ब्रह्मोस मिसाइल के नए वर्ज़न का सफल परीक्षण, क्या है ख़ास

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भारत ने गुरुवार को ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल के नए वर्ज़न का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है.
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, ओडिशा के बालासोर के तट से यह परीक्षण किया गया है. इस मिसाइल के बारे में बताया गया है कि इसमें नई प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल किया गया. इसका परीक्षण सफल रहा है.
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ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल ख़ास क्यों?
ब्रह्मोस मिसाइल को दुनिया की सबसे तेज़ सुपरसोनिक मिसाइलों में गिना जाता है. भारत के लिए इसका सौदा रणनीतिक और रक्षा क्षेत्र में निर्यात के हिसाब से काफी अहम है.
इस मिसाइल में कई खूबियां हैं और इन्हें लेकर ही रक्षा विशेषज्ञ इसे सबसे उम्दा मिसाइलों में गिनते हैं
इस मिसाइल को भारत और रूस के संयुक्त उपक्रम में तैयार किया गया है. इसे जल, थल और वायु से छोड़ा जा सकता है. इस क्षमता को ट्रायड कहा जाता है.
ट्रायड की विश्वसनीय क्षमता भारत से पहले सिर्फ़ अमेरिका, रूस और सीमित रूप से फ्रांस के पास मौजूद है.
रक्षा क्षेत्र के एक्सपर्ट ब्रह्मोस को दुनिया की सबसे तेज़ सुपरसोनिक मिसाइलों में गिनते हैं, जिसकी रफ़्तार 2.8 मैक (ध्वनि की रफ़्तार के बराबर) है. इस मिसाइल की रेंज 290 किलोमीटर है और ये 300 किलोग्राम भारी युद्धक सामग्री ले जा सकती है.
क्रूज़ मिसाइल सतह पर मौजूद किसी लक्ष्य पर प्रहार करने वाली एक गाइडेड मिसाइल होती है. लक्ष्य पर मार करने के दौरान यह समान गति से अपना रास्ता तय करती है.
















