों उन्होंने बीजेपी की योगी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए पहले मंत्रिपद छोड़ा और फिर पार्टी भी छोड़ दी. उनके साथ योगी सरकार के कुछ मंत्री और बीजेपी के कुछ विधायक भी समाजवादी पार्टी में शामिल हुए थे.
शिवसेना ने कहा है कि वो चाहती है कि ग़ैर बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री एक साथ बैठकर एक फ़ेडरेशन बनाएँ. पार्टी के प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे से मिलने वाले हैं. उन्होंने कहा- तेलंगाना के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मुलाक़ात करने वाले हैं. इस पर हमारा काम कुछ महीनों से चल रहा है. ग़ैर भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री एक साथ बैठे, उनका एक फ़ेडरेशन बने और 2024 में हम साथ मिलकर चुनाव लड़ें.
शिवसेना सांसद ने बजट पर भी टिप्पणी की और कहा कि ये बजट गोलमाल है, जुमला है और एक फ़्लॉप फ़िल्म है. आम जनता को क्या मिला? उन्हें सिर्फ़ आश्वासन और भाषण मिले हैं.
आरएलडी प्रमुख जयंत चौधरी ने मथुरा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, “मैं हेमा मालिनी नहीं बनना चाहता हूं, मुझे ख़ुश करके आपको क्या मिलेगा.”
अपने संबोधन में जयंत चौधरी ने आगे कहा कि उन्होंने (बीजेपी) उन किसान परिवारों के लिए क्या किया?आख़िर क्यों अजय मिश्र टेनी मंत्री हैं?
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल ने गठबंधन किया है.
राष्ट्रीय लोकदल के प्रमुख जयंत चौधरी तब और चर्चा में आ गए जब उन्हें बीजेपी से जुड़ने का न्योता मिला.
इसके कुछ समय बाद जयंत चौधरी ने कहा कि "न्योता उन्हें नहीं, उन 700 से ज़्यादा किसान परवारों को दीजिए जिनके घर आपने उजाड़ दिए'. बीजेपी नेता सांसद परवेश वर्मा ने मीडिया से कहा कि बीजेपी का दरवाज़ा जयंत चौधरी के लिए हमेशा खुला है. उन्होंने कहा था,"
राष्ट्रीय लोकदल के प्रमुख जयंत चौधरी के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मतदान के बाद भी कई संभावनाएँ हैं. फ़िलहाल उन्होंने एक पार्टी चुनी है. जाट समुदाय के लोग जयंत चौधरी से बातचीत करेंगे. बीजेपी का दरवाज़ा उनके लिए हमेशा खुला है."
आंध्र प्रदेश के गुंटूर में स्थित जिन्ना टावर को सत्ताधारी वाईएसआरसीपी विधायक मोहम्मद मुस्तफ़ा के आदेश पर तिरंगे के रंग में रंग दिया गया है.
यह वही टावर है जिस पर 26 जनवरी, गणतंत्र दिवस के मौक़े पर हिंदू वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय ध्वज फहराने की कोशिश की थी.
न्यूज़ एजेंसी एएनआई ने मोहम्मद मुस्तफ़ा के हवाले से लिखा है कि "स्वतंत्रता संग्राम के दौरान मुस्लिम नेताओं ने अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ लड़ाई लड़ी थी. आज़ादी के बाद कुछ मुसलमान भारत छोड़कर पाकिस्तान में बस गए लेकिन हम भारतीयों के रूप में अपने देश में रहना चाहते थे और हम अपनी मातृभूमि से प्यार करते हैं."
मोहम्मद अली जिन्ना के नाम पर बना यह टावर गुंटूर शहर के मुख्य आकर्षण केंद्रों में से एक है.
अपने निर्माण के सात दशक बाद भी जिन्ना टावर सेंटर, गुंटूर में धार्मिक सद्भाव का एक प्रतीक बनकर खड़ा है.
दिलचस्प बात यह है कि इस इलाक़े में रहने वाले ज़्यादातर ग़ैर मुसलमान हैं. दूसरी ओर गुंटूर में ही लाल बहादुर शास्त्री के नाम का 'माया बाज़ार' भी है, जहां मुसलमानों के ही कारोबारी संस्थान मौजूद हैं.
गुंटूर के मुख्य कारोबारी स्थल जिन्ना टावर सेंटर का नाम बदलने की मांग पहले भी कई बार उठाई जा चुकी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि कई लोग कह रहे हैं कि जो शख़्स भारत के बंटवारे का ज़िम्मेदार हो, उसके नाम पर इस टावर का नाम नहीं होना चाहिए.
गुंटूर नगर निगम ने हाल में जिन्ना टावर सेंटर में विकास के कई काम पूरे किए हैं.
यहां पानी का फव्वारा, बाग़, प्रकाश के इंतज़ाम किए गए हैं.
भारत में बीते 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 1,61,386 नए मामले सामने आए हैं. वहीं बीते एक दिन में 2,81,109 लोग कोरोना संक्रमण से ठीक भी हुए हैं.
हालांकि संक्रमण से मरने वालों का आंकड़ा अब भी चिंता का कारण बना हुआ है. बीते 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के कारण 1,733 लोगों की मौत भी हुई है.
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर उत्तर प्रदेश के लोगों का अपमान करने का आरोप लगाया है.
प्रियंका गांधी ने एक ट्वीट करके वित्त मंत्री पर आरोप लगाया है कि उन्होंने- “यूपी के लिए बजट के झोले में कुछ डाला नहीं, ठीक है…लेकिन यू पी के लोगों का इस तरह अपमान करने की क्या ज़रूरत थी? समझ लीजिए, यूपी के लोगों को "यूपी टाइप" होने पर गर्व है. हमको यूपी की भाषा, बोली, संस्कृति व इतिहास पर गर्व है.”
प्रियंका गांधी ने इस ट्वीट पर निर्मला सीतारमण को टैग भी किया है.
आख़िर क्या है पूरा मामला
दरअसल, कल यानि एक फ़रवरी को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में आम बजट पेश किया था और उसके बाद विपक्ष ने इस बजट को लेकर असंतोष जताया था.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बजट पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया था कि - "इस बजट में कुछ भी नहीं है. यह शून्य है. उन्होंने लिखा कि इस बजट में ना तो नौकरीपेशा लोगों के लिए कुछ है, ना मिडिल क्लास के लिए, ना ही ग़रीब के लिए, ना युवाओं के लिए, ना किसानों के लिए और ना ही इसमें एमएसएमई का ज़िक्र है."
बजट का भाषण समाप्त होने के बाद जब निर्मला सीतारमण प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रही थीं, तब एक पत्रकार ने राहुल गांधी के ट्वीट का ज़िक्र किया.
जिस पर निर्मला सीतारमण ने वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी से जवाब देने के लिए कहा.
अपने जवाब में पंकज चौधरी ने कहा कि राहुल गांधी को बजट समझ में नहीं आया है. बजट में सभी चीज़ों के लिए घोषणाएं की गई हैं. यह दूरगामी बजट है.
पंकज चौधरी ने जैसे ही अपना जवाब समाप्त किया निर्मला सीतारमण ने कहा- “मुझे लगता है कि उन्होंने टिपिकल यूपी टाइप जवाब दिया है. मुझे लगता है यूपी से भागने वाले सांसद (राहुल गांधी) के लिए इतना काफ़ी है.”
सीतारमण ने अपने जवाब में आगे कहा, “नहीं मुझे नहीं लगता है कि ऐसा बोलना सही है. मैं उम्मीद करती हूं कि देश की सबसे पुरानी पार्टी के नेता राहुल गांधी समझें की बजट में क्या कहा गया है. जिन भी श्रेणियों का उन्होंने ज़िक्र किया है, मैंने बार-बार बताया है कि बजट में उनका कहां उल्लेख है. और उन्हें क्या लाभ मिलेंगे.”
निर्मला सीतारमण ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि मुझे अफ़सोस होता है जब कुछ लोग तुरंत से प्रतिक्रिया दे देते हैं.
उन्होंने कहा, "क्विक अंडरस्टेंडिग रिस्पॉन्स के लिए मैं जवाब देने को बिल्कुल तैयार हूं लेकिन सिर्फ़ इसलिए कि आपको ट्विटर पर कुछ लिखना है, यह मददगार नहीं.”
निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस कार्यकाल के दौरान अर्थव्यवस्था को लेकर भी तंज़ किया कि कांग्रेस एक फ्रेजाइल इकोनॉमी छोड़कर गयी थी जिसे उनकी सरकार बीते पांच साल से ऊपर लाने में सफ़ल रही है. जबकि इस दौरान कोरोना महामारी भी आयी.
निर्मला सीतारमण ने कहा कि मुझे उस पार्टी के लिए अफ़सोस होता है जिसके नेता बिना कुछ सोचे सिर्फ़ टिप्पणी कर देते हैं.
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ के स्वास्थ्य से जुड़ी ताज़ा रिपोर्ट लाहौर हाई कोर्ट में जमा करायी गयी है.
इस रिपोर्ट के मुताबिक़, नवाज़ शरीफ़ इस समय गंभीर मानसिक तनाव में हैं और बिना इलाज के ब्रिटेन छोड़ना बेहद ख़तरनाक हो सकता है.
यह मेडिकल रिपोर्ट नवाज़ शरीफ़ के फ़िज़िशियन डॉक्टर फ़य्याज़ शाउल ने लिखी है. मंगलवार को उनके वक़ील अमजद परवेज़ ने यह रिपोर्ट लाहौर हाई कोर्ट में सौंपी.
रिपोर्ट में कहा गया है कि मौजूदा समय में कोरोना महामारी के कारण जैसे हालात हैं, उन्हें देखते हुए और नवाज़ शरीफ़ के स्वास्थ्य को मद्देनज़र रखते हुए उनके लिए एयरपोर्ट समेत दूसरी सार्वजनिक जगहों पर जाना ख़तरनाक हो सकता है और उन्हें इससे बचना चाहिए.
मेडिकल रिपोर्ट में कहा गया है कि नवाज़ शरीफ़ को अपनी एंजियोग्राफ़ी पूरी होने तक अस्पताल से जाना नहीं चाहिए.
लाहौर हाई कोर्ट में यह रिपोर्ट ऐसे समय में सौंपी गयी है जब नवाज़ शरीफ़ के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई की घोषणा हो चुकी है.
पाकिस्तान के केंद्रीय मंत्री फ़वाद चौधरी ने भी इस संबंध में बयान जारी किया है. फ़वाद चौधरी का कहना है कि नवाज़ शरीफ़ लंदन में मेडिकल ट्रीटमेंट करवाने की जगह राजनीतिक गतिविधियों में व्यस्त हैं.
लाहौर हाई कोर्ट में जो रिपोर्ट सौंपी गयी है उसमें नवाज़ शरीफ़ के फ़िज़िशियन की ओर से उन्हें यात्रा ना करने की सलाह दी गयी है.
इससे पहले पाकिस्तान के सूचना मंत्री फ़वाद चौधरी ने कहा था कि आत्म निर्वासन में रह रहे पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ अगर ख़ुद वापस नहीं आए तो सरकार उनको लेकर आएगी.
भ्रष्टाचार मामले में अदालत से ज़मानत पर रिहा हुए नवाज़ शरीफ़ इलाज के लिए लंदन गए थे और फिर उसके बाद वापस नहीं लौटे हैं. उनकी पार्टी पीएमल-एन की ज़िम्मेदारी उनके भाई शाहबाज़ शरीफ़ और बेटी मरियम शरीफ़ के हाथों में है.
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि वह रूस को युद्ध में खींचने की कोशिश कर रहा है.
बीते कई सप्ताह से यूक्रेन संकट का मसला अंतरराष्ट्रीय सुर्ख़ियों में बना हुआ है. अमेरिका, ब्रिटेन समेत कई यूरोपीय देश रूस को यूक्रेन पर हमले को लेकर चेतावनी दे चुके हैं. वहीं रूस भी शुरुआत से ही इन आरोपों का खंडन करता रहा है.
इन सब के बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपनी पहली और बेहद महत्वपूर्ण टिप्पणी में कहा है कि अमेरिका का मक़सद रूस पर और अधिक प्रतिबंध लगाना है जिसके लिए वो इस टकराव का फ़ायदा उठा रहा है.
रूस के राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका, यूरोप में नेटो के संबंध में रूस की चिंताओं की भी अनदेखी कर रहा है.
हालांकि यह भी सच है कि यूक्रेन की सीमा पर एक लाख के लगभग रूसी सैनिक तैनात हैं और इस कारण युद्ध की आशंका बनी हुई है. इन सैनिकों के पास हर तरह के युद्धक टैंक, गोला-बारूद भी मौजूद हैं.
इस बीच यूरोपीय देश और अमेरिका लगातार यूक्रेन को अपना समर्थन दे रहे हैं. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने रूस के ख़िलाफ मदद को तैयार दिख रहे पश्चिमी देशों की तारीफ़ की है.
ज़ेलेंस्की ने अपने सांसदों से कहा है, ''साल 2014 के बाद से ये यूक्रेन के लिए सबसे बड़ा समर्थन है.''
यूक्रेन के राष्ट्रपति ने संसद को बताया कि ब्रिटेन और पोलैंड से एक नई तरह की राजनीतिक साझेदारी तय हो रही है. यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा का कहना है कि ये साझेदारी सुरक्षा के साथ-साथ व्यापार, निवेश और ऊर्जा के क्षेत्र को भी कवर करेगी.
इस बीच यूक्रेन संकट को लेकर शीर्ष अमेरिकी और रूसी अधिकारी नए सिरे से बातचीत करने वाले हैं.
रूस की सेना की अगर यूक्रेन से तुलना की जाए तो रूस कहीं आगे है. जहां रूस के पास क़रीब 9 लाख सक्रिय सैनिक हैं, यूक्रेन के पास ये संख्या 2 लाख की है.
पुतिन ने कहा कि मुझे लगता है कि अमेरिका यूक्रेन की सुरक्षा को लेकर चिंतिंत नहीं है. अमेरिका का मक़सद रूस के विकास को रोकना है. और इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए यूक्रेन महज़ एक साधन भर है.
नमस्कार!
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