रिलायंस जियो के प्रीपेड ग्राहकों के लिए बुरी ख़बर, कॉल और डेटा प्लान हुए महंगे
भारतीय एयरटेल और वोडाफोन आइडिया के बाद देश के सबसे बड़े मोबाइल ऑपरेटर रिलायंस जियो ने भी रविवार को प्रीपेड ग्राहकों के लिए अपने टैरिफ में 21 फीसदी तक के इजाफे का एलान कर दिया.
लाइव कवरेज
अनंत प्रकाश and भूमिका राय
इस छोटे से देश ने चीन को किया परेशान
वीडियो कैप्शन, चीन को लिथुआनिया जैसे छोटे से देश ने कैसे किया परेशान?
दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन और यूरोप के एक बेहद छोटे देश लिथुआनिया के बीच पिछले कुछ समय से ताइवान को लेकर संघर्ष जारी है.
लिथुआनिया ताइवान के मुद्दे पर चीन की वन चाइना पॉलिसी को मानने से इनकार कर चुका है.
इसके साथ ही लिथुआनिया ने चीन के नेतृत्व वाले यूरोपीय देशों के एक संगठन से ख़ुद को अलग कर लिया है.
इस वजह से दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रिश्ते अपने निम्नतम स्तर पर पहुँच चुके हैं.
‘भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश एक देश बन जाएं तो’
वीडियो कैप्शन, ‘भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश एक देश बन जाएं तो’
हाल ही में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने विभाजन पर एक बयान दिया कि विभाजन की पीड़ा को तभी समाप्त किया जा सकता है जब विभाजन को निरस्त किया जाए.
उनके इस बयान पर पाकिस्तान ने नाराज़गी ज़ाहिर की.
क्या आपने सोचा है अगर भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश एक बार फिर विभाजन से पहले वाली स्थिति में आ जाएं यानी कि एक देश बन जाएं तो क्या होगा.
इसी विचार पर अपनी ख़ास टिप्पणी कर रहे हैं पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार वुसअतुल्लाह ख़ान.
त्रिपुरा में नगर निकाय चुनावों में बीजेपी का दबदबा, टीएमसी बना मुख्य विपक्षी दल
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पिनाकी दास
अगरतला से, बीबीसी हिंदी के लिए
त्रिपुरा में हुए नगर निकाय चुनाव की रविवार को
मतगणना हो रही है. मतगणना के अब तक नतीजों में से अधिकांश सीटें राज्य की
सत्तारूढ़ बीजेपी की झोली में गई हैं.
हालांकि आश्चर्य की बात है कि राज्य में हाल में
सक्रिय होने वाली अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस बहुत ही कम समय में इस चुनाव में
मुख्य विपक्षी दल बनकर उभरी है.
वहीं 2018 तक राज्य की सत्ता पर क़ाबिज़ सीपीएम के
नेतृत्व वाले वाम मोर्चे को तीसरे स्थान पर खिसकना पड़ा है.
इस बीच तृणमूल कांग्रेस ने त्रिपुरा के धलाई ज़िले
के अंबासा नगरपालिका में एक वॉर्ड में जीत दर्ज कर अपनी शुरुआत की है. बीजेपी को
कुल 15 में से 12 वॉर्ड मिले हैं.
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वहीं तृणमूल के अलावा, पहली बार निकाय चुनाव में अपनी क़िस्मत आज़माने
वाले देसी प्रगतिशील क्षेत्रीय गठबंधन मोथा (द इंडिजिनस प्रोग्रेसिव रीजनल अलायंस
मोथा) और सीपीएम को भी एक-एक वार्ड में जीत मिली है.
अगरतला नगर निगम में अब तक 51 वार्डों में से 22
वार्डों के परिणाम घोषित हो चुके हैं. सभी वार्डों में बीजेपी ने जीत दर्ज की, जबकि तृणमूल कांग्रेस दूसरे स्थान पर रही है.
अगरतला में मतगणना हॉल के बाहर बीजेपी समर्थक इस जीत का जश्न मनाते दिख रहे हैं.
त्रिपुरा में अगरतला नगर निगम, 13 नगर परिषद और 6 नगर पंचायतों सहित शहरों के
स्थानीय निकायों में कुल मिलाकर 334 सीटें हैं. इसके लिए राज्य के 13 मतगणना
केंद्रों पर वोटों की गिनती जारी है.
UPTET 2021 की परीक्षा रद्द होने पर विपक्ष ने योगी सरकार को बनाया निशाना
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा
रद्द होने के बाद विपक्ष ने राज्य की योगी सरकार पर ज़ुबानी हमला बोला है.
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी
वाड्रा ने ट्वीट करके कहा है कि ‘भर्तियों
में भ्रष्टाचार, पेपर आउट ही भाजपा सरकार की पहचान बन चुका है.’
उन्होंने लिखा है, “भर्तियों में भ्रष्टाचार, पेपर आउट ही भाजपा
सरकार की पहचान बन चुका है. आज यूपी टेट का पेपर आउट होने की
वजह से लाखों युवाओं की मेहनत पर पानी फिर गया.”
“हर बार पेपर आउट होने परयोगी
आदित्यनाथ जी की सरकार ने भ्रष्टाचार में शामिल बड़ी मछलियों को बचाया है इसलिए
भ्रष्टाचार चरम पर है.”
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वहीं राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी प्रमुख
अखिलेश यादव ने भी ट्वीट करके कहा है कि भाजपा सरकार में पेपर लीक होना, परीक्षा व परिणाम रद्द होना आम बात है.
उन्होंने ट्वीट में लिखा, “UPTET 2021 की परीक्षा का पेपर लीक होने की वजह
से रद्द होना बीसों लाख बेरोज़गार अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है. भाजपा सरकार में पेपर लीक होना, परीक्षा व परिणाम रद्द होना आम बात है. यूपी शैक्षिक भ्रष्टाचार के चरम पर है.बेरोज़गारों का इंक़लाब होगा, बाइस में बदलाव होगा!”
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पेपर लीक मामले में 23 गिरफ़्तार
उत्तर प्रदेश के एडीजी लॉ एंड आर्डर प्रशांत कुमार ने लखनऊ
में प्रेस कांफ्रेंस करके कहा है, "उत्तर प्रदेश
एसटीएफ ने पूरा एक जाल बिछाया जिसमें मैन्युअल इंटेलिजेंस और टेक्निकल इंटेलिजेंस
की सहायता ली गयी और बीती रात से कुल अभी तक 23 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.”
“लखनऊ से चार, मेरठ से तीन, गोरखपुर और
वाराणसी से दो लोगों को पकड़ा गया है.कौशांबी से एक और प्रयागराज से 13 लोगों की गिरफ्तारी हुई
है. इनके पास से कुछ पर्चों की फोटो कॉपी मिली थीं जिन्हें शासन के साथ
शेयर किया गया और यह बात प्रकाश में आयी की यह प्रश्न पत्र वही हैं जो परीक्षा में
आने वाले हैं."
उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार के कुछ लोग भी पकड़े गए हैं.
पुलिस ने यह भी जानकारी दी है परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों
को न तो दोबारा फॉर्म भरना होगा ना ही कोई फीस भरनी पड़ेगी. अभ्यर्थियों को उत्तर
प्रदेश की यूपीएसआरटीसी की बसों में एडमिट कार्ड से फ्री जाने की अनुमति है, कोई
टिकट की आवश्यकता नहीं है.
यूएई में अब तक का सबसे बड़ा क़ानूनी सुधार, रेप की सज़ा में भी बदलाव
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संयुक्त अरब अमीरात ने अपने यहां क़ानून
प्रणाली में व्यापक सुधार के लिए मंज़ूरी दे दी है.
दावा किया जा रहा है कि इन सुधारों का मक़सद
सामाजिक स्थिरता और अधिकारों को सुनिश्चित करने और अवसरों को बढ़ाना है.
एक आधिकारिक घोषणा के मुताबिक, इसके तहत 40 से
अधिक क़ानूनों को शामिल किया गया है. इस लिहाज़ से संयुक्त अरब अमीरात में हुआ ये अब
तक का सबसे बड़ा कानूनी सुधार है.
अमीरात न्यूज़ एजेंसी की ख़बर के मुताबिक, ये नए कानून "ईयर ऑफ द 50" के दौरान आया है और इसका उद्देश्य यूएई की विकासात्मक उपलब्धियों के साथ
तालमेल बनाना है. साथ ही भविष्य की योजनाओं के लिए भी आधार देना है.
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डब्ल्यूएएम की ख़बर के अनुसार, कानून में संशोधन का उद्देश्य निवेश, व्यापार और उद्योग, संरक्षण, कॉपीराइट, ट्रेडमार्क, ट्रस्ट सेवाओं और निवास सहित विभिन्न क्षेत्रों में कानूनी संरचना को विकसित और स्थापित करना है.
इसके अलावा सामजिक स्तर पर सुधार के लिए भी इन कानूनों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
इसके तहत समाजिक और व्यक्तिगत सुरक्षा, अपराध और सज़ा, ऑनलाइन सुरक्षा और नशीले पदार्थों के उत्पादन, बिक्री और उपयोग को नियंत्रित करने वाले कानून लाए गए हैं.
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नए क़ानून में रेप की सज़ा को सख़्त किया गया है. नए फ़ेडरेल क्राइम और पनिशमेंट लॉ के तहत रेप या बिना सहमति के शारीरिक संबंध बनाने के आरोपी के लिए आजीवन कारावास का प्रावधान किया गया है.
इस नए क़ानून में कहा गया है कि अगर पीड़ित की उम्र 18 साल से कम है या वह विकलांग है तो आरोपी की सज़ा को बढ़ाकर मृत्यदंड भी दिया जा सकता है.
यूएई की सरकारी मीडिया के मुताबिक, शेख ख़लीफ़ा बिन ज़ायद अल नाहयान ने देश की कानूनी प्रणाली में व्यापक सुधार को मंजूरी दी.
क़ानूनों में बदलाव और नए क़ानून के तहत महिलाओं और घरेलू नौकरों के लिए सुरक्षा को बेहतर करने की कोशिश की गई है.
इन क़ानूनों को 2 जनवरी, 2022 से पूरी तरह से लागू किया जाएगा.
ब्रेकिंग न्यूज़, UPTET 2021 की परीक्षा पेपर लीक होने के कारण रद्द की गई
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अनंत झणाणे
बीबीसी हिंदी के लिए
रविवार
को उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UP-TET) को पेपर लीक होने की वजह
से स्थगित कर दियागया. पेपर व्हाट्सऐप पर लीक
हुआ और जैसी ही इसकी जानकारी परीक्षा नियामक अधिकारी को मिली, परीक्षा स्थगित कर दी गई.
बीबीसी
से परीक्षा स्थगित होने की ख़बर की पुष्टि करते हुए परीक्षा नियामक प्राधिकारी
सचिव संजय उपध्याय ने कहा, " मुझे
वव्हाट्सप्प पर पेपर लीक होने की जानकारी मिली और लीक हुआ पेपर भी मिला. उत्तर
प्रदेश एसटीएफ ने ही यह चीज़ पकड़ी है. परीक्षा की अगली तिथि तय नहीं हुई है, लेकिन शीघ्र ही तिथि घोषित
की जाएगी."
उत्तर
प्रदेश में प्राथमिक शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा के स्कूलों में शिक्षकों की
नियुक्ति के लिए यूपी-टीईटी एक बड़ी परीक्षा है जिसन्म प्रदेश भर से लाखों की
संख्या में अभ्यर्थी परीक्षा में बैठते हैं.
परीक्षा
की पहली पाली में 12 लाख 91 हज़ार अभ्यर्थी परीक्षा में
बैठने वाले थे और दूसरी पाली में 8 लाख से ज़्यादा अभ्यर्थी परीक्षा में
बैठने वाले थे. प्रदेश भर में 4301 सेंटर बनाये गए थे. टीईटी की परीक्षा में अक्सर गड़बड़ियां होती हैं और उत्तर
प्रदेश एसटीएफ की निगरानी में ही इस परीक्षा का आयोजन होता है.
उत्तर
प्रदेश पुलिस ने भी ट्वीट कर इस परीक्षा के स्थगित होने की जानकारी देते हुए कहा, "उत्तर प्रदेश एसटीएफ द्वारा
जनपदीय पुलिस के साथ एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल करते हुए उत्तर प्रदेश टीईटी के
पेपर लीक होने का खुलासा किया गया है. राजकीय खर्च पर एक माह में यह परीक्षा पुनः
आयोजित की जायेगी.”
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पुलिस
के मुतबिक इस परीक्षा को एक महीने के अंदर फिर से कराया जायेगा और परीक्षार्थियों को इसमें फिर से फॉर्म भरने के ज़रूरत
नहीं पड़ेगी.
न्यूज़
एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उत्तर प्रदेश के एडीजी कानून व्वयस्था प्रशांत कुमार
ने कहा, "पेपर
लीक करने के आरोप में उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने दर्जनों लोगों को हिरासत में लिया
है."
Omicron वेरिएंट को लेकर सतर्क हुआ कर्नाटक, एहतियाती क़दम उठाए
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कर्नाटक
सरकार ने कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों और कोरोना के नए वेरिएंट ओमीक्रॉन की
चिंता के बीच राज्य में कुछ एहतियाती क़दम उठाए हैं.
बीबीसी के सहयोगी पत्रकार इमरान क़ुरैशी ने बताया है कि राज्य
सरकार ने कोरोना संक्रमण को बढ़ने से रोकने के लिए इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर
स्क्रीनिंग बढ़ाने का फ़ैसला किया है. इसके साथ ही जो यात्री महाराष्ट्र और केरल
से आएंगे उनके लिए आरटी-पीसीआर टेस्ट अनिवार्य होगा.
एक
सरकारी सर्कुलर में कहा गया है कि दक्षिण अफ्रीका, बोत्सवाना और हांगकांग से आने
वाले यात्रियों का कोविड टेस्ट करना होगा और अगर कसी का टेस्ट पॉज़ीटिव आता है तो
उसे 10 दिनों तक आइसोलेशन में रहना होगा.
इन
देशों से राज्य में बीते 15 दिनों में आने वाले सभी यात्रियों को आरटी-पीसीआर कराना
होगा.
वैज्ञानिकों
का कहना है कि ओमीक्रॉन वेरिएंट काफ़ी तेज़ी से म्यूटेट हो रहा है. इसका पहला
मामला दक्षिण अफ्रीका में मिला. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस वेरिएंट को लेकर
चिंता जतायी है.
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उधर 20 नवंबर को बेंगलुरु पहुंचे दक्षिण अफ्रीका के दो यात्रियों के कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि हुई है.
एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि दोनों यात्रियों के नमूने जिनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेज दिए गए थे, जिससे उनमें कोरोना के डेल्टा वेरिएंट के होने की पुष्टि हुई है.
इसके अलावा सरकार ने सरकारी कार्यालयों में काम करने वालों के लिए कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज़ को अनिवार्य करने का फ़ैसला किया है.
इसके अलावा मॉल, होटल, सिनेमा हॉल, चिड़ियाघर, स्विमिंग पूल और पुस्तकालयों में काम करने वालों के लिए भी कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज़ को अनिवार्य करने का फ़ैसला किया गया है.
राज्य के मुख्यमंत्री बोम्मई ने कोरोना के मद्देनज़र एक हाई-लेवल मीटिंग भी की. इस मीटिंग के बाद रेवेन्यू मंत्री आर अशोक ने बताया कि बैठक में स्कूलों और कॉलेजों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर अस्थायी रोक लगाने का फैसला किया गया है.
कर्नाटक ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया है कि वह तीसरी लहर को रोकने के लिए वैक्सीन की बूस्टर खुराक देने की अनुमति दें.
ब्रेकिंग न्यूज़, ओमीक्रोन वेरिएंट के कारण विदेशियों के लिए 14 दिन तक बंद रहेगा इसराइल
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कोरोना वायरस के
नए वेरिएंट के ख़तरे को देखते हुए दुनिया के तमाम देशों ने अपने यहां दक्षिण
अफ्रीका को लेकर यात्रा प्रतिबंध लागू किये हैं लेकिन इसराइल एक क़दम आगे बढ़ाते
हुए विदेशियों के देश में प्रवेश को 14 दिनों के लिए प्रतिबंधित करने जा रहा है.
इसराइल 14 दिनों के लिए विदेशियों के देश में प्रवेश पर
रोक लगाने जा रहा है.
स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक़, कोरोना संक्रमण
को बढ़ने से रोकने के लिए इसराइल ने ये प्रतिबंध लगाने का फ़ैसला किया है.
कैबिनेट की मंज़ूरी
के बाद रविवार को आधी रात से ये प्रतिबंध प्रभावी हो जाने की उम्मीद है.
इसराइल में अभी
तक इस नए वेरिएंट के एक मामले की पुष्टि हुई है.
हालांकि दक्षिण अफ्रीका
का कहना है कि इस नए वेरिएंट के बारे में दुनिया को बताने के लिए जहां उसकी सराहना
होनी चाहिए थी वहीं उस पर प्रतिबंध लगाकर दंडित किया जा रहा है.
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विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने चेतावनी दी है कि यह नया वेरिएंट चिंता का विषय है.
हालांकि, डब्ल्यूएचओ ने भी जल्दबाजी में यात्रा प्रतिबंध लगाने वाले देशों से कहा है कि उन्हें वैज्ञानिक दृष्टिकोण रखना चाहिए.
इसराइल की कोरोना वायरस कैबिनेट ने शनिवार को हुई एक आपातकालीन बैठक में नए प्रतिबंधों को लागू करने पर सहमति जताई और अब ये अंतिम अप्रूवल के लिए बड़े कैबिनेट के विचाराधीन है.
जो लोग इसराइल के नागरिक नहीं हैं उनके लिए तो यात्रा प्रतिबंध होंगे ही साथ ही अगर कोई इसराइली है और उसे पूरी डोज़ भी लग चुकी है, बावजूद इसके उसे तीन दिन क्वारंटीन में रहना होगा. जिन लोगों को वैक्सीन की डोज़ नहीं लगी है उनके लिए सात दिन के क्वारंटीन का नियम रखा गया है.
कैबिनेट ने इसराइल की शिन बेट सिक्योरिटी एजेंसी को कोरोना वायरस रोगियों की निगरानी का ज़िम्मा भी सौंपा है.
अमेरिका के जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय के अनुसार, इसराइल में कोरोना महामारी के कारणअब तक 8,100 से अधिक मौतें हो चुकी हैं. इसके अलावा 1.3 मिलियन से अधिक कोरोना संक्रमित भी हो चुते हैं.
कोरोना के नए ख़तरे के मद्देनज़र पाकिस्तान ने सात देशों पर लगाये यात्रा प्रतिबंध
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पाकिस्तान
के नेशनल कमांड एंड ऑपरेशन सेंटर (एनसीओसी) ने एक अधिसूचना जारी की है. जिसके
मुताबिक, कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमीक्रोन के ख़तरे को देखते हुए पाकिस्तान ने सात देशों को
लेकर यात्रा प्रतिबंध लागू किये हैं.
दक्षिण
अफ्रीका में मिले इस वेरिएंट को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चिंता जतायी है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कोरोना
वायरस के नए वेरिएंट को लेकर चिंता ज़ाहिर की है. उसने इसे तकनीकी शब्दावली में
'चिंता वाला वेरिएंट' (वेरिएंट
ऑफ़ कंसर्न/वीओसी) बताते हुए इसे 'ओमीक्रोन' नाम दिया
है.
डब्ल्यूएचओ
ने चेतावनी देते हुए कहा कि यह काफी तेज़ी से और बड़ी संख्या में म्यूटेट होने
वाला वेरिएंट है. उसने बताया है कि इस वेरिएंट के कई म्यूटेशन चिंता पैदा करने
वाले हैं. इसलिए शुरुआती साक्ष्यों के आधार पर WHO ने कहा है
कि इस म्यूटेशन के चलते संक्रमण का ख़तरा बढ़ गया है.
WHO को इस
वेरिएंट के पहले मामले की जानकारी 24 नवंबर को
दक्षिण अफ्रीका से मिली थी. इसके अलावा बोत्सवाना, बेल्जियम, हांगकांग
और इसराइल में भी इस वेरिएंट की पहचान हुई है.
पाकिस्तान की अधिसूचना
के मुताबिक, दक्षिण अफ्रीका, लेसोथो, इस्वातिनी, मोज़ाम्बिक, बोत्सवाना और नामीबिया से आने-जाने वाले विमानों पर रोक लगा
दी गई है.
इन देशों को सी श्रेणी में रखा गया है. इसका
मतलब यह हुआ कि इन देशों के लोगों के लिए प्रतिबंध हैं और वे केवल विशिष्ट एनसीओसी
दिशानिर्देशों के तहत ही पाकिस्तान की यात्रा कर सकते हैं,
इससे पहले केंद्रीय विकास मंत्री असद उमर ने
भी एक ट्वीट करके यही बात कही थी.
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चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
पोस्ट X समाप्त
"कोरोना के नए वेरिएंट के मिलने के कारण एक नई अधिसूचना जारी की गई है. जिसमें छह दक्षिण अफ्रीकी देशों और हांगकांग से आवाजाही को प्रतिबंधित किया गया है.”
अपने ट्वीट में उन्होंने कहा कि कोरोना के नये वेरिएंट के सामने आने के बाद यह और ज़रूरी हो गया है कि जिन भी लोगों को टीका लगना है, उन्हें तत्काल टीका लगे.12 साल और उससे अधिक उम्र के सभी नागरिकों को वैक्सीन दिया जाना ज़रूरी हो गया है.
हालांकि आपात स्थिति में एनसीओसी के गाइडलाइन का पालन करते हुए पाकिस्तान की यात्रा की अनुमति होगी.
नोटिफ़िकेशन में कहा गया है कि पाकिस्तान की यात्रा करने वालों के पास वैक्सीनेशन सर्टिफ़िकेट, विमान लेने से 72 घंटे पहले कराये गए टेस्ट की रिपोर्ट होना ज़रूरी होगा. इसके अलावा पाकिस्तान के एयरपोर्ट पर एंटीजन टेस्ट भी कराना होगा. अगर टेस्ट रिज़ल्ट निगेटिव आता है तो भी उन्हें तीन दिनों के लिए क्वारंटीन होना होगा और तीसरे दिन फिर एक एंटीजन टेस्ट कराना होगा.
और अगर कोई पॉज़ीटिव पाया जाता है तो उसे 10 दिन क्वारंटीन में रहना होगा और इसके बाद 10वें दिन पॉलीमर्स चेन रीएक्शन टेस्ट कराना अनिवार्य होगा.
कोरोना के नए वेरिएंट ओमीक्रॉन के बढ़ते ख़तरे के बाद ब्रिटेन में सख़्त प्रतिबंध
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दक्षिण अफ्रीका
में मिले कोरोना के नए वेरिएंट को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ओमीक्रॉन नाम दिया है.
दुनिया के कई देशों ने इस वेरिएंट की पहचान के बाद दक्षिण अफ्रीका को लेकर यात्रा
प्रतिबंध लागू कर दिये हैं.
ब्रिटेन ने
दक्षिण अफ्रीका से यात्रा प्रतिबंध लगाने के साथ-साथ अपने यहां भी कोरोना नियमों
को सख़्त कर दिया है.
ब्रिटेन के
प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने घोषणा की है कि अगले सप्ताह से दुकानों में ख़रीदारी
के दौरान और सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने के दौरान मास्क पहनना अनिवार्य
होगा.
इसके साथ ही बाहर
से ब्रिटेन आने वाले सभी लोगों की पीसीआर जांच की जाएगी और अगर किसी में नए
वेरिएंट के मामला मिलता है तो उसे खुद को आइसोलेट करना होगा, भले ही उन्होंने
कोरोना वैक्सीन की पूरी डोज़ ले रखी हो.
हालांकि बोरिस जॉनसन
ने यह ज़रूर कहा कि इस साल का क्रिसमस, साल 2020 की तुलना में बेहतर
होगा.
उन्होंने कहा कि ये
प्रतिबंध और उपाय अस्थायी हैं और एहतियात के तौर पर अपनाए जा रहे हैं.
बोरिस जॉनसन ने कहा,
"हमारे वैज्ञानिक हर घंटे इसके बारे में और जानकारी जुटा रहे हैं और ऐसा लगता है कि ओमीक्रॉन वेरिएंट बहुत तेज़ी से फैलता है. और यह उन लोगों को भी संक्रमित
कर सकता है जिन्हें वैक्सीन की दोनों डोज़ लग चुकी है."
नए वेरिएंट के बारे में बताने पर सराहना के बदले दंड - दक्षिण अफ्रीका
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दक्षिण अफ्रीका ने
नाराज़गी जताते हुए कहा कि कोरोना के नए वेरिएंट ओमीक्रॉन के बारे में बताये जाने
पर उसकी सराहना के बदले उसे दंडित किया जा रहा है.
दक्षिण अफ्रीका
के विदेश मंत्रालय ने बयान देते हुए कहा है कि क्योंकि अफ्रीका ने इस नए वेरिएंट
के प्रसार के बारे में दुनिया को सूचित किया इसलिए उस पर हर तरफ़ से यात्रा
प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं.
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कोरोना
वायरस के एक नए वेरिएंट को लेकर चिंता ज़ाहिर की है. उसने इसे तकनीकी शब्दावली में
'चिंता वाला वेरिएंट' (वेरिएंट
ऑफ़ कंसर्न/वीओसी) बताते हुए इसे 'ओमीक्रोन' नाम दिया
है.
डब्ल्यूएचओ
ने चेतावनी देते हुए कहा कि यह काफी तेज़ी से और बड़ी संख्या में म्यूटेट होने
वाला वेरिएंट है. उसने बताया है कि इस वेरिएंट के कई म्यूटेशन चिंता पैदा करने
वाले हैं. इसलिए शुरुआती साक्ष्यों के आधार पर WHO ने कहा है
कि इस म्यूटेशन के चलते संक्रमण का ख़तरा बढ़ गया है.
WHO को इस
वेरिएंट के पहले मामले की जानकारी 24 नवंबर को
दक्षिण अफ्रीका से मिली थी. इसके अलावा बोत्सवाना, बेल्जियम, हांगकांग
और इसराइल में भी इस वेरिएंट की पहचान हुई है.
अफ्रीका के बाद
अब यूरोप में भी इस वेरिएंट के कई मामले सामने आए हैं. ब्रिटेन में दो, जर्मनी में
दो, बेल्जियम में एक, इटली में एक और चेक गणराज्य में भी इस वेरिएंट के संदिग्ध की
पहचान की गई है,
इसराइल में भी एस नए
वेरिएंट के मामले की पुष्टि की गई है जिसके बाद इसराइल ने रविवार मध्यरात्रि से
सभी विदेशियों के देश में आने पर प्रतिबंध लगाने का फ़ैसला किया है.
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टाइम्स ऑफ इसराइल के अनुसार, सुरक्षा उपाय के तहत अपनाए गए ये प्रतिबंध 14 दिनों तक लागू रहेंगे. बोत्सवाना, हांगकांग और इसराइल में भी ओमीइक्रॉन वेरिएंट के मामलों का पता चला है.
दक्षिण अफ्रीका से नीदरलैंड पहुंचने वाले सैकड़ों यात्रियों का टेस्ट किया जा रहा है कि कहीं उनमें नया वेरिएंट तो नहीं.
डच अधिकारियों का कहना है कि अफ्रीका से एम्सटर्डम पहुंचे दो विमानों से आए 61 लोगों का कोविड टेस्ट पॉज़ीटिव पाया गया है.
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24 नवंबर को दक्षिण अफ्रीका से डब्ल्यूएचओ को पहली बार नए ओमीक्रॉन वेरिएंट के बारे में सूचना दी थी.
दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्रालय के शनिवार को एक बयान में यात्रा प्रतिबंधों की कड़ी आलोचना की.
दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्रालय ने कहा कि विज्ञान के इतने सराहनीय प्रयास की(ओमीक्रॉन वेरिएंट के पहचान के संबंध में) सराहना की जानी चाहिए ना दंडित.
बयान में कहा गया है कि अफ्रीका में नए वेरिएंट के मिलने पर जिस तरह की प्रतिक्रिया दी गई है वो दुनिया के दूसरे हिस्सों में जब कोई नया वेरिएंट मिला, उससे काफी अलग है. अफ्रीकी संघ के एक अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि इस नए वेरिएंट के लिए विकसित देशों को दोषी ठहराया गया था.
एयू वैक्सीन डिलीवरी एलायंस के सह-अध्यक्ष अयोदे अलकिजा ने कहा, "अभी जो चल रहा है वह दुनिया में एक समान टीकाकरण ना होने का परिणाम है. यह दुनिया के धनी देशों की टीके की जमाखोरी करने का ही नतीजा है और यह किसी भी तरह से स्वीकार्य नहीं है."
उन्होंने आगे कहा कि ये यात्रा प्रतिबंध राजनीति से प्रेरित हैं विज्ञान से नहीं. यह गलत है... अफ्रीका को प्रतिबंधित क्यों किया जा रहा है जबकि ये वायरस पहले से ही तीन महाद्वीपों पर है?
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