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कर्नाटक का बिटकॉइन स्कैम बहुत बड़ा, कवर अप उससे भी बड़ा: राहुल गांधी

कांग्रेस पार्टी के महासचिव और मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने छह सवाल रखकर पूछा है कि जब ये स्कैम हुआ तब उसमें राज्य के मुख्यमंत्री बासवाराज बोम्मई की क्या भूमिका थी जो उस वक़्त राज्य के गृह मंत्री थे.

लाइव कवरेज

भूमिका राय and अनंत प्रकाश

  1. कर्नाटक का बिटकॉइन स्कैम बहुत बड़ा, कवर अप उससे भी बड़ा: राहुल गांधी

    कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को कर्नाटक का बिटकॉइन स्कैम काफ़ी बड़ा है लेकिन उसका कवर-अप इससे भी ज़्यादा बड़ा है.

    कांग्रेस पार्टी ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में एक स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है.

    राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर कहा है, "बिटकॉइन स्कैम काफ़ी बड़ा है लेकिन उसका कवर-अप इससे भी ज़्यादा बड़ा है. क्योंकि ये किसी के झूठे और बहुत बड़े ईगो को कवर अप करने के लिए है."

    कांग्रेस पार्टी के महासचिव और मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने छह सवाल रखकर पूछा है कि जब ये स्कैम हुआ तब उसमें राज्य के मुख्यमंत्री बासवाराज बोम्मई की क्या भूमिका थी जो उस वक़्त राज्य के गृह मंत्री थे.

    अपने ट्विटर अकाउंट पर उन्होंने लिखा, “हिंदुस्तान का आजतक का सबसे बड़ा बिटकॉइन घोटाला जिसके तार अंतराष्ट्रीय 14-15 मुल्कों में जुड़े हैं, वो घोटाला सामने आ गया है. हेरा-फेरी, सबूतों को दबाने की साज़िश, हर चीज़ पर पर्दा डालने का षड्यंत्र, षड्यंत्रकारी कोशिशें सत्ताधारियों के द्वारा कीं जा रहीं हैं.”

    उन्होंने पूछा है कि जब बिट कॉइन चुराए गए तो इंटरपोल को सूचना क्यों नहीं दी गयी.

    सुरजेवाला ने इस मामले में पीएम मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि हालिया अमेरिकी दौरे में एफबीआई ने उन्हें इस घोटाले के बारे में जानकारी दी है.

    उन्होंने कहा, "यह अकेले मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा अपराध नहीं है, यह एक अंतरराष्ट्रीय अपराध है. यह देखते हुए कि इस जांच में कितनी ढील बरती गयी है. मुझे नहीं लगता कि ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) या कर्नाटक पुलिस उचित काम कर सकती है. इस वजह से हम मांग करते हैं कि एक एसआईटी (विशेष जांच दल) का गठन किया जाना चाहिए और सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निगरानी की जानी चाहिए जो इस मामले की जांच करे और सच्चाई सामने लाए."

    इसके साथ ही उन्होंने इसे एक बहु-देशीय जांच बताते हुए कहा है कि "सच्चाई सामने आनी चाहिए. सरकार या तो मिलीभगत कर रही है या घटिया तरीके से जांच कर रही है. बासवाराज बोम्मई की प्रतिष्ठा और उनके राजनीतिक करियर और प्रतिष्ठा पर संदेह जताया जा रहा है. इसलिए उन्हें इसकी जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एसआईटी गठित करने के लिए सरकार को पत्र लिखना चाहिए."

  2. बीजेपी का दावा, कांग्रेस शासन में भारत आंशिक रूप से 'मुस्लिम राष्ट्र' था

    बीजेपी नेता सुधांशु त्रिवेदी ने शनिवार को तीन तलाक़ से लेकर हज यात्रा आदि पर इशारा करते हुए दावा किया है कि "कांग्रेस शासन में भारत आंशिक रूप से एक मुस्लिम राष्ट्र था."

    उन्होंने कहा, "मैं ये इसलिए कह रहा हूं क्योंकि शरिया के प्रावधान संवैधानिक व्यवस्था के अंग थे. सुप्रीम कोर्ट के फैसलों को ठुकरा दिया गया था ताकि शरिया को प्रधानता दी जा सके."

    इसके साथ ही त्रिवेदी ने कहा कि त्रिपुरा में मस्जिदों को निशाना बनाए जाने की “झूठी” खबरों पर महाराष्ट्र में हुई हिंसा एवं कांग्रेस नेताओं द्वारा हिंदुत्व पर हमला करने वाली टिप्पणियां और सोशल मीडिया पर जारी दुष्प्रचार हिंदुत्व के ख़िलाफ़ एक बड़ी साजिश का हिस्सा है.

    राहुल गांधी को निशाने पर लेते हुए सुधांशु त्रिवेदी ने सवाल उठाया कि कहीं विपक्ष के नेता महाराष्ट्र में अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को हिंदुत्व को बदनाम करने एवं सांप्रदायिक अशांति एवं हिंसा फैलाने का संगठित अभियान तो नहीं चला रहे हैं

    राहुल गांधी ने महाराष्ट्र में जारी कांग्रेस पार्टी के एक ट्रेनिंग कैंप में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हिस्सा लेते हुए हिंदुत्व और हिंदू धर्म के बीच अंतर को लेकर टिप्पणी की थी.

    इसके साथ ही बीते दिनों कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद आरएसएस-बीजेपी की विचारधारा से जुड़े शब्द हिंदुत्व की तुलना आतंकी इस्लामी संगठनों से कर चुके हैं.

    इसके बाद से बीजेपी ने कांग्रेस के ख़िलाफ़ हमलावर रुख अख्तियार कर रखा है.

  3. यूपी: कासगंज के अल्ताफ़ की मौत के मामले में मर्डर केस दर्ज

      • Author, अनंत झणाणे
      • पदनाम, लखनऊ से, बीबीसी हिंदी के लिए

    उत्तर प्रदेश के कासगंज में 22 साल के अल्ताफ़ की पुलिस हिरासत में मौत के मामले में आज पुलिस ने शनिवार को हत्या का मामला दर्ज किया है.

    एफआईआर की जानकारी देते हुए कासगंज के एसपी रोहन बोत्रे ने कहा कि, "ये घटना 9 तारीख को हुई है, उस प्रकरण को पहले मेरे द्वारा विभागीय जांच एडिशनल एसपी को सौंपी गयी थी, साथ ही में पांच पुलिसकर्मियों का निलंबन किया गया था. और डीएम द्वारा मैजस्ट्रियल जांच भी खोली गयी थी. कल रात को मुझे रजिस्ट्री के द्वारा एक तहरीर प्राप्त हुई है और उस तहरीर को हमने आज पंजीकृत किया है. यह तहरीर धारा 302 के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ पंजीकृत की गई है."

    एफआईआर की कॉपी में घटना के विवरण में चाँद मिया की तहरीर के आधार पर लिखा है कि, "मेरे बेटे अल्ताफ को थाने में ही मारा गया है गया है क्योंकि थाने के बाथरूम में टोटी लगभग 2 फुट की है और मेरे बीटा 5 फुट से ज़्यादा है. मेरे बेटे की साज़िशन हत्या हुई है. मैंने किसी प्रशासनिक अधिकारी और किसी अन्य से कोई समझौता नहीं किया है. मुझसे दबाव बनाकर अंगूठा लगवाया गया था. मुझे इंसाफ दिलाइये."

    अल्ताफ की मौत के एक दिन बाद चाँद मियां का एक वीडियो वायरल हुआ जिसमे वो यह कहते नज़र आ रहे थे कि वो पुलिस की करवाई से संतुष्ट हैं.

    एक चिट्ठी भी जारी हुई जिसमे चाँद मियां के हवाले से लिखा गया कि उन्हें "पुलिस वालों से कोई शिकायत नहीं है. न मैं और ना मेरा परिवार कोई करवाई करना चाहता है और न ही भविष्य में करूंगा."

    बाद में चाँद मियां ने कहा था ऐसा उन्होंने पुलिस के दबाव में आकर किया और ऐसा करते वक़्त वो होश में नहीं थे. सोशल मीडिया पर चाँद मियां की ओर से दी गयी एक और तहरीर की कॉपी वायरल हो रही है जिसमे उन्होंने पांच पुलिसकर्मियों के नाम भी दिए हैं.

    इस तहरीर की तारीख 13 नवंबर की है. बीबीसी ने चाँद मियां से इस तहरीर के बारे में पूछा और क्या उन्होंने पुलिसकर्मियों के उसमे नाम लिखे हैं तो चाँद मियां ने कहा कि, "हाँ लिखे हैं."

    अब देखना यह होगा की क्या पुलिस उन पुलिसकर्मियों को नामजद करती है कि नहीं, जिन पर आरोप लगाए गए हैं.

    फिलहाल आधिकारिक तौर पर इस तहरीर के मिलने की पुष्टि नहीं हो पाई है. अल्ताफ को कासगंज पुलिस एक गुमशुदा लड़की के बारे में पूछताछ के लिए थाने लाई थी जहाँ पर उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गयी. और उसकी लाश थाने के शौचालय के नलके से लटकी पाई गई.

    पुलिस के मुताबिक़ अल्ताफ ने डिप्रेशन में आ कर आत्महत्या कर ली थी. कासगंज के एसपी रोहन पी बोत्रे का कहना है कि पोस्टमॉर्टम में पाया गया है कि, "एस्फिक्सिया ड्यू टू एंटी मॉर्टम हैंगिंग" मौत का कारण है. आसान भाषा में कहा जाए तो इसका मतलब मृत्यु के पहले फांसी लगने से दम घुटना है.

  4. महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में पुलिस के साथ मुठभेड़ में 26 नक्सलियों की मौत

    महाराष्ट्र के गढ़चिरौली ज़िले में पुलिस और नक्सलियों के साथ हुए एनकाउंटर में 26 नक्सलियों की मौत हुई है.

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, स्थानीय एसपी अंकित गोयल ने मृतकों की संख्या की पुष्टि करते हुए बताया है कि ग्यारापट्टी जंगल में हुए इस एनकाउंटर में तीन पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं.

    इन पुलिसकर्मियों को एयर लिफ़्ट करके नागपुर के ऑरेंज सिटी हॉस्पिटल ले जाया गया है जहां उनका इलाज चल रहा है.

    महाराष्ट्र गृह मंत्रालय ने इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया, "सी-60 पुलिस कमांडो दस्ते को मिली जानकारी के आधार पर नक्सलियों के साथ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सोमय मुंडे और उनकी टीम ने पुलिस अधीक्षक अंकित गोयल के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की. इस कार्रवाई में तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए. उनका इलाज चल रहा है और उनकी हालत स्थिर है."

    महाराष्ट्र के गृह मंत्री दिलीप वालसे पाटिल ने गढ़चिरौली पुलिस की सराहना करते हुए कहा, "मुझे अपनी पुलिस पर गर्व है."

  5. असम राइफ़ल्स के काफ़िले पर हमला, ममता ने कहा- देश इंसाफ़ का इंतज़ार कर रहा है

    पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में शनिवार को असम राइफ़ल्स के एक काफ़िले पर हुए हमले में एक कर्नल, उनकी पत्नी और आठ साल की उनके बेटे समेत चार जवानों की मौत हो गई है.

    चरचंदपुर में हुए इस हमले में मारे गए कर्नल विप्लव त्रिपाठी 46 असम रायफल्स में कमांडिंग ऑफिसर थे.

    आधिकारिक तौर पर अब तक किसी संगठन ने इस हमले की ज़िम्मेदारी नहीं ली है.

    अधिकारियों ने बताया कि हमला दिहेंग इलाके से तीन किलोमीटर दूर हुआ है.

    साथ ही यह भी बताया गया है कि चार अन्य जवान इस हमले में घायल भी हुए हैं.

  6. कंगना ने पूछा- 1947 में कौन सा युद्ध लड़ा गया था, कोई बताए

    बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौट ने शनिवार को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर स्टोरी के जरिए सवाल उठाया है कि “1947 में कौन सा युद्ध हुआ था, अगर कोई इस सवाल का जवाब दे सके तो मैं अपना पद्मश्री सम्मान वापस करने के साथ साथ माफी भी मांग लूंगी.”

    रनौट ने हाल ही में एक निजी चैनल के कार्यक्रम के दौरान कहा था कि भारत को “असली आज़ादी”2014 में मिली है. उन्होंने साल 1947 में मिली आज़ादी को “भीख़” की संज्ञा दी थी.

    शिवसेना ने इस बयान पर आपत्ति जताते हुए कंगना रनौट से सभी राष्ट्रीय अवॉर्ड वापस लेने की मांग की है.

    इसके साथ ही कांग्रेस पार्टी की दिल्ली महिला विंग ने पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर मांग की है कि कंगना रनौट के ख़िलाफ़ राजद्रोह का मामला दर्ज किया जाए.

    कंगना रनौट अब तक इस मुद्दे पर अपने रुख पर अड़ी हुई हैं.

    शनिवार को उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक किताब का पैराग्राफ़ शेयर किया जिसमें स्वतंत्रता सेनानियों बाल गंगाधर तिलक, अरबिंदो घोष, बिपिन चंद्र पाल का हवाला दिया गया है.

    उन्होंने लिखा कि वह स्वतंत्रता के लिए 1857 की सामूहिक लड़ाई के बारे में जानती हैं लेकिन 1947 में किसी युद्ध के बारे में उन्होंने नहीं पता.

    वे लिखती हैं, “मैं जानती हूं कि 1857 में युद्ध लड़ा गया था. लेकिन 1947 में कौन सा युद्ध लड़ा गया. मुझे इसकी जानकारी नहीं है. अगर कोई ये जानकारी मुझे दे सके तो मैं अपना पद्मश्री वापस कर दूंगी और माफ़ी भी मांग लूंगी. मेरी मदद करिए.”

  7. प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट की नाराज़गी के बाद केजरीवाल सरकार ने उठाए चार बड़े कदम

    दिल्ली-एनसीआर में लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण के स्तर पर सुप्रीम कोर्ट की नाराज़गी के बाद दिल्ली सरकार ने इस मुद्दे पर एक आपात बैठक बुलाई और चार बड़े क़दमों का एलान किया.

    इसमें फ़ैसला लिया गया कि अगले हफ़्ते दिल्ली के स्कूलों में ऑफ़लाइन क्लास बंद रहेंगे. दिल्ली के सरकारी कर्मचारी अगले हफ़्ते वर्क फ़्रॉम होम करेंगे.

    साथ ही ये भी फ़ैसला लिया गया कि सभी निर्माण गतिविधियां बंद रहेंगी. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि इस बैठक में लॉकडाउन को लेकर भी विचार किया गया और राज्य सरकार इसे लेकर अपना पक्ष कोर्ट के सामने रखेगी.

    सुप्रीम कोर्ट के चीफ़ जस्टिस ने दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा था कि इसपर तुरंत नियंत्रण के लिए उपाय करने चाहिए.

    चीफ़ जस्टिस ने कहा था कि हमें तत्काल नियंत्रण के उपाय चाहिए. ज़रूरत पड़ी तो 2 दिन के लॉकडाउन या कुछ और सोचें. वरना लोग कैसे रहेंगे?

  8. बीबीसी इंडिया बोल, 13 नवंबर 2021, प्रदूषण पर राजनीति और जूझता आम इंसान, सुनिए मोहनलाल शर्मा के साथ

    छठ पूजा के दौरान यमुना घाट पर जहरीले झाग भरा पानी हो या हवा में रोज नए रिकॉर्ड तोड़ता प्रदूषण, लोगों के लिए साफ़ हवा और पानी दोनों दुष्वार हो गए हैं.

    सुप्रीम कोर्ट ने भी दिल्ली के प्रदूषण को लेकर आज फटकार लगाई है और दो दिनों के लॉकडाउन का विकल्प तक दिया है.

    लेकिन, सरकारों के अपने दावे हैं, प्रदूषण की राजनीति है और उन सबके बीच साफ़ हवा और पानी के लिए जूझता आम इंसान है.

    ऐसे में लोग क्या करें? आज इंडिया बोल में इसी विषय पर चर्चा.

  9. बसपा सुप्रीमो मायावती की माँ का 97 वर्ष की उम्र में निधन

    बहुजन समाज पार्टी ने शनिवार को एक प्रेस रिलीज़ जारी करके बताया है कि बसपा सुप्रीमो मायावती की माँ 92 वर्षीय रामरती जी का निधन हो गया है.

    बताया जा रहा है कि बसपा सुप्रीमो मायावती अपनी माँ के अंतिम दर्शन के लिए दिल्ली पहुंचने वाली हैं.

    इसके साथ ही बसपा कार्यकर्ताओं नेताओं और मायावती के करीबी भी दिल्ली पहुंच रहे हैं.

    पार्टी की ओर से बताया गया है कि मायावती की माँ का अंतिम संस्कार 14 नवंबर को दिल्ली में किया जाएगा.

  10. अमित शाह ने अखिलेश यादव पर कसा तंज, आतंक की पनाहगाह माने गए आजमगढ़ को हम माँ सरस्वती का धाम बना रहे हैं

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में एक राज्य विश्वविद्यालय का शिलान्यास करते हुए समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा है.

    शाह ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए अखिलेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “जिस आजमगढ़ को दुनियाभर के अंदर, सपा शासन में कट्टरवादी सोच और आतंकवाद की पनाहगाह के रूप में जाना जाता था, उसी भूमि पर आज मां सरस्वती जी का धाम बनाने का काम हम लोग कर रहे हैं.”

    उन्होंने कहा, “यहां पर पहले जातिवाद, परिवारवाद, तुष्टीकरण का राज चलता था. सबको न्याय नहीं मिलता था. आज यहां योगी जी ने जातिवाद, परिवारवाद और तुष्टीकरण पर पूर्ण विराम लगाने का काम किया है

    एक जमाना था पुलिस के कर्मचारी बाहुबलियों से डरते थे, लेकिन आज पुलिस को देखकर बाहुबली गले में पट्टी डालकर कहते हैं कि गोली मत मारना हम शरण में आते हैं.

    आज मैं गर्व के साथ कह सकता हूं कि यहां माफियाओं का राज नहीं, यहां कानून का राज है

    ये लोग प्रदेश का भला नहीं कर सकते. जैसे ही चुनाव नजदीक आया अखिलेश जी को जिन्ना बहुत महान दिखने लगे लेकिन अखिलेश जी, मैं आपको एक बात बता दूं, योगी जी ने पूर्वांचल को मच्छर और माफिया से मुक्त कर दिया है.”

  11. पाकिस्तानी क्रिकेटर मोहम्मद रिज़वान का इलाज करने वाले डॉक्टर का इंडिया कनेक्शन

    टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफ़ाइनल में ताबड़तोड़ अर्धशतक बनाने वाले पाकिस्तान के विकेटकीपर मोहम्मद रिज़वान उस मैच से ठीक पहले क़रीब 36 घंटे आईसीयू में थे.

    नौ नवंबर की सुबह बीमार पड़ने के बाद दुबई के एक अस्पताल में उन्हें भर्ती कराया गया था.

    जब वे अस्पताल लाए गए थे तो उनकी स्थिति कैसी थी इस बारे में उनका इलाज करने वाले डॉक्टर ने बताया है कि जब रिज़वान अस्पताल लाए गए थे तो उनकी हालत ने उन्हें सोचने पर मजबूर कर दिया कि कहीं यह 'दिल का दौरा' तो नहीं है.

    रिज़वान का इलाज दुबई के मेडियार अस्पताल के डॉ. सेहिर सेन उल-अबिदीन ने किया.

    उन्होंने बीबीसी उर्दू को बताया, "जब रिज़वान को अस्पताल लाया गया तो उनके सीने में तेज़ दर्द था. मेडिकल शब्दों में दर्द के पैमाने को आंका जाए तो ये दस में से दस का स्कोर था. दर्द रिज़वान के लिए असहनीय था, लिहाजा तुरंत जाँच की गई कि कहीं यह दिल का दौरा तो नहीं है."

  12. मणिपुर में सेना के काफिले पर हमला, कर्नल के परिवार समेत सात की मौत

    मणिपुर के चूरचंदपुर में शनिवार को असम राइफल्स के एक काफिले पर हुए हमले में एक कर्नल, उनकी पत्नी और आठ वर्षीय पुत्र समेत असम राइफल्स के चार जवानों की मौत हो गई है.

    इस हमले में मरने वाले कर्नल विप्लव त्रिपाठी 46 असम रायफल्स के कमांडिंग ऑफिसर थे.

    अधिकारियों ने बताया है कि ये हमला दिहेंग इलाके से तीन किलोमीटर दूर हुआ है जिसमें चार अन्य जवान भी जख़्मी हुए हैं.

    केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे एक कायरतापूर्ण हमला बताते हुए कहा है, “मणिपुर के चूरचंदपुर में असम राइफल्स के काफिले पर हमला बेहद कायरतापूर्ण है. देश ने पांच जवानों को खो दिया है जिनमें कमांडिंग ऑफिसर और उनके परिवार के दो सदस्य शामिल हैं.”

    मणिपुर के मुख्य मंत्री एन बीरेन सिंह ने कहा है कि राज्य पुलिस और अर्धसैनिक बल चरमपंथियों की तलाश कर रहे हैं.

  13. 'त्रिपुरा में जो हुआ नहीं' उसके विरोध में रैलियां निकालना ग़लत: देवेंद्र फडणवीस

    महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को कहा है कि महाराष्ट्र में उस घटना के ख़िलाफ़ रैलियां निकालना ग़लत है जो कि त्रिपुरा में घटी ही नहीं.

    उन्होंने कहा, “त्रिपुरा सरकार और स्थानीय पुलिस स्पष्ट कर चुकी है कि अल्पसंख्यक समुदाय के किसी धार्मिक स्थल को नहीं जलाया गया है. उन्होंने इससे जुड़ी तस्वीरें भी जारी की हैं. मैं दोनों समुदायों से संयम बरतने का आह्वान करता हूं.

    इसके साथ ही राज्य सरकार के घटक दलों पर निशाना साधते हुए फडणवीस ने कहा कि सरकार में शामिल दलों को भड़काऊ बयान नहीं देने चाहिए.

    उन्होंने कहा, “महाराष्ट्र में उस घटना के ख़िलाफ़ रैलियां निकालना पूरी तरह ग़लत है जो घटना त्रिपुरा में घटित ही नहीं हुई. एक विशेष समुदाय के लोगों की दुकानों पर हमला करना बिलकुल ग़लत है.”

    शनिवार सुबह कुछ लोगों द्वारा अमरावती शहर में कथित रूप से बीजेपी द्वारा बुलाए गए बंद के दौरान पत्थरबाजी किए जाने की ख़बर आई है.

  14. प्रशांत बोस: क्या झारखंड पुलिस ने एक करोड़ के इनामी नक्सली को गिरफ़्तार किया है?

    क्या झारखंड पुलिस ने शीर्ष नक्सली नेता और एक करोड़ रुपये के इनामी प्रशांत बोस उर्फ़ किशन दा और उनकी उनकी पत्नी शीला मरांडी को गिरफ़्तार कर लिया है?

    यह सवाल अभी तक पहेली बना हुआ है. क्योंकि, पुलिस ने इनकी गिरफ़्तारी की पुष्टि नहीं की है.

    झारखंड के पुलिस प्रमुख (डीजीपी) नीरज सिन्हा ने मीडिया से सिर्फ़ इतना कहा कि हमने कुछ लोगों को शक के आधार पर हिरासत में लिया है. अभी उनकी पहचान होनी बाक़ी है.

    डीजीपी ने बताया, "हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है. पूछताछ से संतुष्ट होने और उनकी पहचान कन्फर्म होने के बाद ही हम यह बता पाने की स्थिति में होंगे कि पकड़े गए लोग कौन हैं."

    हालाँकि, पुलिस की आधिकारिक पुष्टि नहीं होने के बावजूद राँची के अख़बारों ने भाकपा (माओवादी) के शीर्ष पोलित ब्यूरो सदस्य प्रशांत बोस उर्फ किशन दा को जमशेदपुर के पास एक टोल प्लाज़ा से हिरासत में लिए जाने की ख़बरें प्रमुखता से छापी है.

  15. महाराष्ट्र: अमरावती में बंद हुआ हिंसक, दुकानों में तोड़फोड़, शहर में लगा कर्फ़्यू

    महाराष्ट्र के अमरावती शहर में शुक्रवार को हुई तोड़फोड़ के विरोध में भाजपा और हिंदू संगठनों ने शनिवार को बंद का आह्वान किया था. इस दौरान शहर में तनाव का माहौल रहा.

    शनिवार सुबह अमरावती में कुछ लोगों ने कथित रूप से बीजेपी द्वारा बुलाए गए बंद के दौरान पत्थरबाज़ी करते हुए दुकानों को नुकसान पहुंचाया है. प्रदर्शनकारियों ने कुछ दुकानों में तोड़फोड़ की और बंद हिंसक हो गया. कुछ जगहों पर पत्थरबाज़ी की घटना भी हुई है.

    इस बीच, भाजपा और हिंदू समर्थक संगठनों ने पाकिस्तान विरोधी नारे लगाए. ज़िला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर अगले आदेश तक अमरावती शहर में कर्फ़्यू लगाने का फ़ैसला किया है.

    शनिवार सुबह भाजपा कार्यकर्ता शहर के राजकमल चौक पर एकत्रित हुए और उन्होंने मार्च किया. बंद को देखते हुए अमरावती शहर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है.

  16. 19 नवंबर को दिखेगा आंशिक चंद्र ग्रहण, 580 साल बाद आया दुर्लभ मौका

    भारत के उत्तर – पूर्वी राज्यों में आगामी 19 नवंबर को सबसे लंबा आंशिक चंद्र ग्रहण पड़ेगा. ये मौका 580 साल बाद आया है.

    एमपी बिड़ला प्लेनेटोरियम के रिसर्च एवं अकादमिक विभाग के निदेशक देबीप्रसाद दुआरी ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए बताया है कि ये चंद्र ग्रहण अरुणाचल प्रदेश और असम के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा.

    आंशिक चंद्रग्रहण की शुरुआत दोपहर 12 बजकर 48 मिनट से होगी और ये 4 बजकर 17 मिनट तक दिखाई देगा.

    दुआरी ने बताया है, “इस आंशिक चंद्र ग्रहण की अवधि 3 घंटे 28 मिनट और 24 सेकेंड होगी.

    इससे पहले इतना लंबा चंद्रग्रहण 18 फरवरी 1440 को पड़ा था और अगला मौका 8 फरवरी, 2669 में आएगा.

    भारत के अलावा ये चंद्र ग्रहण उत्तर और दक्षिण अमेरिका, पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया और प्रशांत क्षेत्र में देखा जा सकेगा.

    यूएस ईस्ट कोस्ट में आंशिक चंद्र ग्रहण रात 2 बजे के बाद शुरू होगा, जो सुबह 4 बजे चरम पर होगा. वहीं वेस्ट कोस्ट में रात 11 बजे के बाद शुरू होगा और रात 1 बजे चरम पर होगा.

    आंशिक चंद्र ग्रहण, पूर्ण चंद्र ग्रहण जितना शानदार नहीं होता है - जहां चंद्रमा पूरी तरह से पृथ्वी की छाया से ढका होता है - हालांकि ये ज़्यादा बार देखने को मिलते हैं.

    भारत में उपछाया चंद्र ग्रहण लग रहा है. इस ग्रहण को नग्न आंखों से नहीं देखा जा सकता. इसे देखने के लिए विशेष उपकरणों की ज़रूरत पड़ती है.

    साल का आख़िरी चंद्र ग्रहण

    ये साल का दूसरा और आख़िरी चंद्र ग्रहण होगा. इससे पहले 26 मई को चंद्र ग्रहण लगा था, जो सुपरमून या रेड ब्लड मून यानी लाल रंग का चांद था.

    19 नवंबर के आंशिक चंद्र ग्रहण के दो हफ़्ते बाद 4 दिसंबर 2021 पूर्ण सूर्य ग्रहण लगेगा.

    इसके बाद भारत में अगला चंद्र ग्रहण 8 नवंबर 2022 को देखा जाएगा.

    नासा के मुताबिक़, एक साल में अधिकतम तीन चंद्र ग्रहण हो सकते हैं. नासा का अनुमान है कि 21वीं सदी में कुल 228 चंद्र ग्रहण होंगे.

    क्या होता है उपछाया ग्रहण?

    ग्रहण की शुरुआत से पहले चंद्रमा धरती की उपछाया में प्रवेश करता है. चंद्रमा जब धरती की वास्तविक छाया में प्रवेश करता है, तभी उसे पूर्ण रूप से चंद्र ग्रहण माना जाता है.

    लेकिन अगर चंद्रमा धरती की वास्तविक छाया में प्रवेश किए बिना ही बाहर आ जाता है, तो उसे उपछाया ग्रहण कहते हैं.

    कहा जाता है कि ज्योतिष में भी उपछाया को ग्रहण का दर्जा नहीं दिया गया है. इस लिहाज़ से उपछाया ग्रहण को वास्तविक चंद्र ग्रहण नहीं माना जाता है.

    अधिक जानकारी के लिए क्लिक करें.

  17. अमरावती हिंसा के लिए शिवसेना ने विपक्ष पर साधा निशाना

    शिवसेना नेता संजय राउत ने शनिवार को अमरावती हिंसा के मामले में नाम लिए बग़ैर बीजेपी पर निशाना साधा है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, संजय राउत ने कहा है कि महाराष्ट्र के अमरावती समेत अन्य स्थानों पर हिंसा का मकसद महाविकास अगाड़ी सरकार को अस्थिर करना है.

    शनिवार सुबह अमरावती में कुछ लोगों ने कथित रूप से बीजेपी द्वारा बुलाए गए बंद के दौरान पत्थरबाज़ी करते हुए दुकानों को नुकसान पहुंचाया है.

    इस हिंसा के मुद्दे पर पत्रकारों से बात करते हुए राउत ने कहा कि राज्य सरकार मजबूत स्थिति में है और इस हिंसा के लिए ज़िम्मेदार चेहरों को जल्द सामने लाया जाएगा.

    इससे पहले मुस्लिम संगठनों ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के कई ज़िलों में त्रिपुरा की सांप्रदायिक हिंसा के विरोध में रैलियां निकाली थीं. इस दौरान पत्थरबाज़ी की घटनाएं भी सामने आई थीं.

    शनिवार को इसी पत्थरबाज़ी के विरोध में बंद का आह्वान किया गया था.

    अमरावती पुलिस से जुड़े एक अधिकारी ने बताया है कि अमरावती के राजकमल चौक पर सैकड़ों लोग हाथ में भगवा झंडे पकड़कर हुए नारे लगाते नज़र आए हैं. इनमें से कुछ लोगों ने दुकानों पर पत्थर बरसाकर उन्हें नुकसान पहुंचाया जिसकी वजह से पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा.

    संजय राउत ने कहा है, “महाराष्ट्र में जो हिंसा हो रही है उसका उद्देश्य महाविकास अगाड़ी सरकार को अस्थिर करना है. हिंसक घटनाओं की बात करते हुए वे (विपक्ष) राज्यपाल से मिलेंगे और केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर दावा करेंगे कि महाराष्ट्र में कानून व्यवस्था बिगड़ रही है. भविष्य में ये सब भी होगा. लेकिन राज्य सरकार बिल्कुल स्थिर है.”

    उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र गृह मंत्रालय की जांच में इस हिंसा के लिए ज़िम्मेदार लोगों को सामने लाया जाएगा.

    महाराष्ट्र में शिवसेना, कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने मिलकर सरकार बनाई है जिसे महाविकास अगाड़ी सरकार कहा जाता है.

    इसी बीच एआईएमआईएम सांसद इम्तियाज़ ज़लील ने अमरावती हिंसा की निंदा करते हुए कहा है “मैं त्रिपुरा और महाराष्ट्र दोनों जगह हुई हिंसा की निंदा करता हूं. मैं मुसलमानों के वोटों की मदद से सत्ता में आने वाले नेताओं से सवाल करना चाहता हूं कि उन्होंने त्रिपुरा में हुई हिंसा की निंदा क्यों नहीं की. अगर महाराष्ट्र में किसी पार्टी ने इस हिंसा को बदले की कार्रवाई के रूप में इस्तेमाल किया है तो मैं कहूंगा कि ये ग़ैर ज़िम्मेदारी का परिचय है.”

    पुलिस ने अब तक शुक्रवार को हुई हिंसा के मामले में 20 लोगों को गिरफ़्तार किया है.

  18. मलाला यूसुफ़ज़ई ने बताया शादी को लेकर कैसे उनकी सोच बदली

    पाकिस्तान की जानी-मानी महिला अधिकार कार्यकर्ता और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफ़ज़ई ने अपनी शादी के बाद पहलालेख ब्रिटिश फैशन मैगज़ीन वोगके लिए लिखा है. 24 वर्षीय मलाला ने असर मलिक के साथ 9 नवंबर को बर्मिंघम में निकाह किया.

    वोग मैगज़ीन में अपनी शादी को लेकर लिखे लेख में उन्होंने बयां किया है कि कैसे उन्हें एक संस्था के रूप में शादी में यक़ीन नहीं था लेकिन उनके पार्टनर असर मलिक ने उनकी ये सोच बदली.

    पढ़िए मलाला ने क्या लिखा है -

    ''मैं 35 साल की उम्र से पहले शादी नहीं करना चाहती.'' बीते कुछ सालों में जब भी मुझसे रिलेशनशिप के बारे में सवाल पूछे जाते तो ये मेरा जवाब यही होता.

    मैं शादी के खिलाफ़ नहीं थी, लेकिन मैं इसे लेकर बहुत सतर्क थी. एक संस्था के रूप में इसके पीछे की पितृसत्तात्मक जड़ों को लेकर मैं सवाल करती थी, वो समझौते जिसकी उम्मीद शादी के बाद महिलाओं से रखी जाती है. दुनिया के कई हिस्सों में इस रिश्ते से जुड़े क़ानूनों पर भी संस्कृति का और महिला विरोधी सोच का प्रभाव होता है.

  19. पाकिस्तान को अपनी ड्रीम टीम मिल गई है?

    टी20 क्रिकेट विश्व कप में पाकिस्तान की टीम सेमीफ़ाइनल में हार गई. पाकिस्तान की टीम भले ही विश्व कप अपने नाम ना कर सकी लेकिन अपने खेल से इस टीम ने कई लोगों का दिल जीत लिया.

    पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर भी मान रहे हैं कि ये टीम बेहद ख़ास है. इस टूर्नामेंट से पहले पाकिस्तान क्रिकेट को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा. न्यूज़ीलैंड और इंग्लैंड ने पाकिस्तान का अपना दौरा रद्द कर दिया था. ऐसे में पाकिस्तान टीम में खेल का ये जज़्बा कैसे पैदा हुआ?

  20. अल्बर्ट एक्का का शौर्य, गंगासागर जंग की कहानी - विवेचना

    साल 1971 युद्ध के 50 वर्ष की सातवीं कड़ी में रेहान फ़ज़ल से सुनिए झारखंड के सैनिक अल्बर्ट एक्का की कहानी जिनके शौर्य से भारत ने जीती गंगासागर की लड़ाई.

    अल्बर्ट एक्का को उनकी वीरता के लिए मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया.