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सिराजुद्दीन हक़्क़ानी की 'मध्यस्थता' में पाकिस्तान और टीटीपी के बीच शांति वार्ता: रिपोर्ट

टीटीपी के साथ पहले दौर की शांति वार्ता की घोषणा करते हुए पाकिस्तानी सरकार के सूत्रों ने कहा कि एक प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तानी तालिबान (टीटीपी) के नेताओं के साथ बातचीत के लिए अफ़ग़ानिस्तान गया था.

लाइव कवरेज

  1. ब्रेकिंग न्यूज़, अमेरिका में म्यूज़िक फेस्टिवल में भगदड़ मचने से 8 लोगों की मौत, 300 लोग घायल

    अमेरिकी प्रांत टेक्सास के ह्युस्टन शहर में आयोजित एक म्यूज़िक फेस्टिवल में बीती रात भगदड़ मचने से कम से कम आठ लोगों की मौत हो गयी है.

    आपातकालीन सेवाएं देने वाले अधिकारियों ने बताया है कि ये म्यूज़िक फेस्टिवल की पहली रात थी और लोग फ्रंट स्टेज की ओर बढ़ रहे थे.

    इस दौरान लोगों में घबराने और भगदड़ मचने से गंभीर हालात पैदा हो गए.

    अधिकारियों ने 11 लोगों को कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में अस्पताल पहुंचाया जिनमें से आठ लोगों की मौत हो गयी.

    इसके साथ ही लगभग 300 लोग घायल हुए हैं. इस कार्यक्रम में 50 हज़ार लोग शामिल हुए थे.

    ह्युस्टन फायर चीफ़ सैमुअल पेना ने बताया है, “भीड़ धीरे धीरे स्टेज की ओर बढ़ने लगी जिससे लोग घबराने लगे.”

    पेना कहते हैं कि जब भगदड़ की वजह से लोगों को चोटें लगने लगीं तो लोगों में घबराहट काफ़ी बढ़ गयी.

    इस फेस्टिवल के आयोजकों ने घटना की गंभीरता को देखते हुए शो रद्द कर दिया है.

  2. भारतीय पायलट का विमान जब नो मैन्स लैंड पर गिरा - विवेचना

  3. अमेरिकी संसद में पास हुआ राष्ट्रपति बाइडन का एक ख़रब डॉलर वाला विधेयक

    अमेरिकी कांग्रेस ने बुनियादी ढांचे के विकास के लिए एक खरब डॉलर के पैकेज को मंज़ूरी दे दी है.

    इसे अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. इस पैकेज पर राष्ट्रपति बाइडन के हस्ताक्षर के बाद ये क़ानून का रूप ले लेगा.

    इस पैकेज के तहत 550 अरब डॉलर की राशि को अगले आठ सालों में हाईवे, सड़क और पुलों के निर्माण पर खर्च किया जाएगा. साथ ही शहर में परिवहन प्रणाली और यात्री रेल नेटवर्क को आधुनिक बनाया जाएगा.

    हालांकि, इस समझौते में स्वच्छ पेजयल, तेज़ गति इंटरनेट और इलैक्ट्रिक वाहन चार्जिंग प्वाइंट का राष्ट्रव्यापी नेटवर्क शामिल नहीं है.

    यह अमेरिकी सरकार का देश के बुनियादी ढांचे में दशकों में किया गया सबसे बड़ा निवेश है.

    जो बाइडन ने एक बयान में कहा,"आज रात, हमने एक राष्ट्र के रूप में एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाया है. अब से पीढ़ियां, लोग पीछे मुड़कर देखेंगे और जानेंगे कि ये वो समय है जब अमेरिका ने 21वीं सदी के लिए आर्थिक प्रतिस्पर्धा जीती थी."

  4. शोएब अख़्तर और टीवी एंकर के बीच हुई बहस में आया नया मोड़

    टीवी एंकर नोमान नियाज़ और पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व गेंदबाज़ शोएब अख़्तर के बीच पीटीवी स्पोर्ट्स चैनल पर हुई बहस के बाद अब नोमान नियाज़ ने बिना शर्त माफ़ी मांगी है.

    एक यूट्यूब चैनल पर इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा, "ऑन एयर किए गए मेरे ग़ुस्से पर जो प्रतिक्रियाएं आईं वो सही हैं. ग़लती किसी की भी हो लेकिन उन्हें ऐसा नहीं कहना चाहिए था. मैंने कई लोगों और शोएब अख़्तर को आहत किया है."

    नोमान नियाज़ ने एक मैच पर चर्चा के दौरान शोएब अख़्तर के व्यवहार को अक्खड़ कहते हुए ऑन एयर ही प्रोग्राम से बाहर जाने के लिए कह दिया था.

    शोएब अख़्तर ने नोमान नियाज़ को माफ़ी मांगने के लिए कहा लेकिन उन्होंने माफ़ी नहीं मांगी. इसके बाद शोएब अख़्तर ने ऑन एयर ही पीटीवी के क्रिकेट विशेषज्ञ के पद से इस्तीफ़ा दे दिया.

    अब नोमान नियाज़ ने अपने इंटरव्यू में उस घटना और शोएब अख़्तर के साथ रिश्तों को लेकर कई बातें कही हैं.

  5. पेट्रोल और डीज़ल की क़ीमत में इन 13 राज्यों ने नहीं की कटौती

    केंद्र सरकार ने दिवाली से एक दिन पहले पेट्रोल और डीज़ल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क कम करके लोगों को महंगाई से कुछ राहत दी थी. पेट्रोल पर 5 रुपये और डीज़ल पर 10 रुपये शुल्क घटाया गया है.

    इसके बाद तेल के दामों में कमी आने का अनुमान लगाया जा रहा है. पिछले कई महीनों से पेट्रोल और डीज़ल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं और इसे लेकर सरकार विपक्ष के निशाने पर है.

    केंद्रीय उत्पाद शुल्क घटाने के बाद 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए पेट्रोल और डीज़ल पर वैट (मूल्य वर्धित कर) में कमी की है जिससे पेट्रोल और डीज़ल के दाम में कमी आएगी.

    लेकिन, 13 राज्य ऐसे हैं जिन्होंने वैट में कमी नहीं की है. इन राज्यों में महाराष्ट्र, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, केरल, मेघालय, अंडमान और निकोबार, झारखंड, छत्तीसगढ़, पंजाब और राजस्थान शामिल हैं.

    पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में सबसे ज़्यादा कमी लद्दाख में की गई है. इसके बाद कर्नाटक और पुडुचेरी का नंबर है.

    लद्दाख में पेट्रोल की कीमत में 13.43 रुपये, कर्नाटक में 13.35 रुपये और पुडुचेरी में 12.85 रुपये की कमी की गई है.

    इसी तरह लद्दाख में डीज़ल की कीमत में 19.61 रुपये प्रति लीटर की कमी की गई है. कर्नाटक में ये कमी 19.49 रुपये और पुडुचेरी में 19.08 रुपये है.

  6. ब्रेकिंग न्यूज़, कोरोना: बीते 24 घंटों में आए 10 हज़ार से ज़्यादा नए मामले, 392 लोगों की मौत

    भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक़, भारत में बीते 24 घंटों में कोरोना वायरस संक्रमण के 10,929 नए मामले सामने आए हैं और 392 लोगों की मौत हुई है.

    इसके साथ ही बीते 24 घंटों में 10,509 लोग ठीक हुए हैं. इस समय कुल संक्रमितों की संख्या 1,46,950 है.

    शनिवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक़, अब तक कुल 1,07,92,19,546 टीके लगाए गए हैं.

  7. इमरान ख़ान ने लोगों को बताया भारत में क्या हैं पेट्रोल के दाम

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने शुक्रवार को दावा किया है कि पाकिस्तान में अभी भी पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें क्षेत्रीय देशों की तुलना में सबसे कम हैं.

    उन्होंने कहा, “भारत में भी इस समय पेट्रोल के दामों को लेकर विरोध किया जा रहा है. और पेट्रोल की कीमत 250 रुपये प्रति लीटर है. वहीं, बांग्लादेश में प्रति लीटर पेट्रोल के दाम 200 रुपये हैं. जबकि पाकिस्तान में सबसे कम 146 रुपये प्रति लीटर हैं.”

    पाकिस्तानी अख़बार डॉन में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक़, इमरान ख़ान ने ये बात एक जनसभा को संबोधित करते हुए कही. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में तेल के दाम इतने कम इसलिए हैं क्योंकि सरकार ने अपने शुल्कों और करों को हटा लिया है.

    ख़ान ने कहा कि तेल के दामों में बढ़त कोविड 19 महामारी की वजह से आई है क्योंकि महामारी के चलते लॉकडाउन, आपूर्ति में कमी, व्यापारों की बंदी, और ख़रीद-बिक्री में कमी देखने को मिली.

    उन्होंने कहा, “(महामारी का) सबसे बड़ा असर तेल के दामों पर पड़ा जो पहले कम हुए और बीते तीन महीनों में तेल की कीमतें दोगुनी हो गयी है. और जब तेल के दाम बढ़ते हैं तो हर चीज़ के दाम बढ़ जाते हैं.”

  8. बर्लिन में दूतावास के बाहर मिला रूसी राजनयिक का शव, जासूस होने की आशंका

    जर्मनी की राजधानी बर्लिन में स्थित रूसी दूतावास के बाहर एक राजनयिक का शव मिलने की ख़बर सामने आ रही है.

    जर्मनी की न्यूज़ वेबसाइट डेर स्पीगल के मुताबिक़, बर्लिन दूतावास परिसर की सुरक्षा करने वाले पुलिसकर्मियों को बीती 19 अक्टूबर को दूतावास के बाहर एक व्यक्ति का शव मिला था.

    वेबसाइट के मुताबिक़, इस व्यक्ति के पहली मंज़िल से गिरने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं है कि यह घटना किन हालात में हुई.

    रूसी दूतावास ने इस राजनयिक का नाम बताए बग़ैर इसे एक दुखद घटना बताया है.

    जर्मनी के विदेश मंत्रालय ने भी इस व्यक्ति की मौत होने की पुष्टि की है लेकिन इससे ज़्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं कराई है.

    बर्लिन पुलिस की ओर से भी अब तक इस घटना पर सार्वजनिक बयान नहीं दिया गया था. और इस घटना से जुड़ी पहली ख़बर शुक्रवार को ही सामने आई है.

    ख़बरों के मुताबिक़, मृतक की उम्र लगभग 35 वर्ष थी और वह एक रूसी राजनयिक थे. और रूसी दूतावास में सेकेंड सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत थे.

    हालांकि, कुछ ख़बरों में मृतक के एक रूसी जासूस होने की आशंका भी जताई जा रही है.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने बताया है कि डेर स्पीगल की ख़बर के मुताबिक, जर्मनी की सिक्योरिटी सर्विस मानती है कि रूसी दूतावास के बाहर सड़क पर मृत पाए गए शख़्स रूस की ख़ुफिया एजेंसी एफएसबी इंटेलिजेंस सर्विस के अंडर कवर एजेंट थे.

    इसके साथ ही इंवेस्टिगेटिव वेबसाइट बेलिंगकैट ने बताया है कि वह ओपन सोर्स डेटा की मदद से इस नतीजे पर पहुंची है कि मरने वाला शख़्स रूस की ख़ुफिया एजेंसी एफएसबी के उप-निदेशक का बेटा था.

  9. ग्रेटा थनबर्ग ने सीओपी26 को एक ‘असफलता’ बताया

    युवा पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग ने ब्रिटेन के ग्लासगो शहर में जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर आयोजित हुए सम्मेलन सीओपी26 को एक 'असफलता' करार दिया है.

    ग्लासगो में पर्यावरण प्रेमियों की एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने ये बात कही है.

    थनबर्ग ने कहा, “ये बात कोई राज़ नहीं है कि सीओपी26 एक असफलता है. ये बात स्वत: समझ में आनी चाहिए कि हम एक समस्या को उन तरीकों से नहीं सुलझा सकते जिनकी वजह से ये समस्या पैदा हुई है.”

    थनबर्ग ने ये बात ग्लासगो में युवा पर्यावरण प्रेमियों द्वारा आयोजित फ्राइडेज़ फॉर फ़्यूचर मार्च के दौरान कही.

    उन्होंने कहा, “हमें तत्काल प्रभाव से (कार्बन की) वार्षिक उत्सर्जन दर में उतनी कमी करने की ज़रूरत है जितनी दुनिया में पहले कभी नहीं हुई.”

    जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर हाल ही में संपन्न हुए शिखर सम्मेलन में दुनिया भर के तमाम नेताओं ने शिरकत की थी.

    इस सम्मेलन में नेताओं ने अपने-अपने देश में जलवायु परिवर्तन को रोकने की दिशा में कदम उठाने की शपथ ली है.

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