महाराष्ट्र: पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख शनिवार तक ईडी की हिरासत में रहेंगे

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महाराष्ट्र की एक अदालत ने मंगलवार को राज्य के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को आगामी छह नवंबर तक के लिए प्रवर्तन निदेशालय की कस्टडी में भेज दिया है.
देशमुख बीते सोमवार को अचानक प्रवर्तन निदेशालय के दफ़्तर पहुंचे थे. इसके बाद ईडी के अधिकारियों ने लगातार 9 घंटे तक पूछताछ करने के बाद उन्हें गिरफ़्तार कर लिया था.
इसके बाद मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उन्हें मुंबई की एक अदालत के समक्ष पेक्ष किया था जिसने उन्हें छह नवंबर तक के लिए कस्टडी में भेजने का फैसला दिया.
प्रवर्तन निदेशालय देशमुख के दो निजी सहयोगियों संजय पलांडे और कुंदन शिंदे को पहले ही गिरफ़्तार कर चुकी है.
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ईडी ने बताया, देशमुख प्रमुख सूत्रधार
प्रवर्तन निदेशालय ने संजय पलांडे और कुंदन शिंदे की कस्टडी लेने के लिए 14 सूत्री दावे किए थे.
इन दावों में प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने बताया था कि -
- अनिल देशमुख इस साजिश में मुख्य सूत्रधार हैं.
- पलांडे ने अपने उत्तर में बताया कि आईपीएस अफसरों के तबादले के पीछे अनिल देशमुख थे.
- सभी लेनदेन नकदी में हुए.
- संजय पलांडे और कुंदन शिंदे मध्यस्थ हैं
- धनराशि पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख के पास जा रही थी.
- अनिल देशमुख के परिवार से जुड़ी 11 कंपनियों की सीधी एवं अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ी 13 कंपनियां जांच के घेरे में हैं.
- जांच में सामने आया है कि धनराशि अनिल देशमुख की अप्रत्यक्ष मिल्कियत वाली कंपनी से उनकी प्रत्यक्ष मिल्कियत वाली कंपनी में गयी.
- ये मनी लॉन्ड्रिंग का एक तरीका है.
- सचिन वाजे के मुताबिक़, उन्हें कुछ मामलों में सीधे अनिल देशमुख से आदेश मिल रहे थे.
- वाजे ने बताया कि उन्होंने अनिल देशमुख के आदेश पर कुंदन शिंदे को 4.7 करोड़ रुपये दिए.
- अनिल देशमुख की श्री साईं शिक्षण संस्था में 4.18 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए. दिल्ली की जिस कंपनी ने पैसे दिए, वह सिर्फ कागजों पर दर्ज है.
- दिल्ली से नागपुर पैसा हवाला के रास्ते लाया गया.
- अनिल देशमुख को 4.7 करोड़ रुपये की रिश्वत बार मालिकों से मिली.
- पैसे को ऋषिकेश देशमुख की मदद से दिल्ली स्थित कंपनियों को देकर साईं शिक्षण संस्था में लाया गया















