कर्नाटक का बिटकॉइन स्कैम बहुत बड़ा, कवर अप उससे भी बड़ा: राहुल गांधी
कांग्रेस पार्टी के महासचिव और मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने छह सवाल रखकर पूछा है कि जब ये स्कैम हुआ तब उसमें राज्य के मुख्यमंत्री बासवाराज बोम्मई की क्या भूमिका थी जो उस वक़्त राज्य के गृह मंत्री थे.
लाइव कवरेज
भूमिका राय and अनंत प्रकाश
हसन अली से कैच छूटना टर्निंग प्वाइंट क्यों नहीं था?
वीडियो कैप्शन, हसन अली से कैच छूटना टर्निंग प्वाइंट क्यों नहीं था?
क्रिकेट का पारंपरिक मुहावरा 'कैचेज़ विन मैचेज़' अपनी जगह ठीक है, लेकिन अगर पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच हुए टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल पूरे मैच को इस मुहावरे के आधार पर आंका जाता है, तो फिर सैद्धांतिक रूप से यहाँ पाकिस्तान के बजाय ऑस्ट्रेलिया हारने का हक़दार होता, जिन्होंने एक नहीं, बल्कि तीन कैच छोड़े.
टीएमसी ने लुइज़िन्हो फलेरियो को किया राज्यसभा के लिए नामित
गोवा के पूर्व
मुख्यमंत्री और अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के नवनियुक्त राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लुइज़िन्हो
फलेरियो को पार्टी ने राज्यसभा के लिए नामित किया है.
फलेरियो के
नाम की घोषणा करते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली
पार्टी ने ट्विटर पर लिखा- हम फलेरियो को संसद के उच्च सदन के लिए नामित करते हुए
बेहद खुश हैं.
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फलेरियो ने कांग्रेस छोड़कर टीएमसी का दामन थाम लिया था.
टीएमसी में शामिल होने से पहले उन्होंने 29 सितंबर को विधायक के तौर पर भी इस्तीफ़ा दे दिया था.
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में प्रदूषण कम करने के लिए लॉकडाउन का दिया विकल्प
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दिल्ली में लगातार
बढ़ते प्रदूषण के मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस
एनवी रमन्ना ने कहा है कि ‘स्थिति इतनी ख़राब
है कि हमारे घरों में भी हमें मास्क पहनना पड़ रहा है.’
दिल्ली और दिल्ली के आसपास के इलाक़ो में बीते एक सप्ताह से गहरी और दम-घोंटू
धुंध छायी हुई है. सुप्रीम कोर्ट ने इस संदर्भ में केंद्र सरकार को एक आपातकालीन
योजना के साथ उपस्थित होने को कहा है.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर आवश्यक हो तो वाहनों, पटाखों और कल-कारखानों और
धूल के कारण होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए दो दिन के लॉकडाउन की घोषणा
करें.
मुख्य न्यायाधीश ने केंद्र सरकार से शहर में वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए
आपातकालीन योजना बनाने के लिए कहा है. अपने आदेश में कोर्ट ने कहा कि- आप हमें बताएं
कि आप क्या आपातकालीन उपाय करेंगे?
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केंद्र सरकार की ओर से कोर्ट में कहा गया कि पराली को जलाने से रोकने के लिए क़दम उठाए गए हैं. लेकिन पिछले पांच-छह दिनों में जिस तरह से प्रदूषण बढ़ा है उसके पीछे पंजाब में पराली जलाया जाना प्रमुख कारण रहा है.
केंद्र सरकार ने राज्य सरकार के संदर्भ में कहा कि पंजाब सरकार को इस मुद्दे पर कमर कसकर तैयार होने की ज़रूरत है. पंजाब में लोग अब भी खेतों में पराली जला रहे हैं.
केंद्र सरकार के इस जवाब पर चीफ़ जस्टिस ने कहा कि 'आप प्रदूषण बढ़ने का कारण किसानों को क्यों बता रहे हैं? यह कुल प्रदूषण के एक बहुत कम हिस्सा है. बाकी के प्रदूष का क्या? दिल्ली में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए आप क्या कर रहे हैं? हमारा किसी किसी राज्य, सरकार या केंद्र से कोई लेना देना नहीं है, आप हमें यह बताएं कि आपकी सटीक योजना क्या है...ना कि दो-तीन दिनों के बारे में.'
हालांकि इस दौरान मौजूद रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को स्पष्ट किया कि – हमारा ऐसा कहना नहीं है कि प्रदूषण सिर्फ़ किसानों के कारण है.
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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने वायु प्रदूषण की चुनौती से निपटने के लिए आपातकालीन बैठक बुलायी है. इस बैठक में मुख्यमंत्री के अलावा दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया, स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन, पर्यावरण मंत्री गोपाल राय भी शामिल होंगे.
दिल्ली में ट्रैक्टर रैली के दौरान गिरफ़्तार लोगों को पंजाब सरकार देगी दो लाख का मुआवज़ा
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पंजाब सरकार
ने 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर कृषि बिल का विरोध कर रहे किसानों की
ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा के बाद गिरफ़्तार किए गए 83 लोगों को आर्थिक मदद देने की घोषणा की है.
पंजाब सरकार गिरफ़्तार किये गए लोगों को दो लाख रुपये की मदद देगी.
पंजाब सरकार
के इस फ़ैसले से गतिरोध बढ़ने की आशंका जतायी जा रही है.
पंजाब समेत
देश के कई हिस्सों के किसान बीते एक साल से दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर केंद्र
सरकार के तीन कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे हैं.
हालांकि केंद्र सरकार
और किसान नेताओं के बीच बातचीत से मामला सुलझाने की कोशिश भी हुई लेकिन दोनों ही
पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी है.
किसानों की मांग है कि कृषि क़ानून पूरी तरह
से वापस ले लिया जाए वहीं सरकार का कहना है कि वे संशोधन के लिए तैयार है.
इस क्रम में
26 जनवरी को किसान नेताओं ने दिल्ली पुलिस से बातचीत के बाद कुछ रास्तों पर ट्रैक्टर
रैली की इजाज़त ली थी, लेकिन रैली शुरू होने के कुछ घंटों बाद ही यह हिंसक हो गई.
प्रदर्शन कर
रहे कुछ लोग लाल किले तक पहुंच गए और उसके बाद स्थिति और गंभीर हो गई.
इस मामले में पुलिस
का कहना था कि प्रदर्शनकारियों ने पहले से निर्धारित रास्ते का पालन नहीं किया और
दिल्ली में प्रवेश करने के लिए बैरिकेड्स तोड़ दिए. उन्होंने लाल किले में भी प्रवेश
किया और इसकी प्राचीर से झंडा फहराया.
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और अब इस घटना के लगभग दस महीने बाद पंजाब के नव-नियुक्त मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने एक ट्वीट करके दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ़्तार किए गए लोगों को मुआवज़ा देने की घोषणा की है.
मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया है- "तीन काले कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ चल रहे किसानों के विरोध का समर्थन करने के लिए मेरी सरकार के रुख़ को दोहराते हुए हमने 26 जनवरी 2021 को राजधानी में ट्रैक्टर रैली के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ़्तार किए गए 83 लोगों को 2 लाख रुपये का मुआवज़ा देने का फैसला किया है."
जनरल रावत ने चीन को बताया भारत के लिए सबसे बड़ा ख़तरा
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भारत के चीफ़ ऑफ़ डिफ़ेन्स स्टाफ़ जनरल बिपिन रावत ने कहा कि चीन, भारत के लिए सबसे बड़ा सुरक्षा ख़तरा बन गया है.
अपने बयान में जनरल बिपिन रावत ने कहा कि पिछले साल हिमालयी सीमा की सुरक्षा के लिए केंद्र ने जो दसियों हज़ार सैनिक और हथियार सीमा पर तैनात किये थे वो अभी तक, एक लंबे समय से बेस पर लौटने की स्थिति में नहीं आ सके हैं.
एक टीवी कार्यक्रम के दौरान जनरल रावत ने चीन-भारत संबंधों पर अपनी बात रखते हुए कहा कि दोनों देश परमाणु हथियारों से सुसज्जित हैं और विश्वास की कमी और बढ़ते संदेह के कारण दोनों देशों के बीच सीमा-विवाद सुलझाने में मुश्किल आ रही है.
इससे पूर्व पिछले महीने ही दोनों देशों के बीच सैन्य कमांडर स्तर की 13वें दौर की सीमावार्ता हुई थी लेकिन इस वार्ता से कोई ठोस हल नहीं निकल सका.
इस टीवी कार्यक्रम में शामिल हुए जनरल रावत ने कहा कि पिछले साल से दोनों देशों के बीच व्यापक गतिरोध जारी है.
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उन्होंने कहा, "भारत सीमा पर और समुद्री क्षेत्र में किसी भी दुस्साहस को चुनौती देने के लिए तैयार है."
चीफ़ ऑफ़ डिफ़ेस स्टाफ़ जनरल बिपिन रावत ने इस मौक़े पर अरुणाचल प्रदेश में पूर्वी क्षेत्र में चीनी निर्माण के संबंध में कहा कि वे बुनियादी ढांचे का निर्माण कर रहे हैं और ये तथाकथित गांव एलएसी पर उनके अधिकार क्षेत्र में हैं.
उन्होंने एलएसी पर हमारे क्षेत्र का कभी उल्लंघन नहीं किया. कई तरह की धारणाएं हैं. हम इस बात को लेकर बेहद स्पष्ट हैं कि एलएसी कहां है क्योंकि हमें बताया गया है कि एलएसी पर हमारी स्थिति कहां है और यही वो क्षेत्र है जिसकी सुरक्षा की हमसे अपेक्षा की जाती है."
इस दौरान बिपिन रावत ने कहा कि चीन की एक धारणा है जिसे कुछ क्षेत्रों में हम जानते हैं और कुछ में नहीं क्योंकि उन्होंने कभी भी स्पष्ट तौर पर यह नहीं बताया कि उनकी मान्यता के अनुसार एलएसी कहां है.
इस टीवी कार्यक्रम में जनरल बिपिन रावत ने कहा कि जहां तक हमारा सवाल है, एलएसी के हमारे क्षेत्र में ऐसे किसी भी गांव का निर्माण नहीं हुआ है.
हबीबगंज रेलवे स्टेशन का नाम होगा रानी कमलापति, मध्य प्रदेश सरकार ने भेजा प्रस्ताव
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मध्य प्रदेश सरकार ने
केंद्र सरकार को एक पत्र लिखकर भोपाल के हबीबगंज रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर रानी
कमलापति करने का प्रस्ताव भेजा है. रानी कमलापति आदिवासी समुदाय की रानी थीं.
भारत सरकार द्वारा सौ
करोड़ रुपये की लागत से भोपाल स्थित हबीबगंज रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास किया गया
है.
15 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस परियोजना का लोकार्पण करेंगे.
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बीते 24 घंटे में देश में कोरोना का हाल
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बीते 24 घंटे में भारत
में कोरोना संक्रमण के 11 हज़ार 850 नए मामले सामने आए हैं. इसके साथ ही बीते 24
घंटे में 555 लोगों की कोरोना संक्रमण के कारण मौत हो गई है.
भारत में कोरोना के कुल
सक्रिय मामले एक लाख 36 हज़ार 308 हैं.
कोरोना महामारी के कारण
अभी तक देश में कुल चार लाख 63 हज़ार 245 लोगों की मौत हो चुकी है.
हालांकि तीन
करोड़ 38 लाख 26 हज़ार 483 लोग इलाज के बाद ठीक भी हुए हैं.
स्वास्थ्य मंत्रालय की
जानकारी के मुताबिक़, देश में अभी तक 1,11,40,48,134 वैक्सीन की डोज़ लग चुकी हैं.
इमरान ख़ान ने भारतीय गेंहू को लेकर तालिबान से क्या कहा?
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री
इमरान ख़ान ने बीते शुक्रवार को कहा कि पाकिस्तान के रास्ते भारतीय गेंहू को अफ़ग़ानिस्तान
ट्रांसपोर्ट करने के तालिबान सरकार के अनुरोध पर वह 'सकारात्मक दृष्टिकोण' से विचार
करेंगे.
अफ़ग़ानिस्तान में
तालिबान सरकार का नियंत्रण है. लंबे समय तक युद्ध की मार झेले अफग़ानिस्तान में
परिस्थितियां बेहद परेशान करने वाली हैं. देश गंभीर आर्थिक संकट से गुज़र रहा है
और एक बड़ा तबक़ा भुखमरी का सामना कर रहा है.
प्रधानमंत्री कार्यालय
से जारी एक हैंडआउट के अनुसार, प्रधानमंत्री इमरान
ख़ान ने अफ़ग़ानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री आमिर ख़ान मुत्तकी के नेतृत्व वाले
एक प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के दौरान यह विचार रखा.
मुत्तकी अपनी तीन
दिवसीय पाकिस्तान यात्रा पर हैं. वित्त, उद्योग और वाणिज्य विभागों के कार्यवाहक
मंत्री और अफ़ग़ान प्रतिनिधिमंडल के अन्य वरिष्ठ सदस्य भी उनके साथ हैं.
प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के साथ बैठक के दौरान अफ़ग़ानिस्तान के ताज़ा हालात पर चर्चा हुई. पीएम
इमरान ख़ान ने अफ़ग़ानिस्तान के सामने आने वाली चुनौतियों को क़ाबू करने के लिए
पाकिस्तान के हर संभव समर्थन की भी बात कही.
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इस बातचीत के दौरान पीएम इमरान ख़ान ने एक बार
फिर इस बात पर ज़ोर दिया कि व्यापक क्षेत्र में शांति और स्थिरता बने रहने के लिए
पड़ोसी मुल्क अफ़ग़ानिस्तान में शांति, स्थिरता
होना ज़रूरी है.
प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी बयान में कहा
गया है कि इमरान ख़ान ने ज़ोर देकर कहा कि सुरक्षा,आतंकवाद
विरोधी कार्रवाई, लोगों के अधिकारों और सम्मान, समावेशी शासन अफ़ग़ानिस्तान में स्थिरता लाने में मददगार साबित होगा.
उन्होंने यह उम्मीद भी जताई कि अंतरिम
अफ़ग़ान सरकार अंतरराष्ट्रीय समुदाय को संरचनात्मक रूप से शामिल करना जारी रखेगी
और मौजूदा चुनौतियों से निपटने के लिए सकारात्मक कदम उठाएगी.
पीएम इमरान ख़ान ने कहा, "पाकिस्तान लगातार अफ़ग़ानिस्तान को तुरंत राहत के लिए प्रावधान की मांग करता
रहा है."
उन्होंने अफ़ग़ानिस्तान में आर्थिक मंदी को
रोकने के लिए बैंकिंग लेनदेन की सुविधा की तत्काल शुरू किये जाने की बात भी कही.
पाकिस्तान और अफ़ग़ान के संबंधों पर टिप्पणी
करते हुए इमरान ख़ान ने कहा कि आने वाले समय में सर्दियों के कठोर मौसम का सामना
करने के लिए मानवीय सहायता सहित हर संभव मदद के अपने वादे पर पाकिस्तान क़ायम है.
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पहले से दी जा रही
सहायता के अलावा, अफ़ग़ानिस्तान के लिए गेहूं, चावल, आपातकालीन चिकित्सा मदद और दूसरी आवश्यक
खाद्य सामग्री मुहैया कराएगा.
प्रधानमंत्री ने अफ़ग़ानिस्तान की तरक्की और समृद्धि को बढ़ावा देने के प्रयास
के तहत लोगों की आवाजाही, व्यापार और क्षेत्रीय संपर्क को सुविधाजनक
बनाने के लिए साथ मिलकर काम करने के महत्व पर भी ज़ोर दिया.
ट्रंप के पूर्व सहयोगी पर अवमानना का आरोप
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वॉशिंगटन में यूएस
कैपिटल बिल्डिंग (अमेरिकी संसद भवन) में हुई हिंसा के बारे में गवाही देने से इनकार करने के कारण पूर्व अमेरिकी
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रणनीतिकार रहे स्टीव बैनन पर कांग्रेस की अवमानना का
आरोप लगाया गया है.
राइट-विंग मीडिया एक्ज़ीक्यूटिव रहे बैनन को गवाही देने के लिए सम्मन भेजा गया
था. उन्हें इस बात की गवाही के लिए बुलाया गया था कि वो उस दिन हुए विरोध की
योजनाओं के बारे में क्या जानते थे.
67 साल के बैनन के वकीलों ने इस संदर्भ में तर्क दिया कि पूर्व राष्ट्रपति के
साथ उनकी जो भी बात हुई वो पूरी तरह सुरक्षित थी.
कांग्रेस की अवमानना करने के आरोप के तहत बैनन को एक साल तक की जेल और
क़रीब एक लाख डॉलर के जुर्माने की सज़ा हो सकती है.
बैनन पर क्या आरोप
हैं?
6 जनवरी को हुए
हमले की जांच करने वाली प्रतिनिधि सभा की चयन समिति की जांच के बाद यह पहला ऐसा अभियोग लगा है.
बैनन पर गवाही के
लिए पेश होने से इनकार करने के कारण अवमानना का पहला मामला दर्ज किया गया है और
दूसरा मामला समिति के सामने ज़रूरी दस्तावेज़ पेश करने से इनकार करने का है.
एक ओर जहां ट्रंप
के रणनीतिकार बैनन की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं वहीं ट्रंप को पिछले महीने बेसबॉल
वर्ल्ड सीरीज़ के दौरान देखा गया.
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राजनीतिक सलाहकार रहे बैनन को साल 2017 में व्हाइट हाउस से निकाल दिया गया था लेकिन वह पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के प्रति वफ़ादार बने रहे.
अधिकारियों को उम्मीद है कि सोमवार को जब बैनन अदालत में पेश होंगे तो आत्मसमर्पण कर देंगे.
शुक्रवार को जारी एक बयान में, अमेरिकी अटॉर्नी जनरल मेरिक गारलैंड ने कहा था कि यह अभियोग क़ानून के शासन के लिए न्याय विभाग की प्रतिबद्धता को बताता है.
ट्रम्प ने अपने पूर्व सहयोगियों से उन सभी अनुरोधों को अस्वीकार करने का आग्रह किया है, जिसमें साक्ष्य जमा करने की बात कही गयी हो. अपनी इस बात के संदर्भ में उन्होंने तर्क दिया कि कार्यकारी विशेषाधिकार के तहत जानकारी को अपने तक रखने का अधिकार है. यह एक एक कानूनी सिद्धांत है जो व्हाइट हाउस की कई बातों को बाहर नहीं आने देता.
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क्या हुआ था छह जनवरी के दिन?
छह जनवरी को ट्रम्प समर्थकों ने कैपिटल बिल्डिंग में घुसकर हंगामा कर दिया था. ये हंगामा तब हुआ था जब अमेरिकी कांग्रेस में इलेक्टोरल कॉलेज को लेकर बहस चल रही थी. यहां जो बाइडन की चुनावी जीत की पुष्टि की जानी थी.
सदन में चल रही बहस के दौरान अचानक डोनाल्ड ट्रंप के समर्थक कैपिटल बिल्डिंग के अंदर पहुंच गए. इससे बहस को बीच में ही रोकना पड़ा था.
डोनाल्ड ट्रंप के समर्थक चुनाव रद्द करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे. इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प भी हुई थी.
दरअसल, पूर्व राष्ट्रपति ट्रम्प ने पिछले साल डेमोक्रेटिक पार्टी के तत्कालिक उम्मीदवार रहे जो बाइडन से चुनाव हारने की बात को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था. उन्होंने बिना किसी प्रमाण के मतदान में धोखाधड़ी का आरोप तक लगाया था.
नमस्कार!
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