सीबीआई और ईडी के निदेशकों के कार्यकाल बढ़ाने के लिए दो नए अध्यादेश

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के निदेशकों का कार्यकाल दो साल के अनिवार्य कार्यकाल के बाद अब तीन साल तक बढ़ाया जा सकता है. केंद्र सरकार रविवार को इस बारे में दो नए अध्यादेश लेकर आई है.

लाइव कवरेज

चंदन शर्मा, अनंत प्रकाश and भूमिका राय

  1. महाराष्ट्र हिंसा: नांदेड़ में 35 लोग गिरफ़्तार किए गए

    महाराष्ट्र हिंसा

    इमेज स्रोत, PRAVINTHAKARE/BBC

    हाल में त्रिपुरा में हुई सांप्रदायिक हिंसा के ख़िलाफ़ दो दिन पहले महाराष्ट्र के नांदेड़ ज़िले में भड़की हिंसा के सिलसिले में पुलिस ने अब तक 35 लोगों को गिरफ़्तार किया है.

    पुलिस अधिकारियों में ये जानकारी दी है. अधिकारियों के अनुसार, नांदेड़ में फिलहाल शांति कायम है. बीते शुक्रवार को वहां पुलिस वैन पर पथराव हुआ.

    इसमें दो पुलिस वाले घायल हो गए थे. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि ये हिंसा शहर के वज़ीराबाद इलाक़े और देगलुर नाका में हुई थी.

    उनके अनुसार, इस हिंसा में लगभग एक लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है.

    नांदेड़ के पुलिस अधीक्षक (एसपी) प्रमोद कुमार शेवाले ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, "इस घटना को लेकर नांदेड़ में चार मामले दर्ज किए गए हैं. नांदेड़ पुलिस ने अब तक इस घटना में कथित रूप से शामिल 35 लोगों को गिरफ़्तार किया है. हालात अब नियंत्रण में और शांतिपूर्ण है."

    सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के अलावा विभिन्न अपराधों के सिलसिले में मामले दर्ज किए गए हैं.

    महाराष्ट्र हिंसा

    इमेज स्रोत, BBC/NITESH RAUT

    महाराष्ट्र में हिंसा

    शुक्रवार को महाराष्ट्र के कई शहरों में त्रिपुरा में हुई कथित सांप्रदायिक हिंसा के विरोध में कुछ मुस्लिम संगठनों ने रैलियां निकाली थीं. और अमरावती, नांदेड़, मालेगांव (नासिक), वाशिम और यवतमाल में कई जगहों पर इन रैलियों पर पथराव की घटनाएं हुई थीं.

    शनिवार को अमरावती शहर में दुकानों पर भीड़ के पथराव करने के बाद वहां कर्फ़्यू लगाना पड़ा. अल्पसंख्यक समुदाय द्वारा निकाली गई रैलियों के विरोध में भाजपा ने कथित रूप से बंद का आयोजन किया.

    हाथों में भगवा झंडा लिए सैकड़ों लोगों ने शनिवार की सुबह राजकमल चौक इलाक़े में सड़कों पर उतर आए. एक अधिकारी ने बताया कि हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा.

    शहर में मेडिकल इमरजेंसी को छोड़कर लोगों को अपने घरों से बाहर निकलने की मनाही करनी पड़ी. पुलिस के आदेश से शहर में कहीं पांच से अधिक लोगों के इकट्ठा होने की अनुमति नहीं है.

    महाराष्ट्र के गृह मंत्री दिलीप वालसे-पाटिल ने शुक्रवार को कहा कि त्रिपुरा में मुस्लिम समुदाय के ख़िलाफ़ हुई हिंसा के विरोध में राज्य में निकाले गए मार्च ने कुछ स्थानों पर हिंसक रूप ले लिया, लेकिन स्थिति अब काबू में है.

    पाटिल ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफ़वाहों पर भरोसा न करने की अपील की. उन्होंने ये भी कहा कि हिंसा के लिए जिम्मेदार पाए जाने वालों को दंडित किया जाएगा.

  2. गोरखपुर पुलिस को मुसलमानों पर लगा देशद्रोह का केस क्यों वापस लेना पड़ेगा?

    गोरखपुर पुलिस

    इमेज स्रोत, Mohd Dilshad Alam

    त्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गढ़ माने जाने वाले गोरखपुर के चौरी चौरा में चार मुसलमानों पर एक विवादित झंडे को लेकर देशद्रोह का मुक़दमा दर्ज किया गया था. बीते 10 नवंबर को हिंदूवादी संगठनों की दी गयी तहरीर पर यह मुक़दमा दर्ज किया गया था.

    हिंदूवादी संगठन से जुड़े लोगों की भीड़ मुस्लिम परिवारों के घर पहुंची थी और वहां एक घर पर लगे झंडे को पाकिस्तानी बता कर देशद्रोह की कार्रवाई की मांग की. पुलिस ने देशद्रोह की धारा में एफ़आईएआर दर्ज की और चार लोगों को नामजद किया.

    अब जांच के बाद गोरखपुर पुलिस ने कहा है कि झंडा पाकिस्तानी नहीं बल्कि इस्लामिक था और देशद्रोह का मुक़दमा वापस होगा. लेकिन जिन परिवारों पर देशद्रोह का आरोप लगा वो लोग कह रहे हैं कि मोहल्ले में कोई उनसे अब बात तक नहीं कर रहा है क्योंकि सब उन्हें देशद्रोही समझ बैठे हैं.

    तीन आरोपी अब्दुल कलाम कुरैशी और उनके दो बेटों आसिफ़ और आरिफ़ को पुलिस ने गिरफ़्तार नहीं किया था लेकिन पुलिस जिस मामले को वापस लेने की बात कर रही है, उसी मामले में तालीम नाम का शख़्स अब भी गिरफ़्तार है और जेल में हैं. हालांकि गोरखपुर पुलिस ने कहा है कि उन्हें जल्द रिहा कर दिया जाएगा.

  3. कर्नाटक की ये आदिवासी महिला कैसे बन गईं किसानों की रोल मॉडल?

    फसल

    इमेज स्रोत, Imran Qureshi

    यदि उन्होंने पढ़ाई की होती तो वो सोशल मीडिया पर होतीं और उनकी पहचान एक 'इंफ्लुएंसर' यानी प्रभावित करने वाले व्यक्ति की होती.

    लेकिन उनके पास कुछ ऐसी कुशलता है कि उन्हें कृषि और आदिवासी कल्याण का ब्रांड एंबैस्डर तो बनाया ही जा सकता है.

    तेरह साल पहले तक प्रेमा दासप्पा (50) जंगल में रहती थीं और बेहद कम पारिश्रमिक पर मज़दूरी करती थीं.

    अब वो दूसरी आदिवासी महिलाओं को सिखा रही हैं कि अपना आर्थिक सशक्तीकरण कैसे करें.

    मैसूर ज़िले के एचडी कोटे से बीबीसी से बात करते हुए दासप्पा ने बताया कि पहले साल उन्होंने एक एकड़ भूमि पर चिया के बीज़ बोए थे जिसकी बिक्री से उन्हें 90 हज़ार रुपये की कमाई हुई थी. ये बीज उन्होंने 18 हज़ार रुपये क्विंटल बेचे थे. इस कमाई से उन्होंने अपने बेटे को मोटरसाइकिल ख़रीद कर दी थी.

  4. असम: उल्फा (आई) ने तीन महीने के लिए संघर्ष विराम की अवधि बढ़ाई

    हेमंत बिस्वा सरमा

    इमेज स्रोत, BBC/DILIP KUMAR SHARMA

    इमेज कैप्शन, असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा ने कहा है कि उनकी सरकार शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में एक सक्रिय भूमिका निभाएगी.

    प्रतिबंधित चरमपंथी संगठन उल्फा (इंडिपेंडेंट) ने रविवार को संघर्ष विराम की अवधि अपनी ओर से तीन महीने के लिए और बढ़ा दी है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, इस संगठन के प्रमुख परेश असोम ने प्रेस में जारी किए गए बयान में कहा है कि ये फ़ैसला लोगों की भलाई को ध्यान में रखकर लिया गया है.

    बयान में कहा गया है, "उल्फा (इंडिपेंडेंट) इस दौरान सभी तरह की सैन्य गतिविधियों से दूर रहेगा."

    इस संगठन ने महामारी को ध्यान में रखते हुए इसी साल 15 मई को अपनी ओर से संघर्ष विराम की घोषणा की थी.

    ये घोषणा बीजेपी के नेतृत्व वाली हेमंत बिस्वा सरमा सरकार के गठन के मात्र पांच दिनों बाद की गयी थी.

    सरमा की ओर से भी इस संगठन को बातचीत के लिए आगे आने का प्रस्ताव दिया गया था.

    इसके साथ ही संगठन ने कहा था कि इससे पहले 14 अगस्त को भी महामारी को ध्यान में रखते हुए संघर्ष विराम आगे बढ़ाया गया था.

    इस ख़बर पर प्रतिक्रिया देते हुए सीएम सरमा ने कहा है कि इससे राज्य में शांति का वातावरण बनेगा और आश्वासन दिया है कि सरकार शांति प्रक्रिया को शुरू करने में सक्रिय भूमिका निभाएगी.

    हालांकि, उल्फा (इंडिपेंडेंट) संघर्ष विराम की अवधि में सैन्य गतिविधियों को अंजाम नहीं दे रही है लेकिन यह संगठन कथित रूप से इस दौरान नए लोगों को अपने साथ जोड़ने की प्रक्रिया में लगा हुआ है.

    हाल ही में 30 सितंबर को आर्मी और पुलिस की एक संयुक्त टीम ने एक कथित रिक्रूटमेंट मॉड्यूल पर छापा मारा था.

  5. सोनू सूद की बहन पंजाब विधानसभा का चुनाव लड़ेंगी

    सोनू सूद

    इमेज स्रोत, Getty Images

    अभिनेता सोनू सूद की बहन अगले साल होने वाले पंजाब विधानसभा का चुनाव लड़ेंगी. हालांकि उनकी बहन किस पार्टी से चुनाव लड़ेंगी इसे लेकर कोई पुष्टि नहीं की गई है.

    कोविड महामारी के दौरान सोनू सूद ने काफी लोगों की मदद की और उन्हें उनके प्रयासों के लिए पूरे देशभर से तारीफ़ भी मिली.

    आज चंडीगढ़ से क़रीब 170 किलोमीटर दूर मोगा में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके उन्होंने इस बात का ऐलान किया.

    हाल ही में सोनू सूद ने पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से मुलाकात भी की थी.

    इससे पहले वह दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से भी मिले थे. जिन्होंने उन्हें अपने प्रोग्राम 'देश का मेंटर' का ब्रांड अंबेसडर भी घोषित किया था.

    हालांकि सोनू सूद हमेशा से कहते रहे हैं कि उन्होंने जो कुछ भी किया उसका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है.

    केजरीवाल के साथ बैठक के बाद राजनीतिक गलियारों में अफ़वाहें तेज़ हो गई थीं कि शायद वह आम आदमी पार्टी की ओर से पंजाब में उम्मीदवार हो सकते हैं.

    उस समय सोनू सूद ने पत्रकारों से कहा था कि अरविंद केजरीवाल के साथ किसी भी राजनीतिक मुद्दे पर चर्चा नहीं हुई.

  6. हिंदुत्व के मुद्दे पर क्यों बंट गई कांग्रेस?

  7. बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती से मिलीं प्रियंका गांधी

    प्रियंका गांधी-मायावती

    इमेज स्रोत, ANI

    कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने आज बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती से मिलकर उनकी मां के निधन पर अपनी शोक संवेदनाएं प्रकट कीं.

    बहुजन समाज पार्टी ने शनिवार को एक प्रेस रिलीज़ जारी करके बताया था कि बसपा सुप्रीमो मायावती की माँ 92 वर्षीय रामरती जी का निधन हो गया है.

    बसपा सुप्रीमो मायावती अपनी माँ के अंतिम दर्शन के लिए दिल्ली पहुंचीं.

    पार्टी की ओर से बताया गया है कि मायावती की माँ का अंतिम संस्कार 14 नवंबर को दिल्ली में किया जाएगा.

  8. अमरावती हिंसा- चार दिन के लिए कर्फ्यू और इंटरनेट बंद करने का आदेश

    महाराष्ट्र

    इमेज स्रोत, ANI

    महाराष्ट्र के अमरावती शहर में शुक्रवार को हुई तोड़फोड़ के बाद चार दिन के लिए कर्फ्यू की घोषणा की गई है. राज्य के गृहमंत्री दिलीप वाल्से पाटिल ने रविवार को अमरावती हिंसा पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि चार दिनों के लिए कर्फ्यू लगाया गया है.

    भ्रामक ख़बरें ना फैलें इसके लिए इंटरनेट को भी बंद करने का फ़ैसला किया गया है.

    गृह मंत्री दिलिप पाटिल ने कहा कि हम निश्चित तौर पर इसकी जांच करेंगे. हम उन रैलियों की भी जांच करेंगे जो संभवत: त्रिपुरा में हुई घटना के आधार पर महाराष्ट्र में की गईं.हम इस घटना में हुए नुकसान का भी आंकलन करेंगे.

    गृह मंत्री पाटिल ने कहा कि हम अभी तो नहीं लेकिन जांच के बाद निश्चित तौर पर यह बता पाएंगे. इसके पीछे चाहे रज़ा अकेडमी हो या फिर कोई और हम निश्चित तौर पर रैली के पीछे उनके मक़सद की जांच करेंगे.

    अमरावती

    गृह मंत्री पाटिल ने कहा कि गढ़चिरौली में हुई मुठभेड़ में कम से कम 26 नक्सली मारे गए हैं. सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है. जितने भी शव बरामद हुए हैं उनमें से कुछ की पहचान की जा चुकी है और कुछ की बाकी है.

    अमरावती की ताज़ा स्थिति पर उन्होंने कहा कि अमरावती में स्थिति नियंत्रण में है.

    इससे पूर्व शुक्रवार को हुई तोड़फोड़ के विरोध में भाजपा और हिंदू समर्थक संगठनों ने शनिवार को अमरावती में बंद का आह्वान किया था. इस दौरान शहर में तनाव का माहौल रहा. कुछ जगहों पर तोड़फोड़ की भी घटनाएं हुईं.

    त्रिपुरा में हुई घटना के बाद एक खास समुदाय ने अमरावती शहर में तोड़फोड़ की थी. इस बीच, भाजपा और हिंदू समर्थक संगठनों द्वारा पाकिस्तान विरोधी नारे लगाए गए. बंद के सिलसिले में अमरावती शहर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है.

    इस बीच राज्य सरकार स्थिति पर पैनी नज़र रखे हुए है. नागरिकों को किसी भी अफवाह पर विश्वास नहीं करना चाहिए. गृह मंत्री ने संयम बरतने की अपील की है.

  9. गाय, गाय का गोबर और गोमूत्र देश को आर्थिक तौर पर सक्षम बना सकते हैं- शिवराज सिंह चौहान

    शिवराज सिंह चौहान

    इमेज स्रोत, Getty Images

    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को एक सम्मेलन में कहा कि गाय, गाय का गोबर और गोमूत्र किसी भी व्यक्ति की अर्थव्यवस्था को मज़बूत कर सकता है और इसी के साथ देश को भी आर्थिक तौर पर सक्षम बना सकता है.

    भारतीय पशु चिकित्सा संघ द्वारा आयोजित महिला पशु चिकित्सकों के एक सम्मेलन के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार ने गो-अभ्यारण्य और शेल्टर्स का निर्माण किया है लेकिन सिर्फ़ यह पर्याप्त नहीं है. इसके लिए समाज की भागीदारी सबसे अहम है.

    इस सम्मेलन में उन्होंने कहा, "अगर हम चाहें तो गायों, उनके गोबर और गो-मूत्र से अपनी अर्थव्यवस्था को मज़बूत कर सकते हैं और राष्ट्र को भी आर्थिक तौर पर सक्षम बना सकते हैं. राज्य के श्मशान स्थलों पर गउ-काष्ठ के इस्तेमाल को बढ़ावा देकर लकड़ी के इस्तेमाल को भी कम कर सकते हैं."

    उन्होंने कहा कि पशु चिकित्सकों और विशेषज्ञों को परिणाम देने वाले कामों से जुड़ना चाहिए. उन्हें इस दिशा में कोशिश करनी चाहिए कि कि कैसे गऊ-पालन छोटे किसानों और पशुपालकों के लिए एक फ़ायदेमंद व्यवसाय बन सकता है.

    इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला ने कहा कि गुजरात के ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में महिलाएं गाय पालन से जुड़ी हुई हैं और इसके फलस्वरूप वहां डेरी व्यवसाय सफल भी हुआ है.

  10. कंगना रनौत स्वतंत्रता वाले बयान के बाद एक बार फिर बोलीं

    कंगना

    इमेज स्रोत, Getty Images

    फ़िल्म अभिनेत्री कंगना रनौत ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर की है. अपनी इस इंस्टाग्राम पोस्ट में कंगना ने साल 2015 में प्रकाशित हुई बीबीसी की एक रिपोर्ट का हवाला दिया है.

    कंगना अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखती हैं, "बीबीसी का यह लेख 2015 में छपा था जो इस बात की दलील पेश करता है कि ब्रिटेन से कभी भी भारत की ओर से किसी नुक़सान की भरपाई के लिए नहीं कहा गया. आज के दिन और इस युग में गोरे उपनिवेशवादी या उनसे सहानुभूति रखने वाले इस बकवास से कैसे और क्यों भाग सकते हैं?"

    "अगर आप इसे समझने की कोशिश करेंगे तो इसका जवाब मेरे टाइम्स नाऊ समिट में दिये गए बयान में ही है."

    "ऐसा इसलिए क्योंकि हमारे राष्ट्र निर्माताओं ने भारत में हुए अनगिनत अपराधों के लिए अंग्रेज़ों को ज़िम्मेदार नहीं ठहराया. हमारे राष्ट्र निर्माताओं ने हमारे देश की संपत्ति को लूटने से लेकर, हमारे स्वतंत्रता सेनानियों को बेरहमी से मारने तक के लिए, हमारे देश को दो हिस्सों में विभाजित करने से लेकर अनगिनत अपराधों के लिए अंग्रेज़ों को ज़िम्मेदार नहीं ठहराया."

    "द्वितीय विश्व युद्ध के बाद, अंग्रेज़ों ने अपनी सहूलियत से भारत छोड़ दिया. विंस्टन चर्चिल को युद्ध के नायक के तौर पर नामित किया गया. यह व्यक्ति थे जो बंगाल के अकाल के लिए ज़िम्मेदार थे. क्या उनके अपराधों के लिए स्वतंत्र भारत की अदालतों में कभी उनके ख़िलाफ़ मुक़दमा चला? नहीं."

    कंगना

    इमेज स्रोत, screengrab- kanganaranaut/Instagram

    कंगना ने आगे क्या लिखा पढ़ें..

    सिरिल रेडक्लिफ़ (एक श्वेत अंग्रेज़) जो पहले कभी भी भारत नहीं आए थे, उन्हें महज़ पांच सप्ताह के भीतर विभाजन रेखा खींचने के लिए भारत लाया गया.

    कांग्रेस और मुस्लिम लीग दोनों ही उस समिति के सदस्य थे जहां अंग्रेज़ों द्वारा खींची गई विभाजन की रेखा की शर्तें तय की गईं. जिसके कारण लगभग दस लाख लोगों की जान चली गयी. वे लोग जिनकी जान गयी क्या उन्हें आज़ादी मिली?

    जिन ब्रिटिश या फिर कांग्रेस के लोगों ने विभाजन के लिए सहमति दी,क्या वे विभाजन के बाद हुए नरसंहार के लिए ज़िम्मेदार ठहराए गए? नहीं.

    हमारे देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की ओर से 28 अप्रैल 1948 को ब्रिटिश मोनार्क को एक पत्र लिखा गया था. जिसमें पश्चिम बंगाल के तत्कालिक गवर्नर की भारत के गवर्नर जनरल के तौर पर नियुक्ति के लिए ब्रिटिश स्वीकृति मांगी गयी थी. यह पत्र मेरी पोस्ट के दूसरे हिस्से में देखा जा सकता है.

    अगर इस तरह का कोई पत्र मौजूद है तो क्या आप मानते हैं कि कांग्रेस ने ब्रिटिशों को उनके अपराधों के लिए जवाबदेह ठहराने की कोशिश भी की होगी? अगर हां, तो बताएं कि मैं किस तरह से ग़लत हूं.

    स्वतंत्र भारत के लिए अपनी जान देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को क्या पता था कि अंग्रेज़ और हमारे देश के निर्माता अविभाजित भारत को दो हिस्सों में बांट देंगे. जिसके कारण दस लाख लोगों की जान चली जाएगी?

    अंत में मैं बस यही कहकर अपनी बात समाप्त करना चाहती हूं कि अगर हम भारत में हुए असंख्य अपराधों के लिए अंग्रेज़ों को ज़िम्मेदार नहीं ठहराते हैं तो हम यूं भी अपने स्वतंत्रता सेनानियों का अनादर ही कर रहे हैं.

    जय हिंद

    कंगना

    इमेज स्रोत, Getty Images

    आज़ादी को लेकर दिया था विवादित बयान

    इससे पूर्व टाइम्स नाउ के कार्यक्रम में संपादक नविका कुमार को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था, "वो आज़ादी नहीं थी वो भीख थी और जो आज़ादी मिली है वो 2014 में मिली है."

    9 नवंबर को निजी टेलिविजन चैनल टाइम्स नाउ ने एक शिखर सम्मेलन का आयोजन किया था, जिसका नाम था, 'सेलिब्रेटिंग इंडिया @75'. उसी मौके पर बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत को बुलाया गया था.

    कंगना से बातचीत का मुद्दा 'बॉलीवुड के ग्लोबल प्रभाव' पर था. उसी दौरान उनसे वीर सावरकर को लेकर सवाल पूछा गया. उसी सवाल के जवाब में कंगना ने बहुत लंबा जवाब दिया, जिसमें आज़ादी की लड़ाई से लेकर कई स्वतंत्रता सेनानियों का ज़िक्र आया.

    पूरा सवाल और उसका जवाब टाइम्स नाउ हिंदी के ट्विटर हैंडल पर मौजूद है जो तकरीबन साढ़े सात मिनट का है. उनके उस बयान का छोटा 24 सेकेंड का क्लिप सोशल मीडिया पर खूब शेयर हो रहा है, जिसमें उन्होंने '1947 में मिली आज़ादी' को 'भीख' बताया था.

  11. भारत में बीते 24 घंटे में कोरोना की स्थिति

    कोरोना

    इमेज स्रोत, Getty Images

    भारत में बीते 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 11,271 नए मामले सामने आए हैं. साथ 285 लोगों की कोरोना संक्रमण के कारण मौत हो गयी है.

    स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक-

    भारत में कुल केस- 3,44,37,307

    भारत में कुल सक्रिय मामले- 1,35,918

    भारत में अब तक ठीक हुए कुल लोगों की संख्या- 3,38,37,859

    भारत में कोरोना संक्रमण सेअब तक हुई कुल मौतें- 4,63,530

    भारत में अब तक कुल वैक्सीनेशन- 1,12,01,03,225

  12. हिंदुत्व और आईएसआईएस को एक जैसा नहीं कहा- कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद

    सलमान खुर्शिद

    इमेज स्रोत, Getty Images

    वरिष्ठ कांग्रेस नेता सलमान खुर्शिद की किताब पर जारी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है.हालांकि सलमान खुर्शीद ने अपने एक बयान में कहा कि अपनी नई किताब में उन्होंने कहीं भी हिंदुत्व और आईएसआईएस को एक जैसा नहीं कहा है.

    लेकिन इस मुद्दे पर विवाद जारी है.

    शनिवार को उत्तर प्रदेश के सम्भल में कल्कि धाम में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सलमान खुर्शिद ने कहा कि हिंदू धर्म के दुश्मन वे लोग हैं जिन्होंने हिंदू धर्म को बदनाम करने की कोशिश की.

    न्यूज़ एजेंसी एएनआई ने सलमान खुर्शिद के हवाले से लिखा है कि -मैं कल्कि धाम का दौरा कर रहा हूं. अगर मुझे किसी धर्म से कोई शिकायत होती तो मैं यहां नहीं आता. मेरा मानना ​​है कि हिंदू धर्म दुनियाका वाहक है.

    छोड़िए X पोस्ट
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त

    सलमान खुर्शिद ने कहा, "ऐसा लगता है कि कुछ लोग हिंदू धर्म को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं. वे ही हिंदू धर्म के दुश्मन हैं और उन्हें डर है कि उनकी सच्चाई सामने आ जाएगी. वे हर उस किताब पर प्रतिबंध लगा देंगे जो उनकी सच्चाई को बाहर लाती है."

    उन्होंने कहा, "आईएसआईएस और बोको हराम ने इस्लाम को बदनाम किया है लेकिन किसी इस्लामिक अनुयायी ने इसका विरोध नहीं किया. मैंने आईएसआईएस और हिंदुत्व को एक जैसा नहीं कहा था."

    सलमान खुर्शिद ने कहा कि मैंने दोनों की तुलना नहीं की है बल्कि ये लिखा है कि उनकी तरह अगर धर्म का दुरुपयोग करने वाले किसी और धर्म में हैं तो वे भी वही कर रह ेहैं जो ये संगठन कर रहे हैं.

    इस बीच सलमान खुर्शिद की किताब 'सनराइज़ ओवर अयोध्या: नेशनहुड इन अवर टाइम्स' के प्रकाशन, प्रसार और बिक्री पर रोक लगाने के लिए दिल्ली की एक अदालत में एक मुकदमा दायर किया गया है.

    समाज के एक बड़े तबके की भावनाओं को आहत करने के आरोप में दक्षिणपंथी समूह हिंदू सेना के अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने यह मुकदमा दायर किया.

  13. बेलारूस की यूरोप को गैस आपूर्ति बाधित करने की धमकी पर रूस ने दी चेतावनी

    पुतिन

    इमेज स्रोत, Getty Images

    बेलारूस ने यूरोप की गैस आपूर्ति में कटौती की धमकी दी थी जिस पर प्रतिक्रिया देते हुए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बेलारूस को चेतावनी दी है.

    रूस के राष्ट्रपति ने कहा है कि ऐसा करना रूस के साथ अनुबंध का उल्लंघन होगा.

    एक टीवी इंटरव्यू के दौरान राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि राष्ट्रपति अलेक्ज़ेंडर लुकाशेंको ने शायद गुस्से में आकर यह धमकी दी होगी.

    बेलारूस के राष्ट्रपति देश की पश्चिमी सीमा पर पोलैंड के साथ बढ़ते प्रवासी संकट के साथ नए प्रतिबंधों का सामना कर रहे हैं.

    यूरोपीय संघ के अधिकारियों ने बेलारूस पर ब्लॉक सुरक्षा को कमज़ोर करने के लिए मौजूदा स्थिति को भड़काने का आरोप लगाया है. हालांकि बेलारूस इससे इनकार करता है.

    बेलारूस

    बेलारूस के नेता अलेक्जेंडर लुकाशेंको ने इस दावे से इनकार किया कि बेलारूस यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों का बदला लेने के लिए सीमा पर प्रवासियों को भेज रहा है.

    हजारों की संख्या में लोग (जिनमें से ज़्यादातर इराक, सीरिया और यमन से हैं) पोलैंड के साथ लगी सीमा पर हैं.

    प्रवासियों में से ज़्यादातर युवक हैं, लेकिन इनमें महिलाएँ और बच्चे भी शामिल हैं, ज़्यादातर लोग मध्य पूर्व और एशिया से हैं और वे बेलारूस के सीमावर्ती इलाक़े में तंबू में डेरा डाले हुए हैं.

    इनके एक तरफ़ पोलिश गार्ड और दूसरी तरफ बेलारूस के गार्ड हैं, ये लोग दोनों के बीच फँसे हुए हैं.

    सीमा पर रात में तापमान शून्य से नीचे चला जाता है और हाल के हफ़्तों में यहाँ कई लोगों की मौत हो चुकी है.

    शनिवार को, पोलैंड ने बेलारूस के सैनिकों पर रेज़र-वायर से सीमा पर लगे बाड़ को काटने की कोशिश करने का आरोप लगाया ताकि प्रवासी वहां से जा सकें.

    इससे पहले, पोलैंड पुलिस ने भी यह दावा किया था कि एक सीरियाई युवक का शव उन्हें उसी क्षेत्र में सीमा से दूर जंगल में मिला था.

    बेलारूस

    इमेज स्रोत, SHWAN KURD

    हाल के महीनों में सीमा पर पोलैंड के हिस्से में कम से कम आठ मृत प्रवासी पाए गए हैं. जबकि बेलारूस वाले हिस्से में भी एक शव मिला है.

    पोलैंड पर शरणार्थियों को बेलारूस की ओर वापस धकेलने का आरोप लगाया गया है, जो अंतरराष्ट्रीय नियमों के विपरीत है. पत्रकारों और सहायता एजेंसियों के इस क्षेत्र में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.

    यूरोपीय संघ, नेटो और अमेरिका सभी बेलारूस पर प्रवासियों की संख्या बढ़ाने का आरोप लगाते हैं. यूरोपीय आयोग ने लुकाशेंको पर 'अमानवीय, गैंगस्टर-शैली के तहत यूरोपीय संघ में आसान प्रवेश के झूठे वादे के साथ प्रवासियों को लुभाने का आरोप लगाया है.'

    उनका कहना है कि बेलारूस की ये कार्रवाई यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों के खिलाफ़ एक प्रतिशोध है. ये प्रतिबंध लुकाशेंको के दोबारा चुनाव के बाद, बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद लगाए गए थे. इस चुनाव को व्यापक रूप से अविश्वसनीय माना गया था.

    कार्यकर्ताओं का कहना है कि बेलारूस और यूरोपीय संघ के बीच एक राजनीतिक खेल में प्रवासियों को मोहरे के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है.

  14. नमस्कार!

    बीबीसी हिंदी के इस लाइव पेज पर आपका स्वागत है. हम यहाँ आपको दिनभर की सभी बड़ी ख़बरों, लाइव अपडेट्स और वीडियो से रूबरू कराएंगे. यह लाइव पेज 24 घंटे उपलब्ध है.13 नवंबर के अपडेट्स के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं.