राजस्थान: नए मंत्रिमंडल से संतुष्ट सचिन पायलट
- Author, मोहर सिंह मीणा
- पदनाम, जयपुर से, बीबीसी हिंदी के लिए
राजस्थान में शनिवार को सभी मंत्रियों के इस्तीफे के बाद नए मंत्रियों के नामों की घोषणा कर दी गयी है.
सीएम अशोक गहलोत ने 11 कैबिनेट और चार राज्य मंत्री बनाए हैं. आज दोपहर दो बजे विधायकों की बैठक के बाद शाम चार बजे राजभवन में शपथ ग्रहण होगा. नए मंत्रिमंडल में सभी जातीय समीकरण को ध्यान में रखा गया है.
तीन राज्य मंत्रियों को प्रमोट कर कैबिनेट में जगह दी गई है. सचिन पायलट खेमे के दो मंत्रियों की वापसी हुई है और दो विधायकों को राज्य मंत्री बनाया गया है.
बसपा से कांग्रेस में आए एक विधायक को भी मंत्री बनाया गया है. इसके साथ ही आदिवासी क्षेत्र के विधायकों को भी मंत्री पद दिया गया है.
'हमारे मुद्दों का समाधान हुआ'
सचिन पायलट ने रविवार को शपथ ग्रहण से पहले मीडिया से बात करते हुए कहा, "कैबिनेट में महिलाओं की भागीदारी एक से बढ़ कर तीन हो गई है. यह प्रियंका गांधी का प्रभाव है."
मंत्रिमंडल फेरबदल से सचिन पायलट संतुष्ट नज़र आ रहे हैं. उन्होंने कहा, "हमने जो मुद्दे उठाए थे उनका समाधान किया गया है. यदि किसी विभाग में कोई कमी है तो उसे सुधारने के लिए मिलकर काम करेंगे."
सचिन पायलट खेमे के विश्वेंद्र सिंह और रमेश मीणा की फिर से कैबिनेट में वापसी हुई है. बगावत करने के दौरान इनसे मंत्री पद छीन लिया गया था. जबकि, पायलट समर्थक विधायक बृजेंद्र ओला और मुरारी लाल मीणा को राज्य मंत्री बनाया गया है.
मंत्रीमंडल में होंगे चार दलित मंत्री
सीएम अशोक गहलोत के नए मंत्रिमंडल में तीन दलित चेहरों ममता भूपेश, भजन लाल जाटव और टीकाराम जूली को राज्य मंत्री से प्रमोट कर कैबिनेट मंत्री बनाया गया है.
गोविंद मेघवाल को कैबिनेट मंत्री पद दिया गया है. अब गहलोत सरकार में चार दलित मंत्री होंगे.
रघु शर्मा की जगह ब्राह्मण चेहरे के रूप में महेश जोशी को सरकार के मुख्य व्हिप से प्रमोट कर कैबिनेट मंत्री बनाया गया है, यह सीएम गहलोत के क़रीबी हैं.
जबकि, गोविंद सिंह डोटासरा की जगह राम लाल जाट को जाट चेहरे के रूप में कैबिनेट में शामिल किया गया है. सीएम गहलोत के समर्थक हैं.
बसपा से कांग्रेस में आए छह विधायकों में से एक राजेंद्र गुढ़ा को मंत्री बनाया गया है. निर्दलीय 13 विधायकों में से फिलहाल किसी को मंत्री पद नहीं दिया गया है.
अल्पसंख्यक चेहरे के रूप में मेवात से जाहिदा ख़ान को मंत्री बनाया गया है.
ख़ान सीएम गहलोत के पिछले कार्यकाल में संसदीय सचिव रहीं हैं और इनके पिता भी राजस्थान में राज्य मंत्री रहे हैं.
राजस्थान कांग्रेस में जारी अंदरूनी घमासान को शांत करने के लिए सीएम अशोक गहलोत के नए मंत्रीमंडल में सभी समीकरणों को ध्यान में रखा गया है.
लेकिन, मंत्री पद की आस लगाए बैठे कई विधायकों की उम्मीद ज़रूर टूटी हैं. ऐसे में संभव है कि अंदरूनी कलह को शांत करने के लिए हुआ फेरबदल फिर विवादों में न आ जाए. अभी कुछ और मंत्री पद खाली हैं जिन पर जल्द ही नए चेहरों की घोषणा हो सकती है.
यह होंगे कैबिनेट मंत्री:
हेमाराम चौधरी, महेंद्रजीत सिंह मालवीय, रामलाल जाट, महेश जोशी, विश्वेंद्र सिंह, रमेश मीणा, ममता भूपेश, भजन लाल जाटव, टीकाराम जूली, गोविंद राम मेघवाल और शकुंतला रावत.
यह होंगे राज्य मंत्री:
जाहिदा ख़ान, बृजेंद्र सिंह ओला, राजेंद्र गुढ़ा और मुरारी लाल मीणा.