भारत-चीन सीमा विवाद पर किरेन रीजीजू ने कांग्रेस के आरोपों का दिया जवाब

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केंद्रीय क़ानून मंत्री किरेन रीजीजू ने कांग्रेस द्वारा कथित तौर पर भारत-चीन सीमा पर एक विदेशी मीडिया की रिपोर्ट का इस्तेमाल कर सरकार की “विश्वस्नीयता” पर सवाल उठाने की आलोचना की है.
उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, "प्रिय कांग्रेसियों, चीन सीमा मुद्दे पर बोलने से पहले कांग्रेस सरकार के रक्षा मंत्री की बात सुनें."
रीजीजू ने पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी का साल 2013 में लोकसभा में दिया एक भाषण शेयर किया जिसमें वो कई सालों तक सीमावर्ती इलाकों में विकास का काम नहीं किए जाने की नीति की बात कर रहे हैं.
वीडियो में एके एंटनी कह रहे हैं, "एक कम डेवलप बॉर्डर, अधिक डेवलब बॉर्डर से अधिक सुरक्षित है."
वो कहते हैं कि एक ओर भारत ने अपनी सीमा पर विकास नहीं किया है, वहीं चीन ने सीमा पर बहुत विकास किया है.
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रीजीजू ने लिखा कि कुछ शरारती मीडिया संस्थानों ने बड़े अक्षरों में लिखा कि "चीन ने अरुणाचल में एक गांव बना लिया है" और फिर कहीं छोटा सा लिखा कि "इलाके पर चीन ने 1959 में कब्ज़ा किया था." इनका इरादा क्या है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक कांग्रेस ने शनिवार को प्रधानमंत्री से कहा था कि वो ये "क्लीन चिट वापस" ले कि चीन भारत के इलाके में नहीं घुसा. कांग्रेस ने पेंटागन की एक रिपोर्ट का हवाला दिया था जिसमें लिखा था कि चीन अरुणाचल प्रदेश में 4.5 किलोमीटर अंदर घुस गया है.
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रीजीजू ने कहा कि “ये लोग” भारतीय सेना पर विश्वास नहीं करते और एक विदेशी स्टोरी “जिसकी हेडलाइन भ्रामक है उसका इस्तेमाल कर सरकार की विश्वसनीयता और सेना की ताकत पर सवाल उठाते हैं, देश का विश्वास कमज़ोर करने के मकसद से.”














