ब्रेकिंग न्यूज़, किसानों की बाक़ी मांगों पर बोले अनुराग ठाकुर
बुधवार को केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर कैबिनेट की बैठक के बाद मीडिया के सामने आए. उन्होंने कैबिनेट के दो फ़ैसलों के बारे में बताया.
एक फ़ैसला यह कि अगले साल मार्च तक प्रधानमंत्री ग़रीब कल्याण अन्न योजना जारी रहेगी और दूसरा, कैबिनेट ने तीनों कृषि क़ानून वापस लेने की औपचारिकता पूरी कर ली है. इसके बाद सवाल पूछने की बारी आई तो पत्रकारों ने एमएसपी को लेकर पूछा.
क्या सरकार एमएसपी को क़ानून का रूप देगी? इस सवाल के जवाब में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा, ''प्रधानमंत्री ने तीनों कृषि क़ानूनों को वापस लेने की घोषणा की थी और प्राथमिकता के आधार इसे कैबिनेट में लाया गया. प्रधानमंत्री जी ने 19 नवंबर को विस्तार से बात कही थी और कैबिनेट में हमने औपचारिकता पूरी कर ली है. संसद के शीत सत्र में पहले हफ़्ते में इसकी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी.''
किसानों की अन्य मांगों के सवाल पर अनुराग ठाकुर बार-बार इसी बात को दोहराते रहे लेकिन उन्होंने किसानों की अन्य मांगों पर सरकार का क्या रुख़ है, इसे ज़ाहिर नहीं किया.
अनुराग ठाकुर से ये भी पूछा गया कि क्या किसानों को अब विरोध प्रदर्शन छोड़ वापस चले जाना चाहिए तो उन्होंने पत्रकार से ही पूछ दिया कि आपको क्या लगता है.
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में बुधवार को कैबिनेट की बैठक हुई. इस बैठक में कोविड महामारी के चलते प्रधानमंत्री ग़रीब कल्याण अन्न योजना को अगले साल 22 मार्च तक बढ़ा दिया गया है. अनुराग ठाकुर ने कहा कि इस योजना के तहत देश के क़रीब 80 करोड़ लोगों को मुफ़्त में पाँच किलो गेंहू या चावल मिलता है.
अनुराग ठाकुर ने कहा, ''तीनों कृषि बिल अगले हफ़्ते की शुरुआत में संसद का शीत सत्र आएगा और वहां बची प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी. इसके साथ ही तीनों कृषि क़ानून औपचारिक रूप से ख़त्म हो जाएंगे.''