You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.

Take me to the main website

केंद्र सरकार ने माना, दुनिया के सामने कोरोना की चौथी लहर की चुनौती

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि दुनिया इस समय कोरोना की चौथी लहर का सामना कर रही है. इस समय दुनिया की पॉजिटिविटी रेट 6.1 फ़ीसदी है, लिहाज़ा भारत को सतर्क रहने की ज़रूरत है.

लाइव कवरेज

कमलेश मठेनी, पंकज प्रियदर्शी and चंदन शर्मा

  1. केंद्र सरकार ने माना, दुनिया के सामने कोरोना की चौथी लहर की चुनौती

    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि दुनिया इस समय कोरोना की चौथी लहर का सामना कर रही है. इस समय दुनिया की पॉजिटिविटी रेट 6.1 फ़ीसदी है, लिहाज़ा भारत को सतर्क रहने की ज़रूरत है.

    वहीं कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के मरीज़ों की संख्या शुक्रवार को कुल 17 राज्यों में 358 तक पहुंच गई. हालांकि इनमें से 114 लोग अब तक ठीक हो चुके हैं.

    केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने दिल्ली में स्वास्थ्य मंत्रालय की साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी. इस दौरान, नए वैरिएंट ओमिक्रॉन से पैदा हुई चुनौतियों से निपटने के लिए केंद्र सरकार की नई चेतावनी भी जारी की गई.

    राजेश भूषण ने बताया कि गुरुवार को पूरी दुनिया में 9 लाख से अधिक नए कोरोना मरीज़ पाए गए, जो चौथी लहर का संकेत है. उन्होंने कहा कि हम ​थोड़ी सी भी ढिलाई बरदाश्त नहीं कर सकते.

    हालांकि उन्होंने बताया कि इस समय यूरोप, उत्तर अमेरिका और अफ्रीका में कोरोना के मामले हर हफ़्ते बढ़ रहे हैं, लेकिन एशिया में साप्ताहिक मामले अभी भी घट रहे हैं.

    देश को सतर्क रहने की ज़रूरत

    स्वास्थ्य सचिव भूषण के अनुसार, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 7 दिसंबर को बताया था कि डेल्टा की तुलना में ओमिक्रॉन तेज़ी से फैलता है. इसके मामले 1.5 से 3 दिनों में दोगुने हो जाते हैं. इसलिए हमें कोविड अनुकूल व्यवहार अपनाते हुए सतर्क रहने की ज़रूरत है.

    उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने राज्यों को पहले ही नाइट कर्फ़्यू लगाने, भीड़ को क़ाबू में रखने, अस्पतालों में बिस्तर और अन्य सुविधाएं बढ़ाने और कोविड प्रोटोकॉल को सख़्ती से लागू करने की सलाह दे दी है.

    स्वास्थ्य सचिव के अनुसार, देश में आक्सीजन सप्लाई का हाल बेहतर बना हुआ है. हर रोज़ 18,800 टन आक्सीजन सप्लाई हो रही है.

    सक्रिय मरीज़ों के लिहाज़ से केरल अभी भी देश में सबसे आगे है. उसके बाद महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और कर्नाटक हैं.

    61 फ़ीसदी वयस्कों को मिली दोनों डोज़

    राजेश भूषण ने बताया कि अब तक देश के 89 फ़ीसदी वयस्क आबादी को कोरोना की कम से कम एक ख़ुराक मिल चुकी है. वहीं इसके दोनों ख़ुराक लेने वाले वयस्कों का हिस्सा अब 61 फ़ीसदी तक जा पहुंचा है.

    उन्होंने कहा कि देश के 11 राज्यों में देश के औसत से कम टीकाकरण हुआ है, यह चिंता की बात है.

  2. तुर्की की मुद्रा में गिरावट, अर्दोआन ने दिया इस्लाम का हवाला

    तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन इन दिनों अपनी अर्थव्यवस्था में कई तरह के प्रयोग कर रहे हैं.

    पहले उन्होंने बढ़ती महंगाई को काबू में करने के लिए ब्याज दरों में कटौती जारी रखी. इस कटौती को उन्होंने इस्लाम और ख़ुद के मुसलमान होने से भी जोड़ा.

    दरअसल, ब्याज दरों में कटौती के कारण तुर्की की मुद्रा लीरा डॉलर के मुक़ाबले औंधे मुँह गिरने लगी. एक साल पहले एक डॉलर के लिए 7.5 लीरा देना होता था, पर अब दोगुना देना पड़ रहा है.

    लीरा में गिरावट के कारण जब अर्दोआन देश में घिरे तो उन्होंने पिछले हफ़्ते रविवार को अपनी नीतियों को इस्लाम से जोड़ दिया.

  3. महंगाई क्यों बढ़ रही है और कब तक बढ़ती रहेगी? - दुनिया जहान

    पूरी दुनिया में खाद्य सामग्री, दूसरी चीज़ों, कच्चे तेल और बिजली की कीमतें बढ़ रही हैं, यहां तक कि रोज़ाना इस्तेमाल होने वाली चीनी और चाय भी अब पहले के मुक़ाबले महंगी हो गई है.

    कई देशों में सालों तक महंगाई कम थी, लेकिन कोरोना महामारी के दौर में जिस तरह से महंगाई बढ़ी वैसा बीते दशक भर में नहीं देखा गया.

    महंगाई पर नियंत्रण करने के लिए केंद्रीय बैंक ब्याज दरें बढ़ाती हैं, लेकिन ये दोधारी तलवार की तरह है और इससे अर्थव्यवस्था में सुस्ती आने का ख़तरा भी होता है.

    चिंता ये है कि महामारी से उबर रही अर्थव्यवस्थाओं के लिए कहीं ये कदम ख़तरनाक न साबित हो. तो इस बार दुनिया जहान में पड़ताल इस बात की कि क्या हाल के वक्त में महंगाई का बढ़ना अस्थायी प्रक्रिया है.

    और क्या नीति निर्धारकों को इस पर काबू पाने के लिए कदम उठाने की ज़रूरत है.

  4. ऑस्ट्रेलिया में 22 साल बाद दिखी दुर्लभ गुलाबी हैंडफ़िश

    केवल ऑस्ट्रेलिया में पाई जाने वाली हैंडफ़िश को 22 साल बाद पहली बार तस्मान सागर के तट पर देखा गया है. गुलाबी रंग की इस हैंडफ़िश को दुर्लभ और लुप्तप्राय माना जाता है.

    इस क़िस्म की हैंडफ़िश को इससे पहले आख़िरी बार 1999 में एक तैराक ने देखा था. उसके केवल चार और मौक़ों पर देखा गया था. हालांकि ऑस्ट्रेलिया के शोध करने वालों का कहना है कि इसे इस साल के शुरू में मरीन पार्क में गहरे समुद्र में देखा गया था.

    इसके अस्तित्व पर मंडराते संकट को देखते हुए हाल में इसे संकटग्रस्त प्रजातियों की सूची में शामिल किया गया था.

    ताज़ा तस्वीरों से पता चला है कि ये हैंडफ़िश कहीं ज़्यादा गहरे और खुले पानी में भी रहती है. अभी जो हैंडफ़िश मिली है वो तस्मान सागर के दक्षिणी तट पर क़रीब 150 मीटर या 400 फ़ीट की गहराई में मिली है.

    वैज्ञानिकों का अभी तक यही मानना था कि ये प्रजाति केवल छिछले समुद्र में ही पाई जाती है.

    हैंडफ़िश की इस दुर्लभ प्रजाति के फिर से दिखने और उसके आवास को लेकर नई जानकारी मिलने से वैज्ञानिक समुदाय काफ़ी ख़ुश है.

  5. यूपी में सहायक शिक्षक भर्ती में रिक्त पदों का मामला: पानी की टंकी पर चढ़ने के लिए क्यों मजबूर हुई ये लड़की

    उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक महिला, बेरोज़गारी के मुद्दे को लेकर पिछले चार महीनों से पानी की टंकी पर चढ़ी हुई है.

    36 साल की शिखा पाल 11 अगस्त से उत्तर प्रदेश के स्टेट काउंसिल ऑफ़ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (SCERT) के कैंपस में बनी एक पानी की टंकी पर चढ़कर, दिन-रात प्रदर्शन कर रही हैं.

    शिखा पाल की मांग है कि 2017 से चली आ रही सहायक शिक्षक भर्ती में 26 हज़ार से अधिक खाली पदों पर, सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लागू करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार उन्हें और उन जैसे 45 हज़ार सुपर टीईटी पास योग्य अभ्यर्थियों को मौका दे.

    जिस टंकी पर चढ़कर शिखा प्रदर्शन कर रही हैं वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निवास से महज़ 4 किलोमीटर की दूरी पर है. लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है.

  6. कानपुर में इत्र व्यापारी के घर रेड, नोट गिनने के लिए मंगानी पड़ी मशीन

    उत्तर प्रदेश में अगले साल फरवरी-मार्च में होने वाले विधानसभा चुनावों के पहले आयकर विभाग और केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड सक्रिय तौर पर छापेमारी कर रहा है.

    हाल ही में समाजवादी पार्टी से जुड़े कुछ लोगों के यहां केंद्रीय एजेंसियों ने छापेमारी की थी. जिसे लेकर काफी हंगामा भी हुआ. आरोप-प्रत्यारोप के दौर भी चले लेकिन कानपुर में गुरुवार को हुई छापेमारी ने राजनीतिक गलियारों में बयानबाज़ी के दौर को तो हवा दी ही है, आम लोगों को भी चौंका दिया है.

    गुरुवार को केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड ने कानपुर में इत्र व्यापारी पीयूष जैन की फ़ैक्ट्री और आवास पर छापेमारी की. केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड की अलग-अलग टीमों ने मुंबई, गुजरात में भी उनके घर, फैक्ट्री, उनके ऑफ़िस, कोल्ड स्टोरेज और पेट्रोल पंप पर छापेमारी की.

    केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड के अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि पीयूष जैन के पास से करोड़ों रुपये बरामद किये गए हैं.

  7. चीन में भारत के नए राजदूत प्रदीप कुमार रावत चर्चा में क्यों हैं?

    प्रदीप कुमार रावत को चीन में भारत का नया राजदूत बनाया गया है. सोमवार को भारतीय विदेश मंत्रालय ने उनकी नियुक्ति को लेकर प्रेस रिलीज़ जारी किया था.

    प्रदीप कुमार रावत मंदारिन यानी चीनी भाषा भी बोलते-समझते हैं. रावत की नियुक्ति के बाद उनके मंदारिन जानने वाली बात प्रमुखता से रेखांकित की जा रही है. रावत इससे पहले नीदरलैंड्स में भारत के राजदूत थे और अब चीन में विक्रम मिस्री की जगह लेंगे.

    चीन में बतौर भारतीय राजदूत विक्रम मिस्री का तीन साल का कार्यकाल इसी महीने ख़त्म हुआ है. रावत की नियुक्ति चीन में तब हो रही है जब दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंध ऐतिहासिक रूप से ख़राब हैं.

    पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी एलओसी पर अप्रैल 2020 से ही दोनों देशों के सैनिक आमने-सामने हैं. अब भी गतिरोध में कोई कमी नहीं आई है और आए दिन ख़बरें आती रहती हैं कि चीन एलओसी पर कंस्ट्रक्शन का काम कर रहा है.

    अब भी इसका कोई समाधान नहीं हो पाया है और एलएसी पर दोनों देशों के हज़ारों सैनिक तैनात हैं. हालाँकि प्रदीप कुमार रावत चीन के साथ सीमा पर तनाव को लेकर कोई अजनबी नहीं हैं.

  8. उत्तराखंड: सवर्ण छात्रों ने दलित महिला के हाथों का खाना खाने से किया इनकार, क्या है पूरा मामला

    उत्तराखंड के चंपावत ज़िले के एक सरकारी स्कूल में सवर्ण परिवारों के बच्चों ने दलित भोजन माता के हाथ का खाना खाने से इनक़ार कर दिया था.

    इस मामले के सामने आने के बाद प्रशासन ने न सिर्फ़ उस भोजन माता को काम से हटा दिया बल्कि इस पद पर नए सिरे से नियुक्ति करने का भी एलान कर दिया.

    स्थानीय मीडिया में कहा जा रहा है कि इसके साथ ही इस मामले का पटापेक्ष हो गया है लेकिन बीबीसी हिंदी की ज़मीनी पड़ताल में यह सामने आया कि यह मामला अभी और उलझने जा रहा है.

    चंपावत के सूखीढांग इंटर कॉलेज के कुल 230 छात्र-छात्राओं में से छठी से आठवीं तक के 66 छात्र-छात्राओं के लिए मिड-डे-मील बनता है. इसके लिए यहां भोजन माता के दो पद हैं. 11 अक्टूबर तक यहां भोजन माता के रूप में शकुंतला देवी और विमलेश उप्रेती काम कर रही थीं.

    शकुंतला देवी की आयु 60 वर्ष से अधिक हो जाने के कारण उन्हें हटा दिया गया. उनकी जगह दूसरी भोजन माता को रखने की प्रक्रिया अक्टूबर में शुरू हुई और 28 अक्टूबर को इंटर कॉलेज के प्रिंसिपल प्रेम सिंह ने नई भोजन माता की नियुक्ति के लिए एक विज्ञप्ति बनाकर उसे प्रचलित माध्यमों (वाट्सऐप ग्रुप्स और स्थानीय बाज़ार में विज्ञप्ति चिपकाकर, बच्चों से माता-पिता के लिए संदेश भिजवाकर) पर उसे जारी कर दिया.

  9. हॉन्ग कॉन्ग: तियानमेन कांड की याद में बने दो और स्मारक हटाए गए

    हॉन्ग कॉन्ग में दो और विश्वविद्यालयों से तियानमेन स्क्वेयर कांड की याद में बने स्मारकों को हटा दिया गया है.

    चाइनीज़ यूनिवर्सिटी ऑफ़ हॉन्ग कॉन्ग (सीयूएचके) से गॉडेस ऑफ़ डेमोक्रेसी (लोकतंत्र की देवी) और लिंगन यूनिवर्सिटी से एक स्मारक को हटाया गया है.

    एक दिन पहले बुधवार को यूनिवर्सिटी ऑफ़ हॉन्ग कॉन्ग में तियानमेन नरसंहार की याद में लगी प्रचलित मूर्ति ‘पिलर ऑफ़ शेम’ को हटा दिया गया था.

    इस मूर्ति में 1989 में लोकतंत्र समर्थित विरोध प्रदर्शनों के दौरान मारे गए लोगों की लाशों का ढेर दिखाया गया था.

    चीन की राजधानी बीजिंग के तियानमेन चौक पर साल 1989 में लोकतंत्र के समर्थन में बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ था. चीनी सरकार ने उस विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए वहां मौजूद प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलवा दी थीं.

    हॉन्ग कॉन्ग में लोकतंत्र के समर्थन में और चीन के विरोध में प्रदर्शन होते रहते हैं. चीन की तरफ़ से इन विरोध प्रदर्शनों को दबाने की कोशिश होती है. मूर्तियां हटाने के कदम को भी इसी का हिस्सा माना जा रहा है.

    गॉडेस ऑफ़ डेमोक्रेसी की मूर्ति यहां पहले लगे मूर्ति के आधार पर बनाई गई थी. पहले लगी मूर्ति को 1989 में चीनी स्टूडेंट्स ने उखाड़ दिया था और तियानमेन गोलीकांड से एक दिन पहले उसे तियानमेन चौक पर घुमाया था.

    सीयूएचके ने मूर्ति हटाने की प्रत्यक्ष तौर पर पुष्टि नहीं की है लेकिन कहा है कि "अनधिकृत मूर्ति" को हटा दिया गया है.

    यूनिवर्सिटी ने कहा, “यूनिवर्सिटी ने परिसर में ये मूर्ति लगाने की इजाजत कभी नहीं दी थी और किसी भी संगठन ने इसके रखरखाव और प्रबंधन की ज़िम्मेदारी नहीं ली है.”

    वहीं, लिंगन यूनिवर्सिटी से एक दीवार पर उकेरी गई एक पेटिंग को हटाया गया है.

    यूनिवर्सिटी का कहना है कि उसने हाल ही में “परिसर में मौजूद उन चीज़ों की समीक्षा और आकलन किया है जिनसे क़ानूनी या सुरक्षा ख़तरे हो सकते हैं और यूनिवर्सिटी के सर्वोत्तम हित में इन्हें हटा दिया गया है.”

  10. ओवैसी का बयान जिन्ना के 'डायरेक्ट एक्शन' वाले बयान जैसा: बीजेपी

    एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के पुलिस को कथित रूप से धमकाने वाले मामले में उनके समर्थन और विरोध में शुक्रवार सुबह से बयानबाज़ी जारी है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, अब बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने ओवैसी के बयान को 1946 में मोहम्मद अली जिन्ना के 'डायरेक्ट एक्शन' वाले बयान जैसा क़रार दिया है.

    सुधांशु त्रिवेदी ने एआईएमआईएम प्रमुख को जिन्ना जैसा बताते हुए कहा कि उनमें जिन्ना की आत्मा बसती है. उन्होंने कहा कि एआईएमआईएम के नेताओं को ऐसे शरारती बयान देने की पुरानी आदत है.

    वहीं बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने ओवैसी की तुलना मोहम्मद अली जिन्ना और औरंगज़ेब दोनों से की.

    अमित मालवीय ने ट्वीट किया, "मोहम्मद अली जिन्ना और मुग़ल सम्राट औरंगज़ेब की तरह ओवैसी भी सभ्यता की लड़ाई का चेहरा हैं, जिसका सनातन धर्म हज़ारों सालों से सामना कर रहा है. शक्ति संतुलन समय की ज़रूरत है."

    क्या है मामला

    असदुद्दीन ओवैसी का एक वीडियो वायरल हुआ है. इस वीडियो में वो कह रहे हैं, ''मैं उन पुलिस के लोगों से कहना चाहता हूँ कि हमेशा योगी मुख्यमंत्री नहीं रहेगा, हमेशा मोदी प्रधानमंत्री नहीं रहेगा. हम मुसलमान इस समय ख़ामोश ज़रूर हैं, लेकिन हम तुम्हारे जुल्म को भूलने वाले नहीं हैं. हम तुम्हारे जुल्म को याद रखेंगे. अल्लाह अपनी ताक़त के ज़रिए तुम्हें नेस्तनाबूद करेगा. हालात बदलेंगे, तो कौन बचाने आएगा तुमको. जब योगी मठ में चले जाएँगे और मोदी पहाड़ों में चले जाएँगे, तो कौन आएगा. हम नहीं भूलेंगे.''

    हालांकि विवाद बढ़ने पर ओवैसी ने स्पष्ट किया है कि उनके पूरे भाषण के एक क्लिप को वायरल करके ये आरोप लगाया जा रहा है कि वो लोगों को डरा और धमका रहे हैं.

    उन्होंने अपने भाषण का क्लिप जारी करते हुए ट्विटर पर लिखा है कि उन्होंने हिंसा को बढ़ावा देने की कोई बात नहीं की है, वे सिर्फ़ पुलिस अत्याचार की बात कर रहे थे.

  11. मिस यूनिवर्स हरनाज़ संधू का सपनों से भरा सफ़र

    21 साल बाद भारत की झोली में मिस यूनिवर्स का ख़िताब डालने वालीं हरनाज़ संधू के लिए ये सफ़र किसी सपने से कम नहीं रहा है, लेकिन ये सपना देखना और इसे पूरा करना आसान नहीं था.

    इस पूरे दौर में अपने परिवार से भरपूर सहयोग मिला और उन्होंने अपनी मेहनत में कोई कमी नहीं छोड़ी.

    हरनाज़ देश लौट आई हैं और बीबीसी ने उनसे बातचीत की. हरनाज़ ने बताया कि उन्हें शाहरुख़ ख़ान बहुत पसंद हैं, लेकिन क्यों?

  12. हरभजन सिंह: भारत के लिए पहली हैट-ट्रिक लेने वाले टर्बनेटर की क्रिकेट से विदाई

    शुक्रवार को अचानक भारत के सबसे कामयाब स्पिनरों में से एक हरभजन सिंह ने क्रिकेट के हर प्रारूप को अलविदा कह दिया.

    हरभजन सिंह ने ट्वीट करके इसकी जानकारी दी. उन्होंने लिखा है, "हर अच्छी चीज़ कभी ना कभी ख़त्म हो जाती है और आज मैं उस खेल से विदा ले रहा हूं, जिसने मुझे सब कुछ दिया है. उन सभी को धन्यवाद, जिन्होंने इस 23 साल की लंबी यात्रा को यादगार बनाया."

    हरभजन सिंह के बेहद कामयाब क्रिकेट करियर में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में साल 2007 में आईसीसी टी-20 विश्व कप और साल 2011 में आईसीसी एकदिवसीय विश्व कप चैंपियन टीम का सदस्य रहना भी है.

    हरभजन सिंह का विवादों से भी ख़ूब नाता रहा.

    इसमें आईपीएल के दौरान श्रीसंत को थप्पड़ मारने से लेकर, ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज़ एंड्रयू सायमंडस से भिड़ना भी है जो आज भी मंकी गेट के नाम से मशहूर है.

  13. भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार चौथे हफ़्ते गिरावट

    देश के विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार चौथे हफ़्ते गिरावट हुई है. पिछले हफ़्ते 16 करोड़ डॉलर की गिरावट के बाद अब देश का विदेशी मुद्रा भंडार घटकर 635.667 अरब डॉलर रह गया.

    भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा जारी आंकड़ों के हवाले से समाचार एजेंसी पीटीआई ने यह जानकारी दी है.

    बीते 3 सितंबर को अब तक के सर्वोच्च स्तर 642.453 अरब डॉलर तक पहुंचने के बाद देश का विदेशी मुद्रा भंडार लगातार गिरता जा रहा है.और अब तक इसमें क़रीब सात अरब डॉलर की कमी हो गई है.

    विदेशी मुद्रा भंडार के सबसे बड़े घटक विदेशी मुद्रा संपदा में बीते हफ़्ते 64.5 करोड़ डॉलर की कमी हो गई. हालांकि दूसरे अहम घटक सोने के भंडार में उस दौरान 47.5 करोड़ डॉलर की तेज़ी आई है.

  14. आज का कार्टून: ऐसे नहीं समझ में आएगा

    ओमिक्रॉन के खतरे के बीच नेताओं की रैलियों पर आज का कार्टून.

  15. यूपी चुनाव: कोरोना का संकट और चुनावी रैलियां

    कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए उत्तर प्रदेश के चुनाव टालने और रैलियों पर पाबंदी लगाने के इलाहाबाद हाई कोर्ट के आग्रह पर क्या कह रहे हैं लोग.

    लखनऊ में आम लोगों से बात कर रही हैं बीबीसी संवाददाता गुरप्रीत सैनी.

  16. हरिद्वार धर्म संसद: विवादित बयानों पर गिरफ़्तारी क्यों नहीं हुई, क़ानूनी जानकारों ने उठाए सवाल

    भारतीय दंड संहिता की जिस धारा 153ए के तहत हरिद्वार में हुए 'धर्म संसद' में दिए गए विवादित बयानों को लेकर जो प्राथमिकी दर्ज की गई है वो एक ग़ैर ज़मानती धारा है.

    क़ानून के जानकारों का कहना है कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए गिरफ़्तारियां भी फ़ौरन ही होनी चाहिए थी. इसके साथ ही जिस तरह के हिंसक और भड़काऊ बयान दिये गए हैं, उनके आधार पर और दूसरी धाराएं भी जोड़ी जानी चाहिए थीं.

    उत्तराखंड के हरिद्वार में इस महीने की 17 तारीख़ से लेकर 19 तारीख़ तक एक 'धर्म संसद' का आयोजन किया गया था.

    वहाँ मौजूद लोगों के 'विवादित भाषणों' के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं जिसमें वक्ता 'धर्म की रक्षा के लिए शस्त्र उठाने, 2029 तक मुस्लिम प्रधानमंत्री न बनने देने, मुस्लिम आबादी न बढ़ने देने और हिंदू समाज को शस्त्र उठाने का आह्वान करने जैसी बातें करते नज़र आ रहे हैं.'

  17. बीबीसी हिंदी का डिजिटल रेडियो कार्यक्रम दिनभर, 24 दिसंबर, सुनिए मोहनलाल शर्मा के साथ

  18. दिल्ली में कोरोना के 180 और ओमिक्रॉन के 57 नए मामले

    दिल्ली में कोरोना के मरीज़ों की संख्या फिर से बढ़नी शुरू हो गई है. शुक्रवार को राजधानी में 180 नए केस दर्ज़ किए गए. वहीं कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन से संक्रमित होने वालों की संख्या अब 57 हो गई है.

    इस तरह दिल्ली में कुल सक्रिय मरीज़ों की संख्या बढ़कर 782 हो गई है. हालांकि राहत की बात ये है कि दिल्ली की पॉजिटिविटी रेट अभी भी 0.29 फ़ीसदी है, जो 5 फ़ीसदी के ख़तरनाक स्तर से काफ़ी नीचे है.

    दिल्ली सरकार के रोज़ाना जारी होने वाली हेल्थ बुलेटिन के अनुसार, शुक्रवार को दिल्ली में 62 हज़ार से अधिक लोगों की कोरोना जांच की गई. शुक्रवार को कोरोना से मुक्त होने वाले मरीज़ों की संख्या 82 रही है.

    दिल्ली में 100 वयस्कों को मिली पहली ख़ुराक

    दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को बड़ा एलान किया. उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि राज्य के 100 फ़ीसदी वयस्कों को कोरोना वैक्सीन की कम से कम एक ख़ुराक दे दी गई है.

    दिल्ली में अब तक 2.53 करोड़ वैक्सीन ख़ुराक लग चुकी है. इनमें से 1.48 करोड़ पहली ख़ुराक के रूप में तो 1.05 करोड़ दूसरी ख़ुराक के रूप में दी गई है.

    दिल्ली में पिछले 24 घंटों में क़रीब 1.22 लाख लोगों ने वैक्सीन ली है. इनमें से क़रीब 41 हज़ार लोगों ने पहली ख़ुराक तो क़रीब 81 ​हज़ार लोगों ने दूसरी ख़ुराक ली.

    क्रिसमस और नए साल के सामूहिक जश्न पर रोक

    दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण यानी डीडीएमए ने पहले ही एलान किया है कि राजधानी में नए साल और क्रिसमस के मौक़े पर होने वाले किसी भी सामूहिक कार्यक्रम के आयोजन की मनाही होगी. इसके अलावा, राजनीति, खेल, मनोरंजन, सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजनों पर भी रोक लगाई गई है.

  19. लड़कियां अपने होठों को बड़ा कराने के लिए ये रिस्क ले रही हैं

    बीबीसी को अपनी पड़ताल में पता चला कि कई ब्यूटी प्रैक्टिशनर युवा लोगों को लिप फिलर्स का ऑफर देते हैं.

    इंग्लैंड 18 साल से कम आयु के लोगों को इस तरह की सर्जरी करवाना गैरकानूनी है.

    लेकिन बीबीसी ने पाया कि कई ऐसे युवा हैं जो इस तरह की सर्जरी करवा रहे हैं.

    ये युवा बताते हैं कि वो सोशल मीडिया के दबाव में आकर इस तरह सर्जरी करवाते हैं.

  20. रामचंद्र मांझी: भोजपुरी नाटक से पद्मश्री तक का सफ़र

    बिहार के रामचंद्र मांझी को हाल ही में पद्मश्री सम्मान से नवाज़ा गया. रामचंद्र मांझी और उनकी मंडली कई सालों से भिखारी ठाकुर के नाटकों का मंचन करते आ रहे हैं.

    जिस दौर में भोजपुरी गानों में लगातार अश्लीलता का तड़का लगता हुआ दिख रहा है, तब रामचंद्र मांझी जैसे लोग अपनी अलग राह पर चलते हुए पहचान बना रहे हैं.

    देखिए यह ख़ास रिपोर्ट.