केवल दो स्टूडेंट्स के लिए नीट की परीक्षा आयोजित करने वाला आदेश सुप्रीम कोर्ट में ख़ारिज

इन दोनों स्टूडेंट के साथ दिक्कत ये हुई कि महाराष्ट्र के एक सेंटर पर इन दोनों के टेस्ट बुकलेट (प्रश्नपत्र) और उत्तर अंकित करने वाली ओआमआर शीट बदल गई.

लाइव कवरेज

पवन सिंह अतुल and मानसी दाश

  1. अमेरिकी पत्रकार डैनी फ़ेनस्टर को म्यांमार में 11 साल की जेल

    डैनी फ़ेनस्टर

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    म्यांमार की एक फ़ौजी अदालत ने अमेरिकी पत्रकार डैनी फ़ेनस्टर को 11 साल जेल की सज़ा सुनाई है. फ़ेनस्टर को इमिग्रेशन कानून के उल्लंघन और सेना के ख़िलाफ़ असंतोष को प्रोत्साहित करने का दोषी पाया गया है.

    इसी हफ़्ते उन पर देशद्रोह और आतंकवाद के दो अतिरिक्त अभियोग भी लगाए गए हैं. इन नए मामलों में अधिकतम सज़ा आजीवन कारावास है. नए आरोपों पर फ़ैसला नहीं आया है.

    फ़ेनस्टर ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टल फ्रंटियर म्यांमार के प्रबंध संपादक हैं और उन्हें मई में यांगून अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हिरासत में लिया गया था.

    फ़ेनस्टर की तरह और भी कई पत्रकार हैं जिन्हें इस वर्ष फरवरी में सैन्य तख्तापलट के बाद से हिरासत में लिया गया है.

    फ्रंटियर के अनुसार, फ़ेनस्टर इससे पहले स्वतंत्र समाचार साइट म्यांमार नाउ में काम करते थे. ये आरोप उस दौरान के काम पर ही लगाए गए थे.

    फ़्रंटियर ने अपने बयान में कहा, “ ये सारे अभियोग इस बात पर आधारित हैं कि वे प्रतिबंधित मीडिया हाउस म्यामांर नाउ के लिए काम करते थे. डैनी ने जुलाई 2020 में म्यांमार नाउ से इस्तीफ़ा दे दिया था और अगले महीने उन्होंने फ़्रंटियर में नौकरी ज्वाइन कर ली थी. मई 2021 में गिरफ़्तारी के वक़्त वे नौ महीने से हमारे साथ काम कर रहे थे. उन्हें इस अभियोग में दोषी पाया जाना निराधार है."

    अमेरिका फ़ेनस्टर की रिहाई की कोशिशें करता रहा है. म्यामांर में अमेरिकी दूतावास ने इस सज़ा पर फ़िलहाल को प्रतिक्रिया नहीं दी है.

    म्यामांर की सत्तारूढ़ सैन्य परिषद ने भी कोई बयान जारी नहीं किया है.

    फ़रबरी 2021 में सैन्य तख़्तापलट के बाद म्यामांर में हालात बद से बदतर होते गए हैं. पूर्व सरकार की नेता आंग सान सू ची समेत कई बड़े सियासतदान जेल में हैं.

  2. ओआईसी देशों के पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर दौरे पर भारत ने जताई नाराज़गी

    युसुफ़ अल्दोबे, शाह महमूद क़ुरैशी.

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    इमेज कैप्शन, 11 नवंबर 2021 की इस तस्वीर में जम्मू कश्मीर के लिए ओईसी के विशेष दूत युसुफ़ अल्दोबे के साथ साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी. प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुसुख़ अल्दोबे ने कहा कि वो कश्मीर के लोगों के हकों का समर्थन करता है.

    भारत ने ऑर्गेनाइज़ेशन ऑफ़ इस्लामिक स्टेट (ओईसी) के पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के इलाक़ों के दौरे की आलोचना की है और इसे भारत के अंदरूनी मामलों में हस्तक्षेप करार दिया है.

    बुधवार को ओईसी प्रतिनिधिमंडल ने भारत पाकिस्तान सीमा पर वास्तविक नियंत्रण रेखा का दौरा किया था. प्रतिनिधिमंडल के साथ पाकिस्तान सैन्य अधिकारी भी थे.

    गुरुवार को भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने मीडिया के साथ बातचीत में कहा कि "हमने पहले भी कई बार इस बात को दोहराया है कि जम्मू कश्मीर के कब्ज़े वाले इलाक़ों में इस तरह के दौरों को हम भारत के अंदरूनी मामलों में हस्तक्षेप मानते हैं."

    इससे पहले भारत ने जम्मू कश्मीर के मामलों में टिप्पणी के लिए ओईसी की आलोचना की थी और कहा था कि ओईसी निहित स्वार्थ रखने वालों को दूसरे देशों के अंदरूनी मामलों में टिप्पणी करने देने के लिए अपने मंच का ग़लत इस्तेमाल न करने दे.

    भारत कहता रहा है कि जम्मू और कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा हैं, इससे जुड़े मामलों में ओआईसी को कुछ कहने का अधिकार नहीं है.

    भारत पाकिस्तान से भी बार-बार कहता रहा है कि जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा "था, है और रहेगा."

    ओईसी प्रतिनिधिमंडल एक सप्ताह के दौरे के लिए रविवार को पाकिस्तान पहुंचा था.

    भारत ने पाकिस्तान से कहा है कि वो सच्चाई स्वीकार करें और उसके ख़िलाफ़ प्रोपेगैंडा करना बंद करे.

  3. ऑस्ट्रिया में जिन्होंने टीका नहीं लगाया, उनके लिए लगेगा लॉकडाउन

    कोरोना वायरस ऑस्ट्रिया

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    ऑस्ट्रिया में रिकॉर्ड संख्या में कोरोना संक्रमण के मामले दर्ज किए जाने के बाद उन लोगों के लिए लॉकडाउन लगाया जाएगा जिनका टीकाकरण पूरा नहीं हुआ है.

    सरकार की इजाज़त मिलने के बाद ऊपरी ऑस्ट्रिया के प्रांत में सोमवार को लॉकडाउन लगाया जा सकता है. वहीं साल्ज़बर्ग में भी नई पाबंदियां लगाई जा सकती हैं.

    देश के चांसलर अलेक्ज़ेंडर स्चालेनबर्ग ने कहा है कि जिन्होंने टीकाकरण नहीं करवाया है उनके लिए देशव्यापी लॉकडाउन लगाना 'लगभन निश्चित' है.

    उन्होंने कहा कि देश के एक तिहाई लोगों के कारण दो तिहाई लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए.

    ऊपरी ऑस्ट्रिया की सीमाएं जर्मनी और चेक गणराज्य से जुड़ती हैं. देश में संक्रमण से सबसे अधिक मामले इसी इलाक़े में दर्ज किए गए हैं.

    अधिकारियों का कहना है कि अगर संक्रमण के मामले बढ़े तो दूसरे इलाक़ों में भी ऐसे लोगों के लिए लॉकडाउन लगाया जा सकता है.

    बीते चौबीस घंटों में ऑस्ट्रिया में कोरोना संक्रमण के 11,975 मामले दर्ज किए गए हैं जिसके बाद देश के कोरोना वायरस कमिश्नर ने कहा चेतावनी दी है कि "इस ख़तरे को गंभीरता से लिए जाने की ज़रूरत है."

    बीबीसी की विएना संवाददाता बेथनी बेल कहती हैं कि यहां पहले ही उन लोगों के रेस्त्रां, सिनेमा या हेयरड्रेस के पास जाने पर पाबंदी है जिन्होंने अपना टीकाकरण नहीं करवाया है, लेकिन ऊपरी ऑस्ट्रिया में पाबंदियों को और सख़्त किया जा सकता है.

    यहां ऐसे लोगों के लिए लॉकडाउन लगाया जाएगा. इसका मतलब ये कि जिन्होंने टीकाकरण नहीं करवाया है वो खाना लेना या काम पर जाना जैसे किसी ज़रूरी काम न हो तो घरों से बाहर नहीं निकल सकेंगे.

    हालांकि आलोचकों का कहना है कि इस तरह के लॉकडाउन को सुनिश्चित करना अधिकारियों के लिए आसान नहीं होगा.

  4. यूरोप को बेलारूस की धमकी- प्रतिबंध लगाए तो गैस सप्लाई रोक देंगे

    प्रवासी संकट

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    बेलारूस के नेता ने कहा है कि देश की पश्चिमी सीमा पर बढ़ते प्रवासी संकट के कारण अगर उस पर किसी तरह के प्रतिबंध लगाए गए तो वो यूरोप को की जाने वाले गैस की सप्लाई रोक देगा.

    यूरोपीय संघ के देशों में जाने की उम्मीद में हज़ारों की संख्या में ईराक़, सीरिया और यमन से आए प्रवासी कड़कड़ाती ठंड में बेलारूस से सटी पोलैंड की सीमा पर इकट्ठा हो रहे हैं.

    इस बीच प्रवासी संकट के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के यूरोपीय सदस्यों ने बेलारूस की आलोचना की है.

    उन्होंने बेलारूस पर आरोप लगाया कि वो यूरोपीय संघ की सीमाओं को अस्थिर करने के लिए और खुद पर लगे मानवाधिकारों के हनन के आरोप से ध्यान भटकाने के उद्देश्य से संघ के सदस्य देशों की सीमा पर जानबूझ कर बड़ी संख्या में प्रवासियों को भेज रहा है.

    संघ के अधिकारियों ने कहा है कि बेलारूस संकट को बढ़ावा देकर उसकी सुरक्षा को ख़तरे में डाल रहा है.

    संघ बेलारूस पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी में है. माना जा रहा है कि संघ सोमवार तक बेलारूस पर नए प्रतिबंध लगा सकता है. इनमें प्रवासियों को ले जाने वाली अंतरराषट्रीय उड़ानों का बेलारूस की राजधानी मिंस्क के हवाईअड्डे पर रुकने पर पाबंदी लगाई जा सकती है.

    लुकाशेंको

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    लुकाशेंको की चेतावनी

    गुरुवार को बेलारूस के राष्ट्रपति एलेक्ज़ेंडर लुकाशेंको ने चेतावनी दी, "अगर उन्होंने हम पर और प्रतिबंध लगाए तो हमें उसका जवाब देना होगा. यूरोप के घरों में हमारे कारण रोशनी होती है और वो हमें ही धमकी दे रहे हैं."

    लुकाशेंको का इशारा बेलारूस से हो कर यूरोप जाती रूसी गैल पाइपलाइन से था.

    उन्होंने कहा, "क्या होगा अगर हम उन्हें होने वाली प्रकृतिक गैस की सप्लाई रोक दें? इसलिए मैं चाहूंगा कि पोलैंड, लिथुआनिया और दूसरे खाली हाथों वाले मुल्क बोलने से पहले सोच लिया करें."

    यूरोप के लिए रूस की दो गैस पाइपलाइन बेलारूस से होकर निकलती है.

    इधर रूस ने बेलारूप पर लग रहे आरोपों से इनकार किया है. संयुक्त राष्ट्र के लिए रूस के डिप्टी राजदूत दिमित्री पोलियान्स्की ने इन कहा है कि इस मुद्दे को उठाकर यूरोपीय संघ ने अपनी दोहरी मानसिकता का परिचय दिया है.

    लुकाशेंको की चेतावनी से प्राकृतिक गैस की कमी से जूझ रहे यूरोप के लिए नई चिंता पैदा कर दी है. इससे वहां महंगाई बढ़ने का ख़तरा बढ़ गया है.

    यूरोपीय संघ के इकोनॉमी कमिशनर पाउलो जेन्टीलोनी ने कहा है कि 27 सदस्य देशों वाले यूरोपीय संघ को "डरना नहीं चाहिए."

    हालांकि माना जा रहा है कि ऐसा करना खुद आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे बेलारूस के लिए ख़तरनाक साबित हो सकता है.

    बेलारूस से जाने वाली गैस पाइपलाइन के लिए बेलारूस को रूस से आर्थिक मदद मिलती है और इस मामले में फ़ैसला लेने के लिए रूस भी आए आएगा.

  5. नमस्कार!

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