अफ़ग़ानिस्तान से नाता तोड़ने जैसे क़दम उठा कर अपनी ग़लती न दोहराए दुनियाः इमरान ख़ान
इमरान ख़ान ने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान में मानवीय संकट को टालने के लिए पाकिस्तान हर संभव तरीक़े से अफ़ग़ान लोगों की मदद करने का प्रयास करेगा.
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अफ़ग़ानिस्तान से नाता तोड़ने जैसे क़दम उठा कर अपनी ग़लती न दोहराए दुनियाः इमरान ख़ान

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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने उम्मीद जताई है कि दुनिया अफ़ग़ानिस्तान से नाता तोड़ने जैसे कदमों को उठा कर पहले की गई अपनी ग़लती को नहीं दोहराएगी.
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अफ़ग़ानिस्तान के कमज़ोर लोगों की सहायता करने का अनुरोध किया.
इमरान ख़ान ने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान में मानवीय संकट को टालने के लिए पाकिस्तान हर संभव तरीक़े से अफ़ग़ान लोगों की मदद करने का प्रयास करेगा.
साथ ही उन्होंने तत्काल राहत के लिए पाकिस्तान की ओर से पांच अरब रुपये की मानवीय सहायता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई. इसमें 50 हज़ार मीट्रिक टन गेंहूं, मेडिकल आपूर्ति, ठंड के लिए आश्रय बंदोबस्त और अनाज समेत कई अन्य आपूर्ति शामिल हैं.
प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने ये बातें अफ़ग़ानिस्तान पर शीर्ष समिति की बैठक के दौरान कहीं.
बैठक में विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी, सूचना मंत्री फवाद अहमद, गृह मंत्री शेख राशिद, योजना मंत्री असद उमर, वित्त सलाहकार शौकत फ़ैयाज़, वाणिज्य सलाहकार अब्दुल रज़ाक़, सेनाध्यक्ष जनरल क़मर बाजवा, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार डॉ. मोइद यूसुफ, वरिष्ठ सैन्य और सिविल अधिकारी शामिल थे.
इस समिति को सूचित किया गया कि प्रधानमंत्री के दिशानिर्देशों के मुताबिक पाकिस्तान में प्रवेश करने वाले सभी अफ़ग़ान नागरिकों को मुफ़्त कोविड वैक्सीन दी जा रही है और यह सुविधा जारी रखी गई है.
साथ ही यह भी बताया गया कि अफ़ग़ानों के लिए पाकिस्तानी वीज़ा पाने को सरल बनाया गया है.
पश्चिम बंगालः कोविड प्रतिबंधों को 15 जनवरी तक बढ़ाया गया

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पश्चिम बंगाल में मौजूदा कोविड प्रतिबंधों को 15 जनवरी तक के लिए बढ़ा दिया गया है.
हालांकि इस दौरान क्रिसमस और नए साल के जश्न को देखते हुए कुछ ढील दिए जाने की घोषणा भी की गई है.
पश्चिम बंगाल सरकार ने 24 दिसंबर से 1 जनवरी तक रात 11 बजे से सुबह 5 बजे के बीच लोगों और वाहनों की आवाजाही से संबंधित प्रतिबंधों में ढील दी है.
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यूपी एसटीएफ़ का दावा- यूपी टीईटी परीक्षा पेपर लीक मामले का अहम अभियुक्त गिरफ़्तार

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अनंत झणाणे
लखनऊ से, बीबीसी हिंदी के लिए
यूपी एसटीएफ़ ने बुधवार को यूपी-टीईटी परीक्षा पेपर लीक मामले के अहम अभियुक्त डॉ. संतोष चौरसिया को लखनऊ के आलमबाग़ क्षेत्र से गिरफ़्तार करने का दावा किया है.
इस गिरफ़्तारी के बारे में जानकारी देते हुए यूपी एसटीएफ़ के एडीजी अमिताभ यश ने कहा, "पेपर लीक मामले में डॉक्टर संतोष कुमार चौरसिया को गिरफ़्तार किया. चौरसिया दिल्ली के एक नामी मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस हैं और 2003 से यह सॉल्वर बिठाने का काम कर रहे हैं. व्यापम घोटाले में भी इन पर छह मामले दर्ज हैं. और 2006 से 2018 तक यह कई बार जेल जा चुका है."
यूपी एसटीएफ़ के मुताबिक, "अभियुक्त के बैंक अकाउंट से कुछ अहम सुराग़ मिले हैं. इनके कुछ साथियों के बारे में भी जानकारी मिली है, जिन पर एसटीएफ़ द्वारा काम किया जा रहा है."
जानकारी के मुताबिक चौरसिया की गिरफ़्तारी मंगलवार-बुधवार की दरम्यान रात में किया गया. हालांकि मीडिया को कई घंटे बाद जानकारी दी गई.
डॉ. संतोष चौरसिया पर पेपर लीक मामले में एक मुक़दमा उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी ज़िले में दर्ज हुआ था जिसमें दो अभियुक्तों को गिरफ़्तार कर जेल भेजा गया था लेकिन संतोष कुमार चौरसिया फ़रार चल रहे थे.
यूपी एसटीएफ़ ने संतोष कुमार चौरसिया के बारे में कुछ जानकारी भी दी है जिसके मुताबिक़ कहा गया है कि चौरसिया मध्य प्रदेश के व्यापम घोटाले में जेल भी जा चुके हैं और 2013 से 2021 के बीच उन पर धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े के सात मुक़दमे दर्ज हैं.
एसटीएफ़ ने अब तक यूपी-टीईटी परीक्षा पेपर लीक की जांच में 34 अभियुक्तों को गिरफ़्तार कर चुकी है जिसमें पेपर छापने वाली कंपनी के डायरेक्टर और परीक्षा नियामक विभाग के सचिव संजय उपाध्याय भी शामिल हैं.
ओमिक्रॉन से बचाव में बूस्टर डोज़ कितना कारगर है?
ईरान ने दी न्यूक्लियर साइट पर कैमरा बदलने की इजाज़त

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ईरान की शीर्ष सुरक्षा एजेंसी से मान्यता प्राप्त नोरन्यूज़ के मुताबिक ईरान ने संयुक्त राष्ट्र परमाणु पर्यवेक्षक, आईएईए, को अपने एक सेंट्रिफ़्यूज़ पुर्जा बनाने वाले वर्कशॉप पर कैमरे को बदलने की इजाज़त दे दी है.
इसमें बताया गया, "संबंधित कैमरों पर क़ानूनी और सुरक्षा जांच के कारण और टेसा परिसर में तोड़फोड़ को लेकर आईएईए के उठाए गए कदमों के बाद ईरान ने ख़ुद ही क्षतिग्रस्त कैमरों को बदलने के लिए एजेंसी को अधिकार दे दिया है."
नोरन्यूज़ के मुताबिक, "ईरान ने शुरुआत से ही इसे स्पष्ट कर दिया था कि वो तब तक कैमरों को ठीक करने या उन्हें बदलने की इजाज़त नहीं देगा जब तक कि ज़िम्मेदार संस्था संबंधित कैमरों की तकनीकी और सुरक्षा जांच नहीं करती."
करज स्थित टेसा वर्कशॉप जून में इस तोड़फोड़ का शिकार हुई थी जहां चार में से एक आईएईए कैमरे को नष्ट कर दिया गया था. ईरान ने उस कैमरे के डेटा स्टोरेज मीडियम को नहीं लौटाया और सितंबर की एक रिपोर्ट के मुताबिक आईएईए ने ईरान को पूरे मामले की जानकारी देने को कहा था.
दुर्गा पूजा यूनेस्को की 'सांस्कृतिक विरासत' की सूची में शामिल

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यूनेस्को ने कोलकाता में होने वाली दुर्गा पूजा को इंटैन्जिबल हैरिटेज यानी 'सांस्कृतिक विरासत' की सूची में शामिल किया है.
एक बयान में यूनेस्को ने कहा हर साल सितंबर से अक्तूबर में दस दिनों तक मनाया जाने वाला दुर्गा पूजा केवल पूजा नहीं बल्कि व्यक्ति के 'अपनी जड़ों तक लौटने का पर्व' है.
बयान के अनुसार पूजा से कई दिनों पहले गंगा के किनारे से चिकनी मिट्टी लाकर मूर्ति बनाने का काम शुरू होता है. असल पूजा महालया के पहले दिन शुरू होती है जब सबसे पहले मूर्ति की आंखें बनाई जाती हैं.
दस दिनों के बाद मूर्ति को वापस पानी में विसर्जित कर दिया जाता है.
पूजा के दस दिनों के दौरान पूरे शहर में पूजा पाडंल बनाए जाते हैं जबां दुर्गा की मूर्ति सजाई जाती है और सार्वजनिक तौर पर पूजा कार्यक्रम का आयोजन होता है. सभी धर्मों के लोग इन कार्यक्रमों में शामिल होते हैं.
यूनेस्को ने कहा है कि ये त्योहार धर्म और कला के सार्वजनिक प्रदर्शन का बेहतरीन उदाहरण है और कलाकारों के लिए अपनी कला के प्रदर्शन का शानदार मौक़ा है.
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यूनेस्को की घोषणा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर इसे गर्व की बात कही है और कहा है कि दुर्गा पूजा हमारी परंपरा और संस्कृति का उदाहरण है.
उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है कि कोलकाता के दुर्गा पूजा का अनुभव सभी को लेना चाहिए.
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बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर', 15 दिसंबर 2021, सुनिए फैसल मोहम्मद अली से.
मोहन भागवत ने हिंदू धर्म छोड़ने वालों को वापस लाने की शपथ दिलाई

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने चित्रकूट में कहा कि हिंदुओं को अपना अहंकार और स्वार्थ छोड़कर काम करना पड़ेगा और साथ ही उन्होंने हिंदू धर्म छोड़ कर अन्य धर्मों में गए लोगों की घर वापसी का आह्वान किया.
संघ प्रमुख ने वहां मौजूद सभी लोगों को यह शपथ दिलाई कि वे उन लोगों की घर वापसी के लिए काम करें, जो लोग हिंदू धर्म को छोड़ कर दूसरे धर्म में परिवर्तित हो चुके हैं.
भागवत ने कहा, "हम लोगों को क्या करना है, इसके बारे में तो आपको एक आधिकारिक उपदेश अब तक मिला है. करना हमको है, ये ध्यान में रखना पड़ेगा. यह बात तो सारी दुनिया मानती है, अपना अनुभव है, कलयुग में एकता की शक्ति है और स्थायी एकता स्वार्थ के भरोसे नहीं होती, भय से नहीं होती. भय आदमियों को बांध कर नहीं रखता, मजबूरी समाप्त होने के बाद एकता भी टूट जाती है."
इस दौरान उन्होंने स्वर्ग तक की सीढ़ी बनाने पर आधारित एक कहानी सुनाई और कहा कि "हमें अगर एक होना है तो अहंकार और स्वार्थ को छोड़ कर, निर्भय होकर और मजबूरी से नहीं प्रेम से अपनों के लिए काम करना पड़ेगा."
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वहाँ मौजूद सभी लोगों ने संघ प्रमुख के साथ यह शपथ ली, "मैं हिन्दू संस्कृति के धर्मयोद्धा मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम की संकल्प स्थली पर सर्वशक्तिमान परमेश्वर को साक्षी मानकर संकल्प लेता हूँ कि मैं अपने पवित्र हिन्दू धर्म, हिन्दू संस्कृति और हिन्दू समाज के संरक्षण संवर्धन और सुरक्षा के लिए आजीवन कार्य करूंगा.''
''मैं प्रतिज्ञा करता हूँ कि किसी भी हिन्दू भाई को हिन्दू धर्म से विमुख नहीं होने दूंगा. जो भाई धर्म छोड़ कर चले गए हैं, उनकी भी घर वापसी के लिए कार्य करूंगा. उन्हें परिवार का हिस्सा बनाऊंगा. मैं प्रतिज्ञा करता हूँ कि हिन्दू बहनों की अस्मिता, सम्मान व शील की रक्षा के लिए सर्वस्व अर्पण करूंगा. जाति, वर्ग, भाषा, पंथ के भेद से ऊपर उठ कर हिन्दू समाज को समरस सशक्त अभेद्य बनाने के लिए पूरी शक्ति से कार्य करूंगा."
आरएसएस का कहना है कि देश भर के हिंदुओं को एक सूत्र में पिरोने के उद्देश्य से चित्रकूट में ‘हिंदू एकता महाकुंभ’ का आयोजन किया जा रहा है.
बाबर आज़म ने अपने कोच सक़लैन से पूछा- उम्र का लिहाज करना है न?

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पाकिस्तान क्रिकेट टीम के कप्तान बाबर आज़म और कोच सक़लैन मुश्ताक़ के बीच क्रिकेट की पिच पर बेहद दिलचस्प मुक़ाबला हुआ.
दिग्गज़ गेंदबाज़ सक़लैन मुश्ताक़ ने अपनी गेंद पर कप्तान और वर्ल्ड नंबर-1 बल्लेबाज़ बाबर आज़म के सामने एक ओवर में 12 रन बनाने की चुनौती रखी.
बल्लेबाज़ी करने जाने से पहले बाबर आज़म पूछते हैं, "उम्र का लिहाज करना है कि नहीं?"
इस पर सक़लैन बोलते हैं, "नहीं."
सक़लैन ने पाँच फील्डर लेग में और चार ऑफ़ साइड में सजाए अन्य दो पॉइंट और डीप कवर पर रखे.
इसके बाद बाबर बैटिंग के लिए जाते हुए कहते हैं, "ट्राई करेंगे लेकिन थोड़ा उनकी उम्र का भी लिहाज करना है. विकेट भी लो है और थोड़ा उनके घुटनों को भी प्रॉब्लम है तो उनको जीता देंगे वो ख़ुश हो जाएंगे."
बाबर कहते हैं, "अपने समय के सबसे अच्छे ऑफ़ स्पिनर्स में से थे और 'दूसरा' फेंकने के माहिर हैं. ये हमेशा ख़ास-तरीक़े से खेलते हैं. 'दूसरा' थोड़ा पीछे छोड़ते हैं. 'दूसरा' बैट पर आता भी नहीं है ऊपर से विकेट थोड़ा स्लो है."
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इसके बाद दोनों के बीच मुक़ाबला शुरू होता है.
पहली गेंद पर बाबर ने पहली दो गेंद मिड ऑन पर खेली. पहली गेंद पर एक रन तो दूसरी पर दो रन से शॉट मारे गए.
इसके बाद सक़लैन कैमरे पर कहते हैं कि वो क्रीज के अंदर है. गेंद गीली हो रही है. तो मैं अगर गेंद छोड़ूंगा तो होना कुछ नहीं है. लेकिन वो क्रीज के अंदर है तो हो सकता है कि मैं उसके वाइड दूं तो वो बाहर निकले. मैं उसे बाहर निकालने की कोशिश करता हूं.
इसके बाद सक़लैन ने ऑफ़ स्टंप पर वाइड गेंद डाली और उनकी यह युक्ति काम आ गई. बाबर गेंद को मारने बाहर निकलते हैं और जो उन्हें छकाती हुई पीछे चली जाती है और वे स्टंप आउट मान लिए जाते हैं.
इस तरह सक़लैन की दी गई 12 रन बनाने की चुनौती में बाबर केवल तीन रन ही बना सके.
पाकिस्तान क्रिकेट टीम के कप्तान बाबर आज़म को कोच सक़लैन मुश्ताक़ इससे पहले भी टी20 वर्ल्ड कप के दौरान नेट्स पर गेंदबाज़ी करते दिखे थे.
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा पत्रकार को धमकाते दिखे

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केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा बुधवार को एक और विवाद में घिर गए. उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में पत्रकारों के सवाल पर मिश्रा एक वीडियो क्लिप में बुरी तरह से आपा खोते हुए दिख रहे हैं. एबीवी न्यूज़ चैनल का कहना है कि मिश्रा ने उसके रिपोर्टर के साथ बदसलूकी की है.
वीडियो क्लिप में मिश्रा पत्रकारों को धमकाते दिख रहे हैं. एक पत्रकार ने मिश्रा से लखीमपुर खीरी में किसानों को कुचलने के मामले में उनके बेटे आशीष मिश्रा की भूमिका को लेकर एसआईटी की आई रिपोर्ट को लेकर सवाल पूछा था.
मिश्रा शहर में एक ऑक्सीजन प्लांट के उद्घाटन करने पहुँचे थे. इसी दौरान पत्रकार ने सवाल किया तो मिश्रा ने कहा, ''दिमाग़ ख़राब है क्या बे.'' इस वीडियो में मिश्रा पत्रकार पर झपटते दिख रहे हैं और माइक बंद करने के लिए कह रहे हैं.
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कई जगह तो पत्रकार को लेकर आपत्तिजनत बात भी कह रहे हैं. विपक्ष संसद में मिश्रा को बर्खास्त करने की मांग कर रहा है. एसआईटी की रिपोर्ट में कहा गया है कि लखीमपुर खीरी में तीन अक्टूबर को किसानों पर गाड़ी साज़िश के तहत चढ़ाई गई थी.
कहा जा रहा है कि आशीष मिश्रा ने ही किसानों पर गाड़ी चढ़ाई थी. रिपोर्ट में कहा गया है कि किसानों को मारने के इरादे से गाड़ी चढ़ाई गई थी.
कांग्रेस नेता राहुल गाँधी ने कहा है कि वो कैबिनेट से मिश्रा का इस्तीफ़ा चाहते हैं. कांग्रेस नेता ने एसआईटी की रिपोर्ट पर संसद में बहस की मांग की है. आशीष पर हत्या, ग़ैर इरादतन हत्या और हत्या की साज़िश के साथ अन्य कठोर क़ानूनों के तहत मुक़दमा दर्ज है.
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विराट कोहली ने जो कहा, क्या निशाना सौरभ गांगुली थे?
हॉन्ग कॉन्ग: वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में लगी आग, 100 से अधिक लोग छत पर फंसे

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हॉन्ग कॉन्ग के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में बुधवार को लगी आग के बाद 100 से भी अधिक लोग इमारत की छत पर सुरक्षित उतारे जाने के इंतज़ार में फंसे रहे.
हॉन्ग कॉन्ग पुलिस ने बीबीसी को बताया कि कम से कम 8 लोग इस घटना में घायल हुए हैं और इलाज के लिए उन्हें अस्पताल ले जाया गया है. घायलों की उम्र 31 से 72 के बीच बताई गई है.
पुलिस ने बताया कि आग मशीन रूम में लगी और इमारत के चारों ओर बने मचान पर फैलती चली गई. इस इमारत में फिलहाल मरम्मत का काम चल रहा है.
बचाव कार्य जारी है और फ़िलहाल किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है.
अधिकारियों के मुताबिक अब तक 150 से अधिक लोगों को वहां से निकाला जा चुका है.

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के मुताबिक, इस इमारत की मरम्मत के दौरान वहां सभी दुकानों को ख़ाली करा लिया गया था. हालांकि कई अन्य फ्लोर पर रेस्तरां और दफ़्तर चल रहे थे.
इस आग को लेवल थ्री की श्रेणी में रखा गया है (1 से 5 तक में पांच सबसे गंभीर श्रेणी है).
ग्लूसेस्टर रोड पर स्थित इस 38 साल पुरानी इमारत में आग लगने की ख़बर सबसे पहले लंच के दौरान मिली थी.
तब इस इमारत की 12वीं मंजिल पर चाइनीज रेस्टोरेंट में मीलिंग लाई लंच कर रही थीं.
उन्होंने बीबीसी को बताया कि रेस्टोरेंट में पहली बार धुंआ दिखने के क़रीब 10 मिनट बाद फायर अलार्म बजना शुरू हुआ.

उन्होंने बीबीसी को बताया कि, "जब हमने पूछा कि क्या हुआ है तो वहां मौजूद स्टाफ़ ने हमें बताया कि पांचवे फ्लोर पर लिफ़्ट की शाफ़्ट की किसी चीज़ में आग लगी है लेकिन उसने हमें ये नहीं बताया कि आग भड़क गई है."
अलार्म की कोई आवाज़ नहीं सुनी गई. एक स्टाफ़ ने यहां तक कहा कि, "हम अभी नहीं जा रहे, डरो मत."
मीलिंग लाई ने बताया कि पांचवे फ़्लोर की पोडियम पर क़रीब 80 लोग फंसे थे. बाद में सभी लोगों को अग्निशमनकर्मियों ने वहां से सुरक्षित उतार लिया.
इमरान ख़ान और हर महीने 30 लाख रुपए लेने का विवाद जानिए

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इमेज कैप्शन, शाह महमूद क़ुरैशी, इमरान ख़ान और रिटायर जस्टिस वजिहुद्दीन अहमद पाकिस्तान की सत्ताधारी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ (पीटीआई) के पूर्व सदस्य और सुप्रीम कोर्ट के रिटायर जस्टिस वजिहुद्दीन अहमद ने दावा किया है कि पार्टी से नाराज़ चल रहे पीटीआई नेता जहाँगीर ख़ान तरीन प्रधानमंत्री इमरान ख़ान को हर महीने घर चलाने के लिए 30 लाख रुपए देते थे.
अहमद ने पाँच साल पहले पार्टी प्रमुख इमरान ख़ान से मतभेद के कारण पीटीआई से इस्तीफ़ा दे दिया था. अहमद ने मंगलवार को 'बोल न्यूज़' के प्रोग्राम तब्दीली में ये दावा किया है. हालांकि उन्होंने इस मामले में कोई सबूत पेश नहीं किया था.
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अहमद ने इस प्रोग्राम में कहा, ''यह बिल्कुल ग़लत बात है कि इमरान ख़ान ईमानदार व्यक्ति हैं. उनकी स्थिति यह है कि वो अपना घर भी सालों से ख़ुद से नहीं चला रहे हैं. जहांगीर तरीन उनका घर चलाने के लिए 30 लाख रुपए हर महीने दिया करते थे. फिर हुआ कि 30 लाख कम है तो इसे 50 लाख रुपए किया गया. पीटीआई के एक साथी कहा करते थे कि जिस शख़्स के जूते के फीते भी अपने नहीं हैं, वो ईमानदार कैसे हो सकता है?''
जस्टिस वजिहुद्दीन अहमद के इस दावे को प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के स्पेशल अस्टिटेंट डॉ शहबाज़ गिल ने झूठ बताया है. उन्होंने ट्वीट कर कहा, ''जो भी इमरान ख़ान को जानता है वो उनकी ईमानदारी और गरिमा के बारे में भी जानता है. वाजिह साहब अक्सर अतार्किक टिप्पणी करते हैं और इन्हीं वजहों से उन्हें पार्टी से निलंबित किया गया था.''
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वहीं पाकिस्तान के सूचना मंत्री फ़वाद चौधरी ने कहा, ''जस्टिस वाजिहुद्दीन ऐसी बातें कहकर अपनी अहमियत बढ़ाना चाहते हैं.''
पूरे मामले पर जहाँगीर ख़ान तरीन भी बुधवार को अपना पक्ष लेकर सामने आए. उन्होंने ट्वीट कर अपनी बात रखी है. ट्वीट में तरीन ने लिखा है, ''इमरान ख़ान के साथ वर्तमान में मेरे संबंध जिस स्थिति में है, उसके बावजूद सच कहा जाना चाहिए. नए पाकिस्तान की चाहत में पीटीआई को जो मदद कर सकता था, मैंने की थी लेकिन प्रधानमंत्री का घर चलाने के लिए मैंने कभी पैसा नहीं दिया.''
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भारत-पाक युद्ध: 1971 में क़ैद किए गए पाकिस्तानी सैनिकों के परिवारों की कहानी
यूएई के वार्ता बंद करने पर बोला अमेरिका

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संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की ओर से एफ़-35 लड़ाकू विमानों और ड्रोन की ख़रीद के सौदे पर बातचीत को निलंबित किए जाने की ख़बर के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने बुधवार को कहा कि अमेरिका इस मुद्दे पर आगे बढ़ने को तैयार है.
न्यूज़ एजेंसी रायटर्स को यूएई के एक अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि अमेरिका को यह सूचना दे दी गई है कि उनका देश 23 अरब डॉलर के एफ़-35 सौदे पर बातचीत को निलंबित कर रहा है. इस सौदे में एफ़-35 लड़ाकू विमानों के साथ ही ड्रोन और अन्य उन्नत हथियार भी शामिल हैं.
अधिकारी ने इसके पीछे "तकनीकी ज़रूरतें, इस्तेमाल करने की छूट और इसकी क़ीमत/फ़ायदा" जैसे कारण गिनाते हुए कहा कि इनकी वजहों से सरकार ने इस सौदे का पुनर्मुल्यांकन करने का फ़ैसला किया.
रॉयटर्स के मुताबिक यूएई ने 50 एफ़-35 फ़ाइटर जेट और 18 सशस्त्र ड्रोन ख़रीदने के लिए जनवरी में अमेरिका के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे.
ब्लिंकन ने कुआलालंपुर में कहा कि अमेरिकी को कुछ समीक्षा करनी थी, "हम यह सुनिश्चित करना चाहते थे, उदाहरण के लिए, इसराइल की सैन्य गुणात्मक्ता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता सुनिश्चित है, लिहाजा हम इस बात को सुनिश्चित करना चाहते थे कि हम इस क्षेत्र में यूएई समेत किसी भी अन्य साझेदारों (देशों) को कोई भी तकनीक बेचने या हस्तांतरित करने से पहले इसकी गहन समीक्षा कर सकें."
ब्लिंकन ने कहा, "लेकिन मुझे लगता है कि अगर यूएई इन दोनों के साथ आगे बढ़ने को तैयार है तो हमें इस पर आगे बढ़ना चाहिए."
बांग्लादेश में राष्ट्रपति कोविंद का ज़ोरदार स्वागत

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बांग्लादेश की आज़ादी के स्वर्ण जयंती महोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने ढाका पहुँचे भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का हज़रत शाह जलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भव्य स्वागत किया गया.
बांग्लादेश अपनी आज़ादी के 50 साल पूरे होने का उत्सव मना रहा है. इस अवसर पर भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया है.
बुधवार को राष्ट्रपति कोविंद तीन दिवसीय बांग्लादेश के दौरे पर ढाका पहुँचे तो एयरपोर्ट पर उनका स्वागत बांग्लादेश के राष्ट्रपति एम अब्दुल हमीद ने अपनी पत्नी राशिदा ख़ानम के साथ किया.
राष्ट्रपति कोविंद पहली बार बांग्लादेश के दौरे पर गए हैं. उनके साथ उनकी पत्नी सविता कोविंद और बेटी स्वाति कोविंद भी साथ हैं. भारत के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, दो सांसद और अन्य कई अधिकारी भी साथ में हैं.
इंडियन एयरलाइंस के विमान से उतरते ही राष्ट्रपति कोविंद और उनकी पत्नी का बांग्लादेश के राष्ट्रपति हामिद और उनकी पत्नी ने गुलदस्ते से स्वागत किया.
बांग्लादेश की तीनों सेनाओं के एक दस्ते ने उन्हें 21 बंदूकों की सलामी दी.

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इसके बाद सलामी मंच से दोनों राष्ट्रपतियों ने राजकीय सम्मान का आनंद लिया, इस दौरान बारी-बारी से दोनों देश के राष्ट्रगान के धुन बजाए गए.
कोरोना महामारी के दिशा-निर्देशों को बरकरार रखते हुए इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी किया.
परेड का निरीक्षण करने के बाद दोनों राष्ट्रपतियों को एक दूसरे के देशों के प्रतिनिधिमंडल से परिचित कराया गया.
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इसके बाद राष्ट्रपति कोविंद बंगबंधु संग्रहालय भी गए जहां उन्होंने बंगबंधु शेख़ मुजीब-उर रहमान को श्रद्धांजलि दी.
यूएई ने अमेरिका से 23 अरब डॉलर के सौदे पर वार्ता बंद की

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समचार एजेंसी असोसिएटेड प्रेस के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात ने मंगलवार को अमेरिका से एफ़-35 प्लेन ख़रीदने के लिए 23 अरब डॉलर के सौदे पर बातचीत निलंबित कर दी है.
इस सौदे में आर्म्ड ड्रोन और अन्य उपकरण भी शामिल थे. एपी के अनुसार, अमेरिका और यूएई के बीच एक विवाद के कारण ऐसा हुआ है.
संयुक्त अरब अमीरात, अमेरिका का मध्य-पूर्व में अहम सहयोगी रहा है. एपी के अनुसार, वॉशिंगटन स्थित यूएई के दूतावास ने कहा है कि अमेरिका के साथ वार्ता निलंबित हो गई है.
हालांकि पेंटागन के साथ इस हफ़्ते अन्य मुद्दों पर वार्ता सुनियोजित है. यूएई दूतावास ने अपने बयान में कहा है, ''अमेरिका अत्याधुनिक रक्षा उपकरण मुहैया कराने में अब भी पहली पसंद है और एफ़-35 को लेकर बात भविष्य में हो सकती है.''
अमेरिका से यूएई 50 एफ-35 प्लेन ख़रीदने वाला था. इस सौदे को लेकर बात ट्रंप शासन में ही हुई थी. इस सौदे पर बात इसराइल के साथ रिश्ते सामान्य करने के साथ हुई थी.
लेकिन बाइडन के सत्ता में आने के बाद इस सौदे को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था क्योंकि यमन में युद्ध को लेकर अमेरिका की आलोचना हो रही थी कि अमेरिकी हथियार से ही सऊदी और यूएई वहाँ हमले कर रहे हैं. यमन वर्षों से मानवीय संकट से जूझ रहा है. हाल ही में यूएई ने फ़्रांस से रफ़ाल लड़ाकू विमान ख़रीदने के समझौते पर हस्ताक्षर किया है.

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