सिद्धू और पंजाब के सीएम चन्नी की केंद्र से मांग, दोबारा खोलें करतारपुर कॉरिडोर
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 1
पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने केंद्र सरकार से करतारपुर कॉरिडोर को फिर से खोले जाने की अपील की है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करते हुए उन्होंने कहा, "इस महीने गुरु नानक देव के प्रकाश पर्व के पवित्र मौके पर करतारपुर कॉरिडोर को खोलेने के लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से फिर से अपील करता हूं. मैंने इस बारे में पिछले महीने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री अमित शाह दोनों को ही चिट्ठी लिख कर गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब के लिए तीर्थयात्रियों को पाकिस्तान जाने की इजाजत देने की मांग की है."
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 2
करतारपुर कॉरिडोर की शुरुआत की दूसरी सालगिरह के मौके पर कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने भी गुरदासपुर ज़िले के डेरा बाबा नानक में दर्शन स्थल पर गए.
इस जगह से तीर्थयात्री पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के नरोवाल ज़िले में स्थित करतारपुर साहिब का दर्शन करते हैं.
सिद्धू ने कहा, "मैं तो बाबा नानक का बस एक डाकिया था जिसने उनका संदेश दिया और करतारपुर कॉरिडोर खुल गया."
दूरबीन की मदद से ऐतिहासिक गुरुद्वारे के दर्शन के बाद सिद्धू ने वहां प्रार्थना की और कहा, "मैंने बाबा नानक से कॉरिडोर फिर से खुलवाने की प्रार्थना की. मैं उनका आशीर्वाद फिर से मांगता हूं क्योंकि उन्हीं की शक्ति की वजह से ये कॉरिडोर खोला गया था."
उन्होंने कहा कि दर्शन स्थल तक आने वाले 75 फ़ीसदी लोगों के पास पासपोर्ट नहीं होते हैं. हर दिन यहां लगभग पांच हज़ार लोग प्रार्थना के लिए आते हैं. डेढ़ साल भर पहले लैंड पोर्ट अथॉरिटी ने एक ऊंचा प्लेटफॉर्म बनाने का वादा किया था ताकि समुदाय के लोग करतारपुर गुरुद्वारा साहिब के दर्शन कर सकें. भारत के गृहमंत्री से मेरी दरख्वास्त है कि वे संगत ये प्लेटफॉर्म दें.
"मैं इस बारे में केंद्र को चिट्ठी लिखूंगा कि अगर कोई समस्या हो तो वे राज्य सरकार को बता सकते हैं. मैं आपको गारंटी देता हूं कि पंजाब सरकार इस पर प्राथमिकता के साथ काम करेगी."
"यहां चार से पांच दूरबीनें होनी चाहिए. हम चाहते हैं कि कॉरिडोर खुला रहे. अगर किसी वजह से ये इसे बंद रखा जाता है तो करतारपुर साहिब के खुले दर्शन दीदार के लिए दर्शन स्थान को हरेक के लिए खुला रखा जाना चाहिए."
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 3
इमरान ख़ान ने क्या कहा?
करतारपुर कॉरिडोर की दूसरी सालगिरह के मौके पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने भी बयान दिया है.
इमरान ख़ान ने कहा, "करतारपुर कॉरिडोर की आज दूसरी सालगिरह है. धार्मिक सौहार्द का ये गलियारा भारत के सिख समुदाय के लोगों को उनके मजहब के सबसे पवित्र स्थलों में से एक के दर्शन का विशेष रास्ता मुहैया कराता है. करतारपुर कॉरिडोर अल्पसंख्यकों के अधिकारों और धार्मिक सौहार्द के प्रति मेरी सरकार की प्रतिबद्धता को दिखलाता है."
"हम ये प्रतिबद्धता ऐसे समय में दिखा रहे हैं जब हम कश्मीरियों, भारतीय मुसलमानों और अन्य अल्पसंख्यकों का भारत की हिंदुत्व विचारधारा वाली बीजेपी सरकार के द्वारा सुनियोजित तरीके से दमन होते हुए देख रहे हैं. हमारे क्षेत्र में आज शांति की राह में सबसे बड़ी बाधा भारत सरकार का रवैया है."



















