त्रिपुरा: मिज़ोरम से आए ब्रू शरणार्थियों के शिविर में लगी आग, 18 घर तबाह

शनिवार की सुबह उत्तर त्रिपुरा के हम्सापारा राहत शिवर में रह रहे विस्थापित मिज़ोरम ब्रू के घरों में आग लग गई. इसमें 18 विस्थापितों की झोपड़ियां जल कर खाक हो गईं. आग फैलने से रोकने के लिए 11 अन्य झोपड़ियों को भी तोड़ा गया.

लाइव कवरेज

अनंत प्रकाश, अभिजीत श्रीवास्तव and मोहम्मद शाहिद

  1. त्रिपुराः विस्थापितों के शिविर में लगी आग, 18 घर तबाह, पिनाकी दास, बीबीसी हिंदी के लिए

    त्रिपुरा में विस्थापितों के राहत शिविर में लगी आग

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    शनिवार की सुबह उत्तर त्रिपुरा के हम्सापारा राहत शिवर में रह रहे विस्थापित मिज़ोरम ब्रू (जिन्हें वहां रेयांग कहा जाता है) के घरों में आग लग गई. इसमें 18 विस्थापितों की झोपड़ियां जल कर खाक हो गईं. आग फैलने से रोकने के लिए 11 अन्य झोपड़ियों को भी तोड़ा गया.

    घटनास्थल से लौटकर पानी सागर के एसडीएम रजत पंत ने बीबीसी हिंदी को बताया, "स्थानीय लोगों और शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक ये आग बिजली के शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी बताई गई है. हालांकि जो तहसीलदार मौके पर जांच कर रहे हैं उन्होंने अपनी रिपोर्ट नहीं सौंपी है. लेकिन कुछ घर पूरी तरह जल गए हैं जबकि कुछ अन्य घरों को आग को फैलने से रोकने के लिए तोड़ना पड़ा."

    त्रिपुराः मिज़ोरम ब्रू विस्थापितों के शिविर में आग

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    राहत शिवर में रह रहे 250 विस्थापित परिवार

    उन्होंने बताया, "इस राहत शिविर में मिज़ोरम ब्रू के विस्थापित क़रीब 250 परिवार रह रहे हैं. यहां घर आपस में बहुत क़रीब बने हैं. साथ ही ये बांस, बेंत, लकड़ी और यहां तक कि ऐसी छप्पर वाली छतों से बने हैं जिनमें आग आसानी से पकड़ सकती है. फिलहाल इन परिवारों के पुनर्वास का काम चल रहा है."

    एसडीएम ने बताया कि आग से न तो कोई हताहत हुआ है और न ही किसी को गंभीर चोट ही लगी है. स्थानीय लोगों की मदद से फायरब्रिगेड ने आग पर काबू पा लिया है.

    त्रिपुराः मिज़ोरम ब्रू विस्थापितों के शिविर में आग

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    "हमारे सभी ज़रूरी दस्तावेज़ जल गए"

    आग में अपना घर गंवाने वाले शिविर में रह रहे एक विस्थापित सुरेंद्र रियांग ने कहा, “हमारे घरों के साथ-साथ हमारे सभी डॉक्युमेंट्स भी इस आग में जल गए हैं. ये हमारे लिए एक बड़ा नुकसान है. इस महीने की शुरुआत में ही राज्य सरकार ने हमारा राशन बंद कर दिया था. हम सरकार से हमारा राशन फिर शुरू करने और हमें मुआवजा देने की मांग करते हैं.”

    एसडीएम ने बताया कि प्रशासन की ओर से पीड़ित विस्थापितों के लिए अस्थायी सेल्टर होम्स, राशन, पानी और कुछ बुनियादी ज़रूरतों की व्यवस्था की गई है. साथ ही उनकी मदद करने के लिए यंग ब्रू एसोसिएशन भी कंबल और ऊनी कपड़ों की व्यवस्था कर रहा है.

    1997 में मिज़ोरम में बहुसंख्यक मिज़ो के साथ संघर्ष के बाद ममित, कोलासिब और लुंगलेई ज़िलों से ब्रू लोग पड़ोसी राज्य त्रिपुरा में चले गए जहां वे सात राहत शिविरों में अमानवीय स्थिति में रह रहे हैं.

    23 साल बाद बीते वर्ष जनवरी में केंद्र सरकार ने केंद्र, दोनों राज्य सरकारों (त्रिपुरा और मिज़ोरम) और विस्थापितों के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर के बाद इन विस्थापितों के स्थायी पुनर्वास के लिए 600 करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा की थी.

  2. मध्य प्रदेश पुलिस ने ऑनलाइन गांजा बेचने के मामले में अमेज़न अधिकारियों के ख़िलाफ़ दर्ज की एफ़आईआर

    अमेजन

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    मध्य प्रदेश के भिंड ज़िले में पुलिस ने शनिवार को गांजा तस्करी के एक मामले में अमेज़न के कार्यकारी निदेशकों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया है.

    पुलिस ने हाल ही में एक गांजा तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ किया था. हालांकि, अमेज़न ने कहा था कि वह अपने प्लेटफॉर्म पर अवैध चीजों को अनुमति नहीं देता है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए भिंड ज़िले के एसपी मनोज कुमार सिंह ने बताया, "एनडीपीएस एक्ट के सेक्शन 38 के तहत अमेजन इंडिया के कार्यकारी निदेशकों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया है जो भारत में एएसएसएल के रूप में काम करता है."

    सिंह ने बताया है कि इस एफआईआर में किसी व्यक्ति को नामज़द नहीं किया गया है.

    एसपी सिंह ने बताया है कि बीती 13 नवंबर को ग्वालियर के रहने वाले बिजेंदर तोमर और सूरत उर्फ कल्लू पवय्या से 21.7 किलोग्राम गांजा बरामद करने के बाद भिंड ज़िले के गोहद थाने में एनडीपीएस के तहत मामला दर्ज किया गया था. इन लोगों से पूछताछ के बाद ग्वालियर के रहने वाले मुकुल जायसवाल और ख़रीदार चित्रा बाल्मिकी को गिरफ़्तार किया गया.

    "इसके बाद जांच में सामने आया है कि पवय्या और जायसवाल ने बाबू टेक्स नाम से एक कंपनी बनाई और उसे अमेज़न पर एक सेलर के रूप में पंजीकृत कराया. इसके बाद उन्होंने विशाखापट्टनम से पूरे देश में स्टेविया के नाम पर गांजा सप्लाई किया."

  3. कृषि क़ानून वापस लिए जाने के मायने क्या हैं?

    वीडियो कैप्शन, Cover Story: कृषि क़ानून वापस लिए जाने के मायने

    29 नवंबर से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र में तीनों कृषि क़ानूनों को रद्द करने की संवैधानिक प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी.

    इस वादे के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीनों कृषि क़ानूनों को वापस लेने की घोषणा की है.

    किसान संगठन इसे अपनी जीत बता रहे हैं, लेकिन कुछ जानकार इसे अर्थव्यवस्था के लिए हार भी बता रहे हैं. कवर स्टोरी में आज इसी की चर्चा.

  4. ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर टिम पेन 'सेक्सटिंग स्कैंडल' में फंसे

    वीडियो कैप्शन, ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर टिम पेन 'सेक्सटिंग स्कैंडल' में फंसे

    ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर टिम पेन ने एक महिला सहकर्मी को आपत्तिजनक तस्वीर और मैसेज भेजने के मामले की जाँच को देखते हुए टेस्ट टीम की कप्तानी से इस्तीफ़ा दे दिया है.

    36 साल के टिम पेन पर 2017 में क्रिकेट तस्मानिया की एक महिला सहकर्मी को अश्लील तस्वीरें और भद्दे मैसेज भेजने का आरोप लगा था. कुछ महीने पहले उन्हें सात साल तक बाहर रहने के बाद टेस्ट टीम में दोबारा चुना गया था.

    क्रिकेट तस्मानिया ऑस्ट्रेलिया राज्य तस्मानिया की तरफ़ से खेलती है. टिम पेन भी इसी टीम में खेला करते थे. इस मामले की क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया जाँच कर रहा है.

    टिम पेन का ये फ़ैसला एशेज टेस्ट सीरीज़ से पहले आया है. ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच आठ दिसंबर से एशेज सीरीज़ शुरू होनी है.

  5. बद्रीनाथ के कपाट बंद होने के साथ उत्तराखंड चारधाम यात्रा का समापन

    बद्रीनाथ मंदिर के कपाट शनिवार को बंद किए गए. ये तस्वीर एक दिन पहले शुक्रवार की है.

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    इमेज कैप्शन, बद्रीनाथ मंदिर के कपाट शनिवार को बंद किए गए. ये तस्वीर एक दिन पहले शुक्रवार की है.

    पवित्र बद्रीनाथ मंदिर के कपाट शनिवार की शाम को आने वाली सर्दियों के मद्देनज़र बंद कर दिए गए हैं.

    देवस्थानम बोर्ट के एक अधिकारी ने न्यूज़ एजेंसी पीटीआई को बताया कि रावल ईश्वरी प्रसाद नंबूदिरी ने मंदिर का द्वार बंद किए जाने से पहले दिन भर किए जाने वाला अनुष्ठान सम्पन्न किया और ठीक शाम 6.45 बजे कपाट बंद कर दिए गए.

    उन्होंने बताया कि शनिवार को समापन समारोह देखने के लिए मंदिर में चार हज़ार से अधिक तीर्थयात्री मौजूद थे.

    इस वर्ष कुल 1,97,056 तीर्थयात्रियों ने भगवान बद्रीनाथ के दर्शन किए.

    उत्तराखंड के चारधामों में से केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट पहले ही बंद किए जा चुके हैं. बद्रीनाथ के कपाट बंद होने के साथ ही इस वर्ष के उत्तराखंड चारधाम यात्रा का समापन भी हो गया.

    अगले छह माह तक भगवान बद्रीनाथ की पूजा पांडुकेश्वर और जोशीमठ में संपन्न होगी.

    इस वर्ष कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के कारण चारधाम यात्रा देर से सितंबर के महीने में शुरू हुई थी. 18 सितंबर से शनिवार तक इन चारधामों की यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों की कुल संख्या 5,06,240 रही.

  6. ब्रेकिंग न्यूज़, राजस्थान: मंत्रिपरिषद के पुनर्गठन से पहले गहलोत सरकार के सभी मंत्रियों ने दिया इस्तीफ़ा

      • Author, मोहर सिंह मीणा
      • पदनाम, जयपुर से, बीबीसी हिंदी के लिए
    अशोक गहलोत

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    राजस्थान में शनिवार शाम को सीएम अशोक गहलोत की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में सभी मंत्रियों ने इस्तीफ़ा दे दिया है.

    इससे पहले एक व्यक्ति एक पद के तहत तीन मंत्रियों ने इस्तीफ़ा दिया था जिसे स्वीकार कर लिया गया था.

    सरकार के परिवहन मंत्री पद से इस्तीफ़ा दे चुके प्रताप सिंह खाचरियावास ने बीबीसी को फ़ोन पर बताया कि, "सीएम अशोक गहलोत की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के प्रस्ताव पर सभी मंत्रियों ने इस्तीफ़ा दे दिया है."

    खाचरियावास ने कहा, "बैठक में राज्य प्रभारी अजय माकन भी मौजूद रहे और अब रविवार दोपहर प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में सभी विधायकों की मीटिंग बुलाई गई है."

    इससे पहले एक व्यक्ति एक पद के तहत सरकार के तीन मंत्रियों इस्तीफ़ा दे दिया था.

    सीएम अशोक गहलोत के नए मंत्रिमंडल के नामों में सरकार को समर्थन देने वाले 13 निर्दलीय विधायकों में से मंत्री बनाया जाएगा, बीएसपी छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए छह विधायकों में से भी मंत्री बनाए जाने हैं जबकि रघु शर्मा की जगह ब्राह्मण चेहरा और हरीश चौधरी की जगह जात चेहरे को मंत्रीमंडल में शामिल किया जाना तय माना जा रहा है.

    मंत्रीमंडल में नौ रिक्त पदों पर मंत्री बनाए जाने के लिए लंबे समय से इंतज़ार किया जा रहा था.

    अब सभी मंत्रियों के इस्तीफे के बाद 2023 में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर भी सीएम अशोक गहलोत का नया मंत्रीमंडल फेरबदल होना एक रणनीति के तहत माना जा रहा है.

    मंत्रीमंडल फेरबदल को लेकर लंबे समय से दिल्ली तक वार्ताओं का दौर चला था. सीएम अशोक गहलोत भी सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी से मुलाकात कर चुके थे.

    सचिन पायलट खेमे से भी तीन से चार मंत्री बनाए जा सकते हैं. कल दोपहर बुलाई गई विधायकों की मीटिंग में ही नए मंत्रियों के नाम पर मुहर लग जाएगी और कल शाम ही शपथ ग्रहण भी होगा.

  7. बिहार में दो पुलिसकर्मियों पर जज को पीटने का आरोप, पुलिस संघ ने की जांच की मांग की

    पटना हाई कोर्ट

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    बिहार के झंझारपुर में एडिशनल डिस्ट्रिक्ट और सेशन जज पर पुलिसकर्मियों के किए गए हमले को लेकर बिहार पुलिस एसोसिएशन ने शनिवार को एक उच्चस्तरीय जांच की मांग की.

    बिहार पुलिस संघ के मधुबनी के कोषाध्यक्ष अरुण कुमार ने बताया, "बिहार पुलिस एसोसिएशन ने इसे लेकर सभी थाना प्रभारियों की बैठक बुलाई थी जिसमें सर्वसम्मति से उच्च स्तरीय स्वतंत्र जांच की मांग करने का फ़ैसला लिया गया और पुलिस एसोसिएशन के प्रमुख मृत्युंजय सिंह को अवगत कराया गया."

    उन्होंने न्यूज़ एजेंसी पीटीआई को बताया, "विस्तृत जांच के बाद सच सामने आनी चाहिए. अगर पुलिसकर्मी दोषी हैं तो उन्हें सज़ा मिलनी चाहिए. लेकिन कोर्ट परिसर में पुलिसकर्मियों की पिटाई करने वालों के ख़िलाफ़ भी मामला दर्ज किया जाना चाहिए. हम चाहते हैं कि न्याय हो."

    गुरुवार को इस घटना के कुछ ही घंटे के बाद, पटना हाई कोर्ट ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य के पुलिस महानिदेशक को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया.

    जस्टिस राजन गुप्ता और मोहित कुमार शाह की खंड पीठ ने इसे अभूतपूर्व और चौंकाने वाला मामला बताते हुए राज्य के पुलिस महानिदेशक को 29 नवंबर को इसकी अगली सुनवाई के दौरान कोर्ट में उपस्थित रहने का निर्देश दिया.

    "हाई कोर्ट के बयान के मुताबिक, घोघरडीहा के थाना प्रभारी गोपाल कृष्ण और पुलिस सब-इंस्पेक्टर अभिमन्यु कुमार ने जबरन एडीजे-1 अविनाश कुमार के कमरे में घुस कर उनके साथ दुर्व्यवहार करना शुरू किया.

    उनके विरोध करने पर दोनों पुलिस अधिकारियों ने उनसे बदसलूकी और बदतमीजी करने लगे, इतना ही नहीं, उन दोनों ने उनके साथ मारपीट भी की. उन्होंने अपनी सर्विस रिवॉल्वर भी निकाल लीं और अधिकारी पर हमला करना चाहते थे."

    "हालांकि, इसी दौरान कोर्ट के कुछ कर्मचारी और वकील वहां पहुंच गए जिससे उनकी जान बच गई."

    दोनों पुलिसकर्मी ख़ुद से जुड़े एक मामले की सुनवाई के सिलसिले में कोर्ट रूम में दाखिल हुए थे. दोनों पुलिसकर्मियों को स्थानीय पुलिस ने हिरासत में ले लिया है.

  8. सिद्धू ने इमरान ख़ान को बोला 'बड़ा भाई', कांग्रेस और बीजेपी ने की आलोचना

    नवजोत सिंह सिद्धू

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    बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा से लेकर कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने शनिवार को नवजोत सिंह सिद्धू पर उनके ‘बड़े भाई’ बयान को लेकर हमला बोला है.

    बता दें कि कांग्रेस की पंजाब शाखा के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने करतारपुर साहिब की यात्रा के दौरान कथित रूप से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान सिंह को ‘बड़े भाई’ की संज्ञा दी है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, सिद्धू ने कथित तौर पर ये भी कहा है कि विपक्षी दल हिंदुत्व में चरमपंथी संगठन आईएस और बोको हरम की छवि पाते हैं और इमरान ख़ान में ‘भाई जान’ देखते हैं.

    संबित पात्रा ने इस मुद्दे पर बीजेपी को घेरते हुए कहा है कि ये भारतीयों के लिए चिंताजनक मुद्दा है.

    पात्रा ने कहा, “आज सिद्धू ने इमरान खान को ‘बड़ा भाई’ कहकर संबोधित किया और कहा कि मैं उन्हें बहुत प्यार करता हूं. ये करोड़ों हिंदुस्तानियों के लिए चिंता का विषय है. कांग्रेस पार्टी का ये एक प्रकार का तरीका है. सलमान खुर्शीद, मणिशंकर अय्यर, राशिद अल्वी और इन सबके ऊपर राहुल गांधी, ये सभी हिंदू और हिंदुत्व को गाली देते हैं.”

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    इसके साथ ही कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने इस मुद्दे पर अपनी ही पार्टी के नेता नवजोत सिंह सिद्धू की आलोचना की है.

    उन्होंने ट्वीट करके लिखा है, “वो किसी के भी बड़े भाई हो सकते हैं. लेकिन भारत के लिए वह आईएसआई और मिलिट्री के गठबंधन से बने पाकिस्तान के डीप स्टेट का बिल्ली का पंजा हैं, जो ड्रोन के ज़रिए हथियारों और नशीले पदार्थों को पंजाब में भेजते हैं. और जम्मू-कश्मीर में हर रोज़ आतंकियों को भेजते हैं. क्या हम इतनी जल्दी पुंछ में अपने जवानों की शहादत भूल गए हैं?”

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  9. पीएम मोदी के कृषि क़ानूनों को वापस लेकर माफ़ी मांगने के क्या मायने?, बीबीसी इंडिया बोल, 20 नवंबर 2021, सुनिए मोहनलाल शर्मा के साथ

    कृषि क़ानूनों को वापस लेते हुए पीएम मोदी ने कहा, ''हमारी सरकार किसानों के प्रति पूर्ण समर्पण भाव से ये क़ानून लेकर आई लेकिन, हम अपने प्रयासों के बावजूद कुछ किसानों को समझा नहीं पाए. मैं आज देशवासियों से क्षमा मांगते हुए, सच्चे मने से कहना चाहता हूं कि शायद हमारी तपस्या में ही कोई कमी रही होगी जिसके कारण दिये के प्रकाश जैसा सत्य हम किसान भाइयों को समझा नहीं पाए.''

    क़ानून वापस लेते हुए पीएम का देश से माफ़ी मांगना क्या कहता है.

    आज इंडिया बोल में इसी विषय पर चर्चा.

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  10. तालिबान ने दिलाया भरोसा, अफ़ग़ानिस्तान के सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा बकाया वेतन

    तालिबान

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    अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान अधिकारियों ने कहा है कि शनिवार तक सरकारी कर्मचारियों को उनका बकाया वेतन अदा कर दिया जाएगा.

    अफ़ग़ानिस्तान में सरकारी कर्मचारियों को तालिबान के सत्ता में आने के बाद अगस्त से ही वेतन नहीं मिला है.

    तालिबान के एक प्रवक्ता ने कहा है कि तीन महीने का बकाया वेतन दिया जाएगा लेकिन उन्होंने ये नहीं बताया कि इसके लिए पैसे का इंतज़ाम कहां से होगा.

    जर्मनी और नीदरलैंड ने कहा है कि वे स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में काम कर रहे लोगों का वेतन अंतरराष्ट्रीय संगठनों के माध्यम से सीधे भुगतान करने को लेकर इच्छुक हैं.

    पश्चिमी देशों ने तालिबान के सत्ता में आने के बाद से अफ़ग़ानिस्तान के अरबों डॉलर की रकम को फ्रीज़ कर रखा है.

  11. पीएम मोदी से लखीमपुर खीरी हिंसा में मरने वाले किसान के पिता क्या चाहते हैं?

      • Author, अनंत झणाणे
      • पदनाम, लखनऊ से, बीबीसी हिंदी के लिए
    सतनाम सिंह

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    उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी ज़िले में कृषि क़ानूनों का विरोध करते हुए मरने वाले किसान लवप्रीत सिंह के पिता सतनाम सिंह ने कहा है कि उन्हें इंसाफ़ चाहिए लेकिन इंसाफ़ मिलता नज़र नहीं आ रहा है.

    पीएम मोदी ने बीते शुक्रवार तीनों विवादित कृषि क़ानूनों को वापस लेने का एलान किया है.

    लवप्रीत सिंह की इन कृषि क़ानूनों का विरोध करते हुए ही तीन अक्टूबर को गाड़ी से कुचले जाने के बाद मौत हो गयी थी.

    विरोध प्रदर्शन करते किसानों को गाड़ी से रौंदकर मारने के मामले में बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र ‘टैनी’ के बेटे आशीष मिश्रा समेत 12 अन्य को अभियुक्त बनाया गया है.

    सतनाम सिंह ने बीबीसी से बात करते हुए कहा, “यह आंदोलन तो अभी जारी रहेगा, जब तक संसद में निरस्त नहीं होगा और एमएसपी की गारंटी नहीं मिलेगी. अभी पूर्ण रूप से जीत नहीं हुई है. मोदी जी को एक साल से किसानी का कोई दुःख दर्द नहीं हुआ. अब चुनाव सिर पर आ गए हैं तो अब वो जुमलेबाज़ी कर रहे हैं."

    "एक साल से तो उन्हें किसान नहीं खालिस्तानी दिखायी देते थे, और अब उनको किसान नज़र आने लगे हैं. किसी तरह से इलेक्शन जीतने की कोशिश करें, किसानों को थोड़ा खुश कर दें.”

    लेकिन उन्होंने ये ज़रूर कहा कि ‘अगर कृषि क़ानून वापस होते हैं तो उसमें किसानों की जीत तो ज़रूर है.’

    इसके साथ ही अपने बेटे लवप्रीत समेत इस आंदोलन में मरने वाले अन्य किसानों पर बात करते हुए सतनाम सिंह कहते हैं, “अभी तक कोई इंसाफ़ मिलते नज़र नहीं आ रहा है. ना तो मंत्री अजय मिश्र से इस्तीफ़ा लिया गया है. अगर इस्तीफ़ा होता है तभी कोई कार्रवाई हो सकती है. प्रशासन के दबाव में कुछ नहीं हो रहा है,अब दो महीने होने को आ रहे हैं."

    "सप्रीम कोर्ट तो सख़्ती दिखा रहा है लेकिन प्रशासन तो बहुत ढीला था. अगर सुप्रीम कोर्ट सख़्ती नहीं करता तो यह अब तक कुछ भी नहीं करते. जब तक मंत्री जी का इस्तीफ़ा नहीं होता है, बेटे को फाँसी नहीं होती तब तक हमें न्याय नहीं मिल रहा है.’

    शुभम मिश्र के पिता विजय मिश्र

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    इमेज कैप्शन, शुभम मिश्र के पिता विजय मिश्र

    बेटे को मिले शहीद का दर्जा

    इस हिंसा के दौरान बीजेपी कार्यकर्ता शुभम मिश्र की भी मौत हुई थी. इस मामले में चार किसानों की गिरफ़्तारी हो चुकी है.

    पीएम मोदी की ओर से कृषि क़ानूनों की वापसी पर शुभम मिश्र के पिता विजय मिश्र ने टिप्पणी करते हुए कहा, “सरकार ने कृषि क़ानूनों को इसलिए वापस लिया है ताकि कहीं और हत्याएं न हो जाएँ. सरकार ने हादसों से बचने के लिए ये कदम उठाया है. ये अच्छा क़ानून था.”

    इसके साथ ही अपने बेटे के लिए न्याय मांगते हुए विजय मिश्र कहते हैं, “हमें भरोसा है कि हमें न्याय मिलेगा. लेकिन सरकार अपने कार्यकर्ताओं का मुद्दा उठाने की जगह सिर्फ किसानों की बात कर रही है. हमें सबसे ज़्यादा अफ़सोस इसी बात का है कि वह अपने कार्यकर्ताओं का नाम क्यों नहीं ले रही है. यह सोचने का विषय है.”इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि उनके बेटे को एक शहीद का दर्जा दिया जाए.

  12. पाकिस्तान ने शांति भंग करने की कोशिश की तो मिलेगा करारा जवाब: राजनाथ सिंह

    राजनाथ सिंह

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    भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को उत्तराखंड के सीमावर्ती ज़िले पिथौरागढ़ में कहा है कि अगर पाकिस्तान ने देश में अशांति फैलाने की कोशिश की तो नए और ताक़तवर भारत की ओर से उसे करारा जवाब दिया जाएगा.

    राजनाथ सिंह ने पिथौरागढ़ में आयोजित शहीद सम्मान यात्रा कार्यक्रम के दौरान कही.

    इससे पहले बीते गुरुवार को राजनाथ सिंह ने लद्दाख़ के रेज़ेंग ला इलाके का दौरा किया है.

    अपने इस दौरे के बारे में बताते हुए राजनाथ सिंह ने कहा, “अभी दो दिन पहले मैं लद्दाख के सीमावर्ती इलाके में स्थित रिजांग ला में था, वहां 1962 में भारत-चीन युद्ध के दौरान 13 कुमाऊं बटालियन के सैनिकों ने जो वीरता और पराक्रम का इतिहास लिखा है, उसके दर्शन करने का मुझे सौभाग्य मिला.”

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    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, राजनाथ सिंह ने कहा कि “मुझे बताया गया है कि 114 जवानों की मौत हुई थी लेकिन उन्होंने लगभग 1200 चीनी सैनिकों को मारा था.”

    राजनाथ सिंह ने उत्तराखंड में एक 'सैन्य धाम' बनाए जाने की योजना पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी मिली है कि उत्तराखंड में एक नया धाम बनाया जा रहा है जिसका नाम सैन्य धाम होगा.

    उन्होंने कहा, “उत्तराखंड में चार धाम हैं और अगर सैन्य धाम बनाया जाता है तो यह पांचवा धाम होगा. इस धाम में शहीदों के ज़मीनों से मिट्टी होगी. उनके और उनके गांव के नाम इस सैन्य धाम पर लिखे जाएंगे.”

  13. संसद सत्र के दौरान ट्रैक्टर मार्च रद्द करने पर अंतिम फ़ैसला अभी नहीं: संयुक्त किसान मोर्चा

    किसान आंदोलन

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    संसद के आगामी शरदकालीन सत्र के दौरान संसद भवन की ओर हर दिन किए जाने वाले प्रस्तावित ट्रैक्टर मार्च को रद्द करने के बारे में अभी तक कोई अंतिम फ़ैसला नहीं लिया गया है.

    किसान नेताओं ने शनिवार को इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि आंदोलन के भविष्य की रूपरेखा के बारे में अंतिम फ़ैसला रविवार को लिया जाएगा.

    किसान आंदोलन के एक साल पूरे होने के मौके पर किसान संगठनों के साझा प्लेटफॉर्म संयुक्त किसान मोर्चा ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि 29 नवंबर से शुरू होने वाले संसद के शरदकालीन सत्र के दौरान 500 किसानों का एक समूह ट्रैक्टर से शांतिपूर्ण तरीके से संसद की ओर हर दिन मार्च करेगा.

    हालांकि इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को घोषणा की कि केंद्र सरकार तीन कृषि कानूनों को वापस लेगी. सरकार ने कृषि क़ानूनों का विरोध कर रहे किसानों की मांग को स्वीकार कर लिया है.

    किसान आंदोलन

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    संयुक्त किसान मोर्चा ने प्रधानमंत्री के फ़ैसले का स्वागत किया है लेकिन कहा है कि वे संसदीय प्रक्रिया के पूरा होने का इंतज़ार करेंगे. उन्होंने ये भी साफ़ किया है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य को क़ानूनी गारंटी दिए जाने और बिजली संशोधन विधेयक को वापस लिए जाने की मांग को लेकर उनका विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे.

    एसकेएम की कोर कमेटी के मेंबर और किसान नेता दर्शन पाल ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, "संसद के लिए हमारे ट्रैक्टर मार्च को लेकर हमारा आह्वान आज भी कायम है. सिंघु बॉर्डर पर रविवार को होने वाली बैठक में एमएसपी के मुद्दे और विरोध प्रदर्शन के भविष्य की दशा और दिशा को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा."

    किसान नेता और भारतीय किसान यूनियन (उगराहां) के नेता जोगिंदर सिंह उगरहां ने टिकरी बॉर्डर पर कहा है कि ट्रैक्टर मार्च रद्द करने पर अभी अंतिम फ़ैसला नहीं लिया गया है.

  14. राहुल गांधी ने दी पीएम मोदी को चुनौती, 'अब चीनी क़ब्ज़े का सत्य भी मान लेना चाहिए'

    राहुल गांधी

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    कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा है कि सरकार को अब चीन से जुड़ा सच भी स्वीकार कर लेना चाहिए.

    पीएम मोदी ने बीते शुक्रवार तीनों विवादित कृषि क़ानूनों को वापस लेने का एलान किया है. इसके साथ ही उन्होंने कहा था कि आगामी संसद सत्र में इन क़ानूनों को संवैधानिक तरीके से रद्द किया जाएगा.

    बीजेपी से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस फ़ैसले के बाद विपक्ष के हमले झेल रहे हैं. किसानों से लेकर विपक्ष की ओर से एमएसपी को लेकर कानून बनाने की मांग की जा रही है.

    इसी बीच राहुल गांधी ने शनिवार को चीन के मुद्दे पर बीजेपी और पीएम मोदी पर एक नया हमला बोला है.

    उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा है कि “अब चीनी क़ब्ज़े का सत्य भी मान लेना चाहिए.”

    बता दें कि राहुल गांधी समेत विपक्ष के तमाम नेता एक लंबे समय से केंद्र सरकार को चीन के मुद्दे पर घेर रही है.

    और इसी बीच शुक्रवार को ही विदेश मंत्री एस जयशंकर का वह बयान सामने आया है जिसमें उन्होंने कहा है कि भारत और चीन के बीच संबंध ख़राब दौर से गुज़र रहे हैं.

    सिंगापुर में एक कार्यक्रम के दौरान जयशंकर ने कहा है कि 'बीजिंग ने ऐसे कई काम किए हैं, जिनसे समझौतों का उल्लंघन हुआ है. और इन उल्लंघनों के लिए चीन के पास अब तक कोई विश्वसनीय स्पष्टीकरण नहीं है. यह बताना अब चीनी नेतृत्व की ज़िम्मेदारी है कि वह द्विपक्षीय संबंधों को किस ओर ले जाना चाहता है.'

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  15. 1971 भारत-पाकिस्तान जंग: जब भारत की मिसाइल बोटों ने किया कराची पर हमला

    मिसाइल बोट

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    1971 की लड़ाई से पहले भारत के नौसेनाध्यक्ष एडमिरल एसएम नंदा ने ब्लिट्ज़ अख़बार को दिए इंटरव्यू में कहा था कि उन्होंने नौसेना के अपने करियर की शुरुआत कराची से की थी.

    इसलिए उन्हें कराची बंदरगाह के लेआउट का पूरा अंदाज़ा है. अगर उन्हें मौक़ा मिलता है तो वो कराची बंदरगाह में आग लगाने से नहीं चूकेंगे.

    इस बीच भारतीय नौसेना ने अपने नौसैनिक ठिकानों की सुरक्षा के लिए सोवियत संघ से कुछ मिसाइल बोट ख़रीदने का फ़ैसला किया. कैप्टेन केके नैयर के नेतृत्व में भारतीय नौसैनिक अधिकारियों का दल सोवियत संघ भेजा गया ताकि वो सोवियत विशेषज्ञों से इस जटिल मिसाइल बोट को चलाने का प्रशिक्षण ले सकें.

    इस दल ने सोवियत नगर व्लाडिवॉस्टक में न सिर्फ़ इन मिसाइल बोटों को चलाने की ट्रेनिंग ली बल्कि रूसी भाषा में भी महारत हासिल कर ली.

    जब भारतीय नौसैनिक सोवियत संघ में प्रशिक्षण ले रहे थे तो कैप्टन नैयर ने अपनी टीम से सवाल किया कि क्या इन मिसाइल बोटों का इस्तेमाल रक्षण के बजाए आक्रमण में भी किया जा सकता है?

  16. रोहित और राहुल के दम पर भारत ने न्यूज़ीलैंड से सिरीज़ जीती

    रोहित शर्मा

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    तीन टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की सिरीज़ का पहला मैच जयपुर में पाँच विकेट से अपने नाम करने के बाद रोहित शर्मा की कप्तानी में खेल रही भारतीय टीम शुक्रवार को न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ रांची में दूसरा मुक़ाबला खेलने उतरी.

    भारत का उद्देश्य राँची में ही जीत हासिल कर सिरीज़ भी अपने नाम करना था और वह बेहद आसानी से सात विकेट से जीतकर ऐसा करने में कामयाब भी रही.

    2-0 की अजेय बढ़त और सिरीज़ पहले ही अपने नाम करने के बाद अब भारतीय टीम 21 तारीख़ यानी रविवार को कोलकाता के ईडन गार्डंस में तीसरा और आख़िरी मैच खेलेगी.

    कल के मैच में भारत के कप्तान रोहित शर्मा ने टॉस जीतकर न्यूज़ीलैंड को पहले बल्लेबाज़ी करने की दावत दी. भारत ने अपनी टीम में केवल एक परिवर्तन करते हुए मोहम्मद सिराज की जगह हर्षल पटेल को शामिल किया. हर्षल पटेल को बीते आईपीएल में किए गए प्रदर्शन का इनाम मिला.

  17. भारत की मिसाइल बोटों ने जब किया कराची पर हमला

    वीडियो कैप्शन, जब भारत की मिसाइल बोटों ने किया कराची पर हमला- Vivechna

    1971 युद्ध के 50 वर्ष की आठवीं कड़ी में सुनिए भारतीय नौसेना के ऑपरेशन ट्राइडेंट की कहानी जब उसकी मिसाइल बोट्स ने कराची पर हमला किया था.

  18. कृषि क़ानूनों को वापस लेना मोदी सरकार का मास्टर स्ट्रोक या मजबूरी?

    वीडियो कैप्शन, कृषि क़ानूनों को वापस लेना मोदी सरकार का मास्टर स्ट्रोक या मजबूरी?

    मोदी सरकार ने नए कृषि क़ानून वापस लेने का फैसला लिया है. इसकी टाइमिंग की चर्चा खूब हो रही है. कुछ दिन बाद संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने वाला है. 26 नवंबर को किसान आंदोलन के एक साल पूरे होने पर किसानों ने आंदोलन को और तेज़ करने की घोषणा पहले से की हुई है.

    पाँच राज्यों में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले है, जिनमें उत्तर प्रदेश सबसे बड़ा राज्य है. जहाँ एक दिन पहले ही अमित शाह को पश्चिम उत्तर प्रदेश की कमान सौंपी गई थी. सोशल मीडिया पर इसके साथ ही 'मास्टर स्ट्रोक' ट्रेंड कर रहा है जिनमें दावा किया जा रहा है कि ये फ़ैसला एक मास्टर स्ट्रोक है.

  19. रिलायंस और सऊदी कंपनी अरामको का करार टूटा, कंपनी ने बताई वजह

    मुकेश अंबानी

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    रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड ने सऊदी अरब की तेल कंपनी सऊदी अरामको के साथ अपनी 15 अरब अमेरिकी डॉलर की डील रद्द कर दी है. इसके तहत रिलायंस अपने तेल एवं गैस व्यापार में सऊदी अरामको को 20 फीसदी हिस्सेदारी बेच रही थी.

    रिलायंस ने बीते शुक्रवार एक बयान जारी करके बताया है, "रिलायंस के बिज़नेस पोर्टफोलियो की विकसित प्रकृति के कारण, रिलायंस और सऊदी अरामको ने तय किया है कि दोनों पक्षों के लिए O2C व्यवसाय में प्रस्तावित निवेश का पुनर्मूल्यांकन करना फायदेमंद रहेगा."

    मुकेश अंबानी ने साल 2019 के अगस्त महीने में हुई शेयरधारकों की एनुअल जनरल मीटिंग के दौरान घोषणा की थी कि ऑइल टू कैमिकल बिज़नेस में 20 फीसदी हिस्सेदारी को बेचने पर बात चल रही है.

    इस बिज़नेस के तहत रिलायंस के पास गुजरात के जामनगर में दो तेल रिफायनरी, पेट्रोकैमिकल एसेट्स और बीपी के साथ फ़्यूल रिटेलिंग जॉइंट वेंचर में 51 फीसदी हिस्सेदारी शामिल है.

    अगस्त, 2019 में कहा गया था कि ये डील मार्च 2020 तक हो जाएगी लेकिन ऐसा नहीं हो सका. और कंपनी की ओर से इसके लिए महामारी को ज़िम्मेदार ठहराया गया.

    इस साल भी मुकेश अंबानी ने शेयरधारकों की एनुअल जनरल मीटिंग के दौरान कहा कि इस साल के अंत तक ये डील हो जाएगी.

    इसके साथ ही कहा गया कि रिलायंस नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में कदम बढ़ाएगा. इसमें नवीकरणीय ऊर्जा पैदा करने की दुनिया की सबसे बड़ा संयत्र लगाने की योजना भी शामिल थी.

  20. कौन हैं कायली रिटेनहाउस जिनकी रिहाई पर आया राष्ट्रपति बाइडन को गुस्सा

    बाइडन

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    अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि वह पिछले साल विस्कॉन्सिन में नस्लीय हिंसा के दौरान दो लोगों की गोली मारकर हत्या करने वाले 18 वर्षीय युवा कायली रिटनेहाउस को एक अदालत द्वारा बरी कर दिए जाने से नाराज हैं.

    बाइडन ने एक लिखित बयान के ज़रिए अपनी नाराज़गी जताई है. हालांकि, इससे पहले उन्होंने कहा था कि वह अदालत के फ़ैसले का सम्मान करते हैं.

    पूर्व पुलिस कैडेट कायली रिटेनहाउस ने अमेरिका के केनोशा शहर में 25 अगस्त 2020 को नस्लीय हिंसा के दौरान दो लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी.

    रिटेन हाउस ने ये स्वीकार किया था कि उन्होंने 36 वर्षीय जोसेफ़ रोज़ेनबॉम, 26 वर्षीय एंथनी हूबर और 28 वर्षीय गेज़ ग्रॉसक्रुएट्ज़ पर गोली चलाई थी. लेकिन उन्होंने कहा था कि ये कदम आत्मरक्षा में उठाया गया था. इस हमले में रोज़ेनबॉम और हूबर की मौत हो गयी थी. और ग्रॉसक्रुएट्ज़ गंभीर रूप से जख़्मी हुए थे.

    कायली रिटेन हाउस

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    चुनाव प्रचार के दौरान जो बाइडन ने अपने ट्विटर अकाउंट से एक ट्वीट किया था जिसमें उन्होंने कायली रिटेनहाउस के व्हाइट सुप्रीमिस्ट संगठन से जुड़े होने के संकेत दिए थे. हालांकि, इस बारे में किसी तरह का सबूत नहीं दिया गया था.

    इस फ़ैसले के आने के बाद मीडिया ने उनसे सवाल किया कि क्या वह अभी भी अपने बयान पर कायम हैं.

    इस पर बाइडन ने कहा कि “मैं ज्यूरी के फ़ैसले का सम्मान करता हूं. ज्यूरी सिस्टम काम करता है और हमें इसका पालन करना होगा.”

    हालांकि, इसके बाद उन्होंने एक बयान जारी करके कहा, “हालांकि, केनोशा के फ़ैसले से, कई अमेरिकी नागरिक जिनमें मैं भी शामिल हूं, चिंतित और नाराज़ हैं. लेकिन हमें ये स्वीकार करना चाहिए कि ज़्यूरी ने अपना फ़ैसला सुना दिया है.”