धन्यवाद!
बीबीसी हिंदी के इस लाइव पेज से जुड़ने के लिए आपका शुक्रिया. यह पेज अब यहीं बंद हो रहा है. 11 नवंबर के अपडेट्स के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं.
You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
एक रोमांचक मुक़ाबले में न्यूज़ीलैंड ने इंग्लैंड को पांच विकेट से हरा दिया है.
भूमिका राय, पवन सिंह अतुल and अभिजीत श्रीवास्तव
धन्यवाद!
बीबीसी हिंदी के इस लाइव पेज से जुड़ने के लिए आपका शुक्रिया. यह पेज अब यहीं बंद हो रहा है. 11 नवंबर के अपडेट्स के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं.
टी-20 वर्ल्ड कप के रोमांचक सेमीफ़ाइनल मुक़ाबले में इंग्लैंड को पांच विकेट से हराकर न्यूज़ीलैंड ने फ़ाइनल में प्रवेश कर लिया है. न्यूज़ीलैंड अब 14 नवंबर को होने वाले फ़ाइनल मुक़ाबले में पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाले सेमीफ़ाइनल के विजेता से भिड़ेगा.
इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए निर्धारित बीस ओवरों में 166 रन बनाए थे. न्यूज़ीलैंड ने 6 गेंदें शेष रहते ये लक्ष्य हासिल कर लिया.
जेम्स नीशम जब बल्लेबाज़ी करने आए थे तब न्यूज़ीलैंड को 29 गेंदों में 60 रन चाहिए थे. लेकिन नीशम जब 11 गेंदों में 27 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेलकर आउट हुए तो न्यूज़ीलैंड को 12 गेंदों में बीस रन बनाने रह गए थे.
वहीं दूसरे छोर से टिककर खेल रहे डेरिल मिशेल ने 19वें ओवर में दो छक्कों और एक चौके के साथ 20 रन ठोक दिए और इसी के साथ इंग्लैंड एक ओवर शेष रहते पांच विकेट से जीत गया. डेरिल मिचेल ने 47 गेंदों पर नाबाद 72 रनों की पारी खेली और न्यूज़ीलैंड को यादगार जीत दिलाई.
लगातार तीसरे फ़ाइनल में न्यूज़ीलैंड
इंग्लैंड को हराकर न्यूज़ीलैंड लगातार तीसरी बार आईसीसी के टूर्नामेंट के फ़ाइनल में पहुंच गया है. न्यूज़ीलैंड ने साल 2019 के वन-डे वर्ल्ड कप और इसी साल हुई टेस्ट चैंपियनशिप के फ़ाइनल में जगह बनाई थी.
2019 के वर्ल्ड कप के फ़ाइनल में इंग्लैंड ने न्यूज़ीलैंड को हरा दिया था. अब न्यूज़ीलैंड ने सेमीफ़ाइनल में इंग्लैंड को हराकर हिसाब बराबर कर लिया है.
167 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए न्यूज़ीलैंड की शुरुआत ख़राब रही और ओपनर मार्टिन गुप्टिल पहले ही ओवर में क्रिस वोक्स को विकेट दे बैठे. वोक्स ने अपने अगले ही ओवर में न्यूज़ीलैंड के कप्तान केन विलियम्स को आउट कर दिया. विलियम्स सिर्फ़ पांच रन बना सके.
तीसरे विकेट के लिए डेरिल मिचेल और कोनवे ने 67 गेंदों पर 81 रनों की साझेदारी की और न्यूज़ीलैंड की मैच में वापसी कराई.
पश्चिम उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर ज़िले में दो साल की एक बच्ची के साथ बलात्कार और उसकी हत्या के आरोप में ज़िले की विशेष पोक्सो अदालत ने 45 साल के प्रेम सिंह प्रजापति को मौत की सज़ा सुनाई है.
इस मामले की अदालत में डेढ़ साल तक सुनवाई चली जिसके बाद बुधवार को दोषी क़रार देने के बाद सजा सुनायी. अदालत ने दोषी पर एक लाख साठ हज़ार का जुर्माना भी लगाया है.
यह वारदात 10 जुलाई 2020 की है जब दो साल की बच्ची प्रेम सिंह प्रजापति के साथ खेल रही थी और उन्होंने उसे अपने घर के घेर में ले जाकर उसके साथ बलात्कार किया और घर के पीछे तालाब में फ़ेंक दिया.
आठ गवाहों के बयानों से और साइंटिफिक और मेडिकल तरीकों से इकठ्ठा किये गए साक्ष्यों से दोष साबित हुआ और आरोपी को मौत की सजा सुनायी गई.
बलात्कार और हत्या के मामले में पैरवी करने वाले पोक्सो वकील भरत शर्मा के मुताबिक़ सुनवाई के दौरान कुछ गवाह पलट भी गए थे.
जिले के सरकारी वकील राहुल उपाध्याय ने बताया कि दोषी प्रेम सिंह ने अपना गुनाह कबूला था और उनके ख़िलाफ़ बच्ची की हत्या से जुड़े परिस्थितिजन्य काफ़ी सबूत भी थे.
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने नेपाल सेना के प्रमुख प्रभु राम शर्मा को 'भारतीय सेना के जनरल' की मानद उपाधि से सम्मानित किया है.
बुधवार को राष्ट्रपति भवन ने इसकी जानकारी दी.
राष्ट्रपति भवन की ओर से बताया गया, "राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आज राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक विशेष समारोह में नेपाली थल सेना के प्रमुख प्रभु राम शर्मा को भारतीय सेना के जनरल के मानद उपाधि से सम्मानित किया है."
नेपाल सेना के प्रमुख प्रभु राम शर्मा द्विपक्षीय रक्षा सहयोग की दिशा में आगे का रास्ता तलाशने भारत के दौरे पर आए हैं.
बीते वर्ष जब नवंबर में भारतीय सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे नेपाल गए थे तो उन्हें 'नेपाल सेना के जनरल' के मानद उपाधि से सम्मानित किया गया था.
प्रभु राम शर्मा भारतीय सेना के प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे के आमंत्रण पर चार दिनों की भारत यात्रा पर आए हैं.
प्रभु राम शर्मा ने इसी साल सितंबर में नेपाल सेना प्रमुख का पद संभाला है.
भारत और नेपाल की सेनाएं एक दूसरे को इसी तरह सम्मान देने की परंपरा का निर्वाह करती आ रही हैं.
इसकी शुरुआत 1950 में हुई थी. तब भारत के पहले थल सेना अध्यक्ष जनरल केएम करियप्पा को इस उपाधि से सम्मानित किया गया था.
उत्तर प्रदेश की अखिलेश यादव सरकार में मंत्री रहे गायत्री प्रजापति को लखनऊ की एमपी/एमएलए अदालत ने चित्रकूट में एक महिला से गैंगरेप और उनकी नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म के मामले में दोषी करार दिया है.
इस मामले में सह-अभियुक्त आशीष शुक्ल और अशोक तिवारी को भी कोर्ट ने गैंगरेप और पोक्सो एक्ट की धाराओं के तहत दोषी करार दिया है. वहीं अमरेंद्र सिंह उर्फ़ पिंटू, चंद्रपाल और रूपेश्वर उर्फ़ रुपेश को सबूतों के अभाव में बरी किया गया है.
ज़िला सरकारी अधिवक्ता मनोज त्रिपाठी ने बीबीसी से इसकी पुष्टि करते हुए कहा, "मंत्री और दो अन्य को गैंगरेप और पोक्सो एक्ट के तहत दोषी पाया गया है. फिलहाल ये सभी दोषी लखनऊ जेल में हैं और शुक्रवार को इन सभी को सज़ा सुनायी जाएगी.
गैंगरेप लखनऊ के गौतमपल्ली में मंत्री के सरकारी आवास पर हुई थी.
इस मामले की सुनवाई 2017 से चल रही थी. इस दौरान सभी अभियुक्त जेल में ही बंद थे. अब अदालत दो दिन बाद यानी 12 नवंबर को इन सभी को सज़ा सुनाएगी.
जिन लोगों को मामले में बरी किया गया है उनमें चंद्रपाल, गायत्री प्रजापति के गनर हुआ करते थे और बाकी अन्य उनके करीबी सहयोगी थे. महिला ने इस सभी पर बलात्कार का आरोप लगाया था.
सरकारी वकील मनोज त्रिपाठी ने बताया, "फिलहाल जजमेंट की कॉपी नहीं मिली है. कॉपी मिलने के बाद देखा जाएगा और अपील के लायक होगा तो उसमे अपील भी की जाएगी."
2017 में अखिलेश यादव की सरकार में खनन मंत्री रहे गायत्री प्रजापति के ख़िलाफ़ इस मामले के आने के बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद एफ़आईएआर दर्ज की गयी थी.
तब उत्तर प्रदेश में 2017 के विधानसभा चुनाव चल रहे थे. गायत्री प्रजापति पर अखिलेश यादव सरकार के दरम्यान खनन में धांधली के भी आरोप हैं और अप्रैल 2021 में प्रवर्तन निदेशालय ने उनकी करोड़ों की संपत्ति कुर्क कर चुका है.
अमेरिका में जीवन यापन की लागत में भारी उछाल देखा गया है.
खाद्य पदार्थों और ईंधन की लगातार बढ़ रही कीमतों की वजह से यह वृद्धि बीते तीन दशकों के अपने उच्चतम स्तर पर आ गई है.
अक्तूबर के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में इसकी जानकारी दी गई है. इसमें बताया गया कि बीते बारह महीनों में कीमतों में 6.2% की दर से वृद्धि हुई है. सितंबर के महीने में कीमतें बढ़ने की दर 5.4% थीं.
चूंकि कोरोना महामारी का असर बना हुआ है लिहाजा महंगाई इस साल दुकानदारों और नीति निर्माताओं के लिए चिंता का विषय रही है.
यहां खाद्य पदार्थों और ईंधन की लागत को छोड़कर भी कीमतें 4.6 फ़ीसद की दर से बढ़ रही हैं.
राष्ट्रीय स्तर की पहलवान निशा दहिया ने एक वीडियो जारी कर बताया है कि उन्हें गोली मारे जाने की ख़बर फेक है. दरअसल बुधवार को उनके गोली मारे जाने की ख़बर मीडिया में चल रही थी.
निशा ने अपने वीडियो संदेश में कहा, मेरा नाम निशा है. मैं सीनियर नेशनल खेलने आई हूं, गोंडा में. और मैं बिल्कुल ठीक हूं और ये फ़ेक न्यूज़ है. मैं बिल्कुल ठीक हूं."
निशा ने बीते हफ़्ते ही बेलग्रेद में आयोजित रेसलिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था.
वर्ल्ड अंडर-23 रेसलिंग चैंपियनशिप के 65 किलोग्राम भारवर्ग में उनके पदक जीतने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बधाई थी.
उनके साथ ही शिवानी पवार, अंजू, राधिका और दिव्या काकरान ने भी पदक जीते थे.
उधर हरियाणा पुलिस ने बताया कि जिस पहलवान निशा दहिया को गोली मारे जाने की ख़बर चल रही है वो एक अन्य खिलाड़ी थीं.
सोनीपत के पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा ने एएनआई को बताया कि "सोनीपत में एक महिला पहलवान और उनके भाई की गोली मार कर हत्या कर दी गई है. उनकी मां को भी गोली मारे जाने के बाद अस्पताल में भर्ती किया गया है."
उन्होंने बताया, "मेडल जीतने वालीं निशा दहिया और मारी गईं पहलवान निशा दहिया दो अलग लोग हैं. मेडल जीतने वालीं निशा पानीपत से हैं और अभी एक इवेंट में मौजूद हैं."
क्रिकेटर विराट कोहली और फ़िल्म स्टार अनुष्का शर्मा की बेटी को धमकियां देने वाले शख़्स को मुंबई पुलिस के साइबर सेल ने गिरफ़्तार कर लिया है.
न्यूज़ एजेंसी एएनआई के मुताबिक मुंबई की साइबर सेल ने उसे हैदराबाद से गिरफ़्तार किया है.
मुंबई पुलिस ने बताया कि उसने ही टी20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ भारत की हार के बाद विराट कोहली की बेटी का रेप करने की धमकी दी थी.
23 वर्षीय गिरफ़्तार व्यक्ति का नाम रामनागेश श्रीनिवास अकुबथिनी बताया गया है. यह शख़्स हैदराबाद में सॉफ़्टवेयर इंजीनियर बताया गया है. साइबर पुलिस उसे गिरफ़्तार कर मुंबई ले जा रही है.
टी20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान और न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ भारत को मिली लगातार दो हार के बाद एक ट्वीटर अकाउंट से यह धमकी दी गई थी.
दिल्ली महिला आयोग भी इसे लेकर सक्रिय हुई थी और उसने दिल्ली पुलिस की साइबर सेल से इस धमकी पर की गई कार्रवाई की जानाकारी मांगी थी.
वहीं पाकिस्तान के पूर्व कप्तान इंजमाम उल हक़ ने भी इस पर नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि परिवार पर किसी को नहीं जाना चाहिए.
उन्होंने कहा, "खेल में हार जीत चलती रहती है. मैंने सुना कि विराट कोहली की बेटी को धमकियां दी जा रही हैं. आपको अगर विराट की बैटिंग या कप्तानी पसंद नहीं आई तो आप उस पर कह सकते हैं लकिन परिवार पर किसी को नहीं जाना चाहिए.
"यह खेल है आप कभी अच्छा तो कभी बुरा प्रदर्शन करते हैं. इसको खेल तक ही रखें. पहले शमी के साथ भी ऐसा हुआ था. मुझे बहुत अफ़सोस हुआ, ऐसा नहीं होना चाहिए. भारत की बैटिंग, बॉलिंग, टीम के चयन को लेकर आप आलोचना कर सकते हैं. हार को भी अच्छी तरीक़े से बर्दाश्त करना चाहिए."
साल 2002 गुजरात दंगों में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को क्लीन चिट देने वाली एसआईटी की जांच को ज़ाकिया ज़ाफरी ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है.
बुधवार को सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की खंडपीठ ने जस्टिस एएम खानविलकर के नेतृत्व में इसकी सुनवाई की.
ज़ाकिया ज़ाफरी की ओर से इस मामले की पैरवी कर रहे वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि "एसआईटी की ओर से कोई जांच नहीं की गई."
सिब्बल ने कहा कि "पूरे मामले में कोई बयान नहीं रिकॉर्ड किए गए. अभियुक्तों के बयान स्वीकार किए गए और क्लोज़र रिपोर्ट दायर कर दी गई. मामले में कोई फ़ोन जब्त नहीं किए गए न ही कभी सीडीआर रिकॉर्ड की ही जांच की गई. साथ ही यह भी नहीं जांच की गई कि क्यों सारे रिकॉर्ड नष्ट कर दिए गए. यह भी कभी जांच नहीं की गई कि पुलिस ने क्यों कुछ नहीं किया."
सिब्बल ने कहा कि सबसे नुकसानदेह और ठोस तथ्य ये है कि एसआईटी ने तहलका के स्टिंग ऑपरेशन को नज़रअंदाज किया. जिसे नरोदा पाटिया जैसे मामले में न्यायिक स्वीकारोक्ति के रूप में माना गया था.
इस दौरान सिब्बल ने कहा, "सांप्रदायिक दंगे ज्वालामुखी से निकलने वाले लावे की तरह होते हैं, चाहे कोई भी समुदाय हो, ये बाद में उन्माद की ज़मीन तैयार करते हैं."
उन्होंने कहा, "मैं भविष्य को लेकर चिंतित हूं. मैं किसी ए या बी पर आरोप नहीं लगाना चाहता. दुनिया को यह संदेश ज़रूर दिया जाना चाहिए कि चाहे जो हो जाए इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा."
क्या है मामला?
28 फ़रवरी 2002 को एक उत्तेजित भीड़ ने अहमदाबाद के गुलबर्गा हाउसिंग सोसाइटी में घुसकर 69 लोगों की हत्या कर दी थी.
मृतकों में कांग्रेस के पूर्व सांसद एहसान ज़ाफरी भी शामिल थे. यह घटना गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन में हुई आगजनी के बाद हुई थी. साबरमती एक्सप्रेस में लगी आग में 59 कारसेवक मारे गए थे.
उस घटना के बाद ज़ाकिया ज़ाफरी ने हाई कोर्ट में अर्जी लगाई जिसमें नरेंद्र मोदी समेत कई लोगों पर एफ़आईआर दर्ज करने की अपील की गई थी लेकिन कोर्ट ने उसे ख़ारिज कर दिया था.
बाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर इस मामले की जांच के लिए एसआईटी बनाई गई. 2011 में एसआईटी ने सुप्रीम कोर्ट को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंप दी. जिसमें नरेंद्र मोदी को क्लीन चिट दी गई थी.
ऑनलाइन ब्यूटी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म 'नायका' की संस्थापक फाल्गुनी नायर ने देश के अरबपतियों के क्लब में धमाकेदार एंट्री की है. कहा जा रहा है कि वे देश की सबसे अमीर सेल्फ मेड महिला अरबपति बन गई हैं.
उनके नायका की शेयर मार्केट में बुधवार को धमाकेदार एंट्री हुई है. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर 82 फ़ीसद प्रीमियम के साथ 2,054 रुपये पर लिस्ट होने के साथ ही इसका मार्केट कैप 1 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया. साथ ही इसके शेयर पर अपर सर्किट लग गया.
नायका की पेरेंट कंपनी एफ़एनएस ई-कॉमर्स वेन्चर लिमिटेड के शेयर बुधवार को स्टॉक मार्केट पर लिस्ट हुए हैं. लिस्टिंग के साथ ही कंपनी के शेयरों में 82.58 फ़ीसद की तेज़ी देखी गई.
कंपनी का इश्यू प्राइस 1125 रुपये था और इसका आईपीओ 28 अक्तूबर को आने के साथ ही 100 फ़ीसद सब्सक्राइब हो गया था. 1 नवंबर, 2021 तक इसे 81.78 गुना अधिक सब्सक्राइब किया गया था.
शेयर मार्केट में लिस्टिंग के साथ ही फाल्गुनी नायर की संपत्ति 5.6 अरब डॉलर पर पहुंच गई.
कैसे हुई शुरुआत?
नायका की शुरुआत करने से पहले फाल्गुनी नायर कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी में एमडी थीं.
नायर अवीवा इंश्योरेंस, डाबर इंडिया और टाटा मोटर्स के बोर्ड में बतौर सदस्य भी रह चुकी है.
फाल्गुनी नायर ने नायका की शुरुआत 2012 में की थी.
लाइव मिंट के मुताबिक नायका ऐप को अगस्त 2021 तक 5.58 करोड़ लोगों ने डाउनलोड किया था.
कंपनी को 31 मार्च 2021 को समाप्त हुए वित्त वर्ष में 61 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था जबकि बीते वर्ष की इसी अवधि में इसे 16.3 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था.
अफ़ग़ानिस्तान पर नई दिल्ली में आयोजित तीसरे एनएसए स्तर की बैठक में कहा गया है कि अफ़ग़ानिस्तान का उपयोग किसी भी आतंकवादी कार्य के लिए नहीं किया जाना चाहिए.
इस दौरान अफ़ग़ानिस्तान में सुरक्षा, स्थिरता और शांति बनाए रखने पर एकमत होते हुए वहां की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को कायम रखने पर सहमति जताई गई.
बैठक में कुंदुज़, कंधार और काबुल में हाल में हुए आतंकवादी हमले की निंदा करते हुए नए हालात से जूझते अफ़ग़ान लोगों को लेकर चिंता जताई गई.
साथ ही इस क्षेत्र में कट्टरपंथ, अलगाववाद, उग्रवाद और मादक पदार्थों की तस्करी के ख़िलाफ़ एकजुट सहयोग का आह्वान भी किया गया.
इस मौक़े पर भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने कहा कि हमें इस बात का पूरा भरोसा है कि ये विचार-विमर्श अफ़ग़ानिस्तान के लोगों की मदद करने और हमारी सामूहिक सुरक्षा को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.
उन्होंने कहा कि, "यह एक ऐसा समय है जब हमें अफ़ग़ानिस्तान के मुद्दे पर अधिक सहयोग और समन्वय के साथ आगे बढ़ने की ज़रूरत है. अफ़ग़ानिस्तान का विकास न केवल वहां के लोगों के लिए बल्कि उसके पड़ोसी मुल्क़ों और लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण है."
आठ देशों की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार स्तर की यह बैठक भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की अगुवाई में हो रही है.
बैठक में भारत के अतिरिक्त रूस और ईरान समेत आठ देश अफ़ग़ानिस्तान की सत्ता में तालिबान की वापसी के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर उपजे हालात पर चर्चा की गई.
अगस्त महीने के बाद से अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान का कब्ज़ा है लेकिन तालिबान के नियंत्रण में आने से पहले अफ़ग़ानिस्तान के आख़िरी वित्त मंत्री ने तत्कालिक सरकार को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं.
उन्होंने अफ़ग़ानिस्तान की तत्कालिक सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा है कि जिस सरकार में वह वित्त मंत्री थे, वह बुरी तरह भ्रष्टाचार के चपेट में थी.
ख़ालिद पायेंदा ने बीबीसी से कहा कि कई जनरल उन सैनिकों को लाखों डॉलर का भुगतान करने का दावा करते थे जिनका अस्तित्व ही नहीं था.
उन्होंने कहा कि कुछ तो जिस तालिबान के विरुद्ध लड़ रहे थे उसी से पैसे भी ले रहे थे. पायेंदा ने कहा कि सांसद, स्थानीय गवर्नर और सरकारी अधिकारी सभी भ्रष्टाचार में लिप्त थे.
यहां तक की मंत्री भी भ्रष्ट थे और उनमें इन हालात से निपटने के लिए इच्छाशक्ति की भी कमी थी.
बीबीसी से बातचीत में उन्होंने कहा "मैंने अपने सहयोगियों में वो तत्परता नहीं देखी. ना ही ये देखा कि वो किसी मुद्दे की गंभीरता को समझें. उन्होंने परवाह नहीं की. लोगों ने पैसा बनाया."
राजस्थान के बाड़मेर ज़िले में जोधपुर नेशनल हाइवे पर भांडियावास गांव के पास बुधवार सुबह एक निजी बस और ट्रक की टक्कर हो गई. टक्कर के बाद बस में आग लगने से सवारियों को निकलने का समय नहीं मिल सका.
बाड़मेर पुलिस अधीक्षक (एसपी) दीपक भार्गव ने बीबीसी को बताया, "दोनों वाहनों में आग लग गई. जला हुआ एक शव ट्रक में ड्राइवर साइड से निकाला गया है.अब तक कुल 11 लोग मरे हैं. "
इस समय अस्पताल में 23 लोग भर्ती हैं.
राहत कार्य जारी है और मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है.
स्थानीय पत्रकार जितेंद्र सिंह खारवाल इस समय मौक़े पर मौजूद हैं. उन्होंने बताया, "यह बस बालोतरा से जोधपुर जा रही थी. बस में आग लगने के बाद ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाते हुए बचाव कार्य शुरू किया. क़रीब दर्शन भर घायलों को बालोतरा अस्पताल में भर्ती किया गया है."
उनका कहना है कि दुर्घटना के समय बस में क़रीब तीस से अधिक सवारियां थीं. घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है और मौक़े पर शवों को निकाला जा रहा है.
बाड़मेर कलेक्टर लोक बंधु ने बीबीसी से बताया, "आग लगने के बाद बस पूरी तरह जल गई है. दुर्घटना में बस की बॉडी डैमेज हो गई है जिसे काटा जा रहा है. लेकिन मरने वालों की संख्या बचाव कार्य पूर्ण होने पर ही स्पष्ट हो पाएगी."
घटना के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर बताया कि बाड़मेर कलेक्टर को बचाव कार्यों के लिए निर्देशित किया गया है. घायलों का बेहतर इलाज सुनिश्चित किया जाएगा. घटना के बाद बाड़मेर कलेक्टर लोक बंधु और एसपी दीपक भार्गव मौक़े पर मौजूद हैं.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान आज देश के सुप्रीम कोर्ट के सामने पेश हुए. रेडियो पाकिस्तान के मुताबिक अदालत ने उनसे पेशावर स्कूल हमले के केस में चार सप्ताह में एक विस्तृत प्रोगेस रिपोर्ट दायर करने का हुक्म दिया है.
16 दिसंबर 2014 को तहरीके तालिबान पाकिस्तान के चरमपंथियों ने पेशावर के आर्मी पब्लिक स्कूल पर हमला कर दिया था. इस हमले में 150 से अधिक लोग मारे गए थे जिनमें से 144 स्कूल के छात्र थे.
पाकिस्तान के चीफ जस्टिस गुलजार अहमद की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ सुप्रीम कोर्ट में आर्मी पब्लिक स्कूल पर स्वत: संज्ञान लेकर सुनवाई कर रही है.
आर्मी पब्लिक स्कूल पर चरमपंथी हमले की जांच के लिए गठित एक न्यायिक आयोग ने अपनी रिपोर्ट में इस घटना को "सुरक्षा की विफलता" करार दिया था और कहा था कि इससे पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा है.
बुधवार सुबह स्वत: संज्ञान मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश गुलजार अहमद ने प्रधानमंत्री इमरान खान को व्यक्तिगत रूप से तलब किया. उन्होंने कहा कि ये केस ऐसे ही नहीं चलेगा.
जब सुनवाई शुरू हुई तो अदालत ने पूछा कि पिछली सुनवाई के दौरान दिए गए आदेश प्रधानमंत्री को बताए गए हैं कि नहीं. एटॉर्नी जनरल ने कहा कि पीएम को अदालत का ऑर्डर भेज दिया गया है.
इसपर चीफ़ जस्टिस ने कहा कि क्या इस गंभीरता से काम होगा? उसके बाद उन्होंने आदेश दिया कि प्रधानमंत्री इमरान ख़ान अदालत में पेश हों.
क्या हुआ था उस दिन?
पाकिस्तान के पेशावर शहर में एक स्कूल में तहरीके तालिबान पाकिस्तान के हमले में 144 बच्चों समेत 150 से ज़्यादा लोग मारे गए थे.
तालिबान के चरमपंथियों ने स्कूल की चारदीवारी से अंदर घुसकर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई थीं.
स्थानीय समयानुसार करीब 10 बजे सात चरमपंथियों को पेशावर के आर्मी पब्लिक स्कूल की दीवार पर चढ़ते देखा गया. सभी हमलावर विस्फ़ोटकों से भरी जैकेट पहने हुए थे और उन्होंने दीवार फांदने के लिए सीढ़ी का इस्तेमाल किया.
उन्होंने अंधाधुंध गोलियां चलानी शुरू कर दीं, जिसके बाद विद्यार्थी और शिक्षक इमारत के अंदर भाग गए. प्रत्यक्षदर्शियों के अऩुसार चरमपंथियों ने एक बम भी फोड़ा.
नौ घंटे चला सेना का ऑपरेशन
इस हमले में जो लोग बच गए उन्होंने बताया कि कैसे हमलावर स्कूल के ऑडिटोरियम में घुस गए, जहां सेना का एक दल विद्यार्थियों को प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण दे रहा था.
छात्रों ने बताया कि कैसे हमलावर एक कक्षा से दूसरी कक्षा में जाकर बच्चों को गोलियां मारते रहे.
सेना के कमांडो जल्द ही मौके पर पहुंच गए थे और फिर जब उन्होंने चरमपंथियों को निशाना बनाया तब गोलियां चलने, विस्फ़ोटों की आवाज़ें सुनाई दीं. . इसके बाद सेना ने स्कूल में 'तलाशी अभियान' और स्कूल में विस्फोटकों को हटाने का काम शुरू किया.
पाकिस्तानी सेना ने नौ घंटे से ज़्यादा समय के बाद, सभी चरमपंथियों के मारे जाने की घोषणा करते हुए, इस अभियान के ख़त्म होने का ऐलान किया.
इस हमले में बाल-बाल बचे छात्र अहमद नवाज़ ने बाद में बीबीसी को उस दिन के दर्दनाक घटनचक्र के बारे में जानकारी साझा की. देखिए ये वीडियो रिपोर्ट-
अमेरिका में चीनी दूतावास की वेबसाइट पर शी जिंगपिंग का एक बयान प्रकाशित हुआ है. इस बयान में शी ने कहा है कि चीन अमेरिका के साथ रिश्तों में मतभेदों को मैनेज करने के लिए हमेशा तैयार है.
अमेरिका में चीन के राजदूत चिंग गैंग ने भी शी जिनपिंग के पत्र को चीन-अमेरिका संबंधों पर एक कार्यक्रम के दौरान पढ़ा है.
पत्र में लिखा है, “हम वार्ताओं को आग बढ़ाने के लिए, काम करने को इच्छुक हैं.
अमेरिका में चीनी राजदूत ने कहा कि राष्ट्रपति शी का पत्र चीन के अमेरिका के साथ संबंधों के विकास के प्रति सकारात्मक रवैया को दर्शाता है.
अमेरिका में चीनी दूतावास की वेबसाइट पर लिखा है, "अमेरिका के प्रति चीन की नीति एक जैसी और स्थिर रही है. चीनी पक्ष हमेशा दोनों देशों और पूरी दुनिया के लोगों के मूलभूत हितों को ध्यान में रखता है. और वो हमेशा चीन-अमेरिका सामरिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण का ध्यान रखता है.
अमेरिका चीन संबंध
चीन और अमेरिका के बीच कूटनीतिक संबंध बीते एक दशक में काफ़ी तनाव भरे रहे हैं. अफ़ग़ानिस्तान से अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के सेनाओं की वापसी के बाद दोनों मुल्कों के बीच तीखी बयानबाज़ी भी हुई है.
हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा था कि अगर चीन ताइवान पर हमला करता है तो अमेरिका ताइवान की हिफ़ाज़त करेगा. इसे काफ़ी महत्वपूर्ण बयान माना गया था.
उनके इस बयान कि चीन से कड़ी आलोचना की थी.
संभवत चीन की वजह से अमेरिका ने एशिया-पैसेफ़िक क्षेत्र में एक सैन्य सहयोग संगठन भी बनाया है. क्वाड नाम के इस संगठन में जापान, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और भारत शामिल हैं.
चीन इस संगठन पर बीच-बीच में हमला करता रहता है. बहरहाल, शी जिंनपिंग की ताज़ा स्टेटमेंट को अब दिलचस्पी से देखा जा रहा है.