रायपुर के 'धर्म संसद' में अल्पसंख्यकों और महात्मा गांधी के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले कालीचरण महाराज को 13 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है.
गुरुवार को तड़के छत्तीसगढ़ पुलिस ने कालीचरण को खजुराहो के पास बागेश्वरधाम से गिरफ़्तार किया था और शाम को रायपुर की अदालत में पेश किया था. जहां से कालीचरण को दो दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा गया था.
लेकिन हिरासत की सीमा ख़त्म होने से पहले ही शुक्रवार को कालीचरण को स्थानीय अदालत में पेश किया गया. जहां अदालत ने 13 जनवरी तक उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने के निर्देश दिए.
दूसरी ओर कालीचरण महाराज के वकीलों ने ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में जमानत पर रिहाई के लिए याचिका दायर की है. इस याचिका पर तीन जनवरी को सुनवाई होगी.
इधर, शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने महात्मा गांधी के ख़िलाफ़ की गई टिप्पणी के विरोध में रायपुर में 'गांधी हमारे अभिमान' नाम से मौन धरना का आयोजन किया.
गौरतलब है कि रविवार को रायपुर में आयोजित 'धर्म संसद' में अपना भाषण देते हुए अकोला, महाराष्ट्र के रहने वाले कालीचरण महाराज ने कहा था कि, "इस्लाम का टारगेट राजनीति के द्वारा राष्ट्र क़ब्ज़ाना है. उन्होंने हमारी आंखों के सामने 47 में क़ब्ज़ा लिया भइया. दो-दो क़ब्ज़ाया हमारी आंखों के सामने. ईरान, इराक़, अफ़ग़ानिस्तान तो पहले ही क़ब्ज़ा चुके थे. बांग्लादेश और पाकिस्तान हमारे सामने क़ब्ज़ाया उन्होंने, राजनीति के द्वारा क़ब्ज़ाया."
इसके बाद महात्मा गांधी के बारे में कालीचरण ने कहा, "मोहनदास करमचंद गांधी ने सत्यानाश कर दिया. नाथूराम गोडसे जी को नमस्कार है. मार डाला उस...को. देखो, ऑपरेशन करना बहुत ज़रूरी होता है, इन फोड़े-फुंसियों का. वरना ये कैंसर बन जाते हैं."
उनके बयानों के आधार पर रायपुर पुलिस ने धारा 294, 505(2) के तहत मामला दर्ज किया था. बाद में पुलिस ने इसमें राजद्रोह से जुड़ी धाराओं समेत भारतीय दंड संहिता की धारा 153 A (1)(A), 153 B (1)(A), 295 A,505(1)(B), 124A के तहत मामला दर्ज किया था.