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पंजाब में बेअदबी के मामलों की जांच के लिए एसआईटी गठित करने का आदेश

पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने राज्य में बेअदबी के कथित मामलों की जांच के लिए एसआईटी गठित की है. पंजाब में दो दिन के दौरान कथित बेअदबी के दो मामले सामने आने से तनाव बढ़ गया है.

लाइव कवरेज

चंदन शर्मा and अनंत प्रकाश

  1. पंजाब में बेअदबी के मामलों की जांच के लिए एसआईटी गठित करने का आदेश

    पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने राज्य में बेअदबी के कथित मामलों की जांच के लिए एसआईटी गठित की है.

    पंजाब में दो दिन के दौरान कथित बेअदबी के दो मामले सामने आने से तनाव बढ़ गया है.

    इनमें से एक मामला अमृतसर और दूसरा कपूरथला का है.

    पुलिस ने कपूरथला के मामले को चोरी से जुड़ी घटना बताया है.

    दोनों मामलों में जिन दो लोगों पर आरोप लगे, रिपोर्टों के मुताबिक लोगों ने उनकी पिटाई की और बाद में उनकी मौत हो गई.

  2. दक्षिण और उत्तर भारतीय फ़िल्मों को बांटकर देखने के ख़िलाफ़ हूं: धनुष

    दक्षिण भारतीय फ़िल्मों से अपना करियर शुरू करने वाले एक्टर धनुष की एक और हिंदी फ़िल्म "अतरंगी रे" के साथ लौट रहे हैं.

    इस फ़िल्म की रिलीज़ से पहले पत्रकारों से हुई बातचीत में उन्होंने कहा है कि विभिन्न भारतीय फ़िल्म उद्योगों का आपसी मेलजोल मनोरंजन के क्षेत्र में देश के लिए एक "स्वस्थ" संकेत है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई से हुए बातचीत में उन्होंने कहा, “मैं दक्षिण और उत्तर भारत की फ़िल्मों के बीच बंटवारे के हमेशा ख़िलाफ़ था.''

    उन्होंने 24 दिसंबर को रिलीज़ होने जा रही नई हिंदी फ़िल्म ''अतरंगी रे'' के बारे में बताया है कि यह एक भारतीय फ़िल्म है और यह हमेशा ऐसा ही होना चाहिए."

    धनुष ने कहा, "हम बहुत तेज़ी से वैसे बदलाव की ओर जा रहे हैं. यह बहुत अच्छी बात है. इससे हमारी फ़िल्म, एक्टर और सभी रचनात्मक लोगों को फ़ायदा हो रहा है."

    उन्होंने अपने ससुर और सुपरस्टार रजनीकांत के साथ आर राजामौली की फ़िल्म बाहुबली की शानदार सफलता को श्रेय देते हुए कहा कि इनके चलते अखिल भारतीय सिनेमा अब अंतरराष्ट्रीय पटल तक पहुंच सका है.

    धनुष ने कहा, "शुरू में ये घटना रजनीकांत के साथ हुई. वो पहले राष्ट्रीय और फिर अंतरराष्ट्रीय हो गए. जापान, कनाडा, अमेरिका हर जगह उनकी बड़े प्रशंसक हैं. उसके बाद बाहुबली ने ये काम किया. इन दोनों ने ट्रेंड सेट कर दिया."

    उन्होंने कहा, "हमारे फ़िल्म उद्योग के साथ ये बहुत ख़ूबसूरत चीज़ हुई है. इसने हमें बताया कि ये हम ही हैं जो ख़ुद को सीमित कर रहे हैं. इसका दायरा बहुत बड़ा है, ज़रूरत है हमें ख़ुद को आगे बढ़ाने की."

    कौन हैं धनुष?

    धनुष को अभिनय के लिए दो बार राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुका है. उन्हें आदुकलम, 3, मारी, असुरन और कर्णन जैसी तमिल फ़िल्मों के लिए जाना जाता है. उन्होंने 2013 में रांझणा फ़िल्म के ज़रिए हिंदी फ़िल्म उद्योग यानी बॉलीवुड में क़दम रखा था, जो काफ़ी हिट रही थी.

    उसके बाद उन्होंने आर बाल्की के निर्देशन में 2015 में शमिताभ फ़िल्म में अमिताभ बच्चन के साथ भी काम किया था. अब कई साल बाद वो फिर से निर्देशक आनंद एल राय की फ़िल्म "अतरंगी रे" के साथ बॉलीवुड में लौट रहे हैं. इस फ़िल्म में उन्होंने सारा अली ख़ान और अक्षय कुमार के साथ काम किया है.

  3. जम्मू और कश्मीर: बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से परेशान सरकार ने मांगी सेना की मदद

    जम्मू और कश्मीर में श​निवार से जारी कर्मचारियों की हड़ताल से बिजली की आपूर्ति पर काफ़ी असर हुआ है. इससे परेशान होकर प्रशासन ने सेना की मदद लेने का फ़ैसला लिया है. अब सेना राज्य में ज़रूरी सेवाओं की बहाली में मदद कर रही है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई ने अधिकारियों के हवाले से रविवार को बताया कि प्रशासन के अनुरोध के बाद सेना तैनात की गई है.

    बिजली विभाग के कर्मचारी इस सेक्टर में हो रहे निजीकरण के प्रयासों से नाराज़ हैं. इस नाराज़गी को दूर करने के लिए सरकार और कर्मचारियों के बीच दो दौर की वार्ता हुई, लेकिन वो विफल हो गई.

    इसके बाद बिजली विभाग के लाइनमैन से लेकर सीनियर इंजीनियरों तक ने शनिवार से अनिश्चितकाल की हड़ताल शुरू कर दी.

    इससे राज्य के कई इलाक़ों में बिजली की आपूर्ति पूरी तरह से ठप्प हो गई. शनिवार की रात, जम्मू और कश्मीर के क़रीब 50 प्रतिशत इलाक़ों में अंधेरा छाया रहा.

    क्या किया प्रशासन ने?

    जम्मू के कमिश्नर राघव लैंगर ने सेना को भेजे एक पत्र में कहा कि बिजली विभाग के कर्मचारियों की हड़ताल के चलते जम्मू इलाक़े में ज़रूरी सेवाएं बुरी तरह से प्रभावित हुई हैं.

    उन्होंने कहा, "हमें भारतीय सेना की मदद चाहिए ताकि मुख्य बिजली घरों और जलस्रोतों में लोग लगाकर ज़रूरी सेवाएं बहाल करने में मदद मिल सके."

    अधिकारियों के अनुसार, इस अनुरोध के बाद सेना ने बिजली सप्लाई बहाल करने के लिए तेज़ी से काम करते हुए अहम बिजली स्टेशनों और जलस्रोतों पर अपने सैनिक तैनात कर दिए.

  4. पाकिस्तान में OIC सम्मेलन छोड़ भारत आए मुस्लिम देशों के विदेश मंत्री

    पाकिस्तान एवं सऊदी अरब द्वारा आयोजित इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) के सदस्य देशों के विदेश मंत्री परिषद की 17वीं विशेष बैठक रविवार को इस्लामाबाद में हो रही है. इस बैठक में अफ़ग़ानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री ख़ान मोत्ताकी और OIC महासचिव भाग ले रहे हैं.

    ओआईसी के कुल 57 सदस्य देशों में से 20 विदेश मंत्री इस्लामाबाद बैठक में भाग ले रहे हैं जबकि 10 उप मंत्री या राज्य मंत्री अपने-अपने देशों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं.

    संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ, अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों, क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संगठनों, जापान, जर्मनी और अन्य ग़ैर-ओआईसी देशों के प्रतिनिधियों को भी बैठक में आमंत्रित किया गया है.

    लेकिन इसी बीच रविवार को भारत में अफ़ग़ानिस्तान में संकट एवं क्षेत्रीय संबंधों के मुद्दे पर बातचीत हो रही है, जिसमें मध्य एशियाई देशों किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, कजाकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और उज़्बेकिस्तान के विदेश मंत्री भाग ले रहे हैं.

    हालांकि, इन देशों ने पाकिस्तान में हो रही बैठक में अपने प्रतिनिधिमंडलों को भेजा है.

  5. कच्चे माल की कमी के चलते जूट उद्योग को 1,500 करोड़ रुपये का नुक़सान: रिपोर्ट

    कच्चे माल की कमी के चलते मौजूदा सीज़न में जूट उद्योग को क़रीब 1,500 करोड़ रुपये का नुक़सान हो चुका है.

    समाचार एजेंसी प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया ने जूट उद्योग से जुड़े लोगों के हवाले से रविवार को बताया कि इस सीज़न में पर्याप्त माल न मिलने की वजह से 4.81 लाख गांठ (एक गांठ में 500 बोरी) जूट की बोरियों की आपूर्ति नहीं हो पाई. इस चलते अब अनाज रखने के लिए प्लास्टिक की बोरियों का इस्तेमाल हो रहा है.

    जूट के प्रमुख उत्पादक राज्य पश्चिम बंगाल में केंद्र और राज्य सरकार की मदद के बावजूद यह कमी हुई है.

    असल में बाज़ार में कच्चे जूट की कमी को लेकर अराजक सी स्थिति बनी हुई है. इस समय बाज़ार में कच्चे माल की जो क़ीमत है वो जूट के मिलों के लिए तय क़ीमत से कहीं ज़्यादा है. इस चलते मिलों को पर्याप्त कच्चा माल मिल नहीं पा रहा.

    पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से लिखा है, "नवंबर और दिसंबर में 4.8 लाख गांठ जूट की बोरियों की आपूर्ति कम रही. मिल मालिक इतना उत्पादन नहीं कर सके. अनुमान है कि इससे 1,500 करोड़ रुपये का नुक़सान हो गया."

    जूट मिलों को नवंबर में 2.50 लाख गांठ और दिसंबर में 2.31 लाख गांठ जूट की बोरियों की आपूर्ति करनी थी.

    सरकारें 12 हज़ार करोड़ के जूट बैग ख़रीदती हैं

    मालूम हो कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने नवंबर में 2021-22 सीज़न के दौरान पैकिंग में जूट की बोरियों के ज़रूरी उपयोग के नियमों को मंज़ूरी दी थी. इन नियमों के तहत, अनाजों की पैकिंग में जूट की बोरियों का शत-प्रतिशत उपयोग किया जाएगा, जबकि 20 प्रतिशत चीनी जूट की बोरियों में पैक होगी.

    मालूम हो कि केंद्र और राज्य सरकारों की संस्थाओं द्वारा हर साल क़रीब 12,000 करोड़ रुपये की जूट की बोरियों की ख़रीद होती है. इस समय बोरियों की एक गांठ की क़ीमत क़रीब 31,000 रुपये है.

    इस बारे में नाम न छापने की शर्त पर एक उत्पादक ने कहा, "प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने हमारी पूरी मदद की, लेकिन कच्चे जूट की क़ीमत को लेकर समस्या है."

    "इस समय कच्चे जूट का बाज़ार मूल्य लगभग 7,200 रुपये प्रति क्विंटल है, पर जूट आयुक्त ने मिलों के लिए इसकी अधिकतम क़ीमत 6,500 रुपये प्रति क्विंटल तय की है. इसलिए हम तय क़ीमत पर कच्चा माल नहीं खरीद पा रहे हैं. इससे जूट की ​बोरियों के उत्पादन और आपूर्ति में बाधा आई है.''

  6. राहुल गांधी बोले, पत्रकारों के साथ हिंसा या अन्याय हुआ तो करेंगे मदद

    कांग्रेस नेता और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि यदि पत्रकारों के साथ कोई हिंसा या अन्याय हुआ तो वो उनकी मदद करेंगे.

    राहुल गांधी ने रविवार को इस बारे में एक ट्वीट किया. इसमें उन्होंने मीडिया की आज़ादी पर अपनी राय रखी.

    उन्होंने लिखा, ''कई मीडिया साथी सिर्फ़ एक व्यक्ति का चेहरा दिखाते हैं, विपक्ष की आवाज़ दबाते हैं- जनता तक नहीं पहुंचने देते. क्या उस व्यक्ति ने कभी आपके लिए आवाज़ उठायी?''

    राहुल गांधी ने आगे कहा, ''आपको जो सही लगे, वो कीजिए लेकिन आपके ख़िलाफ़ अन्याय-हिंसा होगी तो मैं पहले भी आपके साथ था और आगे भी रहूंगा.''

    राहुल गांधी मीडिया पर पहले भी आरोप लगाते रहे हैं कि वे प्रधानमंत्री और केंद्र की सत्तारूढ़ बीजेपी का पक्ष लेते हैं, जबकि विपक्ष की आवाज़ को अपने यहां जगह नहीं देते.

    कई रिपोर्ट भी शेयर किए

    उन्होंने इसके साथ ही अपने इस ट्वीट में हैशटैग 'प्रेस फ़्रीडम' का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने देश में पत्रकारों पर हो रहे हमलों से जुड़ी कई रिपोर्ट को शेयर किया.

    इसमें सबसे पहले आरोप लगाते हुए लिखा गया- पत्रकारिता का गला घोंटती सरकार. उसके बाद, पांच रिपोर्टों की हेडलाइन शेयर की गई है.

    इनमें से सबसे पहली रिपोर्ट है: ''रिपोर्टर्स विदाउट बार्डर्स का दावा- भारत पत्रकारों के लिए सबसे ख़तरनाक देशों में.'' वहीं दूसरी रिपोर्ट है, ''अपने काम के लिए 2021 में भारत में 4 पत्रकारों की हत्या.''

    तीसरी रिपोर्ट है, ''भारत में दो साल में 228 पत्रकारों पर 256 हमले,'' चौथी रिपोर्ट में बताया गया, ''2021 में 488 पत्रकारों को जेल: मीडिया के लिए भारत दुनिया के पांच सबसे ख़तरनाक देशों में,'' और पांचवीं रिपोर्ट में ''वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स के अनुसार भारत की रैकिंग 180 देशों में 142: पत्रकारों के लिए भारत ख़तरनाक देशों में.'' का ज़िक्र है.

  7. बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर', 19 दिसंबर 2021, सुनिए वात्सल्य राय से

  8. 'अनुपयोगी' आदित्यनाथ मेरा फ़ोन रिकॉर्ड करवा कर हर शाम उसे सुनते हैं: अखिलेश यादव

    समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर अपने फ़ोन टेप करवाने का आरोप लगाया है. अखिलेश यादव ने कहा है कि योगी आदित्यनाथ हर शाम उनकी रिकॉर्ड की गई बातचीत सुनते हैं.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को उत्तर प्रदेश की एक रैली में राज्य के विकास के लिए योगी आदित्यनाथ का महत्व बताते हुए एक चुनावी फ़ॉर्मूले "यूपी+योगी=उपयोगी" को पेश किया था. इसके जवाब में अखिलेश यादव ने आज योगी आदित्यनाथ को सबसे ''अनुपयोगी'' मुख्यमंत्री क़रार दिया है.

    समाजवादी पार्टी के कई नेताओं के घरों और दफ़्तरों पर पड़े आयकर वि​भाग के छापों के एक दिन बाद अखिलेश यादव ने बीजपी पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाया है.

    उन्होंने कहा कि आने वाले विधानसभा चुनावों में अपनी तय हार टालने के लिए बीजेपी आने वाले दिनों में सपा नेताओं के ख़िलाफ़ क़ानून लागू करने वाली संस्थाओं का यथासंभव दुरुपयोग करेगी.

    'बीजेपी जब हारती है तो सत्ता का दुरुपयोग बढ़ जाता है'

    अखिलेश यादव ने आरोप लगाया, ''टेलीफ़ोन पर हुई हमारी सारी बातचीत सुनी गई. ये 'अनुपयोगी' मुख्यमंत्री ख़ुद हर शाम कई लोगों की रिकॉर्ड की गई बातचीत सुनते हैं.''

    उन्होंने पत्रकारों से भी कहा, ''यदि आप मुझसे बातचीत कर रहे हैं तो कृपया सतर्क हो जाइए.''

    सपा अध्यक्ष ने कहा, ''पूरा देश जानता है कि बीजेपी जब कभी किसी राज्य में चुनाव हारने लगती है, तो क़ानून लागू करने वाली संस्थाओं का दुरुपयोग बढ़ जाता है. बीजेपी कांग्रेस के ही रास्ते पर चल रही है. कांग्रेस की तरह, वो अपने राजनीतिक विरोधियों को डराने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है.''

    अखिलेश यादव ने दावा किया, "राज्य का माहौल देखकर मैं कह सकता हूं कि योगी सरकार नहीं चलेगी. लोगों ने अब 'योग्य' सरकार बनाने का मन बना लिया है. इस सरकार से ज़्यादा 'अनुपयोगी' कोई भी सरकार नहीं हो सकती, इसने उत्तर प्रदेश को बर्बाद कर दिया है."

  9. श्रीगुरुग्रंथ साहिब के अपमान करने वाले षडयंत्रकारियों को मिले कड़ा दंड: आरएसएस

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नंबर दो और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने अमृतसर के स्वर्ण मंदिर परिसर में श्री गुरुग्रंथ साहिब के कथित अपमान की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उसकी निंदा की है.

    इस घटना पर आरएसएस ने रविवार को एक ट्वीट किया. इस ट्वीट में संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले का बयान जारी किया गया.

    दत्तात्रेय होसबाले ने कहा, ''18 दिसंबर को स्वर्ण मंदिर अमृतसर में घटित श्री गुरुग्रंथ साहिब की अवमानना की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इसकी घोर निंदा करता है.''

    उन्होंने आगे कहा, ''श्री गुरुग्रंथ साहिब और श्री गुरु परंपरा, हम सबकी साझी विरासत और श्रद्धा का विषय और भारत की ज्ञान निधि का भंडार है. समाज को आपस में लड़वाने वाली ताक़तें इसका षडयंत्र कर रही और करती रहती है.''

    दत्तात्रेय होसबाले के अनुसार, ''ऐसे षडयंत्रकारियों का पर्दाफ़ाश करके उन्हें कड़ा दंड देना चाहिए. और समाज को ऐसी घटनाओं के कारण आपसी सद्भाव में कोई बाधा नहीं आने देनी चाहिए.''

    इससे पहले शनिवार की देर शाम स्वर्ण मंदिर में एक अज्ञात शख़्स ने गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करने का प्रयास किया था. उसके बाद पिटाई से उस शख़्स की मौत हो गयी.

    बताया गया कि वो शख़्स बाड़ को पार करके रुमाला साहिब के पास पहुंचा और वहां पैर रख दिया. उसके बाद उसे मौके पर ही पकड़ लिया गया.

  10. कोरोना: देश में ओमिक्रॉन संक्रमितों की संख्या बढ़कर 145 हुई

    भारत में कोरोना के नए घातक वेरिएंट ओमिक्रॉन से संक्रमित होने वालों की संख्या रविवार को 145 तक पहुंच गई है.

    केंद्र और राज्यों से मिली जानकारी के मुताबिक़, अब तक देश के 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ओमिक्रॉन के मरीज़ सामने आ चुके हैं.

    अधिकारियों के अनुसार, इन राज्यों में महाराष्ट्र (48), दिल्ली (22), तेलंगाना (20), राजस्थान (17), कर्नाटक (14), केरल (11), गुजरात (9), आंध्र प्रदेश (1), चंडीगढ़ (1), तमिलनाडु (1) और पश्चिम बंगाल (1) शामिल हैं.

    मालूम हो कि दुनिया में दक्षिण अफ्रीका में पहली बार 24 नवंबर को ओमिक्रॉन का मामला पाया गया था. उसके बाद भारत में सबसे पहले कर्नाटक में दो दिसंबर को इसका पहला मरीज़ पाया गया.

    राज्यों का हाल

    शनिवार को महाराष्ट्र में ओमिक्रॉन के आठ और मामले दर्ज़ किए गए. तेलंगाना का आंकड़ा 8 से बढ़कर 20 हो गया. वहीं कर्नाटक और केरल में इसके मरीज़ों की संख्या में क्रमशः 6 और 4 का वृद्धि दर्ज़ की गई.

    गुजरात के स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने रविवार को बताया कि 15 दिसंबर को ब्रिटेन से आने वाले एक एनआरआई को ओमिक्रॉन पॉजिटिव पाया गया है. हालांकि उनके साथ सफ़र करने वाले यात्रियों और संपर्क में आए अन्य लोगों को संक्रमित नहीं पाया गया.

    वहीं गांधीनगर के नगर आयुक्त धवल पटेल ने बताया कि ब्रिटेन से लौटे गांधीनगर के 15 साल के एक लड़के में भी ओमिक्रॉन वेरिएंट का पता चला है.

    महाराष्ट्र के स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि कुल 48 में से 28 मरीज़ पहले ही ठीक हो चुके हैं. ऐसे लोगों को अब छुट्टी दे दी गई है.

    कर्नाटक के अधिकारियों के अनुसार, शनिवार को दर्ज़ 6 मामलों में से एक ब्रिटेन से लौटे यात्री थे, जबकि बाक़ी 5 लोग दक्षिणा कन्नड़ ज़िले के दो शिक्षण संस्थानों के थे.

    केरल के तिरुवनंतपुरम से 17 और 44 साल के दो लोगों में ओमिक्रॉन के संक्रमण पाए गए. वहीं मलप्पुरम के 37 साल के एक व्यक्ति में यह संक्रमण पाया गया. त्रिशूर ज़िले के 49 साल के एक शख़्स को भी संक्रमित पाया गया है.

  11. कपिल देव और 1983 क्रिकेट वर्ल्ड कप जीत पर क्या बोले पंकज त्रिपाठी?

    अभिनेता पंकज त्रिपाठी भारतीय क्रिकेट टीम की 1983 में विश्व कप जीतने की यात्रा पर बनी फिल्म ‘83’ में नजर आने वाले हैं.

    उस विश्व कप में भारत ने वेस्टइंडीज को फाइनल में हराकर पहली बार विश्व कप ट्रॉफी जीती था.

    पंकज त्रिपाठी इस फिल्म में पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी और विश्व कप विजेता टीम के प्रबंधक पीआर मान सिंह के किरदार में हैं.

    देखिए पंकज त्रिपाठी के साथ मधु पाल की बातचीत.

  12. एक ट्रांसजेंडर जो ट्रेन में डांस करके सोशल मीडिया स्टार बन गईं

    पूजा शर्मा रेखा एक ट्रांसजेंडर हैं जो सोशल मीडिया पर एक जाना पहचाना चेहरा बन चुकी हैं.

    पूजा शर्मा की कहानी मुंबई की लोकल ट्रेन में डांस करने से शुरू होती है. जहां वो बेहद ख़ूबसूरत तरीके से सजधजकर जातीं और डांस करतीं.

    धीरे-धीरे लोग उनके वीडियो बनाने लगे और वो सोशल मीडिया पर काफी प्रसिद्ध हो गईं. मिलिए पूजा शर्मा रेखा से और जानिए उनकी पूरी कहानी.

  13. हॉन्ग कॉन्ग, जिसे पूरी तरह बदलने पर तुला चीन

    चीन ने अलग-अलग क़ानून पारित कर हॉन्ग कॉन्ग की आज़ादी धीरे-धीरे कर काफी सीमित कर दी है. इन क़ानूनों में नेशनल सिक्योरिटी लॉ और देशभक्ति चुनाव क़ानून अहम हैं.

    हॉन्ग कॉन्ग के अलग-अलग हिस्सों में लोग इन क़ानूनों के विरधो में प्रदर्शन भी कर रहे हैं. इस वीडियो के ज़रिए जानते हैं कि किस तरह चीन ने हॉन्ग कॉन्ग की पहचान बदल कर रख दी.

  14. रूसी सरकार के क़रीबी कारोबारी व्लादिस्लाव क्लाइशिन को स्विट्ज़रलैंड ने किया अमेरिका के हवाले

    रूस की सरकार से जुड़े कारोबारी व्लादिस्लाव क्लाइशिन को शनिवार को स्विट्ज़रलैंड से अमेरिका प्रत्यर्पण कर दिया गया. यह जानकारी स्विट्जरलैंड के न्याय मंत्रालय ने दी है.

    वहीं इस मामले पर रूस ने कहा है कि यह क़दम अमेरिका द्वारा रूसी लोगों के ख़िलाफ़ चलाए जा रहे अभियान का एक हिस्सा है. उसने कहा कि वो स्विट्ज़रलैंड के फ़ैसले और क्लाइशिन के जल्दबाज़ी में किए गए प्रत्यर्पण से बहुत निराश है.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, स्विट्ज़रलैंड ने एक बयान जारी कर बताया कि अमेरिकी पुलिस अधिकारी उन्हें ज़्यूरिख से अमेरिका लेकर चले गए. इससे पहले प्रत्यर्पण के ख़िलाफ़ दाख़िल क्लाइशिन की याचिका स्विट्ज़रलैंड की संघीय अदालत ने 10 दिसंबर को ख़ारिज कर दी थी.

    रूसी कारोबारी व्लादिस्लाव क्लाइशिन पर अमेरिका में भेदिया कारोबार (इनसाइडर ट्रेडिंग) में शामिल होने के आरोप लगाए गए हैं. स्विट्ज़रलैंड के न्याय मंत्रालय ने बताया कि क्लाइशिन पर अपने कई सहयोगियों के साथ मिलकर लाखों डॉलर का भेदिया कारोबार करने का आरोप है.

    इस साल मार्च में, अमेरिकी अधिकारियों के आग्रह के बाद क्लाइशिन को स्विट्ज़रलैंड में गिरफ़्तार किया गया था. उसके बाद अप्रैल में अमेरिका ने स्विट्ज़रलैंड से उनके प्रत्यर्पण की मांग की थी.

    स्विट्जरलैंड में रूसी दूतावास के प्रवक्ता व्लादिमीर खोखलोव के हवाले से समाचार एजेंसी तास ने रविवार को बताया, "हम ये बताने को मज़बूर हैं कि रूसी नागरिकों के ख़िलाफ़ तीसरे देशों में चल रहे अमेरिका के तलाशी अभियान के एक और मामले से हम जूझ रहे हैं."

    कारोबारी व्लादिस्लाव क्लाइशिन रूसी कंपनी एम13 नामक के मालिक हैं. यह कंपनी मीडिया मॉनि​टरिंग के साथ-साथ साइबर सुरक्षा से संबंधित सेवाएं देती हैं. कंपनी की वेबसाइट के अनुसार, रूसी सरकार भी उसकी सेवाओं का इस्तेमाल करती है.

  15. कॉमेडियन मुनव्वर फ़ारूक़ी का एलान कोलकाता में जनवरी में होगा उनका शो

    हाल के कुछ विवादों के चलते चर्चा में रहने वाले स्टैंड-अप कॉमेडियन मुनव्वर फ़ारूक़ी 16 जनवरी को कोलकाता में अपना एक शो करने वाले हैं.

    मुनव्वर फ़ारूक़ी ने ​शनिवार शाम को इस शो के टिकट ​बुकिंग की लिंक अपने ट्विटर हैंडल से शेयर की है. इसमें बताया गया कि 16 जनवरी को कोलकाता में होने वाला "धंधों" नाम का यह शो दो घंटे का होगा.

    ऑनलाइन टिकट बुकिंग प्लेटफ़ॉर्म 'बुक माई शो' के मुताबिक़, एक टिकट की क़ीमत 799 रुपये रखी गई है. बताया गया है कि टिकट तेज़ी से ​बिक रहे हैं.

    इससे पहले नवंबर में कुछ दक्षिणपंथी संगठनों के विरोध के बाद बेंगलुरु में होने वाला उनका शो रद्द कर दिया गया था. असल में, बेंगलुरु पुलिस ने इसकी अनुमति देने से इनकार कर दिया था.

    और तब 29 साल के इस कॉमेडियन ने बताया था कि बेंगलुरु में उनके शो के 600 से अधिक टिकट बिक गए, लेकिन तोड़फोड़ की धमकी के मद्देनजर उनका शो रद्द कर दिया गया है.

    उन्होंने अपने शो से होने वाली आय को दिवंगत कन्नड़ स्टार पुनीत राजकुमार की चैरिटी संस्था को दान में देने का एलान किया था.

    क्या है पूरा मामला?

    हिंदू संगठनों का आरोप रहा है कि फ़ारूक़ी ने एक शो में हिंदुओं की भावनाओं को आहत किया था.

    इस साल जनवरी में, इन आरोपों को लेकर केस दर्ज़ होने पर मुनव्वर फ़ारूक़ी को एक महीना इंदौर की जेल में बिताना पड़ा था. उन पर एक भाजपा विधायक के बेटे ने अपने शो में हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज़ कराया था.

    कुछ वक़्त पहले मुनव्वर फ़ारूक़ी ने दावा किया था कि पिछले दो महीनों में उनके 12 शो रद्द हो चुके हैं. कुछ दिनों बाद स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा ने भी बताया कि आयोजकों को धमकी मिलने के बाद बेंगलुरु में होने वाले उनके शो रद्द कर दिए गए.

  16. स्वर्ण मंदिर के बाद कपूरथला में बेअदबी का मामला, पंजाब में तनाव बढ़ा

    कपूरथला के निजामपुर गांव के गुरुद्वारा साहिब में रविवार सुबह अभद्रता करने के आरोप में एक शख्स की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. इस बात की पुष्टि सिविल अस्पताल कपूरथला के एसएमओ संदीप धवन ने की है.

    कपूरथला के एसएसपी हरकंवलप्रीत सिंह ने ज़िले के निज़ामपुर गांव में बेअदबी की कोशिश बताए जा रहे इस मामले को चोरी का मामला होने का दावा किया है. ताज़ा रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने उस व्यक्ति की मौत के मामले में हत्या का केस दर्ज करने की बात कही है.

    बीबीसी के सहयोगी पत्रकार प्रदीप पंडित से फ़ोन पर बातचीत में एसएसपी ने कहा कि ये मामला बेअदबी का नहीं है, बल्कि दरबार साहिब की घटना के बाद पैदा हुए हालात के कारण इसे इस तरह जोड़ा जा रहा है.

    इससे पहले, गुरुद्वारे के ग्रंथी अमरजीत सिंह ने एक वीडियो पोस्ट करके दावा किया था कि उन्होंने गुरद्वारा साहिब में बेअदबी के इरादे से आए एक व्यक्ति को पकड़ा है.

  17. छत्रपति शिवाजी ने क्या सबसे पहले हिंदुत्व का वोट बैंक बनाया था?

    छत्रपति शिवाजी पर महाराष्ट्र में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल के बयान पर बहस छिड़ गई है. चंद्रकांत पाटिल ने कहा है कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने हिंदुत्व का वोट बैंक बनाया.

    कांग्रेस नेता सचिन सावंत और शिवसेना नेता संजय राउत ने छत्रपति शिवाजी महाराज जैसी शख़्सियत के नाम को वोटबैंक की राजनीति से जोड़ने के लिए चंद्रकांत पाटिल की तीखी आलोचना की है.

    चंद्रकांत पाटिल ने क्या कहा था?

    पिछले दिनों एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में चंद्रकांत पाटिल ने पार्टी की ओर से टिकट काटने को चुनौती देने वाले नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा था, "टिकट पार्टी का है, इसलिए 'कट माई टिकट' कहना सही नहीं है. टिकट पार्टी का है, वोट बैंक पार्टी का है. यह वोट बैंक संतों, महंतों से लेकर छत्रपति शिवाजी महाराज तक फैला हुआ है. उन्होंने हिंदुत्व के इस वोट बैंक को विकसित किया था."

  18. पश्चिम बंगाल के राज्यपाल का दावा, केएमसी चुनाव में उनके सुरक्षाकर्मियों को बूथ पर जाने से रोका गया

    पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने रविवार को कहा कि जब वो कोलकाता नगर निगम के चुनाव के लिए वोट डालने गए तो राज्य चुनाव आयुक्त के आदेश के अनुसार उनके सुरक्षाकर्मी बूथ के बाहर ही खड़े रहे.

    उन्होंने बताया कि इसके लिए राज्य चुनाव आयुक्त ने शनिवार रात एक आदेश जारी किया था.

    राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने कहा, "मेरे सुरक्षाकर्मियों ने शनिवार रात को जारी किए गए आदेश का पालन किया. राज्य चुनाव आयुक्त सौरव दास ने केवल दो लोगों, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी को ही इस सुविधा की अनुमति दी.''

    उन्होंने कहा, ''मैंने सौरव दास को दो बार फ़ोन करके उन्हें समझाया की कि मतदान शांतिपूर्ण और बिना किसी डर के हो और इसके लिए प्रशासन का कोई हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए."

    मालूम हो कि रविवार को कोलकाता नगर निगम के लिए वोट डाले जा रहे हैं. दोपहर एक बजे तक क़रीब 37 फ़ीसदी मतदान हुआ है.

    राज्यपाल ने कहा कि ये बातें किसी भी चुनाव के लिए काफ़ी अहम होती है. चुनाव में हिंसा और डराने-धमकाने के विपक्ष के आरोपों पर उन्होंने कहा कि 2018 के पंचायत चुनावों ने राज्य को शर्मसार किया था.

    जगदीप धनखड़ ने कहा, "चूंकि कोलकाता नगर निगम के चुनाव अभी चल रहे हैं. इसलिए मुझे नहीं लगता कि और कुछ कहना उचित होगा."

  19. सऊदी अरब ने हूती विद्रोहियों की ओर से दागे गए ड्रोन को मार गिराया

    सऊदी अरब ने रविवार को हूती विद्रोहियों की ओर से लॉन्च किए गए एक ड्रोन को मार गिराया है.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़, सऊदी अरब के एयर डिफेंस सिस्टम ने जिस ड्रोन को निष्क्रिय किया है, वह आभा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की ओर बढ़ रहा था.

    सऊदी अरब की सरकारी न्यूज़ एजेंसी एसपीए ने सऊदी नेतृत्व वाली गठबंधन सेना की ओर से जारी बयान का हवाला देते हुए ये जानकारी दी है.

    सऊदी नेतृत्व वाली गठबंधन सेना यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के साथ संघर्षरत हैं जिसका उत्तरी यमन के ज़्यादातर हिस्से पर नियंत्रण है.

  20. केंद्रीय सूचना आयोग ने कहा, हॉकी इंडिया विदेशी खातों में​ किए गए फंड ट्रांसफ़र का मक़सद बताए

    केंद्रीय सूचना आयोग ने हॉकी इंडिया को विदेशी खातों में किए गए फंड ट्रांसफ़र और अपने बैंक खातों से नकद निकालने के मक़सद को बताने का निर्देश जारी किया है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय सूचना आयुक्त अमिता पांडोव ने कहा, "वो सामान्य जानकारी चाहते हैं. इसलिए आयोग से प्रतिवादी को पूरी जानकारी देने का निर्देश दिया गया है. उन्होंने अपने आदेश में हॉकी इंडिया को केवल बैंक खातों पर हस्ताक्षर करने वालों के पद बताने का निर्देश दिया है.

    साथ ही फेडरेशन को विदेशों में बैंक खातों में किए गए फंड ट्रांसफर और की गई नकद निकासी का "केवल" मक़सद बताने को कहा है.

    क्या है मामला?

    इससे पहले, हॉकी का संचालन करने वाली देश की शीर्ष संस्था 'हॉकी इंडिया' ने कारोबारी गोपनीयता के आधार पर इस बारे में बताने से मना कर दिया था.

    जाने माने आरटीआई कार्यकर्ता सुभाष अग्रवाल ने हॉकी इंडिया के कामकाज को जानने के लिए अक्टूबर 2019 में 20 प्वांइट का एक आरटीआई आवेदन दायर किया था.

    उस आवेदन में बैंक खातों में हस्ताक्षर करने वाले अधिकारी और उनके पद के बारे में भी जानकारी मांगी गई थी. साथ ही विदेशी खातों में किए गए फंड ट्रांसफ़र और हॉकी इंडिया के बैंक खातों से नकद निकालने के मक़सद के बारे में पूछा गया था.

    हालांकि हॉकी इंडिया ने आरटीआई क़ानून की धारा 8 (1) (डी) का हवाला देते हुए जानकारी देने से मना कर दिया था. सुभाष अग्रवाल ने उसके बाद हॉकी इंडिया के इस रुख़ को केंद्रीय सूचना आयोग में चुनौती दी. उन्होंने कहा कि गोपनीयता का मामला यहां लागू नहीं होता.