युगांडा की राजधानी कंपाला में मंगलवार को हुए दो आत्मघाती धमाकों में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई है और 30 से अधिक लोग घायल हुए हैं.
ये धमाके एक दूसरे से तीन मिनट की अंतराल पर हुए.
मरने वालों में दो पुलिसकर्मी भी शामिल हैं. पांच लोग गंभीर रूप से घायल बताए गए हैं.
धमाकों से लोगों के शरीरों के टुकड़े आसपास बिखर गए. बताया गया है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है.
अमाक़ न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) समूह ने इन हमलों की ज़िम्मेदारी ली है.
पुलिस के मुताबिक मोटरसाइकिल पर आए तीन हमलावरों ने संसद और शहर के पुलिस मुख्यालय के पास ये आत्मघाती हमले किए.
अधिकारियों ने बताया कि शहर के अन्य हिस्सों में और भी बम मिले हैं.
पुलिस के प्रवक्ता फ्रेड एनान्गा ने कहा, "बम का ख़तरा अब भी बरकरार है, ख़ास कर आत्मघाती हमलावरों से."
पुलिस ने बताया कि चौथे हमलावर को गिरफ़्तार किया गया है और उसके पास से विस्फोटक जैकेट बरामद किया गया है.
फ्रेड एनान्गा ने कहा, "हमें लगता है कि इन आंतरिक आतंकी सेल के कुछ और भी सदस्य मौजूद हैं, ख़ास कर एडीएफ़ के गठित आत्मघाती बम दस्तों के."
इन हमलों के बाद संसद की कार्रवाई रद्द करते हुए सांसदों को बिल्डिंग में न आने की सलाह दी गई है.
धमाकों से संसद के पास खड़ी गाड़ियों में आग लग गई. पुलिस मुख्यालय के पास हुए धमाकों से खिड़कियां टूट गईं.
रॉयटर्स न्यूज़ एजेंसी को संसद के पास हुए हमले के प्रत्यक्षदर्शी एक बैंक गार्ड पीटर ओलुपोट ने बताया, "धमाके की आवाज़ इतनी तेज़ थी कि ज़मीन हिल गई और मेरे कान लगभग बहरे हो गए."
एलाइड डेमोक्रेटिक फोर्सेज़
आईएस ने अपने टेलीग्राम चैनल पर एक बयान दिया, जिसके बाद उसके अमाक़ न्यूज़ एजेंसी ने बताया कि इसके सदस्यों ने इन हमलों को अंजाम दिया है.
अधिकारियों ने एक विद्रोही समूह एलाइड डेमोक्रेटिक फोर्सेज़ (एडीएफ़) को हमलों के लिए दोषी ठहराया है. यह समूह 2019 में आईएस के साथ जुड़ गया था.
मूल रूप से इसका गठन युगांडा में हुआ था लेकिन अब ये कांगो से सक्रिय हैं. एडीएफ़ आईएस के नाम पर हमले करते हैं. हाल के दिनों में कई धमाके किए गए हैं. बीते महीने ही एक शॉपिंग बैग में रखे विस्फोटकों से धमाके किए गए जिसमें एक 20 वर्षीय वेट्रेस की मौत हो गई थी. कुछ दिनों बाद एक आत्मघाती हमलावर ने कंपाला में एक बस के पास ख़ुद को उड़ा दिया था जिसमें कई लोग घायल हुए थे.
इन दोनों हमलों की ज़िम्मेवारी भी आईएस ने ही ली थी और पुलिस ने उन्हें एडीएफ़ से जुड़ा बताया था.
भारतीय पैरा-बैडमिंटन टीम सुरक्षित
ये हमले उस होटल से कुछ दी दूर पर हुए हैं जहां इन दिनों भारतीय पारा बैडमिंटन की टीम रह रही है. दरअसल, भारतीय पैरा बैडमिंटन की टीम एक टूर्नामेंट खेलने कंपाला गई है.
टोक्यो पैरालिंपिक से गोल्ड लाने वाले प्रमोद भगत, मानसी जोशी और मनोज सरकार के साथ अन्य भारतीय खिलाड़ी होटल में मौजूद थे. ओलंपिक के दौरान कोच रहे गौरव खन्ना भी टीम के साथ हैं. इन धमाकों के बाद भारतीय पैरा-बैडमिंटन ने बताया कि टीम के सभी सदस्य सुरक्षित हैं.