रिज़र्व भंडार से कच्चा तेल निकालने से भारत को क्या हासिल होगा?

इमेज स्रोत, British Petroleum handout
भारत सरकार ने पेट्रोलियम ईंधन की बढ़ती क़ीमतों पर काबू पाने के लिए अपने रणनीतिक रिज़र्व भंडार से कच्चा तेल निकालने का फ़ैसला लिया है. भारत पहली बार ऐसा कर रहा है.
भारत पेट्रोलियम ईंधन का तीसरा सबसे बड़ा आयातक देश है.मीडिया रिपोर्ट्समें कहा जा रहा है कि भारत 3.8 करोड़ बैरल के अपने रणनीतिक रिज़र्व भंडार से 50 लाख बैरल कच्चा तेल निकालने जा रहा है.
भारत ने यह फ़ैसला अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया से विचार विमर्श के बाद उठाया है. पेट्रोलियम ईंधन की क़ीमत पर अंकुश लगाने के लिए ये देश तेल उत्पादक देशों पर ज़्यादा उत्पादन के लिए दबाव बना रहे हैं.
हालांकि अमेरिका अब तक ओपेक देशों को पेट्रोलियम उत्पादन बढ़ाने के लिए तैयार नहीं कर सका है. ऐसी स्थिति में रणनीतिक भंडार से कच्चा तेल निकालना भारत के लिए कितना कारगर होगा, इसको लेकर भारतीय मीडिया ने अनिश्चितता जताई है.
भारतीय अधिकारियों ने कहा है कि वे रणनीतिक भंडार से पचास लाख बैरल कच्चा तेल निकालने की योजना बना रहे हैं. यह देश भर में एक दिन में होने वाले पेट्रोलियम ईंधन की खपत जितना भंडार है.











