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हैदरपोरा 'मुठभेड़': अल्ताफ़ बट और मुदासिर गुल के शवों को कब्र से निकाला गया

डॉक्टरों की टीम की उपस्थिति और हंदवाड़ा तहसीलदार की निगरानी में मोहम्मद अल्ताफ़ बट और मुदासिर गुल के शवों को कब्र से खोद कर निकाला है.

लाइव कवरेज

भूमिका राय, अभिजीत श्रीवास्तव and मानसी दाश

  1. क्रिप्टो करेंसी को लेकर पीएम मोदी की चेतावनी

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को 'सिडनी डायलॉग' में क्रिप्टो करेंसी को लेकर चेतावनी दी है. उन्होंने क्रिप्टो करेंसी का ज़िक्र करते हुए कहा कि सभी देशों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इसका दुरुपयोग न हो.

  2. पेटीएम की शेयर बाज़ार में निराशाजनक शुरुआत

    बहुचर्चित आईपीएओ पेटीएम की शेयर बाज़ार में निराशाजनक शुरुआत हुई है.

    2,080 से 2,150 के बीच रखा गया इसके आईपीओ की गुरुवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में 1955 और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में 1950 पर लिस्टिंग हुई.

    वन इंडिया कम्युनिकेशन लिमिटेड के स्वामित्व वाले पेटीएम का आईपीओ शेयर मार्केट के इतिहास का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू था. लेकिन निवेशकों की प्रतिक्रिया फीकी रही और यह आख़िरी दिन ही पूरी तरह सब्सक्राइब हो सका था.

    पेटीएम के आईपीओ के लिए 2080 से 2150 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड रखा था. इसका पब्लिक इश्यू 8 नवंबर से 10 नवंबर तक केवल 1.89 गुना अधिक ही सब्सक्राइब हो पाया था, जो उम्मीद से बहुत कम था.

    जानकार इसके कमज़ोर लिस्टिंग की उम्मीद ही लगा रहा थे.

    बताया जा रहा था कि कंपनी का ब्रांड मजबूत है लेकिन इसकी प्राइसिंग महंगी है जिसकी वजह से निवेशकों के लिए इसमें ख़ास मौके नहीं हैं.

    जानकारों के मुताबिक गुरुवार को इसकी गिरावट के साथ शुरुआत हुई. इसकी लिस्टिंग 1,26,737 करोड़ रुपये पर हुई है जो कि उसकी उम्मीदों से 22,240 करोड़ रुपये कम है.

    एक बैंकिंग एक्सपर्ट ने बीबीसी से बताया कि कंपनी लाभ में कब तक आएगी यह पता नहीं चल रहा. कंपनी का फ़ोकस क्या है यह स्पष्ट नहीं है.

    पेटीएम से पहले कोल इंडिया ने 15 हज़ार करोड़ रुपये और रिलायंस पावर ने 11 हज़ार करोड़ रुपये से अधिक के आईपीओ बाज़ार में उतारे थे. हालांकि पेटीएम को अब भी ब्रिटैनिया, बजाज ऑटो और ज़ोमैटो से बड़ा बताया जा रहा है.

  3. सुप्रीम कोर्ट ने यौन उत्पीड़न पर बॉम्बे हाईकोर्ट के विवादित फ़ैसले को पलटा

    सुप्रीम कोर्ट ने यौन उत्पीड़न के एक मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट के एक फ़ैसले पर रोक लगा दी है जिसकी काफ़ी आलोचना हुई थी.

    बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस वर्ष जनवरी में एक फ़ैसले में कहा था कि वक्षस्थल को जबरन छू लेने मात्र को यौन उत्पीड़न की संज्ञा नहीं दी जा सकती.

    इसी मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आज गुरुवार को पलटते हुए नाबालिग लड़की के साथ यौन उत्पीड़न करने वाले शख़्स को दोषी ठहराया.

    अदालत ने साथ ही कहा कि पोक्सो एक्ट यौन उत्पीड़न के शिकार बच्चों के हित के लिए होना चाहिए.

    क्या था मामला

    बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच की न्यायमूर्ति पुष्पा गनेडीवाला ने जनवरी में अपने फ़ैसले में लिखा था, "सिर्फ वक्षस्थल को जबरन छूना मात्र यौन उत्पीड़न नहीं माना जाएगा, इसके लिए यौन मंशा के साथ स्किन टू स्किन कॉन्टेक्ट होना ज़रूरी है."

    दरअसल, दोषी पाए गए व्यक्ति ने लालच देकर 12 साल की एक लड़की को अपने घर बुलाया और जबरन उसके वक्षस्थल को छूने और उसके कपड़े उतारने की कोशिश की. जिस पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने फ़ैसला सुनाते हुए दोषी की सज़ा में बदलाव किया था.

    पहले नागपुर सत्र न्यायालय ने आईपीसी सेक्शन 354 के तहत इस व्यक्ति को एक साल की और पोक्सो के तहत तीन साल की सज़ा सुनाई थी.

    ये दोनों सज़ाएं एक साथ दी जानी थीं. लेकिन बॉम्बे हाईकोर्ट के फ़ैसले के बाद तीन साल की सजा वाला फ़ैसला निष्क्रिय हो गया था.

    लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बॉम्बे हाईकोर्ट का आदेश रद्द हो गया है.

  4. करतारपुर कॉरिडोर के दोबारा खुलने के बाद श्रद्धालुओं के बीच क्या है माहौल?

  5. भारतीय क्रिकेट टीम क्या पाकिस्तान का दौरा करेगी?

    पाकिस्तान साल 2025 में होने वाले चैंपियंस ट्रॉफ़ी की मेज़बानी कर रहा है.

    आईसीसी के इस फ़ैसले के बाद इस बात को लेकर सबसे अधिक सवाल उठ रहे हैं कि क्या भारतीय टीम चैंपियंस ट्रॉफ़ी में हिस्सा लेने के लिए पाकिस्तान जाएगी या नहीं.

    इस मामले पर कैबिनेट में खेल एवं युवा मामलों के मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि समय आने पर भारत सरकार और गृह मंत्रालय इस संबंध में फ़ैसला लेंगे. अनुराग ठाकुर ने कहा कि जब समय आएगा तब फ़ैसला लिया जाएगा.

    अनुराग ठाकुर ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मैचों के दौरान सभी पहलुओं पर ग़ौर किया जाता है.

    मंगलवार को आईसीसी ने 2024 से लेकर 2031 तक होने वाले चैंपियन्स ट्रॉफ़ी से 14 मेज़बान देशों के नाम की घोषणा की थी. वहीं पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष ने उम्मीद जताई है कि चैंपियन्स ट्रॉफ़ी से जुड़ी कोई नकारात्मक बात नहीं होगी और इसमें कोई उलटफेर नहीं होगा.

    मीडिया से बातचीत के दौरान अनुराग ठाकुर ने सुरक्षा चिंताओं के संबंध में कहा कि पहले भी कई देशों ने सुरक्षा कारणों से पाकिस्तान में खेलने से मना कर दिया है. वहां खेलते समय कुछ खिलाड़ियों पर हमले भी हुए हैं और यह मुद्दा गंभीर है.

    अब तक जो जानकारी उपलब्ध है उसके मुताबिक, पाकिस्तान में होने वाले चैंपियंस ट्रॉफ़ी में 15 टूर्नामेंट मैच होंगे जिसमें आठ टीमें हिस्सा लेंगी.

  6. भारत में नमाज़ को लेकर चल रहे विवाद पर बोला पाकिस्तान

    पाकिस्तान ने भारत के हरियाणा राज्य में नमाज़ अदा करने को लेकर हो रहे विवाद पर आपत्ति जताई है.

    पाकिस्तान की सरकार समाचार एजेंसी असोसिएटेड प्रेस ऑफ पाकिस्तान के अनुसार,पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है, "हम बीजेपी शासित उत्तर प्रदेश और हरियाणा राज्य में प्रशासन के साथ मिलकर संघ परिवार द्वारा मस्जिदों पर हमलों और तोड़फोड़ की घटनाओं से बहुत चिंतित हैं."

    पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की ओर से जारी इस पत्र में लिखा गया है कि एक अन्य घटना में शुक्रवार को जब कई जगहों पर नमाज़ अदा की जा रही थी तभी कुछ हिंदू समूहों ने धार्मिक स्थल का अपमान किया.

    इस पत्र में कहा गया है, "अंतरराष्ट्रीय समूहों के चिंता जताने के बावजूद त्रिपुरा में मुसलमानों, उनके प्रार्थना स्थलों, घरों और व्यवसाय पर लगातार हमले हो रहे हैं."

    पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने कहा है, ''बीजेपी शासित राज्यों में मुसलमानों और मानवाधिकार के उल्लंघन के ख़िलाफ़ आवाज़ बुलंद करने वाले सैकड़ों लोगों के ख़िलाफ़ यूएपीए लगाकार उन्हें गिरफ़्तार किया गया. इसमें वकील और पत्रकार भी शामिल हैं.''

    हालाँकि भारत के सुप्रीम कोर्ट ने ऐसी गिरफ़्तारियों पर रोक लगा दी है.

    पाकिस्तान ने कहा है, ''महाराष्ट्र में बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना सहित भाजपा और उससे जुड़े संगठनों के कार्यकर्ताओं ने मुस्लिमों की दुकानों और उनके धार्मिक-स्थलों पर हमले किए हैं.''

    पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय समुदायों ख़ासतौर पर संयुक्त राष्ट्र और संबंधित अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से इस्लामोफ़ोबिया को रोकने के लिए क़दम उठाने का आह्वान किया है.

    पाकिस्तान ने कहा कि भारत में अल्पसंख्यकों, ख़ासतौर पर मुसलमानों के ख़िलाफ़ हो रहे हिंसक हमलों को रोका जाना चाहिए. उनकी सुरक्षा और उनके धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए.

  7. नमस्कार,

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