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गोडसे के हिन्दुस्तान के साथ नहीं रह सकते, हमें गांधी-नेहरू का हिन्दुस्तान चाहिए: महबूबा मुफ़्ती

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ़्ती ने एक बार फिर कहा है कि भारत को कश्मीर के मसले पर पाकिस्तान से बात करनी चाहिए.

लाइव कवरेज

अभिजीत श्रीवास्तव and भूमिका राय

  1. गोडसे के हिन्दुस्तान के साथ नहीं रह सकते, हमें गांधी-नेहरू का हिन्दुस्तान चाहिए: महबूबा मुफ़्ती

    जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ़्ती ने एक बार फिर कहा है कि भारत को कश्मीर के मसले पर पाकिस्तान से बात करनी चाहिए.

    उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि अगर भारत तालिबान से बात कर सकता है, चीन से बात कर सकता है तो पाकिस्तान से बात क्यों नहीं कर सकता.

    महबूबा ने कहा, "जब मैं कहती हूं पाकिस्तान से बात करो, आज वो तालिबान से बात कर रहे हैं. आज वो उस चीन से बात कर रहे हैं जिसने हमारी ज़मीन पर नाजायज़ कब्ज़ा किया है. मगर जब महबूबा मुफ़्ती कहती है कि जम्मू में अमन लाने के खातिर पाकिस्तान से बात करो तो वो कहते हैं ये देशद्रोही है. ये एंटी नैशनल है. पता नहीं क्यों?"

    उन्होंने कहा, "अगर जम्मू-कश्मीर को अपने साथ रखना है तो 370, 35ए और कश्मीर का मसला हल करने के साथ रखना होगा. डंडे, बंदूक, लाशों को दबाने के बलबूते पर कश्मीर को साथ नहीं रख सकते. बंदूक के बलबूते पर अमेरिका भी अफ़ग़ानिस्तान पर राज नहीं कर सका."

    इसके बाद उन्होंने ये भी कहा, "गोडसे के हिंदुस्तान के साथ हम नहीं रह सकते. हमें गांधी का हिंदुस्तान चाहिए. हमें नेहरू का हिंदुस्तान चाहिए. हमें अपना हिंदुस्तान वापिस चाहिए, हिंदुस्तान के आईन ने जो हमको दिया था वो हमें वापिस चाहिए."

  2. जर्मनी: मर्केल शासन को ख़त्म करने के लिए बना 'ट्रैफ़िक लाइट' गठबंधन

    अगली सरकार बनाने के लिए जर्मनी में तीन बड़ी राजनीतिक पार्टियों के बीच गठबंधन हो गया है और उनमें इस बात पर भी सहमति बन गई है कि सरकार बनी तो वो पर्यावरण से जुड़े मुद्दों को अधिक तवज्जो देगी.

    सोशल डेमोक्रेट्स, ग्रीन्स एंड फ्री डेमोक्रेट्स ने गठबंधन सरकार के बारे में जानकारी दी है. इसी के साथ मर्केल के नेतृत्व की 16 साल पुरानी सरकार गिर जाएगी.

    इस गठबंधन का नेतृत्व सोशल डेमोक्रेट्स पार्टी के नेता ओलाफ़ शॉल्ज़ करेंगे. ये गठबंधन जर्मनी को ग्रीन इकोनॉमी में बदलने की दीर्घकालिक योजना पर काम करेगा.

    ओलाफ़ ने इसे ट्रैफिक लाइट गठबंधन करार दिया है. उन्होंने कहा, "सोशल डेमोक्रेट्स, ग्रीन्स एंड फ्री डेमोक्रेट्स के बीच गठबंधन पर समझौता हुआ है, इसी के आधार पर नई सरकार बनेगी. इस समझौते को पार्टियों के सामने पेश किया जाएगा और सभी की राय ली जाएगी. हम पूरी कोशिश करेंगे कि तीनो पार्टियां इस पर दस दिनों के भीतर हस्ताक्षर करें."

    जर्मनी में हुए चुनावों में सबसे बड़ा दल बनने के दो महीने बाद शॉल्ज़ ने ग्रीन पार्टी और फ़्री डेमोक्रेट्स के साथ गठबंधन बनाया है.

    गठबंधन के लिए हुए समझौते का सबसे अहम हिस्सा पर्यावरण की सुरक्षा है.

    गठबंधन की योजना जर्मनी में कोयले के इस्तेमाल को 2030 तक समाप्त करने की है. ये तय समयसीमा से आठ साल पहले है.

    सरकार जर्मनी की दो प्रतिशत ज़मीन का इस्तेमाल पवन ऊर्जा के लिए करने पर भी काम करेगी. इसके अलावा हाइड्रोजन आधारित ऊर्जा के उत्पादन पर भी ज़ोर दिया जाएगा.

    गठबंधन में शामिल पार्टियों ने तय किया है कि साल 2030 तक जर्मनी में इस्तेमाल 80 प्रतिशत ऊर्जा अक्षय स्रोतों से आएगी और जर्मनी की सड़कों पर डेढ़ करोड़ इलेक्ट्रिक कारें होंगी.

    नई सरकार लाइसेंस के आधार पर गांजे की बिक्री पर भी विचार कर रही है. गांजे की गुणवत्ता और वितरण पर नियंत्रण रखा जाएगा.

    जर्मनी यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है. माना जा रहा है कि जर्मनी के फ़ैसले का असर पड़ोसी देशों पर भी पड़ेगा.

    एक प्रेस वार्ता में शॉल्ज़ ने कहा कि यूरोप की संप्रभुता पर ही उनकी विदेश नीति टिकी है. उन्होंने फ्रांस और अमेरिका के साथ जर्मनी की दोस्ती का भी ज़िक्र किया.

  3. कैप्टन अमरिंदर की सांसद पत्नी परनीत कौर को कारण बताओ नोटिस

    पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की पत्नी और पटियाला से कांग्रेस सांसद परनीत कौर पर पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप लगाते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस दिया गया है.

    पंजाब, चंडीगढ़ के कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी की ओर से जारी इस नोटिस में लिखा गया है कि "बीते कई दिनों से हमें कांग्रेस कार्यकर्ताओं, विधायकों, पटियाला के नेताओं से और मीडिया के ज़रिए आपकी पार्टी विरोधी गतिविधियों की जानकारी मिल रही है."

    "ये सूचनाएं हमें तब से मिल रही हैं जब से आपके पति कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपनी पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस का गठन किया है."

    "हमें यह भी बताया गया है कि आप खुल कर अपने पति की पार्टी का पक्ष ले रही हैं."

    "इस मामले पर कृपया अपना स्थिति सात दिनों के भीतर स्पष्ट करें अन्यथा पार्टी आप पर उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई करने को बाध्य हो जाएगी."

  4. पश्चिम बंगाल पुलिस ने किया त्रिपुरा सीएम के ओएसडी को तलब, पिनाकी दास, बीबीसी हिंदी के लिए, अगरतला से

    त्रिपुरा में बीजेपी और टीएमसी के बीच सियासी खींचतान में बुधवार को एक और मोड़ तब आया जब पश्चिम बंगाल की पुलिस ने इसमें दखल दिया.

    पश्चिम बंगाल पुलिस ने त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब के ओएसडी यानी विशेष कार्य अधिकारी संजय मिश्रा को एक मामले में तलब किया है.

    उन्हें त्रिपुरा में होने वाले निकाय चुनाव के दिन यानी गुरुवार (25 नवंबर) को कोलकाता के नारकेलदांगा पुलिस स्टेशन में पेश होने को कहा गया है.

    बीबीसी संजय मिश्रा ने कहा, "आज सुबह दफ़्तर आने के बाद मुझे इस नोटिस की जानकारी मिली. मुझे नहीं पता कि पश्चिम बंगाल की पुलिस ने मुझे क्यों बुलाया है."

    बीबीसी हिंदी के पास नारकेलदांगा पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता की धारा 31ए के तहत दर्ज केस संख्या 232 के तहत 3 नवंबर 2021 को जारी की गई इस नोटिस की कॉपी मौजूद है.

    इसे 23 नवंबर को polnet@kolkatapolice.gov.in इमेल से शाम 7.30 बजे डीजीपी त्रिपुरा पुलिस और सीएमओ त्रिपुरा को भेजा गया है.

    भारतीय दंड संहिता की धारा 153बी, 268, 468, 469, 471, 500, 505 (आई) (बी) और आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 54 के तहत मामला दर्ज किया गया है.

    समन में लिखा गया है, "भारतीय दंड संहिता की धारा 41ए के तहत प्रदत शक्तियों के प्रयोग से मैं आपको सूचित करता हूं कि आप उपरोक्त मामले में अभियुक्त हैं और जांच के दौरान पता चला है कि आपसे तथ्य और हालात का पता लगाने के लिए आपसे पूछताछ के लिए हमारे पास उचित आधार मौजूद हैं."

    "लिहाजा, आपसे 25.11.2021 को दोपहर 12 बजे नारकेलदांगा पुलिस स्टेशन में उपस्थित रहने और जांच अधिकारी (आईओ) से मिलने का अनुरोध किया जा रहा है."

    इसमें ये भी लिख गया है कि "अगर इस नोटिस का अनुपालन नहीं किया गया तो आपको गिरफ़्तार भी किया जा सकता है."

    इस बीच जब संजय मिश्रा से ये पूछा गया कि क्या वो पश्चिम बंगाल पुलिस के बुलावे पर वहां जाएंगे तो उन्होंने कहा कि वे फ़ोन पर इस बारे में ज्यादा बातचीत नहीं करना चाहेंगे और साथ ही ये बताया कि, "इस नोटिस के जवाब में एक जवाबी पत्र दिया गया है जिसमें यह बताया गया है कि फिलहाल ओएसडी भौतिक रूप से उपस्थित नहीं होंगे."

  5. रूस से रिश्ते पर बोले सऊदी अरब के किंग सलमान

    सऊदी अरब केकिंग सलमान ने जेद्दा सम्मेलन में रूस के साथ सऊदी अरब के संबंधों की सराहना की.

    समिट के दौरान रूस के साथ अपने संबंधों की सराहना में उन्होंने कहा, "सऊदी अरब अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ाने विभिन्न धर्मों, सभ्यताओं को मानने वालों के बीच बातचीत और उग्रवाद-आतंकवाद के साथ मुक़ाबला करने में सहयोग को लेकर इस्लामी देशों और रूस के बीच इस बैठक के महत्व में यकीन करता है."

    जेद्दा में बुधवार को इस्लामिक देशों और रूस के बीच स्ट्रैटेजिक विज़न ग्रुप की बैठक शुरू हुई. इस्लामिक सहयोग संगठन में रूस के शामिल होने के बाद साल 2006 में स्ट्रैटेजिक विज़न ग्रुप की स्थापना की गई थी. तब से इस समूह ने मॉस्को, कज़ान, इस्तांबुल, जेद्दा और कुवैत में अपनी बैठकें की हैं.

    इस्लामिक देशों और रूस के बीच चल रहे इस सम्मेलन में साझा मुद्दों और मौजूदा चुनौतियों का सामना करने में सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा किया जा रहा है.

    सऊदी किंग के बयान में कहा गया है कि सऊदी अरब और रूस के संबंध ऐतिहासिक रूप से मजबूत रहे हैं.

    "दोनों देशों के बीच संबंध में हाल के वर्षों में एक दूसरे देशों के दौरे से और अधिक मजबूती आई है. इसके नतीजे में दोनों देशों के बीच आर्थिक, सांस्कृतिक और रक्षा के क्षेत्रों में कई संयुक्त समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं."

    इस सम्मेलन में उप-विदेश मंत्री वलीद बिन अब्दुलकरीम अल ख़ुरैजी ने भी सऊदी विदेश मंत्रालय की तरफ़ से भाषण दिया.

    अपने भाषण में उन्होंने इस्लामिक देशों के बीच संबंध और दोस्ती बढ़ाने में बीते 50 वर्षों से इस्लामिक देशों के संगठन ऑर्गेनाइज़ेशन ऑफ़ इस्लामिक कोऑपरेशन यानी ओआईसी के प्रयासों की सराहना की.

    उन्होंने इसके साथ ही संगठन के लक्ष्यों को पूरा करने और इस्लामी मुद्दों की पहचान कर उसे पूरा करने में सऊदी अरब के प्रयासों की भी सराहना की.

  6. बीबीसी हिन्दी का डिजिटल बुलेटिन ‘दिनभर’, 24 नवंबर 2021, सुनिए फ़ैसल मोहम्मद अली से

  7. पाकिस्तान ने एफ़16 को मार गिराने का दावे पर फिर दिया बयान

  8. कांग्रेस की रायबरेली सदर विधायक अदिति बीजेपी में शामिल

    अनंत झणाणे, लखनऊ से बीबीसी हिंदी के लिए

    लखनऊ के भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में बुधवार को कांग्रेस की रायबरेली सदर सीट से विधायक अदिति सिंह और आज़मगढ़ के सगड़ी सीट से बसपा विधायक वंदना सिंह ने भाजपा में शामिल हो गईं.

    इन दोनों को सदस्यता दिलाते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने कहा, "एक अखिलेश की डिंपल को आजमगढ़ से टक्कर देंगी और एक सोनिया और प्रियंका को टक्कर देंगी. दोनों विधायक परिश्रमी और लोकप्रिय हैं."

    अदिति सिंह काफ़ी समय से कांग्रेस पार्टी के प्रदेश नेतृत्व से नाराज़ चल रही थीं और उन्होंने पार्टी के सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल होना भी बंद कर दिया था.

    भाजपा की सदस्यता लेने के बाद अदिति सिंह ने कहा, "मेरे लिएआज बहुत बड़ा दिन है. मेरी कांग्रेस से कुछ नाराज़गियाँ थीं, जिसे मैंने खुलेआम कहा. प्रेस में मैंने पार्टी की नीतियों के ख़िलाफ़ बोला भी है. कांग्रेस के लिए रायबरेली की सदर विधानसभा सीट से तो यह झटका होगा. मैं तो सदर विधानसभा सीट से ही चुनाव लड़ूंगी. मेरे पिताजी अखिलेश सिंह वहाँ से पाँच बार विधायक रहे है तो मैं वहीं से लड़ूंगी."

    सगड़ी से विधायक वंदना सिंह को अक्टूबर 2020 में बसपा ने पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने पर कारण बताते हुए पार्टी से निलंबित कर दिया था.

    वंदना सिंह सपा का गढ़ माने जाने वाले आजमगढ़ ज़िले से हैं. वंदना सिंह ने कहा, "मुझे बसपा से निष्कासित कर दिया था. मुझे महाराज जी ने आशीर्वाद दिया और कहा कि तुम्हें कहीं जाने की ज़रूरत नहीं है. तुम हमारे साथ रहोगी और चुनाव लड़ोगी और भाजपा को मज़बूत करोगी."

    उन्होंने यह भी कहा, "आज़मगढ़ में हम पाँच सीट जीता कर दिखाएंगे. समाजवादी पार्टी का गढ़ टूटेगा. भाजपा एक मंदिर है और मैंने इस मंदिर में प्रवेश लिया है. बसपा की मैं बुराई नहीं करूंगी लेकिन मुझे निलंबित करते समय मेरा पक्ष नहीं सुना गया और मुझे पार्टी से निलंबित कर दिया गया. इसलिए मैं दुखी थी."

    17 नवंबर को समाजवादी पार्टी के चार एमएलसी ने सपा छोड़ भाजपा की सदस्यता ली थी. इसमें बलिया से एमएलसी रविशंकर सिंह उर्फ़ पप्पू, गोरखपुर से एमएलसी सीपी चंद, जालौन से एमएलसी रमा निरंजन और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से एमएलसी नरेंद्र भाटी शामिल थे.

  9. पाकिस्तान: नान बाई की भावुक कर देने वाली कहानी

  10. अफ़ग़ानिस्तान: अनस हक्कानी ने बीबीसी से कहा, सभी पक्षों को एक-दूसरे को माफ़ कर देना चाहिए

  11. पाकिस्तान कर्ज़ में डूबा, इमरान ख़ान ने बताई वजह

  12. अंतरराष्ट्रीय उड़ानें दिसंबर से नॉर्मल हो सकती हैं: मंत्रालय

    भारत से नियमित अंतरराष्ट्रीय उड़ानें इस साल के अंत से एक बार फिर शुरू की जा सकती हैं.

    केंद्रीय विमानन मंत्रालय की ओर से साल के अंत तक अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन के सामान्य होने की उम्मीद जताई गई है.

    केंद्रीय विमानन सचिव राजीव बंसल ने न्यूज़ एजेंसी पीटीआई को बताया, "हम दिसंबर के अंत से अंतरराष्ट्रीय उड़ान संचालन के सामान्य होने की उम्मीद कर रहे हैं."

    उन्होंने बताया, "इसके लिए नागरिक विमानन मंत्रालय ने गृह मंत्रालय से हवाई अड्डों के लिए सीआईएसएफ़ के 3000 अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की मांग की है."

    कोविड महामारी की वजह से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें बीते वर्ष मार्च से निलंबित हैं. हालांकि बाद में भारत ने 25 देशों के साथ एक क़रार के तहत बबल व्यवस्था के साथ उड़ानों का परिचालन कर रहा है.

    दरअसल, एयर बबल व्यवस्था के तहत दो देश कुछ शर्तों के साथ आपस में यात्री उड़ानों का परिचालन कर सकते हैं.

    हाल ही में केंद्रीय नागरिक विमानन मंत्री ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया ने कहा था कि अंतरराष्‍ट्रीय उड़ान संचालन को सामान्‍य बनाने के लिए प्रक्रिया का आकलन किया जा रहा है.

    उन्होंने कहा था कि मंत्रालय प्रक्रिया का आकलन कर रहा है. सीआईआई के एक सम्मेलन में उन्होंने कहा कि, "महामारी को लेकर सावधान रहने की ज़रूरत है. हम सामान्य स्थिति की ओर लौट रहे हैं."

    हालांकि तब केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया ने बताया था कि इसके लिए एक प्रक्रिया से गुज़रना होता है, जिसके लिए अन्य मंत्रालयों के साथ बातचीत चल रही है. उन्होंने बताया था कि इसके बाद ही अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के परिचालन पर निर्णय लिया जाएगा.

    घरेलू उड़ानों को इस साल अक्टूबर से उनकी पूरी क्षमता के साथ परिचालन करने की अनुमति दी जा चुकी है.

    इस घोषणा से निश्चित ही हवाई परिचालन कंपनियों और पर्यटन उद्योग को राहत मिली होगी. कोविड महामारी के दौरान इनका बहुत आर्थिक नुकसान हुआ है.

    अभी इन दोनों ही सेक्टरों के सामने और भी चुनौतियां सामने खड़ी हैं क्योंकि कुछ यूरोपीय देश एक बार फिर कोरोना महामारी से संक्रमण के मामलों में इज़ाफ़ा देखने को मिल रहा है और कुछ देशों में इसकी वजह से पूर्ण लॉकडाउन की वापसी हुई है.

  13. 'भारत ने बुरे वक़्त में अफ़ग़ानिस्तान का साथ दिया'

  14. इमरान ख़ान बोले- मुल्क चलाने के लिए पैसे नहीं हैं

  15. ब्रेकिंग न्यूज़, पीएम मोदी से मिलीं ममता बनर्जी

    पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाक़ात की है. प्रधानमंत्री कार्यालय के आधिकारिक ट्विटर हैंडल ले इस मुलाक़ात की तस्वीर पोस्ट की गई है.

  16. सुब्रमण्यम स्वामी मुलाक़ात के बाद ममता की तारीफ़ में बोले

    बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने बुधवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी से मुलाक़ात की है.

    इस मुलाक़ात के बाद स्वामी ने ममता बनर्जी की तारीफ़ करते हुए ट्वीट किया और कहा, ''मैं जिन राजनेताओं से मिला हूँ और उनके साथ काम किया हूँ, उनमें ममता बनर्जी की जगह जयप्रकाश नारायण, मोरारजी देसाई, राजीव गांधी, चंद्रशेखर और पीवी नरसिम्हा राव की श्रेणी में है. ये जो समझते थे, वही कहते थे. भारतीय राजनीति में यह गुण अपवाद स्वरूप होता है.''

  17. यूएई में एक से तीन दिसंबर तक छुट्टी

    संयुक्त अरब अमीरात ने एक से तीन दिसंबर तक स्मृति और राष्ट्रीय दिवस मनाने की घोषणा की है. इस दौरान सरकारी कर्मचारियों के लिए अवकाश की घोषणा की गई है.

    यूएई के मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी.

    स्मृति दिवस उन लोगों की याद में मनाया जाता है, जिन्होंने यूएई और विदेशों में सिविल, सैन्य और मानवीय सेवा के क्षेत्र में अपनी क़ुर्बान दी.

    इस साल यह मौक़ा और भी ख़ास है क्योंकि संयुक्त अरब अमीरात की स्थापना के 50 साल पूरे होने जा रहे हैं.

    इस उपलक्ष्य में समारोह हट्टा में आयोजित किए जा रहे हैं.

  18. इमरान ख़ान को यूएई देगा ख़ास सम्मान

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान को खेल की दुनिया में उनके योगदान और 1992 क्रिकेट वर्ल्ड कप की ख़िताब जीत में टीम की कप्तानी करने के लिए प्रतिष्ठित मोहम्मद बिन राशिद अल-मकतूम क्रिएटिव स्पोर्ट्स अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है.

    पाकिस्तान की सत्तारूढ़ पार्टी पीटीआई (पाकिस्तान तहरीक़-ए इंसाफ़) के सांसद फ़ैसल जावेद ख़ान ने ट्वीटर पर इसकी जानकारी दी. गल्फ़ न्यूज़ के अनुसार, प्रधानमंत्री इमरान ख़ान को नौ जनवरी को इस अवॉर्ड के लिए आमंत्रित किया गया है.

    यूएई की आधिकारिक न्यूज़ एजेंसी अमीरात न्यूज़ एजेंसी (डब्ल्यूएएम) के मुताबिक़ अपनी पुरस्कार राशि और खेल में रचनात्मकता को देखकर दिया जाने वाला यह एक ख़ास अवॉर्ड है.

    न्यूज़ एजेंसी पर इमरान ख़ान की प्रोफ़ाइल में लिखा गया है कि "वे 1992 क्रिकेट वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के कप्तान थे. फ़ाइनल में पाकिस्तान की टीम इंग्लैंड को हराकर पहली बार वर्ल्ड कप जीती थी."

    "वे अब भी देश के प्रधानमंत्री के रूप में युवाओं को प्रेरित करने और खेल के ज़रिए पाकिस्तान के समाज को सशक्त बना का काम कर रहे हैं."

    इसमें इमरान ख़ान के उस प्रयास का ज़िक्र भी किया गया है जो उन्होंने युवा वर्ग के लिए 2019 में शुरू किया था. तब उन्होंने पाकिस्तान के युवाओं (महिला एवं पुरुष दोनों) को (खेल समेत) कई क्षेत्रों में छात्रवृति देने का एलान किया था. साथ ही इसमें पीएम इमरान की पाकिस्तान में 4000 से अधिक क्रिकेट मैदान बनाने की योजना का ज़िक्र भी है.

    मोहम्मद बिन राशिद अल-मकतूम क्रिएटिव स्पोर्ट्स अवार्ड की शुरुआत 2009 में हुई थी.

  19. ममता बनर्जी से मिले सुब्रमण्यम स्वामी, अटकलें तेज़

    बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने बुधवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी से मुलाक़ात की है.

    मुलाक़ात की तस्वीरें तृणमूल कांग्रेस के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से पोस्ट की गई हैं. ममता और स्वामी की मुलाक़ात की तस्वीर के साथ ट्वीट में लिखा गया है, ''श्री स्वामी और टीएम प्रमुख ममता बनर्जी की मुलाक़ात हुई है.''

    इस मुलाक़ात को लेकर कई तरह की अटकलें हैं. दूसरी पार्टियों कई नेता टीएमसी में शामिल हो रहे हैं. मंगलवार को बीजेपी के टिकट से लोकसभा चुनाव जीते कीर्ति आज़ाद टीएमसी में शामिल हो गए थे. इससे पहले कीर्ति आज़ाद बीजेपी छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए थे.

    हाल ही में ममता बनर्जी को एक सम्मेलन में रोम जाने की इजाज़त नहीं मिली थी तो स्वामी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री का खुलकर पक्ष लिया था. कहा जा रहा है कि स्वामी टीएमसी में शामिल हो सकते है.

    स्वामी बीजेपी से नाराज़ चल रहे हैं. वे मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों और चीन के साथ सीमा विवाद को लेकर हमलावर रहे हैं. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में वित्त मंत्री रहे यशवंत सिन्हा भी टीएमसी में शामिल हो गए थे. आगामी अप्रैल महीने में स्वामी की सांसदी का कार्यकाल ख़त्म होगा.

  20. AAP और सपा में पक रही चुनावी खिचड़ी? हुई मुलाक़ात

    आम आदमी पार्टी ने बुधवार को बताया कि उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए सीटों के बँटवारे को लेकर वो समाजवादी पार्टी के साथ बातचीत कर रही है.

    आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने लखनऊ में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव से मुलाक़ात के बाद ये बताया.

    दोनों दलों के बीच चुनाव को लेकर गठबंधन की अटकलें पहले भी लगाई जा रही थीं लेकिन यह पहली बार है, जब दोनों में किसी भी पार्टी की ओर से इस पर कोई प्रतिक्रिया आई है.

    संजय सिंह ने कहा, "अखिलेश यादव के साथ मुलाक़ात हुई. उत्तर प्रदेश को भाजपा से मुक्त कराने के लिए एक सामान्य मुद्दों पर रणनीतिक चर्चा हुई. गठबंधन को लेकर बातचीत तय होगी तो जानकारी दी जाएगी. सीटों को लेकर अभी कोई बात नहीं हुई है."

    सपा का अपना दल से गठबंधन

    इस बीच अखिलेश यादव ने अपना दल (कमेरावादी) की अध्यक्ष कृष्णा पटेल से भी मुलाक़ात की. कृष्णा पटेल ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई को बताया कि दोनों दलों के बीच चुनावी गठबंधन हो गया है. हालांकि सीटों के बंटवारे पर अभी रज़ामंदी होना बाकी है.

    कृष्णा पटेल ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई को बताया, "हमने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाक़ात की और हमारा गठबंधन हो गया है. हम समान विचारधाराओं के लोगों के साथ गठबंधन कर रहे हैं. बहुत जल्द हम संयुक्त मंच पर दिखाई देंगे. सीटों को लेकर अभी कोई बात नहीं हुई है."

    समाजवादी पार्टी पहले ही ओम प्रकाश राजभर की सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के साथ गठबंधन कर चुकी है, 2017 के चुनाव में यह पार्टी बीजेपी के साथ थी.

    एक दिन पहले ही अखिलेश यादव राष्ट्रीय लोक दल के जयंत चौधरी से भी मुलाक़ात कर चुके हैं. हालांकि दोनों ने सीटों के बंटवारे पर अपने पत्ते नहीं खोले.