केंद्र सरकार ने माना, दुनिया के सामने कोरोना की चौथी लहर की चुनौती
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि दुनिया इस समय कोरोना की चौथी लहर का सामना कर रही है. इस समय दुनिया की पॉजिटिविटी रेट 6.1 फ़ीसदी है, लिहाज़ा भारत को सतर्क रहने की ज़रूरत है.
वहीं कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के मरीज़ों की संख्या शुक्रवार को कुल 17 राज्यों में 358 तक पहुंच गई. हालांकि इनमें से 114 लोग अब तक ठीक हो चुके हैं.
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने दिल्ली में स्वास्थ्य मंत्रालय की साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी. इस दौरान, नए वैरिएंट ओमिक्रॉन से पैदा हुई चुनौतियों से निपटने के लिए केंद्र सरकार की नई चेतावनी भी जारी की गई.
राजेश भूषण ने बताया कि गुरुवार को पूरी दुनिया में 9 लाख से अधिक नए कोरोना मरीज़ पाए गए, जो चौथी लहर का संकेत है. उन्होंने कहा कि हम थोड़ी सी भी ढिलाई बरदाश्त नहीं कर सकते.
हालांकि उन्होंने बताया कि इस समय यूरोप, उत्तर अमेरिका और अफ्रीका में कोरोना के मामले हर हफ़्ते बढ़ रहे हैं, लेकिन एशिया में साप्ताहिक मामले अभी भी घट रहे हैं.
देश को सतर्क रहने की ज़रूरत
स्वास्थ्य सचिव भूषण के अनुसार, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 7 दिसंबर को बताया था कि डेल्टा की तुलना में ओमिक्रॉन तेज़ी से फैलता है. इसके मामले 1.5 से 3 दिनों में दोगुने हो जाते हैं. इसलिए हमें कोविड अनुकूल व्यवहार अपनाते हुए सतर्क रहने की ज़रूरत है.
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने राज्यों को पहले ही नाइट कर्फ़्यू लगाने, भीड़ को क़ाबू में रखने, अस्पतालों में बिस्तर और अन्य सुविधाएं बढ़ाने और कोविड प्रोटोकॉल को सख़्ती से लागू करने की सलाह दे दी है.
स्वास्थ्य सचिव के अनुसार, देश में आक्सीजन सप्लाई का हाल बेहतर बना हुआ है. हर रोज़ 18,800 टन आक्सीजन सप्लाई हो रही है.
सक्रिय मरीज़ों के लिहाज़ से केरल अभी भी देश में सबसे आगे है. उसके बाद महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और कर्नाटक हैं.
61 फ़ीसदी वयस्कों को मिली दोनों डोज़
राजेश भूषण ने बताया कि अब तक देश के 89 फ़ीसदी वयस्क आबादी को कोरोना की कम से कम एक ख़ुराक मिल चुकी है. वहीं इसके दोनों ख़ुराक लेने वाले वयस्कों का हिस्सा अब 61 फ़ीसदी तक जा पहुंचा है.
उन्होंने कहा कि देश के 11 राज्यों में देश के औसत से कम टीकाकरण हुआ है, यह चिंता की बात है.