देश में 24 घंटों के दौरान कोरोना संक्रमण के आठ हज़ार 774 नए केस मिले हैं. भारत समेत कई देश कोरोना संक्रमण पर काबू पाते हुए सामान्य स्थिति की ओर लौट रहे हैं लेकिन तभी कोरोना वायरस के एक नए वैरिएंट ने फिक्र बढ़ा दी है.
चिंता इसराइल से लेकर यूरोप के देशों और ऑस्ट्रेलिया में भी देखी जा रही है. इसराइल ने विदेशियों के आने पर दो हफ़्ते की पाबंदी लगा दी है तो यूरोप के कई देशों ने दक्षिण अफ्रीका और उसके आसपास के देशों पर यात्रा से जुड़ी पाबंदियां लगा दी हैं.
विदेश से आने वाले इसराइल के नागरिकों को क्वारंटीन किया जाएगा.
कोरोना के मामलों पर नज़र रखने के लिए इसराइल की सरकार ने फ़ोन ट्रैकिंग लागू करने का फ़ैसला किया है. ये तरीका विवादों में रहा है.
इसराइल में अब तक नए वैरिएंट के संक्रमण के एक मामले की पुष्टि हुई है. इसराइल के प्रधानमंत्री नेफ्टाली बेनेट ने कहा कि जब तक नए वैरिएंट के बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं मिले तब तक सावधानी रखे जाने की ज़रूरत है.
उन्होंने कहा, "अभी हम अनिश्चितता के दौर में हैं. ऐसी स्थिति में होना आसान बात नहीं है. यहां सावधानी रखना और जोखिम को कम करना ज़रूरी है. जब तक कि हमें ज़्यादा जानकारी न मिल जाए. इसराइल ने डेल्टा के समय जैसी कामयाबी हासिल की थी, उसे बनाए रखना ज़रूरी है. जिससे अर्थव्यवस्था चलती रहे और बच्चे स्कूल जा सकें. ये हमारी आला प्राथमिकता है. इसके लिए हमें सीमाओं की कड़ी निगरानी करनी होगी."
इसकी वजह कोरोना वायरस का नया वैरिएंट ही है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे ओमिक्रोन नाम दिया है और इसे 'वैरिएंट ऑफ कंसर्न' बताया है. इसकी पहचान बीते हफ़्ते दक्षिण अफ़्रीका में की गई थी.
ये पहले से मौजूद वैरिएंट के मुक़ाबले ज़्यादा संक्रामक माना जा रहा है. यूरोप के कई देशों और ऑस्ट्रेलिया में भी नए वैरिएंट के संक्रमण के केस मिले हैं. इंग्लैंड में मंगलवार से दुकानों और सार्वजनिक परिवहन में मास्क लगाना ज़रूरी होगा.
ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री साजिद जावेद ने कहा कि इन उपायों के जरिए लोग अपने परिवार के साथ क्रिसमस की खुशियां मना सकेंगे. कई दूसरे देशों ने दक्षिण अफ़्रीका और उसके पड़ोसी देशों को लेकर यात्रा पाबंदियां लागू कर दी हैं.
दक्षिण अफ्रीका ने इसे लेकर शिकायत की है. दक्षिण अफ्रीका का कहना है कि ओमिक्रोन वैरिएंट का पता लगाने पर उसकी सराहना किए जाने के बजाए उसे दंडित किया जा रहा है. भारत में भी कोरोना के नए वैरिएंट को लेकर चिंता देखी जा रही है.
नीदरलैंड्स के अधिकारियों ने बताया है कि हाल में दक्षिण अफ्रीका से लौटे 13 लोगों में कोरोना वायरस का नया वैरिएंट पाया गया है. अधिकारियों का कहना है कि ओमिक्रोन से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ सकती है.
नीदरलैंड्स ने एक दिन पहले ही वायरस को रोकने के लिए पाबंदियां कड़ी की थीं. कोरोना वायरस का नया वैरिएंट सबसे पहले बीते हफ्ते दक्षिण अफ्रीका में ही पाया गया था.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को स्थिति की समीक्षा की थी. कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने बताया कि उन्होंने आज हुई सर्वदलीय बैठक में ये मुद्दा उठाया.
उन्होंने कहा, "मल्लिकार्जुन खड़के मौजूदा वैक्सीन कोरोना वायरस के नए वेरिएंट पर कितनी प्रभावी हैं, इसकी अभी जानकारी नहीं है. हालांकि, ये चिंता जताई गई है कि नया वैरिएंट मौजूदा वैक्सीन के असर को भी कम कर सकता है."
इस बीच अमेरिका की दवा बनाने वाली कंपनी मॉडर्ना का कहना है कि ओमिक्रोन वैरिएंट पर मौजूदा वैक्सीन कारगर होंगी या नहीं, ये आने वाले कुछ दिनों में जानकारी हो जाएगी. कंपनी ने ये भी कहा है कि अगर ज़रूरत हुई तो अगले साल की शुरुआत नई वैक्सीन तैयार हो सकती है.
मॉडर्ना के मेडिकल डायरेक्टर डॉक्टर पॉल बर्टन का कहना है कि उन्हें अगले कुछ दिन में ये जानकारी हो जाएगी कि उनकी कोविड वैक्सीन ओमिक्रॉन वैरिएंट के ख़िलाफ़ असरदार है या नहीं.
उन्होंने बीबीसी से कहा कि ऐसा मुमकिन है कि मौजूदा वैक्सीन नए वैरिएंट पर असर न करे. वायरस में जो म्यूटेशन हुए हैं, उनमें से 30 सिर्फ स्पाइक प्रोटीन में हुए हैं. अगर आप उन सभी को साथ रखकर देखते हैं तो मेरी राय में ये वायरस काफी चिंता का मामला है.
डॉक्टर पॉल बर्टन ने ये भी कहा कि उन्हें भरोसा है कि इस वैरिएंट की रोकथाम हो सकेगी लेकिन अभी ये जानकारी नहीं है कि बुजुर्गों और दूसरे संवेदनशील समुदाय पर इसका कितना असर होगा. उन्होंने ये भी कहा कि अगर नई वैक्सीन की ज़रूरत होगी तो वो अगले साल की शुरुआत तक तैयार कर ली जाएगी.