हरिद्वार हेट
स्पीच (नफ़रती भाषण) मामले पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर हिंदुत्ववादी
ताक़तों को निशाने पर लिया है.
उन्होंने शुक्रवार
को कहा कि हिंदुत्ववादी ताक़तें हमेशा नफ़रत और हिंसा फैलाते हैं, जिसकी क़ीमत सभी
संप्रदायों के लोगों को चुकानी पड़ती है.
राहुल गांधी
ने अपने ट्विटर हैंडल से किए इस ट्वीट में दावा किया कि इस स्थिति को अब और बरदाश्त
नहीं किया जा सकता!
इस ट्वीट में
उन्होंने दो हैशटैग 'इंडिया अगेंस्ट हिंदुत्व' और 'हरिद्वार हेट एसेंबली' का भी इस्तेमाल
किया है.
हिंदुत्व पर राहुल का निशाना
पिछले कई सालों से 'हिंदू' और 'हिंदुत्व' शब्दों को एक दूसरे से अलग बताते हुए दावा करते रहे हैं कि देश को 'हिंदू' नहीं 'हिंदुत्व' से ख़तरा है.
कांग्रेस पार्टी में मुख्य रूप से राहुल गांधी ही हैं, जो इन दोनों शब्दों को लेकर केंद्र की बीजेपी सरकार के ख़िलाफ़ लगातार मोर्चा खोले हुए हैं.
हाल में उन्होंने अमेठी में हुई एक पदयात्रा और उससे पहले जयपुर में हुई 'महंगाई हटाओ रैली' के दौरान भी बीजेपी को इस मुद्दे पर घेर चुके हैं.
इस साल के शुरू में तमिलनाडु चुनाव के दौरान भी वो 'हिंदू' और 'हिंदुत्व' का मुद्दा उठा चुके हैं.
हरिद्वार हेट स्पीच का मामला
मुसलानों के ख़िलाफ़ खुलेआम नफ़रत भरी बातें बोलने वाले कट्टर हिन्दुत्ववादी नेता यति नरसिम्हानंद ने हरिद्वार में पिछले हफ़्ते 17 से 19 दिसंबर के बीच धर्म संसद का आयोजन किया था.
इसी धर्म संसद में दिए गए भाषण के वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं. वीडियो क्लिप में मुसलमानों के ख़िलाफ़ हिंसा और हिन्दुओं को हथियार उठाने के लिए कहा जा रहा है.
गुरुवार को इस मामले में उत्तराखंड पुलिस ने हाल में इस्लाम छोड़कर हिंदू बन जाने वले वसीम रिज़वी उर्फ़ जितेंद्र नारायण त्यागी समेत अन्य लोगों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की है.
हालांकि हरिद्वार की धर्म संसद में रिज़वी की क्या भूमिका थी, ये स्पष्ट नहीं है.